ENTERTAINMENT NEWS

सौम्या टंडन:धुरंधर की सफलता के बाद अब बादशाह की सवारी करेंगी अभिनेत्री, शुरू की घुड़सवारी की ट्रेनिंग
मुंबई । अभिनेत्री सौम्या टंडन इन दिनों स्पाई एक्शन फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर सुर्खियों में छाई हैं। इस बीच, अभिनेत्री ने अपने नए शौक का खुलासा किया और बताया कि उन्होंने उसकी ट्रेनिंग भी शुरू कर दी हैं। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया कि उन्हें घुड़सवारी का काफी शौक था, जिसकी उन्होंने ट्रेनिंग शुरू कर दी है।फिल्म की सफलता के बाद सौम्या अब अपनी नई रुचि पर फोकस कर रही हैं। घुड़सवारी उनके लिए न सिर्फ नया शौक है बल्कि एक सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम भी है। सौम्या ने कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इसमें वे घोड़ों के साथ नजर आ रही हैं। वहीं, कुछ तस्वीरों में वे घुड़सवारी सीखते हुए भी दिख रही हैं। सौम्या ने लिखा, "पहला दिन और पहली घुड़सवारी की क्लास।"अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें बचपन से ही घोड़े बहुत पसंद रहे हैं। उन्होंने लिखा, "घोड़े बहुत सुंदर और नाजुक जानवर होते हैं। मैं हमेशा उनसे आकर्षित रही हूं। मैं बचपन में एक बड़े फार्म का सपना देखती थी, जहां खूबसूरत घोड़े और कुत्ते हों। मैं खुद उन घोड़ों पर सवारी करते हुए खुद को देखती थी।" सौम्या ने लिखा, "पहला दिन थोड़ा मुश्किल रहा, लेकिन मैंने घुड़सवारी सीखना शुरू कर दिया है, तो पहला दिन काफी खतरनाक और थकाऊ था। मेरी पीठ में दर्द हो रहा है, लेकिन इस क्लास में मुझे एक नया दोस्त मिल गया। वह दोस्त है एक सुंदर सफेद घोड़ा, जिसका नाम ‘बादशाह’ है।"सौम्या ने मजाकिया अंदाज में बताते हुए लिखा, "मैंने बादशाह से बहुत बातें कीं। सच कहूं तो वह बहुत अच्छा सुनने वाला था या शायद उसके पास और कोई चारा नहीं था, लेकिन उसने मेरी सारी बातें ध्यान से सुनीं। मुझे लगता है कि हमारे बीच एक खास कनेक्शन बन गया है। हम अच्छे दोस्त बन गए हैं।" अंत में सौम्या ने लिखा, "फिर मिलेंगे बादशाह, जल्दी ही। उम्मीद है एक दिन हम साथ में घोड़ी चलाएंगे और तेज दौड़ लगाएंगे।"

समाज की कुरीतियों को आईना दिखाती 'चिरैया':अंजना सिंह ने की जमकर तारीफ
मुंबई। अभिनेत्री दिव्या दत्ता अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास पहचान रखती हैं। वे ज्यादातर ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा होती हैं, जो समाज की कुरीतियों और गंभीर मुद्दों पर रोशनी डालती हैं। इसी कड़ी में वे आगामी सीरीज 'चिरैया' लेकर आ रही हैं, जो घरेलू अन्याय पर विशेष सवाल उठाती है।'चिरैया' अब जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है। छह एपिसोड वाली यह सीरीज हर किसी के दिल को छू रही है और सोचने पर मजबूर कर रही है। इसी कड़ी में अभिनेत्री अंजना सिंह ने इंस्टाग्राम के जरिए सीरीज की जमकर तारीफ की। उन्होंने सीरीज का महत्वपूर्ण सीन स्टोरीज सेक्शन पर शेयर किया और लिखा, "यह सीरीज सीधे उस जगह को छूती है जहां दर्द होता है, पितृसत्तात्मक मानसिकता के मूल को।"सीरीज के जरिए निर्देशक शशांत शाह ने घरेलू अन्याय और वैवाहिक संबंधों में सहमति जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल उठाया है कि क्या शादी करने से जीवनभर की सहमति मिल जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने सीरीज के जरिए उन कुरीतियों पर सोचने पर मजबूर किया है, जो सालों से प्रथा के तौर पर समाज में चली आ रही हैं, जिन पर आजतक किसी ने सवाल नहीं किया। 'चिरैया' की कहानी एक ऐसी महिला के ईर्द-गिर्द घूमती है, जो शादी के बाद भी अपने अधिकारों और सहमति के मुद्दे पर आवाज उठाती है। यह सीरीज सीधे-सीधे पूछती है, क्या शादी करने भर से जीवनभर की सहमति मिल जाती है? क्या पति को जबरदस्ती करने का हक है?शुशांत शाह द्वारा निर्देशित सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जो कुरीति पर सवाल उठाने के साथ साथ अपनों से ही लड़ती दिखेंगी। वहीं, इसमें संजय मिश्रा भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टीनू आनंद और सरिता जोशी जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। यह सीरीज एसवीएफ एंटरटेनमेंट द्वारा बनाई गई है और जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है।'चिरैया' सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि समाज को आईना दिखाती है। यह बताती है कि विवाह सहमति का लाइसेंस नहीं है। सीरीज कानूनी पहलुओं की कमी को भी उजागर करती है, जहां मैरिटल रेप अभी भी पूरी तरह अपराध नहीं माना जाता।

आज जो कुछ भी हूं... :जब सुधा चंद्रन ने ‘जयपुर फुट’ को दिया इंटरनेशनल सेलिब्रिटी बनने का श्रेय
मुंबई । अभिनेत्री और नृत्यांगना सुधा चंद्रन ने अपनी प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्हें इंटरनेशनल सेलिब्रिटी का दर्जा दिलाने में ‘जयपुर फुट’ का सबसे बड़ा योगदान है। लहरें टीवी द्वारा शेयर किए गए एक पुराने वीडियो में सुधा भावुक होकर डॉ. पी.के. सेठी और राजस्थान का शुक्रिया अदा करती नजर आईं। वीडियो में सुधा चंद्रन कहती नजर आईं, “आज सुधा चंद्रन ‘जयपुर फुट’ (एक प्रकार का कृत्रिम पैर) की वजह से एक इंटरनेशनल सेलिब्रिटी बन गई है। डॉ. पी.के. सेठी का शुक्रिया। मैं आज जो कुछ भी हूं, राजस्थान की वजह से हूं।”उन्होंने आगे कहा, “इस तेजी से आगे बढ़ती दुनिया में भी कुछ लोगों के पास समाज सेवा के लिए समय है और मुझे बहुत खुशी है कि मैं भी इस नेक काम में छोटा सा योगदान दे पा रही हूं।”सुधा चंद्रन की यह यात्रा कई दिव्यांगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उनका मानना है कि सपोर्ट और इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। ‘जयपुर फुट’ जैसी आसान लेकिन बेहतरीन तकनीक ने न सिर्फ सुधा का जीवन बदला, बल्कि हजारों दिव्यांगों को नई जिंदगी दी। सुधा चंद्रन ने यह भी उम्मीद जताई कि वे दिव्यांगता से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने में मदद कर पाएंगी। उन्होंने कहा, “मैं डिक्शनरी से ‘हैंडिकैप’ या ‘दिव्यांग’ जैसे शब्दों को मिटाने की कोशिश करना चाहूंगी। इसके लिए आपका साथ और प्यार हमेशा मेरे साथ रहेगा।”एक दुर्घटना में सुधा चंद्रन ने अपना एक पैर खो दिया था। इसके बाद उन्हें ‘जयपुर फुट’ लगाया गया। इसी की मदद से वह दोबारा नृत्य और अभिनय की दुनिया में लौट पाईं। उनकी इस संघर्षपूर्ण यात्रा को 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘नाचे मयूरी’ में दिखाया गया था, जिसमें उन्होंने खुद अपनी कहानी को पर्दे पर जिया था। टेलीविजन पर सुधा चंद्रन ‘कहीं किसी रोज’ शो में ‘रमोला सिकंद’ के नेगेटिव किरदार के लिए खूब चर्चित रहीं। उनके स्टाइल स्टेटमेंट और अनोखे तरीके से बिंदी लगाने का अंदाज दर्शकों को बहुत पसंद आया था।

फिल्मी पर्दे पर ‘धुरंधर’ का तहलका:जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली कहानी
नीलम अहिरवारफिल्मी पर्दे पर धुरंधर और धुरंधर -2 का ताडंव जारी है। इसके पहले हिस्से के अंत में दिखाया गया था रणवीर सिंह भारतीय एजेंट होता है, जो कि दुश्मन की जमीन पर रहकर ही दुश्मन का खात्मा करेगा। देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ऐसे एजेंट सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी होते हैं। आम नागरिक देश के भीतर आराम से रह सके, अपनी नॉर्मल दिनचर्या जी सके उसके लिए देश की रक्षा में लगे लाखों लोग अलग-अलग तरीकों से देश के लिए काम करते हैं, उन्हीं में से एक ये एजेंट भी होते हैं। जानिए कौन थे हमारे देश के असली धुरंधर...रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत- पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे। 1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग ने भर्ती कर लिया। उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया - नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो।सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से स्स्ठ की डिग्री हासिल की। इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे।1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी। इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे। इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची। उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था।गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया। 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया। वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे।लेकिन 21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में दम तोड़ दिया... भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते गुमनामहैं। उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है। कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है।

धुरंधर-2: आदित्य धर की मूवी की मुरीद हुईं कगंना, दिल खोलकर ऐसे की तारीफ
मुंबई। 19 मार्च को रिलीज के बाद से ही धुरंधर-2 का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, भले ही फिल्म विवादों का सामना कर रही है, लेकिन फिल्म को तारीफें अधिक मिल रही हैं। यही कारण है कि आदित्य धर की फिल्म सिनेमा की बाकी फिल्मों से अलग है। अब कंगना रनौत ने फिल्म धुरंधर-2 देख ली और फिल्म देखने के बाद अभिनेत्री खुद को तारीफ करने से नहीं रोक पा रही हैं।कंगना रनौत ने फिल्म धुरंधर-2 की खुलकर तारीफ की है, लेकिन फिल्म के किसी किरदार का जिक्र नहीं किया है। अभिनेत्री ने फिल्म की सफलता का सारा श्रेय आदित्य धर को दिया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर निर्देशक के नाम पोस्ट लिखा है और उन्हें युवाओं की प्रेरणा बताया है। कंगना ने लिखा, धुरंधर की सफलता की सबसे अच्छी बात यह है कि आदित्य धर एक सुपरस्टार निर्देशक के रूप में स्थापित हो गए हैं। जैसे हॉलीवुड के सुपरस्टार निर्देशक हमेशा सुपरस्टार अभिनेताओं से कहीं ज्यादा बड़े होते हैं।अपने पोस्ट में कंगना ने आदित्य धर की तुलना हॉलीवुड के बड़े निर्देशक और निर्माता से की और उनका मानना है कि बॉलीवुड में सिर्फ मुख्य अभिनेता की बातें होती हैं, लेकिन अपनी पूरी मेहनत लगाकर फिल्म बनाने वाले निर्देशकों के बारे में कुछ कहा नहीं जाता।उन्होंने आगे लिखा, हॉलीवुड के स्पीलबर्ग, टारनटिनो और नोलन। हम अपने फिल्म निर्माताओं को कभी भी पर्याप्त सम्मान या श्रेय नहीं देते। वे अत्यधिक काम करते हैं, कम वेतन पाते हैं और सुपरस्टारों द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है। इसी वजह से मुझे आज तक कोई भी ऐसा युवा नहीं मिला, चाहे वह इस क्षेत्र का हो या बाहर का, जो फिल्म निर्माता, छाया निर्देशक, या कोई अन्य तकनीशियन बनने का सपना देखता हो। वे सिर्फ अभिनेता बनना चाहते हैं। यहां एक सुपरस्टार फिल्ममेकर हैं जो किसी भी हीरो से कहीं अधिक चमक रहे हैं। आज बहुत से युवा उनकी कहानी देख रहे हैं जो उनके जैसा बनने की ख्वाहिश रखेंगे और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे!! सैल्यूट, सर।कंगना ने पूरे पोस्ट में सिर्फ आदित्य धर की बात की है। बता दें कि फिल्म में हर किरदार ने भी अपने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। फिल्म में शानदार निर्देशन के साथ सभी कलाकारों का बेहतरीन अभिनय रहा है, खासकर रणवीर सिंह दूसरे भाग में पूरी तरह छाए हुए हैं। फिल्म कमाई के मामले में भी नए रिकॉर्ड बनाती हुई नजर आ रही है।

धुरंधर: द रिवेंज:स्वामी गोपालाचार्य ने की स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म की तारीफ, बोले-सच्चाई दिखाने वाली फिल्मों की जरूरत
मुंबई । आदित्य धर की हालिया रिलीज स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के दिलों में धूम मचा दी है। रिलीज होते ही दर्शकों और आलोचकों ने इसे खूब सराहा। साथ ही, कुछ विवादास्पद मुद्दों पर भी चर्चा शुरू हो गई। फिल्म देखने के बाद कई भारतीय चौंक गए क्योंकि इसमें देश की कुछ पुरानी और हालिया घटनाओं के पीछे की कथित सच्चाई को दिखाया गया है।हाल ही में अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष स्वामी गोपालाचार्य महाराज ने फिल्म की जमकर सराहना की। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में धुरंधर को समाज में जागरूकता फैलाने वाली फिल्म बताया। स्वामी जी का कहना है कि ऐसी फिल्में और ज्यादा बननी चाहिएं, ताकि भारतीय समाज जागरूक हो सके। उन्होंने कहा, "अगर धुरंधर जैसी फिल्में समाज में फैले प्रयासों को सामने लाने का काम कर रही हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। ऐसी फिल्मों से समाज को सकारात्मक संदेश मिल रहा है और लोग सच्चाई से रू-ब-रू हो रहे हैं।"गोपालाचार्य महाराज ने जोर देते हुए कहा, "यह एक हॉरर फिल्म की तरह है, जिसके जरिए समाज में यह सब दिखाया जा रहा है और ऐसे पहलुओं को समाज के सामने उजागर किया जाना चाहिए। इससे समाज में यह संदेश जाए कि सनातन धर्म के अलावा जो भी सत्ता में आए हैं, उनका ऐसे अराजक तत्वों से किसी न किसी तरह का संबंध है, जो समाज में शांति से नहीं रहना चाहते हैं और सनातन धर्म को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।"उन्होंने आगे नोटबंदी का भी जिक्र करते हुए बताया कि मौजूदा सरकार ने नोटबंदी इसलिए लागू की थी ताकि आतंकवादी और अराजक समूहों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। उन्होंने कहा, "संतों ने तो शुरू से ही सरकार का समर्थन किया है। अगर किसी को फिल्म में दिखाई गई बातें गलत लग रही हैं, तो वे कोर्ट जा सकते हैं लेकिन अगर ये तथ्य सही निकले तो अदालत संज्ञान नहीं लेगी। सिनेमा का काम छिपे तथ्यों को सामने लाना है ताकि समाज जागरूक हो और सही-गलत का फैसला खुद कर सके।"स्वामी गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि सरकार को निशाना बनाना तब सही है, जब वह देश और सनातन धर्म के लिए काम नहीं कर रही हो। उन्होंने कहा, "अगर हमारी सरकार अनुच्छेद 370 हटाने, नोटबंदी जैसे कदमों से शांति और गौरव स्थापित कर रही है, तो संतों का समर्थन हमेशा रहेगा। फिल्म ऐसे ही मुद्दों को उजागर कर समाज को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने में मदद कर रही है।"

'धुरंधर' हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा बदलाव:राम गोपाल ने थपथपाई आदित्य की पीठ
मुंबई । आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और इसका अगला भाग रिलीज के बाद से ही चर्चाओं में छाए हुए हैं और हर तरफ निर्देशक की तारीफ हो रही है। अब इस लिस्ट में मशहूर निर्देशक रामगोपाल वर्मा का नाम शामिल हो गया है। दरअसल, वर्मा ने निर्देशक आदित्य धर के शानदार काम को लेकर उनकी पीठ थपथपाई है। राम गोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा नोट शेयर किया। इस पोस्ट में निर्देशक ने 'धुरंधर' को हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा बदलाव बताया।उन्होंने लिखा कि यह फिल्म एक तरह का 'हॉरर' है, लेकिन डराने के लिए नहीं, बल्कि उन फिल्ममेकर्स के लिए जो सस्ता, दिखावटी और मसाला सिनेमा बनाकर नाम और पैसा कमाते हैं। रामगोपाल ने लिखा, "पहले का सिनेमा सिर्फ जोर-शोर वाली आवाजें और एक्शन दिखाता था, लेकिन अब ऐसा सिनेमा खत्म होने की कगार पर है। 'धुरंधर' उन फिल्ममेकर्स को डराएगी जो अभी भी 'सुपरहीरो' स्टाइल की पूजा करते हैं।"निर्देशक ने रणवीर सिंह के काम की तारीफ की। उन्होंने लिखा, "रणवीर सिंह के किरदार ने असली, जटिल और कमजोरियों वाले हीरो को जन्म दिया है, जो दर्द महसूस करता है और जिसके कामों से हीरोइज्म आता है न कि बैकग्राउंड म्यूजिक या दिखावे से। इस नए तरह के हीरो के सामने, पुराने 'देवता जैसे हीरो' अचानक हास्यास्पद लगेंगे, जैसे सर्कस में जोकर। उनके फैंस भी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन सुनकर बेबस महसूस करेंगे।"रामगोपाल ने लिखा कि यह फिल्म उन एक्शन सीन बनाने वालों के लिए भी डरावनी है, जहां फिजिक्स का मजाक उड़ाया जाता है और लोग 50 फुट ऊपर फेंके जाते हैं, उछलते हैं, विस्फोटों से बच जाते हैं और फिर भी डायलॉगबाजी करते हैं। अब दर्शक असली दर्द, खून और सच्चा एक्शन देखना चाहते हैं, पुराने 'उड़ते गुंडे' सीन नकली लगेंगे।रामगोपाल ने निर्देशक को चेतावनी देते हुए लिखा, "यह पैन इंडिया के निर्देशकों के लिए चेतावनी है, जो अब भी सोचते हैं कि किरदार सिर्फ हेयरस्टाइल, कपड़े, फोटोशॉप किए हुए सिक्स पैक और डिजाइनर कपड़ों से बनते हैं, ना कि उनकी मनोवैज्ञानिक गहराई से। धुरंधर में हीरो की ताकत दिमाग से आती है, न कि बाइसेप्स से। पुराने 'हेयर और कॉस्ट्यूम' वाले हीरो अब बच्चों जैसे लगेंगे।"रामगोपाल ने लिखा, "धुरंधर सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक फैसला है। आदित्य धर ने उस सिनेमा की कटाई कर दी जो दर्शकों की समझदारी का अपमान करता था, जिसमें कहानी की जगह चमक-दमक, हीरो को भगवान, और दर्शकों को भेड़ बनाया जाता था। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पुरानी सोच को दफन कर रहे हैं। आरजीवी ने चेताया कि अगर फिल्ममेकर्स अपनी फिल्मों के तरीके नहीं बदलते और धुरंधर को कई बार नहीं देखते, तो उनकी फिल्में और सोच बचना मुश्किल होगा। समस्या यह है कि उनके पास आदित्य धर जैसी समझ और दिमाग नहीं है।"

फिल्म सूबेदार:अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा
मुंबई। अभिनेता अनिल कपूर की हालिया रिलीज फिल्म सूबेदार का फीवर हर किसी के सर पर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की कहानी और एक्शन सीन ने हर किसी को दीवाना बना दिया है। बुधवार को अभिनेत्री विद्या बालन ने इसे खास अंदाज में सराहा।अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर पोस्ट किया। उन्होंने फिल्म को अनिल कपूर के स्टाइल में झक्कास नाम से संबोधित किया। विद्या ने अनिल कपूर और पूरी टीम के समर्पण की जमकर तारीफ की। अभिनेत्री ने लिखा, अनिल कपूर, आप हर फिल्म में इतना समर्पित कैसे रहते हैं? हमेशा कमाल।साथ ही, विद्या ने अन्य कलाकारों के काम को सराहा। उन्होंने राधिका को बड़ी गुंडी और मोना सिंह को बड़ी शैतान बताया। वहीं, निर्देशक सुरेश त्रिवेण की तारीफ में लिखा, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वे स्क्रीन पर इतनी हिंसा करने में कैसे सक्षम रहे। क्या शानदार काम किया। बहुत मजा आया। इसके अलावा विद्या ने प्रोडक्शन टीम की भी सराहना की। उन्होंने बाबु अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज ऑफिशियल और प्राइम वीडियो इंडिया को बधाई दी।सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित एक्शन-ड्रामा फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर का एक्शन अवतार देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर लोगों में दीवानियत और बढ़ रही है। वहीं, राधिका ने अभिनेता की लड़की श्यामा का मुख्य किरदार निभाया है, जिसमें वह भावनात्मक रूप से टूटी होने के बावजूद बाहरी रूप से बेहद मजबूत और फाइटर के रूप में नजर आती हैं। राधिका ने इस जटिल भूमिका में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है।अनिल के साथ-साथ राधिका के अभिनय की भी जमकर तारीफ हो रही है क्योंकि इस फिल्म में दोनों दुश्मनों से लड़ते नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक सेवानिवृत्त फौजी (सूबेदार अर्जुन मौर्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी के साथ रिश्ते सुधारने और स्थानीय गुंडों का सामना करने के लिए फिर से हथियार उठाता है। फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर के अलावा राधिका मदान, आदित्य रावल और फैसल मलिक जैसे कलाकार हैं। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने इस एक्शन-ड्रामा को बेहतरीन तरीके से पेश किया है।

नोरा ही नहीं, संजय दत्त भी रहे हैं विवादित गानों का हिस्सा:'गैंगस्टर' इमेज चमकाने के लिए लिया आइटम नंबर का सहारा
मुंबई । संजय दत्त और नोरा फतेही की पैन इंडिया फिल्म 'केडी- द डेविल' का गाना 'सरके चुनर तेरी...' रिलीज के साथ ही हंगामा मचा रहा है। गाने को लेकर कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और कार्रवाई करते हुए गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया है, लेकिन गाने के विवादित होने के पीछे सिर्फ नोरा फतेही का नाम ही चर्चा में आ रहा है, जबकि गाने का हिस्सा संजय दत्त भी हैं। हिंदी सिनेमा में संजय दत्त की छवि एक गैंगस्टर वाली रही है और जिस भी फिल्म में वे गैंगस्टर या खलनायक की भूमिका में दिखे हैं, वहां ऐसे विवादित गानों की बौछार रही है। आज हम संजय दत्त के उन विवादित गानों के बारे में जानेंगे, जिसमें 'सरके चुनर तेरी...' जैसे सीन्स और लिरिक्स को पहले भी किया जा चुका है।साल 2012 में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त और राणा दग्गुबाती की फिल्म 'डिपार्टमेंट' थी, जिसमें गैंगस्टर की जीवनी को दिखाने के लिए 'डन डन चीनी' गाने को फिल्माया गया था, जिसमें नतालिया कौर ने अपने सिजलिंग डांस स्टेप्स से सबको हैरान कर दिया था। यह गाना देखने में 'सरके चुनर तेरी...' से भी ज्यादा बोल्ड था।साल 1993 में आई फिल्म 'खलनायक' में दो ऐसे गाने फिल्माए गए थे, जो समाज के मापदंडों पर बिल्कुल भी फिट नहीं बैठते थे। पहला था "नायक नहीं खलनायक हूं मैं" और दूसरा "चोली के पीछे क्या है।" "नायक नहीं खलनायक हूं मैं" एक "बैड बॉय" इमेज का गाना था, जिसमें एक नकारात्मक किरदार को हीरो की तरह पेश करने की कोशिश की गई, जबकि "चोली के पीछे क्या है" के लिरिक्स हद से ज्यादा विवादित रहे थे, लेकिन विडंबना देखिए, आज भी इन गानों का चलन धड़ल्ले से हमारे समाज में किया जाता है।गौर करने वाली बात यह भी है कि संजय दत्त के कई रोमांटिक गाने भी ऐसे रहे हैं, जिनके लिरिक्स भले ही थोड़े रोमांटिक हैं, लेकिन फिल्म में फिल्माए गए कुछ स्टेप्स और एक्सप्रेशन उन्हें विवादित बनाते हैं, जैसे 'यलगार' का 'आखिर तुम्हें आना है'। यह गाना भले ही रोमांटिक है, लेकिन शर्ट उतार कर अपनी भावनाओं को दिखाने का तरीका काफी विवादित रहा। फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' का गाना 'देख ले', जिसे मुमैत खान के साथ फिल्माया गया था, को कैसे भूला जा सकता है? गाने में अस्पताल के मरीजों का हौसला बढ़ाने के लिए स्क्रिप्ट में ऐसे गाने को फिल्माया गया। गाना विवादित और सिजलिंग था।साल 2000 में आई 'जंग' का गाना 'आईला रे लड़की मस्त मस्त' भी काफी हिट रहा। गाना एक जॉयफुल मोमेंट को दिखाता है, लेकिन इस गाने की एक लाइन, 'आईला रे लड़की मस्त मस्त है,' काफी वायरल हुई थी, और धीरे-धीरे लोगों ने भी इस लाइन को आम जीवन में उतारना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, रासकल का 'शेक इट सैयां' भी इस लिस्ट में शामिल है।

बंदूक नहीं, कला का सहारा लिया...: अशोक पंडित ने कश्मीरी फिल्म बट्ट कोच की तारीफ में पढ़ी कसीदें, दीं शुभकामनाएं
मुंबई। कश्मीरी पंडित और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कश्मीरी भाषा में बनी फिल्म बट्ट कोच की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए फिल्म को भावनाओं से भरपूर, शक्तिशाली और दिल को छू लेने वाली बताया। अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा, ष्यह फिल्म दर्शकों को पूरी तरह स्क्रीन से बांधे रखती है, सोचने पर मजबूर करती है और गहरा संदेश देती है। वीडियो में अशोक पंडित ने कहा, “हम सब जानते हैं कि 1990 में कश्मीरी पंडितों का निष्कासन हुआ, उनका नरसंहार हुआ, उनकी जातीय सफाई हुई और पूरी कौम घरों से बेघर हो गई।”उन्होंने बताया कि फिल्म का नाम बट्ट कोच है, जहां कोच कश्मीरी पंडितों की गली को कहते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि इतनी बड़ी त्रासदी झेलने के बाद भी अगली पीढ़ी ने माता-पिता की कहानियां सुनकर अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखा। अशोक पंडित ने फिल्म के निर्देशकों सिद्धार्थ कौल और अंकित वली की खास तारीफ की। उन्होंने कहा, “हमारी कम्युनिटी के ये दो लड़के सिद्धार्थ और अंकित ने सोचा कि हम अपनी पीड़ा को फिल्म के जरिए दुनिया के सामने लाएंगे। आज के जमाने में फिल्म बनाना और रिलीज करना बड़ी उपलब्धि है। सबसे बड़ी बात ये है कि उन्होंने बंदूक नहीं उठाई, न कोई बुरी राह चुनी। उन्होंने कला का सहारा लिया और अपनी व्यथा को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की।”उन्होंने प्रोड्यूसर विनायक के साहस और पैशन की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “पैसे और फंड के बिना सपने पूरे नहीं होते। विनायक ने भरोसा जताया और फिल्म बनाई।” अशोक पंडित ने एम.के. रैना, कुसुम धर, अनिल कौल चिंगारी, कुसुम तिक्कू, साक्षी भट्ट, श्रीमे भट्ट, दिलीप पंडिता और अन्य कलाकारों के अभिनय की भी प्रशंसा की। उन्होंने फिल्म के संगीत की तारीफ करते हुए कहा कि सौरभ झाड़ू ने कश्मीरी लोक-संगीत की शैली में संगीत तैयार किया है, जो पंडित परिवार की भावनाओं को बखूबी पेश करता है। कैमरा वर्क, एडिटिंग (आकांक्षा झाड़ू), कॉस्ट्यूम्स और पोस्ट-प्रोडक्शन सब कुछ शानदार है।अशोक पंडित ने कैप्शन में लिखा, “पूरी टीम को ढेर सारी शुभकामनाएं। उम्मीद है कि इस साल क्षेत्रीय फिल्म श्रेणी के सभी पुरस्कार आप ही जीतेंगे। फिल्म ने वापस घाटी की यादों में ले जाकर भावुक कर दिया। यह फिल्म मानवता पर आधारित है। कम बजट में बनी यह छोटी-सी कश्मीरी फिल्म लोगों के सामने आई और अमिट छाप छोड़ गई।”अशोक पंडित ने पोस्ट के अंत में कहा, “यह फिल्म कश्मीरी पंडितों के लिए एक मील का पत्थर है। यह हमेशा याद रखी जाएगी।” उन्होंने सिद्धार्थ और अंकित को याद करते हुए कहा कि जब वे स्क्रिप्ट लेकर आए थे, उनकी आंखों में पैशन और ईमानदारी देखकर पता था कि फिल्म एक दिन रिलीज होगी।

बैटल ऑफ गलवान अब हुई मातृभूमि:भाईजाॅन ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-चीन घटनाक्रम से प्रेरित है मूवी
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पिछले कुछ समय से अपनी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर लगातार चर्चा में हैं। इस फिल्म की कहानी भारत और चीन के बीच हुए गलवान घाटी के घटनाक्रम से प्रेरित बताई जा रही है। लेकिन अब इस फिल्म को लेकर एक नया और बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, फिल्म के मेकर्स ने रिलीज से पहले इसका नाम बदल दिया है, जिससे फैंस के बीच फिर से चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, सोमवार को सलमान खान की प्रोडक्शन कंपनी सलमान खान फिल्म्स ने आधिकारिक तौर पर इस फिल्म के नए नाम की घोषणा की। अब यह फिल्म मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीसश् के नाम से रिलीज होगी। पहले इस प्रोजेक्ट को बैटल ऑफ गलवां के नाम से जाना जा रहा था। नाम बदलने के साथ ही मेकर्स ने फिल्म का एक नया पोस्टर भी जारी किया, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही लोगों का ध्यान खींच लिया।पोस्टर में बेहद गंभीर नजर आ रहे सलमानइस पोस्टर में सलमान खान बेहद अलग और गंभीर नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे पर खून और जख्म साफ दिखाई दे रहे हैं। उनके माथे पर गहरी चोट है और चेहरा धूल-मिट्टी से भरा हुआ है। उनकी आंखों में गुस्सा और दर्द का मिला-जुला भाव है। पोस्टर में सबसे ध्यान खींचने वाला हिस्सा एक ऐसा हथियार है जिसे वह अपने हाथ से रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस हथियार के ऊपर कांटेदार तार लिपटा हुआ है और उस पर खून के निशान भी दिखाई देते हैं। वहीं, बैकग्राउंड को धुएं और धूल से भरा हुआ दिखाया गया हैय इसमें कुछ सैनिक हथियार के साथ दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर का माहौल युद्ध जैसा महसूस होता है।फिल्म में कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभाते नजर आएंगे सलमानसलमान खान ने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीस, यानी युद्ध का अंत हो और शांति कायम रहे। फिल्म में सलमान खान कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभाते नजर आएंगे, जो 16 बिहार रेजिमेंट का नेतृत्व करते हुए लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर स्थिति संभालते हैं। वहीं उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इसके अलावा, अभिनेता अभिलाष चैधरी और अंकुर भाटिया भी फिल्म में अहम किरदार निभाते दिखाई देंगे।

ऑस्कर:'होमबाउंड' का जादू चला पर ट्रॉफी रही दूर, नॉर्वे की 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने जीता अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म अवॉर्ड
मुंबई । 98वें ऑस्कर अवार्ड्स में भारत की ओर से नीरज घेवान द्वारा निर्देशित फिल्म 'होमबाउंड' को आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा गया था और यह बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शीर्ष 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में शामिल रही, लेकिन फाइनल नॉमिनेशन तक नहीं पहुंच पाई। इस प्रतिष्ठित कैटेगरी में अब नॉर्वे की फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है। एकेडमी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म के जीत की घोषणा करते हुए लिखा, "नॉर्वे ने दुनिया के मंच पर अपनी जगह बनाई। फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' को इस साल बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर मिलने पर बधाई।"भले ही फिल्म 'होमबाउंड' इस साल आधिकारिक तौर पर ऑस्कर में एंट्री नहीं कर पाई, लेकिन इसके बावजूद यह भारत के लिए गौरव का क्षण रहा, क्योंकि बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने इस कैटेगरी का पुरस्कार प्रेजेंट किया। प्रियंका ने जेवियर बार्डेम के साथ स्टेज पर आकर 'सेंटीमेंटल वैल्यू' की टीम को ऑस्कर सौंपा।ऑस्कर जीतने से पहले यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहना बटोर चुकी थी। वहीं, नीरज घेवान की 'होमबाउंड' को 78वें कान्स फिल्म फेस्टिवल (2025) में जबरदस्त सराहना मिली। प्रतिष्ठित 'अन सर्टेन रिगार्ड' सेक्शन में प्रीमियर के दौरान फिल्म को 9 मिनट का लंबा स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह फिल्म 2025 में कान्स में चुनी गई एकमात्र भारतीय फीचर फिल्म थी।यह फिल्म उत्तर भारत के एक छोटे से गांव के दो दोस्त चंदन और शोएब की कहानी दिखाती है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर सम्मान पाने का सपना देखते हैं। पुलिस नौकरी को पाने के लिए उनके संघर्ष, सामाजिक समीकरण, आपसी दोस्ती और कोरोना महामारी के बैकग्राउंड दौरान घर वापसी की उनकी यात्रा जातिगत भेदभाव और गरीबी के दर्दनाक यथार्थ को दिखाती है।वहीं, फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' का निर्देशन प्रसिद्ध नॉर्वेजियन निर्देशक जोआचिम ट्रायर ने किया, जो अपनी 'ओस्लो ट्रिलॉजी' के लिए पहले से ही मशहूर हैं। 'सेंटीमेंटल वैल्यू' अगस्त 2025 में रिलीज हुई थी और इसे ऑस्कर में कुल 9 नामांकन मिले थे, जिसमें बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर और अन्य प्रमुख कैटेगरी शामिल थीं। यह एक फैमिली ड्रामा है, जिसकी कहानी दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य भूमिका में रेनेट रीन्सवे ने शानदार अभिनय किया है। फिल्म में एक एजिंग फिल्म डायरेक्टर और उसकी बेटियों के बीच के रिश्तों की जटिलताओं को दिखाया गया है।

सिनेमा का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं: संवेदनशीलता भी बड़ी जिम्मेदारी : प्रकाश झा
मुंबई । फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा अक्सर गंभीर विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखते नजर आते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने समाज में दमन और क्रांति के बीच गहरा संबंध बताते हुए कहा कि जब दमन एक निश्चित हद पार कर जाता है, तो क्रांति होना तय हो जाता है। यह किसी ट्रेन दुर्घटना की तरह अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सुलगते हुए फूट पड़ती है।प्रकाश झा ने बताया, "क्रांति स्वाभाविक और कुदरती प्रक्रिया है। ज्वालामुखी फटेगा ही। दमन से अंदर बहुत कुछ जमा होता रहता है और जब बर्दाश्त की सीमा पार हो जाती है, तो वह फूट पड़ता है। हम अचानक नींद से नहीं जागते। क्रांतियां भी धीरे-धीरे बनती हैं। समय सबसे बड़ा शिक्षक है। अगर हम समय के साथ जिएं और उसे समझें, तो वह हमें सब कुछ सिखा देता है।" प्रकाश झा का मानना है कि सिनेमा समाज को आईना दिखाने का माध्यम है। यह दमन, असमानता और अन्याय जैसे मुद्दों पर बात कर सकता है, लेकिन हमेशा जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ।प्रकाश झा ने सिनेमा की जिम्मेदारी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर को हर संवाद, हर छवि और हर कहानी की संवेदनशीलता समझनी चाहिए। सिनेमा का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ना और कुछ खास भावनाएं जगाना भी है। अगर आप कुछ कहना चाहते हैं, तो कहिए, लेकिन संवेदनशीलता के साथ। लोगों से कतराना नहीं चाहिए, अस्थिरता नहीं फैलानी चाहिए। रचनात्मक तरीके से बातचीत करनी चाहिए, इसे दिलचस्प और आकर्षक बनाए रखना चाहिए।"फिल्ममेकर ने थिएटर और ओटीटी के बीच बढ़ते अंतर पर भी बात की। वे खुद जमशेदपुर में एक मल्टीप्लेक्स चलाते हैं, इसलिए उन्हें भारत के थिएटर इकोसिस्टम की जमीनी हकीकत अच्छी तरह पता है। उन्होंने कहा कि बड़े बजट वाली मनोरंजक फिल्में स्क्रीन शेयरिंग में छोटी फिल्मों को पीछे छोड़ देती हैं, लेकिन हर फिल्म का अपना मार्केट होता है और हर फिल्म के लिए जगह है। ओटीटी पर सीधे रिलीज का फैसला ज्यादातर व्यावसायिक कारणों से लिया जाता है, क्योंकि थिएटर में रिलीज के जोखिम और खर्च ज्यादा होते हैं।

अजय हुड्डा और कविता जोशी की केमिस्ट्री:'बालम माकोडे वर्गा' में देसी अंदाज से खींचा ध्यान
मुंबई । हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में अभिनेत्री और डांसर कविता जोशी का अपना एक अलग ही बोलबाला है। फैंस उन्हें प्यार से 'देसी क्वीन' भी कहते हैं। हरियाणवी गानों और फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है और सोशल मीडिया पर भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। शुक्रवार को कविता जोशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नई क्लिप साझा की है, जो उनके नए हरियाणवी गाने 'बालम माकोडे वर्गा' की शूटिंग से जुड़ी है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई वीडियो में 'बालम माकोडे वर्गा' गाने की शूटिंग के कुछ खास पल दिखाई दे रहे हैं। क्लिप में देसी सेटअप, हरियाणवी माहौल और कलाकारों का पारंपरिक अंदाज देखने को मिल रहा है। वीडियो में कविता जोशी का लुक भी काफी आकर्षक लग रहा है। गाने की लाइन्स के साथ उनके हाव-भाव और देसी अंदाज इसे और दिलचस्प बना देते हैं। वहीं इस गाने में उनके साथ हरियाणवी कलाकार अजय हुड्डा भी नजर आ रहे हैं। दोनों की केमिस्ट्री को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।गाने की बात करें तो, गाना टी-सीरीज हरियाणवी नामक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। इस गाने में विनू गौर और सुशीला तखर ने अपनी दमदार आवाज दी है। वहीं, संगीत विनू गौर ने दिया है, जबकि गीत अजय हुड्डा ने लिखे हैं।कविता जोशी ने हरियाणवी फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में लंबे समय से काम किया है। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2007 में आई हरियाणवी फिल्म 'मन्नू धाकड़ मैन' से की थी। इसके बाद वह कई फिल्मों और म्यूजिक वीडियो में नजर आईं और धीरे-धीरे हरियाणवी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गईं। उनकी फिल्मों की लिस्ट में 'सोनोटेक', 'झलक', 'नटखट', 'लाड़ साहब', 'हम दो भगोड़े', 'हद हो गई संजना', 'कट्टू कट्टू', 'फक्कड़ गोरी', 'कुनबा' जैसी कई फिल्में शामिल हैं।इसके अलावा उन्होंने 'विकास की बहू', 'फजीता', 'उलझ पलझ', 'निकडू सेनापति', 'जोड़ा ठाठ का', 'डिअर वर्सेज बियर', 'अकड़ 2', 'धाकड़ लवर' और 'ये कैसा पल दो पल का प्यार' जैसी फिल्मों में भी काम किया है। फिल्मों के अलावा कविता जोशी टेलीविजन पर भी नजर आ चुकी हैं। वह क्राइम आधारित टीवी शो 'क्राइम पेट्रोल' में काम कर चुकी हैं।

आदित्य धर:पति के जन्मदिन पर यामी गौतम ने लुटाया प्यार, शेयर कीं अनदेखी तस्वीरें
मुंबई । 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' और 'धुरंधर' जैसी दमदार फिल्में बनाने वाले मशहूर निर्देशक आदित्य धर गुरुवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उनकी पत्नी और अभिनेत्री यामी गौतम ने जन्मदिन की बधाई दी। यामी गौतम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर आदित्यधर के साथ तस्वीरें शेयर कीं। पहली तस्वीर में दोनों रेगिस्तान में रेत के टीलों के बीच खड़े हैं, तो दूसरी तस्वीर में दोनों सेल्फी लेते दिख रहे हैं। यामी ने पोस्ट कर लिखा, "काश मेरे पास इतने शब्द होते कि मैं बता पाती कि तुम मेरे लिए कितने खास हो। मेरे प्रिय आदित्य, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, आदित्य।"यामी गौतम और आदित्य धर ने एक-दूसरे-दूसरे को तीन साल तक डेट करने के बाद 4 जून 2021 'कोइंटिमेट वेडिंग' की, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग शामिल हुए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अपने पैतृक घर पर पारंपरिक तरीके से शादी की थी। बता दें कि दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' के सेट पर हुई थी, जिसमें आदित्य धर निर्देशक थे और और अभिनेत्री मुख्य भूमिका में थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर वह प्यार में बदल गई। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम वेदविद है।आदित्य धर एक जाने-माने फिल्ममेकर हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक करने के बाद रेडियो जॉकी के तौर पर करियर की शुरुआत की। इसके बाद स्क्रीनराइटर के तौर पर काम किया। आक्रोश और तेज जैसी फिल्मों के वह लेखक रह चुके हैं।इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने का मन बनाया। पहले तो वो फिल्मों के लिए गाने लिखा करते थे। उन्होंने हाल-ए-दिल, काबुल एक्सप्रेस और डैडी कूल जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे थे। गाने लिखने के साथ ही उन्होंने स्क्रीनराइटिंग भी शुरू कर दी थी। इसके बाद आदित्य ने 2019 में फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' रिलीज की थी। इस फिल्म ने उन्हें काफी लोकप्रियता दी थी। साथ ही, इस फिल्म के लिए आदित्य को नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसके बाद निर्देशक ने साल 2025 में धुरंधर रिलीज की, जिसने बॉक्स ऑफिस में जोरदार सफलता के साथ वर्ल्डवाइड लोकप्रियता हासिल की।

बाबा महाकाल:भोलेनाथ की भक्ति में लीन हुईं टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री, दर्शन के अनुभव को बताया 'दिव्य'
उज्जैन । टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री कनिका मान मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची। इस दौरान उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया और काफी देर तक हाथ जोड़कर बाबा के भक्ति रस में डूबी नजर आईं। माथे पर लाल चंदन लगाए नंदी महाराज के पास मौजूद अभिनेत्री बाबा महाकाल को निहारती नजर आईं। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि यह उनके लिए महाकाल के दर्शन का पहला अवसर था।कनिका ने कहा, "यहां मैं पहली बार बाबा के दर्शन के लिए आई हूं और मुझे नहीं पता था कि मेरा अनुभव इतना खास व यादगार होगा। मैं बाबा की सच्ची भक्त हूं, इसलिए मंदिर जाना मेरे लिए उत्साह था, लेकिन यहां का अनुभव वाकई और भी अद्भुत था।"उन्होंने भस्म आरती के बारे में खास तौर पर बात की। कनिका ने कहा, "भस्म आरती का अनुभव मेरे लिए बहुत खास रहा। वहां बहुत भीड़ थी, लेकिन मुझे ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं हुआ कि कोई परेशानी हो रही है। जब मैं पीछे मुड़ी तो देखा कि इतनी बड़ी भीड़ है, फिर भी हर कोई शांति से और आराम से दर्शन कर रहा था। मुझे लगा कि सब वही दिव्य अनुभव ले रहे हैं जो मैं ले रही थी। मैं आगे की पंक्ति में बैठी थी और सब बहुत खुश नजर आ रहे थे।"अभिनेत्री ने मंदिर प्रबंधन की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मंदिर कमिटी ने सारे इंतजाम इतने अच्छे तरीके से किए हैं कि किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित था। इसलिए मैं सबको कहना चाहूंगी कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। लोग सोचते हैं कि भीड़ ज्यादा है, दर्शन नहीं हो पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। आप जरूर आ सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं खुद लास्ट मिनट में आई थी और फिर भी अच्छे से आगे बैठकर दर्शन किए।"

क्रिकेट के भगवान की बहू बनी सानिया:लाल-हरी चूड़ियों ने लुक में लगाए चार चांद, सचिन की लाड़ली पर टिक रही थी हर किसी की निगाहें
नीलम अहिरवारक्रिकेट के भगवान कह जाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर 5 मार्च को शादी के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में अर्जुन तेंदुलकर ने अपनी लॉन्ग टार्म गर्लफ्रेंड सानिया चंडोक को अपना हमसफर बनाया। दोनों की शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग बनी हुई हैं। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अर्जुन और सानिया ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई। मंडप के नीचे पूरा तेंदुलकर परिवार नजर आया। शादी की रस्मे खत्म होने के बाद अर्जुन और सानिया मीडिया अटेंशन वेन्यू से बाहर आए। वीडियो और तस्वीरों में सानिया बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं। लुक की बात करें तो दुल्हन सानिया ने अपनी शादी के लिए एकदम ही मिनिमल और ट्रेडिशनल चीजें चुनी थीं। गोल्डन वर्क वाली साड़ी के साथ उन्होने डायमंड की ज्वेलरी पहनी हाथों में हाथफूल की जगह उन्होने काफी यूनिक ब्रेसलेट पहना था। वहीं लाल-हरी चूड़ियां और सोने का मंगलसूत्र सानिया के लुक में चार चांद लगा रहे थे। सानिया ने साड़ी के साथ ट्रेंडी डायमंड और एमरल्ड की ज्वेलरी पहनी थी। सानिया ने दो हार पहने थे, जो बहुत ही एलिगेंट लगे। मांगटीका, छोटी सी बिंदी लगाई हुई थी उन्होने बाल भी मिडिल पार्टिशन करके हल्के से सॉफ्ट कर्ल्स करके स्टाइल किए थे। वहीं तेंदुलकर परिवार और चंडोक परिवार मीडिया अक्ट्रेक्शन के लिए बाहर आया तो हर किसी की निगाहें सचिन की लाडली बिटिया सारा पर टिक गई। सारा तेंदुलकर अपने भाई की शादी में मनीष मल्होत्रा की डिजाइन की हुई सॉफ्ट पिंक मार्मलेड साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थीं। साड़ी में हल्की सोने की कढ़ाई और बॉर्डर पर बारीक सेक्विन का काम था, जो इसे शाही और सुंदर लुक दे रहा था। फैमिली फंक्शन की कई तस्वीरों और वीडियो में सारा तेंदुलकर को खूबसूरत अंदाज में पोज देते हुए देखा जा सकता है।वहीं यह पहली बार नहीं है, जब सारा तेंदुलकर ने अपने भाई की वेडिंग डायरी से शानदार लुक्स से अपने फैंस को इम्प्रेस किया है। प्री-वेडिंग सेरेमनी के लिए, उन्होंने मशहूर डिजाइनर अर्पिता मेहता के कलेक्शन से एक कस्टम मल्टी-कलर गुजराती लहंगा चोली पहना था। इस ड्रेस में बारीक डिटेलिंग के साथ छोटा सा मिरर वर्क था, जिसे मैचिंग ब्राइट ग्रीन दुपट्टे ने पूरी तरह से कॉम्प्लिमेंट किया। चलिए तेंदुलकर परिवार के बाद बात करते हैं इस हाई प्रोफाइल शादी में आए मेहमानों की…जहां शादी में बॉलीवुड, क्रिकेट, राजनीति और बिजनेस की दुनिया के बड़े-बड़े लोग पहुंचे। बात अरग बॉलीवुड स्टार्स की करें तो खास मेहमानों की लिस्ट में शाहरुख खान और आमिर खान का नाम भी शामिल था, जहां शाहरुख खान अपनी पत्नी गौरी और बेटी सुहाना के साथ शादी में शामिल हुए। जहां किंग खान ने बेज रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना था. तो गौरी ने यलो रंग की साड़ी वहीं बेटी सुहाना ने जबकि सुहाना ने हल्के सुनहरे लहंगे में सबका ध्यान खींचा। शाहरुख ने आने पर अपने मशहूर अंदाज में सबको सलाम किया।हालांकि एक्टर आमिर खान शादी में अकेले पहुंचे और पैपराजी को जमकर पोज दिए। वहीं बच्चन परिवार भी शादी में शामिल हुआ। वहीं अभिषेक बच्चन अपनी पत्नी ऐशवर्या राय बच्चन के साथ शादी में शामिल हुए…इस दौरान ऐशवर्या ने लाइट ब्लू कलर का हैवी कढ़ाई वाला सूट पहना था। जिसमें वो बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं तो उनके पति ब्लैक शेरवानी में नजर आए।बता दें कि अक्सर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के तलाक की अफवाह उड़ती रहती है। लेकिन दोनों समय-समय पर एक-दूजे के साथ नजर आकर इन अफवाहों पर विराम लगा देते हैं वहीं अंबानी परिवार भी शादी में शामिल हुआ। शादी के लिए मुकेश अंबानी उनकी पत्नी नीता अंबानी और उनके बड़े बहू-बेटे आकाश और श्लोका पहुंचे थे। पूरा अंबानी परिवार बहुत ही स्टाइलिश और ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचा था अर्जुन और सानिया की शादी के लिए श्लोका ने बहुत ही ज्यादा स्टाइलिश इंडो वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। वहीं अर्जुन की शादी में कई पूर्व क्रिकेटर पहुंचे।जहां आकाश चोपड़ा अपनी पत्नी के साथ नजर आए । वहीं हरभजन सिंह अपनी पत्नी गीता के साथ शादी में शामिल हुए..तो युसूफ पठान अपनी पत्नी आफरीम के साथ शादी में शामिल हुए..पूर्व इंडियन टीम के कप्तान एमएस धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ शादी में शामिल हुए। बेहद सादगीभरे अंदाज में नजर आए। तो वहीं पूर्व क्रिकेटर जहीर खान भी अपनी पत्नी के साथ नजर आए..सागरिका और जहीर खान काफी वक्त के बाद किसी पार्टी में नजर आए थे। सहवाग और युवराज सिंह भी शादी में शामिल हुए। इसके अलावा भी शादी में कई नामी गिरानी किकेटर और बॉलीवुड स्टार्स शामिल हुए..वहीं राजनीतिक गलियारों से जुड़ी हस्तियां भी शादी में शामिल हुईं, जिसमें MNS प्रमुख राज ठाकरे, NCP सांसद प्रफुल्ल पटेल शादी में शामिल हुए। बता दें कि अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में प्राइवेट तरीके से हुई थी। शादी की रस्में 3 मार्च से शुरू हुईं, जिसमें मेहंदी और संगीत जैसे पारंपरिक कार्यक्रम हुए। जहां कई जाने मानें लोग शामिल हुए। मुख्य शादी 5 मार्च को मुंबई में भव्य तरीके से हुई। सानिया मुंबई के एक बड़े बिजनेस परिवार से हैं। वह उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। यह शादी क्रिकेट, फिल्म और बिजनेस की दुनिया को एक साथ लाने वाला खास मौका बना। यह एक यादगार और भव्य शादी रही, जिसमें शामिल हुए सभी सितारों, क्रिकेटर्स और बाकी मेहमानों ने नवविवाहित जोड़े को ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद दिया।

पेड़ 'शहीद' हो रहे हैं, यह कैसा विकास? :मुंबई के गिरते पर्यावरण पर दीया मिर्जा का छलका दर्द
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा अक्सर सोशल मीडिया के जरिए पेड़ों की सुरक्षा, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने की बात करती रहती हैं। शनिवार को भी उन्होंने हरियाली बढ़ाने की बात की। अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर जंगल के हरे-भरे माहौल की तस्वीरें शेयर कीं। अभिनेत्री ने लिखा, "हमें और ज्यादा हरियाली चाहिए। हमारे पेड़ शहीद नहीं हैं और उन्हें कभी शहीद नहीं होना चाहिए था।"अभिनेत्री ने मुंबई के पर्यावरण की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने लिखा, "शहर उस जीवन प्रणाली को खो रहा है जो हमें सांस लेने देती है। अरेरी के मैंग्रोव जंगल, पहाड़, नदियां और पुराने जंगल पीढ़ियों से हमें सुरक्षित रखते आए हैं। ये पुराने पेड़-पौधे विविधता बनाए रखते हैं, जलवायु को नियंत्रित करते हैं, बाढ़ रोकते हैं और ऑक्सीजन देते हैं। इन्हें काटकर कहीं और नए पेड़ लगाने से इनकी भरपाई नहीं हो सकती।"दीया ने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम पेड़ काटते हैं, तो सिर्फ जमीन ही साफ नहीं करते बल्कि आने वाले बच्चों के जीवन को भी मिटा रहे हैं और इसे हम विकास कहते हैं। उन्होंने लिखा, "अगर विकास के नाम पर हमें उन्हीं प्राकृतिक प्रणालियों को नष्ट करना पड़ता है जो हमें जिंदा रखती हैं, तो ये विकास किसके लिए है? कुछ लोगों की सुविधा पूरे भविष्य की कीमत पर नहीं हो सकती। ऐसा विकास हर किसी के जीवन को मुश्किल बना देगा।दीया ने लिखा कि मुंबई जैसे शहर को एक ऐसे विकास की जरूरत है जो जंगलों, मैंग्रोव, पहाड़ों और नदियों की रक्षा कर सके, न कि लोगों के जीवन को खत्म कर दे। अभिनेत्री ने मुंबई नगर निगम को टैग करते हुए लिखा, "हम मुंबई के नागरिक आपके साथ मिलकर काम करेंगे और ऐसे समाधान देंगे जिससे विकास भी हो और प्रकृति की सुरक्षा भी हो सके।" दीया अभिनेत्री होने के साथ संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की सद्भावना राजदूत भी रह चुकी हैं। इसके अलावा, अभिनेत्री कई सामाजिक कार्यों के लिए भी काम कर चुकी हैं।

अंग्रेजों से लगान वसूल कर भारत पहुंचा फाइनल में:टीम इंडिया ऐतिहासिक प्रदर्शन से झूमा देश, बालीवुड सेलेब्स ने भी लुटाया प्यार
मुंबई। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए शानदार मैच ने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। भारत ने इंग्लैंड को सात रनों से हराकर टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। अब फाइनल में भारत न्यूजीलैंड से भिड़ने वाला है। टी20 विश्वकप के फाइनल में जगह बनाने और गुरुवार की जीत को लेकर देशभर में खुशी का माहौल है। बॉलीवुड सेलेब्स भी सोशल मीडिया के जरिए टीम को जीत की बधाई दे रहे हैं। बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार, यानी अक्षय कुमार, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कॉमेडी वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह डांस करते दिख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, इस तरह से आप फाइनल की ओर बढ़ते हैं... क्या शानदार जीत है, टीम इंडिया!प्रीति जिंटा ने दी टीम इंडिया को बधाईवहीं प्रीति जिंटा ने भारतीय टीम को जीत की बधाई दी। उन्होंने लिखा, ष्नीली जर्सी पहने भारतीय टीम को बधाई! क्या शानदार मैच था और भारतीय टीम का क्या ही दबदबा रहा! टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में शानदार एंट्री। अभिनेता सोनू सूद ने भी बधाई देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया और टीम इंडिया की फोटो शेयर कर लिखा, ष्मेरा भारत महान, 1.4 अरब दिल इस जीत का जश्न मना रहे हैं।सांसद और अभिनेत्री कंगना ने भी टीम की जीत पर खुशी जाहिर की है और उम्मीद जताई है कि फाइनल में भी भारत का तिरंगा लहराएगा। उन्होंने इंस्टाग्राम पर टीम की फोटो पोस्ट कर लिखा, अब फाइनल में तिरंगा लहराने की बारी।अंगद बेदी ने टीम इंडिया के लिखा प्यारा पोस्टवहीं, अंगद बेदी ने टीम के नाम बहुत प्यारा पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की तारीफ की है। उन्होंने लिखा, श्फाइनल में जाने के रास्ते साफ हो चुके हैं, और इससे पूरी भारतीय टीम का हौसला बुलंद है। जसप्रीत बुमराह की शानदार बॉलिंग और अक्षर पटेल द्वारा पकड़े गए दो कैच ने मैच का रुख बदल दिया।सुनील शेट्टी ने अक्षर पटेल को बताया टीम की ताकतवहीं, सुनील शेट्टी ने पूरी टीम को जीत की बधाई दी लेकिन अक्षर पटेल को टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा, पूरी टीम ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन अक्षर पटेल के दो शानदार कैच ने जीत के रास्ते साफ कर दिए। इसके अलावा, वरुण धवन, रवीना टंडन, शहनाज गिल, मुनमुन दत्ता और आयुष्मान खुराना ने भी फोटो पोस्ट कर पूरी टीम को बधाई दी है और सेमीफाइनल की जीत के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

बालीवुड की देसी लर्ग ने फिर बढ़ाया भारत का मान:ऑस्कर 2026 की प्रेजेंटर्स लिस्ट में शामिल हुआ प्रियंका चोपड़ा नाम, शुभकामनाओं की लगी बौछार
मुंबई। बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा जोनस हॉलीवुड में काफी समय से काम कर रही हैं। वहीं, 98वें अकादमी अवॉर्ड्स में वह पुरस्कार प्रदान करने वालीं प्रस्तुतकर्ताओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। इस बात की पुष्टि अभिनेत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए की। प्रियंका चोपड़ा ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। इसमें उनके नाम के साथ प्रस्तुतकर्ता के भी नाम शामिल हैं। अभिनेत्री ने लिखा, 2026 अकादमी अवॉर्ड्स।प्रियंका के साथ इस लिस्ट में रॉबर्ट डाउनी जूनियर, ऐनी हैथवे, विल अर्नेट, ग्वेनेथ पाल्ट्रो और पॉल मेस्कल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये सितारे समारोह में मंच पर आएंगे और विभिन्न श्रेणियों के प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगे।पोस्ट शेयर करने के बाद प्रियंका के इंडस्ट्री के दोस्तों और साथी कलाकारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कमेंट सेक्शन में प्यार और शुभकामनाओं की बौछार कर दी। कई लोगों ने हार्ट और फायर के इमोजी कमेंट किए। मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान ने कमेंट सेक्शन पर लिखा,ष्बधाई हो। आप सच में हीरो हैं।अकादमी अवॉर्ड्स फिल्म जगत में कलात्मक और तकनीकी के लिए दिए जाने वाला दुनिया का सबसे सम्मानित पुरस्कार है। इसे एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा प्रदान किया जाता है। यह लॉस एंजिल्स में स्थित एक पेशेवर मानद संगठन है, जो सिनेमाई उपलब्धियों में उत्कृष्टता को मान्यता देता है। यह सम्मान फिल्म उद्योग में उत्कृष्ट निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों को प्रतिवर्ष दिया जाता है। पहली बार 1929 में शुरू हुए ये अवॉर्ड्स मनोरंजन उद्योग के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आयोजनों में शुमार हैं।प्रियंका जल्द ही एसएस राजामौली की फिल्म वाराणसी में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। फिल्म के जरिए प्रियंका 7 साल बाद घर वापसी कर रही हैं और वे महेश बाबू के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी। साथ ही, यह एसएस राजामौली का प्रोजेक्ट है, जो कभी भी अपनी कहानी कहने के अंदाज से दर्शकों को निराश नहीं करते हैं। ये सब देखते हुए फैंस के बीच उत्साह चरम पर है।

रिलीज से पहले 600 करोड़ ‘टॉक्सिक’!:यश पैन इंडिया स्टार में सबसे आगे..
नीलम अहिरवार, एंटरटेनमेंट डेस्क: साउथ सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिकः ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' (Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups) की एडवांस बुकिंग चर्चा अब चारों ओर हो रही है फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने वाली है..लेकिन इस फिल्म के टीजर और ट्रेलर देखकर लोगों के होश उड़ा रखे हैं फिल्मी प्रेमी फिल्म रिलीज का इंतजार कर रहे हैं…पैन इंडिया फिल्म टॉक्सिक में मल्टीस्टार्स नजर आने वाले हैं…सितारों की बात करें फिल्म में लीड रोल में यश नजर आएंगे, उनके साथ लेडी लव के रूप में कियारा आडवाणी नजर आएंगी…वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरेशी, जवान फेम नयनतारा, गीतू मोहनदास, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और अक्षय ओबेरॉय सहित कई कलाकारों को अहम रोल में देखा जाएगा।फिल्म रिलीज होने में ज्यादा वक्त नहीं है ऐसे में फिल्म का प्रोमोशन शुरू हो चुका है वहीं निर्माता निर्देशकों की मानें तो टॉक्सिक ने रिलीज से पहले ही करीब 600 करोड़ का बिजनेस लिया हैरिलीज से पहले 600 करोड़ की कमाएंजी हां निर्माता डॉ. जी. धनंजयन ने अनुमान लगाया है कि यश की 'टॉक्सिक' ने प्री-रिलीज बिक्री से अब तक 600 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है। अपने सिनेमा स्ट्रैटेजिस्ट प्रोग्राम में धनंजयन ने बताया कि जिन लोगों ने इसका निर्माण किया है, उन लोगों को इसके आंकड़ों पर आश्चर्य क्यों नहीं होना चाहिए।ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि खबर है कि दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स करीब 120 करोड़ रुपये में खरीद लिए. बताया जा रहा है कि किसी भी नॉन-तेलुगु फिल्म के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी डील है.वहीं फिल्म के म्यूजिक राइट्स करीब 40 से 42 करोड़ रुपये में बिके चुके हैं…फिल्म टॉक्सिक का बजटयश की फिल्म टॉक्सिक के बजट की बात करें तो इसे तकरीबन 600-700 करोड़ में तैयार किया गया है। फिल्म के प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण और यश हैं। मूवी को केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले बनाया गया हैयश की फिल्म टॉक्सिक का रनटाइमकहा जा रहा है कि साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म टॉक्सिक का रनटाइम 3.15 घंटे है। ये एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसे गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। एडवांस बुकिंग में टॉक्सिग आगेफिल्म टॉक्सिक की यूएसए में एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है अभी तक यूएसए में टॉक्सिक ने 189 टिकट्स की एडवांस बुकिंग के जरिए 3,665 डॉलर की कमाई कर ली है वहीं माना जा रहा है कि भारत में एडवांस बुकिंग 12 मार्च से शुरू हो सकती हैयश की स्टार पावर का जलवाजिस तरह फिल्म रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ रही है उसके बाद तो कहना गलत नहीं होगा कि ये सब साउथ सुपरस्टार यश की स्टार पॉवर का ही नतीजा है जो फैन्स उन्हें हाथों हाथ ले रहे हैं…यश की पॉपुलैरिटी अब सिर्फ कन्नड़ सिनेमा तक सीमित नहीं रही है.आज वो एक पैन इंडिया स्टार बन चुके हैं और देश के हर कोने में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है.आखिर ‘केजीएफ’ जैसी फिल्मों ने यश को अलग पहचान दिलाई लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले भी उन्होंने कई ऐसी फिल्में दी हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया हैYASH को ‘KGF’ के साथ इन मूवी ने बनाया पैन इंडिया स्टार !जी हां यश की साल 2018 में रिलीज हुई ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था. सोने की खदानों की कहानी दमदार एक्शन और यश के रॉकी भाई वाले अंदाज ने लोगों को दीवाना बना दिया था.करीब 80 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 250 करोड़ रुपये का कलेक्शन था.वहीं केजीएफ: चैप्टर 2 (अमेजन प्राइम वीडियो)- इसके बाद आई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’, जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. प्रशांत नील के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म न सिर्फ यश के करियर की बल्कि भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई 100 करोड़ के बजट में बनी केजीएफ चैप्टर-2 ने दुनियाभर में 1000 करोड़ का बिजनेस कर डाला था.इतना ही नहीं यश की एक और हिट फिल्म रही ‘संथु स्ट्रेट फॉरवर्ड’. ये एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म थी जिसमें यश का स्वैग स्टाइल और डांस फैंस को काफी पसंद आया..इस फिल्म ने 40 करोड़ का बिजनेस किया था. साल 2015 में रिलीज हुई ‘मास्टरपीस’ भी यश की यादगार फिल्मों में शामिल है. ये एक पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा थी, जिसके दमदार डायलॉग्स काफी पॉपुलर हुए थे फिल्म ने कर्नाटक में कई ओपनिंग रिकॉर्ड्स अपने नाम किए.19 मार्च को यश की टॉक्सिक फिल्मी पर्दे पर दस्तक देगी…जिसके जरिए यश एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा वो ‘रामायण: पार्ट 1’ में भी नजर आएंगे जहां वो रावण का किरदार निभाते दिखेंगे.जी हां निर्माता-निर्देशक नितेश तिवारी की रामायण साल 2026 की मच अवेटेड फ़िल्मों में से एक है. हर कोई रणबीर कपूर को भगवान राम के अवतार में बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है.

ओटीटी पर रिलीज हो रही अनुपम खेर की 'तन्वी द ग्रेट':अभिनेता ने बताया क्यों खास है फिल्म
मुंबई । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर के लिए 3 मार्च का दिन बेहद खास होने वाला है क्योंकि इसी दिन अभिनेता की मच-अवेटेड फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' रिलीज के लिए तैयार है। उन्होंने खुद अपनी खुशी जाहिर करते हुए और फिल्म से जुड़े अनुभव शेयर किए हैं। अनुपम खेर की इस फिल्म ने बीते साल से लेकर अब तक कई खिताब अपने नाम किए हैं।अनुपम खेर की 'तन्वी द ग्रेट' 3 मार्च, यानी होलिका दहन के दिन, ओटीटी पर रिलीज हो रही है। फिल्म को दर्शक अमेजन प्राइम पर देख पाएंगे। अभिनेता ने भावुक वीडियो पोस्ट कर बताया कि फिल्म एक छोटे से परिवार की बड़ी हिम्मत पर बनी है। कहानी देखने में सरल लेकिन बड़े साहस को पर्दे पर दिखाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म इसलिए खास नहीं है क्योंकि उन्होंने बनाया है, बल्कि इसलिए खास है क्योंकि यह असल जीवन को दिखाती है। 'तन्वी द ग्रेट' मेरे लिए ऐसी ही एक फिल्म है। हमने इस फिल्म को विश्वास के साथ बनाया। यह विश्वास कि अलग होने का मतलब कम होना नहीं है। थिएटर से लेकर फेस्टिवल तक, सिनेमा हॉल से लेकर अजनबियों के शांत, भावुक संदेशों तक। यह सफर बेहद निजी रहा है।अभिनेता ने फैंस से फिल्म को देखने की अपील की है और फिल्म के रिव्यू को भी साझा करने के लिए कहा है। बता दें कि 'तन्वी द ग्रेट' साल 2025 में रिलीज हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर 'सैयारा' के बज के कारण फिल्म बुरी तरीके पिट गई। अभिनेता ने इस बात पर नाराजगी भी जाहिर की थी कि एक अच्छी और सच्ची कहानी को किसी ने सपोर्ट नहीं किया, जिसके बाद अनुपम खेर ने फिल्म को दोबारा रिलीज किया। री-रिलीज के बाद फिल्म को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल में स्पेशल स्क्रीनिंग भी मिली और फिल्म ने कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए। आज हर तरफ फिल्म की तारीफ हो रही है। 'तन्वी द ग्रेट' आमिर खान की फिल्म 'तारे जमीन पर' से काफी मिलती जुलती है, जिसमें बच्चे के मानसिक विकार को दिखाया गया है। 'तन्वी द ग्रेट' ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों की कहानी को दिखाती है कि कैसे वे अलग होकर भी बेहद खास हैं।

ऐसी है बॉलीवुड की होली: :‘शो मैन’ ने सिखाया रंगों से खेलना, यश चोपड़ा और बच्चन का ट्रेडिशनल रंग और ‘वक्त’ ने होली संस्कार
नीलम अहिरवार (इंटरटेनमेंट डेस्क)। कहते हैं रंगों में इतनी ताकत होती है कि वह दो दुश्मनों को भी करीब लेकर आ जाता है। फिल्मों और फेस्टिवल का नाता तो काफी पुराना है। दिलीप कुमार और राज कुमार की फिल्म 'सौदागर' हो या फिर प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार की फिल्म 'वक्त', इस रंग भरे फेस्टिवल की चमक आज भी फिल्मों में देखने को मिलती है क्योंकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में होली का त्योहार पारंपरिक उत्साह, संगीत और जीवंत रंगों के साथ मनाया जाता है. रील और रीयल लाइफ दोनों में यह प्यार, दोस्ती और मस्ती का प्रतीक है। जहां सितारे एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर जश्न मनाते हैं। फिल्मों में तो होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन तो हमने देखा ही है, लेकिन इंडस्ट्री में भी राज कपूर से लेकर अमिताभ बच्चन और समेत कई सितारे ऐसे हैं, जो अपने घरों में होली का सेलिब्रेशन बहुत ही धूमधाम से करते थे. राज कपूर की ऐतिहासिक होली बॉलीवुड के शोमैन के नाम से पहजाने जाने वाले राज कपूर की होली पार्टी की रौनक अलग होती थी। उनके आर के स्टूडियो में ढोल-नगाड़ों के साथ होली सेलिब्रेशन शुरू होता था। खुद राज कपूर साहब मेहमानों को अटैंड किया करते थे। राज कपूर की होली पार्टी पूरे बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए होती थी, क्योंकि ये होली पार्टियां सिर्फ सितारों तक ही सीमित नहीं थीं। हर डिपार्टमेंट से टेक्निशियन, प्रोडक्शन स्टाफ और क्रू इसका हिस्सा होते थे। एक दौर था, जब राज कपूर के आर के स्टूडियो में पूरा बॉलीवुड जमा होता था। खूब रंग-गुलाल उड़ता था, एक बड़ी सी पानी की टंकी हुआ करती थी, जिसमें खूब सारा रंग भरा होता था। जो मेहमान आता था उसे रंग भरी टंकी में डूबो दिया जाता था। खाने-पीने और नाच गाने का लंबा दौर चलता था। फिल्मी दुनिया की होली की जब भी बात होती है तो सबसे पहला नाम राज कपूर का ही आता है। आरके स्टूडियो में होने वाली होली के बारे में 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान अपने परदादा की इस होली पार्टी के बारे में एक्टर रणबीर कपूर ने भी बताया था। उन्होंने कहा था कि उस वक्त वो बहुत छोटे थे और काले पीले रंगों में रंगे लोगों को देख वो काफी घबरा जाते थे। रणबीर ने कहा था, “मैं बहुत छोटा था तो मेरे लिए ये बहुत डरावना माहौल होता था। हर कोई काले और कई रंगों से रंगा होता था, सबको ऐसे ट्रंक में फेंका जा रहा है।” आरके स्टूडियो में होली पार्टी का सिलसिला साल 1998 तक चलता रहा। लेकिन राज कपूर के निधन के बाद ये पार्टी बंद हो गई। कहते हैं कि करीब 32 साल से इस स्टूडियो में होली रौनक देखने को नहीं मिली। निर्माता यश चोपड़ा की यादगार होली इंडस्ट्री के निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा को होली बेहद पसंद थी। 'सिलसिला' और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ सहित कई यादगार फिल्में देने वाले यश चोपड़ा को होली खेलना बेहद पसंद था। इसका अंदाजा आप उनकी फिल्मों से भी लगा सकते हैं। यश चोपड़ा अपने ग्रैंड स्टूडियो 'यशराज' में होली पार्टी का आयोजन करते थे। उनकी होली पार्टी में अमिताभ बच्चन से लेकर रूमी जाफरी सहित बॉलीवुड सितारे तो शामिल होते ही थे। बड़े-बड़े बिजनेसमैन भी इसका हिस्सा बनते थे। हालांकि यश चोपड़ा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन बंद कर दिया। 80 के दशक में महानायक के घर पर होती थी होली पार्टी सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के घर होने वाली होली पार्टी की अलग रौनक होती थी। अपने आइकॉनिक होली गीतों पर अमिताभ डांस करते थे। सभी मेहमानों को खुद जाकर बिग बी अटेंड करते थे। जिन-जिन सेलेब्स ने उस दौर में अमिताभ बच्चन की होली पार्टी अटेंड की थी, आज भी वो लोग उस पार्टी को याद करते हैं। वक्त बदला सितारों के रंग भी बदले और होली के रंग धीरे धीरे चुनिंदा परिवारों तक सीमित रह गई। जावेद और शबाना की ‘दिलवालों की होली’ लेखक और संगीतकार जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी के घर की होली का इंतजार हर किसी को रहता है। वहीं जावेद अख्तर और शबाना आजमी हर साल पूरी मस्ती के साथ होली खेलते हैं। इस होली के वीडियो सामने आते रहते हैं। यहां कपल सफेद कपड़े पहनते हैं, सिर पर पगड़ियां बांधते हैं। यही नहीं, जहां दोनों रंग में सराबोर है, वहीं एक दूसरे के खूब रंग भी लगा रहे हैं। वहीं बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने माने सितारे इनकी होली पार्टी में शामिल होते हैं। एकता कपूर और टीवी स्टार्स की होली बॉलीवुड की फेमस निर्माता-निर्देशक और टीवी इंडस्ट्री की क्वीन एकता कपूर कीहोली पार्टी टेलीविजन और बॉलीवुड इंडस्ट्री में बहुत मशहूर हैं, जो अक्सर उनके मुंबई स्थित आवास पर आयोजित की जाती हैं। यहां टीवी इंडस्ट्री के जाने माने सितारे मौजूद रहते हैं। पार्टी में डांस डीजे के साथ रंग गुलाल का फुल ऑन इंतजाम रहता है। यहां सितारे एक दूसरे के गिले शिकवे भूलकर एक साथ एक मंच पर होली खेलते नजर आते हैं। टीवी के अधिकतर सितारे एकता कपूर की होली पार्टी में शिरकत करना नहीं भूलते हैं। उनकी होली पार्टी की फोटोज भी देखने लायक होती हैं। अंकिता लोखंडे और विक्की जैन की महंगी पार्टीटीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन शादी के बाद से ही ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते आ रहे हैं। उनकी होली पार्टी में टीवी सितारों का भी खूब मेला लगता है। बीते साल अंकिता-विक्की की होली पार्टी में 'बिग बॉस 17' स्टार्स ने भी शिरकत की थी। इनकी होली पार्टी में पूरा वीडियो शूट भी होता है जिसे अंकिता अपने ब्लॉग पर भी शेयर करती हैं। होली पार्टी की शुरूआत पूजा से होती फिर अंकिता अपने पति विक्की जैन को रंग लगाती हैं और सितारों का मेला भी शुरू हो जाता है। यहां जमकर मस्ती धमाल मचाया जाता है। अंकिता लोखंडे मुंबई के एक बड़े होटल में शानदार होली पार्टी रखती हैं। रवि दुबे और सरगुन मेहता की रंगीली होलीटीवी इंडस्ट्री के एक्टर और प्रोड्यूसर जोड़ी रवि दुबे और सरगुन मेहता भी हर साल ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते हैं। वे अपने साथ काम कर चुके सितारों के साथ तो जश्न मनाते ही हैं, साथ ही इंडस्ट्री में मौजूद खास दोस्तों को भी न्योता देना नहीं भूलते। बीते साल रवि-सरगुन ने मुंबई में दोस्तों के साथ होली मनाई थी। वहीं टीवी की फेमस एक्ट्रेस रूपाली गांगुली यूं तो 'अनुपमा' के सेट पर ही सभी कलाकारों के साथ होली मना लेती हैं। लेकिन एक्ट्रेस घर पर भी पार्टी करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। रुपाली गांगुली की होली पार्टी में परिवार के साथ-साथ खास दोस्त भी शामिल होते हैं। अंबानी परिवार की होली और बॉलीवुड का नाताअब बात उस परिवार की जिसकी हर पार्टी में शामिल होना हर किसी का सपना होता है। यहां स्टाइल और फैशन के साथ ही संस्कारों का रंग भी देखने को मिलता है। मुकेश अंबानी और नीति अंबानी की होली पार्टी लग्जिरियस होती है। यहां बॉलीवुड, टीवी, बिजनेस और क्रिकेट जगत के लोग शामिल होते हैं। इनकी पार्टी की बात की निराली होती है। आखिर इस दुनिया की सबसे महंगी होली पार्टी माना जाता है। दुनिया भर में अंबानी की पार्टीज की चर्चा कई दिनों तक होती है। इनकी पार्टी में स्टार्स फैशनेबल दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भई यही तो मौका होता वर्ल्ड लेवल पर अपने रंगत बिखेरने का। आखिर आम लोगों के साथ ही सितारों में भी इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने की उत्सुकता देखने को मिलती है। यही वो टाइम भी होता है, जब बी टाउन के सितारे एक से बढ़कर एक लैविश ड्रेस पहन हाई प्रोफाइल पार्टी अटेंड करते हैं।

लीला मजूमदार जयंती विशेष:बच्चों को 'पाताल दीदी' जैसी रचना देने वाली रचनाकार, जो कहलाईं बाल साहित्य की जादूगरनी
नई दिल्ली । बांग्ला साहित्य में ऐसे कई रचनाकार हुए, जिनके कलम का जादू आज भी कविता-कहानियों समेत अन्य विधा के रूप में अमर है। ऐसी एक बाल साहित्य की जादूगरनी कहलाईं लीला मजूमदार, उन चुनिंदा महिला साहित्यकारों में से एक, जिन्होंने बच्चों की कहानियों से लेकर वयस्क उपन्यासों तक हर उम्र के पाठकों को अपनी रचना से समृद्ध किया। लीला मजूमदार की रचनाएं बालमन की पसंद तो हैं ही, साथ ही महिलाओं के जीवन, भावनाओं और संघर्षों की सच्ची हितैषी भी साबित हुईं। लीला मजूमदार का जन्म 26 फरवरी 1908 को कोलकाता में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रमदा रंजन रे, प्रसिद्ध लेखक उपेंद्रकिशोर राय चौधरी के छोटे भाई थे। बचपन के शुरुआती साल उन्होंने शिलांग में बिताए। स्कूली शिक्षा लोरेटो कॉन्वेंट और सेंट जॉन्स डायोसेसन स्कूल से पूरी की, जहां मेधावी लीला अक्सर उच्च अंक लाती थीं।कलकत्ता विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में ऑनर्स और मास्टर्स दोनों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने शिक्षण कार्य दार्जिलिंग के महारानी गर्ल्स स्कूल में शुरू किया, फिर रवींद्रनाथ टैगोर के आग्रह पर शांतिनिकेतन में शामिल हुईं। बाद में आशुतोष कॉलेज और ऑल इंडिया रेडियो में काम किया। रेडियो पर उन्होंने ‘महिला महल’ सीरीज में ‘मोनिमाला’ नामक किरदार रचा, जो एक साधारण मध्यमवर्गीय बंगाली लड़की की जिंदगी को खूबसूरती से दिखाता है। यह किरदार लाखों महिलाओं से जुड़ गया।लीला मजूमदार के साहित्यिक सफर की शुरुआत किशोरावस्था में चाचा उपेंद्रकिशोर द्वारा शुरू की गई पत्रिका ‘संदेश’ में कहानी ‘लक्खी छेले’ से हुई। उनकी पहली बच्चों की किताब ‘बैद्यनाथर बोरी’ आई, लेकिन ‘दिन दुपुरे’ ने आलोचकों की तारीफ बटोरी और उन्हें ख्याति दिलाई। उन्होंने कुल 125 से अधिक किताबें लिखीं, जिनमें कहानी संग्रह, उपन्यास, कविताएं, संस्मरण, रसोई की किताबें, अनुवाद और संपादित ग्रंथ शामिल हैं।लीला मजूमदार की कहानियां रोजमर्रा की जिंदगी की सच्चाई को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती थीं, लेकिन उनमें गहरा जादू और संवेदनशीलता थी। उन्होंने मजबूत महिला पात्र रचे, जो घरेलू जीवन की जटिलताओं को बखूबी उजागर करते थे। बच्चों के लिए उन्होंने सपनों भरी दुनिया बनाई, जबकि वयस्क पाठकों को पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मुद्दों पर सोचने को मजबूर किया।उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘बक बध पाला’ एक हास्य-नाटक है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला। उपन्यास ‘पाडी पिशिर बोरमी बक्शो’ पर सत्यजीत रे फिल्म बनाने की योजना बना चुके थे, बाद में अरुंधति देवी ने इसे फिल्माया। उन्होंने शेक्सपियर, जोनाथन स्विफ्ट और अर्नेस्ट हेमिंग्वे जैसे लेखकों के कार्यों का बांग्ला अनुवाद भी किया।

शिवा या विक्रांत:किसे 'द 50' के विजेता के रूप में देखना चाहती हैं मोनालिसा, बताए शो से जुड़े अनुभव
मुंबई । 'द 50' शो के पैलेस से बाहर आने के बाद मोनालिसा ने सोशल मीडिया पर लगातार जलवे बिखेरना शुरू कर दिया है। अभिनेत्री लगातार सुर्खियों में बनी हैं और अब उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में रियलिटी शो से जुड़े अनुभव शेयर किए हैं और बताया कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण क्या रहा। 'द 50 शो' के अपने सफर को याद करते हुए मोनालिसा ने कहा, "जब विक्रांत और मुझे 'द 50' शो का प्रस्ताव मिला, तो हम बेहद खुश थे। यह साल का पहला रियलिटी शो था, और हम इसका हिस्सा बनने के लिए बहुत उत्साहित थे। कुल मिलाकर, यह एक शानदार अनुभव रहा। बेशक, मुझे थोड़ा दुख है कि मैं इतनी जल्दी बाहर हो गई। हालांकि, विक्रांत अभी भी घर में हैं, और इससे मुझे बहुत खुशी है।''शो को लेकर मोनालिसा ने कहा, "मैं हमेशा से ही सच्ची रही हूं। मैं बिल्कुल वैसी ही थी जैसी अपने पहले रियलिटी शो में थी। मैं खुद को बेवजह के झगड़ों या बहसों में नहीं डालती। मैं बिना वजह दखल देना पसंद नहीं करती। मेरा इरादा नए दोस्त बनाना, नई टीम बनाना और फिर उसी के अनुसार रणनीति बनाना था। शो में आने से पहले मैंने इन सब बातों के बारे में सोचा था, लेकिन चीजें उस तरह से नहीं हुईं। वहां पहले से ही दो मजबूत टीमें थीं, जिसकी वजह से वहां घुल-मिल पाना मुश्किल हो गया था। फिर भी, मैंने विक्रांत, काका और सैमी के साथ सच्ची दोस्ती बनाई, और यह एक सकारात्मक अनुभव रहा।"अभिनेत्री ने कहा, "कई कठिन क्षण थे। जब भी परिस्थितियां तनावपूर्ण हो जाती थीं, वही मेरे लिए सबसे मुश्किल होता था। मैं अक्सर निराश हो जाती थी और सोचती थी कि मैं कहां आ गई हूं। कई बार तो ऐसा लगता था जैसे यह कोई रियलिटी शो नहीं बल्कि कुश्ती का अखाड़ा हो।"बेबिका द्वारा विक्रांत के साथ हुई बातचीत पर मोनालिसा का कहना है कि हम दोनों को ही एक-दूसरे पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, "मैंने वह वीडियो देखा। विक्रांत और मैं अठारह साल से साथ हैं। हम एक-दूसरे को गहराई से समझते हैं और हमारा रिश्ता बहुत मजबूत है। जब मैंने वह वीडियो देखा, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि उसने ऐसा क्यों कहा, क्योंकि उसमें कुछ भी अनुचित नहीं था। अगर कुछ अनुचित होता भी, तो विक्रांत ने उसे समझदारी से संभाला। हम दोनों अभिनेता हैं। मैं पुरुष सह-कलाकारों के साथ काम करती हूं और वह महिला सह-कलाकारों के साथ। भरोसा हमेशा से हमारे रिश्ते की नींव रहा है।"आर्य ने निक्की की बोटॉक्स और एलएचबी सर्जरी पर कमेंट किया, इस पर मोनालिसा ने कहा, ''मेरा मानना है कि व्यक्तिगत पसंद का सम्मान किया जाना चाहिए। किसी को भी, चाहे वह पुरुष हो या महिला, उसके रूप-रंग के लिए अपमानित करना उचित नहीं है। आजकल कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है या उनकी आलोचना की जाती है, लेकिन वास्तव में, बहुत से लोग अपने रूप-रंग को निखारने के लिए प्रयास करते हैं। अच्छा दिखने में कुछ भी गलत नहीं है।''शिवा के शो जीतने के सवाल पर अभिनेत्री ने कहा, ''बिलकुल, क्यों नहीं? शिवा मेहनती है और उसने पहले भी रियलिटी शो में अच्छा प्रदर्शन किया है। उसने यहां भी अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर वह जीतता है, तो यह उसके लिए गर्व और सम्मान की जीत होगी। हालांकि, मोनालिसा शो के विजेता के रूप में अपने पति विक्रांत को देखती हैं।''शो के कॉन्सेप्ट और दर्शकों द्वारा 'द 50 शो' को चिड़ियाघर कहने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''मैं इसे चिड़ियाघर नहीं कहूंगी। हां, अव्यवस्था तो है, लेकिन यह इसके स्वरूप का हिस्सा है। शो नए कॉन्सेप्ट के साथ आया, जिसमें पचास हस्तियां, पचास प्रतिभाशाली लोग, और पचास अलग-अलग दृष्टिकोण थे। इतने सारे सशक्त व्यक्तित्वों को एक मंच पर देखना वाकई रोचक है।''मोनालिसा ने शो के प्रतिभागियों पर कहा, ''कई बार प्रतियोगियों का व्यवहार अनुचित रहा। उदाहरण के लिए, रजत कभी-कभी ऊंची आवाज में बोलता था और विक्रांत के बारे में अनुचित शब्दों का प्रयोग करता था, जो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आया। अगर किसी को कोई समस्या है, तो उसे सीधे तौर पर संबोधित करना बेहतर है। इससे उसके असली चरित्र का पता चलता है।''

खुशी में वादे न करो और दुख में फैसला न करो: एक्ट्रेस भाग्यश्री ने बताया जिंदगी को आसान बनाने का फंडा
मुंबई । अभिनेत्री भाग्यश्री अपनी शानदार अदाकारी और सकारात्मक सोच के लिए फैंस के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करवाती रहती हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए जिंदगी को खुलकर जीने की सलाह दी। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कैप्शन लिखा, "जिंदगी के आसान फंडे खुशी में वादे न करो, दुख में फैसला न करो, गुस्से में जवाब न दो और किसी के दर्द का कारण न बनो। ये जीवन को सही तरीके से जीने के लिए कुछ आसान उसूल हैं।उन्होंने लिखा, "जिंदगी के आसान सूत्र। कभी-कभी सबसे सरल चीजें भी मुश्किल हो जाती हैं, जब हम जरूरत से ज्यादा करने की कोशिश करते हैं। इससे यह सीख मिलती है कि किसी काम को तभी करें जब हमारा मन शांत और संतुलित हो।" भाग्यश्री सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो पोस्ट कर सकारात्मकता फैलाती हैं। उन्होंने अपने इस वीडियो के माध्यम से समझाया है कि जीवन में असली खुशी और मजबूती अंदर के विचारों से आती हैं, न की बाहरी दिखावे से।फैंस उनके पोस्ट को काफी पसंद कर रहे हैं। साथ ही, उनके इस मैसेज से अपनी सहमति जाहिर कर रहे हैं। भाग्यश्री ने भले ही फिल्मों में कम काम किया हो, लेकिन अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई है। पहली फिल्म मैंने प्यार किया में काम कर उन्होंने अपनी सादगी से दर्शकों का ध्यान खींचा था। वह फिल्म की रिलीज के बाद रातों रात स्टार बन गई थीं। हालांकि इससे पहले वे टीवी सीरियल 'कच्ची धूप' में नजर आ चुकी थीं।आगे चलकर उन्होंने हिमालय दसानी से शादी की थी और परिवार को प्राथमिकता देते हुए सिनेमा से ब्रेक ले लिया था। भाग्यश्री ने हमेशा अपनी शर्तों पर काम किया है। अब वह 'थलाइवी', 'राधे श्याम' और 'किसी का भाई किसी की जान' जैसी हिंदी फिल्मों में सहायक भूमिकाओं के साथ सक्रिय हैं।

विजय-रश्मिका की शादी :मेहमानों को परोसा जाएगा जापानी खाना, 'नो फोन' पॉलिसी लागू
नई दिल्ली । एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी अब बस कुछ ही दिनों दूर है। ऐसे में उनके प्रशंसक बेहद उत्साहित हैं। दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में सात फेरे लेंगे और जिंदगी भर के लिए एक-दूजे का हाथ थामेंगे। जानकारी के अनुसार, शादी के जश्न को लेकर मेकर्स ने खास इंतजाम किए हैं, जिसमें मेहमानों के लिए जापानी खाना परोसा जाएगा। रश्मिका ने हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरी में पार्टी की झलक साझा की, जिसमें खूबसूरती से सजा हुआ टेबल और जापानी मेन्यू कार्ड साफ दिख रहा है। तस्वीर में लाइटिंग में सजा टेबल नजर आया। बीच में गुलाबी लिली और हल्के हरे हाइड्रेंजिया के फूलों की सजावट है, जिसे ताजे हरे सेब और अंगूरों के साथ सजाया गया है। यह सजावट ऑर्गेनिक और लग्जरी गार्डन लुक दे रही है।मेन्यू कार्ड पर जापानी डिशेज का जिक्र है, जो शादी से पहले के इस सेलिब्रेशन को ग्लोबल और रिफाइंड टच देता है। कपल सोमवार को उदयपुर पहुंच चुके हैं। शादी के मुख्य कार्यक्रम मेमेंटोस बाय आईटीसी होटल्स, एकाया उदयपुर में होगा। शादी को पूरी तरह प्राइवेट और इंटिमेट रखा जा रहा है। सिर्फ करीबी परिवार और दोस्त ही शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इवेंट को गोपनीय रखने के लिए सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू है। मेहमानों से एनडीए (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) भी साइन करवाए जा रहे हैं ताकि कोई फोटो या वीडियो बाहर न लीक हो।विजय और रश्मिका की लव स्टोरी साल 2018 में शुरू हुई, जब दोनों ने ‘गीता गोविंदम’ में साथ काम किया। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का खूब प्यार मिला। इसके बाद दोनों ‘डियर कॉमरेड’ में फिर साथ नजर आए। इसके अलावा, वे कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सालों तक प्राइवेट रखा, लेकिन अब आखिरकार शादी का ऐलान हो चुका है। शादी के बाद रिसेप्शन भी प्लान किया गया है।

सिनेमा में दिए योगदान हमारे दिलों में रहेंगे जिंदा:खूबसूरत अदाकारा की पुण्यतिथि पर जैकी दा ने ऐसे किया नमन
मुंबई। हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अदाकाराओं में से एक मधुबाला की दीवानगी आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है। अभिनेत्री की मुस्कान, मासूमियत और आंखों की चमक के आज भी कई लोग कायल हैं। उनकी एक्टिंग में ऐसा जादू था कि दर्शक उन्हें पहली बार देखते ही उनके दीवाने बन जाते थे।दर्शकों के दिलों में खास पहचान रखने वाली अभिनेत्री मधुबाला की पुण्यतिथि सोमवार को है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर मधुबाला की तस्वीर शेयर की। इसमें उन्होंने मधुबाला को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, मधुबाला जी की पुण्यतिथि पर हम उन्हें बहुत प्यार और सम्मान के साथ याद करते हैं। उनकी यादें और सिनेमा में दिए गए योगदान हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।दिल्ली में जन्मी मधुबाला का असल में नाम मुमताज जहां बेगम देहलवी था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटी उम्र से ही कर दी थी। घर में आर्थिक समस्या के चलते उन्होंने महज 9 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। अभिनेत्री ने फिल्म बसंत से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन साल 1949 में रिलीज हुई फिल्म महल से हिंदी सिनेमा में बड़ी पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने फागुन, हावड़ा ब्रिज, काला पानी, और चलती का नाम गाड़ी जैसी कई सफल फिल्में दीं।अभिनेत्री ने अपने करियर में सभी मशहूर कलाकारों के साथ काम किया था, जिनमें दिलीप कुमार, राज कपूर, अशोक कुमार और देवानंद शामिल थे। हालांकि, साल 1960 में आई ऐतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आजम में अनारकली के किरदार को अभिनेत्री के करियर का सबसे यादगार अभिनय माना जाता है।मधुबाला ने अभिनय के साथ-साथ नाता (1955), महलों के ख्वाब (1960) और पठान (1962) जैसी फिल्मों में बतौर निर्माता भी काम किया। दिल की बीमारी के कारण महज 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को उनका निधन हो गया था और उनकी अंतिम फिल्म श्ज्वालाश् 1971 में रिलीज हुई थी।

सोशल मीडिया बैन के समर्थन में उतरे कुणाल कपूर:कहा- यह तकनीक के खिलाफ नहीं, बच्चों के हक में है
मुंबई । सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और एआई के बढ़ते चलन से बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक असर की चपेट में बच्चे जल्दी आते हैं, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और व्यक्तित्व पर पड़ता है। शनिवार को मशहूर अभिनेता कुणाल कपूर ने बच्चों के सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक लगाने का सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि यह कदम 'एंटी-टेक्नोलॉजी' नहीं बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए है। कुणाल का कहना है कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम इस तरह बनाए जाते हैं कि बच्चे घंटों स्क्रॉल करते रहें, जिससे उनकी एकाग्रता, नींद और भावनात्मक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। कुणाल कपूर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खबर शेयर की, जिसमें लिखा था कि 140 करोड़ की आबादी वाले भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने पर सरकार विचार कर रही है।अभिनेता कुणाल कपूर ने खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "इसकी हमारे देश को बहुत जरूरत है। यह एंटी-टेक नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए है। बच्चों को ऐसे एल्गोरिदम से बचाना होगा, जो लत लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। यह हमें अपने घरेलू प्लेटफॉर्म बनाने का मौका भी देता है, जो सिर्फ एंगेजमेंट पर नहीं, बल्कि ग्रोथ पर फोकस करते हैं।"केंद्र सरकार इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 में बदलाव करके 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को रोकने पर विचार कर रही है। जब से ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह से बैन करने की घोषणा की है, उसकी कई बड़ी हस्तियों ने तारीफ की। इनमें, सोनाक्षी सिन्हा, सोनू सूद और शिल्पा शेट्टी समेत कई सेलेब्स शामिल थे।

बैंड बाजा और बेटियां के वीडियो ने छुआ स्मृति ईरानी का दिल:बेटियों पर लागू होने वाले शब्दों को जड़ से मिटाने की अपील
मुंबई । हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बन रही हैं, जो समाज की सोच और दिशा बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐसी ही फिल्म है बैंड बाजा बेटियां। गजराज राव की फिल्म के एक छोटे से वीडियो ने सोशल मीडिया पर सबकी आंखें खोल दी हैं। बैंड बाजा और बेटियां के वीडियो ने स्मृति ईरानी का दिल भी छू लिया है और अब वे ऐसे समाज के निर्माण की बात कर रही हैं, जहां बेटों को सही पालन-पोषण दिया जाए और हर महिला को साधारण महिला की तरह समझा जाए।हर मुद्दे पर मुखर राय रखने वाली स्मृति ईरानी बैंड बाजा और बेटियां के वीडियो से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने समाज में सिर्फ बेटियों पर लागू होने वाले उन वाक्यों को जड़ से मिटाने की बात की है, जो सुनने में साधारण लेकिन असहनीय पीड़ा देते हैं। स्मृति का कहना है कि बेटियों को ष्समझौताष् करने, असहनीय पीड़ा को सहन करने और अपनी गरिमा की कीमत पर दिखावा बनाए रखने के लिए कहा जाता रहा है। हमने ष्थोड़ा बहुत चलता हैष् जैसे वाक्यों को सामान्य मान लिया है, लेकिन अब बेटियों को भी सुरक्षित घर और गरिमा की जरूरत है, जो सिर्फ परिवार ही उन्हें दे सकता है।दरअसल टीवी जगत की तुलसी ने बैंड बाजा और बेटियों का वीडियो पोस्ट कर समाज को बदलने की धारणा पेश की है। उन्होंने पोस्ट में साफ किया है कि हिंसा संस्कृति नहीं है, परंपरा नहीं है और यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लड़कियों के परिवारों से भी अपील की है कि वे बेटियों को गरिमा या रिश्तों के बोझ के तले न दबाएं बल्कि उनके लिए गरिमा और सम्मान से भरा घर बनाएं, जहां वापसी के बाद उन्हें हार का नहीं, बल्कि गौरव का अहसास हो।बैंड बाजा बेटियां का वीडियो और संदेश दोनों ही सोशल मीडिया पर खूब पसंद किए जा रहे हैं। गजराज राव की फिल्म खूब तारीफ बटोर रही है। फिल्म कब रिलीज होगी, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। फिल्म में कुछ नए कलाकार भी दिखने वाले हैं।

'नैना' की कहानी मेरी भी कहानी है:संदीपा धर ने फिल्म की रिलीज पर बयां किया अपना दर्द
मुंबई । रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'दो दीवाने सहर में' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी के अलावा अभिनेत्री संदीपा धर ने दमदार किरदार निभाया है। अभिनेत्री ने रिलीज के दिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने दिल की बात बयां की।अभिनेत्री संदीपा धर ने इंस्टाग्राम पर कुछ बीटीएस तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें वे नैना के किरदार में नजर आ रही हैं। साथ ही, उनके साथ मृणाल, सिद्धांत और फिल्म के अन्य कलाकार भी नजर आ रहे हैं। संदीपा ने लिखा, "नैना अब आपकी है। मैं करीब एक साल से इस किरदार के साथ जुड़ी हुई हूं। इसने मुझे उन बातों पर सोचने को मजबूर कर दिया, जिनसे मैं भागना चाहती थी।उन्होंने लिखा कि अक्सर हम लोग किसी को पसंद आने के लिए अपने आपको बदलने लगते हैं और फिर भी लगता है कि हम अच्छे नहीं हैं। आईने में देखकर सिर्फ अपनी कमियां ही क्यों दिखती हैं? उन्होंने लिखा, "नैना की कहानी मेरी कहानी है। शायद आपकी भी। मेरे पास हर सवाल का जवाब नहीं है। मैं भी सीख रही हूं, लेकिन इतना जरूर जानती हूं कि हमें बार-बार उन लोगों को अपनी वैल्यू साबित करने की जरूरत नहीं, हमें कभी समझ ही नहीं पाएंगे। हमें अपनी किस्मत खुद समझनी चाहिए।"अभिनेत्री ने पोस्ट के अंत में लिखा, "अगर कभी आपको लगे कि आप काफी नहीं हैं, तो ये कहानी आपके लिए है। अगर आपने कभी किसी के लिए खुद को खो दिया, तो ये कहानी आपके लिए है। आइए, हम सब मिलकर खुद को फिर से ढूंढें। 'दो दीवाने सहर में' अब सिनेमाघरों में उपलब्ध है।"फिल्म 'दो दीवाने सहर में' प्यार, रिश्तों और खुद को समझने की खूबसूरत कहानी है, जिसमें परफेक्ट होने को महत्व न देकर खुद को खुलकर जीने पर जोर दिया गया है। फिल्म में सिद्धांत ने एक ऐसे लड़के का किरदार निभाया है, जो श को भी स बोलता है, जिस वजह से उसे हर कोई आंकता है, हालांकि फिल्म का नाम भी इस वजह से 'दो दीवाने सहर में' रखा गया है।फिल्म का निर्देशन रवि उद्यावर ने किया है। वहीं, संजय लीला भंसाली के साथ प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार मिलकर इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। मृणाल और सिद्धांत के अलावा, फिल्म में इला अरुण, जॉय सेनगुप्ता, आयेशा रजा, संदीपा धर समेत कई कलाकार नजर आएंगे।

रणवीर सिंह धमकी केस में बड़ा अपडेट: लाॅरेंस ने मांगी थी 10 करोड़ की फिरौती, अमेरिकी नंबर से भेजा था वाॅय नोट
मुंबई। अभिनेता रणवीर सिंह को हाल ही में लाॅरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी और रंगदारी के मामले में पुलिस अलर्ट मोड पर है। जांच में आए दिन नई-नई जानकारी प्राप्त हो रही है। लेटेस्ट अपडेट है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर (हरी चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर) ने व्हाट्सएप पर वॉयस नोट भेजकर रणवीर सिंह से 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। यह धमकी रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना के ठीक बाद भेजी गई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि वॉयस नोट में हैरी बॉक्सर की आवाज है। यह मैसेज अमेरिकी नंबर से भेजा गया था, जिसके लिए पुलिस अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क कर रही है।धमकी के बाद रणवीर की बढ़ाई गई सुरक्षाजांच में पता चला कि वॉयस नोट वीपीएन का इस्तेमाल करके विदेश से भेजा गया था। धमकी के बाद रणवीर सिंह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। क्राइम ब्रांच रणवीर सिंह के मैनेजर का भी बयान दर्ज कर चुकी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई एआईआर नहीं की है, लेकिन प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। मामले को लेकर अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं।पहले भी कई बाॅलीवुड हस्तियों को धमका चुका है बिश्नोई गैंगरणवीर सिंह ने मैसेज मिलते ही तुरंत मुंबई पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए उनके आवास पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए। उनकी सुरक्षा को और मजबूत कर दिया गया था। यह घटना रोहित शेट्टी के जूहू स्थित घर पर हुई फायरिंग से जुड़ी हुई मानी जा रही है, जहां कुछ दिन पहले गोलीबारी हुई थी। बिश्नोई गैंग ने पहले भी कई बॉलीवुड हस्तियों को धमकियां भेजी हैं। हैरी बॉक्सर, जो बॉक्सर से गैंगस्टर बना, गैंग का सदस्य है और विदेश में छिपा हुआ माना जाता है।


