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लाल आतंक पर संसद में चर्चा : शाह ने नक्सलियों को दिया सख्त संदेश, कांग्रेस पर भी जमकर बरसे, कहा- नहीं झुठलाया जा सकता सत्य कोगर्मी में खानपान में बरते सावधानी : कब्ज, गैस और अपच से राहत दिलाती है परवल की सब्जी, पोषक तत्वों से भी है भरपूरजनगणना की तैयारियां अंतिम चरण में : आयुक्त ने बताया कब से शुरू होगा पहले चरण का सर्वे, मकसद सटीम भरोसेमंद टेडा जुटानाछत्तीसगढ़ अनोखी शादी : एक दूल्हा, दो दुल्हन, दोनों के साथ एक ही मंडप में लिए सात फेरे, परिवार-समाज ने भी किया स्वीकारमप्र के काॅलेजों में नहीं रहेगा सहा. प्राध्यापकों का टोटा : 5884 पदों को भरने प्रक्रिया शुरू, नए शैक्षणिक सत्र से पहले भर जाएंगे 1600 पदटीईटी टेस्ट के विरोध में लामबंद मप्र के शिक्षक : 8 अप्रैल से उतरेंगे सड़कों पर, तीन चरणों में आंदोलन की बनी रणनीति, रुख पर कायम सरकार

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केरल विधानसभा चुनाव : राहुल ने किया चुनावी अभियान का आगाज, अदूर में जनसभा कर वाम दलों और भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप

राहुल ने किया चुनावी अभियान का आगाज, अदूर में जनसभा कर वाम दलों और भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप

अदूर (केरल)। केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले राजनीतिक दलों ने अपना फोकस चुनाव प्रचार कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोमवार को अपने चुनावी अभियान का आगाज किया। उन्होंने केरल के अदूर में एक जनसभा को संबोधित कर चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ वामपंथी दलों और भाजपा के बीच गुप्त मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही राहुल ने चुनावी लड़ाई को यूडीएफ और वाम-भाजपा के अप्रत्यक्ष गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला बताया।राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ यूडीएफ है और दूसरी तरफ वाम और भाजपा का गठबंधन है। उन्होंने छिपे हुए हाथ का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भाजपा वाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक वास्तविक चुनौती के रूप में नहीं देखती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का वास्तविक रूप से विरोध करने वाले नेताओं को दबाव और जांच का सामना करना पड़ता है। अपने खिलाफ मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और वामपंथी नेतृत्व को इस तरह की गहन जांच का सामना नहीं करना पड़ता है।सबरीमाला मुद्दे पर राहुल ने पीएम को घेराराहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केरल के विवादास्पद मुद्दे सबरीमाला पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया ताकि सीपीआई (एम) को राजनीतिक रूप से नुकसान न पहुंचे। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि केरल में वामपंथी सरकार अब सच्ची वामपंथी विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करती और इसके बजाय भाजपा के समान ष्कार्पोरेट-हितैषीष् नीतियां अपना रही है।यूडीएफ को जनहितेषी विकल्प के रूप में किया पेशउन्होंने रबर किसानों की दुर्दशा की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई है और श्रमिकों और छोटे उत्पादकों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए केंद्र और राज्य दोनों की आलोचना की। यूडीएफ को जनहितैषी विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हुए राहुल गांधी ने कई महत्वपूर्ण आश्वासनों की घोषणा की। जिसमें राज्य द्वारा संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए 1,000 रुपए का मासिक भत्ता और कल्याणकारी पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपए करना शामिल है।राहुल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए किया बड़ा वादाराहुल गांधी ने प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर, लघु उद्यम को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपए के ऋण और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित मंत्रालय के गठन का भी वादा किया। गांधी ने कहा कि केरल को आयात पर निर्भर रहने के बजाय लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और कृषि को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा, ष्जिस माइक्रोफोन से मैं बोल रहा हूं वह श्मेड इन चाइनाश् है, इसे केरल में बनाया जाना चाहिए।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

संजय कपूर के परिवार से जुड़ा हाई-प्रोफाइल विवाद फिर सुर्खियों में : प्रिया के मानहानि मामले में अब 22 अप्रैल को होगी सुनवाई, संपत्ति-वसीयत से जुड़ा है मामला

प्रिया के मानहानि मामले में अब 22 अप्रैल को होगी सुनवाई, संपत्ति-वसीयत से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर के परिवार से जुड़ा हाई-प्रोफाइल विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल, संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर द्वारा अपनी ननद मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तारीख तय की है। जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर की तरफ से पेश वकील ने अदालत से समय मांगा, ताकि मंधिरा कपूर द्वारा दायर अर्जी का जवाब तैयार किया जा सके। इस अर्जी में मंधिरा कपूर ने कोर्ट से मांग की है कि प्रिया कपूर उन सभी दस्तावेजों को पेश करें, जिनके आधार पर उन्होंने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया है।कोर्ट ने मंधिरा कपूर को जारी किया था नोटिसइससे पहले की सुनवाई में अदालत ने मंधिरा कपूर को समन जारी किया था। प्रिया कपूर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मंधिरा कपूर लगातार पॉडकास्ट, सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू के जरिए उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक बयान दे रही हैं। प्रिया का कहना है कि इन बयानों का मकसद उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना है।आरोपों को खारिज कर चुकी हैं मंधिरादूसरी ओर, मंधिरा कपूर इन आरोपों को खारिज कर चुकी हैं और उनका कहना है कि उन्होंने जो भी कहा है, वह सच है और जरूरत पड़ने पर वह इसे अदालत में साबित करेंगी। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है और असल मुद्दा परिवार की संपत्ति और विरासत का है।संजय कपूर अपने पीछे छोड़ गए हैं करोड़ों की संपत्तिदरअसल, यह पूरा विवाद संजय कपूर की मौत के बाद उनकी संपत्ति और वसीयत को लेकर शुरू हुआ। बताया जाता है कि संजय कपूर अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं। इस संपत्ति को लेकर परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। खासतौर पर वसीयत में किन लोगों के नाम शामिल हैं और किन्हें बाहर रखा गया है, यह मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन चुका है।वसीयत में हैं कई गड़बड़ियां: मंधिरा का आरोपमंधिरा कपूर ने पहले भी आरोप लगाया है कि वसीयत में कई गड़बड़ियां हैं और इसमें परिवार के कुछ सदस्यों, खासकर करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा और कियान के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है। वहीं प्रिया कपूर का पक्ष है कि वह कानूनी रूप से सही हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

बिज़नेस

अमेरिका-इजरायल और ईरान का असर : एमसीएक्स पर सोना 0.68ः टूटा, चांदी में हल्की तेजीय वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी

एमसीएक्स पर सोना 0.68ः टूटा, चांदी में हल्की तेजीय वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी

मुंबई। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सप्ताह की शुरुआत में कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में हल्की मजबूती नजर आई।सुबह करीब 10ः43 बजे एमसीएक्स पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 982 रुपए यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, मई कॉन्ट्रैक्ट की चांदी 767 रुपए यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,28,721 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। हालांकि कारोबार की शुरुआत में चांदी में भी कमजोरी देखी गई थी। इससे पहले शुक्रवार को सोना 1,44,401 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,27,750 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जहां दोनों धातुओं में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। पिछले सप्ताह की तेजी लगभग खत्म हो चुकी है और सोमवार को शुरुआती कारोबार में सोना करीब 1.7 प्रतिशत तक टूट गया। हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी से कुछ सुधार देखने को मिला। कॉमेक्स में सोने की कीमत 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 4,447.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, लेकिन बाद में यह फिर 4,500 डॉलर के आसपास संभल गई।सोने से हट रहा निवेशकों का रुझानविशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और महंगाई की आशंका के बावजूद निवेशकों का रुझान फिलहाल सोने से कुछ हटता दिख रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की संभावना भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है।

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खेल

बंद दरवाजों के पीछे खेला जाएगा पीएसएल : कंगाल पीसीबी की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती

कंगाल पीसीबी की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती

नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) हमेशा से ही पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की तुलना इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से करता रहा है। हालांकि, बीसीसीआई की तरह पीसीबी कभी भी पीएसएल का आयोजन नहीं कर सका है। इसका ताजा उदाहरण आगामी सीजन की शुरुआत से पहले ही सामने आ गया है। पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का आयोजन बंद दरवाजों के पीछे किया जाएगा, मतलब दर्शकों को स्टेडियम में आने की परमिशन नहीं होगी। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि पीएसएल के सभी मुकाबले अब छह की जगह महज दो शहरों में खेले जाएंगे। पीसीबी ने अपने इस फैसले का कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन संकट को बताया है। पीसीबी ने खर्च कटौती का दिया हवालापाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि खर्चे में कटौती करने की खातिर टूर्नामेंट का आयोजन सिर्फ दो वेन्यू पर करने का निर्णय लिया गया है। पीएसएल की शुरुआत 26 मार्च से होनी है और फाइनल मुकाबला 3 मई को खेला जाना है।आईपीएल के आयोजनों में कोई कमी नहींअमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर जितना पाकिस्तान पर हो रहा है, उतना ही भारत पर भी हो रहा है। तेल की कीमतों में यहां भी उछाल आया है और बाकी चीजों के दाम भारत में भी बढ़े हैं। हालांकि, इसके बावजूद आईपीएल 2026 के आयोजन में कोई कमी नहीं रखी गई है। पीएसएल का आयोजन तो छह शहरों में किया जाना था, जबकि आईपीएल 2026 कुल 10 शहरों में खेला जाना है। इसके बावजूद खर्चे में कटौती के नाम पर बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया है। यह दर्शाता है कि पीसीबी के मुकाबले बीसीसीआई का कद काफी ऊंचा है।पीएसएल छोड़कर आईपीएल से जुड़ रहे विदेशी खिलाड़ीसिर्फ यही नहीं, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए विदेशी खिलाड़ी बिना कुछ सोचे ही पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़कर भारत आ रहे हैं। ब्लेसिंग मुजारबानी और दासुन शनाका इसके ताजा उदाहरण भी हैं। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने जा रहे खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही है। हालांकि, इसके बावजूद खिलाड़ी आईपीएल की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इसका पहला कारण आईपीएल में मिलने वाला पैसा तो है ही, लेकिन इसके साथ ही पीएसएल के मुकाबले आईपीएल की ज्यादा लोकप्रियता भी है। पीएसएल को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के दावे एक बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। वहीं, आईपीएल की बराबरी करना पीएसएल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए अभी दूर की कौड़ी ही लगता है।

लाइफस्टाइल

गर्मी में खानपान में बरते सावधानी : कब्ज, गैस और अपच से राहत दिलाती है परवल की सब्जी, पोषक तत्वों से भी है भरपूर

कब्ज, गैस और अपच से राहत दिलाती है परवल की सब्जी, पोषक तत्वों से भी है भरपूर

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में खानपान में सावधानी बरतना जरूरी है। कब्ज, गैस और अपच की समस्या से परेशान लोगों के लिए परवल की सब्जी बेहद कारगर है। पोषक तत्वों से भरपूर परवल को गर्मियों में अपने आहार में शामिल करने की सलाह हेल्थ एक्सपर्ट्स देते हैं। यह सब्जी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कई स्वास्थ्य लाभ देती है। परवल का वैज्ञानिक नाम ट्राइकोसेन्थेस डायोइका रॉक्सब है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। परवल में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, साथ ही यह खून को शुद्ध करने में मददगार है। रिसर्च के अनुसार, परवल प्रोटीन और विटामिन ए से भरपूर है। इसमें औषधीय गुण हैं, जो ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक साबित होते हैं। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में परवल का विशेष महत्व है। प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता में पीलिया समेत कई रोगों के इलाज के लिए परवल के फल और पत्तियों का उल्लेख मिलता है। इसे ‘तृप्तिघ्न’ भी कहा जाता है क्योंकि यह भोजन से तृप्ति दिलाने में मदद करता है।आयुर्वेद के अनुसार परवल कफ और पित्त दोष को संतुलित रखता है। यह मुंहासे, पित्त, खुजली और प्यास बुझाने में भी उपयोगी है। गर्मियों में कब्ज और अपच आम समस्या है। परवल का फाइबर पेट साफ रखता है और गैस की समस्या कम करता है। इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से वजन संतुलित रहता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए परवल फायदेमंद है। यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायता करता है।परवल त्वचा के लिए फायदेमंद है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर परवल चेहरे पर रौनक बनाए रखता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है। इम्युनिटी बढ़ाता है, साथ ही अन्य पोषक तत्व प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।परवल को कई तरीकों से खाया जा सकता है। इसे सब्जी, भुजिया, चोखा, सूप, करी, अचार या मिठाई के रूप में तैयार किया जाता है। गर्मियों में हल्की परवल की सब्जी बनाकर खाना सबसे अच्छा रहता है। हालांकि, परवल सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। कुछ लोगों को इससे परहेज करना चाहिए। इसलिए डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।

राजनीती

जनगणना की तैयारियां अंतिम चरण में : आयुक्त ने बताया कब से शुरू होगा पहले चरण का सर्वे, मकसद सटीम भरोसेमंद टेडा जुटाना

आयुक्त ने बताया कब से शुरू होगा पहले चरण का सर्वे, मकसद सटीम भरोसेमंद टेडा जुटाना

नई दिल्ली। भारत में आगामी जनगणना की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को जानकारी दी कि जनगणना-2027 का पहला चरण अप्रैल 2026 से कई राज्यों में शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी, जिसमें पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करना और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाना शामिल है, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि तय की गई है। हालांकि, हिमपात प्रभावित क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए यह तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इस संदर्भ तिथि का उद्देश्य पूरे देश में एक समान समय पर सटीक और भरोसेमंद डेटा जुटाना है।मकानों-भवनों का तैयार किया जाएगा विवरणउन्होंने बताया कि पहले चरण में सभी मकानों और भवनों का विवरण तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही भवनों की जियो-टैगिंग की जाएगी और प्रत्येक को एक यूनिक आईडी दी जाएगी। यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का होगा इस्तेमालनारायण ने यह भी कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी। यह स्व-गणना सुविधा गृह सूचीकरण अभियान से 15 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी।प्रक्रियों में राज्यों की होगी अहम भूमिकादूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय और जाति जैसे पहलुओं से संबंधित डेटा एकत्रित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अहम भूमिका होगी और उनके प्रशासनिक तंत्र को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस कार्य के लिए लगभग 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। साथ ही, लाखों गणनाकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

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