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टी20 वर्ल्ड कप : अगर भारत-पाकिस्तान मैच हुआ कैंसिल, तो श्रीलंका को भारी नुकसान, पीसीबी से लगाई गुहार

अगर भारत-पाकिस्तान मैच हुआ कैंसिल, तो श्रीलंका को भारी नुकसान, पीसीबी से लगाई गुहार

नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाले आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार किया है। इस हाईवोल्टेज मैच के कैंसिल होने से श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) को भारी आर्थिक नुकसान होगा। बोर्ड ने इसे लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को पत्र लिखा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में 7 फरवरी से खेला जाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सह-मेजबान अपने होने वाले आर्थिक नुकसान को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सामने यह मुद्दा उठाने जा रहा है। ांका क्रिकेट (एसएलसी) ने पीसीबी को कोलंबो में भारत के साथ न खेलने के पाकिस्तान के फैसले के बाद हुए बड़े नुकसान के बारे में बताते हुए कहा है कि इस मैच को लेकर सभी इंतजाम पूरे हो चुके हैं।एसएलसी ने पीसीबी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कोलंबो में बड़े पैमाने पर होटल की बुकिंग कैंसिल होने की भी खबरें आई हैं, जिससे टूरिज्म सेक्टर पर असर पड़ा है। इस पत्र में मुश्किल समय में पाकिस्तान को श्रीलंका के पिछले सपोर्ट को याद किया गया है और इस पर दोबारा सोचने की गुजारिश की गई है। हालांकि, पाकिस्तान के एक पूर्व क्रिकेटर ने एसएलसी के इस कदम को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला आईसीसी की कोर्ट में है।एक पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ' कहा, "अगर श्रीलंका क्रिकेट, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लिखता है तो इससे क्या फर्क पड़ेगा? यह मामला अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के पास है। पीसीबी को पाकिस्तान सरकार ने कोलंबो में भारत के साथ नहीं खेलने का निर्देश दिया है। एसएलसी का आर्थिक नुकसान का हवाला देकर पीसीबी से 15 फरवरी को खेलने का अनुरोध करने से कोई मदद नहीं मिलेगी।"टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान का मैच के टलने के साथ श्रीलंका में टूरिज्म पर बड़ा असर पड़ेगा। एसएलसी ने इस मामले को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के सामने भी उठाने का फैसला किया है। खबर है कि इस बड़े मैच के लिए एडवांस बुकिंग की वजह से कोलंबो के होटलों में ज्यादा बुकिंग हुई थी। अब जब मैच पर शक है, तो कैंसलेशन बढ़ने की उम्मीद है।एयरलाइंस पर भी दबाव पड़ सकता है, क्योंकि इस हाई-प्रोफाइल मैच के आस-पास बनाए गए खास ट्रैवल प्लान पर फिर से विचार किया जा रहा है। टूर आॅपरेटर और लोकल बिजनेस, जिन्होंने विजिटर की संख्या में बढ़ोतरी के लिए तैयारी की थी, उन्हें अब नुकसान हो सकता है। इंडस्ट्री के जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुलझे तो टूरिज्म सेक्टर को काफी नुकसान हो सकता है, श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का एक अहम सेक्टर है। इसलिए श्रीलंका क्रिकेट एक्शन ले रहा है। पीसीबी को भेजी गई जानकारी इस दिशा में पहला कदम है, क्योंकि वह चाहता है कि पीसीबी भी यह बोझ उठाए।

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मनोरंजन

'दो भाषाओं में एक साथ शूट करना आसान नहीं' : सई मांजरेकर ने साझा किया 'द इंडिया हाउस' का अनुभव

सई मांजरेकर ने साझा किया 'द इंडिया हाउस' का अनुभव

मुंबई। भारतीय सिनेमा की पैन-इंडिया फिल्मों में काम करना जितना रोमांचक होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। इस कड़ी में अभिनेत्री सई मांजरेकर इन दिनों अपनी आने वाली पैन-इंडिया पीरियड ड्रामा फिल्म 'द इंडिया हाउस' को लेकर काफी बिजी हैं। यह फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में एक साथ शूट की जा रही है। सई का कहना है कि इस तरह की फिल्म में काम करने के लिए कलाकार को हर समय भावनात्मक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहना पड़ता है। सई मांजरेकर ने कहा, "'द इंडिया हाउस' मेरे लिए अब तक का अलग अनुभव रहा है। जब एक ही सीन को दो भाषाओं में शूट किया जाता है, तो कलाकार को भाषा की लय, भाव और भावनात्मक गहराई को बारीकी के साथ समझना पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि एक ही सीन पहले एक भाषा में और तुरंत बाद दूसरी भाषा में करना होता है, जिससे कलाकार को हर पल सतर्क रहना पड़ता है।"उन्होंने कहा, ''इस तरह की फिल्मों में अभिनय का तरीका भी थोड़ा बदल जाता है। यहां सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि भावनाओं से कहानी को आगे बढ़ाना होता है। हर भाषा की अपनी एक संवेदना होती है और उसी के अनुसार किरदार की भावनाएं भी बदलती हैं। ऐसे में कलाकार को अपने अभिनय को बार-बार ढालना पड़ता है, ताकि किरदार हर भाषा में उतना ही सच्चा लगे।''सई ने कहा, ''मेरी पिछली फिल्म 'मेजर' की शूटिंग का अनुभव इस फिल्म में काफी काम आया। उस फिल्म से मुझे यह समझने में मदद मिली कि द्विभाषी फिल्मों की शूटिंग कैसे होती है और कलाकार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि हर प्रोजेक्ट की अपनी अलग पहचान और चुनौतियां होती हैं। 'द इंडिया हाउस' की कहानी और उसका ऐतिहासिक संदर्भ इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाता है।'''द इंडिया हाउस' फिल्म में सई मांजरेकर 'सती' नाम की महिला का किरदार निभा रही है। इस पर सई ने कहा, ''सती का किरदार निभाने के लिए मुझे उस समय के माहौल, सोच और भावनाओं को गहराई से समझना पड़ा। सती बाहर से शांत दिखाई देती है, लेकिन उसके भीतर साहस, दर्द और संघर्ष छिपा है। इन भावनाओं को बिना ज्यादा शब्दों के दर्शकों तक पहुंचाना मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी हैं।''पैन-इंडिया फिल्मों की खास बात बताते हुए सई ने कहा, ''ऐसे प्रोजेक्ट्स में काम करने का सबसे अच्छा पहलू टीमवर्क होता है। सेट पर अलग-अलग राज्यों और भाषाओं से आए कलाकार और तकनीशियन एक साथ काम करते हैं। सबका लक्ष्य कहानी को ईमानदारी से पर्दे पर उतारना होता है। यह सामूहिक भावना कलाकार को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।''सई ने अपने सह-कलाकार निखिल सिद्धार्थ, निर्देशक वामसी और पूरी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ''सेट पर काम करने का माहौल बेहद सकारात्मक और कहानी पर केंद्रित रहता है। जब निर्देशक और पूरी टीम कहानी को लेकर गंभीर होती है, तो कलाकार भी अपने किरदार में और गहराई से उतर पाता है।''

बिज़नेस

भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिकी दौरे को बताया प्रोडक्टिव-सकारात्मक : शेयर की ऐतिहासिक व्यापार समझौते की पूरी डिटेल

शेयर की ऐतिहासिक व्यापार समझौते की पूरी डिटेल

वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका में थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। जयशंकर ने अमेरिकी दौरे को प्रोडक्टिव और सकारात्मक बताया। उन्होंने ऐतिहासिक व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंध में मजबूत रफ्तार साफ दिख रही है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर ईएएम एस. जयशंकर ने लिखा, अमेरिका का एक प्रोडक्टिव और सकारात्मक दौरा खत्म हुआ। सेक्रेटरी रुबियो को उनकी अच्छी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद। ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू करता है, जिसमें संबंधों के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि हमारा जरूरी खनिज सहयोग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत की उम्मीद है। कुल मिलाकर एक मजबूत मोमेंटम दिख रहा है। इस अहम दौरे में विदेश मंत्री ने अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ मीटिंग भी की। इसमें अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ अलग-अलग मीटिंग शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर बड़े पैमाने पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि रुबियो के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका संबंध के कई अहम पहलुओं पर बात हुई। ईएएम जयशंकर ने कहा, भारत-यूएस रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर बात हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, जरूरी खनिज और तकनीक शामिल थे। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष फॉलो-अप कामों पर तेजी से आगे बढ़ने पर सहमत हुए। हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों की जल्द मीटिंग पर सहमति हुई।अमेरिकी विभाग की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो ने जरूरी मिनरल्स की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग पर द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक बनाने पर चर्चा की। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंध का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। बुधवार को हुई यह मीटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसका मकसद दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रुकावटों को कम करना और मार्केट एक्सेस को बढ़ाना है।

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#shorts ‘Animal Park’ होगी और ज्यादा डार्क व खतरनाक #breakingnews #news #newstoday #tv27newslive

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#shorts : इस दिन आ रही ‘मिर्जापुर द मूवी’ #entertainment #mirzapur #latestnews #viralfeed #bollywood

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#shorts ‘The 50’ में एल्विश यादव पर कमेंट से बवाल #breakingnews #news #newstoday #tv27newslive

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गृह मंत्री के दौरे से पहले कश्मीरी पंडितों को धमकी #breakingnews #newstoday #tv27newslive

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#video आगरा में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन #tv27newsdigital #hindinews #breakingnews

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#shorts भारत तय करेगा तेल कहां से आएगा- रूस #breakingnews #news #newstoday #viralfeed #trump #pmmodi

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खेल

टी20 वर्ल्ड कप 2026ः : टीम इंडिया के लड़ाकों में माही ने भरा जोश, बताया सबसे खतरनाक टीम भी

टीम इंडिया के लड़ाकों में माही ने भरा जोश, बताया सबसे खतरनाक टीम भी

नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की संभावनाओं पर भरोसा जताया है। विश्व कप विजेता कप्तान का मानना है कि टीम इंडिया के पास अनुभव, कौशल और संतुलन का सही मिश्रण है। धोनी ने इस बात पर जोर दिया कि टीम की ताकत इस बात पर निर्भर करती है कि खिलाड़ी दबाव वाली स्थितियों को कितनी अच्छी तरह से संभालते हैं और उनका रोल कितने अच्छे से तय है। खिलाड़ी हमेशा मैच के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह बैटिंग हो या बॉलिंग, जिससे भारत को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है।भारतीय टीम के पास है अनुभवधोनी ने कहा, यह सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। आप जानते हैं, उन्होंने (भारतीय खिलाड़ी) पहले ही बैटिंग या बॉलिंग शुरू कर दी होगी, लेकिन एक अच्छी टीम में क्या चाहिए? सब कुछ है। उनके पास अनुभव है। खासकर जब इस फॉर्मेट की बात आती है, तो अनुभव बहुत ज्यादा है। उन्होंने दबाव में खेला है। जो भी खिलाड़ी टीम में जो भी भूमिका निभा रहे हैं, वे काफी समय से उस स्थिति में रहे हैं।टाॅस के फैसलों को महत्वपूर्ण बना सकती है ओसहालांकि धोनी आशावादी नजर आ रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि ओस व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सबसे सावधानी से बनाई गई योजनाओं को भी खराब कर सकती है। माही के मुताबिक, ओस परिस्थितियों को काफी प्रभावित कर सकती है। टॉस के फैसलों को महत्वपूर्ण बना सकती है, जिससे मैचों में संभावित रूप से अनुचित फायदे हो सकते हैं।ओस बदल देती है बहुत सी चीजेंधोनी ने कहा, मुझे किस बात की चिंता है? मुझे ओस से नफरत है। ओस बहुत सी चीजें बदल देती है। इसलिए, जब मैं खेलता था, तो एक चीज जो मुझे सच में डराती थी, वह थी ओस। अगर हम कुछ बेहतरीन टीमों के साथ 10 मैच खेलते हैं, तो हम ज्यादातर बार विजेता बनकर उभरेंगे। अगर स्थितियां न्यूट्रल रहती हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान ने यह भी बताया कि टी20 क्रिकेट अप्रत्याशित होता है, जहां एक खराब खेल या विपक्षी टीम का शानदार प्रदर्शन परिणाम को पूरी तरह से बदल सकता है। समस्या तब होती है जब कुछ खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलतेपूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, समस्या तब होती है जब आपके कुछ खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलते और विपक्षी टीम का कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है। टी20 ग्रुप में ऐसा हो सकता है। तो, यही वह समय है। चाहे यह लीग स्टेज में हो, चाहे यह नॉकआउट स्टेज में हो, यहीं पर दुआओं की जरूरत होती है। आप जानते हैं, किसी को चोट नहीं लगनी चाहिए। जो भी भूमिकाएं दी गई हैं, लोगों को टीम के लिए अपनी भूमिकाएं निभानी चाहिए।

लाइफस्टाइल

मोरिंगा ऑयल : प्रदूषण और धूप से खराब स्किन पर असरदार, दाग-धब्बों को भी करे दूर

प्रदूषण और धूप से खराब स्किन पर असरदार, दाग-धब्बों को भी करे दूर

मुंबई । बदलती लाइफस्टाइल, प्रदूषण, धूप, तनाव और गलत खानपान का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है। झुर्रियां, एज स्पॉट्स, दाग-धब्बे और रूखी त्वचा जैसी परेशानियां अब कम उम्र की भी समस्या बनने लगी हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपाय बेहद कारगर हैं, जिनमें मोरिंगा तेल बेहतर विकल्प है। मोरिंगा को आयुर्वेद में शोभांजन कहा जाता है। इसके पत्ते, फल, छाल और खासतौर पर इसके बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल बेहद पोषक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और शरीर के अंदर और बाहर दोनों स्तरों पर काम करता है।इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल रिसर्च एंड एप्लीकेशंस में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड, विटामिन ए, सी और ई, फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर त्वचा को पोषण देते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को भीतर से स्वस्थ बनाते हैं।एज स्पॉट्स, चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे, अक्सर फ्री रेडिकल्स, धूप और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इस समस्या पर सीधे काम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। वहीं, विटामिन सी त्वचा में कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है और धब्बे कम होते हैं। तेल से हल्के हाथों से मसाज करने से त्वचा की गहराई तक पहुंचकर डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में मदद मिलती है।आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से भी जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं, जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त को संतुलन में लाने में सहायक होते हैं। इससे पिगमेंटेशन से बचाव होता है। नहाने के बाद या रात को सोने से पहले चेहरे पर इसकी कुछ बूंदों से मसाज करने पर त्वचा लंबे समय तक नरम और मुलायम बनी रहती है।एज स्पॉट्स के अलावा, मोरिंगा तेल त्वचा की कई दूसरी समस्याओं में भी राहत देता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण मुंहासों, जलन और एलर्जी में मददगार माने जाते हैं। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है, जिससे रूखापन और खिंचाव कम होता है। फटे होंठों, बेजान त्वचा और सन डैमेज में भी इसका इस्तेमाल लाभकारी माना जाता है।

राजनीती

धन्यवाद प्रस्ताव : पीएम मोदी ने लोकसभा की भड़ास निकाली राज्यसभा में, राहुल-खड़गे और कांग्रेस पर जमकर किया वार, गिनाई अपनी उपलब्धियां

पीएम मोदी ने लोकसभा की भड़ास निकाली राज्यसभा में, राहुल-खड़गे और कांग्रेस पर जमकर किया वार, गिनाई अपनी उपलब्धियां

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू की। उन्होंने कहा, धन्यवाद प्रस्ताव पर समर्थन के लिए इस सदन में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। देश आज तेज प्रगति कर रहा है। पीएम ने विपक्ष को अपने निशाने पर लेते हुए कहा कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं, मोहब्बत की दुकान वाले 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे लगा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र को लेकर भी कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने अपने स्पीच में कहा कि , मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा, देश का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त करके ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।'युवा होता जा रहा हमारा देश'अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत के भाग्य के लिए अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है। भारत के प्रति बढ़ा दुनिया का आकर्षणउन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के प्रतिभा (टैलेंट) का अहमियत समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।'दुनिया की चुनौतियों को समाधान दे रहा भारत'प्रधानमंत्री ने कहा, आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, भारत उनका समाधान देने, आशा की किरण देने वाला देश बना हुआ है। हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर काफी ऊंची है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।इनका अहंकार सातवें आसमान परवहीं राहुल गांधी द्वारा केन्द्रीय राज्य मंत्री बिट्टू गद्दार दोस्त कहने पर पीएम ने कहा कि कल इस सदन के एक सांसद को कांग्रेस के युवराज ने गद्दार कह दिया। सोचिए, इनका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। उन्होंने (कांग्रेसी युवराज) उन्हें गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे सिख थे। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस के अंदर सिखों के प्रति जो कूट-कूटकर नफरत भरी हुई है, यह उसी की अभिव्यक्ति थी।असम के लोगों से नफरत करती है कांग्रेसउन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी असम के लोगों से गहरी नफरत रखती है। जब कांग्रेस ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने के फैसले का विरोध किया, तो मुझे बहुत दुख हुआ। मल्लिकार्जुन खड़गे ने हजारिका जी को 'महज एक गायक' कहकर खारिज कर दिया, जो न केवल असम, बल्कि पूरे कला जगत का घोर अपमान है।राजनीतिक विद्वेश के कारण सदांनदजी के काट दिए गए पैरउन्होंने कहा कि यही नहीं, राजनीतिक विद्वेष के कारण हमारे सदानंदन जी मास्टर के दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए। कटे हुए पैर से वे जिंदगी गुजार रहे हैं, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में भी अपशब्द नहीं निकलता है। ऐसे व्यक्तित्व को, सदानंदन जी मास्टर को, मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं, क्योंकि इतने हमले के बाद भी देश की सेवा का अपना व्रत जारी रखा और आज देश के नीति-निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं।हताश कांग्रेस खोदना चाहती है हमारी कब्रपीएम मोदी ने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सत्ता हमारे लिए सेवा का माध्यम है। मुद्रा योजना से लाखों-करोड़ों लोगों को मदद मिली। स्वरोजगार को बल दिया। कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप कल्चर को प्रमोट ही नहीं किया। इनका तो हाल ऐसा है कि ये अपने घर के स्टार्टअप को भी ठीक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हताश है और मोदी की कब्र खोदना चाहती है क्योंकि 2014 से पहले, मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर कई जानें गईं। इसके जवाब में, हमने ऐसे सभी क्रॉसिंग बंद करवा दिए। इसके अलावा, 2014 से पहले देश भर के 18,000 से अधिक गांवों में बिजली नहीं थी। तब से, इन गांवों में बिजली और रोशनी की व्यवस्था हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले, हमारी सेनाओं के लिए गोला-बारूद और बुलेटप्रूफ जैकेट की कमी की खबरें अक्सर आती थीं। हमने अपनी सेना को आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराकर समस्या का समाधान किया।

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