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मेरी शादी हो चुकी है और मेरी दुल्हन...:मैरिज के सवाल पर खिलखिलाकर हंसे हर्षवर्धन राणे, बताया ये सच
मुंबई । अभिनेता हर्षवर्धन राणे बॉलीवुड में अपने इंटेंस और रोमांटिक किरदारों के लिए जाने जाते हैं। चाहे वह 'सनम तेरी कसम' में इंदर का किरदार हो या 'एक दीवाने की दीवानीयत' में 'विक्रमादित्य' का रोल वह दिल छू लेने वाली लव स्टोरी में शानदार एक्टिंग से छा जाते हैं। पर्दे पर उनका किरदार भावुक और गहरा होता है। दर्शक हर्षवर्धन को प्यार में डूबे हुए, संजीदा और रोमांटिक हीरो के रूप में देखते हैं। लेकिन असल जिंदगी में हर्षवर्धन शादी को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका जवाब उन्होंने मजेदार अंदाज में दिया। बातचीत के दौरान जब उनसे शादी के बारे में सवाल किया गया, तो हर्षवर्धन ने बड़े प्यार से और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने खिलखिलाकर हंसते हुए कहा, "शादी तो मेरी हो चुकी है... मेरे काम से! और मेरी दुल्हन हैं मेरी फिल्में।"हर्षवर्धन ने आगे बताया कि उनका पूरा फोकस अभी करियर पर है। फिल्में उनके लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा प्यार हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वह किसी किरदार में डूबते हैं, तो वही उनकी सबसे करीबी साथी बन जाती है। रोमांटिक किरदार निभाने के कारण लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि असल जिंदगी में उनकी लव लाइफ कैसी है या शादी कब कर रहे हैं, लेकिन हर्षवर्धन का जवाब हमेशा यही रहता है कि उनका दिल और दिमाग अभी पूरी तरह से सिनेमा के साथ बंधा हुआ है।बता दें, हर्षवर्धन राणे ने 16 साल की उम्र में एक्टिंग का सपना देखते हुए घर छोड़ दिया था। कोई बड़ा सपोर्ट या गॉडफादर नहीं था, वे पूरी तरह आउटसाइडर थे। शुरुआत में मुश्किलें बहुत आईं, लेकिन उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत कभी कम नहीं हुई। सपनों के पीछे भागते हुए उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज वह बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ इंडस्ट्री को भी कई हिट फिल्में दे चुके हैं। उनका मानना है कि सपनों या लक्ष्य के ऊपर चुनौतियों को हावी नहीं होने देना चाहिए।साल 2025 में 'सनम तेरी कसम' और 'एक दीवाने की दीवानीयत' की बंपर सफलता से उत्साहित हर्षवर्धन राणे फिलहाल अपनी अपकमिंग फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं और इस साल भी दर्शकों को अपनी तीन फिल्में देने वाले हैं।

रोज डे:किसी को यूं नहीं दिया जाता गुलाब...जान लिजिए रोज डे इतिहास
नीलम अहिरवारवैलेंटाइन डे के पहले दिन यानी रोज डे के दिन लोग एक दूसरे को फूल देते हैं और अपनी फिलिंग्स बताते हैं। ये बताने के लिए कि आप उसके लिए कितने खास है३फिर चाहे वो आपकी फैमिली मेबर्स हों पत्नी हो, बच्चे, माता पिता या फिर कोई खास समवन स्पेशल३लेकिन रोड डे का इतिहास क्या किस कब और क्यों गुलाब का फूल किया जाता है चलिए जानते हैंगुलाब और मोहब्बत का अटूट रिश्ता है, जहां लाल गुलाब प्रेम, जुनून और गहरे भावनात्मक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। प्रेमी जोड़े अक्सर वेलेंटाइन वीक के दौरान, विशेषकर रोज डे पर, अपने दिल की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक-दूसरे को गुलाब का फूल देते हैं। यह फूल आकर्षण और सुंदरता का पर्याय है, जो प्रेम की शुरुआत के लिए बहुत लोकप्रिय है। वो इसलिए क्योंकि वो अपने खास महक और रंगों के कारण गुलाब एशिया में भी खास माना जाता रहा है वैसे रोज डे का इतिहास यूरोप से जुड़ा हुआ है, जहां गुलाब सदियों से प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए दिया जाता रहा है। प्रेम के प्रतीक के रूप में वैलेंटाइन डे की शुरुआत तो 14वीं सदी में हुई थी, जिसे संत वैलेंटाइन से जोड़ते हैं और रोज डे का इतिहास रोमन पौराणिक कथाओं की देवी वीनस से आता है। इसकी एक कहानी और भी है, ऐसा माना जाता है कि रोज डे का इतिहास मुगल काल से भी जुड़ता है। कहते हैं कि बेगम नूरजहां को लाल गुलाब बहुत पसंद थे और जहांगीर अपनी बीवी को खुश करने के लिए हर दिन कई टन गुलाब भिजवाते थे। यह भी कहानी है कि महारानी विक्टोरिया के जमाने में भी गुलाब देकर लोग अपने इमोशन एक्सप्रेस करते थे और प्यार का इजहार लाल गुलाब देकर करते थे।माना जाता है कि विक्टोरियन लोग गुलाब देकर एक-दूसरे के प्रति अपना प्यार, सम्मान और लगाव दिखाने वाले पहले इंसान रहे हैं. हालांकि ऐसा कोई सबूत नहीं है ये तो रही इतिहास की बात लेकिन किसी को भी किसी रंग का गुलाब नहीं दिया जा सकता है। इनके रंगों का भी बड़ा महत्व होता है...गुलाब के अलग-अलग रंग अलग-अलग भावनाओं का प्रतीक होते हैं, जैसे लाल गुलाब प्रेम का प्रतीक होता है, गुलाबी प्रशंसा का, पीला दोस्ती का और सफेद शांति का संकेत देता है.. ऑरेंज रोज इस बात को जाहिर करता है कि आप दोनों एक-दूसरे को लेकर पैशनेट हैं। दोनों अट्रैक्शन महसूस करते हैं और एक-दूसरे की जिंदगी में शामिल होना चाहते हैं। नारंगी कलर के गुलाब रिश्ते को पहला सीरियस मोड़ देने के लिए सही चुनाव है। वहीं नीले रंग के गुलाब बहुत रेयर होते हैं, यही वजह है कि इन्हें किसी को देना यह दिखाता है कि वह शख्स आपके लिए कितना खास है। यह इस फीलिंग को जाहिर करता है कि आपके जिंदगी में यूं तो कई लोग हैं लेकिन स्पेशल वन होने के नाते गर्लफ्रेंड या वाइफ की जगह बेहद खास है।

मनोज वाजपेयी की फिल्म के टाइटल के विरोध में उठे स्वर:बसपा सुप्रीमों ने भी सुनाई खरी-खरी, प्रतिबंध लगाने भी की मांग
नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडित के टाइटल को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम को जातिसूचक और एक विशेष समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इसके विरोध में आवाजें तेजी से उठ रही हैं। फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए फिल्म के टाइटल की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बीएसपी की यह मांग।फिल्म को लेकर सोशल मीडिया में बहस तेजफिल्म के विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। यूजर्स इसे धार्मिक और जातिगत भावनाओं पर हमला करार दे रहे हैं। नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की ओर से फिलहाल इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामलाइससे पहले, अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि टाइटल घूसखोर पंडित ब्राह्मण समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और जानबूझकर अपमानजनक बनाया गया है। याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने बताया कि नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म का प्रचार शुरू कर दिया है। श्पंडितश् शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जो ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाला है।उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की रिलीज से ब्राह्मण समुदाय की छवि को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचेगा और सामाजिक सद्भाव बिगड़ेगा। ऐसे में डर है कि यह शो सामूहिक मानहानि, हेट स्पीच और सांप्रदायिक तनाव पैदा करेगा, इसलिए उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप और अंतरिम रोक की मांग की है।

'सपनों के आगे स्ट्रगल फीका'... :हर्षवर्धन राणे ने बताया क्यों नहीं बनते पॉडकास्ट का हिस्सा
मुंबई । सपनों का पीछा करते हुए एक्टर हर्षवर्धन राणे 16 साल की उम्र में घर से निकल गए थे। एक्टिंग करियर का सपना देखना जितना आसान था उसमें सफलता पाना उतना ही मुश्किल। हालांकि, उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति निश्चय इतना मजबूत रहा है कि कभी भी चुनौतियां उनके सामने बड़ी नहीं लगीं। दर्शकों को 'सनम तेरी कसम', 'एक दीवाने की दीवानियत' जैसी सफल फिल्में देने वाले अभिनेता हर्षवर्धन राणे 16 साल की उम्र में एक्टिंग के सपने लेकर घर से निकल पड़े थे। कोई गॉडफादर नहीं था, पूरी तरह आउटसाइडर थे, लेकिन आज वह फिल्म इंडस्ट्री में खास मुकाम पर हैं। बॉलीवुड के साथ ही उन्होंने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है।उन्होंने बताया कि उनका फोकस हमेशा अपने गोल, अपनी इच्छाओं और बेहतर काम करने पर रहा है। वह प्रोड्यूसर को फायदा पहुंचाने और ऑडियंस की उम्मीदें पूरी करने की सोचते हैं। इसी वजह से चुनौतियां उनके रास्ते में कभी हावी नहीं हो पाईं। हर्षवर्धन ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बताया, "मेरा निश्चय इतना दृढ़ रहा है कि कठिनाइयां कभी मेरे लिए बड़ी हो ही नहीं पाईं। मेरा डिटरमिनेशन फैक्टर मेरे स्ट्रगल से बहुत बड़ा है। कठिनाइयों का साइज मेरे सामने कभी बड़ा नहीं लगा।"एक्टर ने यह भी बताया कि वह पॉडकास्ट या ऐसे इंटरव्यू में शायद ही बैठते हैं जहां लोग घंटों अपनी मुश्किलों, किसी ने क्या गलत कहा या उनके साथ क्या गलत हुआ, इस पर बात करते हैं। हर्षवर्धन ने कहा, "मेरे पास वो मटेरियल ही नहीं है। मैं डेढ़-दो घंटे तक कठिनाइयों के बारे में बात नहीं कर सकता। मेरे लिए वो कभी मैटर किया ही नहीं। मेरा लक्ष्य और इच्छाएं इतनी बड़ी हैं कि फोकस कभी स्ट्रगल पर नहीं गया।"उन्होंने कहा, " मैंने कभी अपने सपनों पर चुनौतियों को हावी नहीं होने दिया। यही वजह है कि मैं बेहतर तरीके से काम कर पाता हूं। मेरा पूरा ध्यान काम की क्वालिटी, प्रोड्यूसर के फायदे और दर्शकों की खुशी पर रहता है।"

रिलीज से पहले विवादों में फंसी शाहिद की ‘ओ रोमियो':हुसैन उस्तारा शेख की बेटी ने कोर्ट में दायर की याचिका
मुंबई । मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' की कॉन्ट्रोवर्सी के बाद 13 फरवरी को रिलीज होने वाली शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो' पर खतरे की तलवार लटक रही है। फिल्म को लेकर हुसैन उस्तारा की बेटी ने जताई है और कोर्ट में याचिका दायर करते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है। मामले पर सुनवाई भी आज ही होगी।फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर हुसैन ‘उस्तारा’ शेख की बेटी ने फिल्म की रिलीज रोकने के लिए पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कोर्ट का रुख करते हुए फिल्म की रोक लगाने की याचिका भी दायर की है। हुसैन ‘उस्तारा’ शेख की बेटी सनोबर शेख का कहना है कि ट्रेलर में उनके पिता की छवि को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है। ट्रेलर में उन्हें सनकी और गैंगस्टर के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म के रिलीज से उन्हें और उनके बच्चों को “अपूरणीय क्षति” पहुंचेगी।उन्होंने आगे कहा कि पिता ने पूरे भारत में, विशेष रूप से मुंबई में, अपराधों को रोकने में योगदान दिया और अपराधियों से निपटने में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की मदद की, लेकिन फिल्म में उन्हें गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। सनोबर शेख ने कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में दावा किया है कि फिल्म उनके पिता की जीवनी पर बनी है और उनके पिता के जीवन को गैंगस्टर जैसा दिखाने की कोशिश की है।सनोबर शेख ने फिल्म के निर्देशक विशाल भारद्वाज और पत्रकार-लेखक हुसैन जैदी के खिलाफ कोर्ट याचिका और पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि फिल्म पत्रकार-लेखक हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वींस ऑफ मुंबई' पर आधारित है और काफी हद तक अभिनेता शाहिद कपूर का किरदार हुसैनन 'उस्तारा' शेख से प्रेरित है। हालांकि विशाल भारद्वाज और हुसैन जैदी पहले ही साफ कर चुके हैं कि फिल्म हुसैन 'उस्तारा' शेख की जीवनी से प्रेरित नहीं है, बल्कि एक कलात्मक कहानी है, जिसका कुछ हिस्सा उनकी कहानी से प्रेरित है लेकिन किरदार काल्पनिक हैं।हालिया इंटरव्यू में हुसैन जैदी ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म सौ प्रतिशत हुसैन 'उस्तारा' शेख की जीवनी पर आधारित नहीं है, लेकिन आंशिक तौर पर प्रेरित फिल्म है, जिसमें विशाल भारद्वाज ने अपनी कलात्मकता से कहानी के रूप में पिरोया है।

ब्राह्मण समाज के आक्रोश का असर:मनोज वाजपेयी की फिल्म पर चला दिल्ली हाई कोर्ट का चाबुक, नेटफ्लिक्स से हटेंगे घूसखोर पंडत के सभी कंटेंट
मुंबई। नेटफ्लिक्स पर टीजर रिलीज के साथ विवादों में घिरी अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म “घूसखोर पंडत” सुर्खियों में है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज में रोष का माहौल है और देश के कई राज्यों से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। अब मामले में नया अपडेट आया है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता विनीत जिंदल की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म के नाम और उससे जुड़ी सभी प्रचार-सामग्री को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की घोषणा की है। इसके अलावा, फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने मामले पर अपना पक्ष भी रखा है।ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा रही फिल्मअधिवक्ता विनीत जिंदल द्वारा याचिका में दावा किया गया है कि टाइटल ‘घूसखोर पंडित’ ब्राह्मण समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और जानबूझकर अपमानजनक बनाया गया है। अब फैसले के बाद फिल्म से जुड़ी सारी प्रचार सामग्री को हटाने का निर्देश दे दिया गया है।निदेशक ने फिल्म को लेकर दी सफाई“घूसखोर पंडत” के निर्देशक नीरज पांडे ने फिल्म को लेकर बढ़ते विवाद पर सफाई दी है और उनका कहना है कि फिल्म का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, और श्पंडितश् शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक पात्र के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है। कहानी एक व्यक्ति के कार्यों और विकल्पों पर केंद्रित है और किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी या प्रतिनिधित्व नहीं करती है।फिल्म का उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना उन्होंने आगे लिखा, एक फिल्म निर्माता के रूप में, मैं अपने काम को गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ करता हूं। यह फिल्म, मेरी पिछली फिल्मों की तरह, पूरी ईमानदारी से बनाई गई है और इसका एकमात्र उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना है। हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, और हम उन भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का निर्णय लिया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए जिसे हम बताना चाहते हैं, न कि आंशिक झलक के आधार पर। मैं जल्द ही दर्शकों के साथ फिल्म साझा करने के लिए उत्सुक हूं। कुल मिलाकर अब फिल्म विवादों के बीच सीधा नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। हालांकि फिल्म किस दिन रिलीज होगी, उसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

'दो भाषाओं में एक साथ शूट करना आसान नहीं':सई मांजरेकर ने साझा किया 'द इंडिया हाउस' का अनुभव
मुंबई। भारतीय सिनेमा की पैन-इंडिया फिल्मों में काम करना जितना रोमांचक होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। इस कड़ी में अभिनेत्री सई मांजरेकर इन दिनों अपनी आने वाली पैन-इंडिया पीरियड ड्रामा फिल्म 'द इंडिया हाउस' को लेकर काफी बिजी हैं। यह फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में एक साथ शूट की जा रही है। सई का कहना है कि इस तरह की फिल्म में काम करने के लिए कलाकार को हर समय भावनात्मक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहना पड़ता है। सई मांजरेकर ने कहा, "'द इंडिया हाउस' मेरे लिए अब तक का अलग अनुभव रहा है। जब एक ही सीन को दो भाषाओं में शूट किया जाता है, तो कलाकार को भाषा की लय, भाव और भावनात्मक गहराई को बारीकी के साथ समझना पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि एक ही सीन पहले एक भाषा में और तुरंत बाद दूसरी भाषा में करना होता है, जिससे कलाकार को हर पल सतर्क रहना पड़ता है।"उन्होंने कहा, ''इस तरह की फिल्मों में अभिनय का तरीका भी थोड़ा बदल जाता है। यहां सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि भावनाओं से कहानी को आगे बढ़ाना होता है। हर भाषा की अपनी एक संवेदना होती है और उसी के अनुसार किरदार की भावनाएं भी बदलती हैं। ऐसे में कलाकार को अपने अभिनय को बार-बार ढालना पड़ता है, ताकि किरदार हर भाषा में उतना ही सच्चा लगे।''सई ने कहा, ''मेरी पिछली फिल्म 'मेजर' की शूटिंग का अनुभव इस फिल्म में काफी काम आया। उस फिल्म से मुझे यह समझने में मदद मिली कि द्विभाषी फिल्मों की शूटिंग कैसे होती है और कलाकार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि हर प्रोजेक्ट की अपनी अलग पहचान और चुनौतियां होती हैं। 'द इंडिया हाउस' की कहानी और उसका ऐतिहासिक संदर्भ इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाता है।'''द इंडिया हाउस' फिल्म में सई मांजरेकर 'सती' नाम की महिला का किरदार निभा रही है। इस पर सई ने कहा, ''सती का किरदार निभाने के लिए मुझे उस समय के माहौल, सोच और भावनाओं को गहराई से समझना पड़ा। सती बाहर से शांत दिखाई देती है, लेकिन उसके भीतर साहस, दर्द और संघर्ष छिपा है। इन भावनाओं को बिना ज्यादा शब्दों के दर्शकों तक पहुंचाना मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी हैं।''पैन-इंडिया फिल्मों की खास बात बताते हुए सई ने कहा, ''ऐसे प्रोजेक्ट्स में काम करने का सबसे अच्छा पहलू टीमवर्क होता है। सेट पर अलग-अलग राज्यों और भाषाओं से आए कलाकार और तकनीशियन एक साथ काम करते हैं। सबका लक्ष्य कहानी को ईमानदारी से पर्दे पर उतारना होता है। यह सामूहिक भावना कलाकार को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।''सई ने अपने सह-कलाकार निखिल सिद्धार्थ, निर्देशक वामसी और पूरी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ''सेट पर काम करने का माहौल बेहद सकारात्मक और कहानी पर केंद्रित रहता है। जब निर्देशक और पूरी टीम कहानी को लेकर गंभीर होती है, तो कलाकार भी अपने किरदार में और गहराई से उतर पाता है।''

50 की उम्र में लीसा रे ने बदली 'बीच बॉडी' की परिभाषा, :बोलीं- 'अब मंजूरी नहीं, आजादी जरूरी'
मुंबई । फिल्म और फैशन की दुनिया में फिटनेस और लुक्स काफी मायने रखते हैं। ऐसे में एक्ट्रेसेस के लिए उम्र बढ़ने के साथ यह दबाव और भी बढ़ता जाता है, लेकिन कुछ अभिनेत्रियां ऐसी हैं, जिन्होंने इन दबावों को नहीं माना और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं। अभिनेत्री लीसा रे उन्हीं में से एक हैं। 50 साल की उम्र में उन्होंने 'बीच बॉडी' की सोच को नए मायने दिए हैं और इसे आत्मस्वीकृति, आजादी और आत्मसम्मान से जोड़कर देखा है। लीसा रे ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर बीच से अपनी कुछ तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ''एक समय था जब बीच पर खूबसूरत दिखने का मतलब एक तय इमेज से जोड़ा जाता था, रेड स्विमसूट, रेड लिपस्टिक और हर हाल में परफेक्ट दिखने का दबाव। साल 1991 के ग्लैडरैग्स कवर ने मेरी यही छवि लोगों के मन में बसा दी थी और इसी छवि के सहारे मैंने अपना करियर भी बनाया। लेकिन, आज मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने आज रखती है।''उन्होंने आगे लिखा, ''शरीर समय के साथ बदला है, जिंदगी में उतार-चढ़ाव आए हैं, बीमारियों से लड़ी हूं और खुद को फिर से खड़ा किया है। अब दूसरों की मंजूरी से ज्यादा सुकून अपने आप को स्वीकार करने में मिलता है। उन असंभव सुंदरता मानकों से बाहर निकलना ही मुझे असली राहत है। ये मानक महिलाओं के लिए बनाए ही ऐसे गए थे कि उन्हें पूरा करना मुश्किल लगता है।'' लीसा रे ने हॉलीवुड अभिनेत्री पामेला एंडरसन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "पामेला कभी रेड स्विमसूट में दिखाई देने वाली सबसे बड़ी फैंटेसी मानी जाती थीं। लेकिन आज वह खुद उस छवि को तोड़ चुकी हैं और अपनी पहचान खुद गढ़ रही हैं।"लीसा ने कहा, ''मुझे ग्लैमर या मेकअप से कोई परेशानी नहीं है। शूट, रील्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सजना-संवरना मजेदार लगता है। बीच मेरे लिए वह जगह है, जहां मैं पूरी तरह नेचुरल रहना चाहती हूं।'' उन्होंने कहा, ''1990 के दशक में सनस्क्रीन का ज्यादा चलन नहीं था। मैं कई बार धूप में बुरी तरह झुलसी हूं। आज उसकी छाप मेरी त्वचा पर दिखती है। लेकिन यह मेरी कमजोरी नहीं है। यह सब उनकी जिंदगी का हिस्सा है और मैं इसके साथ पूरी तरह सहज हूं।''

जैकी श्रॉफ:अभिनेता ने याद किए संगीत और सिनेमा के तीन दिग्गज, फैंस को यादों में डुबोया
मुंबई । सिनेमा जगत में बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ का अंदाज बाकी सितारों से काफी अलग है। जहां कई कलाकार अपने निजी जीवन या फिल्मों के प्रचार तक सीमित रहते हैं, वहीं जैकी श्रॉफ अक्सर भारतीय संगीत, पुराने कलाकारों और यादगार चेहरों को याद करते हुए दिखते हैं। बुधवार को उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शास्त्रीय संगीत, सिनेमा की खूबसूरत यादें और दिग्गज कलाकारों के प्रति सम्मान दिखाया। जैकी श्रॉफ ने सबसे पहले हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान गायक पंडित भीमसेन जोशी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पंडित भीमसेन जोशी की भावपूर्ण तस्वीरें साझा कीं और बैकग्राउंड में उनका प्रसिद्ध भजन 'माझें माहेर पंढरी' लगाया।इसके बाद, जैकी श्रॉफ ने मशहूर अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर के जन्मदिन के अवसर पर एक खूबसूरत वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उर्मिला की अलग-अलग तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें उनकी मुस्कान और मासूमियत की झलक साफ दिखाई दी। इस वीडियो के साथ उन्होंने फिल्म 'रंगीला' का मशहूर गीत 'तनहा तनहा यहां पे जीना' लगाया, जो उर्मिला के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक रही है।यहीं नहीं, जैकी श्रॉफ ने अपनी इंस्टा स्टोरी के जरिए दिग्गज डांसर और अभिनेता भगवान दादा की 24वीं पुण्यतिथि पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगवान दादा की एक छोटी सी क्लिप साझा की, जिसमें उनका सुपरहिट गीत 'शोला जो भड़के' सुनाई दे रहा था। इन तीनों पोस्ट में जैकी श्रॉफ ने भारतीय कला, संगीत और सिनेमा की विरासत को सम्मान दिया। हाल ही में जैकी श्रॉफ ने अपना 69वां बर्थडे सेलिब्रेट किया। उनके जन्मदिन पर उन्हें उनकी बेटी कृष्णा श्रॉफ से लेकर निर्देशक सुभाष घई, सुनील शेट्टी के अलावा कई अभिनेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी।जैकी श्रॉफ की बेटी कृष्णा श्रॉफ ने उनकी एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर की और लिखा, 'हैप्पी बर्थडे, मेरे रक्षक। पापा, मैं आपको पूरे दिल से प्यार करती हूं और हमेशा करती रहूंगी।' सुनील शेट्टी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने साथ जैकी श्रॉफ की एक खास तस्वीर शेयर की और लिखा, "मेरे हीरो को जन्मदिन की शुभकामनाएं… मेरे दादा, आपका दिल आपकी लेजेंडरी पर्सनैलिटी से भी बड़ा है और आपकी गर्मजोशी आपके स्वैग से भी ज्यादा दुर्लभ है। आपके प्यार और पागलपन के लिए और आपके लिए आभारी हूं। लव यू दादा।"सुभाष घई ने जैकी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "हैप्पी बर्थडे, मेरे प्रिय जैकी..." इसके साथ ही सुभाष ने जैकी के लिए एक खास कविता भी लिखी है, जिसकी शुरुआत है, "गौरव वो नहीं जिसका बाप बड़ा होता है, गौरव वो है जो खुद के पांव पर खड़ा होता है..." आखिर में सुभाष ने लिखा, "प्यार और आशीर्वाद के साथ।"

चेक बाउंस का मामला:बालीवुड अभिनेता के खिलाफ हाईकोर्ट का सख्त रुख, कल तक जेल अधीक्षक सामने करना होगा आत्मसमर्पण
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अभिनेता के व्यवहार को निंदनीय करार देते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान न करना न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। यह मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल यादव की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए रकम दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चेक बाउंस जैसे मामलों में भुगतान को लेकर अदालत को दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन करना गंभीर विषय है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजपाल यादव को कई अवसर दिए गए, लेकिन हर बार उन्होंने कोर्ट का भरोसा तोड़ा।दरअसल, पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म श्अता-पता लापताश् बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म आर्थिक रूप से सफल नहीं हो पाई। इसके बाद कर्ज की रकम लौटाने में लगातार देरी होती गई। शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि रकम चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद राजपाल यादव और उनसे जुड़ी कंपनी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया गया। मामले की सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को कई बार नोटिस भेजे, लेकिन वे लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके बाद साल 2013 में उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वे 3 से 6 दिसंबर 2013 तक चार दिन जेल में रहे। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी।इसके बाद, निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी। जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए सजा पर अस्थायी रोक लगा दी कि अभिनेता कोई आदतन अपराधी नहीं हैं और उनके मामले में सुधार और समाधान की गुंजाइश है। इसी आधार पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते की संभावनाएं तलाशने की सलाह दी और केस को मेडिएशन सेंटर भेज दिया।

मोना कपूर:मां को याद कर इमोशनल हुए अर्जुन, कहा- 'जिंदगी बहुत बेरहम है'
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने अपने जीवन के सबसे भावुक भरे पलों को साझा किया। मंगलवार को उन्होंने अपनी मां मोना कपूर की जयंती पर दिल छू लेने वाला पोस्ट इंस्टाग्राम पर साझा किया। इस पोस्ट में अर्जुन ने बताया कि हाल के दिनों में जिंदगी उनके लिए थोड़ी कठिन रही है, लेकिन उनकी मां की सिखाई हुई सीखें उन्हें हर मुश्किल का सामना करने की ताकत देती हैं। अर्जुन कपूर अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करते रहते हैं। इस बीच उन्होंने अपनी मां की एक तस्वीर साझा की और साथ ही एक लंबा कैप्शन लिखा। उन्होंने लिखा, ''जन्मदिन मुबारक हो मां, आज आपके जन्मदिन पर मुझे आपकी बहुत याद आ रही है। जिंदगी बहुत बेरहम हो गई है, लेकिन मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।''उन्होंने कहा, ''यह सब मैंने आपसे सीखा है कि जीवन में कठिनाइयों का सामना साहस, गरिमा और आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए। चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, हमेशा उनसे निपटने को तैयार रहना चाहिए।'' अर्जुन ने कैप्शन में आगे लिखा, ''क्योंकि आपने मुझे सिखाया कि जिंदगी में मुश्किलों का सामना साहस के साथ करें, और हर हाल में सम्मान बनाए रखें… हम साथ में इसे पार करेंगे, आप और मैं। आपका प्यार करने वाला बेटा अर्जुन।'' अर्जुन की मां, मोना शौरी कपूर, का निधन 2012 में हुआ था। उनका देहांत 48 साल की उम्र में कैंसर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों के चलते मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ था।अर्जुन कपूर के इस पोस्ट पर फैंस ने कमेंट्स किए। यूजर्स ने कमेंट्स पर इमोशनल स्माइली, हार्ट इमोजी और प्यार भरे संदेश साझा किए। एक यूजर ने लिखा, 'अर्जुन, आपकी मां यकीनन आप पर बहुत गर्व करती होंगी।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'मां के बिना जिंदगी अधूरी लगती है, लेकिन आपके पोस्ट से लगा है कि उनकी शिक्षा और प्यार हमेशा हमारे साथ रहते हैं।' अन्य यूजर ने लिखा, 'आपने मां से जो सीख ली, वह हम सभी को प्रेरित करती है।'

'सनातन धर्म की तरह बजट भी समावेशी': एक्टिंग छोड़ धर्म की राह पर चलने वाली इशिका तनेजा ने शुरू किया नया अभियान
नई दिल्ली । महाकुंभ से एक्टिंग छोड़ सनातन धर्म को अपनाने वाली अभिनेत्री इशिका तनेजा युवाओं को धर्म की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रही हैं और अब श्री महालक्ष्मी फाउंडेशन के तहत महालक्ष्मी भारत अभियान का शुभारंभ किया है। इशिका का कहना है कि यह उनका एकमात्र प्रयास देश और विदेशों तक में लक्ष्मी के अनेक रूपों को पहचान दिलाना और उनका सम्मान करना है। इसके अलावा, उन्होंने 1 फरवरी को पेश हुए बजट पर भी बात की और कहा कि अब डॉलर गिरेगा और रुपया बढ़ेगा।श्री महालक्ष्मी फाउंडेशन की संस्थापक इशिका तनेजा ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, "हमने आज श्री महालक्ष्मी फाउंडेशन के तहत महालक्ष्मी भारत अभियान की शुरुआत की है जिसका मुख्य उद्देश्य अष्ट महालक्ष्मी के रूप जैसे गजलक्ष्मी हमारे मंत्रीजन हैं, वीरलक्ष्मी हमारी आर्मी है, विजयलक्ष्मी हमारे न्यायाधीश हैं, सन्तानलक्ष्मी आज की युवा पीढ़ी है, और ऐश्वर्यलक्ष्मी हमारी मीडिया और सोशल मीडिया है। हम इस सभी को धर्म से जोड़ना चाहते हैं और उसी का ये प्रयास है जिसे हम आठ राज्यों में ले जा रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा कि हमारे अभियान से देश और विदेश के प्रतिनिधिमंडल जुड़ रहे हैं। हमारा सनातन धर्म इतना समावेशी, सुंदर और बड़ा है कि विदेश के लोग भी खुद को इससे जुड़ने से नहीं रोक पा रहे हैं। हिंदू राष्ट्र और संकल्प पर बात करते हुए इशिका तनेजा ने कहा, "हमारा देश हिंदू राष्ट्र तब बनेगा तब हम अपनी जड़ों को पहचानेंगे और सनातन धर्म को पहचानेंगे। आज के समय में विश्व स्तर पर मां लक्ष्मी को भ्रष्टाचार से जोड़ा जाता है, लेकिन हमें धर्म भाव और सेवा भाव से लक्ष्मी को जोड़ना पड़ेगा, और यही रास्ता भारत को हिंदू राष्ट्र बनने के रास्ते पर ले जाएगा।"बजट पर बात करते हुए अभिनेत्री रहीं इशिका तनेजा ने कहा कि बजट में भी हिंदू धर्म और सनातन की झलक देखने को मिली। बजट भी लक्ष्मी का स्वरूप है और उसे रविवार माघ पूर्णिमा के दिन लाया गया। बजट भी भारत देश और हमारे धर्म की तरह समावेशी है, जिसने सबका ध्यान रखा है। हमारा भी उद्देश्य है कि हम अपने महालक्ष्मी भारत अभियान के जरिए हर वर्ग और जोड़े और हर तरफ भगवा की जय-जयकार हो। बता दें कि इशिका तनेजा फिल्म 'इंदु सरकार', म्यूजिक वीडियो 'दिल मंगदी', और शॉर्ट टीवी सीरीज मिनी 'हद' का हिस्सा रही थी, लेकिन महाकुंभ 2025 में ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहकर धर्म की राह अपनाई थी।

ढाई किलो के हाथ के साथ 5 किलो का दिल: 'बॉर्डर-2' की बीटीएस वीडियो में दिखा सनी देओल का अनदेखा पहलू
मुंबई । सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बॉर्डर-2' सिनेमाघरों में कमाल कर रही है। फिल्म के रिलीज के बाद भी स्टारकास्ट फिल्म से जुड़े अनदेखे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि फतेह सिंह का गंभीर किरदार निभाने के साथ सनी देओल ने फिल्म के सेट पर ढेर सारी मस्ती भी की है। बीटीएस वीडियो में अभिनेता ढाई किलो के हाथ के साथ 5 किलो के दिल के साथ दिख रहे हैं।सनी देओल ने फिल्म के रिलीज के एक हफ्ते बाद 'बॉर्डर-2' का बीटीएस वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे सेट के बाकी कलाकारों के साथ मस्ती करते दिख रहे हैं और सेट पर पंजाबी भाषा में बात कर रहे हैं। वीडियो में अभिनेता कहते हैं, "प्रोड्यूसर ने कहा कि ज्यादा गर्मी लगे तो हम बर्फ मंगा देंगे, लगता है कि प्रोड्यूसर साहब ने ज्यादा सीरियस ले लिया है।" एक दूसरे चंक में अभिनेता हाथ हिलाकर डांस स्टेप जैसा कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं और कहते हैं, "ऐसे ही हाथ हिलाते-हिलाते आगे की डिस्कशन भी कर लेते हैं।" अभिनेता वीडियो के हर चंक में मुस्कुराते दिख रहे हैं।अभिनेता को ज्यादातर फिल्मों में गुस्सैल रवैए और एक्शन के साथ देखा गया है, ऐसे में ये वीडियो बताता है कि सनी पाजी असल जिंदगी में अपने पिता धर्मेंद्र की तरह मस्तमौला इंसान हैं। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा, "मुझे बेनकाब करने के लिए धन्यवाद, मैं आपसे प्यार करता हूं, अनुराग।" वीडियो में यह भी कैप्शन शेयर किया गया है कि ढाई किलो के हाथ और पांच किलो के दिल वाले इस शख्स का अनदेखा पहलू। दहाड़ तो मशहूर है लेकिन सेट को रोशन करने वाली हंसी भी उतनी ही लाजवाब है।इससे पहले इस वीडियो को फिल्म के डायरेक्टर अनुराग सिंह ने शेयर किया था और उनके अनदेखे पहलू और सेट पर शूटिंग करने वाले असल सनी देओल को दर्शकों तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा था, "स्क्रीन पर आपकी दमदार उपस्थिति से लेकर सेट पर आपकी गर्मजोशी तक, हर दिन आपके साथ रहना एक खुशी की बात रही है, सर। हम सभी आपसे प्यार करते हैं।"इससे पहले भी सनी देओल ने सेट का एक और वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने खुलासा किया था कि डांस स्टेप्स करना उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल कामों में से एक है। अभिनेता ने बताया था कि कैसे गानों की शूटिंग के दौरान उन्हें बुखार भी आ जाता था और खुद को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए 1 दिन का समय लगता था।

'मर्दानी-3' पब्लिक रिव्यू:बेहतरीन एक्टिंग और कहानी ने जीता दिल, दर्शकों ने बताया 'वन टाइम वॉच'
मुंबई । क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' का तीसरा पार्ट 'मर्दानी-3' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है। फिल्म में एक बार फिर रानी बहादुर अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के अवतार में दिखीं हैं, जो क्रिमिनल गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी जान दांव पर लगाती दिख रही हैं। रिलीज के साथ फिल्म को दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। एक बार फिर रानी अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीतने में कामयाब रही हैं।फिल्म देखकर आए दर्शक ने बताया, "फिल्म गंभीर मुद्दे चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर बनी है, जो समाज के काले सच को उजागर करती है। फिल्म में रानी मुखर्जी का रोल बहुत दमदार है और फिल्म ने शुरू से लेकर आखिर तक दर्शकों को बांधने की कोशिश की है। फिल्म थ्रिलर और सस्पेंस से भरी है। फिल्म में विलेन के तौर पर नए चेहरों को उतारा गया है, लेकिन अगर मर्दानी-1 और मर्दानी-2 की बात की जाए तो मर्दानी-3 थोड़ी कमजोर है। फिल्म वन टाइम वॉच है।"एक दूसरे दर्शक ने कहा, "क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' की वजह से ही हम फिल्म का तीसरा पार्ट देखने के लिए आए, और फिल्म वाकई शानदार है। फिल्म में रानी मुखर्जी ने दमदार एक्शन किया है, लेकिन बीच में कहीं-कहीं फिल्म स्लो हो जाती है, लेकिन फिल्म अच्छी है। तीनों फिल्मों की कहानी अलग रही है, लेकिन तीनों पार्ट अपनी-अपनी जगह सही हैं। सबको फिल्म जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि ये समाज के खतरनाक मुद्दों को दिखाती है।"एक अन्य दर्शक ने कहा, "फिल्म की कहानी के साथ रानी की एक्टिंग लाजवाब है। रानी जिस तरीके से परिस्थितियों को संभालती है और एक्शन करती हैं, वो दिल जीतने वाला है।" उन्होंने आगे कहा, "फिल्म का स्क्रीनप्ले, कहानी और बाकी कलाकारों ने भी शानदार काम किया है। फिल्म को देखकर बोरिंग नहीं लगेगा। फिल्म के जरिए ये भी संदेश देने की कोशिश की गई है कि हमारी पुलिस हमारी रक्षा करने के लिए कितने खतरनाक काम करती है। मेरा मानना है कि फिल्म को परिवार के साथ देखना चाहिए।"फिल्म का पहला शो देखकर लौटे दर्शकों को फिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग शानदार लगी। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को भी बहुत प्यार मिल रहा है। दर्शकों के प्यार के साथ फिल्म पहले दिन कितने करोड़ की ओपनिंग करती है, ये तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल फिल्म को बहुत सारा प्यार मिल रहा है।

'अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे!':झकझोर देगा 'द केरल स्टोरी 2' का टीजर
मुंबई । फिल्ममेकर विपुल अमृतलाल शाह की आने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोइज बियॉन्ड' का टीजर रिलीज हो चुका है। यह फिल्म पहली 'द केरल स्टोरी' की कहानी को आगे बढ़ाती है और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर उतारने का बड़ा प्रयास है। इस बार कहानी संवेदनशील के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण और भावनाओं से भरी है। फिल्म का टीजर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देगा। टीजर में दिखाया गया है कि तीन हिंदू लड़कियों की जिंदगी अचानक बदल जाती है। इन लड़कियों की भूमिका उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया ने निभाई है। कहानी में तीनों का मुस्लिम लड़कों से प्यार और संबंध दिखाया गया है, लेकिन धीरे-धीरे यह पता चलता है कि इनके रिश्तों के पीछे एक गहरी साजिश है। प्यार और विश्वास के रिश्ते धीरे-धीरे धोखे और धर्म परिवर्तन की जटिलताओं में बदल जाते हैं।टीजर में उल्का, ऐश्वर्या और अदिति हिजाब पहने अपना दर्द बयां करती हैं कि कैसे उन्हें प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन किया गया, लेकिन इस बार वह सिर्फ हालात का शिकार बनकर नहीं रहेंगी, बल्कि सवाल करेंगी, आवाज उठाएंगी और अपने साथ हुए धोखे का जवाब देंगी। टीजर के आखिर में एक डायलॉग सुनाई देता है- 'अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे।' विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म को आशीष ए. शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है। वहीं निर्देशन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कामाख्या नारायण सिंह ने संभाली है।'द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के पहले पार्ट यानी 'द केरल स्टोरी' में अदा शर्मा, योगिता बिहानी और सिद्धि इदनानी लीड रोल में थीं, जिन्होंने केरल की तीन हिंदू लड़कियों शालिनी, नीमा और गीतांजलि की भूमिका निभाई थी। वह इस्लाम में परिवर्तित करने के एक गुप्त एजेंडा का शिकार हो जाती है। इसके बाद उन्हें आईएसआईएस आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान भेजा जाता है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की थी।

द बैड्स ऑफ बॉलीवुड विवाद:दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस लौटाया
नई दिल्ली। इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) अधिकारी समीर वानखेड़े ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। पुरुषेंद्र कौरव की सिंगल बेंच ने आदेश दिया कि केस को उस कोर्ट में भेजा जाए, जो इस तरह के मामले को सुनने की सही अधिकारिता रखता हो। यह केस वापस सही कोर्ट में दाखिल किया जाना चाहिए।वेब सीरीज में दिखाया गया गलत और आपत्तिजनक कंटेंटवानखेड़े ने आरोप लगाया है कि वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड में उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और अपमानजनक कंटेंट दिखाया गया। उनका कहना है कि इस वेब सीरीज ने न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनके परिवार पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की इमेज को इस सीरीज में नकारात्मक तरीके से दिखाया गया, जिससे आम लोगों का कानून और सरकारी एजेंसियों पर भरोसा कमजोर हुआ।वानखेड़े ने कोर्ट से मुआवजा दिलाने की मांगवानखेड़े ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें स्थायी आदेश और मुआवजा दिया जाए। इसके तहत रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, नेटफ्लिक्स, ट्विटर (अब एक्स कॉर्प), गूगल, फेसबुक और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं। उनका कहना था कि इस वेब सीरीज ने जानबूझकर उनके खिलाफ पक्षपाती और अपमानजनक कंटेंट दिखाया है।

शहनाज गिल: फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं पंजाब के कुड़ी की जिंगदी:बिग बाॅस 13 से मिली शोहरत ने दिलाया पंजाब की कैटरीना का खिताब
मुंबई। हर बड़े सपने की कीमत होती है और उसे पूरा करने के लिए कई मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। सिनेमा की दुनिया में नाम कमाने के लिए पंजाब की कैटरीना को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जी हां, हम बात कर रहे हैं शहनाज गिल की, जो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं रहीं। शहनाज ने पढ़ाई छोड़कर मॉडलिंग की राह चुनी, परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर एक्टिंग के लिए घर से भागीं। शुरुआती दिनों में घरवालों से नाता टूटा, अकेलेपन से जूझना पड़ा, लेकिन हिम्मत और लगन ने उन्हें सफलता भी दिलाई। संघर्ष, परिवार से बगावत और मेहनत से मिली सफलता की कहानी शहनाज गिल की है।पंजाबी सिनेमा और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली शहनाज गिल का जन्मदिन 27 जनवरी को है। उनकी जिंदगी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। मॉडलिंग के चक्कर में पढ़ाई छोड़ना, पिता से अनबन, घर से भागकर एक्ट्रेस बनने की ठानना और फिर बिग बॉस 13 से मिली शोहरत ने उन्हें पंजाब की कैटरीना का खिताब दिलाया।शहनाज गिल का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ। डलहौजी के डलहौजी हिलटॉप स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें मॉडलिंग का शौक हो गया। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने छोटे-मोटे मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स शुरू कर दिए। स्कूलिंग पूरी होते ही उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बी.कॉम में दाखिला लिया, लेकिन मॉडलिंग की जिद में पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इस फैसले से उनका परिवार उनसे नाराज भी रहा। मॉडलिंग से दूर रखने के लिए शादी की बात करने लगे, लेकिन शहनाज ने मना कर दिया। काम मिलता रहा, लेकिन पिता से अनबन बढ़ती गई। आखिरकार शहनाज ने घर छोड़ दिया और मॉडलिंग, एक्टिंग के लिए मुंबई की राह पकड़ ली। उन्होंने कसम खाई कि फेमस होने के बाद ही घर लौटेंगी।साल 2015 में एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट से उनके करियर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्हें एक म्यूजिक वीडियो में काम मिला। फिर माझे दी जट्टी, पिंड दियां कुड़ियां जैसे कई गाने आए। असली पहचान उन्हें गैरी संधू के येह बेबी रेफिक्स से मिली। पंजाबी फिल्मों में भी उन्होंने श्सत श्री अकाल, काला-शा-काला में काम किया।हिमांशी खुराना के साथ विवादों के बाद वह बिग बॉस 13 में पहुंची, जहां शहनाज ने खुद को पंजाब की कैटरीना कैफ कहकर सबका ध्यान खींचा। उनकी हाजिरजवाबी, टूटी-फूटी इंग्लिश और सिद्धार्थ शुक्ला से बढ़ती नजदीकियां चर्चा में रहीं। शो के दौरान उनके पिता घर पहुंचे और उन्हें सपोर्ट किया। शहनाज शो की विनर तो नहीं बन पाईं, मगर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले प्रतिभागियों में से एक बनीं।बिग बॉस के बाद शहनाज का करियर चमका। उन्होंने सिद्धार्थ शुक्ला के साथ भुला दूंगा, कह गई सॉरी, कुर्ता पजामा, वादा है, शोना शोना जैसे कई हिट म्यूजिक वीडियोज किए। उन्होंने बॉलीवुड में सलमान खान की किसी का भाई किसी की जान से डेब्यू किया और थैंक यू फॉर कमिंग में भी नजर आईं। फिलहाल शहनाज अपनी पंजाबी रोमांटिक कॉमेडी इक कुड़ी से सुर्खियों में हैं, जिसे दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।

पद्म भूषण अवार्ड मिलने पर इमोशनल हुईं प्लेबैक सिंगर:फैंस का अदा किया शुक्रिया, क्या कहा जानें
मुंबई। भारत सरकार ने प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण सम्मान से नवाजा है। इस सम्मान की घोषणा के बाद अलका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर परिवार, दोस्तों और सरकार के साथ ही प्रशंसकों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि सबका है। यह उनकी दशकों की मेहनत का फल है।अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट करते हुए लिखा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद खास है। अलका याग्निक को यह सम्मान उनकी लंबी और सफल संगीत यात्रा के लिए मिला है। इस सम्मान से उत्साहित होकर अलका ने इसे एक साझा खुशी बताया और कहा कि यह पुरस्कार उनके सभी सहयोगियों और फैंस के प्यार का नतीजा है।सरकार का जताया आभारअलका ने लिखा, मुझे पद्म भूषण देने के लिए मैं भारत सरकार की बहुत आभारी हूं। फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में दशकों के बाद यह सम्मान मिलने से मैं बहुत इमोशनल हो गई हूं। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने लंबे सफर का एक खास पड़ाव बताया और कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है। अपने पोस्ट में अलका ने उन सभी लोगों का दिल से शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके संगीत सफर को संभव बनाया। उन्होंने लिखा, ष्फिल्ममेकर्स, कंपोजर्स, लिरिसिस्ट्स, को-सिंगर्स, म्यूजिशियंस, टेक्नीशियंस, प्रेस, मीडिया और हर उस इंसान को दिल से धन्यवाद जो हमारी फिल्मों की जान हैं। यह सफर आपके बिना मुमकिन नहीं होता।ष्आपका प्यार हमारी ताकतअलका ने कहा, मेरे दोस्तों, परिवार और सुनने वालों... आपका प्यार हमेशा मेरी ताकत रहा है। गायिका का मानना है कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे संगीत जगत और उनके साथ काम करने वाले हर व्यक्ति का है। उन्होंने पोस्ट को समाप्त करते हुए लिखा, ष्यह संगीत, यह यात्रा और यह पल हम सभी का है। आप सभी को ढेरों प्यार।सफल प्लेबैक सिंगर्स में से एक अलका याग्निकअलका याग्निक भारतीय सिनेमा जगत की लोकप्रिय और सफल प्लेबैक सिंगर्स में से एक हैं। उन्होंने 90 के दशक से लेकर आज तक हजारों गाने गाए हैं, जिनमें से कई सदाबहार बन गए। एक दो तीन जैसे गीतों ने उन्हें घर-घर पहुंचाया। उनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों को झूमने पर मजबूर किया।

गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न:‘बॉर्डर’ से ‘इक्कीस’ तक, देखें भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती ये वॉर फिल्में
मुंबई । गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है। इस दिन हम वीर सैनिकों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा की। बॉलीवुड की फिल्मों में युद्ध के कठिन हालात, सेना के साहस और बलिदान की कहानियों को शानदार तरीके से दिखाया गया है, जो दर्शकों को रोमांचित करने के साथ-साथ भावुक भी करती है। इसी कड़ी में कई वॉर-ड्रामा फिल्में हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर अपने परिवार के साथ देखना बेहतरीन अनुभव साबित होता है। 'बॉर्डर'- साल 1997 में जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' रिलीज हुई थी, जिसे बॉलीवुड में एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी बताती है, जहां 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं। फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में थे। युद्ध के बीच सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा बड़े ही रोमांचक अंदाज में पर्दे पर दिखाई गई। 'बॉर्डर' ने दर्शकों को भावुक किया और उस साल की बड़ी हिट भी रही। इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसकी सीक्वल 'बॉर्डर 2' रिलीज हुई। इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है।'एलओसी कारगिल'—साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म 'एलओसी कारगिल' बनाई थी। यह फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी। इसमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कलाकार शामिल थे। फिल्म ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इसमें कारगिल युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'—2019 में आई 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' एक नई तरह की वॉर फिल्म थी। आदित्य धर ने इस फिल्म का लेखन और निर्देशन किया। यह 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया और फिल्म ने अपने रिलीज के समय काफी चर्चा बटोरी। इसे दर्शकों ने न केवल पसंद किया, बल्कि यह साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक बन गई।'शेरशाह': साल 2021 में सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'शेरशाह' रिलीज हुई। यह मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक थी, जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश के खातिर अपनी जान दे दी थी। फिल्म के जरिए दर्शकों को उनकी बहादुरी और देशभक्ति का अनुभव कराया गया। विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित यह फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है, बल्कि दर्शकों में देशभक्ति की भावना भी भर देती है।'इक्कीस': साल 2026 की शुरुआत में आई 'इक्कीस' फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित थी। यह धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थी। 'इक्कीस' सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताती, बल्कि युद्ध के दर्द, सैनिकों के संघर्ष और उनके साहस को भी दर्शाती है।

'बॉर्डर-2' के दीवाने हुए नील नितिन मुकेश:गर्व और सम्मान के साथ फिल्म बनाने के लिए पूरी टीम को दी बधाई
मुंबई । सनी देओल और मल्टीस्टारर फिल्म 'बॉर्डर-2' 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पहले ही दिन फिल्म ने 30 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म रिपब्लिक डे की सबसे बड़ी ओपनिंग करने से चूक गई, क्योंकि ये खिताब शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' के नाम है। इसी बीच अभिनेता नील नितिन मुकेश ने फिल्म और फिल्म की पूरी स्टारकास्ट की खुलकर तारीफ की है।नील नितिन मुकेश ने फिल्म 'बॉर्डर-2' की खुलकर तारीफ की है और फिल्म को दिल छू लेने वाला बताया है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें वे फिल्म की स्टारकास्ट के साथ दिख रहे हैं। अभिनेता ने कैप्शन में लिखा, "क्या शानदार फिल्म है! क्या गजब की विरासत है जिसे गर्व और सम्मान के साथ आगे बढ़ाया गया है। फिल्म की निर्माता निधि दत्त को बहुत बधाई, जिन्होंने बॉर्डर-2 के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया है।"'बॉर्डर-2' को इतनी भव्यता, भावनाओं और गर्व के साथ पर्दे पर लाने के लिए कई लोगों ने मेहनत की है। सनी देओल की तारीफ कर उन्होंने कहा, "सर, आप हमेशा की तरह बेहतरीन फॉर्म में हैं। ज़बरदस्त शक्ति और ज़बरदस्त गंभीरता के साथ आपने फिल्म में जान डाल दी। वरुण धवन ने अपने अभिनय से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका दबदबा हर फ्रेम में देखने को मिला है।"अभिनेता ने दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की भी तारीफ की, और सबसे ज्यादा वे फिल्म के गानों के फैन दिखे। फिल्म के सातों गानों को अभिनेता ने शानदार बताया। नील ने इतनी बड़ी फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी बनाने का भार उठाने और उसे अपने अंदाज में पेश करने के लिए पूरी टीम की सराहना की है।बता दें कि 'बॉर्डर-2' में वही एलिमेंट और इमोशन डालने की कोशिश की गई है जो फिल्म 'बॉर्डर' में डाले गए थे। फिल्म के डायलॉग से लेकर गाने तक 1997 में आई फिल्म की याद दिलाते हैं। हालांकि, देखना होगा कि फिल्म कमाई के मामले में 'बॉर्डर' को पीछे छोड़ पाती है या नहीं। बॉर्डर ने 1997 में अपने बजट से तीन गुना ज्यादा कमाई की थी। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सेकनिल्क के मुताबिक फिल्म का बजट 10 करोड़ रुपये था और फिल्म ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन 64.98 करोड़ रुपये का किया था, जबकि घरेलू स्तर पर भारत में 39.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर पाई थी।

मशहूर डायरेक्टर विक्रम भट्ट की बढ़ने वाली हैं और मुश्किलें:13.5 करोड़ की ठगी मामले में दर्ज हुआ नया केस, 30 करोड़ की धोखाधड़ी में खा रहे हैं जेल की हवा
मुंबई। 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पहले ही उदयपुर जेल की हवा खा रहे मशहूर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर विक्रम भट्ट की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। अब वर्सोवा पुलिस स्टेशन में विक्रम भट्ट और उनकी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज किया गया है जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। इस बार मामला 13.5 करोड़ रुपए की ठगी का है।बताया जा रहा है कि विक्रम भट्ट और उनकी बेटी ने एक बिजनेसमैन से फिल्मों में निवेश के बदले अच्छे रिटर्न का वादा किया था। बिजनेसमैन से 13.5 करोड़ रुपए लिए गए लेकिन रकम नहीं लौटाई। इस मामले में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने विक्रम भट्ट और बेटी कृष्णा भट्ट के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने इस केस को आगे की जांच के लिए अपने पास ट्रांसफर कर लिया है।विक्रम भट्ट को दिसंबर में किया गया था अरेस्ट30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में विक्रम भट्ट पहले ही अपनी पत्नी के साथ उदयपुर जेल में बंद हैं। निर्माता को पहले दिसंबर की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था और फिर 7 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जेल भेज दिया गया। खराब तबीयत का हवाला देते हुए दंपत्ति ने उदयपुर की अदालत में जमानत के लिए याचिका डाली थी, लेकिन 17 दिसंबर को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। दंपत्ति जल्द ही जोधपुर हाईकोर्ट का रुख करेगा।इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के फाउंडर ने दर्ज कराया था ठगी का केसइंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉक्टर अजय मुर्डिया ने भट्ट दंपत्ति पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस कराया था, जिनके देशभर में इंदिरा आईवीएफ सेंटर बने हैं। मुंबई में विक्रम भट्ट और कारोबारी की मुलाकात हुई थी, जहां कारोबारी अपनी पत्नी इंदिरा पर बायोपिक बनवाना चाहते थे। दोनों के बीच बायोपिक के साथ 4 फिल्मों का कॉन्ट्रेक्ट साइन हुआ और रकम के तौर पर 44.29 करोड़ रुपए दिए गए थे। 4 में से कुछ फिल्मों की शूटिंग हुई और कुछ की नहीं। पैसे वापस मांगने पर टालमटोल करने पर कारोबारी ने पुलिस की मदद ली।

ग्लैमर की दुनिया छोड़ अबअध्यात्म का रास्ता दिखा रहीं रीवा की राजकुमारी:प्रवचन में इंसानियत का संदेश देती नजर आई मोहिना
रीवा। एक्ट्रेस, डांसर, कोरियोग्राफर रह चुकीं रीवा की राजकुमारी मोहिना कुमारी अब आध्यात्मिक गुरु बन गई हैं। उनके प्रवचन देते का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। मोहिना अपने भाषण में, सादगी से जिंदगी गुजारने की अहमियत बताती दिखीं और इंसानियत का संदेश देती नजर आईं। मोहिना का वीडियो देखने के बाद लोगों का मानना है कि वो अब ग्लैमर की दुनिया छोड़कर अध्यात्म और समाज सेवा के जरिए लोगों को सही रास्ता दिखाने की कोशिश कर रही हैं।मोहिना वायरल वीडियो में इमोशनल होती हुई भी दिखीं। वो नम आंखों से कहती दिखीं- क्या मैं बुरे काम करके, बुरी कमाई करे, वो खिलाऊं अपने बच्चो को या मैं किसी के सिर पर चढ़कर सक्सेस पाऊं? ये आज हम सोच लें अगर कि बेइमानी नहीं करनी है तो नहीं करनी है। लेकिन हमें लगता है कि हमें अपने बच्चों को ये देकर जाना है. लेकिन आपके दादा जी और दादी जी भी एक मासूम जीवन जी रहे थे। मिट्टी के घर बना रहे थे, चूल्हे पर खाना बना रहे थे, मगर फिर भी आप लोग हो ना यहां, कहीं गए तो नहीं। रीवा के महाराज पुष्पराज सिंह की बेटी हैं मोहिनामोहिना कुमारी का वीडियो देख लोग कयास लगा रहे हैं कि शायद वो आध्यात्मिक गुरु बन गई हैं। अब सच क्या है ये तो वही बता सकती हैं। मोहिना की बात करें तो वो असल जिंदगी में एक राजकुमारी हैं। वो मध्य प्रदेश के रीवा के महाराज पुष्पाराज सिंह की बेटी हैं। ट्रेंड डांसर हैं मोहिना कुमारीप्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो वो एक ट्रेंड डांसर हैं। उन्होंने डांस इंडिया डांस रियलिटी शो से अपने करियर की शुरुआत की थी। वो कई टीवी सीरियल्स में भी नजर आ चुकी हैं- जैसे ये रिश्ता क्या कहलाता है, सिलसिला प्यार का, कुबूल है। मगर करियर के पीक पर उन्होंने सुयश रावत संग शादी करके शोबिज को अलविदा कह दिया था। वो दो बच्चों की मां बन चुकी हैं और खुशहाल जिंदगी जी रही हैं।

सनी देओल स्टारर मूवी सिनेमाघरों में रिलीज:बार्डर के भैरो सिंह को याद आए पुरानी फिल्म के दिन, क्या कहा जानें
मुंबई। वरुण धवन, सनी देओल, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर-2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को दर्शकों की तरफ से अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है, लेकिन इसी बीच फिल्म बॉर्डर में भैरो सिंह की भूमिका निभाने वाले सुनील शेट्टी को फिल्म के रिलीज के साथ अपनी पुरानी फिल्म के दिन याद आ गए हैं। 1997 में रिलीज हुई बॉर्डर की जिम्मेदारी आज भी अभिनेता अपने कंधों पर महसूस करते हैं।बॉर्डर-2 के रिलीज पर सुनील शेट्टी ने अहान शेट्टी के लिए प्यार नोट इंस्टाग्राम पर लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म से जुड़े अनुभव को भी साझा किया है। अभिनेता का कहना है कि बॉर्डर सिर्फ उनके लिए फिल्म नहीं थी, बल्कि जिम्मेदारी थी, जिसे कैमरों के बंद हो जाने के बाद भी उन्होंने ताउम्र निभाया है। सुनील शेट्टी ने कैप्शन में लिखा, मेरे प्यारे बेटे अहान, आज मुझे तुमसे यह कहना है कि मेरे लिए बॉर्डर सिर्फ एक फिल्म नहीं थी जिसमें मैंने अभिनय किया था। यह एक जिम्मेदारी बन गई जिसे मैंने कैमरे बंद होने के बहुत बाद तक निभाया। वर्षों बाद, तुम्हें वर्दी पहने देखना एक तरह से उस पल को फिर से जीवंत कर देता है। ये सिर्फ पुरानी यादों के रूप में नहीं, बल्कि अनुशासन, बलिदान, मौन और साहस को याद दिलाता है।उन्होंने आगे लिखा, यह फिल्म गौरव के बारे में नहीं है। यह फिल्म युद्ध के बारे में नहीं है। यह हमें याद दिलाती है कि शांति क्यों मौजूद है। सीमा वह जगह नहीं है जहां देश समाप्त होता है, यह वह जगह है जहां साहस शुरू होता है और कुछ कहानियां पर्दे पर नहीं रहतीं, वह एक राष्ट्र के हृदय में बस जाती हैं। हम कभी न भूलें कि वह वर्दी वास्तव में देश का प्रतीक है।1997 में रिलीज हुई बॉर्डर में सुनील शेट्टी ने भैरो सिंह का रोल निभाया था, जिन्होंने देश की खातिर अपनी जान दांव पर लगा दी थी। फिल्म में अभिनेता की एक्टिंग को खूब सराहा गया था, लेकिन एक समय ऐसा था जब अभिनेता बॉर्डर को करना ही नहीं चाहते थे। जब उन्हें फिल्म ऑफर हुई तो उन्होंने फिल्म के निर्माता जेपी दत्त का नाम सुनते ही फिल्म को ठुकराने का फैसला कर लिया था।अभिनेता ने जेपी दत्त को लेकर कई बातें सुनी थीं कि वे सेट पर अपनी चलाते हैं और गुस्से में कुछ भी कह देते हैं। एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा था कि बॉर्डर से पहले उन्हें लगा था कि उनकी और दत्त साहब की नहीं बन पाएगी, इसलिए फिल्म करने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने फिल्म को करने के लिए हां कर दी थी।

संजय कपूर की अरबों की संपत्ति पर गहराया विवाद:मां रानी कपूर की याचिका पर अब 28 को होगी सुनवाई, पढ़े खबर
नई दिल्ली। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई फिलहाल टल गई है। अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट में रानी कपूर की याचिका पर निर्धारित सुनवाई को टालते हुए अदालत ने अगली तारीख 28 जनवरी तय की है। रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि जिस फैमिली ट्रस्ट के जरिए संपत्तियों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जा रहा है, उसे अवैध और अमान्य घोषित किया जाए। उनका आरोप है कि इस ट्रस्ट का इस्तेमाल उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को गैर-कानूनी तरीके से हथियाने के लिए किया गया है।रानी कपूर ने किया दावायाचिका में रानी कपूर ने दावा किया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनकी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को इस ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मिलकर गैर-कानूनी तरीके से इस ट्रस्ट का गठन किया ताकि उनकी संपत्ति पर नियंत्रण हासिल किया जा सके।12 जून को हुआ था संजय कपूर का निधनउनका कहना है कि उन्हें इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी अपने बेटे संजय कपूर के निधन के बाद मिली। संजय कपूर का निधन 12 जून 2025 को हुआ था। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनकी संपत्तियों से जुड़े अहम फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए जा चुके हैं। धीरे-धीरे उनकी संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट के तहत डाल दिया गया, जिससे उन्हें पारिवारिक संपत्ति से बाहर कर दिया गया।रानी ने याचिका में लगाए गंभीर आरोपरानी कपूर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि संजय कपूर के निधन के तुरंत बाद उनकी बहू प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में अहम पद संभाल लिए। इन नियुक्तियों और फैसलों में उनसे न तो सलाह ली गई और न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई। उनको कंपनी से जुड़ी सूचनाओं से दूर रखा गया और उनके संपर्क माध्यमों तक पहुंच सीमित कर दी गई।रानी कपूर ने फैमिली ट्रस्ट को अवैध घोषित करने की मांगरानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि फैमिली ट्रस्ट को अवैध घोषित कर उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत उन्हें वापस सौंपी जाए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक ट्रस्ट के जरिए किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगाई जाए।

सरस्वती वंदना से रंग दे बसंती तक: संगीत में खिली वसंत ऋतु की खूबसूरत कहानियां
मुंबई। भारत में ऋतुओं का खास महत्व है। इनमें से वसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इसे नए जीवन, उल्लास और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। सर्दी की ठंडक धीरे-धीरे सुनहरी धूप में बदलने लगती है, खेतों में गेहूं की फसलें लहलहाती हैं और चना-सरसों के पीले-हरे फूल खिल उठते हैं। इसी अद्भुत वातावरण में मां सरस्वती अवतरित होती हैं, जो ज्ञान और कला की देवी हैं। पुराने समय से ही हमारे संगीतकारों, गीतकारों और फिल्म निर्माताओं ने वसंत को अलग-अलग अंदाज में पेश किया है। इसे कभी मां सरस्वती की वंदना के रूप में, कभी प्रेम और प्राकृतिक सुंदरता के उत्सव के रूप में, तो कभी बदलाव के प्रतीक के रूप में महसूस किया गया।भारतीय शास्त्रीय संगीत में वसंत का अद्भुत रूप देखने को मिलता है। फिल्म आलाप का गीत माता सरस्वती शारदेय वसंत के इसी भाव को दिखाता है। यह कोई आम फिल्मी गाना नहीं, बल्कि एक सुकून देने वाली स्तुति है। इसमें सुरों के जरिए बताया गया है कि बसंत वह समय है, जब सीखने, गाने और कुछ नया रचने की शुरुआत होती है। यह गीत इंसान को अंदर से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है।वसंत को सबसे खूबसूरत अंदाज में दिखाने वाले गानों में से एक है 1967 की फिल्म उपकार का गीत आई झूम के वसंत, यह गाना सुनते ही दिल खुश हो जाता है। इसमें वसंत को एक त्योहार की तरह मनाया गया है, जहां लोग, खेत, हवा और फसल सब मिलकर जश्न मना रहे हैं। इस गीत को गुलशन बावरा ने लिखा और कल्याणजी-आनंदजी ने संगीत दिया।1968 में आई फिल्म राजा और रंक का गाना संग बसंत अंग बसंती भी बेहद शानदार है। यह गाना बताता है कि ये प्यार का मौसम भी है। इस गीत में दिखाया गया है कि जैसे-जैसे मौसम बदलता है, वैसे-वैसे दिल के एहसास भी बदल जाते हैं। फूलों की तरह भावनाएं भी खिलने लगती हैं। आनंद बख्शी ने गाने के बोल लिखे हैं और लक्ष्मीकांतदृप्यारेलाल ने संगीत दिया है।पुरानी फिल्मों में वसंत को जीवन से जोड़कर भी दिखाया गया है। 1947 की फिल्म सिंदूर का गीत पतझड़ सावन बसंत बहार इसी सोच का उदाहरण है। यह गाना बताता है कि जिंदगी भी मौसम की तरह होती है। कभी मुश्किल समय आता है, कभी खुशी का दौर, और कभी वसंत जैसी नई उम्मीद। इस गीत की खास बात यह है कि यह बिना भारी शब्दों के जीवन की सच्चाई समझाता है। शमशाद बेगम की आवाज और खेमचंद प्रकाश के संगीत ने इस गाने को अमर बना दिया।वसंत को आजादी और ताजगी से जोड़ने वाला गीत श्रुत आ गई रे, रुत छा गई रेश् भी काफी खूबसूरत गाना है। इस गाने में वसंत को प्यार करने और खुश रहने के मौसम के रूप में दिखाया गया है। यह गाना बताता है कि वसंत सिर्फ देखने का नहीं, महसूस करने का मौसम है। इस गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं और आर.डी. बर्मन ने संगीत दिया है।नई पीढ़ी के बीच फिल्म रंग दे बसंती का टाइटल सॉन्ग बेहद मशहूर है। यह गाना वसंत को सिर्फ फूलों और मौसम तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसे बदलाव और जागरूकता का प्रतीक मानता है। यहां वसंत का मतलब सोच बदलना, आवाज उठाना और सही के लिए खड़े होना है। यही वजह है कि यह गाना आज भी युवाओं को जोश से भर देता है। इसके बोल प्रसून जोशी और ए.आर. रहमान के संगीत ने दिए हैं।

'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे:ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थे
मुंबई । हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि समय के साथ इतिहास की याद दिलाने का काम भी करती हैं। अक्षय कुमार और निमरत कौर अभिनीत फिल्म 'एयरलिफ्ट' को रिलीज हुए अब पूरे दस साल हो चुके हैं। इस खास मौके पर अभिनेत्री निमरत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया और एक बार फिर इस ऐतिहासिक फिल्म को चर्चा में ला दिया।निमरत ने फिल्म के सेट की कई पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ''10 साल पहले आज के दिन यह सेलुलॉइड मैजिक हुआ था। संगीत, यादगार लम्हे और प्यार... सब कुछ समय के साथ और बढ़ता ही गया है।'' उनके इस पोस्ट में उस दौर की याद भी थी, जिसे 'एयरलिफ्ट' ने बड़े पर्दे पर जीवंत किया था। फिल्म 'एयरलिफ्ट' साल 1990 की उस सच्ची घटना पर आधारित है, जब सद्दाम हुसैन की अगुवाई वाले इराक ने पड़ोसी देश कुवैत पर हमला कर दिया था। इस युद्ध के कारण कुवैत में रह रहे करीब एक लाख सत्तर हजार भारतीय नागरिक जंग के बीच फंस गए थे। हालात इतने खराब थे कि जान-माल की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी।ऐसे समय में भारत सरकार, एयर इंडिया और भारतीय सेना के सहयोग से एक विशाल निकासी अभियान चलाया गया। यह मिशन 59 दिनों तक चला और इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा मानवीय बचाव अभियान माना गया, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 'एयरलिफ्ट' इसी ऐतिहासिक घटना को आम दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करती है।फिल्म की कहानी रंजीत कात्याल नाम के एक भारतीय मूल के कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार अक्षय कुमार ने निभाया है। रंजीत कुवैत में रहता है और वहीं की सुख-सुविधाओं में रमा हुआ है। उसकी पत्नी अमृता कात्याल और एक छोटी बेटी है। शुरुआत में रंजीत का भारत या कुवैत में फंसे भारतीयों से कोई खास भावनात्मक जुड़ाव नहीं दिखता, लेकिन युद्ध के हालात और आसपास घटती हिंसक घटनाएं उसकी सोच बदल देती हैं। अपने ड्राइवर की मौत के बाद वह भीतर से टूट जाता है और फिर भारतीयों के दुखों को समझते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने की मुहिम में जुट जाता है। फिल्म इसी बदलाव और संघर्ष की कहानी को सामने रखती है।

सनी देओल से फतेह सिंह कलेर बनने का सफर:बॉर्डर-2 के रिलीज से पहले अभिनेता ने शेयर किया शानदार वीडियो
मुंबई। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर-2 कल 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के रिलीज में कुछ ही समय बचा है, और फिल्म की पूरी कास्ट प्रमोशन करने का एक मौका नहीं छोड़ रही है। अब सनी देओल ने बॉर्डर-2 की शूटिंग से जुड़ी कुछ झलकियां शेयर की हैं, जिसमें वे सनी देओल से फतेह सिंह कलेरश् बनते दिख रहे हैं।सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें श्बॉर्डर-2श् की शूटिंग के कुछ हिस्से को दिखाया गया है। वीडियो में अभिनेता सनी देओल सिपाही फतेह सिंह कलेर बनते दिख रहे हैं। उनका मेकअप हो रहा है और पगड़ी पहनाई जा रही है। वीडियो में अभिनेता के एक्शन सीन को भी दिखाया गया है, जहां वे बंदूक लेकर दुश्मनों से लड़ते दिख रहे हैं। वीडियो से साफ है कि एक्शन सीन फिल्माने में मेकर्स को कितनी मेहनत करनी पड़ी है।खास बात ये है कि फिल्म में अभिनेता ने सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की है, बल्कि हर सीन को परफेक्ट बनाने के लिए डायरेक्शन भी किया है। वीडियो में अभिनेता सीन के लिए डायरेक्शन देते हुए भी दिख रहे हैं। शूटिंग के खत्म होने के बाद अभिनेता इमोशनल स्पीच भी देते हैं। वीडियो बहुत ही प्यारा है, जिसे शेयर कर अभिनेता ने कैप्शन में लिखा, ष्शुक्रवार से बॉर्डर-2 आप सब की है। उससे पहले कुछ झलकियां बॉर्डर-2 के मेरे सफर की।फिल्म बॉर्डर में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का रोल प्ले किया था, लेकिन अब वे फतेह सिंह कलेर का रोल प्ले कर रहे हैं। दर्शकों को पहले लगा था कि श्बॉर्डरश् को आगे बढ़ाते हुए सनी देओल के किरदार में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। अभिनेता बॉर्डर-2 में नए अवतार में नजर आएंगे। फिल्म में वरुण धवन, होशियार सिंह दहिया, अहान शेट्टी, लेफ्टिनेंट कमांडर एम. एस. रावत और दिलजीत दोसांझ निर्मलजीत सिंह सेखों का रोल प्ले कर रहे हैं।फिल्म को बिना किसी कट के यूए 13 प्लस के सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया जाएगा। फिल्म में हिंसक सीन्स की वजह से 13 साल से छोटे बच्चे फिल्म को नहीं देख पाएंगे। फिल्म की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी तक फिल्म की एडवांस बुकिंग के आधार पर फिल्म 3.34 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है।

बाबा महाकाल के शरण में पहुंचे अभिनेता सुनील शेट्टी:बाॅर्डर-2 की सफलता का मांगा आशीर्वाद, दो दिन बाद सिनेमाघरों में रिलीज होगी मूवी
उज्जैन। भारत-पाकिस्तान युद्ध पर बनी फिल्म बॉर्डर 2 के रिलीज में 2 ही दिन का समय बचा है और पूरी कास्ट फिल्म का जमकर प्रमोशन कर रही है। इसी बीच, फिल्म को हिट कराने के लिए सुनील शेट्टी उज्जैन के बाबा महाकाल के दर पर पहुंच चुके हैं। अभिनेता खास तौर पर अपने बेटे अहान शेट्टी के लिए मंदिर पहुंचे हैं।बॉर्डर में काम कर चुके अभिनेता सुनील शेट्टी बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचे, जहां वे काफी देर तक बाबा के सामने हाथ जोड़े बैठे दिखे। माथे पर लाल चंदन लगाए अभिनेता नंदी महाराज के पास बैठे बाबा महाकाल को निहारते रहे। अभिनेता ने बताया कि वे फिल्म बॉर्डर-2 की सफलता के लिए बाबा के पास प्रार्थना करने के लिए आए हैं।मीडिया से यह बोले अभिनेताउन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, मैं हमेशा अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए भगवान से मांगता हूं क्योंकि सेहत से बढ़कर कुछ नहीं है, लेकिन इस बार अहान की फिल्म बॉर्डर-2 आ रही है। फिल्म को निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है, जो मेरी बेटी के जैसी है। बस उन्हीं के लिए बाबा के दर पर आई हूं कि फिल्म अच्छी जाए और दर्शकों का भरपूर प्यार मिले, क्योंकि एक फिल्म के चलने से बहुत सारे लोगों के घर चलते हैं।23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्मबता दें कि बॉर्डर-2 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और फिल्म के 5 गाने भी रिलीज हो चुके हैं। हाल ही में रिलीज हुआ गाना श्मिट्टी के बेटे सोशल मीडिया पर बहुत पसंद किया जा रहा है, जिसमें सीमा की रक्षा में तैनात सैनिकों के बलिदान और उनके परिवार के दुख को हर शब्द में पिरोकर गाया गया है। गाने को सोनू निगम ने गाया है। फिल्म का आइकॉनिक गाना श्संदेश आते हैं को भी फिल्म में शामिल किया गया है। इस बार गाने को चार सिंगर्स ने मिलकर गाया है।करीब 200 करोड़ के बजट में बनी मूवीलगभग 150-200 करोड़ के बजट में बनी फिल्म दो दिन बाद रिलीज होने वाली है, और मेकर्स से लेकर स्टार्स तक को फिल्म से बहुत उम्मीदें हैं। दर्शकों के मन में भी श्बॉर्डर-2श् के लिए खास इमोशन हैं, क्योंकि श्बॉर्डरश् ने न सिर्फ 1997 में सिनेमाघरों के सारे रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि उसी के साथ हर भारतीय के मन में देशभक्ति जगाने से लेकर आंखों में आंसू भी दिए थे। अब देखना होगा कि फिल्म को दर्शक बॉर्डर की तरह कितना प्यार देते हैं।

वह बन गया मेरी धड़कन का हिस्सा:सुशांत के जन्मदिन पर बहन ने शेयर की भावुक पोस्ट, श्वेता सिंह ने भाई के प्रति प्यार को उतारा शब्दों में
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का नाम आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में बरकरार है। 14 जून 2020 को 34 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी यादें और उनका व्यक्तित्व आज भी फैंस के बीच मौजूद है। उनके जन्मदिन पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने भाई के प्रति प्यार और उनके व्यक्तित्व की विशेषताओं को शब्दों में उतारा। श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने पोस्ट में लिखा, सुशांत हर समय मेरे साथ हैं, हर सांस और हर पल में। उन्होंने पोस्ट में लिखा, लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं, क्या आप सुशांत को याद करती हो? और मैं मुस्कुराती हुई कहती हूं, वह मेरी धड़कन का हिस्सा बन गया है। मैं हर पल अपने दिल की धड़कनों में उसे सुनती हूं, हर दुआ, हर मुस्कान और हर खामोशी में मैं उसे महसूस करती हूं। मैं हर दिन थोड़ी-थोड़ी सुशांत जैसी बन रही हूं।पोस्ट में श्वेता ने आगे लिखा, भले ही सुशांत शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह प्रकाश के रूप में मौजूद हैं, वह लोगों को दिशा और प्रेरणा देता है। सुशांत का दिल सोने जैसा था और उसकी आत्मा हमेशा जिज्ञासु, दयालु, निडर और रोशन रही। उसके व्यक्तित्व ने एक ऐसा तरीका और ऊर्जा छोड़ी, जो लाखों लोगों को प्रेरित करती है।सुशांत ने बड़े सपने देखने दी सीखश्वेता ने लिखा, सुशांत सिर्फ अभिनेता नहीं थे, बल्कि वह खोज करने वाले, सोचने वाले, सपने देखने वाले और पूरी दुनिया से प्यार करने वाले इंसान थे। सुशांत ने हमें बड़े सपने देखने, सवाल पूछने, सीमाओं से परे जाने और जीवन को साहसिक रूप से जीने की सीख दी। उनका व्यक्तित्व इतना मजबूत और प्रेरणादायक था कि उनकी ऊर्जा हमेशा हमारे साथ बनी रहेगी। श्वेता ने अपने पोस्ट में कहा, सुशांत सिर्फ यादें नहीं छोड़ गया, बल्कि उसने एक अनोखी ऊर्जा और मार्गदर्शन भी छोड़ा। उसके जीवन और कार्यों से लोग दयालु, समझदार और उदार बनने की प्रेरणा लेते रहते हैं।हमेशा बना रहेगा हमारा प्यारश्वेता ने अपने भाई को प्यार भरे शब्दों में सोना सा भाई कहते हुए आगे लिखा, मेरा प्यार हमेशा बना रहेगा। मेरी दुआ है कि उसका जीवन और कार्य उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बने, जो अच्छे और सच्चे जीवन की ओर बढ़ना चाहते हैं। सुशांत का मार्गदर्शन हर समय लोगों को सही दिशा दिखाता रहेगा और उसका उदाहरण हर किसी के जीवन में प्रेरणा का काम करेगा। सुशांत के जन्मदिन पर श्वेता ने अपने भाई को शुभकामनाएं देते हुए कहा, तुम हर सांस और हर धड़कन में मेरे साथ हो और तुम्हारा व्यक्तित्व हमें हमेशा सही दिशा में जीने की प्रेरणा देगा।

सिनेमा जगत के लिए यादगार दिन है 20 जनवरी:सिनेमेटोग्राफर वी.के. मूर्ति को आज के ही दिन नवाजा गया था दादा साहब फाल्के अवार्ड से
मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत के लिए 20 जनवरी का दिन बेहद यादगार और महत्वपूर्ण है। यह दिन बताता है कि पर्दे पर एक्टिंग का जलवा दिखाने वाले एक्टर्स ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से योगदान देने वाले भी सिनेमा जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 20 जनवरी के दिन ही सिनेमेटोग्राफर वी.के. मूर्ति को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। इसी दिन साल 2010 में महान सिनेमेटोग्राफर वी.के. मूर्ति को दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें वर्ष 2008 के लिए दिया गया था और वह इस सम्मान को पाने वाले पहले सिनेमेटोग्राफर बने।भारत दुनिया में फिल्म निर्माण की संख्या के मामले में पहले स्थान पर है। हर फिल्म के पीछे निर्देशक, अभिनेता के साथ-साथ तकनीकी टीम का बड़ा योगदान होता है, जिसमें सिनेमेटोग्राफर की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। वे ही फिल्म की रोशनी, दिशा, फ्रेमिंग और दृश्यों की खूबसूरती तय करते हैं।दादा साहब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत साल 1969 में हुई थी, जो भारतीय सिनेमा में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है। लेकिन इतने वर्षों में पहली बार किसी सिनेमेटोग्राफर को यह सर्वोच्च सम्मान मिला, जब वी.के. मूर्ति को चुना गया। वी.के. मूर्ति का नाम पुरानी पीढ़ी के सिने प्रेमियों के लिए बहुत जाना-पहचाना है। वह मशहूर निर्देशक गुरु दत्त के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। 1950 के दशक में उन्होंने गुरु दत्त की क्लासिक ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों को अपनी कमाल की छायांकन कला से अमर बना दिया। वी के मूर्ति की फिल्मों की लिस्ट में प्यासा, कागज के फूल, चैदहवीं का चांद और साहिब बीवी और गुलाम।इन फिल्मों में उनकी रोशनी और कैमरा तकनीक आज भी सिनेमा के छात्रों के लिए मिसाल है। हालांकि, वी.के. मूर्ति को यह सम्मान मिलने में काफी लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनकी मेहनत और योगदान को आखिरकार वह पहचान मिली जो वे हकदार थे। यह घटना भारतीय सिनेमा में तकनीकी कलाकारों के महत्व को सामने लाती है।

शादी के 10 साल और यह सफर अभी भी जारी है:असिन ने दिखाई एनिवर्सरी सेलिब्रेशन की झलक
मुंबई। फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से दूर अभिनेत्री असिन थोट्टुमकल एक बार फिर चर्चाओं में हैं। मंगलवार को उन्होंने शादी की 10वीं सालगिरह के जश्न की झलक साझा की, जिसे उन्होंने बेहद खास और रोमांटिक अंदाज में मनाया। साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बनाने वाली असिन भले ही अब फिल्मों में नजर नहीं आतीं, लेकिन उनकी झलक का फैंस आज भी इंतजार करते हैं। खास मौके पर असिन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशियों को लोगों के साथ साझा किया।असिन ने अपनी 10वीं वेडिंग एनिवर्सरी के मौके पर इंस्टाग्राम स्टोरीज में कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इनमें उनके पति और बिजनेसमैन राहुल शर्मा भी नजर आए। एक वीडियो में राहुल शर्मा असिन के लिए मशहूर गायक जॉन लेजेंड का गाना श्ऑल ऑफ मीश् गाते दिखाई दिए। इस दौरान असिन की हंसी साफ देखी जा सकती है। असिन ने सबसे पहले एक खूबसूरत सैंड आर्ट की तस्वीर साझा की, जिसे उन्होंने खुद बनाया। इस पर लिखा ए़आर = एआर, और इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, शादी के 10 साल पूरे हो चुके हैं और यह सफर अभी भी जारी है।इसके बाद असिन ने कुछ वीडियो पोस्ट किए, जिनमें उनकी एनिवर्सरी सेलिब्रेशन की शानदार सजावट देखने को मिली। एक रोमांटिक कैनोपी को लाइटिंग, पर्दे और गुलाब की पंखुड़ियों के साथ खास तरीके से सजाया गया। एक वीडियो के बैकग्राउंड में हॉलीवुड फिल्म टाइटैनिक का मशहूर गाना माई हार्ट विल गो ऑन बज रहा है।इस खास मौके पर असिन ने बेटी आरिन का नोट भी शेयर किया, जिसे उनकी बेटी ने अपने हाथों से लिखा था, हैप्पी एनिवर्सरी मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। पूरी दुनिया में आप सबसे अच्छे मम्पी-पापा हैं। असिन और राहुल शर्मा की शादी जनवरी 2016 में हुई थी। पहले उनकी शादी ईसाई रीति-रिवाज से हुई और उसके बाद हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह संपन्न हुआ। शादी के बाद असिन ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। साल 2017 में दोनों आरिन के माता-पिता बने।

ओटीटी पर इस हफ्ते होगा धमाका:रिलीज होंगी रोमांस, थ्रिलर और स्पेस ड्रामा की हिट फिल्में और सीरीज
मुंबई। डिजिटल दुनिया में लोग फिल्मों और वेब सीरीज का मजा घर बैठे ले पाते हैं। मनोरंजन प्रेमियों के लिए यह हफ्ता खास होने वाला है। इस हफ्ते थिएटर्स में कुछ बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं, लेकिन ओटीटी भी दर्शकों के लिए भी काफी कुछ खास लेकर आ रहा है। नेटफ्लिक्स, जियो हॉटस्टार, प्राइम वीडियो और जी5 जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस हफ्ते कई नए और चर्चित प्रोजेक्ट्स रिलीज होने वाले हैं, जिनमें रोमांस, ड्रामा, थ्रिलर और स्पेस ड्रामा सभी का तड़का है।गुस्ताख इश्क- फिल्म गुस्ताख इश्क पिछले साल 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब ओटीटी की दुनिया में कदम रखने वाली है। फातिमा सना शेख और विजय वर्मा की जोड़ी इस फिल्म में दिल छू लेने वाली कहानी पेश करती है। फिल्म का निर्देशन विभु पुरी ने किया है और इसमें नसीरुद्दीन शाह और शारिब हाशमी भी अहम किरदारों में नजर आए हैं। गुस्ताख इश्क 23 जनवरी 2026 से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी।तेरे इश्क में- फिल्म श्तेरे इश्क में इस हफ्ते ओटीटी पर दस्तक दे रही है। फिल्म में कृति सेनन और धनुष मुख्य किरदारों में हैं और आनंद एल राय के निर्देशन में यह फिल्म रोमांस की एक नई परिभाषा पेश करती है। इस फिल्म में प्रकाश राज, प्रियांशु पैन्युली और तोता रॉय चैधरी जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। तेरे इश्क में 23 जनवरी 2026 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। यह फिल्म उन लोगों के लिए खास है, जो सिनेमा के जरिए रोमांटिक कहानी का आनंद लेना चाहते हैं।मार्क- कन्नड़ फिल्म मार्क भी इसी हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ रही है। 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म अब जियो हॉटस्टार पर 23 जनवरी से स्ट्रीम होगी। इसमें किच्चा सुदीप मुख्य भूमिका में है। यह फिल्म एक्शन और ड्रामा से भरपूर है। इसके अलावा, शाइन टॉम चाको, नवीन चन्द्र, विक्रांत और योगी बाबू भी फिल्म में प्रमुख कलाकारों के रूप में नजर आएंगे। कहानी में रोमांच और सस्पेंस का शानदार मिश्रण है।स्पेस जेनरू चन्द्रयान- स्पेस और विज्ञान से जुड़े कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों के लिए स्पेस जेन चन्द्रयान एक खास तोहफा है। यह स्पेस साइंस ड्रामा सीरीज 23 जनवरी से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। अरुणाभ कुमार द्वारा बनाई गई इस सीरीज में श्रिया सरन, गोपाल दत्त, नकुल मेहता, प्रकाश बेलावाड़ी और दानिश सैत जैसे सितारे हैं। कहानी अंतरिक्ष मिशनों और वैज्ञानिक चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती है।सिराई- तमिल क्राइम कोर्टरूम ड्रामा फिल्म सिराई भी इस हफ्ते ओटीटी पर दस्तक दे रही है। यह फिल्म 23 जनवरी से जी5 पर स्ट्रीम होगी। विक्रम प्रभु की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म न्याय, अपराध और रोमांच का मिश्रण है। कोर्टरूम की घटनाओं और अपराध की गुत्थियों को हल करने का अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आएगा।


