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भोपाल। मप्र विधानसभाका बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेना प्रस्तावित है। सत्र को लेकर पक्ष और विपक्ष तैयारियों में लगा हैं। सत्ता पक्ष एक ओर जहां बजट एवं केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, अमेरिकी ट्रैड डील की खूबियां गिनाने की तैयारी में है। वहीं विपक्षी दल कांगे्रस भ्रष्टाचार से लेकर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33 लोगों की मौत, भोपाल के सरकारी बूचडखाने में गायों की कटाई, नकली कप सीरप से छिंदवाड़ा एवं बैतूल में 25 बच्चों की मौतों को लेकर सरकार की घेराबंदी की तैयारी में है। साथ ही प्रदेश पर लगातार बढ़ रहे कर्ज, फसलों के दाम नहीं मिलना एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मामलों को जोरशोर से उठाया जाएगा। जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने नंबर जारी किया है।
विधानसभा सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित 4.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी, जो पिछले वर्ष से करीब 10 प्रतिशत अधिक होगा। सत्र के दौरान विपक्ष के सभी विधायकों द्वारा उनके क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अवैध उत्खनन, गरीबों की जमीन हड़पने के मामले भी उठाए जाएंगे। बजट सत्र में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को बजट पेश कर सकते हैं।
कांग्रेस विधायकों को सत्र की तैयारी करने के निर्देश
कांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए तीन चरणों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। पहले चरण में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और घोटालों के तथ्य सदन में पेश करेंगे। उमंग सिंघार ने विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे सबूतों के साथ मुद्दे उठाएं, जैसे विभागीय धांधली और माफिया राज। यह रणनीति स्थानीय मुद्दों को राज्य स्तर पर लाकर सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाएगी।
सत्र के दौरान रोजाना प्रदर्शन की तैयारी
बजट सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्ष द्वारा रोजाना गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक प्रदर्शन होंगे। पिछले सत्रों में भी कांग्रेस ने रोजाना अलगक-अलग ढंग से प्रदर्शन किया। जो सत्र के दौरान सुर्खियों में रहा। तीसरे चरण में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवादल जैसे संगठन सड़कों पर उतरेंगे। विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जो विरोध को जन आंदोलन का रूप देग। यह रणनीति 2023 के किसान आंदोलन से प्रेरित लगती है, जहां सड़क विरोध ने राजनीतिक दबाव बनाया।
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