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सोशल मीडिया बैन के समर्थन में उतरे कुणाल कपूर : कहा- यह तकनीक के खिलाफ नहीं, बच्चों के हक में हैमुझे पद से नहीं जनता के विश्वास से मिलती है शक्ति : इस्तीफे पर बोले हेमंत कटारे, कयासों पर कही यह बातअनुचित लाभ के लिए पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों पर विशेष मेहरबानी, : अनियमितताओं को लेकर सीएजी की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, पढ़ें खबरमप्र में किसानों पर मौत बनकर टूटी बिजली लाइनें : साल भर में 54 अन्नदाताओं की गई जान, विधानसभा में ऊर्जा मंत्री का काबूलनामा

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भारत-ब्राजील के बीच व्यापार समझौते पर मुहर : अगले पांच साल में 20 बिलियन डॉलर से अधिक का होगा व्यापार, PM मोदी-लूला दा सिल्वा की मौजूदगी में साइन हुआ MOU

 अगले पांच साल में 20 बिलियन डॉलर से अधिक का होगा व्यापार, PM मोदी-लूला दा सिल्वा की मौजूदगी में साइन हुआ MOU

नई दिल्ली । ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई व्यापार समझौते पर मुहर लगी है। लूला दा सिल्वा प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर भारत आए हैं। वे 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें ग्लोबल साउथ में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए। इसके अलावा, दोनों राष्ट्रप्रमुखों ने संयुक्त बयान भी जारी किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, राष्ट्रपति लूला और उनके डेलिगेशन का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। जिस आत्मीयता और गर्मजोशी के साथ आपने पिछले साल ब्राजील में मेरा स्वागत किया था, आज उसी भाव के साथ मैं आपका अभिनंदन करता हूं। यह मेरे लिए विशेष संतोष का विषय है। भारत और ब्राजील के संबंधों को राष्ट्रपति लूला की दूरदृष्टि और प्रेरक संबंधों का लंबे समय से लाभ मिलता रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा, बीते कुछ वर्षों में मुझे इनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला है। हर मुलाकात में भारत के प्रति इनकी गहरी मित्रता और विश्वास को महसूस किया है। राष्ट्रपति लूला के इस दौरे ने एआई इम्पैक्ट समिट की शोभा भी बढ़ाई और हमारी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा भी दी है। मैं उनकी मित्रता और दोनों देशों के संबंधों के प्रति कमिटमेंट के लिए आभार व्यक्त करता हूं।पीएम मोदी ने कहा, आज हमारी चर्चा में हर क्षेत्र में साझा उद्देश्य और साझा प्रेरणा से आगे बढ़ने पर विचार-विमर्श किया है। ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। हम आने वाले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा व्यापार केवल आंकड़ा नहीं, विश्वास का प्रतिबिंब है। राष्ट्रपति के साथ बड़ा बिजनेस डेलिगेशन इसी विश्वास को दिखाता है। भारत मर्कोसुर के विस्तार से हमारा आर्थिक सहयोग और सुदृढ़ होगा।उन्होंने कहा, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में हमारा सहयोग दोनों देशों के साथ पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्व रखता है। हम ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर काम कर रहे हैं। एआई सुपर कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर्स और ब्लॉक चेन जैसे क्षेत्र में अपने सहयोग को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। हम दोनों देश मानते हैं कि तकनीक इन्क्लूसिव होनी चाहिए और साझा विकास के लिए एक पुल की तरह काम करना चाहिए।दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, ऊर्जा सहयोग हमारे संबंधों का मजबूत स्तंभ रहा है। हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ हम रिन्यूएबल एनर्जी, इथेनॉल ब्लेंडिंग, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे अनेक क्षेत्रों में भी सहयोग को और अधिक गति दे रहे हैं। ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में ब्राजील की सक्रिय भागीदारी ग्रीन फ्यूचर के प्रति हमारे साझा संकल्प को दर्शाती है। ब्राजील ने डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कोएलिशन की को-चेयर करने का भी प्रस्ताव दिया है। मैं इस पहल के लिए प्रेसिडेंट लूला को बधाई देता हूं। इस क्षेत्र में ब्राजील का बहुत ज्यादा अनुभव सीडीआरआई को और मजबूत करने में काफी मदद करेगा।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

सोशल मीडिया बैन के समर्थन में उतरे कुणाल कपूर : कहा- यह तकनीक के खिलाफ नहीं, बच्चों के हक में है

कहा- यह तकनीक के खिलाफ नहीं, बच्चों के हक में है

मुंबई । सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और एआई के बढ़ते चलन से बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक असर की चपेट में बच्चे जल्दी आते हैं, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और व्यक्तित्व पर पड़ता है। शनिवार को मशहूर अभिनेता कुणाल कपूर ने बच्चों के सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक लगाने का सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि यह कदम 'एंटी-टेक्नोलॉजी' नहीं बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए है। कुणाल का कहना है कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम इस तरह बनाए जाते हैं कि बच्चे घंटों स्क्रॉल करते रहें, जिससे उनकी एकाग्रता, नींद और भावनात्मक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। कुणाल कपूर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खबर शेयर की, जिसमें लिखा था कि 140 करोड़ की आबादी वाले भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने पर सरकार विचार कर रही है।अभिनेता कुणाल कपूर ने खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "इसकी हमारे देश को बहुत जरूरत है। यह एंटी-टेक नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए है। बच्चों को ऐसे एल्गोरिदम से बचाना होगा, जो लत लगाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। यह हमें अपने घरेलू प्लेटफॉर्म बनाने का मौका भी देता है, जो सिर्फ एंगेजमेंट पर नहीं, बल्कि ग्रोथ पर फोकस करते हैं।"केंद्र सरकार इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 में बदलाव करके 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को रोकने पर विचार कर रही है। जब से ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह से बैन करने की घोषणा की है, उसकी कई बड़ी हस्तियों ने तारीफ की। इनमें, सोनाक्षी सिन्हा, सोनू सूद और शिल्पा शेट्टी समेत कई सेलेब्स शामिल थे।

बिज़नेस

भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित हुई एआई समिट : टाटा संस के चेयरमैन का दावाः समिट के जरिए दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

टाटा संस के चेयरमैन का दावाः समिट के जरिए दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुई है। उनके अनुसार, इस मंच के जरिए भारत ने वैश्विक समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में उसका विजन क्या है और वह इसे किस स्तर तक ले जाने की क्षमता रखता है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस समिट में दुनिया भर के उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।समिट के दौरान एक विशेष बातचीत में चंद्रशेखरन ने कहा कि यह आयोजन भारत की एआई से जुड़ी पहलों, नीतियों और दीर्घकालिक रणनीतियों को प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच बना। उन्होंने कहा कि देश न केवल एआई तकनीक को अपनाने में तेजी दिखा रहा है, बल्कि इसके लिए आवश्यक मजबूत डिजिटल अवसंरचना भी तैयार कर रहा है।समिट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक ओपन एआई और टाटा समूह के बीच रणनीतिक साझेदारी रही। इस साझेदारी के तहत भारत में स्थानीय स्तर पर एआई-आधारित अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन डेटा सेंटरों को डेटा रेजिडेंसी, उच्च स्तरीय सुरक्षा और दीर्घकालिक घरेलू क्षमता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि संवेदनशील और सरकारी कार्यों के लिए सुरक्षित एआई समाधान उपलब्ध कराए जा सकें।चंद्रशेखरन ने बताया कि टीसीएस के हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर कारोबार की पहली ग्राहक ओपनएआई होगी। इस परियोजना की शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से की जाएगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 1 गीगावाट तक ले जाया जा सकता है। यह अवसंरचना ओपनएआई के सबसे उन्नत मॉडलों को भारत में सुरक्षित और कम विलंबता (लो लेटेंसी) के साथ संचालित करने में सक्षम बनाएगी।उन्होंने कहा कि यह सहयोग भारत को वैश्विक एआई हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय डेटा प्रोसेसिंग और भंडारण से न केवल सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारतीय उद्योगों को भी एआई समाधानों का तेजी से लाभ मिल सकेगा। इससे वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव की संभावना है।चंद्रशेखरन ने यह भी बताया कि टाटा समूह आने वाले वर्षों में अपने कर्मचारियों के बीच चैटजीपीटी एंटरप्राइज को लागू करने की योजना बना रहा है। इसकी शुरुआत टीसीएस के लाखों कर्मचारियों से होगी। यह पहल दुनिया के सबसे बड़े एंटरप्राइज एआई डिप्लॉयमेंट में से एक मानी जा सकती है। इसके माध्यम से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और कौशल विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने कहा कि ओपनएआई और टीसीएस के लिए यह उद्योगों को रूपांतरित करने का अनूठा अवसर है। साथ मिलकर दोनों संस्थाएं भारत के युवाओं को एआई युग के लिए तैयार करेंगी और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाएंगी। समिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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#shorts शादी के लिबास में वड़ा पाव गर्ल, उठे सवाल  #hindinews #newstoday #breakingnews #news #viral

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खेल

रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जम्मू-कश्मीर, : 67 साल में दोहराया इतिहास, सेमीफाइनल में बंगाल जैसी मजबूत टीम को शिकस्त देकर रचा इतिहास

67 साल में दोहराया इतिहास, सेमीफाइनल में बंगाल जैसी मजबूत टीम को शिकस्त देकर रचा इतिहास

कल्याणी। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल में बंगाल जैसी मजबूत टीम को 6 विकेट से हराकर जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। 1959-60 में पहली बार रणजी खेलने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली।बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड, कल्याणी में खेले गए मुकाबले में जम्मू-कश्मीर को बंगाल के खिलाफ जीत के लिए 126 रन की जरूरत थी। जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। वंशराज शर्मा 43 और अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों के बीच 55 रन की नाबाद साझेदारी हुई। मैच पर नजर डालें तो जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। बंगाल की टीम ने सुदीप कुमार के 146, कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के 49, शहबाज अहमद के 42 और सुमंता गु्प्ता के 39 रन की बदौलत पहली पारी में 328 रन बनाए थे।जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी ने 5, सुनील कुमार ने 3, जबकि युदवीर सिंह और आबिद मुश्ताक ने 1-1 विकेट लिए। जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर सिमटी थी। अब्दुल समद ने सर्वाधिक 82 रन बनाए थे। कप्तान पारस डोगरा ने 58, और आकिब नबी ने 42 रन बनाए थे। युदवीर सिंह ने भी 22 रन की पारी खेली थी। बंगाल के लिए मोहम्मद शमी ने 8 और मुकेश कुमार ने 2 विकेट लिए थे। पहली पारी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 26 रन की महत्वपूर्ण बढ़त लेने वाली बंगाल की टीम दूसरी पारी में महज 99 रन पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी और सुनील कुमार ने 4-4 विकेट लिए, जबकि आबिद मुश्ताक ने 2 विकेट लिए। जीत के लिए 126 रन के लक्ष्य को जम्मू-कश्मीर ने 6 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। मैच में 9 विकेट लेने के साथ 42 रन बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

लाइफस्टाइल

न करें ये लापरवाही : प्रसव के बाद मां-बच्चे की सही देखभाल है जरूरी

प्रसव के बाद मां-बच्चे की सही देखभाल है जरूरी

नई दिल्ली । प्रसव के बाद का समय मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद नाज़ुक और महत्वपूर्ण होता है। डिलीवरी के बाद अक्सर ध्यान सिर्फ बच्चे पर चला जाता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि अगर मां स्वस्थ रहेगी तभी शिशु की सही देखभाल संभव है। इस समय थोड़ी-सी लापरवाही आगे चलकर मां और बच्चे दोनों की सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए प्रसवोत्तर देखभाल को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डिलीवरी के बाद मां का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। गर्भावस्था और प्रसव के दौरान शरीर की ताकत, खून और पोषक तत्व काफी हद तक कम हो जाते हैं। ऐसे में मां को पूरा आराम, सुकून भरा माहौल और परिवार का सहयोग मिलना बहुत जरूरी है। अत्यधिक काम करना, नींद पूरी न होने देना या मानसिक तनाव देना मां की रिकवरी को धीमा कर देता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस समय मां को चिंता, डर और तनाव से दूर रखना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर दूध बनने की प्रक्रिया पर पड़ता है।खान-पान की बात करें तो प्रसव के बाद हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक भोजन बहुत जरूरी होता है। हरी सब्जियां, दालें, दूध और दूध से बनी चीजें, थोड़ी मात्रा में घी, दलिया, खिचड़ी जैसे भोजन शरीर को ताकत देते हैं और पाचन भी ठीक रखते हैं। आयुर्वेद में मेथी, जीरा, सौंफ, अदरक और शतावरी को बहुत लाभकारी माना गया है। ये न सिर्फ शरीर की कमजोरी दूर करते हैं बल्कि मां के दूध की मात्रा बढ़ाने में भी मदद करते हैं। बहुत ठंडा, बासी या तला-भुना खाना इस समय नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इससे बचना चाहिए।शारीरिक देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। डिलीवरी के बाद हल्की मालिश, गुनगुने पानी से स्नान और धीरे-धीरे किए गए हल्के व्यायाम शरीर को फिर से संतुलन में लाने में मदद करते हैं। पेट और कमर की मांसपेशियां धीरे-धीरे मजबूत होती हैं और दर्द में भी राहत मिलती है। लेकिन किसी भी तरह की जल्दबाजी या तेज एक्सरसाइज से बचना चाहिए।अक्सर लोग इस समय मां की भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो गलत है। हार्मोनल बदलाव के कारण मां को उदासी, चिड़चिड़ापन या थकान महसूस हो सकती है। ऐसे में परिवार का प्यार, समझदारी और सहयोग बहुत मायने रखता है। अगर समय रहते सही देखभाल की जाए तो यह दौर मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित और सुखद बन सकता है।अब बात करें बच्चे की, तो जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए अमृत के समान होता है। इसे किसी भी बच्चे को पिलाना चाहिए। पहले छह महीने तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध देना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वह स्वस्थ रहता है। बच्चे की साफ-सफाई, गर्माहट और समय-समय पर स्तनपान का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है।

राजनीती

इंदौर में भाजयुमो का कांग्रेस कार्यालय घेराव : दोनों तरफ से पथराव और वॉटर कैनन से बिगड़े हालात, एसआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल

दोनों तरफ से पथराव और वॉटर कैनन से बिगड़े हालात, एसआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के घेराव के लिए गांधी भवन पहुंचे। यह प्रदर्शन दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में किया जा रहा था।भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पहले शहर में रैली निकालते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और फिर गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया। मौके पर पहले से भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने दोनों ओर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। जैसे ही कार्यकर्ताओं को रोका गया, माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।पूरे क्षेत्र में बना अफरा-तफरी का माहौलस्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, पत्थर, संतरे और टमाटर तक फेंके गए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भीड़ धीरे-धीरे तितर-बितर होने लगी।पथराव में सब इंस्पेक्टर घायलपथराव के दौरान सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उनके सीने के पास एक बड़ा पत्थर लगा, जिससे वे घायल हो गए। तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अन्य कुछ पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं।इलाके में अतिरिक्त बल तैनातघटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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