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टीम इंडिया ने फतह किया अंडर-19 विश्व कप : बिहार में जश्न का माहौल, वैभव की तूफानी पारी पर यह बोले दादा

बिहार में जश्न का माहौल, वैभव की तूफानी पारी पर यह बोले दादा

, समस्तीपुर। बिहार में उस वक्त जश्न का माहौल तेज हो गया जब भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रनों की शानदार पारी खेली। सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मालूम था कि वे फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएंगे, लेकिन वे तो चक्रवात बन गए। समस्तीपुर में आईएएनएस से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी का पल है। वैभव ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। हालांकि, वे दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन कोई बात नहीं, उन्होंने बहुत शानदार खेल दिखाया। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी के बारे में कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है। हम शुरू से ही कह रहे थे कि वह फाइनल में शानदार खेलेगा।उन्होंने कहा कि 15 साल से कम उम्र का लड़का इतना शानदार खेल रहा है। उसने भले ही दोहरा शतक नहीं लगाया, लेकिन उसने सिर्फ 80 गेंदें खेलीं और 175 रन ठोक दिए। अगर दूसरे खिलाड़ियों का साथ मिलता तो और भी अच्छा खेलता।टीम इंडिया की सीनियर टीम का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में लाना चाहिए। वह भारतीय जर्सी के लिए दरवाजा तोड़ने को तैयार है और बहुत जल्द ही वह दरवाजा टूट जाएगा। मार्च के बाद वे सीनियर टीम का हिस्सा होंगे।उन्होंने एक पूर्व क्रिकेटर का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने उन्हें कमेंट्री पर सुना कि वे कह रहे थे कि यह 15 साल से कम उम्र का लड़का 100 मीटर के छक्के मार रहा है; इससे बढ़कर और क्या हो सकता है? यह बहुत बड़ी गर्व की बात है। वैभव देहात का लड़का है और आज शिखर पर पहुंच रहा है। हम सभी उसकी सफलता को लेकर बेहद खुश हैं।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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मनोरंजन

मनोज वाजपेयी की फिल्म के टाइटल के विरोध में उठे स्वर : बसपा सुप्रीमों ने भी सुनाई खरी-खरी, प्रतिबंध लगाने भी की मांग

बसपा सुप्रीमों ने भी सुनाई खरी-खरी, प्रतिबंध लगाने भी की मांग

नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडित के टाइटल को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम को जातिसूचक और एक विशेष समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इसके विरोध में आवाजें तेजी से उठ रही हैं। फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए फिल्म के टाइटल की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बीएसपी की यह मांग।फिल्म को लेकर सोशल मीडिया में बहस तेजफिल्म के विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। यूजर्स इसे धार्मिक और जातिगत भावनाओं पर हमला करार दे रहे हैं। नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की ओर से फिलहाल इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामलाइससे पहले, अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि टाइटल घूसखोर पंडित ब्राह्मण समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और जानबूझकर अपमानजनक बनाया गया है। याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने बताया कि नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म का प्रचार शुरू कर दिया है। श्पंडितश् शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जो ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाला है।उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की रिलीज से ब्राह्मण समुदाय की छवि को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचेगा और सामाजिक सद्भाव बिगड़ेगा। ऐसे में डर है कि यह शो सामूहिक मानहानि, हेट स्पीच और सांप्रदायिक तनाव पैदा करेगा, इसलिए उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप और अंतरिम रोक की मांग की है।

बिज़नेस

न लोन महंगे होंगे और न ही ईएमआई पर पड़ेगा असर : आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों पर दिया अपडेट

आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों पर दिया अपडेट

नई दिल्ली। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी शेयर कर दी है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25 फीसदी पर यथावत रखा गया है। ऐसे में न लोन महंगे होंगे और न ही ईएमआई पर कोई असर पड़ेगा। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट को नहीं बदलने का फैसला किया हैबता दें कि केंद्रीय बजट 2026 और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है, जिस पर दलाल स्ट्रीट और आर्थिक जगत की निगाहें टिकी थी। आरबीआई ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे यथास्थिति बनाए रखा है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जहां ग्‍लोबल लेवल पर अनिश्चितता फैली हुई है, वहीं भारत में महंगाई पूरी तरह से कंट्रोल है। महंगाई दर आरबीआई के सीमा से नीचे बना हुआ है। महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास बना हुआ है, जिसका मतलब है कि हमारी इंडस्‍ट्री और देश पर महंगाई का ज्‍यादा भार नहीं है।आरबीआई गवर्नर ने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और घरेलू मुद्रास्फीति व विकास का परिदृश्य सकारात्मक है। गवर्नर ने यह भी साफ किया कि भविष्य में मौद्रिक नीति संशोधित शृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ों से निर्देशित होगी। इससे पहले साल 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने उदार रुख अपनाते हुए रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की बड़ी कटौती की थी। दिसंबर 2025 में हुई साल की अंतिम मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट और घटा दिया गया, जिससे यह 5.5% से घटकर 5.25% पर आ गया था। 2026 की पहली एमपीसी के बाद मांग व खपत पर गवर्नर क्या बोले?अर्थव्यवस्था के चालकों पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने कहा कि कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार और अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर गति से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मांग के मोर्चे पर, ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि शहरी खपत में और वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार सौदा निर्यात की गति को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।आर्थिक अनुमानों पर क्या बोले गवर्नर?आरबीआई गवर्नर ने भविष्य के आर्थिक परिदृश्य पर भरोसा जताते हुए अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है, जिसके क्रमशः 6.9 फीसदी और 7 फीसदी रहने की उम्मीद है। महंगाई के मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है। वैश्विक हालात के बारे में बोलते हुए गवर्नर ने कहा कि जनवरी के अंत तक विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के बहुत ही स्वस्थ स्तर पर है और चालू वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा भी श्मध्यमश् रहने की उम्मीद है।

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प्रधानमंत्री विपक्ष को मूकदर्शक बनाकर रखना चाहते हैं #hindinews #latestnews #newstoday #pmmodi

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लता मंगेशकर को ज़हर देने का सनसनीखेज़ मामला #latestnews #newstoday #latamangeshkar #viralfeed

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#shorts : आतंकवादियों और उनके आकाओं को सजा जरूर मिलेगी #hindinews #latestnews #news   #breakingnews

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स्कूलों में मोबाइल पर ब्रेक! #hindinews #latestnews #newstoday #breakingnews #trending #news

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मासूमियत पर हैवानियत आरोपी ने की खुदकुशी #hindinews #latestnews #breakingnews #crime #viralfeed

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इंदौर में दूषित पानी से लगातार बढ़ती मौतें #hindinews #indore #water #latestnews #breakingnews

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खेल

टी20 विश्व कप में टीम इंडिया एनालिसिस : बैटिंग पावर, दमदार ऑलराउंडर और स्पिनर देश को फिर दिलाएंगे कप

बैटिंग पावर, दमदार ऑलराउंडर और स्पिनर देश को फिर दिलाएंगे कप

नई दिल्ली। डिफेंडिंग चैंपियन भारत पुरुष टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत शनिवार को करेगा। ग्रुप ए के इस मुकाबले में उसका सामना अमेरिका से होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मजबूत बल्लेबाजी, अच्छे ऑलराउंडर और अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में चल रहे स्पिन गेंदबाजों के दम पर भारत के पास लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का पूरा मौका है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीतकर टूर्नामेंट में उतर रही है। 2024 में बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारत का जीत प्रतिशत शीर्ष दस टीमों में सबसे अच्छा है। भारत सभी रैंकिंग में आगेटीम की ताकत की बात करें तो विश्व कप से पहले भारत सभी रैंकिंग में आगे है। वह नंबर एक टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती शीर्ष स्थान पर हैं। टीम की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण रन गति तेज रहती है और बड़े स्कोर बनाना आसान हो गया है। क्रिकेट-21 के अनुसार, वर्ल्ड कप 2024 के बाद के फेज में, भारत का रन रेट 9.9 सबसे ज्यादा है। प्रति बाउंड्री गेंदों के मामले में, भारत 4.4 के आंकड़े के साथ फिर से चार्ट में सबसे आगे है। भारत का दबदबा 200 से ज्यादा के टोटल के आंकड़ों में और भी साफ दिखता है, जब उन्होंने 2024 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ऐसे 13 से ज्यादा स्कोर बनाए हैं, जिनमें से 12 पहले बैटिंग करते हुए आए हैं।टीम को मजबूती देते हैं यहअभिषेक के अलावा ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे बल्लेबाज टीम को मजबूती देते हैं। हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर टीम का संतुलन बनाए रखते हैं। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी प्रभावी है। कमजोरी की बात करें तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह स्थिर नहीं दिखता। खासतौर पर इसलिए क्योंकि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने वाले खिलाड़ी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ईशान किशन अच्छी फॉर्म में हैं, जबकि संजू सैमसन संघर्ष कर रहे हैं।बाॅलिंग है कमजोर कड़ीबॉलिंग की बात करें तो पावरप्ले में गेंदबाजी के दौरान भारत कभी-कभी महंगा साबित हुआ है और विकेट भी कम मिले हैं। अंतिम ओवरों में भी यही समस्या देखने को मिली है। आठवें नंबर पर कौन खेलेगा, यह भी टीम के लिए एक सवाल बना हुआ है। टीम के पास अवसरों की बात करें तो 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने 2024 में फिर से खिताब अपने नाम किया और अब वह डिफेंडिंग चैंपियन है। उसे लगातार दूसरी बार खिताब जीतने, तीसरी बार विश्व कप अपने नाम करने और घरेलू मैदान पर फाइनल जीतने का इतिहास रचने का मौका है।टीम के सामने हैं कई चुनौतियां भीहालांकि टीम के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। वॉशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे और उनका खेलना अभी तय नहीं है। अगर वह टूर्नामेंट से बाहर रहते हैं, तो टीम को एक ऑलराउंडर की कमी खलेगी। साथ ही हार्दिक पांड्या का फिट रहना भारत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि उनकी गैरमौजूदगी ने 2023 के एकदिवसीय विश्व कप में टीम के संतुलन को प्रभावित किया था।

लाइफस्टाइल

वर्ल्ड कैंसर डे : बचाव संभव, इन आदतों से तौबा, तो इन्हें करें दिनचर्या में शामिल

बचाव संभव, इन आदतों से तौबा, तो इन्हें करें दिनचर्या में शामिल

नई दिल्ली । कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही आदतें अपनाकर और कुछ बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने, इस बीमारी के कारणों को समझने और बचाव के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समर्पित है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय कैंसर से बचाव के लिए कुछ आसान और प्रभावी सुझाव देता है, जिन्हें रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए तो जोखिम काफी कम हो सकता है। ये छोटी-छोटी आदतें अपनाकर न केवल कैंसर से बचा जा सकता है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर कर सकते हैं।मंत्रालय के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी कदम है, सबसे पहले तंबाकू और इसके सभी उत्पादों (सिगरेट, गुटखा, बीड़ी, पान मसाला, हुक्का आदि) से पूरी तरह दूर रहें। तंबाकू कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है, खासकर मुंह, फेफड़े, गले और पेट के कैंसर का। दूसरा, शरीर का वजन संतुलित रखें। मोटापा कई तरह के कैंसर (स्तन, आंत, किडनी, गर्भाशय आदि) का जोखिम बढ़ाता है। इसलिए संतुलित वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है। तीसरी जरूरी चीज है, नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट पैदल चलना, योग, साइकिलिंग या कोई भी शारीरिक व्यायाम कैंसर के खतरे को कम करता है। वहीं, फल, सब्जियां और पौष्टिक आहार का सेवन बढ़ाएं। रंग-बिरंगे फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और कम प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करते हैं। कैंसर के बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। डॉक्टर की सलाह से समय पर स्क्रीनिंग जैसे मैमोग्राफी, पेप स्मीयर, कोलोनोस्कोपी करवाएं। शुरुआती स्टेज में कैंसर पकड़ में आ सकता है, जिससे इलाज आसान और सफल होता है।

राजनीती

संसद आने से मैंने ही रोका मोदी को : ओम बिरला का चौंकाने वाला खुलासा- था अनहोनी का शक

ओम बिरला का चौंकाने वाला खुलासा- था अनहोनी का शक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार की शाम 5 बजे लोकसभा में धन्यवाद् प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण वे स्पीच देने लोकसभा नहीं गए और पीएम के जवाब के बिना ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग कराकर धन्यवाद प्रस्ताव को पास कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद पीएम मोदी को लेकर ओम बिरला ने सदन में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा कि पीएम मोदी के साथ सदन में अप्रत्याशित घटना हो सकती थी, एसे में हमने ही पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया था।सांसदों के अप्रिय और असंयमित व्यवहार को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। स्पीकर ओम बिरला ने साफ शब्दों में कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंच है और यहां इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि देश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने सभी सांसदों से संयम बरतने और संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि कल जो कुछ भी हुआ लोकतंत्र के इतिहास में काले धब्बे जैसा है। संसद केवल बहस का मंच नहींस्पीकर ओम बिरला ने यह भी खुलासा किया कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जवाब देने वाले थे, तब उन्हें ठोस जानकारी मिली थी कि कांग्रेस के कुछ सदस्य कोई अप्रत्याशित कदम उठा सकते हैं। इसी कारण उन्होंने स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अंत में कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।हंगामे के चलते लोकसभा स्थगितलगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन में व्यवस्था बनाए रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात काबू में नहीं आ सके।पीएम के बयान के बिना पारित हुआ धन्यवाद प्रस्तावलोकसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के अनुसार अपना भाषण नहीं दिया। 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब संसद में बिना प्रधानमंत्री के भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पास हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के संशोधनों को वोटिंग के लिए रखा, जो खारिज हो गए। इसके बाद अध्यक्ष ने 28 जनवरी को दिए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस बीच विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा।

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