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मार्च के मध्य में ही सूरज ने दिखाए तीखे तेवर : मप्र के कई शहरों का पारा सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक, दो दिन तक भीषण गर्मी झेलने के बाद मिल सकती है राहत

मप्र के कई शहरों का पारा सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक, दो दिन तक भीषण गर्मी झेलने के बाद मिल सकती है राहत

भोपाल। मार्च के मध्य में ही सूरज ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश में जबरदस्त गर्मी महसूस की जा रही है। खासतौर पर दिन में गर्मी का अहसास सामान्य से अधिक हो रहा है। प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान (उच्चतम तापमान ) सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 40.4 डिग्री नर्मदापुरम में दर्ज किया गया। मौमस विभाग की मानें तो अगले 2 दिन तक तेज गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। वहीं, 18 और 19 मार्च को कई जिलों में बारिश हो सकती है। कल से दो दिनों तक प्रदेश के उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश की संभावना है। लिहाजा उस दौरान तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आने के आसार हैं। इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर और दक्षिणी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इससे भीषण गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। आठ जिलों में छाए रहेंगे बादल, बारिश का भी अलर्टग्वालियर, चंबल और महाकौशल के आठ जिलों में बादल छाये रहने के साथ-साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि भोपाल सहित विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम और राजगढ़ सहित अन्य जिलों में बारिश के आसार हैं। यहां प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश मे सबसे कम पारा पचमढ़ी में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बड़े शहरों में सामान्य से 4.5 तक ज्यादा पारा प्रदेश के बड़े शहरों में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा तापमान से जूझ रहे हैं। नर्मदापुरम में भीषण लू का प्रभाव बना रहा। वही भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में 3.4-4.5 डिग्री पारा दर्ज किया गया। इधर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों के जिलों में तापमान सामान्य से 2.6-2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंडप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है। वहीं, बारिश और आंधी का भी अलर्ट है।अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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मनोरंजन

ऑस्कर : 'होमबाउंड' का जादू चला पर ट्रॉफी रही दूर, नॉर्वे की 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने जीता अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म अवॉर्ड

'होमबाउंड' का जादू चला पर ट्रॉफी रही दूर, नॉर्वे की 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने जीता अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म अवॉर्ड

मुंबई । 98वें ऑस्कर अवार्ड्स में भारत की ओर से नीरज घेवान द्वारा निर्देशित फिल्म 'होमबाउंड' को आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा गया था और यह बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शीर्ष 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में शामिल रही, लेकिन फाइनल नॉमिनेशन तक नहीं पहुंच पाई। इस प्रतिष्ठित कैटेगरी में अब नॉर्वे की फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है। एकेडमी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म के जीत की घोषणा करते हुए लिखा, "नॉर्वे ने दुनिया के मंच पर अपनी जगह बनाई। फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' को इस साल बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर मिलने पर बधाई।"भले ही फिल्म 'होमबाउंड' इस साल आधिकारिक तौर पर ऑस्कर में एंट्री नहीं कर पाई, लेकिन इसके बावजूद यह भारत के लिए गौरव का क्षण रहा, क्योंकि बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने इस कैटेगरी का पुरस्कार प्रेजेंट किया। प्रियंका ने जेवियर बार्डेम के साथ स्टेज पर आकर 'सेंटीमेंटल वैल्यू' की टीम को ऑस्कर सौंपा।ऑस्कर जीतने से पहले यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहना बटोर चुकी थी। वहीं, नीरज घेवान की 'होमबाउंड' को 78वें कान्स फिल्म फेस्टिवल (2025) में जबरदस्त सराहना मिली। प्रतिष्ठित 'अन सर्टेन रिगार्ड' सेक्शन में प्रीमियर के दौरान फिल्म को 9 मिनट का लंबा स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह फिल्म 2025 में कान्स में चुनी गई एकमात्र भारतीय फीचर फिल्म थी।यह फिल्म उत्तर भारत के एक छोटे से गांव के दो दोस्त चंदन और शोएब की कहानी दिखाती है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर सम्मान पाने का सपना देखते हैं। पुलिस नौकरी को पाने के लिए उनके संघर्ष, सामाजिक समीकरण, आपसी दोस्ती और कोरोना महामारी के बैकग्राउंड दौरान घर वापसी की उनकी यात्रा जातिगत भेदभाव और गरीबी के दर्दनाक यथार्थ को दिखाती है।वहीं, फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' का निर्देशन प्रसिद्ध नॉर्वेजियन निर्देशक जोआचिम ट्रायर ने किया, जो अपनी 'ओस्लो ट्रिलॉजी' के लिए पहले से ही मशहूर हैं। 'सेंटीमेंटल वैल्यू' अगस्त 2025 में रिलीज हुई थी और इसे ऑस्कर में कुल 9 नामांकन मिले थे, जिसमें बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर और अन्य प्रमुख कैटेगरी शामिल थीं। यह एक फैमिली ड्रामा है, जिसकी कहानी दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य भूमिका में रेनेट रीन्सवे ने शानदार अभिनय किया है। फिल्म में एक एजिंग फिल्म डायरेक्टर और उसकी बेटियों के बीच के रिश्तों की जटिलताओं को दिखाया गया है।

बिज़नेस

रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य : वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।उन्होंने कहा, रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। पांडे ने कहा, हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा बड़ा असर उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है। पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहींउन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते। वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।आज के दौर में बहुत तेजी से फैलती है जानकारीसेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।

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खेल

पाकिस्तान क्रिकेट में उबाल : बांग्लादेश से हार के बाद मोहसिन पर फूट पड़े कामरान, बोले- क्या अब आईसीसी ट्रॉफी चुरा कर लाने का है इरादा

बांग्लादेश से हार के बाद मोहसिन पर फूट पड़े कामरान, बोले- क्या अब आईसीसी ट्रॉफी चुरा कर लाने का है इरादा

इस्लामाबाद। बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में उथल-पुथल मच गई है। तीन मैचों की इस सीरीज के निर्णायक मुकाबले में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 11 रनों से हराकर 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। इस हार ने न सिर्फ पाकिस्तानी टीम की कमजोरियों को उजागर किया बल्कि पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों के गुस्से को भी भड़का दिया। सबसे तीखी प्रतिक्रिया पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल की ओर से आई, जिन्होंने टीम मैनेजमेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर खुलकर हमला बोला।एक टीवी शो में बोलते हुए अकमल ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और टीम का प्रदर्शन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के लायक नहीं दिख रहा। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि अगर यही हाल रहा तो नीदरलैंड्स जैसी टीम भी पाकिस्तान को आसानी से चुनौती दे सकती है। अकमल के मुताबिक, टीम की रणनीति, चयन और नेतृत्व सबकुछ सवालों के घेरे में है।अकमल ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जब टीम मैदान पर जीत नहीं पा रही, तो क्या अब आईसीसी ट्रॉफी “चुरा कर” लाने का इरादा है। उनका यह बयान उस पुराने विवाद की ओर इशारा करता है जब एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत से हार के बाद भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था।रणनीति पर सवाल उठाते हुए अकमल ने कहा कि निर्णायक मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लेकर बड़ी गलती की। उनका मानना था कि पिच पूरी तरह बल्लेबाजी के अनुकूल थी और अगर पाकिस्तान पहले बैटिंग करता तो 350 रन तक का विशाल स्कोर खड़ा कर सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास आखिर में धीमे पड़ गए, जिसकी वजह से स्कोर 290 तक ही सीमित रह गया।मैच में पाकिस्तान के लिए सलमान अली आगा ने शानदार शतक जरूर लगाया, लेकिन उनके आउट होते ही पूरी पारी बिखर गई। आखिरी ओवर में जीत के लिए 14 रन चाहिए थे, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज सिर्फ दो रन ही बना सके और मैच हाथ से निकल गया। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान टीम की आलोचना तेज हो गई है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी टीम का सफर निराशाजनक रहा था और अब बांग्लादेश से सीरीज हार ने संकट को और गहरा कर दिया है।

लाइफस्टाइल

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज : 'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

नई दिल्ली । स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है। स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है 'बचाव'।स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। वहीं, 'बचाव' फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है।च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें। अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें।आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें। अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है। व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें।हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है। स्ट्रोक को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन 'बचाव' फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है।

राजनीती

बंगाल का चुनावी संग्राम : कांग्रेस नेता सिंघवी ने दीदी के साथ गठबंधन को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- इसके सिवाय पार्टी के पास विकल्प नहीं

कांग्रेस नेता सिंघवी ने दीदी के साथ गठबंधन को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- इसके सिवाय पार्टी के पास विकल्प नहीं

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 मई को पार्टियों के भाग्य का फैसला होगा। चुनाव से पहले आए सर्वे की मानें तो इस बार भाजपा बंगाल में टीएमसी को कड़ी टक्कर देती दिखाई दे रही है। मतदान से पहले राजनीतक दल गठबंधन करने को लेकर एक्टिव हो गए हैं। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन होना चाहिए। सही आंकड़े पर गठबंधन के सिवाय कोई और विकल्प नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, यह मेरा निजी मत है कि बंगाल में गठबंधन होना चाहिए। लेकिन कई कारण होते हैं, जिसके कारण गठबंधन नहीं हो पाते हैं। यह हमारा फैसला या कुछ नेताओं का फैसला नहीं हो सकता है। कांग्रेस में तीन-चार लोग ये फैसला लेते हैं।सिंघवी ने की ममता की सराहनाउन्होंने आगे कहा, मेरा अपना मानना है कि चुनाव का समय नजदीक आ चुका है, इसलिए सही आंकड़े पर गठबंधन के सिवाय कोई और विकल्प नहीं है। मैं फिर से कहूंगा कि यह मेरा निजी मत है। इसी बीच, सिंघवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में अगर कोई नेता है, जो जनता के दिल और दिमाग में बस चुका है, वह ममता बनर्जी हैं। उनकी नसों में बंगाल की संस्कृति और विरासत की दौड़ चल रही है।बंगाल की नश को समझती हैं ममताकांग्रेस नेता ने कहा कि ममता बनर्जी में बहुत ऊर्जा, ताकत, दिशा और गति है। वो बंगाल की नश को समझती हैं। भारत के नेताओं में सभी को मिलाकर विशेष रूप से महिलाओं को मिलाकर इनसे बेहतर राजनीति कोई नहीं कर सकता है। भाजपा के चुनावी कैंपेन को लेकर भी अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ष्मेरा मानना है कि भाजपा सिर्फ एक माहौल बना रही है। हर किसी की निजी जिंदगी कभी न कभी खत्म होती है। लेकिन यह समझना की भाजपा के लिए अब सही समय आ गया है तो यह बिल्कुल ऐसा नहीं है।बंगाल की जनता से न घबराने की अपीलअभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, हल्ला शोरगुल रहेगा, जैसे पिछली बार बनाया गया था। उस समय माहौल बना दिया गया था कि वह (भाजपा) जीत रहे हैं और 202, 225 और 250 जैसे आंकड़े दिए गए थे। लोगों को भी लगने लगा था कि बंगाल स्वीप कर रहा है, लेकिन खोदा पहाड़ और निकला चूहा वाली कहावत सिद्ध साबित हुई। इसलिए बंगाल की जनता घबराए नहीं, यह भाजपा की बिगुल बजाने की प्रवृति है।उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में पैसों का भी दुरुपयोग होगा और यह निश्चित रूप से होगा। इस मामले में दूसरी पार्टियों के मुकाबले भाजपा सैकड़ों कोस आगे है। भाजपा के मूल ढांचे को पूरी तरह से ऊपर-नीचे कर दिया है।

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