राज्यसभा चुनाव : मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त, कांग्रेस को लगा बड़ा राजनीतिक झटका, भाजपा की आपत्ति बनी मुसीबत

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। रिटर्निंग अफसर द्वारा मीनाक्षी का नामांकन निरस्त कर दिए जाने के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। अब भाजपा के तीनों सीटों पर जीत लगभग तय हो गई है। मीनाक्षी पर आरोप है कि उन्होंने शपथ पत्र में अपने खिलाफ लंबित मामले की जानकारी छिपाई है।
जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ भाजपा ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि उम्मीदवार ने अपने शपथ पत्र में अपने खिलाफ लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है। इसके अलावा नामांकन दस्तावेजों में संपत्ति संबंधी विवरण को लेकर भी विसंगतियां बताई गईं। सुनवाई के दौरान दोनों दलों के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता रिटर्निंग अफसर कार्यालय में मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट के नियमों का दिया हवाला
भाजपा की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने कहा कि उम्मीदवार के खिलाफ लंबित मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध थे और उस प्रकरण में जवाब भी दाखिल किया जा चुका था। इसके बावजूद उस जानकारी का उल्लेख शपथ पत्र में नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि चुनाव लडऩे वाला प्रत्याशी अपने खिलाफ लंबित सभी मामलों की जानकारी सार्वजनिक करे। इसी आधार पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे रिटर्निंग अफसर ने स्वीकार कर लिया।
कांग्रेस के लिए राजनीतिक और नैतिक चुनौती
नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस को राजनीतिक और नैतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा खेमे में इस फैसले के बाद उत्साह का माहौल है। अब राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की स्थिति लगभग समाप्त होती दिखाई दे रही है और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
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