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सर्राफा बाजार में सुनामी : चांदी 12,000 टूटी, सोना भी फिसला जोर से, क्या रहे गिरावट के कारण जानें कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत ईरान-इजरायल मुद्दे पर गरमाई सियासत : सरकार का बचाव कर थरूर ने पार्टी लाइन को दिखाया आइना, निशाने पर रही सोनियानई जंग, नए हथियार : रक्षा मंत्री ने सेना को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन में आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेशकेरलः चुनावी रण से पहले कांग्रेस कमजोर! : सांसद के. सुधाकरन के फैसले से उड़ी पार्टी की नींद, अगले कदम का जल्द करेंगे ऐलान

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इंदौर भीषण अग्निकांड : पीड़ित परिवारों से मिले सीएम मोहन, शोक व्यक्त कर बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का भी दिया आश्वासन

पीड़ित परिवारों से मिले सीएम मोहन, शोक व्यक्त कर बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का भी दिया आश्वासन

इंदौर। इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में दो परिवारों के आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। लौमहर्षक घटना से आहत मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने इंदौर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया तथा घायलों का हालचाल जाना।मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक परिजनों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए। वहीं सीएम ने ईवी चार्जिंग को लेकर एसओपी बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे।हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोशहादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की देरी से आने की शिकायत की। मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ फायर टैंकरों में पानी नहीं था और एक वाहन गलत गली में चला गया, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ और नुकसान बढ़ गया।आग लगने के अलग-अलग दावेपरिजनों के अनुसार आग सुबह करीब 4 बजे लगी थी। प्रारंभिक जानकारी में आग का कारण गाड़ी की चार्जिंग बताया गया था, लेकिन सौरभ का दावा है कि आग बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई। पहले कार में आग लगी, जो धीरे-धीरे घर के अंदर खड़ी बाइकों और फिर पूरे मकान में फैल गई। इस हादसे में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। बचने वाले सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

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फिल्म सूबेदार : अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

मुंबई। अभिनेता अनिल कपूर की हालिया रिलीज फिल्म सूबेदार का फीवर हर किसी के सर पर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की कहानी और एक्शन सीन ने हर किसी को दीवाना बना दिया है। बुधवार को अभिनेत्री विद्या बालन ने इसे खास अंदाज में सराहा।अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर पोस्ट किया। उन्होंने फिल्म को अनिल कपूर के स्टाइल में झक्कास नाम से संबोधित किया। विद्या ने अनिल कपूर और पूरी टीम के समर्पण की जमकर तारीफ की। अभिनेत्री ने लिखा, अनिल कपूर, आप हर फिल्म में इतना समर्पित कैसे रहते हैं? हमेशा कमाल।साथ ही, विद्या ने अन्य कलाकारों के काम को सराहा। उन्होंने राधिका को बड़ी गुंडी और मोना सिंह को बड़ी शैतान बताया। वहीं, निर्देशक सुरेश त्रिवेण की तारीफ में लिखा, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वे स्क्रीन पर इतनी हिंसा करने में कैसे सक्षम रहे। क्या शानदार काम किया। बहुत मजा आया। इसके अलावा विद्या ने प्रोडक्शन टीम की भी सराहना की। उन्होंने बाबु अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज ऑफिशियल और प्राइम वीडियो इंडिया को बधाई दी।सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित एक्शन-ड्रामा फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर का एक्शन अवतार देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर लोगों में दीवानियत और बढ़ रही है। वहीं, राधिका ने अभिनेता की लड़की श्यामा का मुख्य किरदार निभाया है, जिसमें वह भावनात्मक रूप से टूटी होने के बावजूद बाहरी रूप से बेहद मजबूत और फाइटर के रूप में नजर आती हैं। राधिका ने इस जटिल भूमिका में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है।अनिल के साथ-साथ राधिका के अभिनय की भी जमकर तारीफ हो रही है क्योंकि इस फिल्म में दोनों दुश्मनों से लड़ते नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक सेवानिवृत्त फौजी (सूबेदार अर्जुन मौर्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी के साथ रिश्ते सुधारने और स्थानीय गुंडों का सामना करने के लिए फिर से हथियार उठाता है। फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर के अलावा राधिका मदान, आदित्य रावल और फैसल मलिक जैसे कलाकार हैं। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने इस एक्शन-ड्रामा को बेहतरीन तरीके से पेश किया है।

बिज़नेस

सर्राफा बाजार में सुनामी : चांदी 12,000 टूटी, सोना भी फिसला जोर से, क्या रहे गिरावट के कारण जानें

चांदी 12,000 टूटी, सोना भी फिसला जोर से, क्या रहे गिरावट के कारण जानें

नई दिल्ली। गुरुवार को वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के दाम में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी करीब 2.5 प्रतिशत तक फिसल गया। दोपहर करीब 12ः30 बजे चांदी की कीमतों में तेज टूट शुरू हुई और कुछ ही समय में यह लगभग 12,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। वहीं सोने की कीमतों में करीब 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई। फिलहाल चांदी करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार कर रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ने के बाद तेल से जुड़े ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। आमतौर पर ऐसे हालात में सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों का रुख अलग नजर आ रहा है।अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से बाजार में बढ़ा दबावइसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया फैसले ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है और संकेत दिए हैं कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना कम है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का जिक्र किया, जिसके बाद निवेशकों ने कीमती धातुओं में मुनाफावसूली शुरू कर दी।4.20 लाख के रिकार्ड स्तर को छुआ था चांदी नेगौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई थी। जनवरी 2026 में चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन इसके बाद से कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। जानकारों का कहना है कि मौजूदा गिरावट निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतों का मिश्रित असर है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निर्भर करेगी।

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खेल

कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

लखनऊ। दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को क्रिकेट करियर में अभी तक वह मुकाम हासिल नहीं हो पाया है, जिसके लिए वे कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक खूब पसीना बहा रहे हैं। आईपीएल 2026 के लिए भी वह अर्जुन खूब मेहनत कर रहे हैं। हालांकि इस सीजन में वे मुंबई इंडियंस की बजाय लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। कुल मिलाकर अर्जुन तेंदुलकर को कप्तान ऋषभ पंत के साथ काम करना है। एलएसजी ने अभ्यास सत्र का एक वीडियो साझा किया है जिसमें पंत और अर्जुन एक दूसरे से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पंत अर्जुन के बल्ले का वजन जानकर हैरान हो जाते हैं। वीडियो में पंत ने अर्जुन से उनके बल्ले का वजन पूछा। अर्जुन ने बताया, 1220 ग्राम। इतना सुनकर पंत हैरान रह गए। पंत ने पूछा कि भारी बल्ले से खेलने का क्या फायदा है, तो अर्जुन ने जवाब दिया, इसे छूने पर भी उड़ता है। पापा 1310-1315 के साथ खेलते थे। मैं 1200 से नीचे नहीं जाता।पंत ने की अर्जुन के डेडिकेशन की तारीफअर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए एलएसजी कैंप में मिलते ही दोनों दोस्त बन गए हैं। वीडियो में पंत एक जगह अर्जुन से यह कहते हुए दिखते हैं कि जब भी जरूरत होगी, वह उनके लिए मौजूद रहेंगे। पंत ने अर्जुन के डेडिकेशन की भी तारीफ की कि वह अपनी शादी के ठीक एक दिन बाद सीजन की तैयारी के लिए युवराज सिंह से जुड़ गए। अर्जुन गोवा की तरफ से खेलते हैं घरेलू क्रिकेटबाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट में गोवा की तरफ से खेलते हैं। अर्जुन ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से 2023 में केकेआर के खिलाफ डेब्यू किया था। 26 साल के इस खिलाड़ी ने 5 मैचों की 1 पारी में 13 रन बनाए हैं और 3 विकेट लिए हैं। आईपीएल 2026 से पहले अर्जुन एलएसजी से जुड़े थे।

लाइफस्टाइल

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज : 'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

नई दिल्ली । स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है। स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है 'बचाव'।स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। वहीं, 'बचाव' फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है।च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें। अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें।आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें। अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है। व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें।हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है। स्ट्रोक को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन 'बचाव' फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है।

राजनीती

नई जंग, नए हथियार : रक्षा मंत्री ने सेना को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन में आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश

रक्षा मंत्री ने सेना को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन में आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इंडियन आर्मी को बड़ा संदेश भी दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया रूस और यूक्रेन के साथ-साथ ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को देख रही है, तो हम साफ देख सकते हैं कि फ्यूचर वॉरफेयर में ड्रोन्स और काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि आज भारत में एक ऐसे ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के निर्माण की जरूरत है, जिसमें हम पूरी तरह आत्मनिर्भर हों। यह आत्मनिर्भरता सिर्फ प्रोडक्ट के स्तर पर ही नहीं बल्कि कंपोनेंट के स्तर पर भी जरूरी है। यानी ड्रोन के मॉड्यूल से लेकर सॉफ्टवेयर, इंजन और और बैटरी सभी भारत में ही बने। यह काम आसान नहीं है क्योंकि अधिकांश देशों में जहां ड्रोन्स बनते हैं, वहां कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट चीन से आयात किए जाते हैं।ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में पूरी तरह आत्मनिर्भर बने भारतराजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए यह जरूरी है कि भारत ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में पूरी तरह आत्मनिर्भर बने। उन्होंने यहां मौजूद एमएसएमई व अन्य लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि इस काम में देश को आप सभी की जरूरत है। सरकार की तरफ से आपको हर तरह का समर्थन प्राप्त होगा। हम सबको मिलकर मिशन मोड में काम करना होगा ताकि 2030 तक भारत, स्वदेशी ड्रोन निर्माण का ग्लोबल हब बन जाए।आज की छोटी शुरुआत कल बदल सकती है बड़ी सफलता मेंउन्होंने कहा कि किसी भी देश के डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को बनाने में जहां पर बड़ी इंडस्ट्रीज, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स का हाथ होता है। वहीं, सरकार की तरफ से देश की रक्षा जरूरतों के अनुसार स्पष्ट पॉलिसी पुश का भी हाथ होता है। कई बार बड़ा परिवर्तन एक छोटे विचार और छोटे प्रयास से ही शुरू होता है। इसलिए जो अपने-अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं, यह मानकर चलिए कि आपकी आज की छोटी शुरुआत कल बड़ी सफलता में बदल सकती है।

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