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गौरव गोगोई से जुड़े 'PAK कनेक्शन' को हल्के में नहीं ले रही असम सरकार:सीएम ने मामले की जांच केंद्र से कराने की मांग
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित 'पाकिस्तान कनेक्शन' को लेकर गंभीर आरोप लगाए और इस मामले की जांच केंद्र सरकार से कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई सामान्य या हल्का मामला नहीं है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम सवाल खड़े होते हैं।मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और एलिजाबेथ गोगोई, जो गौरव गोगोई की पत्नी हैं, से जुड़े आरोप बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब मामला एक मौजूदा सांसद से जुड़ा हो, वह भी लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के उपनेता से, तो इसकी गंभीरता अपने आप कई गुना बढ़ जाती है।मुख्यमंत्री ने कहा, "ये आरोप बहुत गंभीर हैं। जब संसद का एक मौजूदा सदस्य, जो कांग्रेस पार्टी में अहम जिम्मेदारी निभा रहा है, किसी भी रूप में पाकिस्तान से जुड़ा पाया जाता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" सरमा ने बताया कि मामले की शुरूआती जांच असम पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की थी। एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर सीआईडी पुलिस थाने में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया ताकि आगे की जांच की जा सके।मुख्यमंत्री के अनुसार, एसआईटी की रिपोर्ट को असम कैबिनेट के सामने रखा गया। कैबिनेट ने पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की और यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपों की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरगामी असर को देखते हुए इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराना जरूरी है।उन्होंने कहा, "एसआईटी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद राज्य कैबिनेट इस नतीजे पर पहुंची कि मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपना ही सही होगा, ताकि निष्पक्ष और व्यापक जांच हो सके।" मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि असम सरकार इस मामले को औपचारिक रूप से गृह मंत्रालय के पास भेजेगी। गृह मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद ही केस को केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा, "हमने गृह मंत्रालय से संपर्क करने का फैसला किया है। मंत्रालय से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद जांच पूरी तरह केंद्र को सौंप दी जाएगी।"सरमा ने दोहराया कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सीमा पार से जुड़े मामलों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े आरोपों की जांच बिना किसी राजनीतिक दबाव के, पूरी ईमानदारी और कानून के तहत होनी चाहिए। राज्य सरकार एक निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा में मौतों पर घिरेगी सरकार:गूजेगा प्रदेश पर बढ़ते कर्ज से लेकर दूषित पानी की सप्लाई और गायों की कटाई का मामला भी
भोपाल। मप्र विधानसभाका बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेना प्रस्तावित है। सत्र को लेकर पक्ष और विपक्ष तैयारियों में लगा हैं। सत्ता पक्ष एक ओर जहां बजट एवं केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, अमेरिकी ट्रैड डील की खूबियां गिनाने की तैयारी में है। वहीं विपक्षी दल कांगे्रस भ्रष्टाचार से लेकर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33 लोगों की मौत, भोपाल के सरकारी बूचडखाने में गायों की कटाई, नकली कप सीरप से छिंदवाड़ा एवं बैतूल में 25 बच्चों की मौतों को लेकर सरकार की घेराबंदी की तैयारी में है। साथ ही प्रदेश पर लगातार बढ़ रहे कर्ज, फसलों के दाम नहीं मिलना एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मामलों को जोरशोर से उठाया जाएगा। जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने नंबर जारी किया है। विधानसभा सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित 4.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी, जो पिछले वर्ष से करीब 10 प्रतिशत अधिक होगा। सत्र के दौरान विपक्ष के सभी विधायकों द्वारा उनके क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अवैध उत्खनन, गरीबों की जमीन हड़पने के मामले भी उठाए जाएंगे। बजट सत्र में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को बजट पेश कर सकते हैं। कांग्रेस विधायकों को सत्र की तैयारी करने के निर्देशकांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए तीन चरणों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। पहले चरण में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और घोटालों के तथ्य सदन में पेश करेंगे। उमंग सिंघार ने विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे सबूतों के साथ मुद्दे उठाएं, जैसे विभागीय धांधली और माफिया राज। यह रणनीति स्थानीय मुद्दों को राज्य स्तर पर लाकर सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाएगी।सत्र के दौरान रोजाना प्रदर्शन की तैयारीबजट सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्ष द्वारा रोजाना गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक प्रदर्शन होंगे। पिछले सत्रों में भी कांग्रेस ने रोजाना अलगक-अलग ढंग से प्रदर्शन किया। जो सत्र के दौरान सुर्खियों में रहा। तीसरे चरण में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवादल जैसे संगठन सड़कों पर उतरेंगे। विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जो विरोध को जन आंदोलन का रूप देग। यह रणनीति 2023 के किसान आंदोलन से प्रेरित लगती है, जहां सड़क विरोध ने राजनीतिक दबाव बनाया।

कांग्रेस और राहुल गांधी झूठ:भाजपा नेता तरुण चुघ का दावा- दोनों ने भारत के खिलाफ काम करने की ले रखी है सुपारी
दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि देश के आर्थिक, ढांचागत, सामाजिक और ग्लोबल फैसलों पर भरोसा दिखाने के बजाय कांग्रेस और राहुल गांधी झूठ, धोखे और अविश्वास का कैंपेन चलाते हैं। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर उठते सवालों पर भी भाजपा नेताओं ने जवाब दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, "जब भी भारत मजबूत फैसले लेता है और तरक्की की छलांग लगाता है, तब-तब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बिना तथ्यों के देश की छवि खराब करने की साजिश करते हैं। राहुल गांधी लगातार विदेश टूलकिट के माध्यम से भारत के खिलाफ नैरेटिव को आगे बढ़ाते हैं। वह भारत के विरोधियों को ताकत देने की कोशिश करते हैं।"राहुल को महसूस नहीं होती असहजताउन्होंने कहा कि देश के आर्थिक, वैश्विक और सामाजिक फैसलों पर भरोसे की बजाय विपक्षी नेता भ्रम, झूठ और अविश्वास फैलाने का अभियान चलाते हैं। बढ़ते हुए भारत और शक्तिशाली के नए अवसरों में राहुल गांधी को सहजता महसूस नहीं होती है, बल्कि भ्रष्टाचारी और वंशवादी अस्तित्व का खतरा दिखाई देता है। तरुण चुघ ने कहा, "जब देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, मजबूत विदेश नीति और दुनिया के हर कोने में व्यापार के नए समझौते करता है, तब राहुल गांधी और कांग्रेस नकारात्मक राजनीति की दिशा में निराशा फैलाने का काम कर रहे हैं।"भारत के खिलाफ काम करने की ले ली गई है सुपारीतरुण चुघ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने भारत के खिलाफ काम करने की सुपारी ली हुई है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बीजेपी सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच मजबूत रिश्तों की वजह से कई चीजों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। भारत में काफी इन्वेस्टमेंट हो रहा है। भारत एक बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला देश है और इसके ह्यूमन रिसोर्स बहुत बड़ी पूंजी हैं। सबका ध्यान भारत पर है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रास्ता दिखा रहे हैं।

सुरक्षा सहयोग से द्विपक्षीय भुगतान संबंधों तक:भारत और मलेशिया ने छह प्रमुख समझौतों पर लगाई मुहर
कुआलालंपुर। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कुआलालंपुर में द्विपक्षीय मुलाकातों के दौरान भारत और मलेशिया के बीच छह बड़े समझौतों पर साइन किए। इस दौरान दोनों देशों ने सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए। पीएम मोदी के मलेशिया के दो दिन के आधिकारिक दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच पूरी बातचीत के बाद इस समझौते पर मुहर लगाई है। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक अहम पड़ाव था। अपनी बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, मैरीटाइम सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, साथ ही डिजिटल और नई तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्ते तलाशे।दोनों नेताओं ने आपसी फायदे के पारंपरिक और नए जमाने के दोनों सेक्टर में सहयोग बढ़ाने का इरादा शेयर किया। इस दौरे के दौरान कई जरूरी द्विपक्षीय समझौते और एमओयू एक्सचेंज किए गए। इसमें सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति पहल में हिस्सा लेना, सेमीकंडक्टर डेवलपमेंट, हेल्थकेयर और मेडिसिन, आपदा प्रबंधन, एंटी-करप्शन कोशिशें, आॅडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल थे।मलया यूनिवर्सिटी के लिए पीएम मोदी ने की बड़ी घोषणाइस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में एक खास तिरुवल्लुवर केंद्र बनाने और तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप शुरू करने की भी घोषणा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का मकसद पुराने तमिल कवि और फिलॉसफर तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं और फिलॉसफी को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही भारत और मलेशिया के बीच कल्चरल एक्सचेंज और लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत करना है। प्रधानमंत्री ने मलेशिया में अपना पहला कॉन्सुलेट खोलने के भारत के फैसले की भी घोषणा की। इस कदम से डिप्लोमैटिक जुड़ाव बढ़ने, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और देश में रहने वाले या वहां आने वाले भारतीय नागरिकों को बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद है।इन अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षरदोनों देशों के बीच जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किया गया है, उनमें साइबरजया यूनिवर्सिटी और आईटीआरए जामनगर के बीच सहयोग को एक अहम विकास के तौर पर हाईलाइट किया गया। एमईए के मुताबिक यह साझेदारी पारंपरिक मेडिसिन पर फोकस करेगी और इससे आयुर्वेद में रिसर्च और एकेडमिक एक्सचेंज को आसान बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच होलिस्टिक हेल्थकेयर प्रैक्टिस और ज्ञान साझा करने तक पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की कोशिशकनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत, नेशनल पेमेंट्स कॉपोर्रेशन आॅफ इंडिया की सब्सिडियरी, एनआईपीएल और मलेशिया की पेनेट ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए एकीकरण सहित द्विपक्षीय पेमेंट लिंकेज बनाने पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। इस पहल से बिजनेस करने में आसानी बढ़ेगी और दोनों देशों के बीच काम करने वाले पर्यटन, छात्र और बिजनेस समुदाय को आसान, कम लागत वाले रेमिटेंस और पेमेंट सॉल्यूशन मिलेंगे।इसके अलावा, इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं को 10वें इंडिया-मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी दी गई। फोरम की रिपोर्ट से बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को मजबूत करने और भारत और मलेशिया के बीच व्यापार और निवेश के मौकों को बढ़ाने के लिए सुझाव और जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव और गहरा होगा।

सरसंघचालक का पद किसी जाति विशेष के लिए आरक्षित नहीं:संघ प्रमुख ने किया स्पष्ट, कहा- योग्यता के आधार पर मिलता है पद
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित 'मुंबई व्याख्यानमाला' के दूसरे दिन समाज, राजनीति, भाषा, जाति और राष्ट्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। '100 इयर्स आॅफ संघ जनीर् : न्यू होराइजन्स' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ में पद योग्यता के आधार पर मिलता है, न कि जाति के आधार पर। मोहन भागवत ने कहा कि सरसंघचालक का पद किसी जाति विशेष के लिए आरक्षित नहीं है। अनुसूचित जाति या जनजाति से होना कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं मानी जाती। उन्होंने स्वीकार किया कि संघ की शुरूआत में ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन आज संघ सभी जातियों के लिए समान रूप से काम करता है।नरेन्द्र मोदी के देश के प्रधानमंत्रीउन्होंने कहा कि कई लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी आरएसएस से आए प्रधानमंत्री हैं, लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। उनकी राजनीतिक पार्टी भाजपा है, जो आरएसएस से अलग है। हां, भाजपा में आरएसएस के स्वयंसेवक हो सकते हैं, जैसे अन्य क्षेत्रों में भी हैं।भारत महान बनेगा तो दुनिया बनेगी महानदेश और समाज पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि भारत एक प्राचीन सभ्यता है और अगर भारत महान बनेगा तो दुनिया भी महान बनेगी। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर जन्मे लोगों का आचरण ऐसा होना चाहिए कि दुनिया के लोग यहां आकर हमारे व्यवहार से जीवन मूल्य सीखें। एक सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के लिए एकजुट और चरित्रवान समाज जरूरी है, जहां कोई भी पीछे न छूटे।भाषा के मुद्दे पर भी संघ प्रमुखभाषा के मुद्दे पर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हम भारत हैं और हमारी अपनी पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंग्रेजी संघ की कार्यप्रणाली का हिस्सा नहीं बनेगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। हालांकि, जहां अंग्रेजी की जरूरत होती है, वहां उसका उपयोग किया जाता है। संघ किसी भी भाषा का विरोध नहीं करता, लेकिन अपनी मातृभाषा और हिंदी को प्राथमिकता देना जरूरी है।संघ को लेकर नए काम में भ्रम होना स्वाभाविकसंघ को लेकर फैलने वाली भ्रांतियों पर मोहन भागवत ने कहा कि नए काम में भ्रम होना स्वाभाविक है और कई बार यह जानबूझकर भी फैलाया जाता है। संघ के साथ भी ऐसा हुआ है, लेकिन सच्चाई सामने आने पर भ्रम अपने आप खत्म हो जाता है। अब संघ ज्यादा से ज्यादा जानकारी साझा कर रहा है और आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए लोगों को संघ के काम के बारे में बताया जा रहा है। आरएसएस की फंडिंग को लेकर उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के सहयोग से चलता है। यात्राओं के दौरान कार्यकर्ता होटल में रुकने या बाहर खाने के बजाय स्वयंसेवकों के घर ठहरते हैं और वही भोजन करते हैं।सभी धार्मि विचारों का होना चाहिए सम्मानधर्मांतरण और 'घर वापसी' पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि सभी धार्मिक विचारों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण गलत है। ऐसे मामलों में लोगों को उनकी इच्छा से वापस लाया जाना चाहिए। अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाए और देश में कारोबार भारतीयों को ही दिया जाए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।कार्यक्रम में फिल्म जगत और प्रशासनिक सेवा से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें अनन्या पांडे, करण जौहर, अभिनेता जैकी श्रॉफ और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मिलिंद म्हैस्कर व मनीषा म्हैस्कर शामिल थे। यह आयोजन संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर खास महत्व रखता है।

कर्नल सोफिया कुरैशी मामला:SC में सुनवाई पहले विजय शाह ने अपने किए पर फिर मांगी माफी, भाषा में लगाम लगाने खाई कसम
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह ने शनिवार को भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपने विवादित बयान पर एक बार फिर बिना शर्त माफी मांगी। उनकी यह माफी ऐसे समय में आई है, जब सर्वोच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई करने वाला है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके शब्द 'देशभक्ति के उत्साह' में कहे गए थे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या किसी विशेष समुदाय का अपमान करना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने यह पहले भी कई बार कहा है, और आज फिर से यह दोहरा रहा हूं।उन्होंने कहा, "मेरे शब्दों में किसी भी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का इरादा नहीं था। सार्वजनिक जीवन में भाषा पर संयम और संवेदनशीलता अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने घटना पर आत्ममंथन किया है, जिम्मेदारी स्वीकार की है और भविष्य में अपनी भाषा पर अधिक नियंत्रण रखने की कसम खाई है। उन्होंने आश्वासन दिया, "ऐसी गलती फिर से नहीं होगी," और विशेष रूप से सशस्त्र बलों से जुड़े सभी नागरिकों से माफी मांगी।बता दें कि यह विवाद पिछले साल मई में इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री कुंवर विजय शाह के भाषण के दौरान एक वीडियो क्लिप के वायरल होने से शुरू हुआ। वीडियो क्लिप में विजय शाह ने कथित रूप से कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में अपमानजनक बयान दिया, जो 'आॅपरेशन सिंदूर'- भारत की आतंकवादी हमले के खिलाफ सैन्य प्रतिक्रिया के दौरान मीडिया को ब्रीफिंग देने के लिए व्यापक रूप से पहचानी गई थीं।टिप्पणियों की हुई थी व्यापक आलोचनाइन टिप्पणियों की व्यापक आलोचना की गई थी, क्योंकि ये अशिष्ट, साम्प्रदायिक और एक महिला अधिकारी, भारतीय सेना, और कुछ समुदायों के प्रति अपमानजनक थीं। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पहले विजय शाह को 'अपमानजनक टिप्पणियां' और 'अशिष्ट भाषा' का उपयोग करने के लिए फटकारा था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने लिया था मामले पर संज्ञानसुप्रीम कोर्ट ने बाद में मामले का संज्ञान लिया और इसे जांचने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया। इसके बाद कोर्ट ने विजय शाह द्वारा की गई पहले की माफी को 'नकली आंसू' कहते हुए खारिज कर दिया और जवाबदेही पर जोर दिया। 19 जनवरी को, सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर संबंधित धाराओं के तहत अभियोजन की स्वीकृति पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। इस समय सीमा के पास आते ही विजय शाह ने शनिवार को इंदौर के रेजिडेंसी कोठी में कुछ विशेष पत्रकारों को बुलाकर अपने बयान को स्पष्ट करने और अपनी माफी को दोहराने की कोशिश की।

टी20 वर्ल्ड कप: टीम इंडिया ने जीत के साथ किया अपने अभियान का आगाज:सूर्या ब्रिगेड ने यूएसए को 29 रनों से दी शिकस्त, कप्तान ने खेली विस्फोटक पारी
मुंबई। टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 में शनिवार को तीसरा मुकाबला भारत का सामना संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने यूएसए को 29 रनों से हराकर अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया। टॉस हारकर बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने यूएसए को जीत के लिए 162 रनों का लक्ष्य दिया था। टारगेट का पीछा करते हुए यूएसए की टीम 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। भारत की ओर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में भारतीय टीम के दिए 162 रन के लक्ष्य को हासिल करने उतरी यूएसए के शीर्ष क्रम के तीनों बल्लेबाज फ्लॉप रहे। सलामी बल्लेबाज एंड्रियस गौस 6, सैतेजा मुक्कमल्ला 2, और कप्तान मोनांक पटेल बिना खाता खोले आउट हो गए। 13 पर 3 विकेट गंवा चुकी यूएसए को मिलिंद कुमार और संजय कृष्णमूर्ति ने संभाला और चौथे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी कर स्कोर को 71 तक ले गए। मिलिंद इसी स्कोर पर 34 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 98 के स्कोर पर पांचवें विकेट के रूप में संजय कृष्णमूर्ति भी 37 रन बनाकर आउट हो गए। सिराज ने यूएएस के तीन विकेट झटकेइन दोनों की जोड़ी टूटने के बाद यूएसए का निचला क्रम ढह गया। शुभम रंजने के 22 गेंद पर बनाए 37 रन के बावजूद यूएसए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 132 रन बना सकी और 29 रन से मैच हार गई। भारत की तरफ से मोहम्मद सिराज ने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 18 रन देकर 2, अक्षर पटेल ने 4 ओवर में 24 रन देकर 2, और वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट लिए। अभिषेक-शिवम नहीं खोल सके खाताइससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव के 49 गेंदों पर 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 84 रन की पारी की बदौलत 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे। तिलक वर्मा ने 16 गेंद पर 25 और ईशान किशन ने 16 गेंद पर 20 रन की पारी खेली थी। अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे खाता नहीं खोल सके थे। रिंकू सिंह 6, हार्दिक पांड्या 5 और अक्षर पटेल 14 रन बनाकर आउट हुए। यूएएस की ओर सौरभ सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुएयूएसए की तरफ से सौरभ नेत्रावल्कर सबसे महंगे गेंदबाज रहे। सौरभ ने 4 ओवर में 65 रन दिए। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। शैडली वैन शाल्कविक सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। हरमीत सिंह ने 4 ओवर में 26 रन देकर 2 विकेट लिए। अली खान और मोहम्मद मोहसिन को 1-1 विकेट मिला।

विधानसभा चुनावः केरल फतह करने नितिन उतरे मैदान में:त्रिशूर में प्रबद्ध संगम में शिरकत कर कार्यकर्ताओं में भरा जोश
त्रिशूर। केरल का यह चुनावी साल है। ऐसे में राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने प्रदेश का दौरा करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में भाजपा के नव नियुक्त अध्यक्ष नितिन नबीन शनिवार को केरल के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने त्रिशूर में पार्टी के वॉल राइटिंग प्रोग्राम के दौरान अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ हिस्सा लिया और दीवार पर पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल बनाया। साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ता में जोश भी भरा। त्रिशूर में आयोजित प्रबुद्ध संगम को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लिए जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसकी कल्पना साकार होते दिख रही है। उन्होंने कहा कि जहां आज विश्व आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है, विश्व के कई देश चुनौतियों से जूझ रहे हैं, लेकिन इन विषम परिस्थितियों के बावजूद भी भारत 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। ये बताता है कि पीएम मोदी जी का विजन और जनता का विश्वास किस प्रकार से हमारे साथ जुड़ा है। व्यापार करने भारत आ रहे विश्व के देशनितिन नवीन ने कहा, विश्व के सभी देश हमारे साथ व्यापार करने के लिए आगे आ रहे हैं। पिछले दिनों, जो लंबे समय से असमंजस का दौर चल रहा था, मैं प्रधानमंत्री मोदी के इस कूटनीतिक धैर्य को, उनके नेतृत्व को अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने अपनी राजनीतिक कूटनीति से अमेरिका के साथ भी ट्रेड डील को पूरा कराया। ये संकेत देता है कि वैश्विक स्तर पर भारत की क्षमता किस प्रकार बढ़ी है।कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारीभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के पैमाने पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की उस सोच को हमेशा आगे रखकर काम किया कि हमें देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाएं भेजनी हैं। नितिन नवीन ने कहा, चाहे वो किसी भी समाज का हो, किसी भी क्षेत्र का हो, चाहे किसी भी इलाके का हो, हम विकास की योजनाओं से अंतिम व्यक्ति तक को जोड़ेंगे। यही कारण है कि उन्होंने देश के हर प्रांत को विकास के उस पटल से जोड़ा। उन्होंने ये कभी नहीं सोचा कि हमें मत कहां से आता है। सबका साथ-सबका विश्वास को प्राथमिकता दी है।मंदिर में की पूजा अर्चनाअपने केरल दौरे के बीच, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कालडी में श्री आदि शंकरा जन्मभूमि का भी दौरा किया और मंदिर में पूजा अर्चना की है। उन्होंने कहा कि महान आदि शंकराचार्य ने हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने में अमूल्य योगदान दिया और एक ऐसी विरासत बनाई जो पीढ़ियों को प्रेरित व मजबूत करती रहेगी।

टी20 वर्ल्ड कप:पहले ही मुकाबले में नीदरलैंड के सामने घुठने टेकने से बचा पाकिस्तान, फहीम की पारी ने आखिरी ओवर में दिलाई जीत
कोलंबो। पाकिस्तान ने नीदरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले में 3 विकेट से जीत दर्ज करते हुए अपने अभियान की शुरुआत की। हालांकि इस इस पहले मुकाबले में बड़ा उलटफेर होते-होते बच गया। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था। लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी। लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच आखिरी ओवर में 3 विकेट से जीत लिया।टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड की टीम 19.5 ओवरों में महज 147 रन पर सिमट गई। इस टीम को सलामी जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। माइकल लेविट ने मैक्स ओ’डॉउड के साथ 3.1 ओवरों में 28 रन की साझेदारी की। ओ’डॉउड 7 गेंदों में 5 रन बनाकर आउट हुए, जबकि माइकल लेविट ने 15 गेंदों में 1 छक्के और 3 चैकों के साथ 24 रन की पारी खेली।31 रन पर पवेलियन लौट गए थे नीदरलैंड के ओपनरयह टीम 31 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो चुकी थी। यहां से बास डी लीडे ने कॉलिन एकरमैन के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 34 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। एकरमैन 20 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद बास डी लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स के साथ चैथे विकेट के लिए 40 रन जुटाते हुए टीम को 100 के पार पहुंचा दिया।सलमान मिर्जा ने झटके तीन विकेटइस टीम के लिए कप्तान एडवर्ड्स ने 29 गेंदों में 4 बाउंड्री के साथ सर्वाधिक 37 रन बनाए, जबकि बास डी लीडे 30 रन बनाकर पवेलियन लौटे। विपक्षी खेमे से सलमान मिर्जा ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद नवाज, अबरार अहमद और सईम अयूब ने 2-2 विकेट निकाले। एक विकेट शाहीन अफरीदी ने अपने नाम किया।पाकिस्तान को 27 रन पर लगा था पहला झटकाइसके जवाब में पाकिस्तान ने 19.3 ओवरों में जीत दर्ज की। पाकिस्तान को 27 के स्कोर पर सईम अयूब के रूप में झटका लगा। अयूब 13 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए। कुछ देर बाद टीम को कप्तान सलमान आगा (12) के रूप में दूसरा झटका लगा। पाकिस्तानी टीम 53 के स्कोर तक अपने 2 विकेट खो चुकी थी। यहां से साहिबजादा फरहान ने बाबर आजम के साथ तीसरे विकेट के लिए 38 गेंदों में 45 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 98 के स्कोर तक पहुंचा दिया।47 रन बनाकर आउट हुए फरहानसाहिबजादा फरहान 31 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चैकों के साथ 47 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। आलम ये रहा कि टीम ने 114 के स्कोर तक अपना सातवां विकेट खो दिया। यहां से फहीम अशरफ (नाबाद 29) ने शाहीन अफरीदी (नाबाद 5) के साथ 20 गेंदों में 34 रन की साझेदारी करते हुए पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत दिलाई।पाकिस्तान को अंतिम 2 ओवरों में 29 रनों की थी दरकारपाकिस्तान को अंतिम 2 ओवरों में 29 रनों की दरकार थी। 18.2 ओवर में फहीम अशरफ को जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने फायदा उठाते हुए टीम को रोमांचक जीत दिलाई। नीदरलैंड की तरफ से आर्यन दत्त और पॉल वैन मीकेरेन ने 2-2 विकेट हासिल किए। एक-एक विकेट लोगान वैन बीक, काइल क्लेन और रोएलोफ वैन डेर मेर्वे के हाथ लगा।

ट्रेड डील में देश के अन्नदाताओं के साथ नहीं हुआ अन्याय:अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर बोले गोयल, इन वस्तुओं पर यूएस में लगेगा 0 फीसदी टैरिफ
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता का ढंाचा जारी होने के बाद वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने शनिवार को विस्तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0 टैरिफ अमेरिका ने लगाया है। इस दौरान उन्होंने यह भी जानकारी शेयर की कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं दी है। वाणिज्य भवन में पत्रकारों से संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी सेक्टर में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है। साथ ही, मांस, मुर्गी पालन, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अनाज, चीनी, बाजरा, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी जैसे फल, खट्टे फल, हरी मटर, मूंग, चना, तिलहन, पशु आहार उत्पाद और तंबाकू पर भी कोई राहत नहीं दी गई है।0 फीसदी टैरिफ वाली वस्तुएंजेम्स एंड डायमंड, फार्मा , स्मार्टफोन्स, स्पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियांकेला, आम, चीनी , पाइनएप्पल, मसरूम, वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्तु, प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्स एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट, फार्मा की वस्तुएं, जेम्स एंड डायमंड्स, कॉइंस प्लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्युमिनियम पार्ट , जिंक ऑक्साइड, मिनिरल्स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदिसेब और कपास के आयात पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में इन उत्पादों की खपत, उत्पादन के मुकाबले काफी अधिक है। इस कारण से पहले से ही इन उत्पादों का आयात होता आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश में करीब 6 लाख टन सेब का आयात होता है। मौजूदा समय में आयात का बेस प्राइस 50 रुपए है और इस पर 50 प्रतिशत टैरिफ है, जिससे घरेलू बाजार में आयातित सेब की कीमत 75 रुपए होती है। आयोतित सेब का बेस प्राइस रखा 80 रुपएउन्होंने आगे बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में आयातित सेब का बेस प्राइस 80 रुपए रखा गया है। वहीं, टैरिफ 25 प्रतिशत है, जिससे आयातित सेब की कीमत 100 रुपए हो जाती है। इसके साथ ही, आयात के लिए एक कोटा भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में घरेलू किसानों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं। किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर काम कर रही सरकारकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपास के साथ भी ऐसा ही है। भारत में कुछ विशेष प्रकार की कपास का हमेशा से आयात होता आया है। इस कारण किसानों के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार लगातार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। इस व्यापार समझौते के तहत कई कृषि उत्पादों जैसे मसालों, चाय, कॉफी और उससे जुड़े उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, काजू और अन्य उत्पादों का जीरो ड्यूटी पर अमेरिका को निर्यात होगा। इन सामानों के निर्यात पर लगेगी जीरो ड्यूटी इसके अलावा, रत्न और आभूषण, फार्मा उत्पादों और स्मार्टफोन के निर्यात पर भी जीरो ड्यूटी लगेगी। गोयल ने आगे कहा कि भारत-अमेरिका का लक्ष्य आपसी द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाना है। इससे आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यातकों के लिए काफी सारे नए अवसर खुलेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे देश को विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी।

इंदौर का स्नेहधाम:कॉन्ट्रैक्टर के कदम से उड़ी बुजुर्गों की नींद, कंपनी के खिलाफ आईडीए ने अपनाया कड़ा रुख
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा करोड़ों की लागत से तैयार किए गए बुजुर्गों के आशियाने स्नेहधाम में अचानक हलचल मच गई है। इस केंद्र का संचालन करने वाले कॉन्ट्रैक्टर ने यहां रह रहे बुजुर्गों को अचानक जगह खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इस अप्रत्याशित सूचना के बाद यहां निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों में हड़कंप मच गया है।स्नेहधाम का संचालन करने वाली कंपनी बालाजी के डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा है कि इस विशाल भवन में कुल 108 वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में केवल 4 से 5 लोग ही यहां रह रहे हैं। तिवारी के अनुसार इतने कम लोगों के साथ केंद्र का संचालन करना आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर, इंदौर विकास प्राधिकरण ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आईडीए ने कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैक लिस्ट करने और उसकी अर्नेस्ट मनी जब्त करने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण का स्पष्ट कहना है कि यदि मौजूदा संचालक इसे नहीं चला पाता है तो किसी अन्य एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े ने यह भी कहा है कि बुजुर्गों से घर खाली नहीं करवाए जाएंगे, कंपनी ने यह नोटिस दिए हैं जिसकी जांच चल रही है। बुजुर्गों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बुजुर्गों के लिए सदमे जैसी स्थितिनोटिस मिलने के बाद बुजुर्गों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। यहां रहने वाले अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों ने स्नेहधाम को ही अपना स्थाई घर मान लिया था। इनमें से किसी ने अपना पुश्तैनी घर किराए पर दे दिया है तो किसी ने उसे खाली छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जून 2025 को इस भवन का लोकार्पण कर इसे बुजुर्गों के हित में एक बड़ा कदम बताया था, लेकिन अब 28 फरवरी तक भवन खाली करने के निर्देश ने इन बुजुर्गों की रातों की नींद उड़ा दी है।भारी भरकम खर्च और सुविधाओं का दावास्नेहधाम में रहने के लिए बुजुर्गों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। यहां रहने वाली महिलाओं ने अधिकारियों से शिकायत की है कि बालाजी कंपनी के संचालकों ने उनसे दो लाख रुपए एडवांस डिपॉजिट के रूप में लिए हैं और प्रतिमाह 35 हजार रुपए किराया वसूला जाता है। पीड़ितों में 70 से 90 वर्ष की महिलाएं और दिव्यांग भी शामिल हैं, जिनका कहना है कि इस उम्र में वे अब अचानक कहां जाएंगी।करोड़ों का निवेश और आधुनिक ढांचाआईडीए ने स्कीम 134 में 20 हजार वर्गफीट के भूखंड पर करीब 18 करोड़ रुपए खर्च करके इस छह मंजिला भवन का निर्माण किया है। इस सर्वसुविधायुक्त बिल्डिंग में 32 फ्लैट्स हैं, जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, टीवी, लॉन्ड्री और बिजली जैसी तमाम सुविधाएं देने का वादा किया गया था। वर्तमान में कंपनी के डायरेक्टरों का कहना है कि वे टेंडर सरेंडर करना चाहते हैं और बुजुर्गों को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए चर्चा कर रहे हैं।

बंधक श्रम उन्मूलन दिवस:भोपाल नए लेबर कोर्ड पर वर्कशाॅप में 9 को, स्टेट लेवल एक्शन प्लान का भी होगा विमोचन
भोपाल। श्रम विभाग ने 9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यशाला का आयोजन किया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा।पूरे मध्य प्रदेश में महीनेभर चलेगा अभियानबंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश का श्रम विभाग 9 फरवरी बंधक श्रम उन्मूलन दिवस से विशेष अभियान भी शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष वेदा पहल की शुरुआत की है।कार्यशाला के प्रमुख चार बिंदुपहलाः बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।दूसराः बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।तीसराः नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।चैथाः राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।श्रम विभाग के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि राज्य में बाल एवं बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

कूनो के जंगल में फिर गूंजी किलकारी:आशा ने 5 नन्हें मेहमानों को दिया जन्म, कुनबा बढ़कर पहुंचा 35 पर, इसमें 24 भारतीय
श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दअरसल कूनों के जंगल में एक बार फिर किलकारी गूंजी है। पार्क में मादा चीता आशा ने पांच नन्हे शावकों को जन्म दिया है। जानकारी के अनुसार सभी शावक स्वस्थ हैं और विशेषज्ञों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। इस नए जन्म के साथ कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। वहीं, भारत में जन्म लेने वाले शावकों की कुल संख्या अब 24 तक पहुंच गई है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, कूनो ने गर्व का एक खास पल देखा है, जब आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा और मजबूत हुई है। इसके साथ ही, भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 35 हो गई है। यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की अथक मेहनत को दिखाती है। यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के केंद्र के रूप में उभर रहा है।चीता प्रोजेक्ट के लिए गर्व का पलः केन्द्रीय मंत्रीकेंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, कूनो में पांच शावकों के जन्म का स्वागत। आशा की विरासत आगे बढ़ी, भारत ने उसके पांच प्यारे शावकों का स्वागत किया। प्रोजेक्ट चीता के लिए यह बहुत गर्व और खुशी का पल है, क्योंकि नामीबियाई चीता और दूसरी बार मां बनी आशा ने 7 फरवरी 2026 को कूनो नेशनल पार्क में पांच शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही, भारत में पैदा हुए जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जो भारतीय धरती पर चीतों का 8वां सफल जन्म है। यह भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में शुरू किया गया और पोषित किया गया।उन्होंने आगे लिखा, यह खुशी भरी उपलब्धि फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों के अटूट समर्पण, कौशल और प्रतिबद्धता का एक शानदार प्रमाण है, जो जमीन पर अथक प्रयास कर रहे हैं। आशा और उसके शावक फलें-फूलें और भारत की चीता कहानी को और भी बड़ी सफलता की ओर ले जाएं। उनके आने से भारत में चीतों की कुल आबादी अब 35 हो गई है। भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए यह सच में एक ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाला पल है।

इस्लामाबाद मस्जिद धमाका:आतंक के पनाहगार ने भारत पर मढ़ा दोष, रक्षा मंत्री ख्वाजा ने तालिबान पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में हुए खतरनाक धमाके में 30 से ज्यादा लोग मारे गए और 160 घायल हुए हैं। आतंक के पनाहगार पाकिस्तान ने 24 घंटे के अंदर अफगानिस्तान और भारत को इस धमाके का जिम्मेदार ठहरा दिया। सदियों से आतंक को पोषित करने वाला पाकिस्तान इस धमाके के लिए अपने इंटेलिजेंस फैक्टर और इस बात को दोष नहीं देता कि उसने लंबे समय तक आतंकी समूहों को पाला-पोसा है, जो अब उसके खिलाफ हो गए हैं।बता दें, इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में खाद्जा तुल कुबरा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान आतंकी हमला हुआ। कहा जा रहा है कि हमले में शियाओं को निशाना बनाया गया। हमले के पैटर्न से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह टीटीपी या आईएसकेपी का काम हो सकता है। भारतीय अधिकारियों ने सवाल पूछा है कि पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान पर इतनी जल्दी आरोप क्यों लगाया। अधिकारी ने कहा कि वे इंटेलिजेंस की नाकामी के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, और यह समझना होगा कि यह चूक जानबूझकर की गई थी या नहीं।पाकिस्तानी सरकार के सही मायने में प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर हैं। पाकिस्तानी सरकार हाल के महीनों में कई मौकों पर शर्मिंदा हुई है। इसकी शुरुआत भारत के ऑपरेशन सिंदूर से हुई थी और तब से पाकिस्तान कई मोर्चों पर लड़ाई में है। ताजा हालात के अनुसार पाकिस्तान, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए), टीटीपी और अफगान तालिबान से भी लड़ रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका बहुत जल्द धमाके के लिए तैयार है।आईएसकेपी की पाकिस्तानी सरकार के साथ लंबे समय से तानातनी चल रही है। टीटीपी की तरह आईएसकेपी भी चाहता है कि देश पर शरिया कानून के तहत राज हो। आईएसआई ने कुछ समय के लिए आईएसकेपी को लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर अफगान तालिबान और टीटीपी के खिलाफ लड़ने के लिए शामिल किया था, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि यह रणनीति आईएसआई के सामने नाकाम हो गई क्योंकि आईएसकेपी ने एक बार फिर दिखा दिया है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।रक्षा मंत्री ने हमले के लिए तालिबान-भारत को ठहराया जिम्मेदारशुरुआती जांच शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले के लिए अफगान तालिबान और भारत को जिम्मेदार ठहराया। विश्लेषक ने कहा कि मुनीर ने बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया दी है। इससे साफ पता चलता है कि वह कई मुद्दों से ध्यान हटाना चाहता है। उन्होंने बलूचिस्तान मुद्दे को भटकाने की कोशिश की और भारत और तालिबान के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। ऐसा बयान और हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ एक बड़ा नैरेटिव बना रहा है।जैश को कट्टरपंथी रैलियां करने की इजाजत इसने जैश-ए-मोहम्मद को कट्टरपंथी रैलियां करने की इजाजत दी है, साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लोगों को भड़काने की भी कोशिश की है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका मकसद अशांति फैलाना और फिर उसके लिए भारत को दोषी ठहराना है। ऐसा करते हुए पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा का अंदाजा लगाना भूल गया और शहरी इलाके में हुआ धमाका इसका सबूत है।

घूसखोर पंडत:मनोज वाजपेयी की फिल्म टाइटल पर फूटा संतों का गुस्सा, महामंडलेश्वर बोले- कुछ लोग खुश हैं, लेकिन यह गंभीर विषय
हरिद्वार। अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म का टीजर जारी होते ही ब्राह्मण समाज और संत समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और इस फिल्म के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, इस तरह की फिल्म तुरंत प्रतिबंधित की जानी चाहिए, क्योंकि यह सीधे-सीधे एक विशेष समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है। आजकल ब्राह्मण समाज के खिलाफ खुलेआम गालियां दी जा रही हैं और कुछ लोग इसे सामान्य मानकर खुश भी हैं, जबकि यह एक गंभीर और चिंताजनक बात है। उन्होंने कहा, ब्राह्मण समाज ने ही मानव और पशु के बीच का अंतर समाज को समझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में फिल्म में समाज के खिलाफ गलत संदेश देना राष्ट्र और समाज के लिए हानिकारक है।घूसखोर पंडत नाम अपने आप में आपत्तिजनक इसी मुद्दे पर गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने भी फिल्म के नाम और कहानी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, घूसखोर पंडत नाम अपने आप में आपत्तिजनक है, क्योंकि घूसखोरी कोई मामूली शब्द नहीं है बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। किसी भी समाज के लोगों को अपराधी के रूप में पेश करना निंदनीय है। इस तरह के फिल्म निर्माता पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दी तीखी प्रतिक्रियाइनके अलावा, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस फिल्म के टाइटल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, मेरी नजर में घूसखोर पंडत जैसा नाम रखना पाप के समान है। किसी भी समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाकर फिल्म बनाना समाज को तोड़ने का काम करता है। कुछ लोग जानबूझकर जातियों का सहारा लेकर समाज में विभाजन पैदा करना चाहते हैं और यह फिल्म उसी तरह की साजिशों का हिस्सा हो सकती है।शिया धर्मगुरु ने अपनाया कड़ा रुखशिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने भी इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, किसी एक धर्म या समुदाय को टारगेट करके बनाई जा रही फिल्मों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। सस्ती लोकप्रियता और प्रचार के लिए देश के अंदर जिस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, वह बेहद अफसोसजनक है। मेरी भारत सरकार से मांग है कि इस फिल्म पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए।उन्होंने आगे कहा, पहले फिल्मों का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ समाज को सकारात्मक संदेश देना होता था, लेकिन अब कुछ लोग केवल चर्चा में बने रहने और प्रचार पाने के लिए इस तरह के विवादित तरीकों का सहारा ले रहे हैं। ऐसी फिल्में देश में भाईचारे को मजबूत करने के बजाय माहौल खराब करने का काम कर रही हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेताओं पर हुई धन वर्षा:बीसीसीआई ने 7.5 करोड़ देने का किया ऐलान, बंटवारे पर मंथन शुरू
नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विश्व कप विजेता टीम, टेक्निकल स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी के लिए कुल 7.5 करोड़ रुपए के कैश अवॉर्ड की घोषणा की है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने शनिवार को बताया, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अंडर-19 मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को 7.5 करोड़ रुपए का कैश अवॉर्ड दिया जाएगा। हम खिलाड़ियों, टेक्निकल स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी के लिए इनाम की रकम के बंटवारे पर काम कर रहे हैं, लेकिन बीसीसीआई की ओर से उन्हें कुल 7.5 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।वैभव ने खेली थी तूफानी पारीहरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मैच में भारत ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के दम पर 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए थे। सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 15 चैकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन की पारी खेली थी, जबकि कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन जोड़े।311 रन पर सिमट गए थे अंग्रेजइसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में महज 311 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए कैलेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 7 छक्कों और 9 चैकों के साथ 115 रन की पारी खेली, जबकि बेन डॉकिन्स ने 66 रन का योगदान टीम के खाते में दिया, लेकिन इंग्लैंड को शर्मनाक हार के बचा नहीं सके।भारती छठवीं बार बना अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेताभारत के छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीतने पर सैकिया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में लिखा था, यह शानदार कामयाबी एक मजबूत सिस्टम की ताकत का सबूत है, जो लंबे समय तक प्लेयर डेवलपमेंट, कॉम्पिटिटिव घरेलू स्ट्रक्चर, डेडिकेटेड टेक्निकल स्टाफ से सपोर्टेड क्वालिटी कोचिंग प्रोग्राम और एक मजबूत टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस पर बना है। एज-ग्रुप क्रिकेट एक मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है। बीसीसीआई भविष्य के लिए इन नींवों में इन्वेस्ट करना और उन्हें मजबूत करना जारी रखेगा। बहुत बढ़िया, लड़कों! आप पर देश को बहुत गर्व है।

विक्रमोत्सव-2026 का आगाज 12 को:महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने सीएम मोहन ने संभाला मोर्चा, हर सप्ताह समीक्षा कर जिम्मेदारों को दे रहे टाॅस्क
भोपाल। मध्यप्रदेश के उत्सव और मेले प्रदेशवासियों के साथ ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहे हैं। ऐसे उत्सवों में विक्रमोत्सव ने सबसे अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून की अवधि में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव का आयोजन दीर्घ अवधि के महोत्सव की दृष्टि से एक रिकार्ड होगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 में हो रहे विक्रमोत्सव को बहु आयामी बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दिशा में संस्कृति विभाग और सहयोगी संस्थाओं ने आवश्यक तैयारियों को तेजी से पूर्ण करने का कार्य किया है। निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार विक्रमोत्सव-2026 में कलश यात्रा, नाटक मंचन, वैचारिक समागम, शोध संगोष्ठी, फिल्मों के प्रदर्शन, वेद अंताक्षरी और सूर्योपासना के आयोजन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर सप्ताह विक्रमोत्सव की रूपरेखा पर चर्चा कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।विक्रमादित्य पर केन्द्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित प्रदेश के नगरों में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन के साथ ही शिक्षण संस्थाओं में सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के वैज्ञानिक पक्ष को भी प्रचारित किया जाएगा। विज्ञान सम्मत कार्यों के संबंध में विज्ञान महाविद्यालयों, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को जोड़कर अभिनव कार्यक्रम किए जाएंगे। आगामी 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों के शुभारंभ, महादेव की कलाओं के शिवार्चन, कलश यात्रा, शिवोैहम के अंतर्गत बैंड प्रस्तुति, शिवनाद और विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होगा। इसके बाद 16 से 20 फरवरी की अवधि में शिव पुराण, 16 से 25 फरवरी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियां और 26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम, पुतुल समारोह और अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी जैसी गतिविधियां होंगी। फरवरी और मार्च माह में वैचारिक समागम, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न भाषाओं और बोलियों में लोकरंजन के तहत कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन के कार्यक्रम होंगे। गुड़ी पड़वा पर उज्जैन के रामघाट (दत्त अखाड़ा) पर सूर्य उपासना का कार्यक्रम होगा। उज्जयिनी गौरव दिवस अंतर्गत शिप्रा तट पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा। महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य और प्रख्यात पार्श्व गायकों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। महोत्सव में जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे।विरासत से युवाओं को जोड़ने में मिल रही है सफलतासम्राट विक्रमादित्य के योगदान की जानकारी युवा पीढ़ी तक देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर कार्यक्रम किये जा रहे हैं। गत वर्ष नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य के मंचन का होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के संकल्प के अनुरूप इतिहास के गौरवशाली व्यक्तित्वों पर केन्द्रित आयोजन के निर्देश दिए हैं। संस्कृति विभाग के साथ विक्रमादित्य पीठ, वीर भारत न्यास और अन्य संस्थाएं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से विविध गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। हाल ही में अभ्युदय मध्यप्रदेश ऑनलाइन स्पर्धा में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी की। युवाओं ने ऑनलाइन स्पर्धा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ई-स्कूटी, लैपटॉप जैसे पुरस्कार प्राप्त किए।

अंडमान में दुनिया देखेगी भारतीय सेना का शौर्य:सुखोई-30 और थाइलैंड के ग्रिपेन फाइटर के बीच होगी जंग
नई दिल्ली। भारतीय सेना के तीनों अंगों के साथ दुनिया के कई मित्र देश अभ्यास करना चाहते हैं। सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी फेहरिस्त और भी लंबी हो गई है। इसी कड़ी में साल 2026 का पहला अभ्यास किसी मित्र देश की एयरफोर्स के साथ 9 फरवरी को अंडमान के पास आयोजित किया जा रहा है। भारत और थाईलैंड की वायु सेनाओं के बीच होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की ओर से फ्रंटलाइन फाइटर जेट सुखोई-30 और रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स की ओर से ग्रिपेन फाइटर एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना के मिड-एयर रिफ्यूलर टैंकर और एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम एडब्ल्यूएसीएस की भी तैनाती की जाएगी।अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है यहरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और बेस्ट प्रैक्टिस साझा करना है। अभ्यास अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास नॉर्थ मलक्का स्ट्रेट में आयोजित किया जाएगा। भारतीय वायुसेना की ओर से 4 से 6 सुखोई विमान भाग लेंगे, जबकि रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स के भी इतने ही ग्रिपेन इसमें शामिल होंगे।अभ्यास के दौरान समुद्र में होगी जहाजों की तैनातीअभ्यास के दौरान सर्च एंड रेस्क्यू के लिए समुद्र में जहाजों की भी तैनाती होगी। सुखोई-30 अंडमान के एयरबेस से टेकऑफ करेंगे, जबकि ग्रिपेन थाईलैंड के एयरबेस से उड़ान भरेंगे। इस अभ्यास का एक उद्देश्य द्वीप क्षेत्रों में लॉजिस्टिक एंड्यूरेंस की क्षमता को परखना भी है।दो महीनों में होंगे कई अभ्यासऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय वायुसेना अपने एक्सरसाइज कैलेंडर के अनुसार लगातार अभ्यास कर रही है। अगले दो महीनों में तीन बड़े वायुसेना अभ्यास प्रस्तावित हैं, जिनमें फ्रांस, अमेरिका और ग्रीस की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ ऑपरेशनल कौशल साझा करेंगी।ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए अभ्यासों की सूची पर नजर डालें तो भारत ने फ्रांस के साथ एक्सरसाइज गरुड़, रूस के साथ अविइंद्रा और कई मल्टीनेशनल अभ्यासों में हिस्सा लिया है।भारत और थाईलैंड रक्षा सहयोगभारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत और थाईलैंड की साझा समुद्री सीमाएँ हैं और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में थाईलैंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को भारत की ‘लुक ईस्ट’ नीति से गति मिली, जिसे बाद में ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में उन्नत किया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मई 2003 में शुरू किए गए सुरक्षा सहयोग पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप ने सहयोग को मजबूत करने के लिए सात प्राथमिक क्षेत्रों में से एक के रूप में सैन्य सहयोग को नामित किया।भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) 25 जनवरी 2012 को हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते में नियमित संयुक्त अभ्यास, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास आतंकवाद, समुद्री डकैती और तस्करी का मुकाबला करने के लिए संयुक्त समुद्री गश्त, एक-दूसरे की सशस्त्र सेनाओं के प्रशिक्षण संस्थानों में अधिकारियों का प्रशिक्षण, सेवा-स्तरीय वार्ता और विभिन्न स्तरों पर यात्राओं का आदान-प्रदान शामिल है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का खाका तैयार:दोनों देशों का दावा- ऐहासिक मील का पत्थर साबित होगा व्यापर समझोता
नई दिल्ली। व्यापार समझौते पर भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी किया है। भारत-अमेरिका ने अंतरिम समझौते के लिए एक रूपरेखा तैयार की है, जिसमें व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया है। दोनों देशों ने कहा है कि अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। संयुक्त बयान में कहा गया है, अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं। फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन किया जाएगा। भारत-अमेरिका ने संयुक्त बयान में अंतरिम समझौते की मुख्य शर्तों के बारे में भी जानकारी दी है।इन सामनों पर पर खत्म हो सकता है अमेरिकी टैरिफसमझौते के अनुसार, भारत अमेरिका के सभी इंडस्ट्रियल सामानों और अमेरिका के कई तरह के खाने-पीने और खेती के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (डीडीजीएस), जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। वहीं, अमेरिका सहमति के अनुसार भारत के मूल सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा, जिसमें कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक रसायन, घर की सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद, और कुछ मशीनरी शामिल हैं।भारतीय विमानों और विमान के पुर्जों से हटेगा टैरिफफ्रेमवर्क के अनुसार, अंतरिम समझौते की सफलता भारतीय सामानों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ हटाने का रास्ता भी सुनिश्चित करेगी। इस सूची में जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारत की वैश्विक हिस्सेदारी मजबूत है और अमेरिकी मांग अधिक है। बयान में कहा गया है कि वाशिंगटन कुछ भारतीय विमानों और विमान के पुर्जों पर भी टैरिफ हटाएगा। ये शुल्क पहले एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के आयात से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा घोषणाओं के तहत लगाए गए थे।भारत के फार्मास्युटिकल उद्योग को और भी हो सकता है लाभ यह भी समझौता हुआ है कि भारत को ऑटोमोटिव पुर्जों के लिए विशेष रियायती शुल्क व्यवस्था मिलेगी। ये पुर्जे ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जों पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ के तहत आते हैं। भारत के फार्मास्युटिकल उद्योग को और भी लाभ हो सकता है। जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री से संबंधित परिणाम अमेरिकी धारा 232 जांच पर निर्भर करेंगे। संयुक्त बयान के अनुसार, ये उत्पाद अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा बाजार में भारत का मुख्य निर्यात हैं।मेडिकल उपकरणों में आ रहीं बाधाओं को दूर करने में सहमत हुआ अमेरिकाशुल्क से आगे बढ़कर, दोनों देशों ने कुछ अहम क्षेत्रों में एक-दूसरे को प्राथमिक बाजार पहुंच देने पर भी सहमति जताई है। अमेरिका और भारत मूल के नियम स्थापित करेंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते के लाभ मुख्य रूप से दोनों देशों को मिलें। इसके अलावा, अमेरिका और भारत उन नॉन-टैरिफ बाधाओं पर बात करेंगे, जो द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करती हैं। भारत अमेरिकी मेडिकल उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने पर सहमत हुआ है।प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को किया जाएगा खत्मदोनों देशों में सहमति बनी है कि प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म किया जाएगा, जिससे अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सामानों के लिए बाजार पहुंच में देरी हो रही थी। भारत ने समझौता लागू होने के छह महीने के भीतर यह तय करने का वादा किया कि पहचाने गए सेक्टरों में अमेरिकी या अंतर्राष्ट्रीय मानकों को स्वीकार किया जा सकता है या नहीं। इसमें टेस्टिंग की जरूरतें शामिल हैं। इसी तरह के वादे अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को प्रभावित करने वाली पुरानी बाधाओं पर भी लागू होते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के महासंग्राम का आगाजः:पहला मुकाबला पाकिस्तान-नीदरलैंड के बीच, शाम को आमने-सामने होंगे भारत-यूएस
नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज से शुरू हो चुका है। भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट का आगाज पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के साथ हुआ। इसके बाद दोहपर वेस्टइंडीज बनाम स्कॉटलैंड और शाम को भारत बनाम यूएसए मैच भी होंगे। इस तरह विश्व कप के ओपनिंग डे पर तीन मैच देखने के लिए मिलेंगे। बता दें कि टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। डिफेंडिंग चैम्पियन और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। आज के मुकाबलों की बात करें तो पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे शुरू हो गया है। यह मैच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच का मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा। यह मैच कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में करेगी। यह मैच शाम 7 बजे खेला जाएगा। भारतीय टीम को लगा झटकाभारतीय टीम को विश्व कप की शुरुआत से ठीक पहले एक झटका भी लगा है। पेस-बॉलिंग ऑलराउंडर हर्षित 4 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमिटी (ईटीसी) ने अनुभवी पेसर मोहम्मद सिराज को भारतीय टीम में हर्षित राणा की जगह लेने की मंजूरी दी है। मोहम्मद सिराज टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।भारत को रखा ए ग्रुप मेंडिफेंडिंग चैंपियन भारत को ग्रुप ए में यूएसए, पाकिस्तान, नामीबिया और नीदरलैंड के साथ रखा गया है। प्रत्येक ग्रुप में पांच टीमें हैं और कुल मिलाकर चार ग्रुप बनाए गए हैं। लीग स्टेज के बाद सुपर-8 मुकाबले होंगे। नॉकआउट मैचों की बात करें तो टी20 विश्व कप 2026 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को खेला जाएगा। दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को होगा। फाइनल मैच की तारीख 8 मार्च है।

मप्र के नौकरशाही को नहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह:उच्च शिक्षा विभाग ने कैम्पस के लिए जारी कर दी जातिगत भेदभाव वाली गाइडलाइन, सामान्य वर्ग बाहर
भोपाल। कैम्पस में छात्रों का उत्पीड़न रोकने के लिए लाई गई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) की गाइडलाइन पर देश भर में मचे बवाल के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने भले ही इसके अमल पर रोक लगा दी हो, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अपरोक्ष रूप से इसे लागू करने पर आमादा है। विवाद की जड़ में उत्पीडन का शिकार होने वाले छात्रों की श्रेणियां रही हैं, जिनमें सामान्य वर्ग को शामिल नहीं किया गया था। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट का स्टे भी आया। लेकिन लगता है प्रदेश की अफसरशाही को इससे कोई वास्ता नहीं। अदालत के आदेश के तीन दिन बाद ही प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने जो दिशा निर्देश जारी किये हैं उनमें भी कैंपस में पीड़ित होने वाले छात्रों को सिर्फ आरक्षित वर्ग तक ही सीमित रखा गया है। सरकार के इस कदम से सवर्ण समाज में आंदोलन की दबी चिंगारी को फिर हवा मिलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी की गाइडलाइन लागू करने पर रोक लगा दी थी। सर्वोच्च अदालत ने माना था कि उत्पीडन के शिकार होने वाले छात्रों में सामान्य वर्ग को शामिल न करना और यह मानना की ऐसी सिर्फ आरक्षित वर्ग के साथ ही होगा, उचित नहीं है। इससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। यह समाज को बांटने वाला है और इसका दुरूपयोग हो सकता है। इसके बाद अलग -अलग राज्यों में चल रहे आंदोलन थम गए थे। लेकिन तीन दिन बाद यानी 2 फरवरी को प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और कॉलेजों के प्राचार्य को एक विस्तृत सर्कुलर भेजता है। उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह भलावी के हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2023 के नियमों का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में अनिवार्य रूप से लोकपाल और विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाना है। ये समितियां 15 दिनों के भीतर शिकायतों का निराकरण कर संस्था प्रमुख को भेजेंगी। इससे असंतुष्ट होने पर छात्र लोकपाल को अपील करेंगे जहाँ से 30 दिनों के भीतर निराकरण होगा। ख़ास बात यह है कि शिकायत निवारण समितियों में एक सदस्य अनिवार्य रूप से एससी -एसटी - ओबीसी का रखे जाने का प्रावधान है। सामान्य वर्ग के सदस्य की कोई अनिवार्यता नहीं है। आपत्ति वाले प्रावधान जस के तससर्कुलर में छात्रों की शिकायतों में एडमिशन से लेकर सिलेबस, पढाई के स्तर को शामिल किया गया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की मंशा के विपरीत जातिगत भेदभाव यहां मौजूद है। इसके तहत यह मानकर चला जा रहा है कि भेदभाव केवल आरक्षित वर्ग के साथ ही हो सकता है, सामान्य वर्ग के साथ नहीं। सर्कुलर के बिंदु 7 की कंडिका कहती है- श्अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक अथवा दिव्यांग श्रेणियों के विद्यार्थियों से कथित भेदभाव की शिकायत।्य आगे कहा गया है कि लोकपाल का फैसला आने के बाद संस्थान के साथ ही पीड़ित छात्र को भी उसके आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। जहां शिकायत झूठी पाई जाएगी वहां लोकपाल शिकायतकर्ता के विरुद्ध उपयुक्त कार्रवाई की सिफारिश कर सकता है। बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रदेश की नौकरशाही इस बात से अनजान है कि इस संवेदनशील मामले को लेकर देश भर में बवाल हो चुका है और सुप्रीम कोर्ट स्थगन आदेश दे चुका है। जाहिर है अफसर इससे अनजान तो नहीं होंगे। फिर , यह इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि किस तरह फाइलें चलती हैं और उन पर हस्ताक्षर होते हैं। अगर सतर्कता दिखाई जाती तो पहले से जारी इस गाइड लाइन से जातियों वाला बिंदु हटाया जा सकता था। सवाल यह भी कि ऐसे दिशा निर्देशों की वजह से यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो फिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

गहराई, विश्वास और गतिशीलता:भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी ने ऐसे जताई खुशी, किसानों और उद्यमियों के हित में भी बोले
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ट्रेड डील पर साइन करने के बाद भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी कर दी गई है। समझौते के तहत टैरिफ में बड़ी कटौती और बाजार पहुंच बढ़ाने पर सहमति बनी है। केंद्र सरकार के अनुसार इस फ्रेमवर्क से भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अमेरिकी बाजार खुलेगा, जबकि संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा रखी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अहम समझौते पर खुशी जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है। गहराई, विश्वास और गतिशीलता, पीएम मोदी का पोस्टपीएम मोदी ने लिखा, हम दो महान देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। इस समझौते से भारत और अमेरिका दोनों को फायदा होगा और इससे भारत के किसानों, उद्यमियों और स्टार्टअप्स को काफी फायदा मिलेगा। मैं राष्ट्रपति ट्रंप को दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूं। यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाती है।समझौता मेक इन इंडिया को मजबूत करता हैरू पीएम मोदीपीएम मोदी ने अपने पोस्ट में आगे कहा, यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर मेक इन इंडिया को मजबूत करता है। यह महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा। भारत और अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह रूपरेखा हमारे बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और गहरा करेगा। यह फ्रेमवर्क लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा।व्यापार समझौते पर दी गोयल ने जानकारीकेंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर व्यापार समझौते पर अहम जानकारी दी, जिसके बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर समझौते पर मुहर लगाई। बता दें कि व्यापार समझौते की रूपरेखा के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50ः घटाकर 18 फीसदी किया है। इससे भारतीय कंपनियों को अमेरिका में सामान बेचना सस्ता और आसान हो जाएगा। जिससे निर्यात और रोजगार बढ़ेंगे।

पूर्णिया सांसद को अधी रात उठा ले गई पुलिस:31 साल पुराने मामले में एक्शन, पप्पू यादव ने कार्रवाई को बताया राजनीति से प्रेरित, कहा- मैं झुकूंगा नहीं
पटना। बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार की आधी रात पटना के मंदिरी स्थित आवास से अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव शुक्रवार की शाम पटना पहुंचे थे। पटना के एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया, 1995 का एक मामला है। इसमें ट्रायल चल रहा है, जिसमें सांसद को कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन वे तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए थे। इस कारण उनको गिरफ्तार किया गया। यहां पर बता दें कि धोखे से कमरा किराए पर लेने के 31 साल पुराने केस में पटना की विशेष अदालत ने पप्पू यादव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। जिस पर शुक्रवार की आधी रात एक्शन हो गया। पप्पू यादव पर इस मामले में आपराधिक मामले की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी का आरोप है। बताया जा रहा है कि अदालत में सुनवाई जारी थी, लेकिन सांसद की लगातार गैरहाजिरी चल रही थी। पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा, ष्सांसद को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा।पप्पू यादव बोले- एक्शन से राजनीति से प्रेरितसांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका संबंध नीट की छात्रा की मौत के लिए उनकी लड़ाई का प्रतिफल है। सांसद पप्पू यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, बहुत शानदार बिहार पुलिस। हम नीट छात्रा न्याय की लड़ाई लड़े, बिहार पुलिस के पेट में दर्द हो गया। हमें गिरफ्तार करने पटना आवास पहुंच गई, लेकिन इससे पप्पू यादव न झुकेगा न चुप होगा। बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके रहेंगे। जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं।बिहार का सियासी पारा चढ़ाबताया जा रहा है कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर बिहार का राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। उनके समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं। बता दें कि पटना के एक छात्रावास में एक छात्रा की मौत को लेकर पप्पू यादव लगातार पुलिस प्रशासन और सरकार पर सवाल उठा रहे थे। संसद के बाहर भी उन्होंने प्रदर्शन किया था। उनके समर्थकों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन के सामने थे, तो फिर आधी रात की गिरफ्तारी का क्या मतलब?

मथुरा का खौफनाक मंजर:यमुना एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कंटेनर ने बस यात्रियों को रौंदा, 6 मुसाफिरों की मौके पर मौत, कई गंभीर घायल
मथुरा। उत्तरप्रदेश में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के एक हाई स्पीड कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े एक दर्जन से अधिकारियों को कुचल दिया है। इस भीषण हादसे में जहां 6 मुसाफिरों की मौत हो गई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद घटना स्थल का मंजर खौफनाक था। घटना सुरीर थाना क्षेत्र के माइल स्टोन 88 के पास की है, जहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े यात्रियों को रौंद दिया। मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि छह लोग कुचल गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति घायल हुआ था, जिसका इलाज के बाद वह खतरे से बाहर है।घटना के लिए बस चालक को ठहराया जिम्मेदारजिलाधिकारी ने घटना के लिए बस चालक को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि बस ड्राइवर ने गलत तरीके से यमुना एक्सप्रेसवे पर बस को खड़ा किया था। कुछ लोग शौचालय के लिए उतरे थे। इस बीच कुछ लोग बस के आगे खड़े थे। पीछे से एक कंटेनर ने टक्कर मारी, जिसके कारण 6 लोग बस के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों में से पांच की पहचान हुई है और उनके परिजनों को रात में ही सूचना दी गई, जो अभी यहां आ चुके हैं। इस घटना में पूरा प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। मामले में बस और कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।दिल्ली से कानपुर जा रही थी बस मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि थाना सुरीर क्षेत्र में रात करीब 2ः45 बजे यमुना एक्सप्रेस के माइलस्टोन 88 के पास एक बस सड़क किनारे रुकी। यह बस दिल्ली से कानपुर जा रही थी। तभी रास्ते में कुछ यात्री टॉयलेट करने के लिए नीचे उतरे। उसी समय, एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बस को टक्कर मार दी और पास खड़े यात्रियों को भी टक्कर लगी। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।घायलों को दी जा रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएसएसपी ने कहा कि घायल का बेहतर से बेहतर इलाज कराया जा रहा है। मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रोज डे:किसी को यूं नहीं दिया जाता गुलाब...जान लिजिए रोज डे इतिहास
नीलम अहिरवारवैलेंटाइन डे के पहले दिन यानी रोज डे के दिन लोग एक दूसरे को फूल देते हैं और अपनी फिलिंग्स बताते हैं। ये बताने के लिए कि आप उसके लिए कितने खास है३फिर चाहे वो आपकी फैमिली मेबर्स हों पत्नी हो, बच्चे, माता पिता या फिर कोई खास समवन स्पेशल३लेकिन रोड डे का इतिहास क्या किस कब और क्यों गुलाब का फूल किया जाता है चलिए जानते हैंगुलाब और मोहब्बत का अटूट रिश्ता है, जहां लाल गुलाब प्रेम, जुनून और गहरे भावनात्मक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। प्रेमी जोड़े अक्सर वेलेंटाइन वीक के दौरान, विशेषकर रोज डे पर, अपने दिल की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक-दूसरे को गुलाब का फूल देते हैं। यह फूल आकर्षण और सुंदरता का पर्याय है, जो प्रेम की शुरुआत के लिए बहुत लोकप्रिय है। वो इसलिए क्योंकि वो अपने खास महक और रंगों के कारण गुलाब एशिया में भी खास माना जाता रहा है वैसे रोज डे का इतिहास यूरोप से जुड़ा हुआ है, जहां गुलाब सदियों से प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए दिया जाता रहा है। प्रेम के प्रतीक के रूप में वैलेंटाइन डे की शुरुआत तो 14वीं सदी में हुई थी, जिसे संत वैलेंटाइन से जोड़ते हैं और रोज डे का इतिहास रोमन पौराणिक कथाओं की देवी वीनस से आता है। इसकी एक कहानी और भी है, ऐसा माना जाता है कि रोज डे का इतिहास मुगल काल से भी जुड़ता है। कहते हैं कि बेगम नूरजहां को लाल गुलाब बहुत पसंद थे और जहांगीर अपनी बीवी को खुश करने के लिए हर दिन कई टन गुलाब भिजवाते थे। यह भी कहानी है कि महारानी विक्टोरिया के जमाने में भी गुलाब देकर लोग अपने इमोशन एक्सप्रेस करते थे और प्यार का इजहार लाल गुलाब देकर करते थे।माना जाता है कि विक्टोरियन लोग गुलाब देकर एक-दूसरे के प्रति अपना प्यार, सम्मान और लगाव दिखाने वाले पहले इंसान रहे हैं. हालांकि ऐसा कोई सबूत नहीं है ये तो रही इतिहास की बात लेकिन किसी को भी किसी रंग का गुलाब नहीं दिया जा सकता है। इनके रंगों का भी बड़ा महत्व होता है...गुलाब के अलग-अलग रंग अलग-अलग भावनाओं का प्रतीक होते हैं, जैसे लाल गुलाब प्रेम का प्रतीक होता है, गुलाबी प्रशंसा का, पीला दोस्ती का और सफेद शांति का संकेत देता है.. ऑरेंज रोज इस बात को जाहिर करता है कि आप दोनों एक-दूसरे को लेकर पैशनेट हैं। दोनों अट्रैक्शन महसूस करते हैं और एक-दूसरे की जिंदगी में शामिल होना चाहते हैं। नारंगी कलर के गुलाब रिश्ते को पहला सीरियस मोड़ देने के लिए सही चुनाव है। वहीं नीले रंग के गुलाब बहुत रेयर होते हैं, यही वजह है कि इन्हें किसी को देना यह दिखाता है कि वह शख्स आपके लिए कितना खास है। यह इस फीलिंग को जाहिर करता है कि आपके जिंदगी में यूं तो कई लोग हैं लेकिन स्पेशल वन होने के नाते गर्लफ्रेंड या वाइफ की जगह बेहद खास है।

टीम इंडिया ने फतह किया अंडर-19 विश्व कप:बिहार में जश्न का माहौल, वैभव की तूफानी पारी पर यह बोले दादा
, समस्तीपुर। बिहार में उस वक्त जश्न का माहौल तेज हो गया जब भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रनों की शानदार पारी खेली। सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मालूम था कि वे फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएंगे, लेकिन वे तो चक्रवात बन गए। समस्तीपुर में आईएएनएस से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी का पल है। वैभव ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। हालांकि, वे दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन कोई बात नहीं, उन्होंने बहुत शानदार खेल दिखाया। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी के बारे में कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है। हम शुरू से ही कह रहे थे कि वह फाइनल में शानदार खेलेगा।उन्होंने कहा कि 15 साल से कम उम्र का लड़का इतना शानदार खेल रहा है। उसने भले ही दोहरा शतक नहीं लगाया, लेकिन उसने सिर्फ 80 गेंदें खेलीं और 175 रन ठोक दिए। अगर दूसरे खिलाड़ियों का साथ मिलता तो और भी अच्छा खेलता।टीम इंडिया की सीनियर टीम का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में लाना चाहिए। वह भारतीय जर्सी के लिए दरवाजा तोड़ने को तैयार है और बहुत जल्द ही वह दरवाजा टूट जाएगा। मार्च के बाद वे सीनियर टीम का हिस्सा होंगे।उन्होंने एक पूर्व क्रिकेटर का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने उन्हें कमेंट्री पर सुना कि वे कह रहे थे कि यह 15 साल से कम उम्र का लड़का 100 मीटर के छक्के मार रहा है; इससे बढ़कर और क्या हो सकता है? यह बहुत बड़ी गर्व की बात है। वैभव देहात का लड़का है और आज शिखर पर पहुंच रहा है। हम सभी उसकी सफलता को लेकर बेहद खुश हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल:वैभव के आगे अंग्रेजों ने टेके घुटने, टीम इंडिया ने 100 रनों से रौंदकर जीता खिताब, छठवीं बार हुआ ऐसा
हरारे। हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से रौंदकर एक बार फिर खिताब पर कब्जा कर लिया है। भारजीय टीम ने यह ट्राफी 6वीं बार जीती है। इस जीते के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। यही नहीं उनके बल्ले ने ऐसी आग उलगी की वैभव ने महज 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के और इतने ही चौके बाउंड्री के पार भेजे। वैभव सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 412 रनों का पहाड़ सा लक्ष्य दिया।बता दें कि हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए। भारत को महज 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) के रूप में पहला झटका लग गया था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूती दी। म्हात्रे 51 गेंदों में 53 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 89 रन जोड़ते हुए भारत को 251 के स्कोर तक पहुंचा दिया। वैभव 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विहान मल्होत्रा ने वेदांत त्रिवेदी के साथ 51 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 300 के पार पहुंचा दिया। विहान 30 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में 40 रन की पारी खेली। अंतिम ओवरों में 37 रन की नाबाद पारी खेलते हुए कनिष्क चौहान ने भारत को 411/9 के स्कोर तक पहुंचा दिया। विपक्षी खेमे से जेम्स मिंटो ने सर्वाधिक 3 विकेट निकाले, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए। एक विकेट मैनी लम्सडेन ने अपने नाम किया।इसके जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 19 के स्कोर पर जोसेफ मूर्स (17) का विकेट खो दिया था। यहां से बेन डॉकिन्स ने बेन मेयस के साथ दूसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। मेयस 28 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों की मदद से 45 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद डॉकिंस ने थॉमस रेव के साथ तीसरे विकेट के लिए 49 रन और कैलेब फाल्कनर के साथ चौथे विकेट के लिए 32 रन जुटाए।इंग्लैंड की टीम ने 20.4 ओवरों में 174 के स्कोर पर अपना चौथा विकेट गंवाया और 21.6 ओवरों तक इस टीम का स्कोर 177/7 था। यहां से कैलेब फाल्कनर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 67 गेंदों में 7 छक्कों और 9 चौकों के साथ 115 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड को खिताब नहीं दिला सके। भारत की तरफ से आरएस अंबरीश ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए। दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट निकाले। एक विकेट म्हात्रे के हाथ लगा।

15 छक्के-15 चैके...:अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में वैभव के बल्ले ने उगली आग, 80 गेंदों में 175 जड़ लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी
हरारे। वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेलते हुए कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। इंग्लैंड के खिलाफ शुक्रवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 80 गेंदें खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाए। उनकी इस पारी में 15 छक्के और इतने ही चैके शामिल रहे। इसी के साथ वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के, अंडर-19 में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले खिलाड़ी, अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी, फाइनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज और अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। आइए, इन रिकॉर्ड्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल यह व्यक्तिगत सर्वोच्च रिकार्डवैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में 175 रन की पारी खेली। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में उन्मुक्त चंद दूसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने साल 2012 में भारत की ओर से खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 111 रन की नाबाद पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट विलियम्स (108), इंग्लैंड के स्टीफन पीटर्स (107) और भारत के मनजोत कालरा (101’) लिस्ट में क्रमशरू तीसरे, चैथे और पांचवें स्थान पर हैं।अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्का लगाने वाले खिलाड़ी भी बने सूर्यवंशीवैभव सूर्यवंशी अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस संस्करण में कुल 30 छक्के लगाए। इसी के साथ वैभव ने साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पछाड़ दिया है, जिन्होंने साल 2022 में 18 छक्के जड़े थे। फिन एलन साल 2016 और 2018 में इतने ही छक्के लगा चुके थे।सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकार्ड भी सूर्यवंशी के नामसूर्यवंशी के नाम अंडर-19 में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, उन्होंने 71 गेंदों में इस कारनामे को किया। इसी टूर्नामेंट में इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयस ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 98 गेंदों में 150 रन पूरे किए थे। अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक के मामले में वैभव दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने ये कारनामा 55 गेंदों में किया। ऑस्ट्रेलिया के विल मालाजचुक ने इसी साल जापान के विरुद्ध महज 51 गेंदों में शतक पूरा किया था।

उत्तराखंड-नेपाल बार्डर पर भीषण सड़क हादसा:पिथौरागढ़ में बारातियों से भरी बस गिरी खाई में, 13 की मौत, 34 घायल, इनमें कई की हालत गंभीर
पिथौरागढ़। उत्तराखंड और नेपाल की सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। नेपाल के बैतडी जिले में बडी से बजांग बारात लेकर जा रही एक बस गहरी खाई में गिर गई, इस भीषण हादसे में जहां 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 34 लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मौतों का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। पुरचुंणी नगरपालिका सात भवने गांव से दुल्हन लेकर बजांग के सुनकुडा जा रही बस पुरचूंणी के बड़गांव मोड से अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं। यह बारात की बस देहरादून और उत्तराखंड की सीमा के पास से नेपाल की ओर जा रही थी। गहरी खाई में गिरने के कारण बस में सवार अधिकांश लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी निरिक्षक बलदेव बडू ने बताया कि रात्रि के समय नेपाल एपीएफ, प्रहरी एवं स्थानीय जनता द्वारा यात्रियों का रेस्क्यू किया गया।13 साल के मासूम की भी मौतदुर्घटना में मरने वालों में बजांग बित्थड चीर गांव पालिका निवासी केशव राज जोशी (40) अशोक राज जोशी 13, बसंत राज जोशी (35), बिष्णु दत्त जोशी (41), नरेश राज जोशी (42), बिशन दत्त जोशी (17) दीपक जोशी (28), किशन जोशी (46), बजांग केदारस्यु गांव पालिका निवासी मोहन देव भट्ट (60) केशव भट्ट (27), बजांग जय पृथ्वी नगरपालिका निवासी बसंत राज रतला (40), बैतडी पुरचूणीं नगरपालिका निवासी पुष्पा अवस्थी (40), बैतडी पुरचूणीं नगरपालिका निवासी सुशील जोशी शामिल हैं।छह बारातियों की घटनास्थल पर ही मौतजिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी निरिक्षक बलदेव बडू ने बताया कि बस दुर्घटना में छह बरातियों की घटना स्थल में ही मौत हो गई। पांच बरातियों की डडेलधुरा अस्पताल में और दो बरातियों की कोटिला अस्पताल में मौत हो गई। घायलों में कुछ और बरातियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बस में अधिक संख्या में बराती सवार थे। चढ़ाई के दौरान बस नहीं चढ़ पाई और हादसा हो गया। 25 घायल बारातियों का डडेलधुरा अस्पताल और पांच गंभीर रूप से घायल बरातियों को धनगढी भेज दिया गया है।

महाकालेश्वर मंदिर:उज्जैन में मौजूद हैं बाबा महाकाल का वृद्ध स्वरूप, इनके दर्शन के बिना अधूरी है धार्मिक यात्रा
नई दिल्ली। उज्जैन का महाकाल मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध दक्षिणमुखी और स्वयंभू मंदिर है। महाकाल मंदिर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है, जहां जाने से समय भी बदल जाता है। माना जाता है कि महाकाल के दर्शन मात्र से जीवन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि महाकाल मंदिर में मुख्य गर्भगृह में मौजूद शिवलिंग से भी पुराना शिवलिंग मंदिर में मौजूद है, जिसके दर्शन के बिना महाकाल की दर्शन यात्रा अधूरी मानी जाती है।उज्जैन के महाकाल मंदिर में कई प्राचीन मंदिर स्थापित हैं, जिनकी अपनी-अपनी मान्यता है। कुछ मंदिर का निर्माण नए सिरे से किया गया है लेकिन कुछ मंदिर की जड़े प्राचीन काल से जुड़ी हैं। मंदिर परिसर में महाकाल के दर्शन से पहले वृद्धकालेश्वर महादेव का मंदिर बना है, जिसे मुख्य मंदिर से भी प्राचीन बताया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में बाबा महाकाल के प्रतिरूप में शिवलिंग मौजूद हैं और उनका शृंगार प्रतिदिन बाबा महाकाल की तरह ही होता हैं।भगवानों में फर्क कर पाना बहुत मुश्किलवृद्धकालेश्वर महादेव और बाबा महाकाल में फर्क कर पाना बहुत मुश्किल है क्योंकि शिवलिंग का आकार और रूप दोनों एक जैसे हैं। कहा जाता है कि वृद्धकालेश्वर महादेव, बाबा महाकाल के वृद्ध स्वरुप हैं और उनसे भी ज्यादा प्राचीन हैं। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का पुण्य तभी पूरा मिलता है, जब महाकालेश्वर के श्वृद्धश् स्वरूप के दर्शन न हो जाए। इसलिए भक्त महाकाल के दर्शन के बाद बाबा वृद्धकालेश्वर के दर्शन जरूर करते हैं।महाकाल से भी पुराने हैं बाबा वृद्धकालेश्वरमाना ये भी जाता है कि बाबा वृद्धकालेश्वर, महाकाल से भी पुराने हैं और उनसे पहले धरती पर प्रकट हुए थे। हालांकि आक्रमणकारियों की वजह से शिवलिंग और मंदिर दोनों को खंडित करने की कोशिश की गई लेकिन आज भी बाबा वृद्धकालेश्वर अपनी जगह पर स्थापित हैं और भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण कर रहे हैं। मंदिर की हालत थोड़ी जर्जर है जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंदिर आक्रमणकारियों का शिकार हुआ था लेकिन साथ ही समय-समय पर मंदिर का रखरखाव भी होता रहता है।हर किसी को नहीं हो पाते स्पर्श दर्शनजहां महाकाल के स्पर्श दर्शन हर किसी को नहीं हो पाते हैं, वहीं उसके उलट बाबा वृद्धकालेश्वर के स्पर्श दर्शन के लिए मंदिर हमेशा खुला रहता है। भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए सावन और महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजा कराते हैं। जूना महाकाल की भी बाबा महाकाल की तरह ही अलग-अलग आरतियां प्रतिदिन की जाती हैं।

एमपीपीजीसीएल की उपलब्धि:जबलपुर में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी फंक्शनल ट्रेनिंग सिम्युलेटर, 14 करोड़ में नयागांव में लेगा आकार
भोपाल। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल ) जबलपुर के नयागांव स्थित पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रूपए की लागत से देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल थर्मल एवं हाइड्रो ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है। इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन अभियंताओं को विद्युत संयंत्रों के संचालन, नियंत्रण एवं आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन का यथार्थपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे प्लांट ट्रिपिंग जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सिम्युलेटर रिमोट ऑपरेशन की सुविधा से भी युक्त होगा। इससे पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान न केवल राज्य बल्कि अन्य राज्यों की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं एवं तकनीकी विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा।मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अपने कार्मिकों को उच्च स्तरीय तकनीकी , वित्तीय एवं प्रबंधकीय दक्षताओं से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यालय स्थित नयागांव में प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक नवाचारों के साथ विकसित कर रही है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम और डायरेक्टर कॉमर्शियल श्री मिलिन्द भान्दक्कर के प्रगतिशील मार्गदर्शन में यह संस्थान देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक विशिष्ट एवं अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है।मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कुमार कश्यप ने जानकारी कि प्रशिक्षण संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की जा रही है, जहाँ कंपनी के सभी कॉडर के कार्मिकों को तकनीकी, वित्तीय व प्रबंधकीय विषयों पर समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह संस्थान नवनियुक्त कार्मिकों व अभियंताओं के लिए प्रेरण प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) का प्रमुख केंद्र होगा। कंपनी की मिड-कैरियर ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत करंट चार्ज अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के कार्मिकों को विशेष रूप से संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जाएगा।निर्माणाधीन ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम एवं आईटी प्रशिक्षण केंद्र-प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 150 सीटों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम निर्माणाधीन है, जिसमें सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएँ एवं विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 21 कम्प्यूटर एवं समर्पित कार्यस्थलों से युक्त एक आधुनिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किया जा रहा है, जहाँ ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा सहित विभिन्न तकनीकी एवं वित्तीय सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वाशिंगटन पोस्टः अमेरिकी अखबार में इतिहास की सबसे बड़ी कटौती:कांग्रेस नेता के बेटे की भी गई नौकरी, फूटा थरूर का गुस्सा, खेल विभाग और विदेशी कार्यालय भी बंद
वॉशिंगटन। अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने बीते दिनों एक तिहाई कर्मचारियों की छटनी कर दी है, यानि 800 पत्रकारों में से 300 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसमें कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर का बेटा ईशान थरूर भी शामिल है। वे सीनियर कॉलमिस्ट के पद पर कार्यर थे। इसके अलावा अखबार ने कथित तौर पर अपना खेल विभाग और कई विदेशी कार्यालय भी बंद कर दिए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने चार फरवरी को एक कंपनी-व्यापी कॉल के दौरान इस छंटनी की घोषणा की। ये अखबार के 150 साल के इतिहास की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है। ईशान के साथ-साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अनुभवी सहयोगियों को भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। ईशान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन पोस्ट ने इंटरनेशनल टीम के कई शानदार पत्रकारों के साथ उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है। यह न्यूज रूम के लिए बेहद दुखद दिन है।वहीं बेटे को नौकरी से निकाले जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गुस्सा फूट पड़ा है। शशि थरूर ने अखबार के व्यावसायिक तर्क पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि ईशान का कॉलम इंटरनेट पर बेहद लोकप्रिय था। उनके वैश्विक नजरिया न्यूजलेटर के 5 लाख से अधिक (हाफ मिलियन प्लस!) व्यक्तिगत सब्सक्राइबर्स थे।अखबार इसे भुनाने की कर सकता था कोशिशउन्होंने बताया कि मैंने दुनिया भर के विदेश मंत्रियों, राजनयिकों और विद्वानों से मुलाकात की है जो उनके लेखों को रोजाना पढ़ते थे। थरूर के अनुसार, इतने बड़े पाठक वर्ग वाले न्यूजलेटर को बंद करना समझ से परे है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखबार इसे भुनाने की कोशिश कर सकता था, लेकिन इसे खत्म करना खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा कृत्य है।ईशान को नुकसान पहुंचाने जैसा फैसलाशशि थरूर ने कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट चाहती तो इतनी बड़ी पाठक संख्या से कमाई कर सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय अखबार ने उस कॉलम को बंद कर दिया, जो उनके मुताबिक खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा फैसला है। हालांकि बाद में शशि थरूर ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों को समझाने और उनका विश्लेषण करने में ईशान थरूर से बेहतर या उनके बराबर कोई नहीं है।ईशान ने भी व्यक्त की निराशाईशान थरूर ने लिखा, आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है, साथ ही अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अन्य शानदार सहकर्मियों को भी। मैं हमारे न्यूजरूम के लिए और खासकर उन बेजोड़ पत्रकारों के लिए दुखी हूं, जिन्होंने पोस्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया- संपादक और संवाददाता जो लगभग 12 वर्षों से मेरे दोस्त और सहयोगी रहे हैं। उनके साथ काम करना सम्मान की बात थी। अपने योगदानों पर प्रकाश डालते हुए ईशान ने कहा, मैंने पाठकों को दुनिया और उसमें अमेरिका की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था और मैं उन पांच लाख वफादार पाठकों का आभारी हूं जो सालों से हफ्ते में कई बार इस कॉलम को पढ़ते रहे हैं।


