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इंदौर। इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में दो परिवारों के आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। लौमहर्षक घटना से आहत मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने इंदौर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया तथा घायलों का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक परिजनों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए। वहीं सीएम ने ईवी चार्जिंग को लेकर एसओपी बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे।
हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश
हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की देरी से आने की शिकायत की। मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ फायर टैंकरों में पानी नहीं था और एक वाहन गलत गली में चला गया, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ और नुकसान बढ़ गया।
आग लगने के अलग-अलग दावे
परिजनों के अनुसार आग सुबह करीब 4 बजे लगी थी। प्रारंभिक जानकारी में आग का कारण गाड़ी की चार्जिंग बताया गया था, लेकिन सौरभ का दावा है कि आग बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई। पहले कार में आग लगी, जो धीरे-धीरे घर के अंदर खड़ी बाइकों और फिर पूरे मकान में फैल गई। इस हादसे में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। बचने वाले सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
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