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संघर्ष से सफलता तक का यादगार सफर : मुश्किलों को मात देकर इंडियन आइडल 16 की विजेता बनीं ज्योतिर्मयी, जूझ रहीं थी गले की बीमारी से

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 27, 2026
06:14 AM
मुश्किलों को मात देकर इंडियन आइडल 16 की विजेता बनीं ज्योतिर्मयी, जूझ रहीं थी गले की बीमारी से

मुंबई। ओडिशा की प्रतिभाशाली गायिका ज्योतिर्मयी नायक ने अपनी शानदार गायकी से इंडियन आइडल सीजन 16 का खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद उन्होंने अपने पूरे सफर को याद करते हुए बताया कि शो के दौरान गले की गंभीर समस्या ने उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। एक समय ऐसा भी था जब उन्हें लगने लगा था कि शायद वह प्रतियोगिता में ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाएंगी। लेकिन लगातार हौसला, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने न केवल फाइनल तक का सफर तय किया, बल्कि ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली।

गले की परेशानी के बीच नहीं छोड़ा हौसला

ज्योतिर्मयी ने बताया कि शो के दौरान उनकी आवाज पर गंभीर असर पड़ा था, जिसके कारण गाना भी कठिन हो गया था। ऐसे हालात में प्रतियोगिता जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि जब विजेता के रूप में उनके नाम की घोषणा हुई तो कुछ पल के लिए उन्हें खुद भी विश्वास नहीं हुआ। उनके मुताबिक, यह पल उनके जीवन का सबसे यादगार और भावुक क्षण बन गया।

शो ने निखारी गायकी और बढ़ाया आत्मविश्वास

उन्होंने बताया कि इंडियन आइडल का मंच उनके लिए सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने का बड़ा अवसर साबित हुआ। पहले वह अधिकतर लता मंगेशकर और आशा भोसले के गीत गाया करती थीं, लेकिन शो के दौरान उन्होंने अलग-अलग संगीत शैलियों में खुद को आजमाया। इसी सफर में उन्होंने वॉयस मॉड्यूलेशन, नई गायन तकनीकों और मंच पर प्रस्तुति देने की कला को बेहतर तरीके से सीखा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा।

फिनाले की प्रस्तुति बनी सबसे बड़ी ताकत

ज्योतिर्मयी ने बताया कि फिनाले में उन्होंने अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर एक अलग अंदाज में प्रस्तुति दी। उन्होंने गजर ने की इशारा गीत को नए स्टाइल में पेश किया, जिसे दर्शकों और जजों ने खूब सराहा। खास तौर पर गायिका श्रेया घोषाल ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर कठिन शैली में गाना और आवाज को उसी के अनुसार ढालना आसान नहीं होता। यह प्रशंसा उनके लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं थी।

असली सफलता लगातार मेहनत में है

शो के बाद के संघर्ष पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ज्योतिर्मयी ने कहा कि किसी रियलिटी शो की जीत मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत होती है। उनके अनुसार, ट्रॉफी मिलने के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इंडियन आइडल के पहले विजेता अभिजीत सावंत आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं, जो इस बात का उदाहरण है कि निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ही लंबे समय तक सफलता दिलाती है। ज्योतिर्मयी का कहना है कि वह आगे भी अपनी गायकी को नए मुकाम तक पहुंचाने के लिए लगातार मेहनत करती रहेंगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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