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तीन दशक बाद फिर टाइगर स्टेट बना गुजरात:वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धिः रतनमहल अभयारण्य में विचरण करते दिखे वनराज
गांधीनगर। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गुजरात ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुजरात 33 साल बाद एक बार फिर टाइगर स्टेट बन गया है। हाल ही में दाहोद जिले के रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य में एक बाघ देखा गया। यह बाघ सुरक्षित है और स्थायी ठिकाना बना चुका है।राज्य के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि यह गर्व की बात है कि गुजरात अब शेरों और तेंदुओं के अलावा बाघों के लिए भी एक प्राकृतिक आवास बन गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में पिछले कुछ सालों में वन संरक्षण के प्रयासों ने राज्य को वन्यजीवों के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है। जहां गुजरात में एशियाई शेरों की आबादी रिकॉर्ड संख्या तक पहुंच गई है, वहीं अब बाघों की मौजूदगी का मतलब है कि राज्य के जंगलों में शेर और बाघ दोनों घूमते हैं।एक साल से विचरण कर रहा है बाघउन्होंने कहा कि जाहिर है कि तीन दशक पहले गुजरात के जंगलों में बाघ पाए जाते थे, यानी यहां का हैबिटेट बाघ के लिए अनुकूल है। पिछले साल फरवरी से यह बाघ रतनमहल वाइल्डलाइफ सेंचुरी में विचरण कर रहा है, और यह बेहद उत्साहित करने वाला है।वन्यजीवों के पसंदीदा स्थल पर बन रहा राज्यमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में बीते वर्षों में गुजरात में फॉरेस्ट कंजर्वेशन को बढ़ावा दिया गया है और इसी का नतीजा है कि राज्य वन्यजीवों के लिए पसंदीदा स्थल बन रहा है। आज एक तरफ जहां गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं अब यहां बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। यानी अब गुजरात के जंगलों में लॉयन और टाइगर दोनों की दहाड़ सुनाई दे रही है।गुजरात के लिए खुशी की बातउन्होंने एक्स पोस्ट में बताया कि गांधीनगर में सीएम भूपेंद्र पटेल ने स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग में हिस्सा लिया और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन के कार्यों की समीक्षा की। गुजरात के लिए यह खुशी की बात है कि बनासकांठा में जेसोर बेयर सैंक्चुअरी को भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नेशनल बेयर कंजर्वेशन प्रोग्राम में शामिल किया है।मीटिंग में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर हुआ मंथनउन्होंने बताया कि मीटिंग में कुछ मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई, जैसे कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, इको-टूरिज्म के लिए विजिटर पॉलिसी गाइडलाइन बनाना, टाइगर कंजर्वेशन के लिए लोकल लोगों को ट्रेनिंग देना, और आने वाले समय में तेंदुओं के लिए एक सैंक्चुअरी पक्का करना। इसके अलावा, सैंक्चुअरी और नेशनल पार्क में सड़क, पानी की सप्लाई, ऑप्टिकल फाइबर, रिन्यूएबल एनर्जी, और ट्रांसमिशन लाइन समेत 18 डेवलपमेंट प्रपोजल पर डिटेल में बात हुई।

भारत-जर्मनी मिलकर देंगे आतंकवाद को करारा जवाब:पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने लिया बड़ा संकल्प, समझौता पेपर पर किए साइन
गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान जारी किया। मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। मर्ज का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत जर्मनी के साथ अपनी दोस्ती और पार्टनरशिप को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे’कृयानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ, हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए।मानवता के लिए गंभीर खतरा आतंकवादपीएम मोदी ने कहा, हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।पीएम ने चांसलर की यात्रा को बताया ऐतिहासिकप्रधानमंत्री ने चांसलर की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, चांसलर मर्ज की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये माइलस्टोन केवल समय की उपलब्धियां नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं...भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।भारत-जर्मनी के बीच मजबूत हुआ तकनीकी सहयोगउन्होंने आगे कहा, भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है, और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।

भारत दौरे पर जर्मन चांसलरः पीएम से मिलने अहमदाबाद पहुंचे मर्ज:साबरमती रिवरफ्रंट में इंटरनेशन काइट फेस्टिवल का किया शुभारंभ, मोदी के साथ उड़ाई पतंग भी
नई दिल्ली। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत दौरे पर है। जर्मनी का चांसलर बनने के बाद मर्ज की यह पहली एशिया यात्रा है, जिसका मकसद व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना है। वे सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे हैं। जहां मर्ज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात साबरमती पर हुई। इसके बाद पीएम मोदी और और जर्मनी के चांसलर मर्ज एक ही कार से साबरमती रिवरफ्रंट के लिए रवाना हो गए। यहां पर पहुंचने पर पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। इसके साथ ही द्विपक्षीय वार्ता भी होनी है। पीएम मोदी सुबह-सुबह साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा के बाद जर्मन चांसलर की अगवानी किया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए दिखाई गई सैन्य ताकत के बीच यह मुलाकात काफी अहम है। दोनों नेता यूक्रेन में शांति बहाली और वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे। जर्मनी भारत का यूरोपीय संघ में सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और इस यात्रा के दौरान पनडुब्बी सौदे जैसी बड़ी रक्षा परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लग सकती है।रक्षा सौदा और आर्थिक संबंधों पर जोरजर्मन चांसलर की इस यात्रा का एक मुख्य आकर्षण 5 बिलियन यूरो का पनडुब्बी सौदा हो सकता है। जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप और मझगांव डॉक के बीच भारतीय नौसेना के लिए छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति को लेकर बातचीत चल रही है। इसे मेक इन इंडिया की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बीच, भारत अब यूरोप और विशेषकर जर्मनी के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और गहरा करना चाहता है।ग्रीन हाइड्रोजन और तकनीकी सहयोगभारत और जर्मनी के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप पर काम कर रहे हैं। 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। चांसलर की इस यात्रा के कुछ ही दिनों बाद यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भी भारत आएंगे, जहां बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा होने की संभावना है।

पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का किया उद्घाटन:कहा- भारत से दुनिया को बढ़ी उम्मीदें
, यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का बड़ा उदाहरण, , , राजकोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के राजकोट में मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जब वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे यह सिर्फ समिट नहीं दिखती। मुझे यह 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वह यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है।'पीएम मोदी ने कहा कि दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है। वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ मैं पहले दिन से जुड़ा रहा हूं। सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर यह सफर शुरू हुआ है। मुझे वाइब्रेंट समिट में कोई समिट नहीं दिख रहा है। अब वाइब्रेंट समिट आगे बढ़ गया है। इसके 10 एडिशन हो चुके हैं। ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।उन्होंने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ पार्टनरशिप का एक प्लेटफॉर्म बन गया है। अब वाइब्रेंट समिट इन्वेस्टमेंट से आगे बढ़ गया है। गुजरात का मतलब डेवलपमेंट के साथ-साथ हेरिटेज भी है। पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट समिट में बहुत कुछ नया हुआ है। यह समिट पोटेंशियल को रियलिटी में बदलता है।पीएम मोदी ने कहा कि हम संभावनाओं पर फोकस करके आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात में कोआॅपरेटिव सेक्टर भी एक्टिव है। हम हर सेक्टर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग देश है। आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है। भारत ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। आज ग्लोबल इंस्टीट्यूशन भारत को लेकर बुलिश हैं। आईएमएफ भारत को ग्लोबल ग्रोथ के इंजन के तौर पर दिखाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। इंफ्लेशन काबू में है। एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है। जेनेरिक मेडिसिन प्रोडक्शन में नंबर वन है। दुनिया में जो सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है, वो भारत है।पीएम मोदी ने आगे कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के वो इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी। इसी कच्छ ने भूकंप देखे हैं। सौराष्ट्र में सूखा पड़ा था। लोगों को पानी के लिए किलोमीटरों दूर जाना पड़ता था। हर तरफ मुश्किलें थीं। आज युवाओं ने सिर्फ़ उस समय की कहानियाँ सुनी हैं। लोग कच्छ और सौराष्ट्र में ज्यादा समय तक रहने को तैयार नहीं थे। लेकिन, इतिहास गवाह है और समय बदलता है। सौराष्ट्र और कच्छ के लोग मेहनत से अपनी किस्मत बदलते हैं।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व:शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम मनमोहन प्रस्तुति दे रहे कलाकारों में दिखा में दिखा उत्साह
सोमनाथ। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत आयोजित 'शौर्य यात्रा' से पहले सोमनाथ में वैदिक मंत्रों की ध्वनि गूंज रही है। प्रधानमंत्री मोदी भी रविवार को 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लेंगे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे हैं। मणिपुर, केरल, राजस्थान और कई दूसरे राज्यों के कलाकार सोमनाथ में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। मणिपुर से आए एक कलाकार ने कहा, "हम यहां आकर बहुत खुश हैं। वे यहां 'वसंत रास' प्रस्तुत कर रहे हैं।" एक कलाकार ने कहा कि उनका ग्रुप यहां मयूर नृत्य करेगा। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देंगे। उनसे मिलकर हम बहुत खुश और उत्साहित होते हैं। हम पहले भी प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुके हैं।यहां देवी दुर्गा की प्रस्तुति के लिए भी कलाकारों का एक ग्रुप पहुंचा है। उन्होंने कहा, "हम अपनी प्रस्तुति के जरिए देवी दुर्गा से प्रार्थना करते हैं।" एक अन्य कलाकार ने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने गुजरात का गरबा पेश कर रहे हैं। हमने उन्हें पहले भी देखा था, जब हमने अहमदाबाद में परफॉर्मेंस दी थी।" एक तीर्थयात्री ने कहा, "निश्चित रूप से उत्साह है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। वह देश के प्रधानमंत्री हैं और गुजरात के रहने वाले हैं। आप देख सकते हैं कि आज यहां कितनी बड़ी भीड़ जमा हुई है।"सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' के लिए लाए गए 108 घोड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। फिर वे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध करने वाली ताकतें आज भी सक्रिय:पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र
सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं। पीएम ने मंदिर से करीब 3 किमी दूर सद्भावना ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए।सोमनाथ मंदिर से जुड़ा अनेकों नायकों का इतिहासपीएम मोदी ने कहा, "हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए कैसे-कैसे बलिदान दिए गए। अनेकों नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है, लेकिन दुर्भाग्य से उतना महत्व नहीं दिया गया है। बाकी आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों और राजनेताओं की तरफ से 'व्हाइट वॉश' करने की कोशिश की गई। मजहबी उन्माद की मानसिकता को सिर्फ साधारण लूट बताकर उसे ढकने के लिए किताबें लिखी गईं। सोमनाथ मंदिर एक बार नहीं, बल्कि बार-बार तोड़ा गया।"मंदिर का स्वरूप बदलने बार-बार हुई कोशिशप्रधानमंत्री ने आगे कहा, "अगर सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण सिर्फ आर्थिक लूट के लिए हुए होते तो हजार साल पहले पहली बड़ी लूट के बाद रुक गए होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया था। बार-बार मंदिर का स्वरूप बदलने की कोशिश हुई। फिर भी हमें पढ़ाया गया कि सोमनाथ मंदिर को लूट के लिए तोड़ा गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का असली क्रूर इतिहास हमसे छिपाया गया।"नेहरू पर भी पीएम ने साधा निशाना पीएम ने कहा कि, उस वक्त आतताई सोच रहे थे कि वे जीत गए हैं, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर में फहरा रही ध्वजा बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है। दुर्भाग्य से आज भी हमारे देश में वे ताकतें मौजूद हैं, जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया था। पीएम ने नेहरू का नाम लिए बिना कहा कि जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। दरअसल 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने आपत्ति जताई थी।ईमानदार व्यक्ति कभी ऐसी सोच का नहीं करेगा समर्थनउन्होंने अपने संबोधन में कहा, "हममें से धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी सोच का कभी समर्थन नहीं करेगा। लेकिन तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई।" देशवासियों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों से हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व:पीएम मोदी के स्वागत के लिए तैयारियां पूरी, अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
सोमनाथ। गुजरात के सोमनाथ की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पीएम मोदी शनिवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर सोमनाथ मंदिर के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे। सोमनाथ मंदिर पर भव्य आयोजन के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए जगह-जगह कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए पहुंचे हुए हैं। कर्नाटक की रहने वाली एक कलाकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने परफॉर्म करना हमारी खुशकिस्मती है। हमारी टीम और हमारी संस्कृति को दिखाया जा रहा है, और हमें इस मौके पर गर्व है।भरतनाट्यम के लिए पहुंचीं कलाकारों ने कही यह बातभरतनाट्यम के लिए पहुंचीं कलाकारों ने कहा, हमें यहां कई स्टेज मिले हैं। हम अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो बहुत बढ़िया है। यहां का माहौल भी बहुत अच्छा है। हम यहां भरतनाट्यम कर रहे हैं। हमारे पास एक कच्छी लोक ग्रुप भी है। हम बहुत समय से ये डांस कर रहे हैं, और यहां आकर हमें बहुत अच्छा लग रहा है। एक अन्य कलाकार ने कहा, ष्हम आज सभी कलाकारों के साथ भरतनाट्यम और कच्छी लोक नृत्य करने के लिए सोमनाथ आए हैं, जो हमारी पारंपरिक कला का हिस्सा हैं।पीएम मोदी आज करेंगे ओंकार मंत्र का जापइस मौके पर भाजपा विधायक भगवानभाई बराड़ ने कहा कि हम सब यहां प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए एकजुट हुए हैं। यहां का माहौल किसी धार्मिक त्योहार जैसा है। आज हम एक हजार साल के इतिहास की गाथा के रूप में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 10-11 जनवरी को सोमनाथ की यात्रा पर रहेंगे। वे शनिवार शाम को लगभग 8 बजे ओंकार मंत्र का जाप करेंगे और उसके बाद सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे।पीएम कल शौर्य यात्रा में लेंगे भागप्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह लगभग 9ः45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, लगभग 10ः15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 11 बजे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

सोमनाथ मंदिर:नारी सशक्तीकरण का सशक्त केंद्र बनकर उभरा पवित्र धाम, 363 महिलाओं को सालाना 9 करोड़ का मिला रोजगार
गांधीनगर। भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत प्रतीक श्री सोमनाथ मंदिर को दुनिया श्रद्धा और आस्था के केंद्र के रूप में जानती है। लेकिन, आज यह पवित्र धाम केवल पूजा-अर्चना और दर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण का सशक्त और प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभरा है। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अपनाए गए जनकेंद्रित और सामाजिक हित के दृष्टिकोण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की एक नई दिशा मिली है।सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट में अभी कुल 906 कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें से 262 महिलाएं हैं। यह आंकड़े महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह ट्रस्ट की समावेशी विचारधारा और समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब हैं। मंदिर प्रबंधन, सेवा कार्य और दैनिक व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्य प्रणाली में संवेदनशीलता, अनुशासन और समर्पण का अनोखा संगम देखने को मिलता है।पवित्र बिल्व वन की देख रेख करती हैं महिलाएंविशेष गौरव की बात यह है कि मंदिर परिसर में स्थित पवित्र बिल्व वन पूरी तरह से महिलाओं के द्वारा संभाला जाता है। यहां कार्यरत 16 महिलाएं पर्यावरण संरक्षण, हरित संवर्धन और स्वच्छता के साथ मंदिर की पवित्रता को बनाए रखती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं के कुशल संचालन और जिम्मेदारी के भाव का उत्तम उदाहरण बन गई है।मंदिर की मानव सेवा परंपरा को जीवंत रखती हैं भोजन परोसने वाली महिलाएंइसके अलावा, मंदिर के भोजनालय में 30 महिलाओं द्वारा निष्ठापूर्वक सेवा दी जा रही है। हजारों श्रद्धालुओं को प्रेम और सेवाभाव से भोजन परोसने वाली ये महिलाएं मंदिर की मानव सेवा परंपरा को जीवंत रखती हैं। प्रसाद वितरण जैसे पवित्र और विश्वास से भरे कार्य में 65 महिलाओं की भागीदारी उनके अनुशासन, समर्पण और विश्वसनीयता को दर्शाता है।363 महिलाओं को मिल रहा रोजगारकुल मिलाकर, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से 363 महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। इन सभी महिलाओं द्वारा सालाना लगभग 9 करोड़ रुपए की आय अर्जित की जा रही है, जो उनके आर्थिक स्वावलंबन और जीवन स्तर में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। यह आय समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस प्रकार, श्री सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने आध्यात्मिक विरासत को सामाजिक दायित्व के साथ जोड़कर महिला सशक्तीकरण का एक अनुकरणीय एवं योग्य मॉडल विकसित किया है। श्रद्धा के इस पवित्र धाम से आज आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वावलंबन की सुगंध फैल रही है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व:पीएम मोदी 11 को भव्य कार्यक्रम में करेंगे शिरकत, सुरक्षा को चाक-चैबंद करने में जुटा प्रशासन
सोमनाथ। सनातन संस्कृति व आध्यात्मिक गौरव की अक्षुण्ण विरासत सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार साल होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। 11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के सोमनाथ मंदिर दौरे से पहले तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जिला प्रशासन का फोकस सुरक्षा इंतजामों पर है। बता दें कि 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। इस दौरान भव्य नजारा देखने को मिल रहा है। पर्व में शामिल होने के लिए अन्य राज्यों के भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में प्रशासन पीएम की सुरक्षा को चाक चैबंद करने में जुआ है। सोमनाथ के एसपी जयदीप सिंह जडेजा ने बताया कि पीएम मोदी के दौरे के समय पूरे कार्यक्रमों में जल, थल और आकाश तीनों स्तर से सुरक्षा के लिए इंतजाम किए गए हैं। दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। 20 से अधिक आईपीएस रैंक के अधिकारी होंगे। इंस्पेक्टर, एसआई और डिप्टी रैंक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।ओंकार जाप में भाग लेंगे मोदीपुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत प्रधानमंत्री मोदी शनिवार की शाम को सोमनाथ आएंगे। अपने दौरे के दौरान वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिसमें सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ऑफिस में मीटिंग और फिर मंदिर में दर्शन करना शामिल है। एसपी जयदीप सिंह जडेजा ने बताया कि 10 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी ओंकार जाप का हिस्सा बनेंगे। दूसरे दिन 11 जनवरी को सुबह प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। वे शोभा यात्रा में भी शामिल होंगे और फिर एक भव्य सभा को संबोधित करेंगे।लगातार 72 घंटे का जाप जारीशिव पूजा की आवाजों, धुनों और संगीत से सोमनाथ पूरी तरह शिवमय हो चुका है। शंखनाद और वैदिक मंत्रों के साथ लगातार 72 घंटे का ओंकार जाप जारी है। सोमनाथ की मुख्य सड़कों समेत प्रमुख जगहों को सजाया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर के भक्तिमय माहौल को देखकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व:पीएम मोदी 11 जनवरी को प्रसिद्ध मंदिर का करेंगे दौरा, कार्यक्रम में लेंगे भाग
नई दिल्ली। वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आयोजित किया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर में सालभर कई कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का दौरा कर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे, जो 8 जनवरी से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस चार दिवसीय आयोजन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की श्रृंखला चलेगी। विदेशी आक्रांताओं ने कई बार इस मंदिर को लूटा और नष्ट किया, लेकिन यह प्रसिद्ध मंदिर हर बार भव्य रूप में आकार लेकर खड़ा हुआ। यह सदियों से चले आ रहे राष्ट्रीय गौरव और सभ्यता की ताकत को दिखाता है।इसका मुख्य विषय अटूट आस्था है, जो बार-बार हमलों के बावजूद भारत की स्थायी संस्कृति और भावना के प्रतीक के रूप में मंदिर के महत्व पर जोर देता है। इससे पहले, पीएम मोदी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि सोमनाथ मंदिर भारतीय आत्मा की शाश्वत घोषणा है और नफरत और कट्टरपंथ में भले ही एक पल के लिए नष्ट करने की शक्ति हो, लेकिन अच्छाई की शक्ति में विश्वास और दृढ़ विश्वास में हमेशा के लिए बनाने की ताकत होती है।सोमनाथ मंदिर में 1026 में पहली बार हुआ था हमलाउन्होंने बताया कि जनवरी 1026 में हमलावरों द्वारा सोमनाथ मंदिर पर पहली बार हमला किए जाने के बाद 2026 में हजार साल पूरे हो जाएंगे। सोमनाथ मंदिर के इतिहास और सदियों पहले हमलावरों द्वारा इसे नष्ट किए जाने की कहानी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अदम्य सभ्यता की भावना का सोमनाथ से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जो बार-बार हमलों और भारी मुश्किलों के बावजूद आज भी शान से खड़ा है।हमलावरों का एजेंडा भक्ति नहीं, बल्कि विनाश थालाखों लोगों द्वारा पूजे जाने वाले सोमनाथ पर जब विदेशी हमलावरों ने हमला किया था, उस दौर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनका एजेंडा भक्ति नहीं, बल्कि विनाश था। 2026 को इस पवित्र स्थान के लिए एक महत्वपूर्ण साल बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मंदिर पर पहले हमले के 1,000 साल पूरे होने का प्रतीक होगा। उन्होंने आगे कहा कि 2026 में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा होगा, जब दोबारा बनाए गए मंदिर को भक्तों के लिए खोले जाने के 75 साल पूरे हो जाएंगे।

अभूतपूर्व गौरव के साथ खड़ा सोमनाथ मंदिर:पीएम ने टेंपल के विध्वंस और पुनरुत्थान की अद्भुत कहानी को किया स्मरण
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और पुनरुत्थान की अद्भुत कहानी को स्मरण किया है, जो भारत की सभ्यतागत चेतना को परिभाषित करती है। वर्ष 1026 ईस्वी में, आज से ठीक एक हजार साल पहले, सोमनाथ का पहला विध्वंस हुआ था। लेकिन सहस्र वर्षों बाद आज भी सोमनाथ मंदिर अभूतपूर्व गौरव के साथ खड़ा है और यह सन्देश देता है कि आस्था को न तो मिटाया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है।पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि श्सोमनाथश् शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है...“सौराष्ट्रे सोमनाथं च...यानि ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है। ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है।शास्त्रों में ये भी कहा गया है कि सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है। दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था। वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि इस महान तीर्थ पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण किया था, इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था। फिर भी, एक हजार वर्ष बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है।पीएम मोदी ने आगे लिखा, साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को उसके पूरे वैभव के साथ पुनर्निर्मित करने के प्रयास जारी रहे। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका। संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है। 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में हुआ वो समारोह ऐतिहासिक था, जब मंदिर के द्वार दर्शनों के लिए खोले गए थे।पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा कि सन् 1026 में, आज से लगभग एक हजार वर्ष पहले, सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ। उस समय के अत्याचार का उल्लेख कई ऐतिहासिक ग्रंथों में मिलता है। इन्हें पढ़कर मन दुख से भर उठता है। हर जगह हिंसा और पीड़ा की छाप दिखाई देती है, जिसका दर्द आज भी महसूस किया जा सकता है। उस दौर में इस घटना का भारत और यहां के लोगों के मनोबल पर गहरा असर पड़ा होगा। सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं था, बल्कि उसका आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व बहुत बड़ा था। वह लोगों को जोड़ता था और एक समृद्ध समाज का प्रतीक था। समुद्री व्यापारी इसकी समृद्धि की कहानियां दूर-दूर तक ले जाते थे। इतने हमलों और लंबे गुलामी काल के बावजूद सोमनाथ की कहानी केवल विनाश की नहीं है। यह हजार वर्षों से चले आ रहे भारतीय स्वाभिमान, आस्था और संघर्ष की कहानी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हर आक्रमण पर लोगों ने साहस दिखाया, बलिदान दिए और मंदिर को फिर से खड़ा किया। यही भारत की शक्ति है।पीएम मोदी ने कहा कि महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका। सोमनाथ से जुड़ी हमारी आस्था, हमारा विश्वास और प्रबल हुआ। उसकी आत्मा लाखों श्रद्धालुओं के भीतर सांस लेती रही। आज 2026 में भी सोमनाथ मंदिर दुनिया को संदेश दे रहा है कि मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है। वह आज भी हमारी प्रेरणा का स्रोत है, वो आज भी हमारी शक्ति का पुंज है। ये हमारा सौभाग्य है कि हमने उस धरती पर जीवन पाया है जिसने देवी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूति को जन्म दिया। उन्होंने ये सुनिश्चित करने का पुण्य प्रयास किया कि श्रद्धालु सोमनाथ में पूजा कर सकें। 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी सोमनाथ आए थे।उन्होंने कहा, दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर और गुजरात के सोमनाथ जैसे मंदिर आपको ज्ञान के अनगिनत पाठ सिखाएंगे। ये आपको किसी भी संख्या में पढ़ी गई पुस्तकों से अधिक हमारी सभ्यता की गहरी समझ देंगे।पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का पवित्र दायित्व सरदार वल्लभभाई पटेल के सक्षम हाथों में आया। 1947 में दीवाली के समय उनकी सोमनाथ यात्रा हुई। उस यात्रा के अनुभव ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया, उसी समय उन्होंने घोषणा की कि यहीं सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होगा। अंततः 11 मई 1951 को सोमनाथ में भव्य मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। उस अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे।पीएम मोदी ने आगे कहा, तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू इस घटना से अधिक उत्साहित नहीं थे। वो नहीं चाहते थे कि माननीय राष्ट्रपति और मंत्री इस समारोह का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि इस घटना से भारत की छवि खराब होगी। लेकिन राजेंद्र बाबू अडिग रहे, और फिर जो हुआ, उसने एक नया इतिहास रच दिया। सोमनाथ मंदिर का कोई भी उल्लेख के.एम. मुंशी जी के योगदानों को याद किए बिना अधूरा है। उन्होंने उस समय सरदार पटेल का प्रभावी रूप से समर्थन किया था। सोमनाथ पर उनका कार्य, विशेष रूप से उनकी पुस्तक ‘सोमनाथ, द श्राइन इटरनल’, अवश्य पढ़ी जानी चाहिए।जैसा कि मुंशी जी की पुस्तक के शीर्षक से स्पष्ट होता है, हम एक ऐसी सभ्यता हैं जो आत्मा और विचारों की अमरता में अटूट विश्वास रखती है। नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः जैसे विचारों ने हमें हर कालखंड में, हर परिस्थिति में फिर से उठ खड़े होने, मजबूत बनने और आगे बढ़ने का सामर्थ्य दिया है। आज भारत पर दुनिया की नजर है। दुनिया हमारे इनोवेटिव युवाओं में निवेश करना चाहती है। हमारी कला, हमारी संस्कृति, हमारा संगीत और हमारे अनेक पर्व आज वैश्विक पहचान बना रहे हैं। योग और आयुर्वेद जैसे विषय पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रहे हैं।अनादि काल से सोमनाथ जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को जोड़ता आया है। आज भी सोमनाथ के दर्शन से मन में एक ठहराव आ जाता है, आत्मा को अंदर तक कुछ स्पर्श करता है, जो अलौकिक है, अव्यक्त है। 1026 के पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद 2026 में भी सोमनाथ का समुद्र उसी तीव्रता से गर्जना करता है और तट को स्पर्श करती लहरें उसकी पूरी गाथा सुनाती हैं। उन लहरों की तरह सोमनाथ बार-बार उठता रहा है। जबकि, अतीत के आक्रमणकारी आज समय की धूल बन चुके हैं। उनका नाम अब विनाश के प्रतीक के तौर पर लिया जाता है। सोमनाथ हमें ये बताता है कि घृणा और कट्टरता में विनाश की विकृत ताकत हो सकती है, लेकिन आस्था में सृजन की शक्ति होती है। करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ आज भी आशा का अनंत नाद है। ये विश्वास का वो स्वर है, जो टूटने के बाद भी उठने की प्रेरणा देता है।पीएम ने ब्लॉग का समापन करते हुए लिखा, अगर हजार साल पहले खंडित हुआ सोमनाथ मंदिर अपने पूरे वैभव के साथ फिर से खड़ा हो सकता है, तो हम हजार साल पहले का समृद्ध भारत भी बना सकते हैं। आइए, इसी प्रेरणा के साथ हम आगे बढ़ते हैं। एक नए संकल्प के साथ, एक विकसित भारत के निर्माण के लिए। एक ऐसा भारत, जिसका सभ्यतागत ज्ञान हमें विश्व कल्याण के लिए प्रयास करते रहने की प्रेरणा देता है। जय सोमनाथ !

सूर एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता:बैंकाक से आ रहे कपल से मिला 17.658 किलो हाइबिड गांजा, कीमत आंकी गई 17.5 करोड़
सूरत। गुजरात के सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बैंकॉक से आने वाली एक यात्री के पास से हाइड्रोपोनिक वीड (हाइब्रिड गांजा) जब्त की गई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सूरत सिटी डिटेक्शन क्राइम ब्रांच (डीसीबी), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) और कस्टम्स की जॉइंट टीम ने बैंकॉक से आने वाली फ्लाइट में यात्रा कर रहे एक कपल को रोका। उनके चेक-इन बैगेज से बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड (हाइब्रिड गांजा) जब्त की।खुफिया सूचना पर हुआ एक्शनयह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें टीम ने कपल के सामान की गहन जांच की। जांच के दौरान 16 वैक्यूम-पैक्ड पॉलीथीन पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 17.658 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड था। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) द्वारा इसकी कीमत 6.18 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि काले बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 17.5 करोड़ रुपए तक पहुंचती है।पूछताछ के बाद कपल को सौंपा एजेंसी कोहाइड्रोपोनिक वीड एक उच्च गुणवत्ता वाला हाइब्रिड कैनबिस है, जो नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसमें टीएचसी (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल) की मात्रा सामान्य गांजे से कहीं ज्यादा होती है, जिसके कारण यह ड्रग तस्करों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यह पदार्थ एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत प्रतिबंधित है। आरोपी कपल को आगे की पूछताछ और जांच के लिए संबंधित एजेंसी को सौंप दिया गया है। जांचकर्ता अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें बैंकॉक से आने वाले रूट और सूरत में रिसीवर शामिल हो सकते हैं।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के रचनाकार का निधन:कला-शिल्प जगत के लिए दुखद, राम सुतार ने 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
नोएडा। भारत के कला और शिल्प जगत के लिए एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रचनाकार राम जी सुतार का निधन हो गया है। उन्होंने 100 वर्ष की उम्र में इस संसार को अलविदा कह दिया। 17 दिसंबर 2025 की रात्रि को नोएडा स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से नोएडा सेक्टर-19 में निवास कर रहे थे। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है।रामजी जी सुतार भारतीय मूर्तिकला के ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने अपनी अद्भुत कला से न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में देश का नाम रोशन किया। उनका सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक योगदान सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ है, जो गुजरात के केवड़िया में स्थित है। यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है और भारत की तकनीकी, कलात्मक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। इस प्रतिमा ने राम सुतार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।अपने लंबे और गौरवशाली करियर में राम सुतार ने देश के कई महान नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की मूर्तियों का निर्माण किया। संसद भवन से लेकर विभिन्न राज्यों की राजधानियों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित उनकी कृतियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। उनकी कला में भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रभाव की झलक साफ दिखाई देती है।राम जी सुतार को उनके अतुलनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री (1999) और पद्म भूषण (2016) से नवाजा। इसके अलावा, उन्हें महाराष्ट्र राज्य का सर्वोच्च सम्मान, महाराष्ट्र भूषण अवार्ड, भी प्रदान किया गया। ये सभी सम्मान उनकी कला, साधना और देश के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं। 100 वर्ष की आयु तक भी राम सुतार की रचनात्मक ऊर्जा और कला के प्रति लगन अनुकरणीय रही। वह नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहे। उनके निधन से भारतीय कला जगत में एक ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई कर पाना कठिन है।

हर पंचायत में बनेगी सहकारी संस्था:अर्थ समिट में बोले शाह, भारत का विकास गांवों के बिना संभव नहीं
गांधीनगर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गांधीनगर में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित अर्थ समिट 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दुनिया में सतत विकास का नया आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, पशुपालन और सहकारिता को भारत की आर्थिक रीढ़ बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में देश का विकास मॉडल इन्हीं आधारों पर खड़ा होगा। अमित शाह ने भाषण की शुरुआत में कहा कि देश में हो रही तीन प्रमुख अर्थ समितियों में से यह एक है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने 1930 में कहा था कि भारत का विकास गांवों के बिना संभव नहीं, लेकिन आजादी के बाद यह मंत्र भुला दिया गया। 2014 के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधी जी के विचारों को पुनर्जीवित किया और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा।अमित शाह ने आंकड़ों के साथ बताया कि वर्ष 2014 में ग्रामीण विकास, कृषि और सहकारिता मंत्रालयों का संयुक्त बजट 1.02 लाख करोड़ रुपए था। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 3.15 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यदि पशुपालन विभाग को जोड़ दें तो यह बढ़ोतरी 3.75 गुना तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र को देश के विकास का मूल आधार माना और वित्तीय रूप से इसे मजबूत किया।अमित शाह ने कहा कि भारत ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर यह लक्ष्य रखा है कि 2047 तक देश हर क्षेत्र में अग्रणी होगा। इसके लिए सहकारिता को मुख्य आधार माना गया है। सरकार के तीन बड़े लक्ष्य हैं, जिनमें हर पंचायत में एक नई सहकारी संस्था का निर्माण, 50 करोड़ सक्रिय सहकारी सदस्य और जीडीपी में सहकारिता का योगदान तीन गुना बढ़ाना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे हर नागरिक (किसान, पशुपालक, महिला, छोटे ग्रामीण कारोबारी) सभी सम्मानपूर्वक देश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकेंगे।अमित शाह ने नाबार्ड की नई पहल श्लहकार साथीश् की विशेष सराहना की। इसमें 13 से अधिक डिजिटल सेवाएं लॉन्च की गई हैं, जिनमें कलेक्शन सारथी, क्रॉस सेल सारथी, लोन सारथी, योजना संवर्धन, वेबसाइट सारथी और डेटा स्टोरेज समाधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छोटी ग्रामीण सहकारी समितियां अब बिना खर्च के तकनीक अपनाकर तेज और पारदर्शी सेवाएं दे सकेंगी। अमित शाह ने बताया कि दो साल की तैयारी के बाद सहकारिता मंत्रालय और आरबीआआई मिलकर देश के सभी जिला बैंक, राज्य सहकारी बैंक, कृषि बैंक और शहरी सहकारी बैंक को एक व्यापक और एकीकृत ढांचे के तहत जोड़ने जा रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि इससे ग्रामीण बैंकिंग का स्तर निजी बैंकों के बराबर हो जाएगा और करोड़ों किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा और पंचमहल में चल रहे सहकारिताओं के बीच सहयोग मॉडल का उल्लेख किया, जहां सभी सहकारी संस्थाएं अपना बैंक खाता सहकारी बैंक में ही रखती हैं। इससे हजारों करोड़ रुपये की लो-कॉस्ट डिपोजिट बनीं और वित्तीय विस्तार की विशाल क्षमता तैयार हुई। अब यही मॉडल पूरे गुजरात और फिर पूरे देश में लागू किया जाएगा।अमित शाह ने कहा कि बनास डेयरी ने देश में डेयरी आधारित सर्कुलर इकोनॉमी का पूरा मॉडल तैयार कर लिया है। गोबर से गैस, गैस का उपयोग, डेयरी मशीनरी सब कुछ अब भारत में बन रहा है। उन्होंने कहा कि इससे किसान की आय बढ़ेगी और देश डेयरी तकनीक में पूरी तरह आत्मनिर्भर होगा।

जनजातीय गौरव दिवस:पीएम मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन, बोले- भव्य आयोजन के साथ हम बन रहे भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी
नर्मदा। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के दौरे पर पहुंचे। जहां वे नर्मदा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इससे पहले पीएम ने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कार्यक्रम से विकास और जनजातीय कल्याण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।नर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां नर्मदा की ये पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है। अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई। हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ है। आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं। जनजातीय गौरव भारत की गौरव का अभिन्न हिस्साउन्होंने कहा कि 2021 में हमने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। पीएम मोदी ने कहा, जब-जब देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वराज की बात आई, तो हमारा आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा हुआ। हमारा स्वतंत्रता संग्राम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन में ट्राइबल समाज के योगदान को हम भुला नहीं सकते।विकास और जनजातीय कल्याण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य, सड़क और यातायात से जुड़े कई और प्रोजेक्ट्स शुरू हुए हैं। मैं इन सभी विकास कार्यों के लिए, सेवा कार्यों के लिए, कल्याणकारी योजनाओं के लिए आप सभी को विशेषकर के गुजरात और देश के जनजातीय परिवारों को बधाई देता हूं।कोई याद नहीं करने वाला था भगवान बिरसा मुंडा कोपीएम मोदी ने कहा कि 2014 के पहले भगवान बिरसा मुंडा को कोई याद करने वाला नहीं था। सिर्फ उनके अगल-बगल के गांव तक ही पूछा जाता था। आज देशभर में कई ट्राइबल म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गोविंद गुरु चेयर जनजातीय भाषा संवर्धन केंद्र की स्थापना भी हुई है। यहां भील, गामित, वसावा, गरासिया, कोकणी, संथाल, राठवा, नायक, डबला, चैधरी, कोकना, कुंभी, वर्ली, डोडिया... ऐसी सभी जनजातियों की बोलियों पर अध्ययन होगा। उनसे जुड़ी कहानियों और गीतों को संरक्षित किया जाएगा।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी:केवड़िया में आज मनेगा मध्यप्रदेश दिवस, भव्य कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे सीएम मोहन, संस्कृति, पर्यटन और स्वाद का होगा अद्भु
भोपाल। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक भारत पर्व का आयोजन किया जा रहा है। केवड़िया में आज मध्यप्रदेश दिवस मनाया जाएगा। इस भव्य आयोजन में मप्र के सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के ध्येय को दृष्टिगत रखते हुए देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करना है।संस्कृति, पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि भारत पर्व के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगभग 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक आकर्षक थीम पेवेलियन तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। पेवेलियन में सांची, खजुराहो, भीमबेटका, मांडू, ओरछा, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बांधवगढ़, कान्हा और पेंच जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की झलक प्रस्तुत की जा रही है। साथ ही, राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकला जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाघ प्रिंट, डोकरा कला, मिट्टी के बर्तन और गोंड पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।स्टूडियो किचन में मध्यप्रदेश का स्वादमध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) द्वारा 11 नवंबर को स्टूडियो किचन की विशेष प्रस्तुति दी जा रही है, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक और प्रादेशिक व्यंजन लाइव तैयार कर परोसे जाएंगे। यह प्रस्तुति फ्लेवर्स फ्रॉम द हार्ट ऑफ इंडिया की थीम पर आधारित है। बुंदेलखंड क्षेत्र का खट्टादृतीखा छाछ पर आधारित पेय सन्नाटा, डिंडोरी क्षेत्र का पारंपरिक सूप कंगनी दाल का शोरबा, मालवा का प्रसिद्ध स्नैक भुट्टे की कीस, चना बेसन से बना स्वादिष्ट नमकीन व्यंजन चंबल का थोपा, सीधी क्षेत्र का पारंपरिक नाश्ता बेड़ई धुमना आलू, बघेलखंड क्षेत्र का लोकप्रिय व्यंजन मटर का निमोना और सादी पूरी, शहडोल क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई कुटकी की खीर आगंतुकों को परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।सांस्कृतिक प्रस्तुति: “अमृतस्य मध्यप्रदेश”संस्कृति विभाग की ओर से प्रसिद्ध नृत्य संयोजिका मैत्रीय पहाड़ी एवं समूह द्वारा “अमृतस्य मध्य प्रदेश” शीर्षक से एक भव्य नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता, भक्ति, प्रेम और प्रकृति की लय से जोड़ती है। इस नृत्यगाथा की शुरुआत भीमबेटका की गुफाओं से होती है, जहां मानव सभ्यता की प्रथम झलक दिखाई देती है। आगे खजुराहो के मंदिरों की मूर्तिकला, सांची के स्तूपों की शांति, और चित्रकूट की पवित्र भूमि के भावनात्मक दृश्यों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता, ग्वालियर किले की ऐतिहासिकता, मांडू की प्रेम गाथा और ओरछा के मंदिरों की भव्यता मंच पर जीवंत होती है। प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के वनों तथा जबलपुर की संगमरमर चट्टानों के दृश्यों से दर्शाया गया है। पारंपरिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट वस्त्रों में सजे कलाकार मंच पर राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करते हैं। नर्मदा आरती के दृश्य के साथ यह यात्रा अपने आध्यात्मिक उत्कर्ष पर पहुंचती है।

राष्ट्रीय एकता दिवस परेड:गांधीनगर के केवडिया में मप्र के 334 जवान करेंगे कदमताल, गुजरात पहुंचा दल
भोपाल। गुजरात के गांधीनगर एवं केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2025 में मध्यप्रदेश पुलिस के कुल 334 जवान भाग लेंगे। यह दल अदम्य उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा।मध्यप्रदेश पुलिस का कॉन्टिजेंट गांधीनगर तथा केवड़िया में रहकर प्रशिक्षण, रिहर्सल और परेड अभ्यास में संलग्न है। जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियां एवं गहन अभ्यास कार्यक्रमों के बावजूद अथक परिश्रम और एकजुटता के साथ अपने प्रदर्शन की तैयारी की है। दल गुजरात पहुंच गया है।दल का नेतृत्व करेंगे यह31 अक्टूबर 2025 को आयोजित एकता दिवस परेड के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्टिजेंट अपनी अनुशासित चाल, सटीक कमांड तथा उत्कृष्ट तालमेल से सभी को प्रभावित करेगा। परेड दल का नेतृत्व परेड कमाण्डर उपुअ अन्नपूर्णा सिरसाम तथा सहायक कमाण्डर के रूप में उपनिरीक्षक संजय चैहान एवं उपनिरीक्षक चंचल रोमड़े दायित्व संभालेंगे। इनके सहयोगार्थ उपुअ निति दण्डोत्या, उपनिरीक्षक श्री राजवीर विक्रम और उपनिरीक्षक रितेश सिसौदिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। कॉन्टिजेंट में प्लाटून संख्या 144 एवं बैण्ड बल 72 का संयोजन रहेगा।

गुजरात में नई कैबिनेट ने लिया आकार:राज्यपाल ने 25 विधायकों को दिलाई गोपनीयता की शपथ, डिप्टी सीएम पद से नवाजे गए सांघवी, 6 पुरानों को भी मिला मौका
गांधीनगर। गुजरात में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से दो साल पहले भाजपा ने सरकार में चैंकाने वाला फेरबदल कर दिया है। गुरुवार को भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार से सभी 16 मंत्रियों से इस्तीफा लेने के बाद भाजपा को शुक्रवार को नई कैबिनेट का गठन कर दिया है। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में हुए शपथग्रहण समारोह में 25 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिनमें छह ऐसे चेहरे भी हैं जो पहले से ही मंत्रिमंडल का हिस्सा थे।गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 25 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद सीएम भूपेंद्र पटेल को मिलाकर मंत्रीपरिषद में 26 मंत्री हो गए हैं। पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए विधायक अर्जुन मोढवाडिया को भी मंत्री बनाया गया है। विसनगर विधायक रुशीकेश पटेल, प्रफुल पनशेरिया, कुंवरजी बावलिया को फिर से मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया है। हर्ष सांघवी राज्य के नए डिप्टी सीएम बनाए गए हैं।इन विधायकों को मिली मंत्रिपरिषद में जगहकनुभाई देसाई, पुरषोत्तम सोलंकी, नरेश पटेल, अहमदाबाद की पूर्व डिप्टी मेयर दर्शना वाघेला, गुजरात भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व प्रमुख प्रद्युमन वाजा, मोरबी विधायक कांतिलाल अमरुतिया और वडोदरा विधायक मनीषा वाकिल को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। गुजरात भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और भावनगर से विधायक जीतू वाघाणी, अमरेली से विधायक और भाजपा के डिप्टी चीफ व्हिप कौशिक वेकारिया, स्वरूपजी ठाकोर, टीकाराम छंगा, जयराम गमित, जामनगर उत्तर विधायक रिवाबा जडेजा, पीसी बारांदा, दाहोद विधायक रमेश कटारा, अंकलेशअवर विधायक इश्वरसिहं पटेल, दीसा विधायक प्रवीण माली, बारसोड विधायक रमनभाई सोलंकी, पेटलाद विधायक कमलेश पटेल, महुधा विधायक संजय सिंह महिदा को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम है ये फेरबदलगुजरात सरकार के मंत्रिपरिषद में यह फेरबदल भाजपा के मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी आगामी निकाय चुनाव में नए सामाजिक समीकरणों को परखने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है, युवा विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने से युवा नेताओं का हौसला और सरकार में ओबीसी-पाटीदार प्रतिनिधित्व बढ़ा है। आगामी चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिल सकता है।विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा गुजरात में सुनिश्चित करना चाहती है कि पाटीदार समुदाय के साथ ओबीसी और शहरी वर्ग का संतुलन बना रहे। विश्लेषक मानते हैं कि चेहरे बदलकर भाजपा राज्य में लंबे समय से चल रही सरकार के प्रति होने वाली एंटी इनकंबेंसी को खत्म कर रही है।

गुजरात मंत्रिमंडल फेरबदल:भूपेन्द्र के 25 मंत्रियों की लिस्ट आई सामने, 9 पुराने मंत्रियों का कटा पत्ता, क्रिकेटर की पत्नी को मिला मौका
गांधीनगर। आज गुजरात सरकार के नए मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। इसके लिए 25 मंत्रियों की लिस्ट सामने आई है। नए मंत्रिमंडल में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अलावा त्रिकम बिजल छंगा, स्वरूपजी सरदारजी ठाकोर, प्रवीण माली, ऋषिकेश पटेल, पीसी बरंडा, दर्शना वाघेला, कांतिलाल अमृतिया, कुंवरजीभाई बावलिया, रिवाबा जडेजा, अर्जुन मोढवाडिया, डॉ. प्रद्युम्न वाजा, कौशिक वेकारिया, परषोत्तम सोलंकी, जीतेंद्र वाघाणी, रमण सोलंकी, कमलेश पटेल, संजय सिंह महीडा, रमेश कटारा, प्रफुल पानसेरिया, हर्ष संघवी, मनीषा वकील और ईश्वर सिंह पटेल का नाम नए मंत्रियों की लिस्ट में शामिल है।फिलहाल, गुजरात के 9 पुराने मंत्रियों को हटाया गया है, जबकि छह पुराने चेहरों को नए मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। इनमें पुराने चेहरों में ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई, कुंवरजी बावलीया, प्रफुल पानसेरीया, परसोत्तंभाई ओधवजीभाई सोलंकी और हर्ष संघवी शामिल हैं।यह बोले कर्नाटक के पूर्व राज्यपालगुजरात मंत्रिमंडल विस्तार पर भाजपा नेता और कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल वजुभाई वाला ने कहा, यह एक पारदर्शी प्रक्रिया है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इससे अवगत है। जो भी कार्यकर्ता है, वह भविष्य में भी पूरी ईमानदारी और लगन से पार्टी की सेवा करता रहेगा। भाजपा नेता भरत पंड्या ने कहा, भूपेंद्र भाई की गुजरात टीम अधिकतम जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगी और मेरा मानना है कि इसका हर चुनाव में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया फेरबदलभाजपा विधायक पंकज देसाई कहते हैं, भूपेंद्र पटेल सरकार की ओर से गठित नए मंत्रिमंडल का विस्तार आगामी 2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। सभी समुदायों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर जिले को उचित प्रतिनिधित्व मिले।ष् अगर गुजरात विधानसभा की वर्तमान स्थिति की बात करें तो भाजपा के पास 156, कांग्रेस के पास 17 और आम आदमी पार्टी के पास 5 सीटें हैं।

गुजरात सरकार की नई कैबिनेट की शपथ आज:विधायकों के मोबाइल की घंटी घनघनाना शुरू, इन्हें फिर दिया जा सकता है मौका
गांधीनगर। गुजरात में नए तरीके से मंत्रिमंडल गठन की कवायद तेज हो चुकी है। सूत्रों से जानकारी सामने आई है कि अब तक 4 से 5 विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए मोबाइल पर सूचना दी गई है। इसके अलावा, नए मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरे भी शामिल किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद अपनी कैबिनेट में शपथ लेने वाले पदनामित मंत्रियों को फोन कर जानकारी दे रहे हैं। प्रफुल पानशेरिया, ऋषिकेश पटेल, कुंवरजी बावलिया, पुरुषोत्तम सोलंकी और कनुभाई देसाई को दोबारा मौका दिया जा सकता है। वहीं, दलित नेता डॉ. प्रद्युम्न वाजा, हर्ष संघवी, नरेश पटेल और कांति अमृतिया को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन किए गए हैं।सीएम ने राज्यपाल से की मुलाकातइसी बीच, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलने पहुंचे हैं। जानकारी सामने आई है कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को गुजरात की मंत्रिपरिषद की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ समारोह के आयोजन की अनुमति मांगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर स्थित राजभवन में राज्यपाल से यह मुलाकात की। वहीं, गुजरात भाजपा के नेता और कर्नाटक के राज्यपाल रहे वजूभाई वाला की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई है। काफी देर चर्चा करने के बाद वजूभाई वाला सर्किट हाउस से बाहर निकल चुके हैं।गुजरात के सभी 16 मंत्रियों ने दिया इस्तीफाबता दें कि मंत्रिमंडल फेरबदल से पहले गुजरात के सभी 16 मंत्रियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दिया था। इसके अगले दिन, राज्यपाल आचार्य देवव्रत नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह से पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा के शीर्ष नेता गांधीनगर पहुंच गए थे। यह मंत्रिमंडल फेरबदल वर्तमान कार्यकाल के लगभग तीन साल बाद और नगर निगम व पंचायत चुनावों समेत महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों से कुछ महीने पहले हो रहा है।

गुजरात में बड़ा सियासी घटनाक्रम:सीएम छोड़ सभी मंत्रियों का इस्तीफा, 2027 के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा फेरबदल को, कल नई कैबिनेट लेगी शपथ
अहमदाबाद। गुजरात में गुरुवार की शाम बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। दरअसल मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी 16 मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुजरात में यह अचानक घटनाक्रम शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर हुआ है। सूत्रों की मानें तो गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक हुई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान का निर्णय मंत्रियों को बताया गया। इसके बाद सभी मंत्रियों ने अपने-अपने त्यागपत्र मुख्यमंत्री को सौंप दिए। इस फेरबदल को राज्य में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाले गुजरात के नए मंत्रिमंडल का विस्तार शुक्रवार को होगा। जानकारी के मुताबिक, सुबह 11:30 बजे गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में नई मंत्रिपरिषद शपथ लेगी. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहेंगे। वहीं कैबिनेट विस्तार को लेकर एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में राज्य को लगभग 10 नए मंत्री मिल सकते हैं, और लगभग आधे मौजूदा मंत्रियों को बदला जा सकता है। वर्तमान में सीएम समेत कुल 17 मंत्रीबता दें कि वर्तमान में गुजरात मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री पटेल समेत कुल 17 मंत्री हैं। इसमें आठ कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं, जबकि इतने ही राज्य मंत्री (एमओएस) हैं। 182 सदस्यीय विधानसभा वाले गुजरात में 27 मंत्री या सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत मंत्री हो सकते हैं। इस महीने की शुरूआत में, गुजरात सरकार में राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की जगह भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई के नए अध्यक्ष बने।विसावदर सीट के नतीजों ने भाजपा को चिंता में डालाचर्चा है कि विसावदर सीट के नतीजों ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है। भाजपा में ताकतवर माने जाने वाले लेकिन लंबे समय से किसी न किसी वजह से दरकिनार किए गए नेताओं को अब बड़े पद दिए जाएंगे और नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी।क्या गुजरात फॉर्मूले के चलते मंत्रियों को छोड़ना पड़ा पद? 2022 में गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव से 15 महीने पहले सितंबर 2021 में राज्य की पूरी कैबिनेट बदल दी गई थी। इस बार राज्य में चुनाव को करीब 26 महीने बचे हुए हैं। हालांकि, इस बार मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है सिर्फ उनके कैबिनेट सहयोगियों ने पद छोड़े हैं। 2021 में तो पांच साल के अंदर दो बार मुख्यमंत्री बदल दिए गए थे। 2017 में जब चुनाव हुआ था, तब विजय भाई रूपाणी को सीएम बनाया गया था, लेकिन 2021 में उन्हें हटाकर भूपेंद्र पटेल को जिम्मेदारी दे दी गई।क्या एंटी इनकंबेंसी को खत्म करने की कोशिश?वहीं चुनाव में 182 में से 103 नए चेहरों को टिकट दिया गया। पांच मंत्रियों समेत 38 विधायकों के टिकट काट दिए गए। 2022 के चुनाव में में इसका नतीजा भी देखने को मिला। भाजपा ने गुजरात में रिकॉर्ड 156 सीटें हासिल की। कहा जा रहा है इसी फॉमूर्ले के तहत गुजरात कैबिनेट के मंत्रियों की छुट्टी हुई है। विश्लेषक मानते हैं कि चेहरे बदलकर भाजपा राज्य में लंबे समय से चल रही सरकार के प्रति होने वाली एंटी इनकंबेंसी को खत्म कर देती है। नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से पूरी कैबिनेट को चुनाव से करीब 15 महीने पहले बदला जा रहा था। हालांकि, इस बार ये बदलाव थोड़ा जल्दी हुआ है।

एशिया कप फतह कर टीम इंडिया की वतन वापसी:अहमदाबाद में चैंपियन्स का हुआ ऐतिहासिक स्वागत, फाइनल में रौंदा था पाक को
अहमदाबाद। एशिया कप फतह करने के बाद टीम इंडिया की वतन वापसी हो गई है। हेड कोच गौतम गंभीर अपनी पूरी पलटन लेकर मंगलवार को हैदराबाद एयरपोर्ट पर लैंड हुए। अहमदाबाद पहुंचने पर गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ का पूरा कुनबा तो दिखा ही, उसके अलावा कुलदीप यादव उन्हीं के साथ दिखे. ये सभी बस में सवार होकर एयरपोर्ट से टीम होटल के लिए गए। इससे पहले एयरपोर्ट पर टीम इंडिया और सपोर्ट स्टाफ का ऐतिहासिक स्वागत हुआ।अहमदाबाद की गलियों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह खुशी का माहौल देखने को मिला। लोग टीम इंडिया की जीत पर गर्व महसूस कर रहे थे। बता दें कि भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से रौंदकर एशिया कप 2025 का खिताब जीता है। यही नहीं दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहते हुए सातों मैच जीते।टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से किया इनकार एशिया कप एक तरफ जहां टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन का गवाह रहा, तो वहीं भारत-पाकिस्तान के मैचों में विवाद भी देखने के लिए मिला। किसी भी मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स के साथ हाथ नहीं मिलाया। पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भी विवादित इशारों के बीच तनाव को बढ़ाने का काम किया। फाइनल मैच में पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ भी हैं। इसके बाद भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई और टीम इंडिया ने प्रतीकात्मक अंदाज में जश्न मनाया।टीम इंडिया का ध्यान अब अगले मिशन परअब टीम इंडिया का ध्यान अगले मुकाबले पर है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रही है। पहला टेस्ट 2 अक्टूबर से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होगा। यह दोनों मैच 2025-27 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा हैं, इसलिए दोनों टीमों के लिए बेहद अहम रहेंगे। भारत की जीत से जो आत्मविश्वास मिला है, उसे खिलाड़ी अब टेस्ट सीरीज में भी जारी रखना चाहेंगे। इसी बीच वेस्टइंडीज की टीम भी अहमदाबाद पहुंच चुकी है।भारत की टेस्ट टीम में शामिल खिलाड़ी हैंः कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, धु्रव जुरेल (विकेटकीपर), उपकप्तान रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, एन जगदीशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

गुजरात में ऑपरेशन सिंदूर थीम पर गरबा की धूम:बच्चे-महिलाएं और पुरुष सब रंग-बिरंगे परिधानों में थिरके
अहमदाबाद। नवरात्रि के सातवें दिन गुजरात के मकरबा में आॅपरेशन सिंदूर की थीम पर रास गरबा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में गरबा किया। पंडाल में मौजूद पुरुष, महिलाओं और बच्चों ने अलग-अलग ड्रेस पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर गरबा खेला। कुछ लोगों ने भगवा रंग की ड्रेस पहनी और ग्रुप में गरबा खेला। वहीं, बच्चों ने आर्मी और हरे रंग की ड्रेस में डांस किया। गरबा के दौरान सभी ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए।पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे किसी को कोई परेशानी न हो और कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है। सभी को माता रानी के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि मिले। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग गरबा खेलने के लिए पहुंचे हैं। माता रानी सभी को आशीर्वाद दें।अलग नजर आ रहा आयोजन स्थल का वातावरणगरबा कार्यक्रम से आयोजन स्थल का वातावरण अलग ही नजर आया। मुख्यमंत्री पटेल के आने से उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। उन्होंने मां की आरती में भाग लेकर परंपरागत तरीके से पूजा संपन्न की। आयोजकों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर थीम के कारण इस बार गरबा की सजावट खास रही। श्रद्धालुओं ने रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा खेला। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आयोजन स्थल पर पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।यह बोले आयोजकआयोजकों ने कहा कि हम लोगों के ऑपरेशन सिंदूर को सपोर्ट करने के लिए इस थीम पर गरबा का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने भी आयोजन का आनंद लिया। महिलाओं और बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला। पुलिस प्रशासन और सरकार की तरफ से सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जगह-जगह पुलिस तैनात की गई है। गरबा खेलने आने वाले लोगों की चेकिंग के बाद ही प्रवेश करने की अनुमति दी गई है।

नवरात्रि: विदेशियों के सिर चढ़ा गुजरात के गरबे का खुमार, भारतीय परिधान पहनकर पारंपरिक उत्सव का ले रहे आनंद
वडोदरा। गुजरात में नवरात्रि के दौरान गरबा खेलने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, गुजरात के गरबा का खुमार विदेशियों के सिर पर भी चढ़कर बोल रहा है। विदेशी मेहमान भारतीय वस्त्र पहनकर, पारंपरिक गरबा उत्सव का आनंद ले रहे हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक अनोखा अनुभव है, जो उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपरा को करीब से जानने का मौका दे रहा है। वडोदरा में मंगलवार को आयोजित गरबा में विदेशी पर्यटकों ने गुजराती गानों पर झूमकर उत्सव का आनंद लिया। वडोदरा में रूस, स्लोवाकिया, साउथ अफ्रीका सहित कई देशों से आए पर्यटकों ने गरबा खेला। स्लोवाकिया के पर्यटक ने कहा, भारत की संस्कृति बहुत अच्छी है। मैं पहली बार इस कार्यक्रम में आया हूं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम लोगों को यहां अच्छा आनंद मिल रहा है।रूस के अस्कर ने गरबा को लेकर कही यह बातसाउथ अफ्रीका के मसुदुबेले मामबोलो ने बताया, ये कार्यक्रम काफी अच्छा है, मैंने आज से पहले कभी गरबा नहीं खेला था। इस तरह का गरबा करना अच्छा लगता है। रूस के अस्कर ने कहा कि हमें भारत आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम लोग सही समय पर आए हैं, इसलिए इस कार्यक्रम का आनंद ले पा रहे हैं। गुजरात के राजकोट में जंक्शन क्षेत्र में न्यू गरबा मंडल की ओर से भी गरबा का आयोजन किया गया। यहां पर पिछले पांच दशकों से अधिक समय से गरबा का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग गरबा में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं।गांधीनगर का गरबा दुनिया भर में मशहूरगुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी मिशन, गांधीनगर के आयोजक और मिशन निदेशक, आईएएस दिग्विजयसिंह डी जडेजा ने कहा, 1971 से यहां गरबा उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें कुल 71 लड़के और लड़कियां भाग ले रहे हैं। हमारा अथांगा रास, जो रस्सी पर किया जाता है, बहुत मशहूर है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। हर साल हम इस कार्यक्रम में नए रास प्रदर्शन जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यहां का अठगु रास बेहद प्रसिद्ध है। यहां पर विशेष रूप से कृष्ण लीला पर आधारित रास भी खेला जाता है। आयोजकों की तरफ से बेटे-बेटियों से कोई फीस नहीं लेते।जामनगर में गरबा की धूमनवरात्रि के दौरान जामनगर में विभिन्न स्थानों पर गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जामनगर में लड़कियों ने शक्ति स्वरूप रास प्रस्तुत किया। हाथी कॉलोनी एक्सटेंशन, गली-1 में, आशपुरा ग्रुप द्वारा आयोजित गरबा में लड़कियों ने तलवारों के साथ रास प्रस्तुत किया। दर्शकों ने बताया कि हम लोग यहां पर काफी सालों से प्राचीन गरबा देखने के लिए आते हैं। हमें अच्छा लगता है। यह लड़कियां पिछले महीने से ही तलवार लेकर तैयारी करती हैं। जब यह तलवार रस करते हैं, तो जगदंबा मां के आशीर्वाद से यह गरबा खेलते हैं।

गुजरात:नवरात्रि पंडाल में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, गरबा की धुन पर थिरके लोग, भारतीय सेना की वीरता को सराहा हृदय से
सूरत। नवरात्रि के पावन अवसर पर गुजरात के सूरत में गरबा पंडालों में इस बार खास तैयारी देखने को मिल रही है। पंडालों में इस बार ऑपरेशन सिंदूर की धुन पर लोग गरबा कर रहे हैं। इसके लिए हर पंडाल में तैयारी पूरी हो गई है। सूरत में नवरात्रि के दौरान दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए पूजा समितियों ने आकर्षक पंडाल तैयार किए हैं। इस वर्ष ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर मां दुर्गा के पंडाल को तैयार किया गया है।पंडाल में राफेल फाइटर जेट, रॉकेट लॉन्चर जैसी आकृतियों को दर्शाया गया है। क्षेत्र में इस पंडाल की चर्चा हो रही है। इसी के साथ यहां पर श्रद्धालु गरबा कर रहे हैं। पूजा समितियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की वीरता को हृदय से सराहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कर दिया, वो आज तक नहीं हुआ था, आतंकवादियों को उन्हीं के घर में घुसकर मारा जा रहा है।सूरत में डॉक्टर्स एंड मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित नवरात्रि उत्सव के पंडाल में शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले डॉक्टरों ने बड़ी संख्या में अपने परिवार के साथ गरबा रास में भाग लिया। डॉ. दीपक पटेल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश का मान बढ़ाया है। देश के वीर सैनिकों के नाम पर इस बार की नवरात्रि मनाई जा रही है। इस बार पूजा में उन महिलाओं को भी याद किया जा रहा है, जिन्होंने हमले में अपने पति और परिवार को खोया है।डॉ. दीप्ति पटेल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर सैनिकों के सम्मान में पूजा और गरबा किया जा रहा है। एक ही रात में भारतीय सेना ने जो करके दिखाया, वह आज तक नहीं हुआ था, इसीलिए हम लोग मां दुर्गा से वीर सैनिकों की रक्षा के लिए कामना कर रहे हैं। गरबा के आयोजक एवं डॉक्टर एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. निकुंज विट्ठलानी ने बताया कि इस बार तीन एसोसिएशन ने मिलकर गरबा का आयोजन किया है। मां दुर्गा वीर सैनिकों को शक्ति दें, इसलिए विशेष पूजा भी की जा रही है।

भारत को बनना ही होगा आत्मनिर्भर: पीएम मोदी ने फिर दोहराया संकल्प को, बोले- चिप हो या शिप हमें देश में ही बनाने होंगे
भावनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने गृह राज्य गुजरात के दौरे पर हैं। उन्होंने भावनगर में आयोजित समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम से पीएम मोदी ने राज्य को 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओंका उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद पीएम जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अपने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में निर्भरता हमारा सबसे बडा दुश्मन, चिप हो हो शिप हमें भारत में बनाने होंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम तो भावनगर में हो रहा है, लेकिन ये कार्यक्रम पूरे हिंदुस्तान का है। पूरे भारत में समुद्र से समृद्धि की ओर जाने की हमारी दिशा क्या है, उसके लिए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का केंद्र भावनगर को चुना गया है। इस दौरान, पीएम मोदी ने गुजरात और भावनगर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत समुद्र को बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। यहां पोर्ट लेड डेवलपमेंट को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपए का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है।दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं आत्मनिर्भर भारत का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा, सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ज्यादा देश की विफलता होगी। विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा।पीएम ने कांग्रेस को भी लिया निशाने पर इस दौरान, पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने भारत के हर सामर्थ्य को नजरअंदाज किया, इसलिए आजादी के 6-7 दशकों बाद भी भारत वो सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसके हम हकदार थे। लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस कोटा राज में उलझाए रखा। दुनिया के बाजार से अलग-थलग रखा। कांग्रेस सरकार की नीतियों ने देश के नौजवानों का बहुत नुकसान किया।100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारतपीएम मोदी ने आगे कहा, भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता...। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा। जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता... उतनी ज्यादा देश की विफलता। विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए... दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते। भावी पीढ़ी के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता है। 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत, इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा। जन्मदिन के बाद पहली बार गुजरात पहुंचे पीएम मोदी17 सितंबर को जन्मदिन के बाद पहली बार पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम में कहा, आप सबने अपने नरेंद्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, देश और दुनिया से जो मुझे शुभकामनाएं मिली हैं, व्यक्तिगत तौर पर सबका धन्यवाद करना संभव नहीं है, लेकिन भारत के कोने-कोने से विश्वभर से ये जो प्यार मिला है, आशीर्वाद मिला है, ये मेरी बहुत बड़ी संपत्ति और बहुत बड़ी ताकत है। इसलिए मैं सार्वजनिक रूप से देश और दुनिया के सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

पीएम आज गुजरात दौरे पर: भावनगर में आयोजित समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम में करेंगे शिरकत, गृह राज्य को देंगे 34,200 करोड़ की सौगात
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। वह भावनगर में आयोजित समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम इस कार्यक्रम से राज्य को 34,200 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। गुजरात दौरे पर जाने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट शेयर कर कहा है कि 20 सितंबर भारत के समुद्री क्षेत्र और आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारे प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। पीएम ने लिखा कि आज मैं भावनगर में समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम में भाग लूंगा। 34,200 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का उद्घाटन या शिलान्यास किया जाएगा। इनसे पूरे भारत के लोगों को लाभ होगा। शिपिंग क्षेत्र से संबंधित प्रमुख नीतियों पर भी हमारा ध्यान केंद्रित रहेगा। पीएम समुद्री क्षेत्र को एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को 7,870 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली समुद्री क्षेत्र से संबंधित अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इंदिरा डॉक पर मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे।जहाम मरम्मत सुविधाओं की रखेंगे आधारशिलाइसके अलावा, पीएम मोदी कोलकाता में एक नए कंटेनर टर्मिनल, पारादीप बंदरगाह पर नए कंटेनर बर्थ, टूना टेकरा मल्टी-कार्गो टर्मिनल, चेन्नई बंदरगाह पर समुद्री दीवारों और रिवेटमेंट समेत तटीय सुरक्षा कार्य, कार निकोबार द्वीप पर समुद्री दीवार निर्माण, कांडला में एक बहुउद्देश्यीय कार्गो बर्थ और पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत सुविधाओं की आधारशिला रखेंगे।पीएम भावनगर में जनसभा को करेंगे संबोधितप्रधानमंत्री गुजरात के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी केंद्र और राज्य सरकार की 26,354 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भावनगर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। वे धोलेरा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। धोलेरा गांव की परिकल्पना एक हरित औद्योगिक शहर के रूप में की गई है जो दीर्घकालिक औद्योगीकरण, स्मार्ट बुनियादी ढांचे और वैश्विक निवेश पर आधारित है।पीएम मोदी एनएचएमसी का करेंगे दौराइसके बाद पीएम मोदी दोपहर लगभग 1ः30 बजे एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। फिर वे लोथल में लगभग 4,500 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएचएमसी) का दौरा और उसकी प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। यह परिसर भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं का उत्सव मनाने और उन्हें संरक्षित करने व पर्यटन, अनुसंधान, शिक्षा और कौशल विकास के केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

मारुति सुजुकी के पहले ईवी यूनिट का आगाज:पीएम बोले- मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्लड की ओर भारत ने बढ़ाए कदम, किया बड़ा ऐलान भी
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के अंतिम दिन यानि मंगलवार को मारुति सुजुकी के पहले ईवी यूनिट का उद्घाटन किया। साथ ही वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ई-विटारा को झंडी दिखाई। पीएम ने इसे भारत की मेक इन इंडिया यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। इस दौरान उहोंने यह भी ऐलान किया कि अब दुनिया के दर्जनों देशों में जो ईवी चलेगी, उसमें मेड इन इंडिया लिखा होगा। पीएम ने कहा कि अब भारत मेक इन इंडिया से आगे बढ़कर मेक फॉर द वर्लड की ओर कदम बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को 100 से अधिक देशों में निर्यात किया जाएगा। देश में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चरिंग की भी शुरुआत हो गई है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि हम यहीं रुकने वाले नहीं हैं और ये कि भारत सेमी कंडक्टर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, जिसे और आगे बढ़ाना है। उन्होंने अगले सप्ताह अपनी जापान यात्रा का भी ऐलान किया।13 साल पहले बोए थे सफलता के बीजपीएम मोदी ने याद दिलाया कि भारत की सफलता की कहानी के बीज करीब 13 साल पहले बोए गए थे। 2012 में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मारुति सुजुकी को हंसलपुर में जमीन अलॉट की थी। उन्होंने कहा, विजन तब भी आत्मनिर्भर भारत का था और मेक इन इंडिया का था। हमारे तब के प्रयास आज देश के संकल्पों को पूरा करने में इतनी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।ईवी के इकोसिस्टम में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण घटकप्रधानमंत्री ने कहा, इलेक्ट्रिक वाहनों के इकोसिस्टम में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण घटक है। कुछ साल पहले तक भारत पूरी तरह से बैटरियों के लिए आयात पर निर्भर था। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को मजबूत करने के लिए भारत में भी बैटरी उत्पादन शुरू करना जरूरी था। इसी दृष्टिकोण के साथ हमने 2017 में टीडीएसजी बैटरी प्लांट की नींव रखी। इस कारखाने में, तीन जापानी कंपनियां मिलकर बैटरी सेल का निर्माण करेंगी। यह स्थानीयकरण हमारे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को नई ताकत देगा।पीएम ने राज्यों से किया आग्रहप्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे इस मौके का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा, मैं सभी राज्यों को निमंत्रण देता हूं। आइए, रिफॉर्म की स्पर्धा करें, प्रो-डेवलपमेंट पॉलिसी की स्पर्धा करें, गुड गवर्नेंस की स्पर्धा करें। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने।

पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मीराबाई चानू के लिए डबल खुशी:कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, मिला राष्ट्रमंडल खेलों को टिकट भी
अहमदाबाद। करीब एक साल के लंबे अंतराल के बाद टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मीराबाई चानू ने धमाकेदार वापसी की है। उन्होंने अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में रिकार्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता है। इस उपलब्धि के साथ ही चानू ने ग्लासगो में होने वाले 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई किया।31 साल की मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। चानू ने कुल 193 किग्रा (84 किग्रा स्नैच+ 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन में नए कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी स्थापित किए। मलेशिया की आइरीन हेनरी (161 किग्रा) ने रजत और वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स (150 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।चानू इससे पहले 49 किग्रा में लेती थीं हिस्सा मीराबाई चानू इससे पहले 49 किग्रा में हिस्सा लेती थीं, लेकिन यह वजन वर्ग अब ओलंपिक में शामिल नहीं है। मीराबाई चानू ने अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पेरिस ओलंपिक में वह चैथे स्थान पर रही थीं। मीराबाई चोटिल होने के कारण पिछले एक साल में किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, इसलिए उन्हें लय हासिल करने में भी समय लगा। इस तरह से मीराबाई चानू ने 48 किग्रा में सफल वापसी की।यह बोलीं गोल्ड मेडल विजेताजीत के बाद मीराबाई चानू ने कहा, मैं स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुश हूं। पेरिस ओलंपिक के एक साल बाद घरेलू धरती पर प्रतिस्पर्धा करना इस पल को और भी खास बना देता है। यह जीत अथक परिश्रम, मेरे कोचों के मार्गदर्शन और प्रशंसकों से मिलने वाले प्रोत्साहन का परिणाम है। अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारी के लिए यह मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है।इंजरी की वजह से इंटरनेशन इवेंट में नहीं ले रही थी भागपेरिस ओलंपिक के बाद से मीराबाई चानू इंजरी की वजह से कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकी। पेरिस ओलंपिक में भी चानू पदक जीतने से चूक गई थी। 49 किग्रा वर्ग में 199 किग्रा (88 किग्रा स्नैच+ 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाने के बावजूद वह पदक से चूक गई थीं। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने 49 किग्रा वर्ग को हटा दिया है। इस वजह से चानू ने 48 किग्रा वर्ग में वापसी की। इस भार वर्ग में चानू ने 2018 में हिस्सा लिया था। वह इस भार वर्ग में विश्व चैंपियन रह चुकी हैं।

पीएम मोदी का दो दिनी गुजरात दौरा आज सेः:राज्य को देंगे 5400 करोड़ की सौगात, राष्ट्र को समर्पित करेंगे कई रेल परियोजनाएं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से दो दिनों तक गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम 5,400 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी स्वयं अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट डालकर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर गुजरात में रहेंगे। पीएम मोदी 25 अगस्त और 26 अगस्त को 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी है। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज, 25 अगस्त और कल, 26 अगस्त को मैं गुजरात में रहूंगा। 5400 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण या शिलान्यास किया जाएगा। ये परियोजनाएं सड़क, रेलवे, ऊर्जा और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं।“ पीएम मोदी सोमवार की शाम लगभग 6 बजे अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में 5,400 करोड़ रुपये की लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।कई रेल परियोजनाएं राष्ट्र को करेंगे समर्पित26 अगस्त को सुबह लगभग 10ः30 बजे, प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 65 किलोमीटर महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 37 किलोमीटर कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर बेचराजी-रानुज रेल लाइन का गेज परिवर्तन शामिल है।ब्रॉड-गेज से सुगम होगी कनेक्टिविटीइस ब्रॉड-गेज क्षमता के बढ़ने से, ये परियोजनाएं इस क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी। इससे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा काफी आसान हो जाएगी। इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा।पीएम रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगेबेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा से राज्य के औद्योगिक केंद्रों में संपर्क बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। कनेक्टिविटी में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चैड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। इन पहलों से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन दक्षता में सुधार होगा और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।

शिवपुरी में 1 सिंगर समेत 4 तीर्थ यात्रियों की मौत:बेकाबू ट्रैवलर बस भिड़ी ट्रक से, 9 घायल, सभी काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौट रहे थे गुजरात
शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां के सुरवाया थाना क्षेत्र में ट्रक और ट्रैवलर बस की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में जहां 4 यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे का शिकार हुए लोग गुजरात के रहने वाले हैं। सभी काशी विश्वनाथ के दर्शन वापस लौट रहे थे। हादसा नेशनल नेशनल हाइवे पर सुबह 5.30 बजे के आसपास ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हुआ। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई।बताया जा रहा है कि गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रैवलर बस अमोला घाटी के पास शिवपुरी-झांसी फोरलेन सड़क के पास पहुंचा थी इसी दौरान वह बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और दूसरी लेन में जाकर ट्रक से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषणा था कि एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई। 12 घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां 3 लोगों ने दम तोड़ दिया। हादसे में 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज जारी है। इनमें 7 की हालत की गंभीर बताई जा रही है। शवों को भेजा गया पोस्टमार्टम के लिएहादसे में सिंगर हार्दिक दवे (40) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अस्पताल में उपचार के दौरान राजा ठाकुर (28), अंकित ठाकुर (22) और राजपाल सोलंकी (60) ने भी दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, 20 लोगों का म्यूजिशियन ग्रुप काशी विश्वनाथ में आयोजित शिवकथा कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के बाद शुक्रवार शाम को लौट रहा था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आने से यह दुर्घटना हुई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और घायलों का इलाज जारी है।हादसे में इनको आई गंभीर चोटरावल मोहित, आशीष व्यास, मोहलिक, नरेंद्र नायक, चेतन कुमार, ऋषिकेश, विपुल, अरविंद, अर्जुन, हर्षद गोस्वामी और ट्रैवलर के ड्राइवर घायल हैं। इनमें से 7 की हालत नाजुक बताई जा रही है। ग्रुप के सिंगर विपुल ने बताया, हम सभी लोग काशी विश्वनाथ में शिव कथा करने गए थे। वहां से ट्रैवलर में बैठ कर अपने घर गुजरात जा रहे थे। सुबह करीब 5.30 बजे हादसा हुआ, इस दौरान सभी सो रहे थे। इसके बाद क्या हुआ किसी को पता नहीं चला।

वोट-चोरी और SIR पर बरपा हंगामाः:विपक्षी सांसदों का संसद के बाहर प्रदर्शन, मौजूद रहीं सोनिया भी, EC-सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। कथित वोट चोरी और एसआईआर को लेकर विपक्ष का हंगामा अनवरत जारी है। विपक्ष सडक से लेकर सदन तक हल्ला बोल रहा है। सोमवार को संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च करने के बाद मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस पी चिदंबरम और इंडी गठबंधन के सांसद शामिल हुए। इस दौरान सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं, जनता के अधिकार छीन रहे हैं। हालांकि आज इस प्रदर्शन में राहुल-प्रियंका गाधी दिखाई नहीं दिए। एसआईआर पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा, यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है। अगर चुनाव आयोग की पूरी बुनियाद ही संदेह के घेरे में है, तो चुनाव नतीजे भी संदिग्ध हैं और लोकतंत्र कमजोर होता है। इस मुद्दे को लगातार उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारी चुनावी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाता है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, विपक्ष सरकार को जगाने की हर संभव कोशिश कर रहा है, लेकिन सरकार ने अपना मन बना लिया है, वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है और सदन को चलने नहीं देना चाहती है।, , , , शिकायतों पर आयोग लेना चाहिए था संज्ञानकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि 300 सांसद सड़क पर आए। सभी सांसद शांतिपूर्वक चुनाव आयोग के पास जा रहे थे, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया। विपक्ष के सांसदों को हिरासत में ले लिया गया और इधर, सरकार ने संसद में बिल पास कराया। यह एक तरीके की तानाशाही है। उन्होंने आगे कहा, मतदाता सूची को लेकर शिकायतों पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए था। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने भी मतदाता सूची के जरिए सबूत दिए थे। ऐसे में आयोग को स्वस्थ मतदान के लिए ब्योरा लेना चाहिए था।भाजपा का विभाग बन चुका है चुनाव आयोगकांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का विभाग बन चुका है। फर्जी वोटर बनाना यह भाजपा का रेगुलर काम है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में यह एकतरफा था कि भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, लेकिन नतीजे बिल्कुल उलट आए। मिंता देवी जैसे मतदाताओं से स्पष्ट है कि ये भाजपा और चुनाव आयोग का पूरा प्लान है। कांग्रेस पार्टी इसको लेकर पूरे देश में आईना दिखाएगी।यह बोले सपा सांसदइसी तरह, समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने कहा कि पिछले 10 दिनों से संसद में हमारी एक ही मांग रही है कि एसआईआर पर चर्चा हो। सरकार कहती रहती है कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन जिस मुद्दे पर हम चाहते हैं, उस पर वह चर्चा क्यों नहीं कर रही है? समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, लोकतंत्र को बचाने की यह एक लंबी लड़ाई है। हमारी पार्टी, समाजवादी पार्टी, ने 18,000 हलफनामे और सबूत जमा किए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।


