छत्तीसगढ़ : गरियाबंद में सीएम विष्णुदेव साय की मैराथन समीक्षा बैठक, किसानों को राहत और सुपेबेड़ा को 7 करोड़ की सौगात

गरियाबंद:छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को गरियाबंद पहुंचे, जहां उन्होंने रायपुर संभाग के पांच जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साढ़े तीन घंटे लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक में किसानों, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री का गरियाबंद आगमन पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्कूली बच्चों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे जिला पंचायत भवन पहुंचे और रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार तथा महासमुंद जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिया कि किसी भी किसान को खाद और बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कृषि अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन और खनिज परिवहन पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में कानून-व्यवस्था, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान उठाव और अन्य विकास योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक की सबसे बड़ी घोषणा गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव के लिए रही। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र में तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का रास्ता खुलेगा और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आयुष्मान कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर इलाज मिलना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वहीं शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विषय शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग किया जाए।
गौरतलब है कि एक मई से 10 जून तक चल रहे सुशासन तिहार अभियान के तहत मुख्यमंत्री प्रदेशभर में दौरे कर रहे हैं। अब तक वे 31 जिलों का दौरा कर चुके हैं। सरकार का दावा है कि समाधान शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है।
गरियाबंद की इस समीक्षा बैठक में किसानों, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे बुनियादी मुद्दे केंद्र में रहे। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के निर्देश और सुपेबेड़ा के लिए घोषित 7 करोड़ रुपये की परियोजना कितनी जल्दी धरातल पर उतरती है और उसका लाभ आम जनता तक कब पहुंचता है
नीलम अहिरवार
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