Download App

Latest News

केजरीवाल का सरकारी बंगले से नहीं छूट रहा मोह : हाईकोर्ट का रुख कर चुकी आप अपने नेता को आवास दिलाने केन्द्र से आर-पार के मूड में हॉकी एशिया कप-2025: : भारत का विजयी आगाज, टीम इंडिया ने चीन को 4-3 से दी शिकस्त, जीत के हीरो रहे कैप्टनकांग्रेस की ऐसी संस्कृति नहीं : पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर बोले दिग्गी, आरोपी पर शख्त एक्शन लेने कही बातरुबीना दिलैक : टीवी सीरियल की छोटी बहू का पति संग दिखा दिलकश अंदाज, तस्वीर देख दंग रह गए फैंसहाॅकी के जादूगर की 120वीं जयंती आज : मप्र के खेल मंत्री ने पद्म भूषण की तारीफ में पढे कसीदे, खिलाड़ियों को दिलाई फिट इंडिया की शपथलव जिहाद की फंडिंग का गुनहगार कांग्रेस पार्षद कादरी का सरेंडर : ढाई महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा, हुलिया बदलकर पहुंचा था कोर्टअमित शाह का सिर कलम कर रख देना चाहिए टेबल पर : गृह मंत्री को लेकर शब्दों की सारी सीमाएं लांघ गईं दीदी की सांसद, भाजपा पहुंची थाने इंदौर की लापता श्रद्धा पंति संग पहुंची थाने : चौंकाने वाले खुलासे से हर कोई हैरान, बॉयफ्रेंड सार्थक नहीं आया तो किसी और से रचा ली शादीशिफ्टिंग का टेंडर फाइनल : मप्र के सबसे भव्य नए जिला न्यायालय भवन में सुनाई देगा आर्डर-आर्डर, 93 करोड़ में लिया है आकाररन आउट या हिट विकेट होगा विपक्ष : पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी से भड़के नकवी, राहुल को भी सुनाई खरी-खरी

अहमदाबाद विमान हादसे से सबक : विमान मार्ग को बाधित करने इमारतों को किया जाएगा जंमीदोज, सरकार ने मसौदा किया तैयार

Featured Image

Author : admin

पब्लिश्ड : Invalid Date

अपडेटेड : 20-06-2025 08:13 AM

नई दिल्ली। अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंत्रालय ने विमान सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करने वाली भौतिक संरचनाओं पर नियंत्रण को सख्त करने के लिए नए मसौदा नियम जारी किए गए हैं। नए मसौदा नियमों का नाम विमान (अवरोधों को गिराने के नियम)-2025 रखा गया है। ये नियम राजपत्र में प्रकाशित होते ही प्रभाव में आ जाएंगे। इनका उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास निर्धारित क्षेत्रों में ऊंचाई की सीमा से अधिक इमारतों और पेड़ों पर त्वरित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को अधिकार देना है। इस पहल को विमान मार्गों में आने वाली रुकावटों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक सक्रिय कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मसौदा नियमों के तहत यदि कोई संरचना तय ऊंचाई से अधिक पाई जाती है तो संबंधित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संपत्ति मालिक को 60 दिनों के भीतर साइट प्लान और ढांचे की माप समेत अन्य विवरण प्रस्तुत करने होंगे। यदि ऐसा नहीं किया गया तो अधिकारियों को ढांचे को गिराने या ऊंचाई कम करने की कार्रवाई का अधिकार होगा। अधिकारियों को दिन के समय स्थल का निरीक्षण करने की अनुमति होगी, बशर्ते वो संपत्ति मालिक को पहले से सूचित करें। अगर संपत्ति मालिक सहयोग नहीं करता तो अधिकारी उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकते हैं और मामला डीजीसीए को भेज सकते हैं।

60 दिन का मिलेगा समय

यदि डीजीसीए या कोई अधिकृत अधिकारी किसी ढांचे को नियमों का उल्लंघन मानता है तो वो इसे हटाने या कम करने का आदेश जारी कर सकता है। मालिक को पालन करने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा, जो उचित कारणों पर और 60 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।

मुआवजे की भी शर्तें

नए मसौदे में मुआवजे की शर्तें भी रखी गई हैं। सिर्फ वो मालिक जिन्हें आधिकारिक आदेशों के अनुसार ढांचे को गिराने या संशोधित करने के लिए कहा गया है और जिन्होंने आदेश का पालन किया है, उन्हें भारतीय वायुवहन अधिनियम-2024 की धारा 22 के तहत मुआवजा दिया जाएगा। अधिसूचना की तिथि के बाद नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए किसी भी ढांचे को मुआवजा नहीं मिलेगा।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder