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सुरक्षा सहयोग से द्विपक्षीय भुगतान संबंधों तक:भारत और मलेशिया ने छह प्रमुख समझौतों पर लगाई मुहर
कुआलालंपुर। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कुआलालंपुर में द्विपक्षीय मुलाकातों के दौरान भारत और मलेशिया के बीच छह बड़े समझौतों पर साइन किए। इस दौरान दोनों देशों ने सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए। पीएम मोदी के मलेशिया के दो दिन के आधिकारिक दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच पूरी बातचीत के बाद इस समझौते पर मुहर लगाई है। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक अहम पड़ाव था। अपनी बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, मैरीटाइम सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, साथ ही डिजिटल और नई तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्ते तलाशे।दोनों नेताओं ने आपसी फायदे के पारंपरिक और नए जमाने के दोनों सेक्टर में सहयोग बढ़ाने का इरादा शेयर किया। इस दौरे के दौरान कई जरूरी द्विपक्षीय समझौते और एमओयू एक्सचेंज किए गए। इसमें सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति पहल में हिस्सा लेना, सेमीकंडक्टर डेवलपमेंट, हेल्थकेयर और मेडिसिन, आपदा प्रबंधन, एंटी-करप्शन कोशिशें, आॅडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल थे।मलया यूनिवर्सिटी के लिए पीएम मोदी ने की बड़ी घोषणाइस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में एक खास तिरुवल्लुवर केंद्र बनाने और तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप शुरू करने की भी घोषणा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का मकसद पुराने तमिल कवि और फिलॉसफर तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं और फिलॉसफी को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही भारत और मलेशिया के बीच कल्चरल एक्सचेंज और लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत करना है। प्रधानमंत्री ने मलेशिया में अपना पहला कॉन्सुलेट खोलने के भारत के फैसले की भी घोषणा की। इस कदम से डिप्लोमैटिक जुड़ाव बढ़ने, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और देश में रहने वाले या वहां आने वाले भारतीय नागरिकों को बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद है।इन अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षरदोनों देशों के बीच जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किया गया है, उनमें साइबरजया यूनिवर्सिटी और आईटीआरए जामनगर के बीच सहयोग को एक अहम विकास के तौर पर हाईलाइट किया गया। एमईए के मुताबिक यह साझेदारी पारंपरिक मेडिसिन पर फोकस करेगी और इससे आयुर्वेद में रिसर्च और एकेडमिक एक्सचेंज को आसान बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच होलिस्टिक हेल्थकेयर प्रैक्टिस और ज्ञान साझा करने तक पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की कोशिशकनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत, नेशनल पेमेंट्स कॉपोर्रेशन आॅफ इंडिया की सब्सिडियरी, एनआईपीएल और मलेशिया की पेनेट ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए एकीकरण सहित द्विपक्षीय पेमेंट लिंकेज बनाने पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। इस पहल से बिजनेस करने में आसानी बढ़ेगी और दोनों देशों के बीच काम करने वाले पर्यटन, छात्र और बिजनेस समुदाय को आसान, कम लागत वाले रेमिटेंस और पेमेंट सॉल्यूशन मिलेंगे।इसके अलावा, इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं को 10वें इंडिया-मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी दी गई। फोरम की रिपोर्ट से बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को मजबूत करने और भारत और मलेशिया के बीच व्यापार और निवेश के मौकों को बढ़ाने के लिए सुझाव और जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव और गहरा होगा।

टी20 वर्ल्ड कप: टीम इंडिया ने जीत के साथ किया अपने अभियान का आगाज:सूर्या ब्रिगेड ने यूएसए को 29 रनों से दी शिकस्त, कप्तान ने खेली विस्फोटक पारी
मुंबई। टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 में शनिवार को तीसरा मुकाबला भारत का सामना संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने यूएसए को 29 रनों से हराकर अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया। टॉस हारकर बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने यूएसए को जीत के लिए 162 रनों का लक्ष्य दिया था। टारगेट का पीछा करते हुए यूएसए की टीम 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। भारत की ओर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में भारतीय टीम के दिए 162 रन के लक्ष्य को हासिल करने उतरी यूएसए के शीर्ष क्रम के तीनों बल्लेबाज फ्लॉप रहे। सलामी बल्लेबाज एंड्रियस गौस 6, सैतेजा मुक्कमल्ला 2, और कप्तान मोनांक पटेल बिना खाता खोले आउट हो गए। 13 पर 3 विकेट गंवा चुकी यूएसए को मिलिंद कुमार और संजय कृष्णमूर्ति ने संभाला और चौथे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी कर स्कोर को 71 तक ले गए। मिलिंद इसी स्कोर पर 34 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 98 के स्कोर पर पांचवें विकेट के रूप में संजय कृष्णमूर्ति भी 37 रन बनाकर आउट हो गए। सिराज ने यूएएस के तीन विकेट झटकेइन दोनों की जोड़ी टूटने के बाद यूएसए का निचला क्रम ढह गया। शुभम रंजने के 22 गेंद पर बनाए 37 रन के बावजूद यूएसए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 132 रन बना सकी और 29 रन से मैच हार गई। भारत की तरफ से मोहम्मद सिराज ने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 18 रन देकर 2, अक्षर पटेल ने 4 ओवर में 24 रन देकर 2, और वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट लिए। अभिषेक-शिवम नहीं खोल सके खाताइससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव के 49 गेंदों पर 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 84 रन की पारी की बदौलत 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे। तिलक वर्मा ने 16 गेंद पर 25 और ईशान किशन ने 16 गेंद पर 20 रन की पारी खेली थी। अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे खाता नहीं खोल सके थे। रिंकू सिंह 6, हार्दिक पांड्या 5 और अक्षर पटेल 14 रन बनाकर आउट हुए। यूएएस की ओर सौरभ सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुएयूएसए की तरफ से सौरभ नेत्रावल्कर सबसे महंगे गेंदबाज रहे। सौरभ ने 4 ओवर में 65 रन दिए। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। शैडली वैन शाल्कविक सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। हरमीत सिंह ने 4 ओवर में 26 रन देकर 2 विकेट लिए। अली खान और मोहम्मद मोहसिन को 1-1 विकेट मिला।

टी20 वर्ल्ड कप:पहले ही मुकाबले में नीदरलैंड के सामने घुठने टेकने से बचा पाकिस्तान, फहीम की पारी ने आखिरी ओवर में दिलाई जीत
कोलंबो। पाकिस्तान ने नीदरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले में 3 विकेट से जीत दर्ज करते हुए अपने अभियान की शुरुआत की। हालांकि इस इस पहले मुकाबले में बड़ा उलटफेर होते-होते बच गया। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था। लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी। लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच आखिरी ओवर में 3 विकेट से जीत लिया।टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड की टीम 19.5 ओवरों में महज 147 रन पर सिमट गई। इस टीम को सलामी जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। माइकल लेविट ने मैक्स ओ’डॉउड के साथ 3.1 ओवरों में 28 रन की साझेदारी की। ओ’डॉउड 7 गेंदों में 5 रन बनाकर आउट हुए, जबकि माइकल लेविट ने 15 गेंदों में 1 छक्के और 3 चैकों के साथ 24 रन की पारी खेली।31 रन पर पवेलियन लौट गए थे नीदरलैंड के ओपनरयह टीम 31 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो चुकी थी। यहां से बास डी लीडे ने कॉलिन एकरमैन के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 34 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। एकरमैन 20 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद बास डी लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स के साथ चैथे विकेट के लिए 40 रन जुटाते हुए टीम को 100 के पार पहुंचा दिया।सलमान मिर्जा ने झटके तीन विकेटइस टीम के लिए कप्तान एडवर्ड्स ने 29 गेंदों में 4 बाउंड्री के साथ सर्वाधिक 37 रन बनाए, जबकि बास डी लीडे 30 रन बनाकर पवेलियन लौटे। विपक्षी खेमे से सलमान मिर्जा ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद नवाज, अबरार अहमद और सईम अयूब ने 2-2 विकेट निकाले। एक विकेट शाहीन अफरीदी ने अपने नाम किया।पाकिस्तान को 27 रन पर लगा था पहला झटकाइसके जवाब में पाकिस्तान ने 19.3 ओवरों में जीत दर्ज की। पाकिस्तान को 27 के स्कोर पर सईम अयूब के रूप में झटका लगा। अयूब 13 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए। कुछ देर बाद टीम को कप्तान सलमान आगा (12) के रूप में दूसरा झटका लगा। पाकिस्तानी टीम 53 के स्कोर तक अपने 2 विकेट खो चुकी थी। यहां से साहिबजादा फरहान ने बाबर आजम के साथ तीसरे विकेट के लिए 38 गेंदों में 45 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 98 के स्कोर तक पहुंचा दिया।47 रन बनाकर आउट हुए फरहानसाहिबजादा फरहान 31 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चैकों के साथ 47 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। आलम ये रहा कि टीम ने 114 के स्कोर तक अपना सातवां विकेट खो दिया। यहां से फहीम अशरफ (नाबाद 29) ने शाहीन अफरीदी (नाबाद 5) के साथ 20 गेंदों में 34 रन की साझेदारी करते हुए पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत दिलाई।पाकिस्तान को अंतिम 2 ओवरों में 29 रनों की थी दरकारपाकिस्तान को अंतिम 2 ओवरों में 29 रनों की दरकार थी। 18.2 ओवर में फहीम अशरफ को जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने फायदा उठाते हुए टीम को रोमांचक जीत दिलाई। नीदरलैंड की तरफ से आर्यन दत्त और पॉल वैन मीकेरेन ने 2-2 विकेट हासिल किए। एक-एक विकेट लोगान वैन बीक, काइल क्लेन और रोएलोफ वैन डेर मेर्वे के हाथ लगा।

ट्रेड डील में देश के अन्नदाताओं के साथ नहीं हुआ अन्याय:अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर बोले गोयल, इन वस्तुओं पर यूएस में लगेगा 0 फीसदी टैरिफ
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता का ढंाचा जारी होने के बाद वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने शनिवार को विस्तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0 टैरिफ अमेरिका ने लगाया है। इस दौरान उन्होंने यह भी जानकारी शेयर की कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं दी है। वाणिज्य भवन में पत्रकारों से संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी सेक्टर में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है। साथ ही, मांस, मुर्गी पालन, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अनाज, चीनी, बाजरा, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी जैसे फल, खट्टे फल, हरी मटर, मूंग, चना, तिलहन, पशु आहार उत्पाद और तंबाकू पर भी कोई राहत नहीं दी गई है।0 फीसदी टैरिफ वाली वस्तुएंजेम्स एंड डायमंड, फार्मा , स्मार्टफोन्स, स्पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियांकेला, आम, चीनी , पाइनएप्पल, मसरूम, वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्तु, प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्स एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट, फार्मा की वस्तुएं, जेम्स एंड डायमंड्स, कॉइंस प्लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्युमिनियम पार्ट , जिंक ऑक्साइड, मिनिरल्स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदिसेब और कपास के आयात पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में इन उत्पादों की खपत, उत्पादन के मुकाबले काफी अधिक है। इस कारण से पहले से ही इन उत्पादों का आयात होता आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश में करीब 6 लाख टन सेब का आयात होता है। मौजूदा समय में आयात का बेस प्राइस 50 रुपए है और इस पर 50 प्रतिशत टैरिफ है, जिससे घरेलू बाजार में आयातित सेब की कीमत 75 रुपए होती है। आयोतित सेब का बेस प्राइस रखा 80 रुपएउन्होंने आगे बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में आयातित सेब का बेस प्राइस 80 रुपए रखा गया है। वहीं, टैरिफ 25 प्रतिशत है, जिससे आयातित सेब की कीमत 100 रुपए हो जाती है। इसके साथ ही, आयात के लिए एक कोटा भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में घरेलू किसानों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं। किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर काम कर रही सरकारकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपास के साथ भी ऐसा ही है। भारत में कुछ विशेष प्रकार की कपास का हमेशा से आयात होता आया है। इस कारण किसानों के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार लगातार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। इस व्यापार समझौते के तहत कई कृषि उत्पादों जैसे मसालों, चाय, कॉफी और उससे जुड़े उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, काजू और अन्य उत्पादों का जीरो ड्यूटी पर अमेरिका को निर्यात होगा। इन सामानों के निर्यात पर लगेगी जीरो ड्यूटी इसके अलावा, रत्न और आभूषण, फार्मा उत्पादों और स्मार्टफोन के निर्यात पर भी जीरो ड्यूटी लगेगी। गोयल ने आगे कहा कि भारत-अमेरिका का लक्ष्य आपसी द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाना है। इससे आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यातकों के लिए काफी सारे नए अवसर खुलेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे देश को विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी।

इस्लामाबाद मस्जिद धमाका:आतंक के पनाहगार ने भारत पर मढ़ा दोष, रक्षा मंत्री ख्वाजा ने तालिबान पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में हुए खतरनाक धमाके में 30 से ज्यादा लोग मारे गए और 160 घायल हुए हैं। आतंक के पनाहगार पाकिस्तान ने 24 घंटे के अंदर अफगानिस्तान और भारत को इस धमाके का जिम्मेदार ठहरा दिया। सदियों से आतंक को पोषित करने वाला पाकिस्तान इस धमाके के लिए अपने इंटेलिजेंस फैक्टर और इस बात को दोष नहीं देता कि उसने लंबे समय तक आतंकी समूहों को पाला-पोसा है, जो अब उसके खिलाफ हो गए हैं।बता दें, इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में खाद्जा तुल कुबरा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान आतंकी हमला हुआ। कहा जा रहा है कि हमले में शियाओं को निशाना बनाया गया। हमले के पैटर्न से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह टीटीपी या आईएसकेपी का काम हो सकता है। भारतीय अधिकारियों ने सवाल पूछा है कि पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान पर इतनी जल्दी आरोप क्यों लगाया। अधिकारी ने कहा कि वे इंटेलिजेंस की नाकामी के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, और यह समझना होगा कि यह चूक जानबूझकर की गई थी या नहीं।पाकिस्तानी सरकार के सही मायने में प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर हैं। पाकिस्तानी सरकार हाल के महीनों में कई मौकों पर शर्मिंदा हुई है। इसकी शुरुआत भारत के ऑपरेशन सिंदूर से हुई थी और तब से पाकिस्तान कई मोर्चों पर लड़ाई में है। ताजा हालात के अनुसार पाकिस्तान, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए), टीटीपी और अफगान तालिबान से भी लड़ रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका बहुत जल्द धमाके के लिए तैयार है।आईएसकेपी की पाकिस्तानी सरकार के साथ लंबे समय से तानातनी चल रही है। टीटीपी की तरह आईएसकेपी भी चाहता है कि देश पर शरिया कानून के तहत राज हो। आईएसआई ने कुछ समय के लिए आईएसकेपी को लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर अफगान तालिबान और टीटीपी के खिलाफ लड़ने के लिए शामिल किया था, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि यह रणनीति आईएसआई के सामने नाकाम हो गई क्योंकि आईएसकेपी ने एक बार फिर दिखा दिया है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।रक्षा मंत्री ने हमले के लिए तालिबान-भारत को ठहराया जिम्मेदारशुरुआती जांच शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले के लिए अफगान तालिबान और भारत को जिम्मेदार ठहराया। विश्लेषक ने कहा कि मुनीर ने बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया दी है। इससे साफ पता चलता है कि वह कई मुद्दों से ध्यान हटाना चाहता है। उन्होंने बलूचिस्तान मुद्दे को भटकाने की कोशिश की और भारत और तालिबान के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। ऐसा बयान और हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ एक बड़ा नैरेटिव बना रहा है।जैश को कट्टरपंथी रैलियां करने की इजाजत इसने जैश-ए-मोहम्मद को कट्टरपंथी रैलियां करने की इजाजत दी है, साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लोगों को भड़काने की भी कोशिश की है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका मकसद अशांति फैलाना और फिर उसके लिए भारत को दोषी ठहराना है। ऐसा करते हुए पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा का अंदाजा लगाना भूल गया और शहरी इलाके में हुआ धमाका इसका सबूत है।

अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेताओं पर हुई धन वर्षा:बीसीसीआई ने 7.5 करोड़ देने का किया ऐलान, बंटवारे पर मंथन शुरू
नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विश्व कप विजेता टीम, टेक्निकल स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी के लिए कुल 7.5 करोड़ रुपए के कैश अवॉर्ड की घोषणा की है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने शनिवार को बताया, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अंडर-19 मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को 7.5 करोड़ रुपए का कैश अवॉर्ड दिया जाएगा। हम खिलाड़ियों, टेक्निकल स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी के लिए इनाम की रकम के बंटवारे पर काम कर रहे हैं, लेकिन बीसीसीआई की ओर से उन्हें कुल 7.5 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।वैभव ने खेली थी तूफानी पारीहरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मैच में भारत ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के दम पर 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए थे। सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 15 चैकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन की पारी खेली थी, जबकि कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन जोड़े।311 रन पर सिमट गए थे अंग्रेजइसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में महज 311 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए कैलेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 7 छक्कों और 9 चैकों के साथ 115 रन की पारी खेली, जबकि बेन डॉकिन्स ने 66 रन का योगदान टीम के खाते में दिया, लेकिन इंग्लैंड को शर्मनाक हार के बचा नहीं सके।भारती छठवीं बार बना अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेताभारत के छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीतने पर सैकिया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में लिखा था, यह शानदार कामयाबी एक मजबूत सिस्टम की ताकत का सबूत है, जो लंबे समय तक प्लेयर डेवलपमेंट, कॉम्पिटिटिव घरेलू स्ट्रक्चर, डेडिकेटेड टेक्निकल स्टाफ से सपोर्टेड क्वालिटी कोचिंग प्रोग्राम और एक मजबूत टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस पर बना है। एज-ग्रुप क्रिकेट एक मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है। बीसीसीआई भविष्य के लिए इन नींवों में इन्वेस्ट करना और उन्हें मजबूत करना जारी रखेगा। बहुत बढ़िया, लड़कों! आप पर देश को बहुत गर्व है।

अंडमान में दुनिया देखेगी भारतीय सेना का शौर्य:सुखोई-30 और थाइलैंड के ग्रिपेन फाइटर के बीच होगी जंग
नई दिल्ली। भारतीय सेना के तीनों अंगों के साथ दुनिया के कई मित्र देश अभ्यास करना चाहते हैं। सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी फेहरिस्त और भी लंबी हो गई है। इसी कड़ी में साल 2026 का पहला अभ्यास किसी मित्र देश की एयरफोर्स के साथ 9 फरवरी को अंडमान के पास आयोजित किया जा रहा है। भारत और थाईलैंड की वायु सेनाओं के बीच होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की ओर से फ्रंटलाइन फाइटर जेट सुखोई-30 और रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स की ओर से ग्रिपेन फाइटर एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना के मिड-एयर रिफ्यूलर टैंकर और एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम एडब्ल्यूएसीएस की भी तैनाती की जाएगी।अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है यहरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और बेस्ट प्रैक्टिस साझा करना है। अभ्यास अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास नॉर्थ मलक्का स्ट्रेट में आयोजित किया जाएगा। भारतीय वायुसेना की ओर से 4 से 6 सुखोई विमान भाग लेंगे, जबकि रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स के भी इतने ही ग्रिपेन इसमें शामिल होंगे।अभ्यास के दौरान समुद्र में होगी जहाजों की तैनातीअभ्यास के दौरान सर्च एंड रेस्क्यू के लिए समुद्र में जहाजों की भी तैनाती होगी। सुखोई-30 अंडमान के एयरबेस से टेकऑफ करेंगे, जबकि ग्रिपेन थाईलैंड के एयरबेस से उड़ान भरेंगे। इस अभ्यास का एक उद्देश्य द्वीप क्षेत्रों में लॉजिस्टिक एंड्यूरेंस की क्षमता को परखना भी है।दो महीनों में होंगे कई अभ्यासऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय वायुसेना अपने एक्सरसाइज कैलेंडर के अनुसार लगातार अभ्यास कर रही है। अगले दो महीनों में तीन बड़े वायुसेना अभ्यास प्रस्तावित हैं, जिनमें फ्रांस, अमेरिका और ग्रीस की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ ऑपरेशनल कौशल साझा करेंगी।ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए अभ्यासों की सूची पर नजर डालें तो भारत ने फ्रांस के साथ एक्सरसाइज गरुड़, रूस के साथ अविइंद्रा और कई मल्टीनेशनल अभ्यासों में हिस्सा लिया है।भारत और थाईलैंड रक्षा सहयोगभारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत और थाईलैंड की साझा समुद्री सीमाएँ हैं और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में थाईलैंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को भारत की ‘लुक ईस्ट’ नीति से गति मिली, जिसे बाद में ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में उन्नत किया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मई 2003 में शुरू किए गए सुरक्षा सहयोग पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप ने सहयोग को मजबूत करने के लिए सात प्राथमिक क्षेत्रों में से एक के रूप में सैन्य सहयोग को नामित किया।भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) 25 जनवरी 2012 को हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते में नियमित संयुक्त अभ्यास, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास आतंकवाद, समुद्री डकैती और तस्करी का मुकाबला करने के लिए संयुक्त समुद्री गश्त, एक-दूसरे की सशस्त्र सेनाओं के प्रशिक्षण संस्थानों में अधिकारियों का प्रशिक्षण, सेवा-स्तरीय वार्ता और विभिन्न स्तरों पर यात्राओं का आदान-प्रदान शामिल है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का खाका तैयार:दोनों देशों का दावा- ऐहासिक मील का पत्थर साबित होगा व्यापर समझोता
नई दिल्ली। व्यापार समझौते पर भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी किया है। भारत-अमेरिका ने अंतरिम समझौते के लिए एक रूपरेखा तैयार की है, जिसमें व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया है। दोनों देशों ने कहा है कि अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। संयुक्त बयान में कहा गया है, अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं। फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन किया जाएगा। भारत-अमेरिका ने संयुक्त बयान में अंतरिम समझौते की मुख्य शर्तों के बारे में भी जानकारी दी है।इन सामनों पर पर खत्म हो सकता है अमेरिकी टैरिफसमझौते के अनुसार, भारत अमेरिका के सभी इंडस्ट्रियल सामानों और अमेरिका के कई तरह के खाने-पीने और खेती के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (डीडीजीएस), जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। वहीं, अमेरिका सहमति के अनुसार भारत के मूल सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा, जिसमें कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक रसायन, घर की सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद, और कुछ मशीनरी शामिल हैं।भारतीय विमानों और विमान के पुर्जों से हटेगा टैरिफफ्रेमवर्क के अनुसार, अंतरिम समझौते की सफलता भारतीय सामानों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ हटाने का रास्ता भी सुनिश्चित करेगी। इस सूची में जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारत की वैश्विक हिस्सेदारी मजबूत है और अमेरिकी मांग अधिक है। बयान में कहा गया है कि वाशिंगटन कुछ भारतीय विमानों और विमान के पुर्जों पर भी टैरिफ हटाएगा। ये शुल्क पहले एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के आयात से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा घोषणाओं के तहत लगाए गए थे।भारत के फार्मास्युटिकल उद्योग को और भी हो सकता है लाभ यह भी समझौता हुआ है कि भारत को ऑटोमोटिव पुर्जों के लिए विशेष रियायती शुल्क व्यवस्था मिलेगी। ये पुर्जे ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जों पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ के तहत आते हैं। भारत के फार्मास्युटिकल उद्योग को और भी लाभ हो सकता है। जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री से संबंधित परिणाम अमेरिकी धारा 232 जांच पर निर्भर करेंगे। संयुक्त बयान के अनुसार, ये उत्पाद अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा बाजार में भारत का मुख्य निर्यात हैं।मेडिकल उपकरणों में आ रहीं बाधाओं को दूर करने में सहमत हुआ अमेरिकाशुल्क से आगे बढ़कर, दोनों देशों ने कुछ अहम क्षेत्रों में एक-दूसरे को प्राथमिक बाजार पहुंच देने पर भी सहमति जताई है। अमेरिका और भारत मूल के नियम स्थापित करेंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते के लाभ मुख्य रूप से दोनों देशों को मिलें। इसके अलावा, अमेरिका और भारत उन नॉन-टैरिफ बाधाओं पर बात करेंगे, जो द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करती हैं। भारत अमेरिकी मेडिकल उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने पर सहमत हुआ है।प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को किया जाएगा खत्मदोनों देशों में सहमति बनी है कि प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म किया जाएगा, जिससे अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सामानों के लिए बाजार पहुंच में देरी हो रही थी। भारत ने समझौता लागू होने के छह महीने के भीतर यह तय करने का वादा किया कि पहचाने गए सेक्टरों में अमेरिकी या अंतर्राष्ट्रीय मानकों को स्वीकार किया जा सकता है या नहीं। इसमें टेस्टिंग की जरूरतें शामिल हैं। इसी तरह के वादे अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को प्रभावित करने वाली पुरानी बाधाओं पर भी लागू होते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के महासंग्राम का आगाजः:पहला मुकाबला पाकिस्तान-नीदरलैंड के बीच, शाम को आमने-सामने होंगे भारत-यूएस
नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज से शुरू हो चुका है। भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट का आगाज पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के साथ हुआ। इसके बाद दोहपर वेस्टइंडीज बनाम स्कॉटलैंड और शाम को भारत बनाम यूएसए मैच भी होंगे। इस तरह विश्व कप के ओपनिंग डे पर तीन मैच देखने के लिए मिलेंगे। बता दें कि टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। डिफेंडिंग चैम्पियन और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। आज के मुकाबलों की बात करें तो पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे शुरू हो गया है। यह मैच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच का मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा। यह मैच कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में करेगी। यह मैच शाम 7 बजे खेला जाएगा। भारतीय टीम को लगा झटकाभारतीय टीम को विश्व कप की शुरुआत से ठीक पहले एक झटका भी लगा है। पेस-बॉलिंग ऑलराउंडर हर्षित 4 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमिटी (ईटीसी) ने अनुभवी पेसर मोहम्मद सिराज को भारतीय टीम में हर्षित राणा की जगह लेने की मंजूरी दी है। मोहम्मद सिराज टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।भारत को रखा ए ग्रुप मेंडिफेंडिंग चैंपियन भारत को ग्रुप ए में यूएसए, पाकिस्तान, नामीबिया और नीदरलैंड के साथ रखा गया है। प्रत्येक ग्रुप में पांच टीमें हैं और कुल मिलाकर चार ग्रुप बनाए गए हैं। लीग स्टेज के बाद सुपर-8 मुकाबले होंगे। नॉकआउट मैचों की बात करें तो टी20 विश्व कप 2026 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को खेला जाएगा। दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को होगा। फाइनल मैच की तारीख 8 मार्च है।

टीम इंडिया ने फतह किया अंडर-19 विश्व कप:बिहार में जश्न का माहौल, वैभव की तूफानी पारी पर यह बोले दादा
, समस्तीपुर। बिहार में उस वक्त जश्न का माहौल तेज हो गया जब भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रनों की शानदार पारी खेली। सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मालूम था कि वे फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएंगे, लेकिन वे तो चक्रवात बन गए। समस्तीपुर में आईएएनएस से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी का पल है। वैभव ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। हालांकि, वे दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन कोई बात नहीं, उन्होंने बहुत शानदार खेल दिखाया। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी के बारे में कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है। हम शुरू से ही कह रहे थे कि वह फाइनल में शानदार खेलेगा।उन्होंने कहा कि 15 साल से कम उम्र का लड़का इतना शानदार खेल रहा है। उसने भले ही दोहरा शतक नहीं लगाया, लेकिन उसने सिर्फ 80 गेंदें खेलीं और 175 रन ठोक दिए। अगर दूसरे खिलाड़ियों का साथ मिलता तो और भी अच्छा खेलता।टीम इंडिया की सीनियर टीम का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में लाना चाहिए। वह भारतीय जर्सी के लिए दरवाजा तोड़ने को तैयार है और बहुत जल्द ही वह दरवाजा टूट जाएगा। मार्च के बाद वे सीनियर टीम का हिस्सा होंगे।उन्होंने एक पूर्व क्रिकेटर का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने उन्हें कमेंट्री पर सुना कि वे कह रहे थे कि यह 15 साल से कम उम्र का लड़का 100 मीटर के छक्के मार रहा है; इससे बढ़कर और क्या हो सकता है? यह बहुत बड़ी गर्व की बात है। वैभव देहात का लड़का है और आज शिखर पर पहुंच रहा है। हम सभी उसकी सफलता को लेकर बेहद खुश हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल:वैभव के आगे अंग्रेजों ने टेके घुटने, टीम इंडिया ने 100 रनों से रौंदकर जीता खिताब, छठवीं बार हुआ ऐसा
हरारे। हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से रौंदकर एक बार फिर खिताब पर कब्जा कर लिया है। भारजीय टीम ने यह ट्राफी 6वीं बार जीती है। इस जीते के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। यही नहीं उनके बल्ले ने ऐसी आग उलगी की वैभव ने महज 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के और इतने ही चौके बाउंड्री के पार भेजे। वैभव सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 412 रनों का पहाड़ सा लक्ष्य दिया।बता दें कि हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए। भारत को महज 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) के रूप में पहला झटका लग गया था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूती दी। म्हात्रे 51 गेंदों में 53 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 89 रन जोड़ते हुए भारत को 251 के स्कोर तक पहुंचा दिया। वैभव 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विहान मल्होत्रा ने वेदांत त्रिवेदी के साथ 51 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 300 के पार पहुंचा दिया। विहान 30 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में 40 रन की पारी खेली। अंतिम ओवरों में 37 रन की नाबाद पारी खेलते हुए कनिष्क चौहान ने भारत को 411/9 के स्कोर तक पहुंचा दिया। विपक्षी खेमे से जेम्स मिंटो ने सर्वाधिक 3 विकेट निकाले, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए। एक विकेट मैनी लम्सडेन ने अपने नाम किया।इसके जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 19 के स्कोर पर जोसेफ मूर्स (17) का विकेट खो दिया था। यहां से बेन डॉकिन्स ने बेन मेयस के साथ दूसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। मेयस 28 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों की मदद से 45 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद डॉकिंस ने थॉमस रेव के साथ तीसरे विकेट के लिए 49 रन और कैलेब फाल्कनर के साथ चौथे विकेट के लिए 32 रन जुटाए।इंग्लैंड की टीम ने 20.4 ओवरों में 174 के स्कोर पर अपना चौथा विकेट गंवाया और 21.6 ओवरों तक इस टीम का स्कोर 177/7 था। यहां से कैलेब फाल्कनर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 67 गेंदों में 7 छक्कों और 9 चौकों के साथ 115 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड को खिताब नहीं दिला सके। भारत की तरफ से आरएस अंबरीश ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए। दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट निकाले। एक विकेट म्हात्रे के हाथ लगा।

15 छक्के-15 चैके...:अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में वैभव के बल्ले ने उगली आग, 80 गेंदों में 175 जड़ लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी
हरारे। वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेलते हुए कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। इंग्लैंड के खिलाफ शुक्रवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 80 गेंदें खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाए। उनकी इस पारी में 15 छक्के और इतने ही चैके शामिल रहे। इसी के साथ वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के, अंडर-19 में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी, अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी, फाइनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज और अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। आइए, इन रिकॉर्ड्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल यह व्यक्तिगत सर्वोच्च रिकार्डवैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में 175 रन की पारी खेली। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में उन्मुक्त चंद दूसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने साल 2012 में भारत की ओर से खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 111 रन की नाबाद पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट विलियम्स (108), इंग्लैंड के स्टीफन पीटर्स (107) और भारत के मनजोत कालरा (101’) लिस्ट में क्रमशरू तीसरे, चैथे और पांचवें स्थान पर हैं।अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्का लगाने वाले खिलाड़ी भी बने सूर्यवंशीवैभव सूर्यवंशी अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस संस्करण में कुल 30 छक्के लगाए। इसी के साथ वैभव ने साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पछाड़ दिया है, जिन्होंने साल 2022 में 18 छक्के जड़े थे। फिन एलन साल 2016 और 2018 में इतने ही छक्के लगा चुके थे।सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकार्ड भी सूर्यवंशी के नामसूर्यवंशी के नाम अंडर-19 में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, उन्होंने 71 गेंदों में इस कारनामे को किया। इसी टूर्नामेंट में इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयस ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 98 गेंदों में 150 रन पूरे किए थे। अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक के मामले में वैभव दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने ये कारनामा 55 गेंदों में किया। ऑस्ट्रेलिया के विल मालाजचुक ने इसी साल जापान के विरुद्ध महज 51 गेंदों में शतक पूरा किया था।

उत्तराखंड-नेपाल बार्डर पर भीषण सड़क हादसा:पिथौरागढ़ में बारातियों से भरी बस गिरी खाई में, 13 की मौत, 34 घायल, इनमें कई की हालत गंभीर
पिथौरागढ़। उत्तराखंड और नेपाल की सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। नेपाल के बैतडी जिले में बडी से बजांग बारात लेकर जा रही एक बस गहरी खाई में गिर गई, इस भीषण हादसे में जहां 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 34 लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मौतों का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। पुरचुंणी नगरपालिका सात भवने गांव से दुल्हन लेकर बजांग के सुनकुडा जा रही बस पुरचूंणी के बड़गांव मोड से अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं। यह बारात की बस देहरादून और उत्तराखंड की सीमा के पास से नेपाल की ओर जा रही थी। गहरी खाई में गिरने के कारण बस में सवार अधिकांश लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी निरिक्षक बलदेव बडू ने बताया कि रात्रि के समय नेपाल एपीएफ, प्रहरी एवं स्थानीय जनता द्वारा यात्रियों का रेस्क्यू किया गया।13 साल के मासूम की भी मौतदुर्घटना में मरने वालों में बजांग बित्थड चीर गांव पालिका निवासी केशव राज जोशी (40) अशोक राज जोशी 13, बसंत राज जोशी (35), बिष्णु दत्त जोशी (41), नरेश राज जोशी (42), बिशन दत्त जोशी (17) दीपक जोशी (28), किशन जोशी (46), बजांग केदारस्यु गांव पालिका निवासी मोहन देव भट्ट (60) केशव भट्ट (27), बजांग जय पृथ्वी नगरपालिका निवासी बसंत राज रतला (40), बैतडी पुरचूणीं नगरपालिका निवासी पुष्पा अवस्थी (40), बैतडी पुरचूणीं नगरपालिका निवासी सुशील जोशी शामिल हैं।छह बारातियों की घटनास्थल पर ही मौतजिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी निरिक्षक बलदेव बडू ने बताया कि बस दुर्घटना में छह बरातियों की घटना स्थल में ही मौत हो गई। पांच बरातियों की डडेलधुरा अस्पताल में और दो बरातियों की कोटिला अस्पताल में मौत हो गई। घायलों में कुछ और बरातियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बस में अधिक संख्या में बराती सवार थे। चढ़ाई के दौरान बस नहीं चढ़ पाई और हादसा हो गया। 25 घायल बारातियों का डडेलधुरा अस्पताल और पांच गंभीर रूप से घायल बरातियों को धनगढी भेज दिया गया है।

टी20 विश्व कप में टीम इंडिया एनालिसिस:बैटिंग पावर, दमदार ऑलराउंडर और स्पिनर देश को फिर दिलाएंगे कप
नई दिल्ली। डिफेंडिंग चैंपियन भारत पुरुष टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत शनिवार को करेगा। ग्रुप ए के इस मुकाबले में उसका सामना अमेरिका से होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मजबूत बल्लेबाजी, अच्छे ऑलराउंडर और अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में चल रहे स्पिन गेंदबाजों के दम पर भारत के पास लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का पूरा मौका है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीतकर टूर्नामेंट में उतर रही है। 2024 में बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारत का जीत प्रतिशत शीर्ष दस टीमों में सबसे अच्छा है। भारत सभी रैंकिंग में आगेटीम की ताकत की बात करें तो विश्व कप से पहले भारत सभी रैंकिंग में आगे है। वह नंबर एक टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती शीर्ष स्थान पर हैं। टीम की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण रन गति तेज रहती है और बड़े स्कोर बनाना आसान हो गया है। क्रिकेट-21 के अनुसार, वर्ल्ड कप 2024 के बाद के फेज में, भारत का रन रेट 9.9 सबसे ज्यादा है। प्रति बाउंड्री गेंदों के मामले में, भारत 4.4 के आंकड़े के साथ फिर से चार्ट में सबसे आगे है। भारत का दबदबा 200 से ज्यादा के टोटल के आंकड़ों में और भी साफ दिखता है, जब उन्होंने 2024 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ऐसे 13 से ज्यादा स्कोर बनाए हैं, जिनमें से 12 पहले बैटिंग करते हुए आए हैं।टीम को मजबूती देते हैं यहअभिषेक के अलावा ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे बल्लेबाज टीम को मजबूती देते हैं। हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर टीम का संतुलन बनाए रखते हैं। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी प्रभावी है। कमजोरी की बात करें तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह स्थिर नहीं दिखता। खासतौर पर इसलिए क्योंकि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने वाले खिलाड़ी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ईशान किशन अच्छी फॉर्म में हैं, जबकि संजू सैमसन संघर्ष कर रहे हैं।बाॅलिंग है कमजोर कड़ीबॉलिंग की बात करें तो पावरप्ले में गेंदबाजी के दौरान भारत कभी-कभी महंगा साबित हुआ है और विकेट भी कम मिले हैं। अंतिम ओवरों में भी यही समस्या देखने को मिली है। आठवें नंबर पर कौन खेलेगा, यह भी टीम के लिए एक सवाल बना हुआ है। टीम के पास अवसरों की बात करें तो 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने 2024 में फिर से खिताब अपने नाम किया और अब वह डिफेंडिंग चैंपियन है। उसे लगातार दूसरी बार खिताब जीतने, तीसरी बार विश्व कप अपने नाम करने और घरेलू मैदान पर फाइनल जीतने का इतिहास रचने का मौका है।टीम के सामने हैं कई चुनौतियां भीहालांकि टीम के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। वॉशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे और उनका खेलना अभी तय नहीं है। अगर वह टूर्नामेंट से बाहर रहते हैं, तो टीम को एक ऑलराउंडर की कमी खलेगी। साथ ही हार्दिक पांड्या का फिट रहना भारत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि उनकी गैरमौजूदगी ने 2023 के एकदिवसीय विश्व कप में टीम के संतुलन को प्रभावित किया था।

वाशिंगटन पोस्टः अमेरिकी अखबार में इतिहास की सबसे बड़ी कटौती:कांग्रेस नेता के बेटे की भी गई नौकरी, फूटा थरूर का गुस्सा, खेल विभाग और विदेशी कार्यालय भी बंद
वॉशिंगटन। अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने बीते दिनों एक तिहाई कर्मचारियों की छटनी कर दी है, यानि 800 पत्रकारों में से 300 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसमें कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर का बेटा ईशान थरूर भी शामिल है। वे सीनियर कॉलमिस्ट के पद पर कार्यर थे। इसके अलावा अखबार ने कथित तौर पर अपना खेल विभाग और कई विदेशी कार्यालय भी बंद कर दिए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने चार फरवरी को एक कंपनी-व्यापी कॉल के दौरान इस छंटनी की घोषणा की। ये अखबार के 150 साल के इतिहास की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है। ईशान के साथ-साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अनुभवी सहयोगियों को भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। ईशान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन पोस्ट ने इंटरनेशनल टीम के कई शानदार पत्रकारों के साथ उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है। यह न्यूज रूम के लिए बेहद दुखद दिन है।वहीं बेटे को नौकरी से निकाले जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गुस्सा फूट पड़ा है। शशि थरूर ने अखबार के व्यावसायिक तर्क पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि ईशान का कॉलम इंटरनेट पर बेहद लोकप्रिय था। उनके वैश्विक नजरिया न्यूजलेटर के 5 लाख से अधिक (हाफ मिलियन प्लस!) व्यक्तिगत सब्सक्राइबर्स थे।अखबार इसे भुनाने की कर सकता था कोशिशउन्होंने बताया कि मैंने दुनिया भर के विदेश मंत्रियों, राजनयिकों और विद्वानों से मुलाकात की है जो उनके लेखों को रोजाना पढ़ते थे। थरूर के अनुसार, इतने बड़े पाठक वर्ग वाले न्यूजलेटर को बंद करना समझ से परे है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखबार इसे भुनाने की कोशिश कर सकता था, लेकिन इसे खत्म करना खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा कृत्य है।ईशान को नुकसान पहुंचाने जैसा फैसलाशशि थरूर ने कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट चाहती तो इतनी बड़ी पाठक संख्या से कमाई कर सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय अखबार ने उस कॉलम को बंद कर दिया, जो उनके मुताबिक खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा फैसला है। हालांकि बाद में शशि थरूर ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों को समझाने और उनका विश्लेषण करने में ईशान थरूर से बेहतर या उनके बराबर कोई नहीं है।ईशान ने भी व्यक्त की निराशाईशान थरूर ने लिखा, आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है, साथ ही अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अन्य शानदार सहकर्मियों को भी। मैं हमारे न्यूजरूम के लिए और खासकर उन बेजोड़ पत्रकारों के लिए दुखी हूं, जिन्होंने पोस्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया- संपादक और संवाददाता जो लगभग 12 वर्षों से मेरे दोस्त और सहयोगी रहे हैं। उनके साथ काम करना सम्मान की बात थी। अपने योगदानों पर प्रकाश डालते हुए ईशान ने कहा, मैंने पाठकों को दुनिया और उसमें अमेरिका की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था और मैं उन पांच लाख वफादार पाठकों का आभारी हूं जो सालों से हफ्ते में कई बार इस कॉलम को पढ़ते रहे हैं।

खिवनी अभयारण्यः:विंध्य पर्वतमालाओं की गोंद में बसी यह सेंक्चुअरी बना रही खास पहचान, युवाओं के लौट रहे दिन
भोपाल। विंध्य पर्वतमालाओं की गोद में स्थित खिवनी अभयारण्य मध्यप्रदेश के उभरते हुए इको-टूरिज्म स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। देवास और सीहोर जिलों की सीमा पर फैला लगभग 134 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव शोधकर्ताओं और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित कर रहा है। घने जंगल, पर्वत घाटियां, बहते नदी-नाले और समृद्ध जैव विविधता इसे एक अनूठा प्राकृतिक स्थल बनाते हैं। ईको-पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। सफारी संचालन, भोजन व्यवस्था, आवास प्रबंधन तथा लघु उद्योगों के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है। अभयारण्य में https://mpforest.gov.in/ecotourism/ecobooking/destination.aspx के माध्यम से बुकिंग की जा सकती है।देवास जिले में स्थित इस अभयारण्य का लगभग 89.9 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र देवास तथा 44.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र सीहोर जिले में आता है। खिवनी अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन का सुंदर उदाहरण देखने को मिलता है। यहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के साथ अनेक औषधीय पौधों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जो इसकी प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। अभयारण्य में पर्यटकों के ठहरने के लिये सर्व-सुविधायुक्त टूरिस्ट कैंपस विकसित किया गया है, जिसमें कॉटेज, टेंट, वॉच टावर, पैगोडा और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है।वन्यजीव और जैव विविधता की समृद्ध धरोहरखिवनी अभयारण्य में मांसाहारी वन्यजीवों में बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, सोनकुत्ता, जंगल कैट, गोल्डन जैकाल, एशियन पाम सिवेट सहित अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं, वहीं शाकाहारी जीवों में चीतल, सांभर, नीलगाय, चैसिंगा, कृष्णमृग, जंगली सूअर और खरहा प्रमुख हैं। पक्षियों की लगभग 170 प्रजातियां तथा तितलियों की करीब 65 प्रजातियां इस अभयारण्य की जैव विविधता को और समृद्ध बनाती हैं।प्रमुख दर्शनीय स्थलअभयारण्य में बाल गंगा मंदिर, कलम तलई सनसेट पॉइंट, ईको व्यू पॉइंट, गोल कोठी, खिवनी मिडो, शंकर खो एवं भदभदा झरने, भूरी घाटी और दौलतपुर घाटी जैसे अनेक आकर्षक स्थल हैं। विशेषकर वर्षाकाल में झरनों, हरियाली और पर्वत श्रृंखलाओं का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।पर्यटन मानचित्र पर लाने के प्रयासखिवनी अभयारण्य को पर्यटन मानचित्र पर व्यापक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित मॉनिटरिंग के साथ पर्यटकों की सुविधाओं के समुचित प्रबंधन किया जा रहा है। खिवनी अभयारण्य भोपालदृइंदौर मार्ग पर आष्टा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इंदौरदृनेमावरदृहरदा मार्ग से कन्नौद होकर भी यहां पहुंचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन हरदा तथा निकटतम हवाई अड्डे इंदौर और भोपाल हैं।प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों की विविधता और शांत वातावरण के कारण खिवनी अभयारण्य पर्यटकों की नई पसंद बनता जा रहा है और मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म को एक नई दिशा दे रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगा एक और बड़ा झटका:टी20 वर्ल्ड कप से बाहर से बाहर हुआ यह पेसर, हैमस्ट्रिंग में लगी चोट बनी वजह
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप से आधिकारिक तौर पर बाहर हो गए हैं। यह टूर्नामेंट शनिवार से श्रीलंका और भारत में शुरू हो रहा है, लेकिन हेजलवुड समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो पाए। जोश हेजलवुड को एशेज सीरीज शुरू होने से पहले शेफील्ड शील्ड के आखिरी मैच में हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसी वजह से वह इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में नहीं खेल सके। रिकवरी के दौरान उनकी एकिलीज में भी समस्या हो गई, जिससे उनकी वापसी और मुश्किल हो गई। हेजलवुड ने 12 नवंबर के बाद से कोई मैच नहीं खेला है। इसके बावजूद उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया गया था, हालांकि टीम के श्रीलंका पहुंचने पर वह सिडनी में ही थे। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ 11 फरवरी को होने वाले पहले मैच से सिर्फ पांच दिन पहले चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया कि वह अभी पूरी तरह फिट होने से दूर हैं।फिट होने में अभी और लगेगा समयनेशनल सेलेक्टर टोनी डोडमाइड ने कहा, हमें उम्मीद थी कि जोश सुपर-8 स्टेज तक मैच फिटनेस हासिल कर लेंगे, लेकिन ताजा संकेत बताते हैं कि उन्हें अभी कुछ समय लगेगा। उनके प्रोग्राम को तेज करने की कोशिश में बहुत ज्यादा जोखिम होगा। ऑस्ट्रेलिया फिलहाल हेजलवुड की जगह किसी नए खिलाड़ी का नाम घोषित नहीं करेगा। चयनकर्ताओं का कहना है कि शुरुआती मैचों के लिए टीम संतुलित है और आगे टूर्नामेंट की जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।हेजलवुड का शानदार रहा है रिकार्डकरीब चार साल तक टी20 क्रिकेट न खेलने के बावजूद हेजलवुड का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। उन्होंने 2021 में यूएई में हुए टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 रन देकर 3 विकेट लिए थे। उन्होंने 20.44 की औसत और 7.57 की इकॉनमी रेट से 133 विकेट लिए हैं। 35 साल के हेजलवुड पहले से चोटिल तेज गेंदबाज पैट कमिंस के साथ चोटिल खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। फिलहाल जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वार्शुइस ही पूरी तरह फिट तेज गेंदबाज हैं। ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर टीम के साथ जुड़े सीन एबॉट को आगे चलकर हेजलवुड की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है।

परिपक्व खिलाड़ी बने चुक हैं अभिषेक:पूर्व गेंदबाजी कोच का दावा- मैदान में क्या करना है उन्हें होता है पता
नई दिल्ली। भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे का मानना है कि अभिषेक शर्मा अब पूरी तरह परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभिषेक के खेल में स्पष्ट सोच है, उन्हें पता है कि मैदान पर क्या करना है और किस तरह फैसले लेने हैं। टी20 विश्व कप 2026 से पहले अभिषेक का वरिष्ठ भारतीय टीम में जगह बनाना स्वाभाविक था और यह सिर्फ समय की बात थी। अभिषेक शर्मा इस बड़े टूर्नामेंट में दुनिया के टॉप रैंक वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज के रूप में उतरेंगे। जुलाई 2024 में पदार्पण के बाद से उन्होंने अब तक 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1297 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दस बार पचास या उससे ज्यादा रन की पारी खेली है, जो इस अवधि में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा है। इतना ही नहीं, अभिषेक ने इस दौरान 88 छक्के लगाए हैं, जो शीर्ष दस देशों के बल्लेबाजों में सबसे अधिक हैं। उनका स्ट्राइक रेट 195 का है, जो 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाले बैटर्स में सबसे अच्छा है।पारस म्हाम्ब्रे अभिषेक को तब से जानते हैं, जब वे 2018 में भारत की अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उस समय भी उन्हें लग गया था कि यह खिलाड़ी आगे चलकर बड़ा नाम बनेगा। म्हाम्ब्रे और तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ को अभिषेक की मौजूदा सफलता पर कोई आश्चर्य नहीं है।यह भी बोले म्हाम्ब्रेम्हाम्ब्रे ने शुक्रवार को कहा, “मैं बस पीछे मुड़कर अंडर-19 दिनों में अभिषेक के बारे में सोचता हूं। आपको हमेशा लगता था कि उसके पास समय है। मुझे लगा कि वह उस ग्रुप में सबसे छोटा था। वह शायद 17 साल का होगा। लेकिन इसके बावजूद, आप जानते थे कि अगले 3-4 सालों में वह एक खिलाड़ी के तौर पर डेवलप होगा, क्योंकि उसके पास तकनीक और टाइमिंग दोनों थे। मुझे लगता है जो लोग उसके साथ रहे हैं, उनमें से कोई भी हैरान नहीं है, जिसमें राहुल (द्रविड़) भी शामिल हैं। मुझे यकीन है कि अगर आप राहुल से बात करेंगे, तो वह भी यही कहेंगे - कि हमें इस बात पर कोई हैरानी नहीं है कि वह इस स्टेज पर अच्छा परफॉर्म कर रहा है।”शुरुआत में तेजी से रन बनाते हैं शर्माअभिषेक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे शुरुआत से ही तेजी से रन बनाते हैं। तेज गेंदबाजों के खिलाफ वे पहली ही गेंद से आक्रामक खेल दिखाते हैं। उनकी कई चैके-बाउंड्री कवर और प्वाइंट क्षेत्र से आती हैं, जो उनके आत्मविश्वास को दिखाती हैं। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ वे और ज्यादा तेज हो जाते हैं और लगभग हर छह गेंद में एक छक्का लगाते हैं।बल्लेबाजी की सहजता और सोच साफम्हाम्ब्रे का कहना है कि अभिषेक के खेल में सबसे अलग बात उनकी बल्लेबाजी की सहजता और साफ सोच है। उन्हें पता है कि उन्हें किस तरह खेलना है। वे क्रीज का सही इस्तेमाल करते हैं, कोण बनाते हैं और बहुत समझदारी से बल्लेबाजी करते हैं। म्हाम्ब्रे ने कहा, ष् वह इसे बहुत स्मार्ट तरीके से कर रहा है। मुझे लगता है कि ये कुछ चीजें सच में सबसे अलग हैं।ष्शानदार फार्म में हैं ईशान किशनटीम इंडिया के सामने अब एक सुखद समस्या है। अभिषेक के साथ ओपनिंग के लिए ईशान किशन और संजू सैमसन दोनों दावेदार हैं। ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। म्हाम्ब्रे का मानना है कि विकल्प होना हमेशा अच्छा होता है। जब दोनों बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेलते हैं तो विपक्षी टीम के लिए गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। पहले छह ओवरों में अब भारत की टीम सिर्फ सुरक्षित खेलने के बारे में नहीं सोचती, बल्कि 10 से 13 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बनाने की कोशिश करती है। म्हाम्ब्रे कहते हैं कि यह स्थिति भारतीय टीम के लिए बहुत अच्छी है, लेकिन विपक्षी टीमों के लिए डराने वाली। गेंदबाजों के पास कोई राहत नहीं होती और यही भारत की ताकत बनती जा रही है।

सराफा बाजार में उथल-पुथल का दौर:14000 फिर गिरे चांदी के भाव, गोल्ड के दाम भी गिरे
मुंबई। बीते एक सप्ताह से सर्राफा बाजार में उथल-पुथल का दौर जारी है। रिकार्ड स्तर को छूने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसा ही शुक्रवार को भी देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी मार्केट में चांदी 14 हजार रुपये टूटकर 2.27 लाख रुपये पर आ गया। वहीं गोल्ड करीब 2000 रुपये टूटकर 1.49 लाख रुपये पहुंच गया है। सोने और चांदी में गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल लेवल पर आई भारी गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर चांदी गुरुवार को 20 फीसदी तक टूट गया, जिसका असर शुक्रवार को एमसीएक्स पर दिखाई दे रहा है। इससे पहले गुरुवार को चांदी 30,300 रुपये सस्ती होकर 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना 4,500 रुपये की गिरावट के साथ 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्या रहा भाव?अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के करीब दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचने और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में नरमी के संकेतों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में लेन-देन करने वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो गया, जिससे मांग पर असर पड़ा।स्पॉट गोल्ड की कीमत 2.5% गिरकर 4,838.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो सत्र की शुरुआत में बने करीब एक सप्ताह के उच्च स्तर से फिसल गई। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.9ः टूटकर 4,855.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। चांदी में गिरावट और भी तीखी रही। स्पॉट सिल्वर की कीमत 14.9% लुढ़ककर 74.94 डॉलर प्रति औंस रह गई। गौरतलब है कि बीते सप्ताह ही चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था।

टी20 वर्ल्ड कप:अगर भारत-पाकिस्तान मैच हुआ कैंसिल, तो श्रीलंका को भारी नुकसान, पीसीबी से लगाई गुहार
नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाले आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार किया है। इस हाईवोल्टेज मैच के कैंसिल होने से श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) को भारी आर्थिक नुकसान होगा। बोर्ड ने इसे लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को पत्र लिखा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में 7 फरवरी से खेला जाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सह-मेजबान अपने होने वाले आर्थिक नुकसान को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सामने यह मुद्दा उठाने जा रहा है। ांका क्रिकेट (एसएलसी) ने पीसीबी को कोलंबो में भारत के साथ न खेलने के पाकिस्तान के फैसले के बाद हुए बड़े नुकसान के बारे में बताते हुए कहा है कि इस मैच को लेकर सभी इंतजाम पूरे हो चुके हैं।एसएलसी ने पीसीबी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कोलंबो में बड़े पैमाने पर होटल की बुकिंग कैंसिल होने की भी खबरें आई हैं, जिससे टूरिज्म सेक्टर पर असर पड़ा है। इस पत्र में मुश्किल समय में पाकिस्तान को श्रीलंका के पिछले सपोर्ट को याद किया गया है और इस पर दोबारा सोचने की गुजारिश की गई है। हालांकि, पाकिस्तान के एक पूर्व क्रिकेटर ने एसएलसी के इस कदम को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला आईसीसी की कोर्ट में है।एक पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ' कहा, "अगर श्रीलंका क्रिकेट, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लिखता है तो इससे क्या फर्क पड़ेगा? यह मामला अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के पास है। पीसीबी को पाकिस्तान सरकार ने कोलंबो में भारत के साथ नहीं खेलने का निर्देश दिया है। एसएलसी का आर्थिक नुकसान का हवाला देकर पीसीबी से 15 फरवरी को खेलने का अनुरोध करने से कोई मदद नहीं मिलेगी।"टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान का मैच के टलने के साथ श्रीलंका में टूरिज्म पर बड़ा असर पड़ेगा। एसएलसी ने इस मामले को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के सामने भी उठाने का फैसला किया है। खबर है कि इस बड़े मैच के लिए एडवांस बुकिंग की वजह से कोलंबो के होटलों में ज्यादा बुकिंग हुई थी। अब जब मैच पर शक है, तो कैंसलेशन बढ़ने की उम्मीद है।एयरलाइंस पर भी दबाव पड़ सकता है, क्योंकि इस हाई-प्रोफाइल मैच के आस-पास बनाए गए खास ट्रैवल प्लान पर फिर से विचार किया जा रहा है। टूर आॅपरेटर और लोकल बिजनेस, जिन्होंने विजिटर की संख्या में बढ़ोतरी के लिए तैयारी की थी, उन्हें अब नुकसान हो सकता है। इंडस्ट्री के जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुलझे तो टूरिज्म सेक्टर को काफी नुकसान हो सकता है, श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का एक अहम सेक्टर है। इसलिए श्रीलंका क्रिकेट एक्शन ले रहा है। पीसीबी को भेजी गई जानकारी इस दिशा में पहला कदम है, क्योंकि वह चाहता है कि पीसीबी भी यह बोझ उठाए।

भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिकी दौरे को बताया प्रोडक्टिव-सकारात्मक:शेयर की ऐतिहासिक व्यापार समझौते की पूरी डिटेल
वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका में थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। जयशंकर ने अमेरिकी दौरे को प्रोडक्टिव और सकारात्मक बताया। उन्होंने ऐतिहासिक व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंध में मजबूत रफ्तार साफ दिख रही है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर ईएएम एस. जयशंकर ने लिखा, अमेरिका का एक प्रोडक्टिव और सकारात्मक दौरा खत्म हुआ। सेक्रेटरी रुबियो को उनकी अच्छी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद। ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू करता है, जिसमें संबंधों के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि हमारा जरूरी खनिज सहयोग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत की उम्मीद है। कुल मिलाकर एक मजबूत मोमेंटम दिख रहा है। इस अहम दौरे में विदेश मंत्री ने अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ मीटिंग भी की। इसमें अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ अलग-अलग मीटिंग शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर बड़े पैमाने पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि रुबियो के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका संबंध के कई अहम पहलुओं पर बात हुई। ईएएम जयशंकर ने कहा, भारत-यूएस रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर बात हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, जरूरी खनिज और तकनीक शामिल थे। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष फॉलो-अप कामों पर तेजी से आगे बढ़ने पर सहमत हुए। हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों की जल्द मीटिंग पर सहमति हुई।अमेरिकी विभाग की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो ने जरूरी मिनरल्स की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग पर द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक बनाने पर चर्चा की। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंध का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। बुधवार को हुई यह मीटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसका मकसद दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रुकावटों को कम करना और मार्केट एक्सेस को बढ़ाना है।

सर्राफा बाजार में मुनाफा वसूली :चांदी की चमक फिर पड़ी फीकी, 3000 सोना भी लुढ़का
मुंबई। बीते कुछ दिनों से कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। एक ओर जहां आसमान छू रही चांदी 25000 रुपए टूटकर 2,40,125 रुपये प्रति किलो पर आ गई। वहीं सोना 3 हजार लुढ़कर 1.50 लाख पर पहुंच गया है। सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन यानी 4 फरवरी को तेज उछाल आया था। चांदी करीब 2.98 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार चांदी की कीमत 14,300 रुपये उछलकर 2,98,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,84,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 7,400 रुपये चढ़कर 1,65,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा। एक दिन पहले इसका बंद भाव 1,57,700 रुपये प्रति 10 ग्राम था। दोनों धातुओं में यह उछाल टैक्स सहित कीमतों में दर्ज किया गया।इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, आज सर्राफा बाजार में चांदी 30,230 रुपए गिरकर 2,52,232 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,613 रुपए कम होकर 1,53,012 रुपए पर आ गया है। मुनाफा वसूली के कारण सोने-चांदी की कीमत में गिरावट है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी सोना-चांदी की कीमतेंअंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग बढ़ने से पीली धातु में जोरदार उछाल आया।स्पॉट गोल्ड 2.8 फीसदी की तेजी के साथ 5,076.01 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले सोने में 5.9 फीसदी की छलांग लगी थी, जो नवंबर 2008 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त रही। पिछले गुरुवार को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई 5,594.82 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा था। वहीं, अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 3.3 फीसदी चढ़कर 5,097.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।चांदी की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती आई। स्पॉट सिल्वर 5ः बढ़कर 89.38 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक गई थी, लेकिन शुक्रवार को एक ही सत्र में 27 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट के बाद सोमवार को यह एक महीने के निचले स्तर 71.33 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गई थी।

सिद्धिविनायक मंदिर:टी20 वर्ल्ड कप से पहले बप्पा की शरण में पहुंचे टीम इंडिया के हेड कोच, भारत के सफल होने की कामना
मुंबई । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है, जिससे पहले गुरुवार को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। कोच ने बप्पा के दर्शन के साथ भारत के सफल होने की प्रार्थना की। गौतम गंभीर इस साल जनवरी में न्यूजीलैंड के विरुद्ध वनडे सीरीज से पहले मध्य प्रदेश के मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे थे। वह इसी सीरीज के बीच में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पर दर्शन के लिए गए। इसके बाद टी20 सीरीज के दौरान उन्होंने कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है। हाल ही में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की है। बुधवार को खेले गए वार्म-अप मैच में भी टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। गौतम गंभीर को साल 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया था। उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया पिछले साल एशिया कप की विजेता बनी। इसके साथ ही भारत ने टी20 फॉर्मेट में अपने प्रदर्शन को भी निखारा है।भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में खेला जाना है टी20 वर्ल्ड कप टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में खेला जाना है। टीम इंडिया 7 फरवरी को अपने अभियान की शुरुआत करेगी। उसका पहला मैच यूएसए से होगा, जिसके बाद टीम इंडिया 12 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को हाई-वोल्टेज मैच खेला जाना है, लेकिन इस मैच को लेकर फिलहाल सस्पेंस है। पाकिस्तानी सरकार ने अपनी टीम को भारत के खिलाफ यह मुकाबला खेलने की इजाजत नहीं दी है। टीम इंडिया 18 फरवरी को नीदरलैंड के विरुद्ध अपना अंतिम लीग मैच खेलेगी।टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीमः सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अभिषेक शर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, संजू सैमसन, ईशान किशन, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह।

टी20 वर्ल्ड कप 2026:आईसीसी ने शेयर की ब्रॉडकास्ट डिटेल्स, दुनिया भर के फैस इन माध्यमों से देख सकेंगे मुकाबले
दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने पुरुष टी20 विश्व कप के ब्रॉडकास्ट की पूरी योजना जारी कर दी है। इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 55 मैच खेले जाएंगे। मुकाबले 7 फरवरी से शुरू होकर 8 मार्च तक चलेंगे। इस टी20 विश्व कप की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे। दुनिया भर के दर्शक यह टूर्नामेंट टीवी, मोबाइल, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रेडियो और नए तकनीकी माध्यमों पर देख और सुन सकेंगे।मुख्य मुकाबलों से पहले होने वाले आधिकारिक अभ्यास मैच भी कुछ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाएंगे, ताकि दर्शक टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीमों की तैयारी देख सकें। भारत में इस टूर्नामेंट का प्रसारण जियोस्टार करेगा। स्टार स्पोर्ट्स चैनलों पर टीवी पर मैच दिखाए जाएंगे और जियोहॉटस्टार ऐप पर डिजिटल स्ट्रीमिंग होगी।भारत में इन भाषाओं पर उपलब्ध होंगे सभी मैचभारत में सभी मैच अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषा में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा जियोहॉटस्टार पर बंगाली, भोजपुरी और हरियाणवी भाषा में भी कवरेज मिलेगा। भारत के मैचों, सेमीफाइनल और फाइनल का प्रसारण मराठी भाषा और भारतीय सांकेतिक भाषा में भी किया जाएगा। मोबाइल पर मैच देखने वालों के लिए जियोहॉटस्टार पर वर्टिकल लाइव फीड की सुविधा अंग्रेजी और हिंदी में दी जाएगी। इसके साथ ही दर्शक 360 डिग्री व्यू और मल्टी कैमरा विकल्प के जरिए अलग-अलग एंगल से मैच देख सकेंगे। टी20 विश्व कप के दौरान देशभर के पीवीआर-इनॉक्स सिनेमाघरों में भी कुछ मैच दिखाए जाएंगे।स्टार स्पोर्ट्स के जरिए यह देश देख सकेंगे मैचश्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और मालदीव में स्टार स्पोर्ट्स के जरिए मैच देखे जा सकेंगे। सह-मेजबान श्रीलंका में डायलॉग टीवी आधिकारिक प्रसारण साझेदार होगा, जहां सिंहली भाषा में भी कमेंट्री मिलेगी। कवरेज को डायलॉग टीवी के फ्री-टू-एयर पार्टनर, टीवी सुप्रीम, और श्रीलंका टेलीकॉम के पीईओ टीवी प्लेटफॉर्म के जरिए और बढ़ाया जाएगा।यूनाइटेड किंगडम और आयरलैंड के फैंस स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट और स्काई स्पोर्ट्स मेन इवेंट पर एक्शन देख सकते हैं, साथ ही नाओ के जरिए डिजिटल स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध होगी। स्काई स्पोर्ट्स सेमीफाइनल और फाइनल के लिए हिंदी कमेंट्री भी देगा। इसके अलावा, क्योंकि इटली पहली बार आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में हिस्सा ले रहा है, इसलिए स्काई इटालिया अपने प्लेटफॉर्म पर इटली के सभी मैचों के साथ-साथ सेमीफाइनल और फाइनल का भी लाइव प्रसारण करेगा।ऑस्ट्रेलिया में प्राइम वीडियो पर होगा कवरेजदक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट फैंस सब-सहारा अफ्रीका में सुपरस्पोर्ट की व्यापक टीवी और डिजिटल सेवाओं के जरिए सभी लाइव एक्शन देख सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में, कवरेज प्राइम वीडियो पर होगा, जिसमें भारत के सभी मैचों, सेमीफाइनल और फाइनल के लिए अतिरिक्त हिंदी कमेंट्री फीड उपलब्ध होगी। न्यूजीलैंड के फैंस स्काई स्पोर्ट्स पर मैच देख सकते हैं, जो भारत के सभी मैचों (जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल भी शामिल हैं) के लिए हिंदी कमेंट्री भी देगा।पाकिस्तान में पीटीवी और माइको पर देखा जा सकेगा मुकाबलापाकिस्तान में, कवरेज पीटीवी और माइको द्वारा प्रदान किया जाएगा, जिसमें डिजिटल पार्टनर्स का सहयोग होगा। इसके अलावा, आईसीसी पाकिस्तान मैचों के लिए एक उर्दू कमेंट्री फीड बनाएगा, जिसका प्रसारण पीटीवी होम पर किया जाएगा और डिजिटल पार्टनर द्वारा स्ट्रीम किया जाएगा। विलो टीवी संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में आईसीसी इवेंट्स का लाइव कवरेज देना जारी रखेगा। सभी 55 मैच अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में स्ट्रीम किए जाएंगे, जिसमें अमेरिका और कनाडा के दर्शकों के लिए सभी मैचों तक मुफ्त पहुंच होगी। ये मैच विलो के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी मुफ्त में उपलब्ध होंगे।

सिंगरौली के बेटे को दिल दे बैठी फ्रांस की खूबसूरत युवती:हिन्दू रीति-रिवाज के साथ आज लेंगे सात फेरे, शहनाई के साथ गूजेंगा वैदिक मंत्रोच्चार
नीरज द्विवेदी, सिंगरौलीदेश की उर्जाधानी कहे जाने वाली सिंगरौली की आवोहवा विदेशी पर्यटकों को खूब भा रही है। इसका ताजा उदाहरण बुधवार को देखने को तब मिला है। जब फ्रांस मूल की रहने वाली युवती ने सिंगरौली के एक युवक साथ सात जन्मों तक साथ निभाने का वचन ले लिया। दरअसल सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह, पिता स्व. रमेश प्रसाद सिंह, का विवाह फ्रांस की नागरिक शेरला पुलानीया के साथ आज गुरुवार को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगा। नव दंपति आज रात अपने परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेंगे।विवाह से पूर्व 4 फरवरी, बुधवार को होटल हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला की हल्दी रस्म हर्षोल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर लगभग पचास फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर परिवारजनों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया। हल्दी रस्म सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और सुखद वैवाहिक जीवन के आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। विशेष बात यह रही कि फ्रांसीसी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान दर्शाते हुए पूरी रस्म वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराई।जानकारी के अनुसार संदीप कुमार सिंह बैढ़न, सिंगरौली के निवासी हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, बैढ़न से 12वीं की शिक्षा प्राप्त करने के बाद इंदौर से बीसीए एवं पुणे से एमसीए की डिग्री हासिल की। इसके पश्चात वे बेल्जियम में स्थायी रूप से बस गए, जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी के क्षेत्र में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात फ्रांस की नागरिक शेरला पुलानीया से हुई। यह मुलाकात पहले दोस्ती और फिर धीरे-धीरे प्रेम में परिवर्तित हो गई। शेरला पुलानीया वर्तमान में सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। अब दोनों विवाह के पवित्र दांपत्य सूत्र में बंधने जा रहे हैं।हल्दी रस्म में दिखा पीले रंग का पारंपरिक परिधानभारतीय विवाह की सबसे रंगीन और उल्लासपूर्ण रस्मों में से एक हल्दी समारोह होटल हेरिटेज पैलेस में पारंपरिक वैदिक विधियों के साथ संपन्न हुआ। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग के आकर्षक परिधान पहनकर पूरे वातावरण को उल्लास और ऊर्जा से भर दिया। भारतीय मान्यताओं के अनुसार हल्दी समारोह में पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं, जो दुल्हन की सुंदरता और वैवाहिक आभा को और अधिक निखारते हैं।विदेशियों ने की भारतीय संस्कृति की सराहनाकार्यक्रम में शामिल फ्रांसीसी नागरिकों ने बातचीत के दौरान बताया कि वे भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता और ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा से अत्यंत प्रभावित हैं। होटल हेरिटेज पैलेस के खान-पान, पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक माहौल ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि भारत की यह विशेषता है कि यहां विभिन्न जाति-धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

ट्रंप के दावे में कुछ नया नहीं:रूस से तेल खरीदी पर बोले क्रेमलिन प्रवक्ता, क्रूड खरीदने के लिए पूरी तरह आजाद है भारत
मॉस्को। हाल ही में भारत और रूस के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि, रूस ने इस दावे को खारिज कर दिया है। रूस ने कहा कि भारत किसी भी सप्लायर से क्रूड खरीदने के लिए आजाद है और एनर्जी सोर्सिंग पर उसके फैसलों में कुछ भी अजीब नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि भारत पहले से कई देशों से तेल खरीदता रहा है और रूस उसका अकेला क्रूड सप्लायर नहीं है। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि भारत ने व्यापार समझौते के तहत रूसी तेल की खरीद बंद करने का वादा किया है। पेसकोव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, हम, बाकी सभी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ, अच्छी तरह जानते हैं कि रूस भारत को तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अकेला सप्लायर नहीं है। भारत ने हमेशा ये प्रोडक्ट्स दूसरे देशों से खरीदे हैं। इसलिए, हमें यहां कुछ भी नया नहीं दिख रहा है।रूस को भारत से नहीं मिली कोई आधिकारिक जानकारीपेसकोव ने यह भी बताया कि रूस को भारत से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है जिससे पता चले कि वह रूसी तेल खरीदना बंद करने की योजना बना रहा है। बता दें, भारत का रूस से तेल खरीदना पूरी तरह से बंद होने को लेकर चर्चा ट्रंप के बयान के बाद शुरू हुई है। ट्रंप ने समझौते को लेकर यह भी दावा किया कि भारत एक बड़े व्यापार समझौते के तहत भारतीय सामान पर अमेरिकी टैरिफ में कमी के बदले में रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है। इससे ड्यूटी घटकर 18 फीसदी हो जाएगी।तेल सप्लाई में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद है रूस के विदेश मंत्रालय ने भारत के साथ हाइड्रोकार्बन व्यापार के आपसी फायदों पर जोर देते हुए कहा कि तेल सप्लाई में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और इससे अंतरराष्ट्रीय एनर्जी मार्केट में स्थिरता आती है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि रूस भारत के साथ करीबी ऊर्जा सहयोग जारी रखने के लिए तैयार है। भारतीय रिफाइनर क्रूड ग्रेड और ब्लेंडिंग जरूरतों में अंतर के कारण रूसी क्रूड का आयात बंद नहीं कर सकते हैं, और अमेरिका ऑयल जैसे दूसरे संसाधनों के रूसी सोर्स से सप्लाई किए गए वॉल्यूम को तुरंत कवर नहीं कर सकते हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया:सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, इंग्लैंड से होगा खिताबी मुकाबला
हरारे। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार को टीम इंडिया का सामना अफगानिस्तान से हुआ। हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हुए इस मुकाबले में भारत ने सात विकेट से जीत हासिल की। इसी जीत के साथ टीम इंडिया ने 10वीं बार खिताबी मुकाबले में जगह बना ली है। भारत का फाइनल में सामना 6 फरवरी को इंग्लैंड से इसी ग्राउंड पर होगा। टीम इंडिया के जीत के हीरों वैभव सूर्यवंशी और आरोन जार्ज रहे। सूर्यवंशी ने जहां 33 गेंदों में 68 रन की पारी खेली। वहीं जार्ज ने 104 गेंदों में 115 रन बनाए।मैच की बात करें तो टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनते हुए अफगानिस्तान ने 4 विकेट खोकर 310 रन बनाए। इस टीम को उस्मान सादात और खालिद अहमदजई की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरूआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। अहमदजई 31 रन बनाकर पवेलियन लौटे। यहां से सादात ने फैसल शिनोजादा के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 117 के स्कोर तक पहुंचाया। सादात ने 39 रन टीम के खाते में जोड़े।अफगान टीम ने 117 के स्कोर तक 2 विकेट गंवा दिए थे। यहां से शिनोजादा ने उजैरउल्लाह नियाजी के साथ 130 गेंदों में 148 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। शिनोजादा 93 गेंदों में 15 चौकों के साथ 110 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि उजैरउल्लाह नियाजी ने 86 गेंदों में 2 छक्कों और 12 चौकों के साथ 101 रन की नाबाद पारी खेली। भारत की तरफ से दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।आयुष म्हात्रे से ने खली 62 रन की पारीविशाल स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 41.1 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। वैभव सूर्यवंशी ने आरोन जॉर्ज के साथ 9.3 ओवरों में 90 रन की साझेदारी की। वैभव 33 गेंदों में 68 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 9 चौके शामिल थे। इसके बाद जॉर्ज ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 114 रन जुटाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। कप्तान म्हात्रे 59 गेंदों में 4 छक्कों और 5 चौकों के साथ 62 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद जॉर्ज ने विहान मल्होत्रा के साथ तीसरे विकेट के लिए 96 रन जुटाकर भारत को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया।विहान ने खेली 38 रनों की नाबाद पारीजॉर्ज 104 गेंदों में 2 छक्कों और 15 चौकों के साथ 115 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विहान मल्होत्रा ने 47 गेंदों में 38 रन की नाबाद पारी खेलते हुए भारत को आसान जीत दिलाई। अफगानिस्तान की तरफ से नूरिस्तानी उमरजई ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि वहीदुल्लाह जादरान ने 1 विकेट चटकाया।

टी20 वर्ल्ड कप 2026ः:टीम इंडिया के लड़ाकों में माही ने भरा जोश, बताया सबसे खतरनाक टीम भी
नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की संभावनाओं पर भरोसा जताया है। विश्व कप विजेता कप्तान का मानना है कि टीम इंडिया के पास अनुभव, कौशल और संतुलन का सही मिश्रण है। धोनी ने इस बात पर जोर दिया कि टीम की ताकत इस बात पर निर्भर करती है कि खिलाड़ी दबाव वाली स्थितियों को कितनी अच्छी तरह से संभालते हैं और उनका रोल कितने अच्छे से तय है। खिलाड़ी हमेशा मैच के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह बैटिंग हो या बॉलिंग, जिससे भारत को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है।भारतीय टीम के पास है अनुभवधोनी ने कहा, यह सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। आप जानते हैं, उन्होंने (भारतीय खिलाड़ी) पहले ही बैटिंग या बॉलिंग शुरू कर दी होगी, लेकिन एक अच्छी टीम में क्या चाहिए? सब कुछ है। उनके पास अनुभव है। खासकर जब इस फॉर्मेट की बात आती है, तो अनुभव बहुत ज्यादा है। उन्होंने दबाव में खेला है। जो भी खिलाड़ी टीम में जो भी भूमिका निभा रहे हैं, वे काफी समय से उस स्थिति में रहे हैं।टाॅस के फैसलों को महत्वपूर्ण बना सकती है ओसहालांकि धोनी आशावादी नजर आ रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि ओस व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सबसे सावधानी से बनाई गई योजनाओं को भी खराब कर सकती है। माही के मुताबिक, ओस परिस्थितियों को काफी प्रभावित कर सकती है। टॉस के फैसलों को महत्वपूर्ण बना सकती है, जिससे मैचों में संभावित रूप से अनुचित फायदे हो सकते हैं।ओस बदल देती है बहुत सी चीजेंधोनी ने कहा, मुझे किस बात की चिंता है? मुझे ओस से नफरत है। ओस बहुत सी चीजें बदल देती है। इसलिए, जब मैं खेलता था, तो एक चीज जो मुझे सच में डराती थी, वह थी ओस। अगर हम कुछ बेहतरीन टीमों के साथ 10 मैच खेलते हैं, तो हम ज्यादातर बार विजेता बनकर उभरेंगे। अगर स्थितियां न्यूट्रल रहती हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान ने यह भी बताया कि टी20 क्रिकेट अप्रत्याशित होता है, जहां एक खराब खेल या विपक्षी टीम का शानदार प्रदर्शन परिणाम को पूरी तरह से बदल सकता है। समस्या तब होती है जब कुछ खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलतेपूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, समस्या तब होती है जब आपके कुछ खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलते और विपक्षी टीम का कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है। टी20 ग्रुप में ऐसा हो सकता है। तो, यही वह समय है। चाहे यह लीग स्टेज में हो, चाहे यह नॉकआउट स्टेज में हो, यहीं पर दुआओं की जरूरत होती है। आप जानते हैं, किसी को चोट नहीं लगनी चाहिए। जो भी भूमिकाएं दी गई हैं, लोगों को टीम के लिए अपनी भूमिकाएं निभानी चाहिए।

केसी ने मप्र कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन:कार्यकारिणी का दायरा सीमित करने लिखा खत, बड़े जिलों में 55 तो छोटे जिलों में होंगे महज 35 सदस्य
भोपाल। कांग्रेस संगठन के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में टेंशन बढ़ गया है! दरअसल, राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राज्यों को निर्देश दिया है। जिसमें कहा गया कि जिला कार्यकारिणी छोटी होगी। उन्होंने ज्यादा संख्या में सदस्यों की नियुक्ति करने पर रोक लगाई है। साथ ही बड़े और छोटे जिलों के लिए संख्या भी निर्धारित की है।कांग्रेस संगठन के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राज्यों की इकाई और जिला अध्यक्षों को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि बड़े जिलों में 55 और छोटे जिलों में 35 सदस्य बनाए जाएंगे। एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।तीन जिलों में गाइडलाइन से ज्यादा पदाधिकारीकेसी वेणुगोपाल ने 15 दिन के भीतर जिलों की कार्यकारिणी बनाने का भी निर्देश दिया हैं। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग गुटों को साधने के लिए जम्बो कार्यकारिणी की परंपरा रही है। 30 जनवरी को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने तीन जिलों की कार्यकारिणी जारी की है। तीनों जिलों में नई गाइडलाइन से ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए।भोपाल में भी लंबी सूची तैयारछिंदवाड़ा जिला कार्यकारिणी में 240 सदस्य बना दिए गए है। सागर जिले में 150 से ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए। छोटे जिले मऊगंज में 40 पदाधिकारी बनाए गए। वहीं भोपाल शहर की 106 और ग्रामीण की 85 सदस्यों की तैयार सूची है। ऐसे में कांग्रेस संगठन के राष्ट्रीय स्तर से आए नए फरमान से अब असमंजस्य की स्थिति है।

100 फीसदी होगा भारत-पाकिस्तान के बीच हाइवोल्टेज मुकाबला:टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर ने किया दावा, पीसीबी कितने दिन में मारेगा पल्टी, इसका भी किया खुलासा
नई दिल्ली। टी-20 विश्वकप का काउंटडाउन शुरू हो गया है। 7 फरवरी से टूर्नामेंट का आगाज होगा। खास बात यह है कि 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच हाईवोल्टेज मुकाबला होना है, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के साथ होने वाले मैच का बायकाट करने का फैसला किया है। पाकिस्तान के इस रवैए पर टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर रविचन्द्रन अश्विन ने बड़ा बयान दिया है। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाईवोल्टेज मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में निर्धारित है। रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि पाकिस्तान आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने के अपने फैसले से पीछे हटेगा। अश्विन के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अंततः अपना रुख बदलेगा और बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबला तय समय पर खेला जाएगा। अपने यूट्यूब चैनल पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा, 100 प्रतिशत मैच होगा। मुझे लगता है पाकिस्तान चार-पांच दिनों में पीछे हटेगा। ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान होगा, आईसीसी के बाकी सदस्य भी नुकसान झेलेंगे और बैठक में पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे। पीएसएल के लिए खिलाड़ियों को शायद एनओसी भी नहीं मिले। यह खेल भावना के खिलाफः अश्विनरविचंद्रन अश्विन ने साफ कहा कि किसी खास प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने से मना करना खेल की भावना के खिलाफ है. अश्विन कहते हैं, भारत-पाकिस्तान मैच न्यूट्रल वेन्यू पर है, इसलिए वेन्यू का कोई मुद्दा नहीं है. यह कहना कि हम किसी एक टीम से नहीं खेलेंगे, स्वीकार्य नहीं है। बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने टीम को श्रीलंका जाने की अनुमति दी है, लेकिन भारत के खिलाफ ना खेलने की घोषणा ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है तो उसे आर्थिक और कूटनीतिक दोनों तरह का नुकसान झेलना पड़ सकता है।अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का दिया उदाहरणरविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मैच का एक उदाहरण दिया। अश्विन ने बताया कि जब क्वालिफिकेशन का गणित जुनून और भावनाओं से टकराता है, तो टीमें कैसे गलत फैसले लेने लगती हैं. अश्विन ने कहा, श्मान लीजिए एक टीम को क्वालिफाई करने के लिए 33 ओवर में रनचेज करना है. यह एक सामान्य गणित है. अगर आप 33 ओवर में नहीं बना सकते, तो आप क्वालिफाई नहीं करेंगे. ऐसे में यह सोचने की जरूरत है कि आप 250 रन कैसे बनाएंगे।ऐसे नहीं खेला जाता खेलरविचंद्रन अश्विन का मानना है कि जब टीम के भीतर संदेश यह होता है कि किसी भी हालत में भारत से नहीं हारना है, तब रणनीति से ज्यादा भावनाएं फैसले लेने लगती हैं, जो अंततः टीम के ही खिलाफ जाता है। अश्विन ने बताया, संदेश बिल्कुल साफ था कि जो भी हो जाए, भारत से हारना नहीं है। खेल ऐसे नहीं खेला जाता। आपको इस सोच से खेलना चाहिए कि हमें क्वालिफाई करना है, वर्ल्ड कप जीतना है।रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि पाकिस्तान को हल्के में नहीं लेना चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि उसकी सबसे बड़ी चुनौती मानसिकता है। अश्विन कहते हैं, अगर पाकिस्तान फाइनल तक पहुंच जाए तो मुझे हैरानी नहीं होगी. लेकिन उसकी सबसे बड़ी दुश्मन उनकी अपनी सोच है। भारत के खिलाफ ना हारने का दबाव ही उसे नुकसान पहुंचा सकता है।आईसीसी ने पीसीबी को कड़े परिणामों की चेतावनीइस पूरे विवाद के बीच आईसीसी ने पीसीबी को कड़े परिणामों की चेतावनी दी है, साथ ही भारत के खिलाफ मैच ना खेलने के फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करने को कहा है। अब तक पीसीबी ने आईसीसी को कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, जिससे गतिरोध बना हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान ग्रुप-ए में हैं, जहां उनके साथ नामीबिया, नीदरलैंड्स और यूएसए भी शामिल हैं. दोनों टीमें 7 फरवरी से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।

पाकिस्तान का दोगला रवैया:भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच बाॅयकाट का किया ऐलान, मगर आईसीसी को बताने को तैयार नहीं पीसीबी
नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ 15 फरवरी को खेले जाने वाले टी 20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार का ऐलान कर दिया, लेकिन एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अपना यह फैसला आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को बताने के लिए तैयार नहीं है। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच के बॉयकॉट के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है और अपने आगे के एक्शन पर सस्पेंस बनाए रखने के लिए आईसीसी को यह फैसला नहीं बताएगा।सूत्रों ने टेलीकॉमएशियाडॉटनेट को बताया, चूंकि यह सरकार का फैसला है और इसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए बताया गया है, इसलिए आईसीसी को लिखने की कोई जरूरत नहीं है। शरीफ ने रविवार को लाहौर में नकवी से मिलने से पहले पीसीबी के पूर्व चीफ नजम सेठी से भी मुलाकात की। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया, ष्सेठी ने पीएम को भारत के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की भी सलाह दी, क्योंकि सेठी की चेयरमैनशिप में भारत 2016 में एक एग्रीमेंट से भी पीछे हट गया था।ष्भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होगी। शाहबाज शरीफ सरकार ने रविवार विश्व कप में पाकिस्तान के हिस्सा लेने को मंजूरी दे दी, लेकिन यह भी ऐलान किया कि पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ 15 फरवरी को खेले जाने वाले मुकाबले में नहीं उतरेगा।हालांकि, आईसीसी को आधिकारिक तौर पर पत्र के जरिए फैसला न बताने के फैसले को इस मामले को दबाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। स्पष्ट है कि पीसीबी मैच के बॉयकॉट से बचने के लिए आपसी सहमति से हल निकालने की आईसीसी की किसी भी अपील पर ध्यान नहीं देगा क्योंकि यह फैसला उसकी सरकार ने लिया है।अगर भारत-पाक मैच नहीं खेला जाता है, तो आईसीसी के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर को भारी आर्थिक नुकसान होगा। पूरी उम्मीद है कि वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएगा। आईसीसी ने जवाब में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को गंभीर नतीजों के बारे में बताते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि चुनिंदा हिस्सेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, सोर्स ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट को बताया कि पाकिस्तान सरकार ने नतीजों पर कानूनी सलाह ली है और आईसीसी के किसी भी संभावित फैसले के खिलाफ बोर्ड का साथ देगी।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय बाजार में लौटी हरियाली:इडियन करेंसी में आया जबरदस्त उछाल, डाॅलर के मुकाबले पहुंचा 90.39 पर
मुंबई। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के बाद भारतीय शेयर बाजार झूम उठा है। चैतरफा हरियाली दिखाई दे रही है। भारतीय रुपए में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डाॅलर के मुकाबले 112 पैसे बढ़कर 90.39 पर खुला। जबकि सोमवार को यह 91.51 पर बंद हुआ था। ऐसे में आज भारतीय रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि 18 फीसदी टैरिफ ने कहानी बदल दी है, जिससे भारत की सापेक्ष स्थिति बेहतर हुई है और विदेशी संस्थागत निवेशकों (थ्प्प्) की वापसी की संभावना बढ़ी है। विश्लेषकों ने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपया पहले और ज्यादा मजबूत हुआ था, लेकिन बाद में यह 90.20 से 91.20 के दायरे में स्थिर हो गया। 92 के ऊपर टिक न पाने के बाद इसमें थोड़ी गिरावट आई, जिसे सामान्य सुधार माना जा रहा है। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि रुपए की मौजूदा गिरावट अस्थायी है और लंबे समय में इसका रुझान अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर रुपया 90.50-90.80 के नीचे जाता है, तो यह 90 या 89.80 तक भी पहुंच सकता है।आरबीआई के रुख पर रहेगी नजरफिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक, करीब नौ महीने की देरी के बाद घोषित यह व्यापार समझौता,जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषित किया और प्रधानमंत्री मोदी ने समर्थन दिया भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में निर्यात में बढ़त देता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बिकवाली करने वाले एफआईआई अब भारतीय शेयरों में खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि, आगे की दिशा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के रुख पर नजर जरूरी होगी।पीएम मोदी से बात करने के बाद ट्रंप ने फैसलाबता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि भारत के साथ ट्रेड डील हुई है। इसके तहत भारतीय सामानों पर लगने वाला टैक्स (टैरिफ) 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद लिया गया। इस समझौते में यह भी कहा गया है कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करेगा और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से ज्यादा तेल आयात करेगा।ट्रेड डील के बाद कम हुई अनिश्चितता विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रेड डील के बाद अनिश्चितता कम हुई है, जिससे विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार और बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इससे रुपए की मांग और बढ़ सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में आरबीआई का रुख भी काफी अहम रहेगा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए और विकास पर केंद्रित बजट, इन तीनों के असर से बाजार का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। इससे विदेशी पूंजी तेजी से आ सकती है और भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) की स्थिति भी सुधर सकती है।


