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महाशिवरात्रि पर भक्तों का जोश हाई: : धार्मिक नगरी से लेकर सोमनाथ तक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय, हरिद्वार में भी दिखा आस्था का अद्भुत नजारा

धार्मिक नगरी से लेकर सोमनाथ तक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय, हरिद्वार में भी दिखा आस्था का अद्भुत नजारा

उज्जैन/सोमनाथ। महाशिवरात्रि के पर्व पर रविवार को शिवालय हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे। शहर से लेकर गांव तक शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही। इस दौरान महादेव की आराधना की गई। मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन से लेकर बारह ज्योतिलिंर्गों में पहले स्थान पर विराजमान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि के दिन आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। पर ऐसा ही दृश्य धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। शहर के प्रमुख शिवालयों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। विशेष ज्योतिषीय महत्व के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बताई जा रही है।भक्त सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं और साथ ही बाबा के भजन भी गा रहे हैं। महिलाओं के बीच महाशिवरात्रि का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है, जो परिसर में महादेव की शादी के बारात गीत गा रही हैं।महाशिवरात्रि के अवसर पर एक श्रद्धालु ने कहा, "आज मैं महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रार्थना करने सोमनाथ आई हूं और यहां की व्यवस्था शानदार है क्योंकि भीड़ होने के बाद भी आराम से दर्शन करने का मौका मिल रहा है। सुबह की मंगला आरती बहुत सुंदर थी और सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित है। मेरा मानना है कि सबको एक बार दर्शन के लिए जरूर आना चाहिए।" पीएम मोदी की सराहना करते हुए महिला श्रद्धालु ने कहा, "मंदिर की साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर सरकार की तरफ से बहुत काम किया जा रहा है और प्रदेश में भी तेजी से विकास हो रहा है।"महाकाल मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीदवहीं महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल का विशेष भस्मारती समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पट रात 2.30 बजे से खोले गए, जो 44 घंटे तक लगातार खुले रहेंगे। महाशिवरात्रि पर मंदिर में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की उम्मीद है। देशभर में शिवरात्रि की धूम है, लेकिन उज्जैन में इसका विशेष महत्व है। यहां भस्मारती, विशेष श्रृंगार और शिव नवरात्रि जैसे आयोजन होते हैं। इस अवसर पर सेहरे का प्रसाद भी बांटा जाता है, जिसे लोग बहुत शुभ मानते हैं।पंचामृत अभिषेक और भस्मारतीमहाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 2.30 बजे बाबा महाकाल का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया और भस्मारती की गई। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।भस्मारती से पहले बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक हुआ। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और खांडसारी शक्कर शामिल थे। इसके बाद बाबा को चंदन का लेप लगाया गया और सुगंधित द्रव्य अर्पित किए गए। बाबा को उनकी प्रिय विजया (भांग) से श्रृंगारित किया गया और श्वेत वस्त्र पहनाए गए। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्मारती संपन्न हुई, जिसे देखकर भक्त भाव-विभोर हो गए।सेहरा सजावट और भस्मारतीशिवरात्रि के अगले दिन बाबा का सेहरा सजाया जाता है और दोपहर में भस्म आरती की जाती है। यह साल में केवल एक बार होता है। बाबा के सेहरे को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। लोग इसे बहुत शुभ मानते हैं और सेहरे के फूल-पत्तियों को संभालकर रखते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है।मंदिर में दिनभर की पूजा-अर्चनाभस्मारती उपरांत दद्योदक आरती और भोग आरती के बाद दोपहर 12 बजे उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ। शाम 4 बजे होल्कर और सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन और सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकालेश्वर की नित्य संध्या आरती हुई। रात्रि में 8 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण और पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के बाद आरती की गई। रात्रि 10.30 बजे से सम्पूर्ण रात्रि भगवान महाकालेश्वर का महाअभिषेक संपन्न हुआ। इसमें 11 ब्राह्मणों द्वारा रूद्रपाठ और विभिन्न मंत्रों के माध्यम से अभिषेक किया गया।भस्म लेपन, पंचामृत पूजन और पांच प्रकार के फलों से अभिषेक के बाद, भगवान को नवीन वस्त्र पहनाए गए और सप्तधान्य अर्पित किया गया। भगवान महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। सेहरा आरती के दौरान भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल और पंच मेवा का भोग अर्पित किया गया। 16 फरवरी 2026 को सुबह सेहरा दर्शन के उपरांत दिन में 12 बजे भस्मारती संपन्न होगी। इसके बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा।हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर के बाहर लगी लंबी कतारेंवहीं हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है तथा भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रात:कालीन मुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगाजल और पूजन सामग्री के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और पूरा मंदिर परिसर ह्लबोल बमह्व और हर-हर महादेव के जयघोष से निरंतर गूंज रहा है।दक्षेश्वर महादेव मंदिर पुजारी महंत रविंद्र पुरी ने कहा, "महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तराखंड और पूरे देश के सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं। फाल्गुन महीने में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि, दिवाली, होली और कालाष्टमी के साथ वर्ष की चार प्रमुख रातों में से एक है। आस्था की दृष्टि से दक्षेश्वर महादेव मंदिर की बहुत मान्यता है क्योंकि ये भगवान शिव की ससुराल है और मां सति का जन्मस्थान भी। 300 वर्षों बाद ऐसा शुभ-संयोग महाशिवरात्रि पर बना है, जिसमें कुंभ राशि में 5 ग्रह एक साथ आ रहे हैं और ऐसे में जो भी लोग भगवान शिव की मानसिक और शारीरिक रूप से पूजा करेंगे, उनकी हर मनोकामना पूरी होगी।"

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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मनोरंजन

ब्रह्मांड की पहली प्रेम कहानी! : सारेगामा ला रहा एनिमेटेड फिल्म ‘शिव सती’ दिव्य प्रेम कथा पर है आधारित

सारेगामा ला रहा एनिमेटेड फिल्म ‘शिव सती’ दिव्य प्रेम कथा पर है आधारित

मुंबई। संगीत और मनोरंजन की प्रमुख कंपनी सारेगामा ने एक बड़ी और रोमांचक घोषणा की है। कंपनी एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘शिव सती’ लेकर आ रही है, जो इसी साल देश भर के थिएटर्स में रिलीज होगी। यह फिल्म भगवान शिव और माता सती की दिव्य प्रेम कथा पर आधारित है, जिसे ब्रह्मांड की पहली प्रेम कहानी के रूप में पेश किया जा रहा है। शिव-सती की कथा प्रेम, त्याग, समर्पण और दिव्य मिलन की प्रतीक है। एनिमेटेड फॉर्मेट में यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को आकर्षित कर सकती है।सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अमेजिंग इंडियन स्टोरीज के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है। फिल्म को बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है, जिसमें आधुनिक एनिमेशन तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसे बड़े पर्दे के लिए स्पेशल लार्ज फॉर्मेट में तैयार किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को भव्यता, भावनाएं और दृश्यों का कमाल महसूस हो।फिल्म के निर्देशक मशहूर राइटर-फिल्ममेकर विवेक आंचलिया हैं, जिन्होंने पहले ‘नैशा’, ‘तिकदम’ और ‘राजमा चावल’ जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाई है। विवेक आंचलिया इस प्रोजेक्ट को कटिंग-एज एनिमेशन के साथ टाइमलेस कहानी को जोड़कर एक शानदार अनुभव के लिए तैयार कर रहे हैं। फिल्म अभी प्रोडक्शन के दौर में है।सारेगामा ने इंस्टाग्राम पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह एनिमेटेड फिल्म भारतीय पौराणिक कथाओं को नए अंदाज में पेश करेगी, जिसमें स्केल, इमोशन और स्पेक्टेकल भरपूर होगा। यह घोषणा वैलेंटाइन डे पर आई है, जो प्रेम की थीम वाली कहानी के लिए फिट बैठती है। सारेगामा पहले भी कई सफल प्रोजेक्ट्स में शामिल रही है और अब एनिमेशन के क्षेत्र में कदम रखकर भारतीय माइथोलॉजी को ग्लोबल स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है।भगवान शिव पर आधारित कई एनिमेटेड फिल्में बन चुकी हैं, दो यूट्यूब के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं। ये पौराणिक कथाओं को मजेदार तरीके से पेश करती हैं। इन एनिमेटेड फिल्मों में द डांसिंग गॉड शिवा, जिसमें भगवान शिव के तांडव नृत्य और उनकी शक्ति दिखाई गई है। वहीं, शिव पार्वती में शिव और पार्वती की प्रेम कथा और विवाह की खूबसूरत कहानी है। एक अन्य मूवी शिवा रू द सेक्रेट वर्ल्ड ऑफ वेदास सिटी शामिल है, जिसमें शिव की महिमा के साथ उनके रहस्यों को नए अंदाज में दिखाया गया है।

बिज़नेस

भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिकी दौरे को बताया प्रोडक्टिव-सकारात्मक : शेयर की ऐतिहासिक व्यापार समझौते की पूरी डिटेल

शेयर की ऐतिहासिक व्यापार समझौते की पूरी डिटेल

वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका में थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। जयशंकर ने अमेरिकी दौरे को प्रोडक्टिव और सकारात्मक बताया। उन्होंने ऐतिहासिक व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंध में मजबूत रफ्तार साफ दिख रही है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर ईएएम एस. जयशंकर ने लिखा, अमेरिका का एक प्रोडक्टिव और सकारात्मक दौरा खत्म हुआ। सेक्रेटरी रुबियो को उनकी अच्छी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद। ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू करता है, जिसमें संबंधों के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि हमारा जरूरी खनिज सहयोग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत की उम्मीद है। कुल मिलाकर एक मजबूत मोमेंटम दिख रहा है। इस अहम दौरे में विदेश मंत्री ने अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ मीटिंग भी की। इसमें अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ अलग-अलग मीटिंग शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर बड़े पैमाने पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि रुबियो के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका संबंध के कई अहम पहलुओं पर बात हुई। ईएएम जयशंकर ने कहा, भारत-यूएस रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर बात हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, जरूरी खनिज और तकनीक शामिल थे। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष फॉलो-अप कामों पर तेजी से आगे बढ़ने पर सहमत हुए। हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों की जल्द मीटिंग पर सहमति हुई।अमेरिकी विभाग की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो ने जरूरी मिनरल्स की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग पर द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक बनाने पर चर्चा की। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंध का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। बुधवार को हुई यह मीटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसका मकसद दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रुकावटों को कम करना और मार्केट एक्सेस को बढ़ाना है।

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#shorts शादी के लिबास में वड़ा पाव गर्ल, उठे सवाल  #hindinews #newstoday #breakingnews #news #viral

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#shorts एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत #hindinews #newstoday #breakingnews #news #viral

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#shorts UPI से PF निकालने की तैयारी #hindinews #newstoday #breakingnews #news #viral

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खेल

टी20 वर्ल्ड कप : इंतजार खत्म, आज कोलंबो में होगी जंबो जंग, इस टूर्नामेंट मेन इन ब्ल्यू का पलड़ा रहा है भारी

इंतजार खत्म, आज कोलंबो में होगी जंबो जंग, इस टूर्नामेंट मेन इन ब्ल्यू का पलड़ा रहा है भारी

कोलंबो। क्रिकेट फैंस के लिए यह वीकेंड किसी त्योहार से कम नहीं है। सुपर संडे पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक नहीं, बल्कि दो-दो मुकाबले खेले जाएंगे। एक ओर जहां कोलंबो में जहां टी20 विश्व कप का हाई-वोल्टेज मुकाबला होगा, तो वहीं दूसरी ओर महिला क्रिकेट में इंडिया ए और पाकिस्तान ए की टीमें एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में आमने-सामने होंगी। भारत और पाकिस्तान के बीच आर प्रेमदासा स्टेडियम में मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हाई-वोल्टेज मैच खेला जाना है। फैंस मुकाबले को लेकर बेहद उत्साहित हैं। टीम इंडिया की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में है, जबकि पाकिस्तान की अगुवाई सलमान अली आगा कर रहे हैं. भारत ने अपने पिछले मुकाबलों में अमेरिका और नामीबिया को हराया है, जबकि पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स और अमेरिका पर जीत दर्ज की है। भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा भावनाओं से जुड़ा होता है। दोनों देशों के फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार करते हैं. कोलंबो की पिच स्पिनरों को मदद दे सकती है, ऐसे में रणनीति और टीम संयोजन अहम भूमिका निभाएंगे।ग्रुप-ए की प्वाइंट्स टेबल में भारत शुरूआती दोनों मुकाबले जीतकर शीर्ष पर है। टीम इंडिया ने यूएसए के खिलाफ अपना पहला मैच 29 रन से जीता था, जिसके बाद नामीबिया को 93 रन से रौंदा। दूसरी ओर, ग्रुप-ए की अंकतालिका में दूसरे पायदान पर मौजूद पाकिस्तान ने भी अपने शुरूआती दोनों मुकाबले जीते हैं। इस टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ पहला मैच 3 विकेट से जीता था, जबकि यूएसए ने अपने पहले मैच को 32 रन से जीता।टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक कुल 8 मैच खेले गए हैं, जिसमें मेन इन ब्लू का पलड़ा भारी रहा है। टीम इंडिया ने 7 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि पाकिस्तान को साल 2021 में इकलौती जीत मिली थी। भारत ने आर प्रेमदासा स्टेडियम में साल 2009 से अब तक 15 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें 11 जीते और सिर्फ 4 मुकाबलों में हार मिली। भारत की टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह।पाकिस्तान की टीम: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।

लाइफस्टाइल

पाचन से लेकर थायरॉयड तक : सेहत को भला चंगा रखती है विपरीतकरणी मुद्रा

सेहत को भला चंगा रखती है विपरीतकरणी मुद्रा

नई दिल्ली । योगासन भारत की प्राचीन परंपरा है जो शारीरिक के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। विपरीतकरणी मुद्रा एक ऐसी ही प्रैक्टिस है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने से लेकर थायरॉयड तक को नियंत्रित रखती है। इसके अभ्यास से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इस मुद्रा के अभ्यास से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ को गिनाते हुए विस्तार से जानकारी देता है। विपरीतकरणी मुद्रा एक ऐसी योग मुद्रा है जिसमें पैर दीवार की तरफ ऊपर करके लेटा जाता है और शरीर को उल्टे स्थिति में रखा जाता है। यह मुद्रा प्राण ऊर्जा को ऊपर की ओर ले जाने में मदद करती है और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से शरीर के विभिन्न अंगों को लाभ पहुंचाती है।एक्सपर्ट के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। इस मुद्रा से सबसे पहले पाचन तंत्र में सुधार होता है। यह पेट के अंगों की मालिश करती है, जिससे भोजन अच्छी तरह पचता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है। कब्ज की समस्या को दूर करने में भी यह बहुत प्रभावी है। लंबे समय तक बैठे रहने या अनियमित खान-पान से होने वाली कब्ज से राहत मिलती है, क्योंकि मुद्रा आंतों में रक्त संचार बढ़ाती है।मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह मुद्रा फायदेमंद है। अभ्यास से मानसिक सतर्कता बढ़ती है, दिमाग शांत रहता है और एकाग्रता में सुधार होता है। तनाव और चिंता कम होने से व्यक्ति ज्यादा चुस्त-दुरुस्त महसूस करता है। त्वचा और बालों के लिए भी यह खास है। विपरीतकरणी मुद्रा से त्वचा में निखार आता है, क्योंकि चेहरे और सिर में रक्त प्रवाह बढ़ने से पोषण बेहतर मिलता है। साथ ही बालों से संबंधित समस्याएं भी दूर होती हैं, बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं।विपरीतकरणी मुद्रा का एक और बड़ा लाभ थायरॉयड नियंत्रण है। इससे गर्दन के क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि बेहतर काम करती है। हाइपोथायरॉयडिज्म जैसी समस्याओं में यह कारगर साबित हो सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, इसके रोजाना अभ्यास से शरीर और मन दोनों में संतुलन बना रहता है। हालांकि, शुरुआत में 5-10 मिनट से अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर या गंभीर समस्या वाले मरीजों को डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही अभ्यास करना चाहिए।

राजनीती

BJP ने सांसद मूल प्रस्ताव के जरिए राहुल की सदस्यता खत्म करने की मांग : 1978 की ऐतिहासिक संसदीय कार्यवाही का दिया हवाला, इंदिरा से जुड़ा है मामला

1978 की ऐतिहासिक संसदीय कार्यवाही का दिया हवाला, इंदिरा से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मूल प्रस्ताव लाने के फैसले के साथ 1978 की ऐतिहासिक संसदीय कार्रवाई का हवाला देकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। निशिकांत दुबे ने दिसंबर 1978 की उस घटना से तुलना की, जब इसी तरह के प्रस्ताव के आधार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी और उन्हें जेल भी भेजा गया था।संसदीय प्रक्रिया में मूल प्रस्ताव एक स्वतंत्र और स्पष्ट प्रस्ताव होता है, जिसे सदन के सामने निर्णय या राय व्यक्त करने के लिए रखा जाता है। इसे स्वीकार कर सदन में पेश किए जाने के बाद इस पर बहस होती है और अंत में मतदान कराया जाता है। निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए उनके लोकसभा सदस्य पद को रद्द करने और भविष्य के चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में 1978 के संसदीय रिकॉर्ड के अंश भी दिखाए और लिखा कि इसी तरह के प्रस्ताव के आधार पर इंदिरा गांधी की सदस्यता समाप्त हुई थी और उन्हें जेल भेजा गया था।1978 का मामला 22 नवंबर 1978 को लोकसभा में पेश किए गए मूल प्रस्ताव से जुड़ा था। यह प्रस्ताव विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट के आधार पर लाया गया था, जिसमें इंदिरा गांधी को सदन की अवमानना और विशेषाधिकार हनन का दोषी पाया गया था। आरोप 1975 के आपातकाल के दौरान की गई कार्रवाई से जुड़े थे, जिनमें उनके पुत्र संजय गांधी की मारुति परियोजना की जांच कर रहे चार सरकारी अधिकारियों को कथित रूप से बाधित करने, डराने-धमकाने और झूठे मामले दर्ज कराने का उल्लेख था।लंबी बहस के बाद 19 दिसंबर 1978 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा लाया गया प्रस्ताव पारित हुआ। इसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया और उन्हें संसदीय सत्र की शेष अवधि के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया। हालांकि, यह निष्कासन स्थायी नहीं रहा और 7 मई 1981 को सातवीं लोकसभा ने निर्णय वापस ले लिया, जब वे फिर सत्ता में लौटीं।गुरुवार को निशिकांत दुबे ने कहा था कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ मूल प्रस्ताव शुरू किया है और उन पर श्राष्ट्र-विरोधी ताकतोंश् के साथ होने का आरोप लगाया। यह कदम लोकसभा में एक दिन पहले हुई तीखी बहस के बाद सामने आया, जब राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस समझौते में भारत और उसके नागरिकों के हितों से समझौता किया गया है और भारत माता को बेच दिया गया है।उनके बयान पर सत्तापक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया और इसे श्असंसदीयश् बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। इसके बाद भाजपा सांसदों ने विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की घोषणा की और राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, खासकर जब देश के ऊर्जा और किसान हितों से जुड़े मुद्दे हों।बाद में गुरुवार शाम को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार ने फिलहाल अपना प्रस्ताव स्थगित कर दिया है, क्योंकि निजी सदस्य के रूप में निशिकांत दुबे का मूल प्रस्ताव पहले ही पेश किया जा चुका है।

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