UTTAR-PRADESH NEWS

मथुरा में गोरक्षक की हत्या पर बवाल:आक्रोशित समर्थकों ने हाईवे किया जाम, खाकी पर भी बरसाए पथर, जानें क्या है पूरा मामला
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गोरक्षा से जुड़े गोरक्षक चंद्रशेखर की हत्या कर दी गई है। गोतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद बवाल मच गया है। शनिवार को आक्रोशित भीड़ ने हाईवे जाम कर जमकर हंगामा किया है। इस दौरान दिल्ली हाईवे पर जाम के दौरान फंसे वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया गया। आक्रोशित गोरक्षकों ने पुलिस प्रशासन पर पथराव भी पत्थर बरसाए हैं। वहीं पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बता दें कि जानकारी के अनुसार मथुरा के ब्रज क्षेत्र में गोरक्षक चंद्रशेखर, जिन्हें लोग “फरसा वाले बाबा” के नाम से जानते थे, की कथित गोतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी। यह घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के कोटवन चैकी के नवीपुर गांव के पास हुई। इसके बाद शनिवार सुबह छाता नेशनल हाईवे पर स्थानीय लोग और गोरक्षक एकत्रित होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे, जिसके चलते हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम लगने की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करने का प्रयास किया।गोरक्षकों ने आरोपियों को जल्द अरेस्ट करने की मांगदेखते ही देखते लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को दूर किया। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। गौरक्षकों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करे, नहीं तो आने वाले समय में और स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।कई थानों की फोर्स पहुंची मौके परपुलिस अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही हमें हाईवे पर जाम की सूचना मिली थी, कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पथराव शुरू हो गया। पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल एक युवक को मौके से ही पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिसपुलिस अधिकारियों ने कहा कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी गई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जो लोग भी इसमें शामिल हैं, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आज:कई अहम फैसलों पर मुहर लगने की उम्मीद, अंतिम चरण में निर्माण कार्य
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को अयोध्या में होने वाली है, जहां मंदिर संचालन और आगंतुकों की व्यवस्था से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णयों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। बैठक से पहले, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भव्य परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। मंदिर परिसर पर कुल व्यय लगभग 1,800 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो इस विकास की विशालता और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।मंदिरा में दर्शन व्यवस्था को लेकर भी होगा मंथनइसके साथ ही प्रमुख मुद्दों में से एक परिसर के भीतर स्थित सात सहायक मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था से संबंधित है। इनमें परिक्रमा मार्ग पर स्थित सप्त ऋषि मंदिर भी शामिल हैं, जहां आगामी रामनवमी समारोह के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश खोले जाने की उम्मीद है।कार्यक्रमों के आयोजन के तरीके पर निर्णय की भी उम्मीदट्रस्ट की ओर से भविष्य में धार्मिक समारोहों और कार्यक्रमों के आयोजन के तरीके पर भी निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में बड़े पैमाने के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते हैं और सरल एवं पारंपरिक अनुष्ठानों की ओर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। आध्यात्मिक पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, सातों मंदिरों में ध्वजारोहण समारोहों का आयोजन संयमित तरीके से किए जाने की संभावना है।

वृंदावन में राष्ट्रपति मुर्मू का आध्यात्मिक संगम:संत प्रेमानंद महाराज संग सेवा और जनकल्याण पर गहन मंथन
वृंदावन। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान शुक्रवार को राष्ट्रपति वृंदावन पहुंची, जहां उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट में राष्ट्रपति और महाराज ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की। श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत के आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। उनके साथ बातचीत में दोनों ने समाज की भलाई और लोगों के कल्याण पर भी चर्चा की।वात्सल्य ग्राम भी जाएगी मुर्मूइसके अलावा, अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम में भी जाएंगी। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है और राष्ट्रपति वहां जाकर संस्थान के कामकाज की जानकारी लेंगी और बच्चों व बुजुर्गों से मिलेंगी। राष्ट्रपति की यात्रा का अंतिम दिन 21 मार्च को गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना और सात मील की पारंपरिक गोवर्धन परिक्रमा के साथ समाप्त होगा। इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।यात्रा के पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की श्री राम यंत्र की स्थापनाइससे पहले, उन्होंने 19 मार्च को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की और वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना की। यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है और इसे मंदिर निर्माण का अंतिम स्तर माना जाता है। इस स्थापना के साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हुआ माना जा रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा पहुंचीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया।

नवरात्र से रमजान तक सुरक्षित माहौल:सरकार के 9 साल पूरे होने पर बोले योगी, उपलब्धियों के लिए जनता को दी बधाई
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में नव निर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं।फिर भी आत्महत्या के लिए मजबूर था किसानउन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था।युवाओं के सामने पहचान-रोजगार का था संकटउन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।बदल चुकी है यूपी की तस्वीरसीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने 9 दिन होंगे कार्यक्रममुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।बजट यूपी के संतुलित विकास को देगा नई गतिमुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

हिन्दू नववर्ष:प्रतिपदा पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में होगा भव्य कार्यक्रम, साक्षी बनेंगी महामहिम, देखने को मिलेगी संघ परंपरा की झलक
अयोध्या। हिन्दू पंचाक के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए साल की शुरुआत होती है। इस साल 19 मार्च यानि गुरुवार से नया संवत्सर शुरू हो रहा है, जिसे रौद्र संवत्सर भी कहा जा रहा है। नव वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर तमाम तरह की तैयारियों को लेकर प्रशासन चैकस है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को कारसेवक पुरम स्थित भरतकुटी में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कार्यक्रम के दिन सुबह आमंत्रित अतिथियों के आवास स्थलों के आसपास स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा के अनुसार शाखा लगेगी, ध्वज प्रणाम किया जाएगा और इसके साथ ही ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ से दिन की शुरुआत होगी।अतिथियों के लिए भोजन की रहेगी व्यवस्थाउन्होंने बताया कि आमंत्रित अतिथियों के लिए आठ अलग-अलग स्थानों पर भोजनालय की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से दो द्वार निर्धारित किए गए हैंकृबिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित प्रवेश द्वार और रंग महल बैरियर। सभी आमंत्रितजनों को सुबह 10 बजे तक प्रवेश अनिवार्य रूप से करना होगा।आमंत्रित अतिथि 2 बजे के बाद करेंगे प्रभु के दर्शनचंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम के समापन के बाद, लगभग पौने दो बजे के बाद सभी आमंत्रित अतिथियों को दर्शन कराए जाएंगे। इस विशेष दिन के लिए अलग से कोई विशेष दर्शन पास जारी नहीं किया गया है, हालांकि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। साथ ही, नवरात्रि से दर्शन का समय भी बढ़ाया जाएगा।चंपत राय ने दी आवासीय व्यवस्थाओं की जानकारीआवासीय व्यवस्थाओं पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के अतिथियों को मंदिर के पूर्व दिशा में ठहराया गया है, जबकि उत्तराखंड, मेरठ और ब्रज प्रांत से आने वाले अतिथियों के लिए रामघाट और दोराही कुआं क्षेत्र में व्यवस्था की गई है। बसों से आने वाले निर्माण सहयोगियों के लिए चूड़ामणि चैराहे और तीर्थ क्षेत्र पुरम में ठहरने की सुविधा दी गई है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी अपने 1,100 से अधिक भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं। मंदिर आंदोलन और निधि समर्पण अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया है, हालांकि स्थान की सीमाओं के कारण सभी को आमंत्रित नहीं किया जा सका।चंपत राय ने बताया कि आमंत्रित अतिथियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रवेश से पहले अपने आवास पर ही भोजन या जलपान कर लें। कार्यक्रम स्थल पर अल्पाहार की भी व्यवस्था रहेगी और व्रत रखने वालों के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिथि चाहें तो कार्यक्रम के बाद उसी दिन वापस जा सकते हैं या अगले दिन प्रस्थान कर सकते हैं।

हस्यमयी डोडीताल:हिमालय की गोद में वह पवित्र झील जहां जुड़ी है भगवान गणेश के पुनर्जन्म की कथा
उत्तरकाशी । हिमालय की गोद में बसी डोडीताल झील सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और पौराणिक महत्व के लिए भी खास मानी जाती है। इसे भगवान गणेश का जन्मस्थान माना जाता है। इसके आसपास की वादियां, बर्फ से ढके जंगल और पहाड़ इस स्थल को और भी खास बना देते हैं। डोडीताल झील के पास एक प्राचीन गणेश मंदिर स्थित है, जहां भगवान गणेश माता पार्वती (अन्नपूर्णा के रूप में) के साथ विराजमान हैं। इसके आसपास की वादियां, बर्फ से ढके जंगल और पहाड़ इस स्थल को और भी अलौकिक बना देते हैं। सर्दियों में जब झील और आसपास का क्षेत्र बर्फ की सफेदी में ढक जाता है, तो पूरा दृश्य ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने यहां अपना सबसे शांतिपूर्ण और दिव्य रूप सजाया हो।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तराखंड का डोडीताल वही पावन स्थल है जहां माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान गणेश की रचना की थी। कथा के अनुसार, माता पार्वती जब स्नान कर रही थीं, तब उन्होंने बालक गणेश को द्वारपाल के रूप में नियुक्त कर किसी को भी भीतर न आने देने का आदेश दिया। इसी बीच जब भगवान शिव वहां पहुंचे, तो अपने पिता के परिचय से अनजान बालक गणेश ने उन्हें भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।इस हठ से क्रोधित होकर महादेव ने बालक का सिर धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के विलाप और दुःख को देखकर भगवान शिव ने उन्हें पुनर्जीवित करने का वचन दिया और गणेश जी के धड़ पर गज (हाथी) का मुख लगाकर उन्हें पुनः जीवित किया।डोडीताल झील समुद्र तल से लगभग 3,024 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। झील का पानी क्रिस्टल की तरह साफ और नीला है, जिसमें हिमालयन गोल्डन ट्राउट मछलियां पाई जाती हैं। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, घने जंगल और अल्पाइन घास के मैदान इस जगह को जैसे किसी स्वर्ग में बदल देते हैं। यहां आने वाले लोग न सिर्फ हिमालय की सुंदरता को निहारते हैं, बल्कि भगवान गणेश की कथा और उनके पुनर्जन्म की पौराणिक गाथा को भी महसूस कर पाते हैं।

शांति स्वरूपानंद को रेप केस में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश:साध्वी ने वाराणसी की महिला को हथियार के रूप में किया था इस्तेमाल, पुलिस ने दर्ज किया मामला
उज्जैन। उज्जैन में चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद को झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने वाराणसी की एक महिला को लालच देकर महाराज पर झूठा केस दर्ज कराने के लिए दबाव डाला।जानकारी के अनुसार, महिला कुछ समय पहले उज्जैन आई थी। महाकाल दर्शन और शिप्रा परिक्रमा के दौरान उसकी पहचान घनश्याम पटेल, साध्वी मंदाकिनी पुरी और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद से हुई। इसके बाद मंदाकिनी पुरी ने महिला को अपने घर बुलाया, जहां वह करीब एक सप्ताह तक रही। इस दौरान पटेल और मंदाकिनी पुरी ने महिला पर महाराज के खिलाफ केस दर्ज कराने का दबाव डाला।पटेल ने महिला को 50 हजार का दिया था लालचमहिला के अनुसार, 27 फरवरी को पटेल वाराणसी पहुंचे और 50 हजार रुपये का लालच देकर केस दर्ज कराने की कोशिश की। पैसे महिला के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए और उज्जैन तक का बस टिकट भी कर दिया गया। साथ ही, केस दर्ज न कराने पर मंदाकिनी पुरी द्वारा उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी गई। डर के कारण महिला उज्जैन पहुंच गई।विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जरंगपंचमी के दिन महिला दत्त अखाड़ा परिसर में घनश्याम पटेल की मौजूदगी में बयान दे रही थी। इस दौरान आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी वहां पहुंचे और उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को दी। पुलिस ने महिला के मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।घनश्याम पटेल ने आरोपों को बताया निराधारघनश्याम पटेल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि महिला ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक फर्जी मामला दर्ज कराया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

काशीराम की जयंती पर पीडीए दिवस मनाना नौटंकी:सपा की घोषणा से लालपीली हुईं बसपा सुप्रीमो, कहा- वोट पाने किया जा रहा दिखावा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से बीएसपी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर ‘पीडीए दिवस’ मनाने की घोषणा के बाद सियासत तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (सपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए उसे दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग और बहुजन समाज विरोधी करार दिया है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म श्एक्सश् पर लिखा, ष्बीएसपी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर ‘पीडीए दिवस’ मनाने की घोषणा महज राजनीतिक नाटकबाजी है। उन्होंने इसे उपेक्षित वर्गों के वोट हासिल करने के लिए दिखावा बताया।मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा से ही बीएसपी और बहुजन महापुरुषों के सम्मान के खिलाफ रहा है। सपा का इतिहास दलितों और कमजोर वर्गों के साथ अन्याय और अत्याचार से जुड़ा रहा है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। 2027 के चुनाव को देखते हुए सपा की तरफ से ये किया जा रहा है। आज से पहले सपा ने इनको याद भी नहीं किया था।उन्होंने वर्ष 1993 के सपा-बसपा गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी दलितों पर अत्याचार रोकने की शर्तों का पालन नहीं किया गया। मायावती ने 2 जून 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि उनके ऊपर जानलेवा हमला कराया गया, जो इतिहास में दर्ज है। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे।बसपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि कांशीराम के नाम पर बनाए गए जिलों और संस्थानों के नाम सपा सरकार ने बदल दिए। कांशीराम नगर, संत रविदास नगर और लखनऊ में स्थापित उर्दू-फारसी-अरबी विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों के नाम बदले गए, जो बहुजन समाज के सम्मान के खिलाफ है। साथ ही सहारनपुर में कांशीराम के नाम पर बने अस्पताल का नाम भी परिवर्तित किए जाने का आरोप लगाया।मायावती ने सपा पर मुस्लिम विरोधी रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया और कहा कि सपा सरकारों के दौरान हुए दंगों से भारी जानमाल का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सपा और भाजपा एक-दूसरे की राजनीति को मजबूती देती रही हैं, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है। मायावती ने अपील करते हुए कहा कि सपा को यह जवाब देना चाहिए कि कांशीराम के निधन पर राजकीय शोक क्यों घोषित नहीं किया गया।

प्रयागराजः BSNL निदेशक को VIP ट्रीटमेंट मिलने पर भड़के सिंधिया:कहा- ऐसा आचरण अस्वीकार्य, नोटिस देकर 7 दिन में मांगा जवाब
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारत संचार निगम लिमिटेड के निदेशक विवेक बंसल की प्रस्तावित यात्रा के दौरान वीआईपी ट्रीटमेंट का खुलासा होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को विवेक बंसल को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने को अनुचित और नियमों का उल्लंघन बताया। साथ ही कहा कि ऐसा आचरण अस्वीकार्य और हैरान करने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य के लिए अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सिंधिया ने कहा कि यह घटना स्थापित नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। सिंधिया ने कहा,“कल मीडिया ने मुझसे कुछ सवाल पूछे और मैंने साफ कर दिया है कि यह अनुचित है और स्थापित नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। यह मुझे बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह बेहद हैरान करने वाला है।” उन्होंने आगे कहा,“निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है और उन्हें सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। हम उचित कार्रवाई करेंगे।”सिंधिया ने आगे इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में अधिकारियों के लिए किसी भी प्रकार का रॉयल ट्रीटमेंट अकल्पनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उप महाप्रबंधक द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, यात्रा से जुड़े 21 अलग-अलग कार्यों के प्रबंधन के लिए दो दिनों में लगभग 50 कर्मचारियों को तैनात किया गया था।रिपोर्ट के अनुसार, मिनट-दर-मिनट की योजना में नौका विहार, मंदिर दर्शन, त्रिवेणी संगम में स्नान और तौलिये, तेल, कंघी और यहां तक कि अंतर्वस्त्रों से युक्त स्नान किट की तैयारी शामिल थी। अधिकारियों को सूट की व्यवस्था करना, तस्वीरें खींचना, परिवहन का प्रबंध करना और वाहनों में पानी की बोतलें, चॉकलेट, चिप्स और अन्य पेय पदार्थ रखना जैसे काम भी सौंपे गए थे।इस निजी यात्रा से जुड़े दस्तावेज सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया और लोग इसकी खुलकर आलोचना कर रहे हैं। विवाद सामने आने के तुरंत बाद, बंसल की यात्रा रद्द कर दी गई। बता दें, सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने पिछली तिमाही में 1,300 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा दर्ज किया था। हालांकि, कंपनी का इसे लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है।

विदेश दौरे पर यूपी सीएमः सिंगापुर के बाद जापान पहुंचे योगी:टोक्यो में रोड शो कर लुभाया उद्योगपतियों-निवेशकों को, प्रदेश में निवेश का दिया न्योता
टोक्यो-लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे, जहां आयोजित ‘यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो’ में उन्होंने जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत आधारभूत संरचना, विशाल उपभोक्ता बाजार और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने जापानी उद्यमियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और यहां के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने जापान को ‘लैंड ऑफ द सनराइज’ बताते हुए सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। सारनाथ, कुशीनगर, सरस्वती और कौशांबी जैसे बौद्ध स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है।मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी ‘बीमारू’ कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। देश की 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद प्रदेश करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री-लॉजिस्टिक्स में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।यूपी की 56 फीसदी आबादी युवाउन्होंने कहा कि प्रदेश में 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जो उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराती है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विस्तृत रेल नेटवर्क और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी की जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा इंटरनेशन एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां जापानी उद्योगों के लिए क्लस्टर आधारित विकास किया जाएगा। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे शामिल हैं।इन क्षेत्रों में निवेश के अवसरउन्होंने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। राज्य के पास 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है और बुंदेलखंड क्षेत्र में 56 हजार एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है।जीआईएस में मिले थे 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावमुख्यमंत्री ने बताया कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मेरठ में दिल दहलाने वाला हादसा:व्यापारी के घर में भड़की आग से 6 जिंदा जले, इसमें 5 मासूम बच्चे और एक महिला शामिल
मेरठ। उत्तरप्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मेरठ जिले के लिसाड़ी गेट थाना में एक व्यापारी के मकान में भीषण आग लगने से 6 लोग जिंदा जल गए हैं। इसमें 5 मासूम बच्चे और एक महिला शामिला है, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई है। बताया जा रहा है कि जब घर में आग लगी तब घर के पुरुष नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसपी और डीएम मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के बाद शवों को बाहर निकाला गया। मोहम्मद फारुख ने बताया, वह नमाज पढ़ने गए थे, तभी पड़ोसी से घर में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि परिवार को अस्पताल लाया गया है। यहां पहुंचकर पता चला कि मेरी बेटी की मौत हो गई है। इसके अलावा भाई की पत्नी रुखसार, भतीजा अकदस और दो जुड़वा बेटियों अनामिका-इनाया की मौत हो गई।शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंकाएसएसपी अविनाश पांडे ने बताया, “सोमवार शाम करीब 8ः49 बजे लिसाड़ी गेट इलाके में हमें हाजी इकबाल के घर में आग लगने की सूचना मिली। तीन मिनट के भीतर ही 112 नंबर की आपातकालीन गाड़ी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद अन्य अधिकारी और दमकलकर्मी भी आ गए। घर में फंसे सात लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने 1 महिला और 5 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक घायल महिला का इलाज चल रहा है। अभी तक शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका है। बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड द्वारा जांच की जा रही है। ”जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजारजिला मजिस्ट्रेट वीके सिंह ने बताया, किदवई नगर, लिसाड़ी गेट स्थित एक आवासीय मकान में आग लग गई और इसकी सूचना हमें रात करीब 9 बजे मिली। आग लगने के कारण की जांच विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग दोनों ने की है। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि आग किसी विद्युत उपकरण के कारण लगी होगी और संभवतः घर में रखे कपड़ों तक फैल गई होगी। विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।परिवार ने सहायता लेने से किया इनकारसपा विधायक रफीक अंसारी कहते हैं, हमने परिवार की मदद करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने किसी भी प्रकार की सहायता लेने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उन्हें मदद की जरूरत नहीं है और वे सब कुछ खुद ही संभालना चाहते हैं।

3 फीट के दूल्हे को मिल 2.5 फीट की छोरी:रब ने ऐसे बना दी जोड़ी, शादी बनी चर्चा का विषय
हापुड़। प्यार न कोई उम्र देखता है न ही कद... प्यार करने की कोई उम्र भी नहीं होती है... उत्तरप्रदेश के हापुड़ में एक ऐसा ही अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। यहां मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी, इस बात को सच साबित करते हुए 3 फीट के दूल्हे ने 2 फीट 7 इंच की दुल्हन संग शादी कर सबको हैरान दिया है। कहते हैं कि प्यार में पड़ा इंसान अपने प्रेमी का रंग-रूप, जाति और धर्म नहीं देखता। इस जोड़े ने यह साबित भी कर दिया। हालांकि, अब यह शादी हर जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।दरअसल, ये अनोखी शादी हापुड़ के धौलाना में हुई है। यहां 3 फीट के दूल्हे और 2 फीट 7 इंच की दुल्हन की शादी ने सबको हैरान कर दिया। दूल्हे का नाम विजय और दुल्हन का चाऊल है। दोनों की शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से हुई। कम ऊंचाई के चलते दोनों परिवारों को लंबे समय से रिश्ता ढूंढने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब यह जोड़ी एक-दूसरे का सहारा बन गई है।दुल्हन के भाई नरेंद्र प्रजापति और धर्मेंद्र प्रजापति ने बताया कि छोटी लंबाई के कारण बहन के लिए कोई अच्छा वर नहीं मिल रहा था। कई साल तक ढूंढने के बाद एक अच्छा रिश्ता मिला। साल 2025 में एक रिश्तेदार के माध्यम से मोदीनगर के भूपेंद्र पुरी के रहने वाले यशपाल सिंह प्रजापति के 22 वर्षीय बेटे विजय का रिश्ता आया। विजय के परिवार को अपने बेटे के लिए जीवनसाथी की तलाश थी। दोनों परिवारों की सहमति और समझदारी से यह 5 जनवरी 2025 को रिश्ता तय हो गया।पिता की हो गई थी मौतऐसे कठिन समय में चारुल के बड़े भाई संगीत उर्फ टीटू ने पिता की जिम्मेदारी निभाई और पूरे सम्मान और परंपरा के साथ बहन का कन्यादान कर शादी कराई। विवाह समारोह में रिश्तेदारों और ग्रामीणों की उपस्थिति ने माहौल को और भावुक बना दिया। इधर, शादी की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में विजय और चाऊल की शादी में पहुंचे। हर कोई इस अनोखी शादी की तारीफ करता नजर आया। लोगों ने विजय और चाऊल को आशीर्वाद दिया।

एआई समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सियासी घमासान:अब मायावती ने कांग्रेस को दिखाया आइना, क्या कहा जानें
नई दिल्ली-लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के कथित अर्धनग्न प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ दल के साथ-साथ विपक्षी खेमे से भी इस घटना पर आपत्तियां सामने आई हैं। खासतौर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस प्रदर्शन को देश की गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सहयोगी समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने भी प्रदर्शन की जगह और तरीके पर सवाल उठाए हैं।दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी बताई जा रही है। इसी दौरान यूथ कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस होकर विरोध जताने की खबर सामने आई, जिसने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। भारतीय जनता पार्टी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने वाला कदम बताया, वहीं बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने भी अलग-अलग अंदाज में असहमति जताई।बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शनिवार को पोस्ट कर घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कार्यक्रम था, जिसमें देश और विदेश के कई प्रमुख लोग आमंत्रित थे। ऐसे मंच पर अर्धनग्न होकर रोष प्रकट करना “अति-अशोभनीय और निंदनीय” है। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का न होता तो स्थिति अलग हो सकती थी, लेकिन वैश्विक महत्व के आयोजन में इस प्रकार का आचरण चिंता का विषय है।मायावती ने अपने संदेश में देश की गरिमा और छवि को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक असहमति को व्यक्त करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि उससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि बसपा आम तौर पर कांग्रेस के आंतरिक मामलों पर खुलकर प्रतिक्रिया देने से बचती रही है।

बांटा कोर्ट का अहम फैसला:बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा, जज ने कहा- मौत होने तक लटकाए रखें फांसी पर
सतना। यूपी में बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को बांदा कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने दंपत्ति के खिलाफ यह अहम फैसला शुक्रवार को दिया है। ये दोनों बच्चों के अश्लील वीडियो-फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। पति रामभवन सिंचाई विभाग का जेई था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी। रामभवन की पोस्टिंग चित्रकूट में थी। फैसला देते समय पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए। कोर्ट ने दोनों को 18 फरवरी को दोषी ठहराया था। सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर 2020 को अरेस्ट किया था। वहीं, दुर्गावती को गवाहों पर दबाव डालकर समझौता कराने का दोषी पाया गया था। दोनों के कोई संतान नहीं थी। रामभवन अपनी पत्नी के साथ मिलकर गरीब घरों के बच्चों को लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। दोनों मिलकर नाबालिगों का कुकर्म करते थे। बच्चों की उम्र 5 से 16 साल के बीच होती थी। बच्चों के साथ पत्नी संबंध बनाती थी, जबकि रामभवन उनसे कुकर्म करता था। इतना ही नहीं, दोनों लैपटॉप के कैमरे के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो भी बना लेते थे। इस दौरान अगर कोई बच्चा विरोध करता था तो पति-पत्नी उन्हें मारते-पीटते थे। चिल्लाने पर उनका मुंह दबा देते थे। फिर पैसे या खिलौने, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट देने का लालच देकर उसकी जुबान बंद करा देते थे। एक बच्चे ने बताया था कि रामभवन मोबाइल फोन में गेम खेलने और यूट्यूब पर वीडियो दिखाने का लालच देकर अपने घर बुलाता था। पति-पत्नी कभी बांदा में किराए का मकान लेकर, तो कभी चित्रकूट में गंदा काम करते थे। इस दौरान पति-पत्नी ने 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया।वर्ष 2020 में दर्ज हुआ प्रकरणइसकी शिकायत मिलने पर 31 अक्टूबर 2020 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रामभवन के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप था कि वह बच्चों के अश्लील वीडियोध्फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था। इसके बाद 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के 88वें दिन दाखिल की थी। सीबीआई को इंटरपोल की तरफ से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति 3 मोबाइल नंबरों से 7 से लेकर 18 साल के बच्चों के पोर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट में अपलोड करता है। साथ ही एक पेन ड्राइव भी मिली थी। उसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 फोटो थीं। ये बच्चे बांदा, चित्रकूट समेत आसपास के जिलों के रहने वाले थे। उस नंबर को ट्रेस किया गया, तो पता चला कि रामभवन अपनी पत्नी के साथ यह गंदा काम कर रहा था।10-10 लाख की प्रदान की जाए राशिबच्चों से जुड़ा मामला होने के चलते सीबीआई ने पॉक्सो कोर्ट में ट्रायल कराया। इस मामले में फरवरी 2021 में चार्जशीट लगाई। 74 गवाह पॉक्सो कोर्ट में पेश किए। शुक्रवार को पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है। ये भी कहा है कि डीएम को एक पत्र लिखा

अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला:राहुल ने सुल्तानपुर कोर्ट में लगाई हाजिरी, दर्ज कराया बयान, 9 मार्च को फिर होगी पेशी
सुल्तानपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि प्रकरण में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में पेश हुए। अदालत में लगभग 20 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान उनका बयान दर्ज किया गया। अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी। राहुल गांधी के वकील ने बताया कि गांधी का मुकदमा आज कोर्ट में था। वह पूर्व निर्धारित समय से वहां पहुंच गए थे। उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया है। अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके ऊपर राजनीतिक दुर्भावना के अंतर्गत यह केस दर्ज कराया गया। राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए सुल्तानपुर पहुंचे। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया था। निर्धारित समय पर वे दीवानी न्यायालय पहुंचे और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाहर निकल गए। अदालत परिसर में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले डॉग स्क्वायड से परिसर की सघन जांच कराई गई। सुरक्षा घेरा मजबूत रखने के लिए एक अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), चार क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अदालत परिसर के बाहर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इसे नियमित न्यायिक प्रक्रिया बताया और कहा कि उन्हें अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद है। ज्ञात हो कि वर्ष 2018 का है, जब कर्नाटक में एक प्रेसवार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इस पर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्र ने सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था। राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को पहले भी अदालत में पेश हुए थे। बाद की तिथियों पर अनुपस्थित रहने के बाद 19 जनवरी को अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।

मानहानि मामले में राहुल की आज पेशी:बयान दर्ज कराने पहुंचे सुल्तानपुर कोर्ट, अमित शाह से जुड़ा है पूरा मामला
लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और यूपी के रायबरेली से लोकसभा सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए आज सुल्तानपुर की कोर्ट में पेश होंगे। पार्टी नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी के सुबह करीब 10ः50 बजे सिविल कोर्ट पहुंचना है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उन्हें सुल्तानपुर अदालत जाना है। आज तारीख है और वे खुद अदालत में पेश होंगे। उन्होंने जानकारी दी कि पार्टी कार्यकर्ताओं समेत कई लोग आ रहे हैं और उनसे मिलेंगे।वहीं, कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सुल्तानपुर अदालत में एक मामले में पेश होंगे और कार्यवाही में भाग लेंगे। इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे और फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। बता दें कि राहुल गांधी की यह पेशी तब हुई, जब वे 19 जनवरी को सुल्तानपुर स्थित एमएलए-एमपी कोर्ट में पिछली सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके चलते अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की थी।मानहानि का यह मामला अक्टूबर 2018 में सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात के हनुमानगंज क्षेत्र से भाजपा के स्थानीय सदस्य विजय मिश्रा ने दायर किया था। विजय मिश्रा ने आरोप लगाया कि अगस्त 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ईमानदारी और स्वच्छ राजनीति के प्रति प्रतिबद्धता का दावा करती है, लेकिन इसका नेतृत्व एक ऐसे पार्टी अध्यक्ष द्वारा किया जा रहा है जो हत्या के मामले में आरोपी है।सुल्तानपुर की अदालत ने फरवरी 2024 में इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी थी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता की आलोचना करते हुए कहा कि उनका गैरजिम्मेदाराना व्यवहार, भारत विरोधी बयान और भारत के विकास की आलोचना स्पष्ट रूप से उनकी मानसिकता को दर्शाती है, जिससे पता चलता है कि उन्होंने भारत विरोधी सोच विकसित कर ली है। यह समझना मुश्किल है कि वे भारत के साथ हैं या उसके खिलाफ।कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने के कारण अदालत परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर यूपी सरकार का नया दांव:डिप्टी सीएम ने बटुकों पर बरसाए फूल, सम्मान समारोह पर शंकराचार्य ने कसा तंज
लखनऊ। प्रयागराज के माघ मेला में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मामले को लेकर विपक्ष ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला था। हालांकि सरकार अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास पर बड़ी संख्या में बटुकों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया। इस दौरान बटुकों ने उन्हें फूल भेंट कर स्वागत किया और उनके समर्थन के लिए आभार जताया।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को सम्मानित किए जाने के कदम पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बटुकों के सम्मान को अपर्याप्त और विरोधाभासी करार दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम के सम्मान समारोह पर तंज कसते हुए कहा, क्या ऐसा करने से शांति हो जाएगी? आप किसी को मारते हो और फिर उस पर फूल चढ़ाते हो, यह कैसे संभव है?स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मर्यादा वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े पद पर बैठने से किसी को अन्याय करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि गेरुआ वस्त्र धारण करने के बावजूद शासन में सनातन धर्म के प्रतीकों और शिखा का अपमान किया जा रहा है और हनक दिखाई जा रही है। उन्होंने न्याय न मिलने पर 11 मार्च को लखनऊ कूच करने का ऐलान किया है। इस बीच, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सरकार की देरी से जगी श्चेतनाश् पर सवाल उठाते हुए पाठक के इस्तीफे की मांग की हैबता दें कि विवाद की शुरुआत मौनी अमावस्या के दिन हुई, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी पर सवार होकर संगम में स्नान के लिए जा रहे थे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद अधिकारियों से उनकी तीखी बहस हुई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन्हें संगम स्नान से रोका गया और बटुकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कथित रूप से उन पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भी दिखाईं, जिन पर चोटी खींचने का आरोप लगाया गया और इसी मुद्दे को लेकर वे धरने पर बैठ गए।

यूपी में देर रात नहर में गिरी बेकाबू कार:डूबने से तीन लोगों की मौत, इसमें दो महिलाएं, औरैया में हुआ दर्दनाक हादसा
औरेया। उत्तरप्रदेश के औरैया जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां के अछल्दा थाना इलाके में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई है। मृतकों में दो महिलाएं हैं। यह घटना रात के समय बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के नीचे से निकली नहर में हुई, जब कार इटावा की तरफ जा रही थी।जैसे ही हादसा हुआ, वहां अफरा-तफरी मच गई. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची। कार सवार लोगों को बाहर निकाला गया, मगर तब तक उनकी जान जा चुकी थी. मृतकों में एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। वहीं दुर्घटना की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग ने एहतियातन नहर का पानी बंद करवा दिया है। मृतकों की पहचान राजीव कुमार गुप्ता (50), पत्नी मधू गुप्ता (48), शुभम गुप्ता (27) निवासीगण भरथना इटावा के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि कार सवार दिबियापुर से बारात समारोह में शामिल होकर भरथना की ओर लौट रहे थे। देर रात अचानक कार अनियंत्रित हो गई और सीधे नहर में जा पलटी. रात होने के कारण किसी को घटना की भनक नहीं लगी। सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच ग्रामीणों ने नहर में कार का टायर ऊपर दिखाई देने पर 112 नंबर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी अछल्दा पी. पुनीत मिश्रा और थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया।कार के अंदर मिला शादी का कार्डकार डस्टर बताई जा रही है। जब गाड़ी को बाहर निकाला गया तो उसमें एक महिला और दो पुरुष मृत अवस्था में मिले। कार के अंदर मिले शादी के कार्ड से मृतकों की पहचान भरथना क्षेत्र के रहने वाले लोगों के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।घटना से परिवार में पसरा मातमजिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने नहर में गाड़ी का टायर दिखाई देने पर सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर गाड़ी बाहर निकाली गई। गाड़ी डस्टर थी। अंदर एक महिला और दो पुरुष मिले, जिनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक आशंका तेज रफ्तार या चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है. घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

गठबंधन की अफवाहों पर भड़की मायावती, :अंबेडकर विरोधी होने का दावा कर बसपा सुप्रीमो बरसी भाजपा-कांग्रेस और सपा पर
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन को लेकर चल रही खबरों का खंडन किया है। उन्होंने आरोप लगाए कि लोगों को गुमराह करने की नीयत से झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। मायावती ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा की सोच भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण उनके साथ गठबंधन से बसपा को भारी नुकसान होता है। मायावती ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा, ष्व्यापक देश व जनहित की कड़वी हकीकत के बारे में देश व दुनिया को जागृत करके लोकतंत्र और संविधान को मजबूती प्रदान करने के बजाय, इन दिनों एआई को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाओं के बीच किसी ना किसी बहाने बसपा के बारे में यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी विधानसभा का होने वाला अगला चुनाव गठबंधन में लड़ेगी, जो विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने की नीयत वाली यह झूठी और मनगढ़ंत खबरें हैं।उन्होंने कहा कि अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने के बारे में बसपा की ओर से एक बार नहीं, बल्कि कई बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा की गई। कुछ लोग घिनौनी साजिश में पड़कर इस प्रकार की उल्टी-पुल्टी व गलत खबर प्रचारित करने की फर्जी उड़ान भरकर अपना समय और इमेज दोनों बर्बाद करते हैं।बसपा सुप्रीमो ने लिखा, पार्टी के लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा और भाजपा की सोच संकीर्ण है और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण इनकी अंबेडकरवादी बसपा से गठबंधन करने की नीति सिर्फ वोटों का राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ है। ऐसे गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। इसलिए 2027 में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं।मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अनर्गल व मनगढ़ंत बातों पर कतई भी ध्यान ना दें और वे हाथी की मस्त चाल चलते रहें। 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से वे बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएं।मायावती ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने वर्तमान सरकार की ओर से दिल्ली में अलॉट टाइप-8 बंगले को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह उन्हें त्यागराज मार्ग पर अलॉट बंगले के बदले में मिला है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसको लेकर राजनीति करना उचित नहीं है।

कालिंजर महोत्सव-2026ः:‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ के संगम में सजेगा बुंदेलखंड, तीन दिन बांदा बनेगा सांस्कृतिक राजधानी
बांदा। उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक नगरी बांदा महाशिवरात्रि के दिन से यानि 15 से 17 फरवरी तक सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है। इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा थीम पर आयोजित होने जा रहा कालिंजर महोत्सव 2026 सांस्कृतिक महासंगम के रूप में विरासत, पर्यटन और जनभागीदारी का विराट उत्सव बनेगा। जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में लोक परंपराओं, कला, संगीत और खेल का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कालिंजर महोत्सव बुंदेलखंड की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव को नई पहचान देने का सशक्त मंच है। उन्होंने बताया कि बुंदेली लोक नृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध प्रस्तुतियां क्षेत्रीय परंपराओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेंगी। ऐतिहासिक कालिंजर किला की पृष्ठभूमि में आयोजित यह महोत्सव देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी स्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा। तीन दिवसीय आयोजन में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, वहीं खेल महोत्सव के जरिए युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मंच मिलेगा। ‘बांदा गॉट टैलेंट’ के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा, जबकि ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ के अंतर्गत कलाकार, गायक और खिलाड़ी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। मंडलीय सरस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी, विभागीय स्टॉल, सम्मेलन और गोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। खेल महोत्सव प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। 15 फरवरी को खो-खो, 16 फरवरी को कबड्डी और 17 फरवरी को दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। वहीं ‘बांदा गॉट टैलेंट’ प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक होगाकृ15 फरवरी को विद्यालय स्तर, 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तर और 17 फरवरी को जनपद स्तरीय विजेताओं की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक ‘स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर’ के अंतर्गत बुंदेली लोक नृत्य, लोक गायन और वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन की प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद शाम 6 से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन होगा। 15 फरवरी को तृप्ती शाक्या एंड ग्रुप, 16 फरवरी को साधो द बैण्ड एंड ग्रुप और राधा श्रीवास्तव एंड ग्रुप प्रस्तुति देंगे। 17 फरवरी को चर्चित गायिका ममता शर्मा और राजा रेन्चो अपनी प्रस्तुतियों से समापन संध्या को यादगार बनाएंगे। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि कालिंजर महोत्सव-2026 बुंदेलखंड की विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गणतंत्र दिवस की झांकी में कालिंजर किले को प्रमुखता देकर उसकी ऐतिहासिक गरिमा को नई ऊंचाई दे चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा।

यूपी बजट पर रामगोपाल ने सीएम योगी को किया टारगेट:सरकार की आर्थिक समझ और नीतियों पर भी कसा तंज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। रामगोपाल यादव ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा, वहां से किस तरह का अच्छा बजट आने की उम्मीद की जा सकती है? वहां किस तरह के अर्थशास्त्री मुख्यमंत्री बैठे हैं?उन्होंने सरकार की आर्थिक समझ और नीतियों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जनता को इससे कोई खास लाभ मिलने वाला नहीं है। रामगोपाल यादव ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार पहले ही गरीबों को उनके घरों से बेघर कर चुकी है। उन्होंने कहा, जब गरीबों को उनके घरों से हटा दिया गया है, तो अब यह बजट किसके लिए लाया जा रहा है?सपा विधायक ने जताई उम्मीदसपा विधायक संग्राम सिंह ने यूपी बजट 2026 पर कहा, हम सब उम्मीद किए हैं कि बजट किसानों के हित में होगा, छात्रों और नौजवानों के हित में होगा। भाजपा ने जो वादा किया था कि स्वास्थ्य सेवाएं को विश्व स्तर पर लाएंगे, वह अभी दिख नहीं रहा। बजट से जो पूर्व पूर्वानुमान आए हैं, उसमें कुछ दिख नहीं रहे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा, पेपरलेस विधानसभा में एक बार फिर कागज का बजट पेश किया जाएगा। बजट में कोई विजन नहीं होगा। यह सिर्फ धोखा होगा।सरकार में बजट खर्च करने नहीं इच्छाशक्तिः कांग्रेसउन्होंने आगे कहा कि छात्र, किसान, नौजवान और पीड़ित लोग इनसे उब चुके हैं और मन बना लिए हैं कि आगामी चुनाव में हम इन्हें हराएंगे और पीडीए की सरकार बनाएंगे। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा, सरकार तो बजट के आंकड़े प्रस्तुत करती है, पर सच तो यह है कि सरकार में बजट को खर्च करने की इच्छाशक्ति ही नहीं है।

महाशिवारात्रि स्पेशल:पाताल लोक से जुड़े हैं बाबा दुग्धेश्वर महादेव, स्पर्श मात्र से मिलती है कष्टों से मुक्ति
देवरिया। 15 फरवरी को देशभर के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि का त्योहार पूरे उत्साह से मनाया जाने वाला है और उसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में हम आपके लिए ऐसे शिव मंदिर की जानकारी लेकर आए हैं जिसकी उत्पत्ति गाय के दूध से हुई है और इस अद्भुत शिवलिंग की जड़ें पाताल लोक से जुड़ी हैं। खास बात ये है कि मंदिर सिर्फ अध्यात्म का केंद्र नहीं बल्कि राजनीति से भी जुड़ा है।हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, उसका नाम है दुग्धेश्वर महादेव मंदिर, जो कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर कस्बे में बना है। मंदिर हजारों साल पुराना बताया जाता है और मंदिर को लेकर भक्तों की मान्यता भी उतनी ही मजबूत है। माना जाता है कि दुग्धेश्वर महादेव के स्पर्श दर्शन और दूध अर्पित करने से जीवन के सारे कष्ट मिल जाते हैं और शारीरिक रोगों से भी मुक्ति मिलती है, लेकिन खास बात ये है कि मंदिर के गर्भगृह में मौजूद ये शिवलिंग अनोखा है क्योंकि उसका आकार बाकी शिवलिंग से बिल्कुल अलग है।मंदिर में स्थापित शिवलिंग दिखने में खंडित चट्टान की तरह दिखते हैं और इस रूप को चंडलिंग अवतार माना जाता है। इसका कनेक्शन उज्जैन के महाकाल से है। माना जाता है कि दुग्धेश्वर महादेव बाबा महाकाल के उप-रूप हैं, जिनके दर्शन करने से ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने जितना ही पुण्य मिलता है। इसलिए जो भक्त बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन नहीं जा पाते हैं, वे देवरिया के दुग्धेश्वर महादेव के दर्शन जरूर करते हैं।18 एकड़ में बने दुग्धेश्वर महादेव के दर्शन करना भी आसान नहीं है क्योंकि महादेव जमीन से नीचे की तरफ 15 फीट पर स्थिति हैं और उनके दर्शन के लिए सीढ़ियों से नीचे उतकर जाना होता है। जमीन से नीचे की तरफ स्थापित होने की वजह से दुग्धेश्वर महादेव को पाताल का राजा कहा जाता है। माना जाता है कि शिवलिंग की जड़ें पाताल लोक से जुड़ी हैं।मंदिर की पौराणिक कथा भी बहुत अद्भुत है। कहा जाता है कि सालों पहले एक गोपालक की गाय इसी स्थान पर आकर रोजाना दूध देती थी। जब गोपालक ने गाय का पीछा किया तो पता चला कि इस जगह पर वो दूध देती है, वहां दिव्य शक्ति स्थापित है। बाद में उसी स्थान पर स्वयंभू दुग्धेश्वर महादेव प्रकट हुए। उसी दिन से बाबा पर दूध चढ़ाने की परंपरा चली आई है। शिवरात्रि, महाशिवरात्रि और सावन के महीने में मंदिर में मेले का आयोजन होता है और बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर बाबा का विशेष शृंगार होता है और भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए बाबा पर गाय का शुद्ध दूध अर्पित करते हैं।

यूपी की रूह कंपा देने वाली घटना:दीवार पर खुदकुशी की वजह लिख एक ही परिवार के 5 लोगों ने दी जान, मथुरा के महावन क्षेत्र में फैली सनसनी
मथुरा। उत्तरप्रदेश से एक लोमहर्षक घटना सामने आई है। यहां के मथुरा के महावन क्षेत्र में एक ही परिवार के 5 लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। मृतकों में पति-पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। इस परिवार के आत्महत्या के पीछे की आखिर वजह क्या रही, ये फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। गांव खप्पर पुर की है घटनातहसील महावन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खप्पर पुर की ये घटना है। यहां के रहने वाले 35 वर्षीय किसान मनीष, उनकी पत्नी सीमा, दो बेटियां हनी और प्रियांशी और दो वर्षीय बेटे पंकज का शव मिला। आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट भी लिखा गया। बताया गया है कि मनीष की शादी आठ साल पहले मड़नई सादाबाद से हुई थी। मनीष के दो भाई और हैं, जो गांव में ही अलग-अलग घरों में रहते हैं। मनीष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इस मकान में रहता था। दीवार पर लिखे ये शब्द घर के अंदर परिवार के सभी लोगों की लाशें मिलीं हैं। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार घर के अंदर दीवार पर लिखा है कि अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।सबकुछ हो गया खत्म, रो पड़े सीमा के पिताबेटी सीमा और दामाद मनीष के साथ मासूम धेवता और धेवती की मौत की खबर मिलते ही विजेन्द्र भी गांव पहुंच गए। विजेन्द्र ने बताया कि बेटी और दामाद से एक दिन पहले ही मिलने आए थे। उन लोगों से बात भी हुई थी। ऐसा कुछ हो जाएगा, इसका अंदाजा भी नहीं था। उन्होंने बताया कि किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं थी, लेकिन कुछ समय से मनीष का अपने भाई बिल्लू से विवाद चला आ रहा था।

संस्कृति और रिश्तों को मजबूत करने की नई पहल:महाशिवरात्रि के मौके पर मथुरा से आए बाबा विश्वनाथ के लिए उपहार
वाराणसी। 15 फरवरी को होने वाली महाशिवरात्रि को लेकर देशभर के मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं। रंग-रोगन से लेकर खास तरह की पोशाक और मिष्ठान बनाना शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में मथुरा और अन्य मंदिरों से वस्त्र, मिठाई और फल सहित कई प्रकार की भेंट अर्पित की जा रही है। इस आदान-प्रदान का उद्देश्य अन्य मंदिरों के बीच संस्कृति और रिश्तों को मजबूत करना है।इस कार्यक्रम को मंदिरों में सफलतापूर्वक चलाने वाले कार्यकर्ता ने आईएएनएस से कहा, महाशिवरात्रि को लेकर देशभर के मंदिरों से नई पहल शुरू की गई है, जिसमें देश के बड़े मंदिर और हमारी मुहिम से जुड़ने वाले मंदिर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे हमारे सनातन धर्म और मंदिर का जुड़ाव पहले से और ज्यादा मजबूत होगा। जैसे हम इस कार्यक्रम के तहत महाशिवरात्रि पर भेंट लेकर आए हैं, वैसे ही बाकी बड़े मंदिरों में होने वाले त्योहारों पर भी भेंट अर्पित की जाएगी।उन्होंने आगे कहा, देश में लगातार भाषा, खाने, बोली, क्षेत्र और पहनावे के आधार पर अंतर को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है और इसका असर भी कई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। इस अंतर को हम सभी इस कार्यक्रम और आस्था के जरिए पाटने की कोशिश कर रहे हैं। इसका उद्देश्य देश के सभी मंदिरों को एक दूसरे से जोड़ने का है। भारत के किसी भी भाग में मौजूद मंदिर सनातन का प्रतीक है, जिसे क्षेत्र या बोली के आधार पर बांटना गलत होगा।बहुत पुराना है शिव-श्रीकृष्ण का संबंधमंदिर में अर्पित की जाने वाली भेंटों की जानकारी देते हुए बताया, महाशिवरात्रि के मौके पर जम्मू कश्मीर में स्थित माता वैष्णों देवी और दक्षिण में रामेश्वरम और गुजरात से लेकर असम तक के बड़े मंदिरों से भेंटें प्राप्त हो चुकी हैं। आज मुथरा से आई भेंट को अर्पित करने का काम किया जा रहा है क्योंकि भगवान शिव और श्री कृष्ण का संबंध बहुत पुराना है और दोनों ही एक दूसरे को अपना आराध्य मानते हैं। मंदिर से प्रसाद, वस्त्र और फूल बड़ी मात्रा में भेजे गए हैं।

मथुरा का खौफनाक मंजर:यमुना एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कंटेनर ने बस यात्रियों को रौंदा, 6 मुसाफिरों की मौके पर मौत, कई गंभीर घायल
मथुरा। उत्तरप्रदेश में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के एक हाई स्पीड कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े एक दर्जन से अधिकारियों को कुचल दिया है। इस भीषण हादसे में जहां 6 मुसाफिरों की मौत हो गई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद घटना स्थल का मंजर खौफनाक था। घटना सुरीर थाना क्षेत्र के माइल स्टोन 88 के पास की है, जहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े यात्रियों को रौंद दिया। मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि छह लोग कुचल गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति घायल हुआ था, जिसका इलाज के बाद वह खतरे से बाहर है।घटना के लिए बस चालक को ठहराया जिम्मेदारजिलाधिकारी ने घटना के लिए बस चालक को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि बस ड्राइवर ने गलत तरीके से यमुना एक्सप्रेसवे पर बस को खड़ा किया था। कुछ लोग शौचालय के लिए उतरे थे। इस बीच कुछ लोग बस के आगे खड़े थे। पीछे से एक कंटेनर ने टक्कर मारी, जिसके कारण 6 लोग बस के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों में से पांच की पहचान हुई है और उनके परिजनों को रात में ही सूचना दी गई, जो अभी यहां आ चुके हैं। इस घटना में पूरा प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। मामले में बस और कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।दिल्ली से कानपुर जा रही थी बस मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि थाना सुरीर क्षेत्र में रात करीब 2ः45 बजे यमुना एक्सप्रेस के माइलस्टोन 88 के पास एक बस सड़क किनारे रुकी। यह बस दिल्ली से कानपुर जा रही थी। तभी रास्ते में कुछ यात्री टॉयलेट करने के लिए नीचे उतरे। उसी समय, एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बस को टक्कर मार दी और पास खड़े यात्रियों को भी टक्कर लगी। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।घायलों को दी जा रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएसएसपी ने कहा कि घायल का बेहतर से बेहतर इलाज कराया जा रहा है। मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मनोज वाजपेयी की फिल्म के टाइटल के विरोध में उठे स्वर:बसपा सुप्रीमों ने भी सुनाई खरी-खरी, प्रतिबंध लगाने भी की मांग
नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडित के टाइटल को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम को जातिसूचक और एक विशेष समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इसके विरोध में आवाजें तेजी से उठ रही हैं। फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए फिल्म के टाइटल की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बीएसपी की यह मांग।फिल्म को लेकर सोशल मीडिया में बहस तेजफिल्म के विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। यूजर्स इसे धार्मिक और जातिगत भावनाओं पर हमला करार दे रहे हैं। नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की ओर से फिलहाल इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामलाइससे पहले, अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि टाइटल घूसखोर पंडित ब्राह्मण समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और जानबूझकर अपमानजनक बनाया गया है। याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने बताया कि नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म का प्रचार शुरू कर दिया है। श्पंडितश् शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जो ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाला है।उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की रिलीज से ब्राह्मण समुदाय की छवि को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचेगा और सामाजिक सद्भाव बिगड़ेगा। ऐसे में डर है कि यह शो सामूहिक मानहानि, हेट स्पीच और सांप्रदायिक तनाव पैदा करेगा, इसलिए उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप और अंतरिम रोक की मांग की है।

आनलाइन गेमिंग की आदी तीन सगी बहनों ने लगाई मौत की छलांग: गाजियाबाद की दिल दहलाने वाली घटना, परिवार में मचा हाहाकार
गाजियाबाद। गाजियाबाद के टीलामोड़ थानाक्षेत्र इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के भारत सिटी सोसाइटी में देर रात करीब 2ः30 बजे 16, 14 और 12 साल की तीन सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से मौत की छलांग लगा दी। तीनों बेटियों की मौत के बाद परिवार में हाहाकार मच गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन लवर नामक एक टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम की शिकार हुई थीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों के कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।बताया जा रहा है कि ये तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन गेम खेलने की आदी हो चुकी थीं और कोरोना महामारी के बाद से इनका स्कूल भी रेगुलर नहीं था। चेतन कुमार, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं और तीन साल से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे हैं, उनकी तीन बेटियों की उम्र 16, 14 और 12 वर्ष थी। काफी समय से गेम खेल रही थीं बच्चियांमामला मंगलवार देर रात करीब दो बजे का है। चेतन कुमार पत्नी के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे। तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी। पिता चेतन कुमार ने बताया कि बच्चियां काफी समय से यह गेम खेल रही थीं और कल इसका 50वां यानी आखिरी टास्क था। इसी टास्क को पूरा करने के लिए उन्होंने मौत को चुना। बच्चियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का लिया सहारा9वीं मंजिल की बालकनी से कूदने के लिए बच्चियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का सहारा लिया ताकि वे रेलिंग के ऊपर जा सकें. पुलिस जांच में पता चला है कि 14 वर्षीय प्राची (बीच वाली बहन) इस गेम की लीडर थी. वही कमांड देती थी और तीनों हर काम साथ करती थीं। पुलिस को मौके से एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर सिर्फ मम्मी-पापा साॅरी लिखा था.पुलिस ने बच्चों के मोबाइल किए जब्त डीसीपी निमिष पाटिल और एसीपी अतुल कुमार ने बच्चों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं. पुलिस अब उस कंट्रोलर या लिंक की तलाश कर रही है जिसने बच्चों को यह गेम खेलने के लिए उकसाया। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि डिजिटल स्क्रीन के पीछे उनकी बेटियों की मौत की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि तीनों बहनें पिछले कुछ माह से ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेल रही थीं। कोरोना के बाद से तीनों पढ़ाई भी छोड़ चुकी थीं।एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि चेतन कुमार ऑनलाइन ट्रेडिंग का करते हैं और तीन वर्ष से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे हैं, मूल रूप से दिल्ली निवासी हैं। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिए हैं। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।

अविमुक्तेश्वरानंद को तब तक नहीं घुसने देंगे अयोध्या में, ...:तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर ने दी चेतावनी, जानें क्या है पूरा मामला
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कथित टिप्पणी पर संत समाज के बीच नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस बयान को अत्यंत निंदनीय और अमर्यादित बताते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वे अपने शब्द वापस लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क्षमा नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।परमहंस आचार्य ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जिस प्रकार उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना मुगल शासकों से की है, उससे सनातन धर्म को मानने वालों में गहरा आक्रोश है। योगी आदित्यनाथ केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं और उनके प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है।परमहंस ने की योगी की तारीफउन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या से मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्दों को वापस नहीं लेंगे और योगी जी से क्षमा नहीं मांगेंगे, तब तक उन्हें अयोध्या में घुसने नहीं दिया जाएगा। परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सनातन के सूर्य हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है। किसी को उनसे असहमति या शिकायत हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में इस प्रकार की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती।अविमुक्तेश्वरानंद के गोरक्षा आंदोलन पर भी खड़े किए सवालपरमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गोरक्षा आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उस पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल गाय को राष्ट्र माता घोषित करने से संपूर्ण गोवंश की रक्षा नहीं हो पाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सिर्फ गाय की बात की जाएगी तो बैल, बछड़ा और नंदी की हत्या नहीं रुकेगी, जिससे पूर्ण रूप से गौहत्या बंद नहीं मानी जा सकती। उन्होंने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से अपील की कि गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर और राज्य धरोहर घोषित किया जाए, ताकि संपूर्ण रूप से गौहत्या पर रोक लग सके। उनका कहना था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन केवल गाय तक सीमित है, जिससे न्याय का संतुलन नहीं बनता।आचार्य ने सनातनियों से की अपीलपरमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि गोरक्षा को लेकर चल रहा अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन विपक्ष के इशारे पर सरकार को कमजोर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जो सनातन धर्म के हित में नहीं है। उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। परमहंस आचार्य ने सभी सनातनियों से अपील की कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए गए अमर्यादित बयान को वापस नहीं लेते, तब तक उनका सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार किया जाए।

एटा बर्ड सेंचुरी-कच्छ छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मिली मान्यता:पीएम मोदी ने जताई खुशी, एक्स पर लिखी यह बात
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, खुशी है कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड रामसर साइट बन गए हैं। वहां की स्थानीय आबादी के साथ-साथ वेटलैंड संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों को बधाई। ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। ये वेटलैंड अनगिनत प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में फलते-फूलते रहें।इससे पहले, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढंड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। भूपेंद्र यादव ने दो फरवरी को श्विश्व वेटलैंड्स दिवसश् से पहले भारत के रामसर नेटवर्क में दो नई वेटलैंड्स को शामिल करने की घोषणा की।उन्होंने श्एक्सश् पोस्ट में लिखा, विश्व वेटलैंड दिवस नजदीक होने के कारण मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत के बढ़ते रामसर नेटवर्क में दो नए नाम जुड़ गए हैं। उत्तर प्रदेश के एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड प्रतिष्ठित रामसर साइटों की सूची में नए नाम हैं।भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रामसर नेटवर्क 2014 में 26 साइट्स से बढ़कर अब 98 साइट्स हो गया है, यानी इसमें 276 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हमारे पर्यावरण की रक्षा करने और हमारे समृद्ध वेटलैंड्स के संरक्षण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।मंत्री ने बताया कि सैकड़ों प्रवासी और निवासी पक्षी प्रजातियां इन दोनों वेटलैंड्स में अपना घर पाती हैं। इसके अलावा ये चिंकारा, भेड़ियों, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्लियों और रेगिस्तानी लोमड़ियों के साथ-साथ लुप्तप्राय पक्षियों का भी घर हैं।

माघी पूर्णिमा पर त्रिवेणी में डुबकी लगा सकत हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरान:मनाने की कोशिशों में जुटे जिम्मेदारी, जगद्गुरु ने रखी शर्तें
प्रयागराज। ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज माघी पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगा सकते हैं। लखनऊ के कुछ उच्चाधिकारियों ने शंकराचार्य से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारी शंकराचार्य से माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान के लिए आग्रह कर रहे हैं। शंकराचार्य ने स्नान करने के लिए कई शर्तें भी अधिकारियों के सामने रख दी हैं। जिसमें मौनी अमावस्या को अभद्रता करने वाले अधिकारी लिखित में माफी मांगें, संन्यासियों, बटुकों, ब्राह्मणों, साधु-संतों और वृद्धों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर हो, गाय माता को राज्यमाता घोषित किया जाए और चारों शंकराचार्यों के स्नान के लिए प्रोटोकॉल बने समेत ये चार मांग की हैं। यह सभी चार मांगें मानने पर ही शंकराचार्य ने स्नान की बात कही है। इसकी पुष्टि शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार ने की है।मौनी अमावस्या पर प्रशासन ने रोक दी थी पालकीमौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशास ने संगम जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। अधिकारियों ने कहा कि पैदल जाकर स्नान करें, जिस पर विवाद और बढ़ गया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर शंकराचार्य ने संन्यासियों, ब्राह्मण बटुकों और साधु संतों के साथ मारपीट करने और उनकी चोटी पकड़कर घसीटने और अपमानित करने का आरोप लगाया। 11 दिन तक धरने पर रहे शंकराचार्यघटना से मर्माहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित अपने बद्रिकाश्रम हिमालय शिविर के सामने सड़क के किनारे धरने पर रहे। यह धरना मौनी अमावस्या 18 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक चला। वह अधिकारियों से माफी मांगने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। 28 जनवरी को शंकराचार्य माघ मेला छोड़कर वाराणसी के लिए रवाना हो गए।

शंकराचार्य भगवान समान:किन्नर अखाड़े से ममता कुलकर्णी को बाहर निकालने पर बोले कम्प्यूटर बाबा बोले
प्रयागराज। किन्नर अखाड़े ने पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के हाल में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए बयान के कारण महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया है। इस बीच कम्यूटर बाबा ने गुरुवार को किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के इस फैसले का स्वागत किया।कम्प्यूटर बाबा ने किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, यह निश्चित रूप से स्वागत योग्य है। अगर ममता कुलकर्णी को उनके अखाड़े से हटा दिया गया तो यह सही है। हमारे शंकराचार्य एक सम्मानित व्यक्ति हैं। हमारे धर्माचार्य हैं। चार शंकराचार्य होते हैं, उनमें से एक अविमुक्ताचार्य हैं। भगवान हैं वे। आप उन पर कैसे टिप्पणी कर सकते हैं? पूरा सनातन संत समाज इसकी कड़ी निंदा करता है।कम्प्यूटर बाबा ने आगे कहा कि ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य पर कड़ी टिप्पणी की, जो कि गलत था। किन्नर अखाड़े ने उन्हें इसलिए हटाया क्योंकि उन्होंने सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया था। उन्होंने इस कार्रवाई को बहुत अच्छी बताया। दरअसल, ममता कुलकर्णी ने 25 जनवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भूमिका और आचरण पर सवाल उठाए थे। साथ ही, उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया और बड़ी भीड़ के साथ पालकी में स्नान करने की आवश्यकता पर सवाल उठाए।इसके बाद किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने 27 जनवरी को साफ कहा कि अब ममता कुलकर्णी का अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि ममता न तो अखाड़े की अधिकारी हैं और न ही सदस्य। उनके किसी भी बयान से अखाड़े का कोई लेना-देना नहीं है।बाद में ममता ने इंस्टाग्राम के जरिए इस्तीफे की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि उनका इस्तीफा 27 जनवरी से प्रभावी होगा और यह पूरी स्वेच्छा से लिया गया निर्णय है। बता दें कि ममता कुलकर्णी को महाकुंभ 2025 में 24 जनवरी को किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर बनाया था और नया नाम दिया था, लेकिन शुरू से ही कुछ संतों ने इसका विरोध किया था। अब यह फैसला आने के बाद ममता कुलकर्णी का अखाड़े से संबंध पूरी तरह खत्म हो गया है।

यूपी सरकार ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मियों को दी बड़ी राहत:योगी कैबिनेट ने 32 और प्रस्तावों पर लगाई मुहर
लखनऊ। यूपी सरकार ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि अब प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी और उनके आश्रित परिवार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस पर इसकी घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इससे बेसिक व माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लगभग 15 लाख शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी लाभान्वित होंगे। इस पर समग्र रूप से लगभग 448 करोड़ रुपए का व्यय होगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेसवार्ता में कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 32 प्रस्ताव आए, जिनमें 30 को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।फैसले के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों (व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों एवं मानदेय शिक्षकों सहित), संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों (मानदेय शिक्षकों सहित), माध्यमिक शिक्षा परिषद व संस्कृत शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों को आईपीडी (अंतःद रोगी विभाग) इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। इस सुविधा का लाभ उनके आश्रित भी उठा सकेंगे। प्रेस वार्ता में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि सरकार की इस पहल का लाभ 2.97 लाख से अधिक लोगों को मिल सकेगा, जबकि इस पर 89.25 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित है। इसी तरह, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत वार्डेन, पूर्णकालिकध्अंशकालिक शिक्षकोंध्शिक्षिकाओं एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा।बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना से बेसिक शिक्षा परिषद के 11.95 लाख से अधिक शिक्षक व कर्मी लाभान्वित होंगे। सरकार की इस पहल से प्रति कर्मी करीब 3,000 रुपए सालाना प्रीमियम के हिसाब से कुल 358.61 करोड़ रुपए का वार्षिक खर्च अनुमानित है। कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ साचीज से जुड़े निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के अनुसार होंगी। स्व वित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को वेरिफिकेशन के बाद योजना का लाभ मिलेगा।वेरिफिकेशन के लिए जनपदों में जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले से जो लोग केंद्र या राज्य द्वारा संचालित किसी अन्य स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।


