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मप्र में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू : जयभान सिंह पवैया को मिली वित्त आयोग की बड़ी जिम्मेदारी, अन्य सदस्यों को जल्द मिलेगी शुखशबरी

जयभान सिंह पवैया को मिली वित्त आयोग की बड़ी जिम्मेदारी, अन्य सदस्यों को जल्द मिलेगी शुखशबरी

भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे प्रदेश की वित्तीय संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। राजधानी भोपाल से जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ के.के. सिंह को सदस्य और वीरेंद्र कुमार को सदस्य सचिव बनाया गया है, जबकि अन्य सदस्यों की नियुक्ति जल्द की जाएगी।यह आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 और मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के तहत गठित किया गया है। आयोग का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति का गहन पुनर्विलोकन करना और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए ठोस सिफारिशें देना होगा।राज्य वित्त आयोग के पास रहेगी यह बड़ी जिम्मेदारीराज्य वित्त आयोग कर, शुल्क, पथकर और फीस से प्राप्त आय को राज्य और स्थानीय निकायों के बीच किस प्रकार बांटा जाए, इसके सिद्धांत तय करेगा। साथ ही यह पंचायतों और नगरपालिकाओं को दिए जाने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधारों और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी सुझाव देगा।आयोग इन पर देगा अपनी अनुशंसाएंइसके अलावा आयोग भूमि कर के बंटवारे, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले राजस्व में हिस्सेदारी, स्थानीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी अनुशंसाएं देगा। जन सुविधाओं के विस्तार, सेवाओं की गुणवत्ता सुधार और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे भी इसकी प्राथमिकता में शामिल रहेंगे। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्षीय अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को सौंपेगा, जो प्रदेश के विकास और स्थानीय शासन को नई दिशा दे सकती हैं।

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मनोरंजन

'धुरंधर' हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा बदलाव : राम गोपाल ने थपथपाई आदित्य की पीठ

राम गोपाल ने थपथपाई आदित्य की पीठ

मुंबई । आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और इसका अगला भाग रिलीज के बाद से ही चर्चाओं में छाए हुए हैं और हर तरफ निर्देशक की तारीफ हो रही है। अब इस लिस्ट में मशहूर निर्देशक रामगोपाल वर्मा का नाम शामिल हो गया है। दरअसल, वर्मा ने निर्देशक आदित्य धर के शानदार काम को लेकर उनकी पीठ थपथपाई है। राम गोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा नोट शेयर किया। इस पोस्ट में निर्देशक ने 'धुरंधर' को हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा बदलाव बताया।उन्होंने लिखा कि यह फिल्म एक तरह का 'हॉरर' है, लेकिन डराने के लिए नहीं, बल्कि उन फिल्ममेकर्स के लिए जो सस्ता, दिखावटी और मसाला सिनेमा बनाकर नाम और पैसा कमाते हैं। रामगोपाल ने लिखा, "पहले का सिनेमा सिर्फ जोर-शोर वाली आवाजें और एक्शन दिखाता था, लेकिन अब ऐसा सिनेमा खत्म होने की कगार पर है। 'धुरंधर' उन फिल्ममेकर्स को डराएगी जो अभी भी 'सुपरहीरो' स्टाइल की पूजा करते हैं।"निर्देशक ने रणवीर सिंह के काम की तारीफ की। उन्होंने लिखा, "रणवीर सिंह के किरदार ने असली, जटिल और कमजोरियों वाले हीरो को जन्म दिया है, जो दर्द महसूस करता है और जिसके कामों से हीरोइज्म आता है न कि बैकग्राउंड म्यूजिक या दिखावे से। इस नए तरह के हीरो के सामने, पुराने 'देवता जैसे हीरो' अचानक हास्यास्पद लगेंगे, जैसे सर्कस में जोकर। उनके फैंस भी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन सुनकर बेबस महसूस करेंगे।"रामगोपाल ने लिखा कि यह फिल्म उन एक्शन सीन बनाने वालों के लिए भी डरावनी है, जहां फिजिक्स का मजाक उड़ाया जाता है और लोग 50 फुट ऊपर फेंके जाते हैं, उछलते हैं, विस्फोटों से बच जाते हैं और फिर भी डायलॉगबाजी करते हैं। अब दर्शक असली दर्द, खून और सच्चा एक्शन देखना चाहते हैं, पुराने 'उड़ते गुंडे' सीन नकली लगेंगे।रामगोपाल ने निर्देशक को चेतावनी देते हुए लिखा, "यह पैन इंडिया के निर्देशकों के लिए चेतावनी है, जो अब भी सोचते हैं कि किरदार सिर्फ हेयरस्टाइल, कपड़े, फोटोशॉप किए हुए सिक्स पैक और डिजाइनर कपड़ों से बनते हैं, ना कि उनकी मनोवैज्ञानिक गहराई से। धुरंधर में हीरो की ताकत दिमाग से आती है, न कि बाइसेप्स से। पुराने 'हेयर और कॉस्ट्यूम' वाले हीरो अब बच्चों जैसे लगेंगे।"रामगोपाल ने लिखा, "धुरंधर सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक फैसला है। आदित्य धर ने उस सिनेमा की कटाई कर दी जो दर्शकों की समझदारी का अपमान करता था, जिसमें कहानी की जगह चमक-दमक, हीरो को भगवान, और दर्शकों को भेड़ बनाया जाता था। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पुरानी सोच को दफन कर रहे हैं। आरजीवी ने चेताया कि अगर फिल्ममेकर्स अपनी फिल्मों के तरीके नहीं बदलते और धुरंधर को कई बार नहीं देखते, तो उनकी फिल्में और सोच बचना मुश्किल होगा। समस्या यह है कि उनके पास आदित्य धर जैसी समझ और दिमाग नहीं है।"

बिज़नेस

रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य : वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।उन्होंने कहा, रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। पांडे ने कहा, हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा बड़ा असर उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है। पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहींउन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते। वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।आज के दौर में बहुत तेजी से फैलती है जानकारीसेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।

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खेल

महिला टी-20 सीरीज : दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड को 18 रन से दी शिकस्त, खाका-म्लाबा की घातक गेंजबाजी बनी हार की वजह

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड को 18 रन से दी शिकस्त, खाका-म्लाबा की घातक गेंजबाजी बनी हार की वजह

हैमिल्टन। साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने मंगलवार को दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 18 रनों से हराया। हैमिल्टन के सेडन पार्क में साउथ अफ्रीका से मिले 178 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की पूरी टीम 159 रन बनाकर ऑलआउट हुई। साउथ अफ्रीका ने दूसरे टी20 में जीत के साथ ही सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है। 178 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जॉर्जिया प्लिमर महज एक रन बनाकर पवेलियन लौटीं। वहीं, विकेटकीपर-बल्लेबाज इसाबेला गेज भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और 6 रन बनाकर आउट हुईं। 31 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाने के बाद साउथ अफ्रीका की लड़खड़ाती हुई पारी को कप्तान अमेलिया केर और सोफी डिवाइन ने संभाला। दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 39 रन जोड़े। हालांकि, डिवाइन अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहीं और 18 गेंदों में 25 रन बनाकर पवेलियन लौटीं।अमेलिया केर ने 18 गेंदों में 6 चैकों की मदद से 32 रन बनाए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। इजी शार्प ने 21 गेंदों में 29 रन बनाए, जबकि जेस केर ने 10 गेंदों में 14 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका की तरफ से गेंदबाजी में अयाबोंगा खाका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 27 रन देकर 4 बड़े विकेट निकाले। वहीं, नॉनकुलुलको म्लाबा ने 27 रन देकर 3 विकेट चटकाए।इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 5 विकेट गंवाकर स्कोरबोर्ड पर 177 रन लगाए। टीम की ओर से ताजमिन ब्रिट्स ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों में 53 रनों की दमदार पारी खेली। वहीं, कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने 33 गेंदों में 41 रन बनाए। पहले विकेट के लिए ब्रिट्स और सुने लुस ने मिलकर 6.6 ओवर में 62 रन जोड़े और साउथ अफ्रीका को बढ़िया शुरुआत दी। लुस ने 21 गेंदों में 5 चैके और एक छक्के की मदद से 31 रन बनाए।इसके बाद कप्तान वोल्वार्ट और ब्रिट्स ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। ब्रिट्स ने अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 5 चैके और 3 छक्के लगाए। अंत के ओवरों में कायला रेनके ने सिर्फ 9 गेंदों में 311 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए नाबाद 28 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से गेंदबाजी में अमेलिया केर और जेस केर ने दो-दो विकेट चटकाए।

लाइफस्टाइल

ऐसी है बॉलीवुड की होली: : ‘शो मैन’ ने सिखाया रंगों से खेलना, यश चोपड़ा और बच्चन का ट्रेडिशनल रंग और ‘वक्त’ ने होली संस्कार

‘शो मैन’ ने सिखाया रंगों से खेलना,  यश चोपड़ा और बच्चन का ट्रेडिशनल रंग और ‘वक्त’ ने होली संस्कार

नीलम अहिरवार (इंटरटेनमेंट डेस्क)। कहते हैं रंगों में इतनी ताकत होती है कि वह दो दुश्मनों को भी करीब लेकर आ जाता है। फिल्मों और फेस्टिवल का नाता तो काफी पुराना है। दिलीप कुमार और राज कुमार  की फिल्म 'सौदागर' हो या फिर प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार की फिल्म 'वक्त',  इस रंग भरे फेस्टिवल की चमक आज भी फिल्मों में देखने को मिलती है क्योंकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में होली का त्योहार पारंपरिक उत्साह, संगीत और जीवंत रंगों के साथ मनाया जाता है. रील और रीयल लाइफ दोनों में यह प्यार, दोस्ती और मस्ती का प्रतीक है।  जहां सितारे एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर जश्न मनाते हैं। फिल्मों में तो होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन तो हमने देखा ही है, लेकिन इंडस्ट्री में भी राज कपूर से लेकर अमिताभ बच्चन और समेत कई सितारे ऐसे हैं, जो अपने घरों में होली का सेलिब्रेशन बहुत ही धूमधाम से करते थे. राज कपूर की ऐतिहासिक होली बॉलीवुड के शोमैन के नाम से पहजाने जाने वाले राज कपूर की होली पार्टी की रौनक अलग होती थी। उनके आर के स्टूडियो में ढोल-नगाड़ों के साथ होली सेलिब्रेशन शुरू होता था। खुद राज कपूर साहब मेहमानों को अटैंड किया करते थे। राज कपूर की होली पार्टी पूरे बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए होती थी, क्योंकि ये होली पार्टियां सिर्फ सितारों तक ही सीमित नहीं थीं। हर डिपार्टमेंट से टेक्निशियन, प्रोडक्शन स्टाफ और क्रू इसका हिस्सा होते थे। एक दौर था, जब राज कपूर के आर के स्टूडियो में पूरा बॉलीवुड जमा होता था। खूब रंग-गुलाल उड़ता था, एक बड़ी सी पानी की टंकी हुआ करती थी, जिसमें खूब सारा रंग भरा होता था। जो मेहमान आता था उसे रंग भरी टंकी में डूबो दिया जाता था। खाने-पीने और नाच गाने का लंबा दौर चलता था। फिल्मी दुनिया की होली की जब भी बात होती है तो सबसे पहला नाम राज कपूर का ही आता है। आरके स्टूडियो में होने वाली होली के बारे में 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान अपने परदादा की इस होली पार्टी के बारे में एक्टर रणबीर कपूर ने भी बताया था। उन्होंने कहा था कि उस वक्त वो बहुत छोटे थे और काले पीले रंगों में रंगे लोगों को देख वो काफी घबरा जाते थे। रणबीर ने कहा था, “मैं बहुत छोटा था तो मेरे लिए ये बहुत डरावना माहौल होता था। हर कोई काले और कई रंगों से रंगा होता था, सबको ऐसे ट्रंक में फेंका जा रहा है।” आरके स्टूडियो में होली पार्टी का सिलसिला साल 1998 तक चलता रहा। लेकिन राज कपूर के निधन के बाद ये पार्टी बंद हो गई। कहते हैं कि करीब 32 साल से इस स्टूडियो में होली रौनक देखने को नहीं मिली। निर्माता यश चोपड़ा की यादगार होली इंडस्ट्री के निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा को होली बेहद पसंद थी।  'सिलसिला' और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ सहित कई यादगार फिल्में देने वाले यश चोपड़ा को होली खेलना बेहद पसंद था।  इसका अंदाजा आप उनकी फिल्मों से भी लगा सकते हैं। यश चोपड़ा अपने ग्रैंड स्टूडियो 'यशराज' में होली पार्टी का आयोजन करते थे। उनकी होली पार्टी में अमिताभ बच्चन से लेकर रूमी जाफरी सहित बॉलीवुड सितारे तो शामिल होते ही थे।  बड़े-बड़े बिजनेसमैन भी इसका हिस्सा बनते थे। हालांकि यश चोपड़ा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन बंद कर दिया। 80 के दशक में महानायक के घर पर होती थी होली पार्टी सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के घर होने वाली होली पार्टी की अलग रौनक होती थी। अपने आइकॉनिक होली गीतों पर अमिताभ डांस करते थे। सभी मेहमानों को खुद जाकर बिग बी अटेंड करते थे। जिन-जिन सेलेब्स ने उस दौर में अमिताभ बच्चन की होली पार्टी अटेंड की थी,  आज भी वो लोग उस पार्टी को याद करते हैं। वक्त बदला सितारों के रंग भी बदले और होली के रंग धीरे धीरे चुनिंदा परिवारों तक सीमित रह गई। जावेद और शबाना की ‘दिलवालों की होली’ लेखक और संगीतकार जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी के घर की होली का इंतजार हर किसी को रहता है। वहीं जावेद अख्तर और शबाना आजमी हर साल पूरी मस्ती के साथ होली खेलते हैं। इस होली के वीडियो सामने आते रहते हैं। यहां कपल सफेद कपड़े पहनते हैं, सिर पर पगड़ियां बांधते हैं। यही नहीं, जहां दोनों रंग में सराबोर है,  वहीं एक दूसरे के खूब रंग भी लगा रहे हैं। वहीं बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने माने सितारे इनकी होली पार्टी में शामिल होते हैं। एकता कपूर और टीवी स्टार्स की होली बॉलीवुड की फेमस निर्माता-निर्देशक और टीवी इंडस्ट्री की क्वीन एकता कपूर कीहोली पार्टी टेलीविजन और बॉलीवुड इंडस्ट्री में बहुत मशहूर हैं, जो अक्सर उनके मुंबई स्थित आवास पर आयोजित की जाती हैं। यहां टीवी इंडस्ट्री के जाने माने सितारे मौजूद रहते हैं। पार्टी में डांस डीजे के साथ रंग गुलाल का फुल ऑन इंतजाम रहता है। यहां सितारे एक दूसरे के गिले शिकवे भूलकर एक साथ एक मंच पर होली खेलते नजर आते हैं। टीवी के अधिकतर सितारे एकता कपूर की होली पार्टी में शिरकत करना नहीं भूलते हैं। उनकी होली पार्टी की फोटोज भी देखने लायक होती हैं। अंकिता लोखंडे और विक्की जैन की महंगी पार्टीटीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन शादी के बाद से ही ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते आ रहे हैं। उनकी होली पार्टी में टीवी सितारों का भी खूब मेला लगता है। बीते साल अंकिता-विक्की की होली पार्टी में 'बिग बॉस 17' स्टार्स ने भी शिरकत की थी। इनकी होली पार्टी में पूरा वीडियो शूट भी होता है जिसे अंकिता अपने ब्लॉग पर भी शेयर करती हैं। होली पार्टी की शुरूआत पूजा से होती फिर अंकिता अपने पति विक्की जैन को रंग लगाती हैं और सितारों का मेला भी शुरू हो जाता है। यहां जमकर मस्ती धमाल मचाया जाता है। अंकिता लोखंडे मुंबई के एक बड़े होटल में शानदार होली पार्टी रखती हैं। रवि दुबे और सरगुन मेहता की रंगीली होलीटीवी इंडस्ट्री के एक्टर और प्रोड्यूसर जोड़ी रवि दुबे और सरगुन मेहता भी हर साल ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते हैं। वे अपने साथ काम कर चुके सितारों के साथ तो जश्न मनाते ही हैं, साथ ही इंडस्ट्री में मौजूद खास दोस्तों को भी न्योता देना नहीं भूलते। बीते साल रवि-सरगुन ने मुंबई में दोस्तों के साथ होली मनाई थी। वहीं टीवी की फेमस एक्ट्रेस रूपाली गांगुली यूं तो 'अनुपमा' के सेट पर ही सभी कलाकारों के साथ होली मना लेती हैं। लेकिन एक्ट्रेस घर पर भी पार्टी करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। रुपाली गांगुली की होली पार्टी में परिवार के साथ-साथ खास दोस्त भी शामिल होते हैं। अंबानी परिवार की होली और बॉलीवुड का नाताअब बात उस परिवार की जिसकी हर पार्टी में शामिल होना हर किसी का सपना होता है। यहां स्टाइल और फैशन के साथ ही संस्कारों का रंग भी देखने को मिलता है। मुकेश अंबानी और नीति अंबानी की होली पार्टी लग्जिरियस होती है। यहां बॉलीवुड,  टीवी,  बिजनेस और क्रिकेट जगत के लोग शामिल होते हैं। इनकी पार्टी की बात की निराली होती है। आखिर इस दुनिया की सबसे महंगी होली पार्टी माना जाता है। दुनिया भर में अंबानी की पार्टीज की चर्चा कई दिनों तक होती है। इनकी पार्टी में स्टार्स फैशनेबल दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भई यही तो मौका होता वर्ल्ड लेवल पर अपने रंगत बिखेरने का। आखिर आम लोगों के साथ ही सितारों में भी इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने की उत्सुकता देखने को मिलती है। यही वो टाइम भी होता है, जब बी टाउन के सितारे एक से बढ़कर एक लैविश ड्रेस पहन हाई प्रोफाइल पार्टी अटेंड करते हैं।

राजनीती

मप्र में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू : जयभान सिंह पवैया को मिली वित्त आयोग की बड़ी जिम्मेदारी, अन्य सदस्यों को जल्द मिलेगी शुखशबरी

जयभान सिंह पवैया को मिली वित्त आयोग की बड़ी जिम्मेदारी, अन्य सदस्यों को जल्द मिलेगी शुखशबरी

भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे प्रदेश की वित्तीय संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। राजधानी भोपाल से जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ के.के. सिंह को सदस्य और वीरेंद्र कुमार को सदस्य सचिव बनाया गया है, जबकि अन्य सदस्यों की नियुक्ति जल्द की जाएगी।यह आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 और मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के तहत गठित किया गया है। आयोग का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति का गहन पुनर्विलोकन करना और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए ठोस सिफारिशें देना होगा।राज्य वित्त आयोग के पास रहेगी यह बड़ी जिम्मेदारीराज्य वित्त आयोग कर, शुल्क, पथकर और फीस से प्राप्त आय को राज्य और स्थानीय निकायों के बीच किस प्रकार बांटा जाए, इसके सिद्धांत तय करेगा। साथ ही यह पंचायतों और नगरपालिकाओं को दिए जाने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधारों और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी सुझाव देगा।आयोग इन पर देगा अपनी अनुशंसाएंइसके अलावा आयोग भूमि कर के बंटवारे, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले राजस्व में हिस्सेदारी, स्थानीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी अनुशंसाएं देगा। जन सुविधाओं के विस्तार, सेवाओं की गुणवत्ता सुधार और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे भी इसकी प्राथमिकता में शामिल रहेंगे। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्षीय अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को सौंपेगा, जो प्रदेश के विकास और स्थानीय शासन को नई दिशा दे सकती हैं।

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