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हम चैंपियन थे, चैंपियन हैं... : टीम इंडिया ने जीता सारा जहां, सूर्या ब्रिगेड ने तोड़ा नमो स्टेडियम का मिथक और भारत लगातार दूसरी बार बना टी-20 चैंपियन

टीम इंडिया ने जीता सारा जहां, सूर्या ब्रिगेड ने तोड़ा नमो स्टेडियम का मिथक और भारत लगातार दूसरी बार बना टी-20  चैंपियन

नई दिल्ली। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। करीब 90 हजार दर्शकों की गूंज के बीच भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम की इस महाजीत के साथ ही अहमदाबाद के इस मैदान से 19 नवंबर 2023 की हार की याद भी खत्म हो गई।कप्तान सूर्या की अगुवाई में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब का सफल बचाव किया। यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी20 विश्व कप जीता और साथ ही खिताब बचाने का कारनामा भी किया। इस जीत के साथ ही भारतीय मेन्स टीम टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम बन गई है। भारत ने 2007, 2024 और 2026 में खिताब जीते हैं, जबकि इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमों ने दो-दो बार यह ट्रॉफी जीती है।महान कप्तानों की सूची में शामिल हुए सूर्यकुमार33 साल की उम्र में कप्तानी संभालने वाले सूर्यकुमार यादव अब उन भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विश्व कप जिताया है। इस सूची में कपिल देव, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।अहमदाबाद का मिथक टूटा इस महामुकाबले से पहले हर किसी के मन में ये सवाल था कि आखिर भारत यहां कैसे मुकाबला जीतेगा। इसके पीछे 2023 की वो कड़वी याद थी जब टीम इंडिया ने वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल आॅस्ट्रेलिया के सामने यहीं गंवाया था। तब भारत अजेय रहते हुए फाइनल में पहुंचा था लेकिन वह खिताब नहीं जीत सका था। इस टूनार्मेंट में भी भारत केवल एक मैच हारा था। वो मैच भी साउथ अफ्रीका के साथ इसी मैदान पर था। इसलिए फैन्स के मन में ये सवाल कौंध रहा था कि आखिर टीम इंडिया अहमदाबाद का मिथक कैसे तोड़ेगी। लेकिन चैम्पियन टीम मिथकों और तमाम रिकॉर्ड्स को तोड़कर ही बना जाता है। भारतीय टीम ने अपनी हर पिछली हार से सबक लिया। और सबसे बड़ी बात इस बार टीम इंडिया ने अहमदाबाद की पिच को अच्छे से समझा और उसी हिसाब से प्लानिंग की।भारत की तूफानी बल्लेबाजीन्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। भारत ने 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टूनार्मेंट में शानदार फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन ने एक बार फिर धमाकेदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 46 गेंदों में 89 रन बनाए और तीसरी बार शतक से थोड़ा पीछे रह गए। उनके अलावा ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन की तेज पारी खेली। अंत में शिवम दुबे ने सिर्फ 8 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाकर टीम को 250 के पार पहुंचा दिया। यह लगातार दूसरा मौका था जब भारत ने इस टूनार्मेंट में 250 से ज्यादा रन बनाए।लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखरी न्यूजीलैंड256 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरूआत से ही दबाव में दिखी। पावरप्ले के अंदर ही उसके तीन विकेट गिर गए और टीम मैच में पीछे हो गई। नौवें ओवर तक न्यूजीलैंड का स्कोर 5 विकेट पर 72 रन हो चुका था और तभी से मैच का नतीजा लगभग तय हो गया था। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की पूरी टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेट दिया। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट हासिल किए।

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क्रिकेट के भगवान की बहू बनी सानिया : लाल-हरी चूड़ियों ने लुक में लगाए चार चांद, सचिन की लाड़ली पर टिक रही थी हर किसी की निगाहें

लाल-हरी चूड़ियों ने लुक में लगाए चार चांद, सचिन की लाड़ली पर टिक रही थी हर किसी की निगाहें

नीलम अहिरवारक्रिकेट के भगवान कह जाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर 5 मार्च को शादी के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में अर्जुन तेंदुलकर ने अपनी लॉन्ग टार्म गर्लफ्रेंड सानिया चंडोक को अपना हमसफर बनाया। दोनों की शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग बनी हुई हैं। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अर्जुन और सानिया ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई। मंडप के नीचे पूरा तेंदुलकर परिवार नजर आया। शादी की रस्मे खत्म होने के बाद अर्जुन और सानिया मीडिया अटेंशन वेन्यू से बाहर आए। वीडियो और तस्वीरों में सानिया बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं। लुक की बात करें तो दुल्हन सानिया ने अपनी शादी के लिए एकदम ही मिनिमल और ट्रेडिशनल चीजें चुनी थीं। गोल्डन वर्क वाली साड़ी के साथ उन्होने डायमंड की ज्वेलरी पहनी हाथों में हाथफूल की जगह उन्होने काफी यूनिक ब्रेसलेट पहना था। वहीं लाल-हरी चूड़ियां और सोने का मंगलसूत्र सानिया के लुक में चार चांद लगा रहे थे। सानिया ने साड़ी के साथ ट्रेंडी डायमंड और एमरल्ड की ज्वेलरी पहनी थी। सानिया ने दो हार पहने थे, जो बहुत ही एलिगेंट लगे। मांगटीका, छोटी सी बिंदी लगाई हुई थी उन्होने बाल भी मिडिल पार्टिशन करके हल्के से सॉफ्ट कर्ल्स करके स्टाइल किए थे। वहीं तेंदुलकर परिवार और चंडोक परिवार मीडिया अक्ट्रेक्शन के लिए बाहर आया तो हर किसी की निगाहें सचिन की लाडली बिटिया सारा पर टिक गई। सारा तेंदुलकर अपने भाई की शादी में मनीष मल्होत्रा ​​की डिजाइन की हुई सॉफ्ट पिंक मार्मलेड साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थीं। साड़ी में हल्की सोने की कढ़ाई और बॉर्डर पर बारीक सेक्विन का काम था, जो इसे शाही और सुंदर लुक दे रहा था। फैमिली फंक्शन की कई तस्वीरों और वीडियो में सारा तेंदुलकर को खूबसूरत अंदाज में पोज देते हुए देखा जा सकता है।वहीं यह पहली बार नहीं है, जब सारा तेंदुलकर ने अपने भाई की वेडिंग डायरी से शानदार लुक्स से अपने फैंस को इम्प्रेस किया है। प्री-वेडिंग सेरेमनी के लिए, उन्होंने मशहूर डिजाइनर अर्पिता मेहता के कलेक्शन से एक कस्टम मल्टी-कलर गुजराती लहंगा चोली पहना था। इस ड्रेस में बारीक डिटेलिंग के साथ छोटा सा मिरर वर्क था, जिसे मैचिंग ब्राइट ग्रीन दुपट्टे ने पूरी तरह से कॉम्प्लिमेंट किया। चलिए तेंदुलकर परिवार के बाद बात करते हैं इस हाई प्रोफाइल शादी में आए मेहमानों की…जहां शादी में बॉलीवुड, क्रिकेट, राजनीति और बिजनेस की दुनिया के बड़े-बड़े लोग पहुंचे। बात अरग बॉलीवुड स्टार्स की करें तो खास मेहमानों की लिस्ट में शाहरुख खान और आमिर खान का नाम भी शामिल था, जहां शाहरुख खान अपनी पत्नी गौरी और बेटी सुहाना के साथ शादी में शामिल हुए। जहां किंग खान ने बेज रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना था. तो गौरी ने यलो रंग की साड़ी वहीं बेटी सुहाना ने जबकि सुहाना ने हल्के सुनहरे लहंगे में सबका ध्यान खींचा। शाहरुख ने आने पर अपने मशहूर अंदाज में सबको सलाम किया।हालांकि एक्टर आमिर खान शादी में अकेले पहुंचे और पैपराजी को जमकर पोज दिए। वहीं बच्चन परिवार भी शादी में शामिल हुआ। वहीं अभिषेक बच्चन अपनी पत्नी ऐशवर्या राय बच्चन के साथ शादी में शामिल हुए…इस दौरान ऐशवर्या ने लाइट ब्लू कलर का हैवी कढ़ाई वाला सूट पहना था। जिसमें वो बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं तो उनके पति ब्लैक शेरवानी में नजर आए।बता दें कि अक्सर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के तलाक की अफवाह उड़ती रहती है। लेकिन दोनों समय-समय पर एक-दूजे के साथ नजर आकर इन अफवाहों पर विराम लगा देते हैं वहीं अंबानी परिवार भी शादी में शामिल हुआ। शादी के लिए मुकेश अंबानी उनकी पत्नी नीता अंबानी और उनके बड़े बहू-बेटे आकाश और श्लोका पहुंचे थे। पूरा अंबानी परिवार बहुत ही स्टाइलिश और ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचा था अर्जुन और सानिया की शादी के लिए श्लोका ने बहुत ही ज्यादा स्टाइलिश इंडो वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। वहीं अर्जुन की शादी में कई पूर्व क्रिकेटर पहुंचे।जहां आकाश चोपड़ा अपनी पत्नी के साथ नजर आए । वहीं हरभजन सिंह अपनी पत्नी गीता के साथ शादी में शामिल हुए..तो युसूफ पठान अपनी पत्नी आफरीम के साथ शादी में शामिल हुए..पूर्व इंडियन टीम के कप्तान एमएस धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ शादी में शामिल हुए। बेहद सादगीभरे अंदाज में नजर आए। तो वहीं पूर्व क्रिकेटर जहीर खान भी अपनी पत्नी के साथ नजर आए..सागरिका और जहीर खान काफी वक्त के बाद किसी पार्टी में नजर आए थे। सहवाग और युवराज सिंह भी शादी में शामिल हुए। इसके अलावा भी शादी में कई नामी गिरानी किकेटर और बॉलीवुड स्टार्स शामिल हुए..वहीं राजनीतिक गलियारों से जुड़ी हस्तियां भी शादी में शामिल हुईं, जिसमें MNS प्रमुख राज ठाकरे, NCP सांसद प्रफुल्ल पटेल शादी में शामिल हुए। बता दें कि अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में प्राइवेट तरीके से हुई थी। शादी की रस्में 3 मार्च से शुरू हुईं, जिसमें मेहंदी और संगीत जैसे पारंपरिक कार्यक्रम हुए। जहां कई जाने मानें लोग शामिल हुए। मुख्य शादी 5 मार्च को मुंबई में भव्य तरीके से हुई। सानिया मुंबई के एक बड़े बिजनेस परिवार से हैं। वह उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। यह शादी क्रिकेट, फिल्म और बिजनेस की दुनिया को एक साथ लाने वाला खास मौका बना। यह एक यादगार और भव्य शादी रही, जिसमें शामिल हुए सभी सितारों, क्रिकेटर्स और बाकी मेहमानों ने नवविवाहित जोड़े को ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद दिया।

बिज़नेस

भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित हुई एआई समिट : टाटा संस के चेयरमैन का दावाः समिट के जरिए दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

टाटा संस के चेयरमैन का दावाः समिट के जरिए दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुई है। उनके अनुसार, इस मंच के जरिए भारत ने वैश्विक समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में उसका विजन क्या है और वह इसे किस स्तर तक ले जाने की क्षमता रखता है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस समिट में दुनिया भर के उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।समिट के दौरान एक विशेष बातचीत में चंद्रशेखरन ने कहा कि यह आयोजन भारत की एआई से जुड़ी पहलों, नीतियों और दीर्घकालिक रणनीतियों को प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच बना। उन्होंने कहा कि देश न केवल एआई तकनीक को अपनाने में तेजी दिखा रहा है, बल्कि इसके लिए आवश्यक मजबूत डिजिटल अवसंरचना भी तैयार कर रहा है।समिट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक ओपन एआई और टाटा समूह के बीच रणनीतिक साझेदारी रही। इस साझेदारी के तहत भारत में स्थानीय स्तर पर एआई-आधारित अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन डेटा सेंटरों को डेटा रेजिडेंसी, उच्च स्तरीय सुरक्षा और दीर्घकालिक घरेलू क्षमता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि संवेदनशील और सरकारी कार्यों के लिए सुरक्षित एआई समाधान उपलब्ध कराए जा सकें।चंद्रशेखरन ने बताया कि टीसीएस के हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर कारोबार की पहली ग्राहक ओपनएआई होगी। इस परियोजना की शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से की जाएगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 1 गीगावाट तक ले जाया जा सकता है। यह अवसंरचना ओपनएआई के सबसे उन्नत मॉडलों को भारत में सुरक्षित और कम विलंबता (लो लेटेंसी) के साथ संचालित करने में सक्षम बनाएगी।उन्होंने कहा कि यह सहयोग भारत को वैश्विक एआई हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय डेटा प्रोसेसिंग और भंडारण से न केवल सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारतीय उद्योगों को भी एआई समाधानों का तेजी से लाभ मिल सकेगा। इससे वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव की संभावना है।चंद्रशेखरन ने यह भी बताया कि टाटा समूह आने वाले वर्षों में अपने कर्मचारियों के बीच चैटजीपीटी एंटरप्राइज को लागू करने की योजना बना रहा है। इसकी शुरुआत टीसीएस के लाखों कर्मचारियों से होगी। यह पहल दुनिया के सबसे बड़े एंटरप्राइज एआई डिप्लॉयमेंट में से एक मानी जा सकती है। इसके माध्यम से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और कौशल विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने कहा कि ओपनएआई और टीसीएस के लिए यह उद्योगों को रूपांतरित करने का अनूठा अवसर है। साथ मिलकर दोनों संस्थाएं भारत के युवाओं को एआई युग के लिए तैयार करेंगी और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाएंगी। समिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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खेल

हम चैंपियन थे, चैंपियन हैं... : टीम इंडिया ने जीता सारा जहां, सूर्या ब्रिगेड ने तोड़ा नमो स्टेडियम का मिथक और भारत लगातार दूसरी बार बना टी-20 चैंपियन

टीम इंडिया ने जीता सारा जहां, सूर्या ब्रिगेड ने तोड़ा नमो स्टेडियम का मिथक और भारत लगातार दूसरी बार बना टी-20  चैंपियन

नई दिल्ली। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। करीब 90 हजार दर्शकों की गूंज के बीच भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम की इस महाजीत के साथ ही अहमदाबाद के इस मैदान से 19 नवंबर 2023 की हार की याद भी खत्म हो गई।कप्तान सूर्या की अगुवाई में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब का सफल बचाव किया। यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी20 विश्व कप जीता और साथ ही खिताब बचाने का कारनामा भी किया। इस जीत के साथ ही भारतीय मेन्स टीम टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम बन गई है। भारत ने 2007, 2024 और 2026 में खिताब जीते हैं, जबकि इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमों ने दो-दो बार यह ट्रॉफी जीती है।महान कप्तानों की सूची में शामिल हुए सूर्यकुमार33 साल की उम्र में कप्तानी संभालने वाले सूर्यकुमार यादव अब उन भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विश्व कप जिताया है। इस सूची में कपिल देव, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।अहमदाबाद का मिथक टूटा इस महामुकाबले से पहले हर किसी के मन में ये सवाल था कि आखिर भारत यहां कैसे मुकाबला जीतेगा। इसके पीछे 2023 की वो कड़वी याद थी जब टीम इंडिया ने वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल आॅस्ट्रेलिया के सामने यहीं गंवाया था। तब भारत अजेय रहते हुए फाइनल में पहुंचा था लेकिन वह खिताब नहीं जीत सका था। इस टूनार्मेंट में भी भारत केवल एक मैच हारा था। वो मैच भी साउथ अफ्रीका के साथ इसी मैदान पर था। इसलिए फैन्स के मन में ये सवाल कौंध रहा था कि आखिर टीम इंडिया अहमदाबाद का मिथक कैसे तोड़ेगी। लेकिन चैम्पियन टीम मिथकों और तमाम रिकॉर्ड्स को तोड़कर ही बना जाता है। भारतीय टीम ने अपनी हर पिछली हार से सबक लिया। और सबसे बड़ी बात इस बार टीम इंडिया ने अहमदाबाद की पिच को अच्छे से समझा और उसी हिसाब से प्लानिंग की।भारत की तूफानी बल्लेबाजीन्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। भारत ने 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टूनार्मेंट में शानदार फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन ने एक बार फिर धमाकेदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 46 गेंदों में 89 रन बनाए और तीसरी बार शतक से थोड़ा पीछे रह गए। उनके अलावा ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन की तेज पारी खेली। अंत में शिवम दुबे ने सिर्फ 8 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाकर टीम को 250 के पार पहुंचा दिया। यह लगातार दूसरा मौका था जब भारत ने इस टूनार्मेंट में 250 से ज्यादा रन बनाए।लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखरी न्यूजीलैंड256 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरूआत से ही दबाव में दिखी। पावरप्ले के अंदर ही उसके तीन विकेट गिर गए और टीम मैच में पीछे हो गई। नौवें ओवर तक न्यूजीलैंड का स्कोर 5 विकेट पर 72 रन हो चुका था और तभी से मैच का नतीजा लगभग तय हो गया था। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की पूरी टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेट दिया। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट हासिल किए।

लाइफस्टाइल

स्वर्ग से आए इस पौधे में सुगंध के साथ हैं अनगिनत गुण : नींद से लेकर पाचन शक्ति बढ़ाने में करेगा मदद

नींद से लेकर पाचन शक्ति बढ़ाने में करेगा मदद

नई दिल्ली । माना जाता है कि स्वर्ग से तीन फूलों को धरती पर भेजा गया था, जिसमें अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी शामिल हैं। तीनों ही फूल बेहतरीन खुशबू के लिए जाने जाते हैं, और खुशबू के साथ-साथ इन फूलों में अनगिनत औषधीय गुण भी हैं, जो सांस से लेकर त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत देते हैं। आज हम बात करेंगे मधुकामिनी की, जो गर्मियों में ढेर सारे फूल देता है और जिसका रखरखाव भी आसान है।मधुकामिनी अपने नाम की तरह ही खूबसूरत और सुगंध देने वाला पौधा है। इनडोर होने की वजह से इसे आसानी से घर के अंदर लगाया जा सकता है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं। मधुकामिनी के सिर्फ फूल ही नहीं बल्कि पत्ते और जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में होता आया है। इसके फूलों की मनमोहक सुगंध मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और हार्मोन को संतुलित करती है।मधुकामिनी की जड़ का पाउडर आसानी से बाजार में मिल जाता है। इसकी जड़ों से बना पाउडर शरीर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। अगर पेट या पाचन से जुड़ी परेशानी है तो इसकी जड़ी से पाउडर का प्रयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि जड़ का पाउडर मंद पाचन अग्नि को तेज कर देता है।अगर गले में दर्द या खिचखिच की परेशानी है या फिर मौसम बदलने के साथ ही सांस लेने में परेशानी होती है, तब मधुकामिनी के फूलों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे गला साफ होता है और अंदरुनी सूजन भी कम होती है। काढ़े में इसके पत्तों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर दांतों में दर्द या सूजन की समस्या होने पर इसके पत्ते चबाने से आराम मिलेगा। इसके पत्तों में सूजन रोधी गुण होते हैं, जो दर्द में राहत देने में मदद करते हैं।मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल का प्रयोग थेरेपी के लिए किया जाता है। जिन लोगों को तनाव या मानसिक थकान की वजह से नींद आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, उनके लिए मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल एक बेहतरीन ऑप्शन है।

राजनीती

अविमुक्तेश्वरानंद की गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा काशी से शुरू : उद्देश्य गाय को राज्य माता का दर्जा दिलाना, 11 मार्च को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन के साथ होगा समापन

उद्देश्य गाय को राज्य माता का दर्जा दिलाना, 11 मार्च को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन के साथ होगा समापन

वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को वाराणसी से अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना-प्रदर्शन के साथ समाप्त होगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को राज्य माता का दर्जा दिलाने और समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया है।यात्रा की शुरुआत वाराणसी स्थित उनके आश्रम से हुई। इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि धर्म और समाज की भावना से प्रेरित है। उन्होंने इसे गौ माता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध बताया और कहा कि समाज में गाय के महत्व को समझाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।चिंतामणि गणेश मंदिर में की निर्विघ्न यात्रा की प्रार्थनायात्रा के पहले दिन उन्होंने चिंतामणि गणेश मंदिर में दर्शन कर निर्विघ्न यात्रा की प्रार्थना की। इसके बाद वे संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान जी से गौ रक्षा के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से आशीर्वाद लेकर यात्रा शुरू करने का उद्देश्य यह है कि यह अभियान शांति और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़े।इन जिलों से गुजरेगी यात्रास्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि यह यात्रा वाराणसी से निकलकर जौनपुर, सुलतानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज और लालगंज होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। जौनपुर में वे ऋषि जमदग्नि के आश्रम में भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि जमदग्नि ऋषि ने गायों और समाज की रक्षा की थी। वहीं राजा कार्तवीर्य अर्जुन द्वारा गायों पर अत्याचार की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बाद में भगवान परशुराम ने उनके संरक्षण में अन्याय के खिलाफ कार्रवाई की थी।स्वामी ने बताया यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वउन्होंने कहा कि इस यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। उनके अनुसार गंगा नदी का उद्गम गौमुख से होता है, जिसका संबंध गाय से जोड़ा जाता है। इसी तरह गोमती नदी का नाम भी गाय से जुड़ा हुआ माना जाता है। लखनऊ गोमती नदी के किनारे बसा है, इसलिए इस यात्रा का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ जाता है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 11 मार्च को लखनऊ में इस यात्रा का समापन होगा और वहीं से गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस यात्रा में शामिल होकर गौ संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाएं और समाज में गाय के सम्मान को बढ़ाने में योगदान दें।

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