CHHATTISGARH NEWS

छत्तीसगढ़ः मक्के की आड़ में नशे की खेती! :आरोपी भाजपा नेता को पुलिस ने उठाया, विधानसभा में भी गूंजा करोड़ की अवैध अफीम का मुद्दा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफीम की अवैध खेती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी से निलंबित आरोपी नेता विनायक ताम्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस दौरान लगभग 14 लाख अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार इस अवैध खेती की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये आंकी गई है। दरअसल ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए हैं। जब्त पौधे की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए आंकी गई है। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के मजदूर ही काम संभाल रहे थे। इसके अलावा आरोपियों ने सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्महाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना लगभग असंभव था। शनिवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार मक्का और ज्वार के पौधों की आड़ में अफीम की खेती कर रहा था। पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं तीसरा आरोपी फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। उधर भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती के बाद प्रदेश में सियासी हलचल भी तेज है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी ग्राम समोदा में खेत का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस खेत में अफीम की खेती की जा रही है, वह भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की जमीन बताई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिले में पहली बार इस तरह की अफीम की खेती सामने आई है और यह जांच का विषय है कि यह खेती कब से की जा रही थी।वहीं अफीम की अवैध खेती को लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है३ खैरागढ़ में जिलाध्यक्ष कोमल साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी अंबेडकर चैक पर एकत्रित हुए, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झूमाझटकी भी हुई। इधर अवैध अफीम का मुद्दा कांग्रेस ने आज विधानसभा सत्र के दौरान भी उठाया३इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समोदा में अवैध अफीम की खेती विनायक ताम्रकार द्वारा की जा रही थी और यह प्रशासन के संरक्षण में हो रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर इस खेती को बढ़ावा देना चाहती है।इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने के बाद हर अपराध पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अफीम खेती के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी इस अपराध में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।समोदा अफीम कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति अब गरमा गई है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार कार्रवाई का हवाला देकर आरोपों को खारिज कर रही है।

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा:रायपुर-बिलासपुर NH पर बस-ट्रेलर की भीषण टक्कर में 5 की मौत, 30 से अधिक घायल, मृतकों की हुई शिनाख्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को बहुत ही दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सिमगा के पास एक यात्री बस और ट्रेलर में भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों में बेमेतरा निवासी दशरथ साहू (80), बेमेतरा निवासी त्रिवेणी साहू (62), बेतर निवासी राधिका निर्मलकर (24), खुशी साहू (02) और एक 18 वर्षीय युवती शामिल है। हादसे की वजह ट्रक चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि हादसे के पीछे की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रही आरबीएस कंपनी की एक बस शुक्रवार सुबह 11 बजे दरचुरा के पास सवारी उठाने के लिए धीमी हुई। उसी समय पीछे से आ रहे ट्रक के चालक ने तेज गति व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और इसमें बैठे 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।हादसे के बाद घायलों को तुरंत पास के सीएचसी सिमगा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल लोगों को रायपुर के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया था। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर और एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं। साथ ही, एक बच्ची भी इस हादसे की चपेट में आ गई। अब तक हादसे में मृतकों की कुल संख्या पांच बताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षक भर्ती::5 हजार शिक्षकों की भर्ती परीक्षा अक्टूबर में संभावित, सीएम विष्णुदेव साय ने X पोस्ट करके दी जानकारी
रायपुर। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार 5000 पदों पर टीचर्स की भर्ती करने जा रही है। सीएम विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। संभावित तारीखों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि व्यापम द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 , जबकि व्याख्याता पद की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को होगी…इन परीक्षाओं के माध्यम से हजारों रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिससे प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। बता दें कि विधानसभा सत्रों से लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और अभ्यर्थी समूहों द्वारा लगातार भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की जा रही थी। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक कारणों से कई पद खाली रह गए थे। अब परीक्षा तिथियां घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों में तैयारी को लेकर उत्साह बढ़ा है। माना जा रहा है कि इस भर्ती से न केवल बेरोजगार युवाओं को अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

बीजापुर में ढेर हुए दो और नक्सली:इंद्रावती नदी क्षेत्र में मुठभेड़, हथियारों का जखीरा बरामद, नक्सली विरोधी अभियान में बड़ी सफलता
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में गुरुवार को दो नक्सली मारे गए और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में माओवादी विरोधी तलाशी अभियान शुरू किया।अभियान के दौरान गुरुवार सुबह इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी हुई। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके की तलाशी में वर्दीधारी माओवादियों के दो शव बरामद हुए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एसएलआर राइफल, आईएनएसए राइफल और 12 बोर राइफल सहित कई हथियार जब्त किए गए। साथ ही विस्फोटक और माओवादी गतिविधियों से संबंधित अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टालिंगम ने बताया कि आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान अभी जारी है और एक विस्तृत रिपोर्ट अलग से जारी की जाएगी। ऑपरेशन जारी रहने के कारण आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।इसी बीच, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां कोर्ट ने दो माओवादियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा के साथ 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों के नाम हुंगा उर्फ गुट्टम सोडी और जोगा कुदामी है। दोनों सुकमा जिले के गदिरास पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पोरडेम गांव के निवासी हैं, जिन्हें 20 मई 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27:साय सरकार ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, जानें बड़ी घोषणाओं के बारे
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नए विधानसभा भवन नया रायपुर अटल नगर परिसर में 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट हैं। इस वर्ष का बजट संकल्प थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देना है।साय सरकार का तीसरा बजट ज्ञान और गति के बाद संकल्प के थीम पर आधारित है। जिसका अर्थ समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड, पॉलिसी से परिणाम तक है। बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई, वहीं 18 साल पूरे होने पर बच्चियों को डेढ़ लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 23 नए उद्योग खुलेंगे और 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम भी खोले जाएंगे। पढ़ें बजट में बड़ी घोषणाएं। माताओं और बच्चों के लिए घोषणाएंछत्तीसगढ़ के भविष्य का निर्माण सशक्त माताएं और स्वस्थ, शिक्षित बच्चे करेंगे। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण के लिए 2,320 करोड़ का प्रावधान किया गया है।बस्तर और सरगुजा के सर्वांगीण विकास का बजटपोषण, खेल, परिवहन, आजीविका और रोजगार के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए की ये घोषणाएंदुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ स्थित 5 सरकारी महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान के लिए 731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।अधोसंरचना विकास का बजट राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए 68 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के लिए 9,450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।सड़कों के विस्तार का बजट विधानसभा में बजट पेश करते हुए छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चैधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।नगरीय और अधोसंरचना विकास के लिए नई घोषणाएंऔद्योगिक विकास का बजटऔद्योगिक प्रयोजन के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधाननगरीय विकास का बजट मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधानबुनियादी अधोसंरचना, नागरिक सेवाओं, स्वच्छता में होगा सुधारदूरस्थ क्षेत्र भी जुड़ेंगे हवाई सेवाओं सेजगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगाअधोसंरचना विकास का बजटप्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए 400 करोड़ का प्रावधानछत्तीसगढ़ में यहां बनेंगे मेडिकल कॉलेजछत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चैधरी ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य सिद्ध होगा। चैधरी ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम है। दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

नए श्रम कानूनों के खिलाफ हड़ताल पर संगठनों का फूटा गुस्सा:कहा- ट्रेड यूनियन राजनीतिक आकाओं के इशारों पर कर रहीं प्रदर्शन
भोपाल-बिलासपुर। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई संगठनों ने नए श्रम कानूनों के खिलाफ हड़ताल का विरोध किया है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली ट्रेड यूनियन अपने राजनीतिक आकाओं के इशारों पर मजदूरों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही हैं। पिछले 42 सालों से ट्रेड यूनियनों व वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर काम कर रहे दीपक जायसवाल ने केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दिया। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (एनएफआईटीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने कहा, ष्दो दशकों से ज्यादा समय से लेबर कानूनों की समीक्षा के लिए बर्मा कमीशन मौजूद था। 1947 के कॉलोनियल समय के कई लेबर कानून पुराने हो चुके थे। इन कानूनों को मौजूदा जरूरतों के हिसाब से एक साथ लाने और अपडेट करने की बहुत ज्यादा मांग थी। हालांकि, पिछली सरकारों ने सिफारिशों को लागू नहीं किया। केंद्र में भाजपा सरकार ने कदम उठाए और अलग-अलग संगठनों के साथ 100 से अधिक बार वार्ताएं कीं। सरकार ने पुराने श्रम कानूनों में सरलीकरण करके नए नियम बनाए।एनएफआईटीयू के महासचिव विराट जायसवाल ने कहा कि नए श्रम कानून विकसित भारत 2047 के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। गिग वर्कर्स से लेकर मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा तक नए कानूनों के कई फायदे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का प्रोपेगेंडा खड़ा करने की कोशिश की है। यह सिर्फ राजनीतिक हड़ताल है। इससे मजदूर वर्ग का कोई लेना-देना नहीं है। प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली ट्रेड यूनियन अपने राजनीतिक आकाओं के इशारों पर मजदूरों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही हैं। वास्तविकता से इन ट्रेड यूनियन का वास्ता नहीं है।फाइट फॉर राइट के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर उमंग बंसल ने कहा कि यह पूरी ही राजनीतिक से प्रेरित हड़ताल है और इसका असर देश में नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वह श्रमिकों के हित में बनाई हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों में किसी तरह की कोई कमियां हो सकती हैं, लेकिन इस तरह से हड़ताल कर सरकार को दबाया नहीं जा सकता है, बल्कि मिल-बैठकर सरकार को उन कमियों के बारे में जानकारी देनी होगी।ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लाईज यूनियन के नेता सतेंद्र कुमार ने कहा कि गुरुवार को बुलाई गई हड़ताल राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित है। उन्होंने नए कानूनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये श्एक देश-एक कानूनश् की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने कर्मचारी हितैषी फैसले लिए और श्रम कानूनों को आसान बनाया। इससे मजदूर वर्ग को समान काम, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा दी गई है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: CG में 6412 जोड़ों के विवाह के साथ बना विश्व रिकॉर्ड, हर जोड़े को मिले 35 हजार
रायपुर। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में मंगलवार को कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है।सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सवCM साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआतमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

अब माओवाद नहीं, विकास और आत्मविश्वास की पहचान है बस्तरः:बस्तर मंडुम के सफल आयोजन पर बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की पहचान अब धीरे-धीरे एक नए रूप में उभर रही है। जिस बस्तर को लंबे समय तक माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था, वही बस्तर अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और आत्मविश्वास के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है बस्तर पंडुम, जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में बस्तर पंडुम का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।उन्होंने आगे कहा, पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बस्तर पंडुम में शामिल हुए और उन्होंने इसे बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ष्वामपंथी उग्रवादियों के भय और हिंसा से बाहर निकलकर बस्तर अपनी संस्कृति और धरोहरों को आगे बढ़ा रहा है और विकसित भारत का ब्रांड एंबेसडर बन रहा है। आज जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के बस्तर पंडुम में जनजातीय बहनों-भाइयों को पुरस्कार वितरित कर उनसे संवाद किया।उन्होंने कहा, नक्सलियों ने जिस बस्तर को सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था, मोदी जी के नेतृत्व में वहां की कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत वैश्विक पहचान पा रही है। जगदलपुर में बस्तर पंडुम में जनजातीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।उन्होंने आगे कहा, कैसे एक सरकार नेक इरादे, नेक मंशा और मजबूत नीति व स्पष्ट नीयत से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर सकती है, ‘बस्तर पंडुम’ में हंसता-खेलता बस्तर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद से विकासवाद की उस यात्रा का प्रत्यक्ष साक्षी है।

अबूझमाड़ के जंगल में तीन नक्सलियों का खात्मा:गढ़चिरोली-बीजापुर सीमा पर सुरक्षाबलों को मिली सफलता, सभी के शव और हथियार बरामद
गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में चल रहे बड़े नक्सल विरोधी अभियान से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। बीजापुर और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ के जंगल में एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई है। एंटी नक्सली ऑपरेशन अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है। सभी के शव बरामद कर लिए गए है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से एक एके-47 और एक एसएलआर राइफल भी जब्त किए हैं। मुठभेड़ अभी भी जारी है। हालांकि, तीनों माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि गढ़चिरौली पुलिस और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पिछले दो दिनों से चल रही थी। जंगल के घने इलाकों में चल रहे इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने काफी सतर्कता दिखाई। अभियान के दौरान सी-60 जवान दीपक चिन्ना मडावी (38), जो अहेरी के निवासी थे और मूल रूप से मांडरा, दामरांचा, तालुका अहेरी से थे, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट करके अबूझमाड़ से उपजिला अस्पताल भामरागड लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी गंभीर चोटों के कारण उनका निधन हो गया।इस अभियान में एक अन्य जवान, जोगा मडावी, निवासी किष्टयापल्ली, रात के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें भी तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल लाया गया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जल्द ही उन्हें गढ़चिरौली स्थानांतरित किया जाएगा।अभियान के तहत पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में घेराबंदी की गई है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और पराक्रम के चलते अब तक तीन माओवादी ढेर हो चुके हैं और उनके पास से हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि को रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ में साकार हो रहा फिल्म सिटी का सपना: सीएम साय ने रायपुर के चित्रोत्पला में रखी इंटरनेशनल फिल्म सिटी की नीव, 100 एकड़ में लेगा आकार
रायपुर। रायपुर के चित्रोत्पला में फिल्म सिटी कां सपना साकार हो रहा है। 100 एकड़ के क्षेत्रफल में बनने वाली फिल्म सिटी की आधारशिला शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखी। इस प्रोजेक्ट को भारत की पहली वर्ल्ड क्लास फिल्म सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और फिल्म उद्योग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक अनिल शर्मा की उपस्थिति ने इस परियोजना को उद्योग का मजबूत समर्थन दिया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, लंबे समय से राज्य के लोगों की मांग थी कि हमारी अपनी फिल्म सिटी हो ताकि छत्तीसगढ़ की कहानियां वैश्विक दर्शकों तक पहुंच सकें। सरकार पहले चरण में 150 करोड़ रुपए और आगे के चरणों में 250 से 300 करोड़ रुपए का सहयोग दे रही है। हमें उम्मीद है कि दो साल में यह सपना पूरा होगा।निर्माता-निर्देशक बिना किसी बाधा के कर सकेंगे शूटिंगवहीं, फिल्म सिटी के कंसेशनेयर तरुण राठी ने कहा कि यहां फिल्मकारों को सभी आधुनिक उपकरण और एक पूरा इकोसिस्टम मिलेगा, जिससे मुंबई और देशभर के निर्माता-निर्देशक बिना किसी बाधा के शूटिंग कर सकें। बता दें कि चित्रोत्पला में आकार ले रही फिल्म सिटी को राजनंदिनी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (आरईएल) तथा इंद्रदीप इंफ्रा लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों के लिए एक भविष्य-तैयार, एंड-टू-एंड प्लेटफॉर्म बनाना है।इन्हें जोड़ा जाएगा एकीकृत इकोसिस्टम सेपरियोजना का पहला चरण 95 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसमें सिनेमा, संस्कृति, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को एकीकृत इकोसिस्टम के रूप में जोड़ा जाएगा। यह फिल्म सिटी भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की विशेष सहायता योजना के तहत विकसित हो रही है, जिससे स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, उद्यमियों और समुदायों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत में इस परियोजना को लेकर पहले से ही उत्साह है। चर्चा है कि गोलमाल-5 सहित कई बड़ी फिल्में और प्री-प्रोडक्शन में चल रही परियोजनाएं, फिल्म सिटी के शुरू होते ही यहां शूटिंग पर विचार कर सकती हैं।युवाओं को मिलेंगे नए अवसरइस योजना को मजबूती देने के लिए इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) और एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) भी शामिल हैं। आईईएमएल के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार और ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज खन्ना एक व्यापक ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसमें एक्सहिबिशन सेंटर, कन्वेंशन सेंटर, होटल, मार्ट-कम-बिजनेस शोरूम, हेलीपैड और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इनसे स्थानीय कारीगरों, आदिवासी समुदायों, एमएसएमई और युवाओं को नए अवसर और बाजार मिलेंगे।

पावरप्ले में स्ट्राइक नहीं मिलने पर ईशान से खफा थे सूर्या:कीवियों को रौंदने के बाद कप्तान ने किया खुलासा, की तारीफ भी
रायपुर। भारत ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 बॉल पर नाबाद 82 रनों की नाबाद पारी खेली। जबकि ईशान किशन ने 32 बॉल पर 76 रन बनाए। कीवियों को 7 विकेट से रौंदने के बाद सूर्य कुमार ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब पावरप्ले के दौरान ईशान उन्हें स्ट्राइक नहीं दे रहे थे, तो वह नाराज थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने परिस्थितियों को समझा। सूर्य कुमार ने कहा कि मुझे नहीं पता ईशान ने दोपहर के लंच में क्या खाया था, लेकिन मैंने कभी किसी को 2 विकेट पर 6 रन से पावरप्ले के अंत तक 60 के आसपास पहुंचते हुए नहीं देखा। हम अपने बल्लेबाजों से यही चाहते हैं कि वे खुलकर खेलें। पावरप्ले में वह मुझे स्ट्राइक नहीं दे रहे थे, इस पर मैं थोड़ा नाराज था, लेकिन मैं बाद में हालात को समझ पाया।फार्म को लेकर भी बोले सूर्यासूर्या ने अपनी शानदार फॉर्म को लेकर कहा, मैं नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था, अच्छा ब्रेक मिला और मैच से पहले बढ़िया प्रैक्टिस सेशन भी हुआ था। गेंदबाजी के साथ भी जबरदस्त प्रयास रहा। जब न्यूजीलैंड ने 2 विकेट खोकर 110 रन लिए थे, तो मुझे लगा स्कोर 230 के आसपास जाएगा, लेकिन हमारे गेंदबाजों ने जिम्मेदारी ली और योगदान दिया। मैं इस वक्त जो हो रहा है, उसका खूब आनंद ले रहा हूं। कैंप का माहौल खुशहाल है और मैं चाहता हूं कि वह ऐसा ही बना रहे।हार के बाद यह बोले सेंटनरदूसरी ओर, पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद मिचेल सेंटनर ने कहा, टीम इंडिया के खिलाफ शायद 300 रन बनाना सही हो? जब आप ऐसी टीम के खिलाफ खेलते हैं, जिसकी बल्लेबाजी में बहुत गहराई है और भारत ने पहली ही गेंद से जिस इरादे के साथ शुरुआत की, हमारे लिए अहम था कि जहां संभव हो उन्हें दबाव में रखें। आज हमें काफी दबाव में डाला गया, लेकिन हमारे लिए यह सीखने और वापसी करने का अच्छा मौका था।सेंटनर ने खेली 47 रनों की पारीकप्तान सेंटनर ने इस मैच में 27 गेंदों का सामना करते हुए 1 छक्के और 6 चैकों के साथ नाबाद 47 रन बनाए। अपनी बैटिंग को लेकर सेंटनर ने कहा, विकेट बहुत अच्छा था और आउटफील्ड तेज थी, मुझे यहां खेलने में मजा आया। सेंटनर ने इस मैच में कुल 2 ओवर फेंके, जिसमें 27 रन देने के बावजूद कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। उन्होंने कहा, यहां ओस थी। एक स्पिनर के तौर पर बस गेंद पकड़ने की कोशिश कर रहा था, जो चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन आगे बढ़ना होता है।

टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज,:रिंकू के लिए खास रहा है रायपुर का स्टेडियम, ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से फैंस को फिर कर सकते हैं रोमांचित
रायपुर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार को टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। यह स्टेडियम रिंकू सिंह के लिए यादगार रहा है। पिछले मैच में शानदार फॉर्म में दिखे रिंकू रायपुर में एक बार फिर फैंस को अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से रोमांचित कर सकते हैं। रायपुर में भारत ने अब तक एक ही टी20 मैच खेला है जिसमें उसे जीत मिली थी। 1 दिसंबर 2023 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रायपुर में टी20 मुकाबला खेला गया था। इस मैच में रिंकू सिंह ने 29 गेंद पर 4 चैकों और 2 छक्कों की मदद से 46 रन की पारी खेली थी। इस पारी की बदौलत भारत ने 174 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया को 154 रन पर रोककर मैच 20 रन से जीता था। रिंकू सिंह ने नागपुर में खेले गए पिछले टी20 में अपनी शानदार फॉर्म दिखाई थी और 20 गेंदों पर 3 छक्कों और 4 चैकों की मदद से नाबाद 44 रन की पारी खेली थी। लंबे समय बाद टीम में वापसी कर रहे रिंकू ने एक बार फिर निचले क्रम में अपनी उपयोगिता साबित की और खुद को एक बेहतर फिनिशर के रूप में साबित किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज के अलावा टी20 विश्व कप में भी रिंकू से ऐसी ही पारियों की जरूरत टीम इंडिया को होगी। भारतीय टीम नागपुर टी20 जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। रायपुर में जीत के साथ भारतीय टीम सीरीज में 2-0 की बढ़त ही नहीं बनाएगी, बल्कि सीरीज जीतने की प्रबल दावेदार भी बन जाएगी। पहले वनडे में अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह का बल्ला चला था। सूर्यकुमार यादव ने 32 और हार्दिक पांड्या ने 25 रन की पारी खेली थी। संजू सैमसन, ईशान किशन और शिवम दुबे बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। रायपुर में इन तीनों में से किसी एक से निश्चित तौर पर बड़ी पारी की उम्मीद टीम इंडिया करेगी। इसके अलावा, फील्डिंग और गेंदबाजी में भी टीम इंडिया को सुधार दिखाना होगा।

छत्तीसगढ़ में 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत:भाटापारा के स्टील प्लांट में हुआ जोरदार धमाका, गर्म कोयला गिरने से गई जान
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के पास एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षे़त्र में एक रियल स्पाॅट स्टील प्लांट में विस्फोट गया है। इस दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।बताया जा रहा है कि स्टील प्लांट के डीएससी कोयला भट्ठे के आसपास कुछ मजदूर नियमित सफाई कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक भट्ठे में विस्फोट हो गया। विस्फोट के बाद भट्ठे से गर्म कोयला बाहर आ गया, जिसकी चपेट में सफाई कर रहे मजदूर आ गए। गर्म कोयले और तेज तापमान के कारण मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसा इतना भयावह था कि पांच मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।प्लांट प्रबंधन ने नहीं दी कोई प्रतिक्रियाइस गंभीर हादसे के बावजूद प्लांट प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी या बयान जारी नहीं किया गया है। न ही हादसे के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है। प्रबंधन की चुप्पी को लेकर मजदूरों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।भाटापारा ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही भाटापारा ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रत्यक्षदर्शियों व प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाजपुलिस का कहना है कि सुबह के समय भट्ठे के आसपास संयंत्र के मजदूर सफाई कार्य में लगे हुए थे, तभी जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के बाद गर्म कोयला और राख मजदूरों पर गिर गई, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और धुआं आसमान में फैल गया। घटना के बाद तुरंत एंबुलेंस से मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विस्फोट के कारणों का पता नहीं चला है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता:सुकमा में 26 माओवादियों ने डाले हथियार, इनमें 7 महिलाएं भी, सक्रिय थे इन क्षेत्रों में
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को सात महिलाओं सहित कुल 26 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ये कैडर पीएलजीए बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इन पर कुल 64 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस के रक्षित आरक्षी केंद्र में हुआ। मौके पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की 'नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति- 2025' और सुकमा पुलिस के 'पूना मार्गेम अभियान' से प्रभावित होकर हुआ। इस अभियान का मतलब 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' है। पुलिस के लगातार आॅपरेशन और अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित होने से माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है। इससे बाकी माओवादियों के लिए हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता खुल रहा है।आत्मसमर्पित कैडरों में विभिन्न रैंक के लोग शामिल हैं। इनमें एक सीवाईपीसीएम, एक डीवीसीएम, तीन पीपीसीएम, तीन एसीएम और 18 पार्टी मेंबर हैं। ये सुकमा, माड़ क्षेत्र और ओडिशा की सीमा से लगे इलाकों में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले और आईईडी विस्फोट जैसी घटनाएं शामिल हैं, जिनमें कई जवान शहीद हुए।आत्मसमर्पण करने वालों में लाली उर्फ मुचाकी आयते जैसी हाई प्रोफाइल महिला कैडर भी है, जो प्लाटून डिप्टी कमांडर रही और 10 लाख की इनामी थी। अन्य में हेमला लखमा, आसमिता उर्फ कमलू और कई युवा कैडर शामिल हैं, जो मिलिशिया या पार्टी मेंबर के तौर पर काम कर रहे थे।इस सफलता में डीआरजी सुकमा, इंटेलिजेंस ब्रांच, सीआरपीएफ की विभिन्न बटालियनों और कोबरा की सूचना शाखा की अहम भूमिका रही। सरकार की नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित कैडरों को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि, घोषित इनाम और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।सुकमा पुलिस नक्सल मुक्त बस्तर बनाने के संकल्प पर काम कर रही है। लगातार अभियान से दूरदराज के जंगली इलाकों में विकास पहुंच रहा है। यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के अंत की ओर इशारा करता है। बाकी कैडरों से भी अपील की गई है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति को चुनें।

छत्तीसगढ़ में 14 और नक्सलियों का खात्मा:बीजापुर के सुकमा में सुरक्षा बलों को मिली कामयाबी, सभी के शव बरामद, अत्याधुनिक हथियार भी जब्त
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। बस्तर रेंज बीजापुर और सुकमा जिलों में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 14 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। 14 के शव बरामद कर लिए हैं। यह कार्रवाई पुलिस और डीआरजी ने संयुक्त रूप से की। नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में एके-47, आईएनएसएएस और एसएलआर राइफल जैसे अत्याधुनिक हथियार भी जब्त किए गए हैं। जानकारी के अनुसार मुठभेड़ सुबह 5.00 बजे शुरू हुई, जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम दक्षिण बस्तर के जंगलों में तलाशी अभियान पर निकली थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन इलाके में हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। गुप्त रखी गई सुरक्षा बलों की संख्यापुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चल रही तलाशी के दौरान मुठभेड़ स्थल से 14 के शव बरामद किए गए हैं। ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए, अधिकारियों ने मुठभेड़ की सही जगह और इसमें शामिल सुरक्षा बलों की संख्या जैसी जानकारी नहीं बताई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ऑपरेशन अभी भी निर्णायक चरण में चल रहा है। मैदान में तैनात हमारे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इस स्तर पर संवेदनशील जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।आॅपरेशन खत्म होने के बाद जारी होगी विस्तृत रिपोर्टमाओवादियों की पहचान, बरामद हथियार और आगे के नतीजों सहित एक विस्तृत रिपोर्ट ऑपरेशन खत्म होने और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने के बाद जारी की जाएगी। यह घटना बस्तर डिवीजन में तेज किए गए नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है, जो लंबे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में कई सफल ऑपरेशन हुए हैं, जिससे डीआरजी, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हुआ है।राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप है। घने जंगलों में तलाशी जारी रहने के कारण, इलाके की घेराबंदी करने और किसी भी माओवादी को भागने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

बांग्लादेश:अल्पसंख्यकों पर हिंसा से दुखी कवि, ऐसे लोगों की चुप्पी पर को सुनाई खरी-खरी
रायपुर। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कवि कुमार विश्वास ने गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ इस तरह की हिंसा पूरे मानव समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर मजबूती और निर्णायक तरीके से ध्यान देना चाहिए। हो सकता है कि सरकार पहले से ही इस विषय पर विचार कर रही होगी, लेकिन ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोरता भी जरूरी है।अल्पसंख्याकों पर हो रहे अत्याचार पर चुप्पी क्यों?कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि दुनिया भर में ऐसे बहुत से लोग हैं जो छोटी या बड़ी किसी भी घटना पर मानव हानि को लेकर बहुत अधिक विलाप करते हैं। भारत में भी एक ऐसा वर्ग है जो हर मुद्दे पर बहुत मुखर होकर विलाप करता है। लेकिन, जब बांग्लादेश में एक निर्दोष अल्पसंख्यक को जिंदा जला दिया जाता है, तब वही लोग चुप हो जाते हैं। न बयान आते हैं, न चिंता दिखाई देती है। ऐसे में उनका दोहरा रवैया दुनिया के सामने उजागर हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी युवा नेता की हत्या पर अंतरराष्ट्रीय बहस हो सकती है, तो फिर अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर चुप्पी क्यों?मानवता की रक्षा किसी एक देश का दायित्व नहींकुमार विश्वास ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की बात करने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि मानवता की रक्षा किसी एक देश का नहीं, पूरे विश्व का दायित्व है। जब हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत, हमारी परंपरा, जो कभी बोरीशिल्लाह जैसे क्षेत्रों तक फैली थी, वहां तक हिंसा की आग पहुंच जाए, तो यह बेहद चिंताजनक है। ऐसी आग को वहीं बुझना चाहिए, आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

मै टाॅस हारने के लिए कोस रहा हूं खुद को:साउथ अफ्रीका से मात खाकर बोले भारतीय कप्तान, भारी ओस के चलते गेंदबाजी हो गई थी मुश्किल
रायपुर। भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ रायपुर वनडे मैच में 4 विकेट से रोरी शिकस्त झेलनी पड़ी है। बुधवार की रात हुए इस हाइवोल्टेज मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 359 रनों का पहाड़ जैसा टारगेट दिया था, जिसे उसने चार गेंद बाकी रहते मैच को अपने नाम कर लिया। साउथ अफ्रीका के हाथों मैच 4 विकेट से गंवाने के बाद भारतीय कप्तान केएल राहुल ने कहा कि हार को पचाना मुश्किल नहीं है, क्योंकि दूसरी पारी में भारी ओस की वजह से गेंदबाजी करना मुश्किल हो गया था। अंपायर इतने अच्छे थे कि उन्होंने बॉल बदल दी। टॉस बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। केएल राहुल ने हंसते हुए कहा, मैं टॉस हारने के लिए खुद को कोस रहा हूं।गेंदबाजी और फील्डिग पर भी बोले कप्तानहालांकि, केएल राहुल का यह भी मानना है कि गेंदबाज और फील्डर और अधिक बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। उन्होंने कहा, हमेशा कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जो हम बेहतर कर सकते थे। बल्लेबाजी में, मुझे पता है कि 350 का स्कोर अच्छा था, लेकिन पिछले मैच के बाद भी ड्रेसिंग रूम में यही बात चल रही थी कि हम गीली गेंद से गेंदबाजों को राहत देने के लिए अतिरिक्त 20-25 रन कैसे बना सकते हैं।राहुल ने की गायकवाड़ और कोहली की तारीफगायकवाड़ और कोहली के बीच 195 रन की साझेदारी पर चर्चा करते हुए केएल राहुल ने कहा, ऋतु ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसे देखकर बहुत अच्छा लगा। विराट कोहली को हमने 53 बार शतक लगाते देखा है। वह बस अपना काम करते रहते हैं। ऋतु को बैटिंग करते देखना बहुत अच्छा लगा, जिस तरह से उन्होंने अर्धशतक लगाने के बाद रफ्तार पकड़ी। जिस रफ्तार से उन्होंने बल्लेबाजी की, उसी से हमें अतिरिक्त 20 रन मिले। लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज अधिक योगदान दे सकते थे।

रांची के बाद रायपुर में भी गरजा किंग कोहली का बल्ला:102 रन बनाकर लौटे पवेलियन, ऋतुराज ने भी ठोका करियर का पहला शतक
रायपुर। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है। लगातार 20वीं बार टाॅस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने रांची के बाद रायपुर में भी क्रिकेट प्रसंशकों का दिल खुश कर दिया है। ऋतुराज गायकवाड़ के 105 रन बनाकर आउट होने के बाद रन मशीन विराट कोहली ने भी इस वनडे सीरीज में दूसरा शतक ठोक दिया है। वह 102 रन बनाकर आउट हुए। ऐसे चल रही है भारत की पारीमैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी रही। रोहित और यशस्वी दोनों ही लय मे दिखे। लेकिन 5वें ओवर में रोहित शर्मा का विकेट गिरा। रोहित लगातार तीन चैके लगाकर बैटिंग कर रहे थे। रोहित ने 14 रन बनाए। 10वें ओवर में टीम इंडिया को दूसरा झटका लगा जब यशस्वी जायसवाल के रूप लगा। वह 22 रन बनाकर पवेलियन लौटे। यशस्वी के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कोहली ने छक्के के साथ अपना खाता खोला। 10 ओवर के बाद भारत का स्कोर 66-2 था. 16वें ओवर में भारत ने 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया। टीम इंडिया ने अपने प्लेइंग इलेवन में नहीं किया कोई बदलावइस मैच के लिए टीम इंडिया ने अपने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। रांची वाली टीम ही रायपुर में खेलती दिखेगी। वहीं, साउथ अफ्रीकी टीम में टेम्बा बावुमा की वापसी हुई है। पिछले मैच में वो नहीं खेले थे। भारत को एक बार फिर टॉस में हार का सामना करना पड़ा है. ये लगातार 20वां मौका है जब भारत के कप्तान टॉस नहीं जीत सके हैं।रायपुर वनडे के लिए भारत की प्लेइंग 11: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (कप्तान, विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा।दक्षिण अफ्रीका (प्लेइंग इलेवन): क्विंटन डी कॉक, एडेन मार्करम, टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्जके, टोनी डी जोर्जी, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को जानसेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नांद्रे बर्गर, लुंगी एनगिडी।

मुख्यधारा में लौटे 41 माओवादी कैडर:इन पर 1.19 करोड़ का था ईनाम, छग के नक्सल प्रभाविज जिले में लाल आतंक को लगा करारा झटका
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में बुधवार को माओवादियों को करारा झटका लगा। कुल 41 माओवादी कैडरों ने हथियार डाल दिए और समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इन पर कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपये का इनाम था। इनमें 12 महिलाएं और 29 पुरुष हैं। सरेंडर करने वालों में कई बड़े नामआत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें पीएलजीए बटालियन-1 के 5 सदस्य, 3 एरिया कमेटी मेंबर, कई प्लाटून कमांडर, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार के पदाधिकारी हैं। ज्यादातर (39) दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो के हैं, जबकि कुछ तेलंगाना स्टेट कमेटी और धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ डिवीजन से भी हैं। सबसे बड़े इनामी कैडरों में पति-पत्नी पंडरू हपका उर्फ मोहन और बंडी हपका शामिल हैं, दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। इसी तरह लक्खू कोरसा, बदरू पुनेम, सुखराम हेमला और मंजूला हेमला जैसे नामी कैडर भी सरेंडर करने वालों में हैं।आत्मसमर्पण करने वालों ने संविधान के प्रति जताया विश्वासपुलिस के मुताबिक, यह सफलता छत्तीसगढ़ सरकार की “पूना मारगेम रू पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति और “नियद नेल्ला नार” योजना का नतीजा है। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव, स्थानीय लोगों का सहयोग और परिवार वालों की अपील ने इन कैडरों को हथियार छोड़ने के लिए मजबूर किया। आत्मसमर्पण करने वालों ने भारतीय संविधान में पूरा विश्वास जताया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। सरकार की नीति के तहत हर सरेंडर करने वाले को तुरंत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके बाद पुनर्वास के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।अब तक 560 माओवादी लौट चुके हैं मुख्यधारा मेंबीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि इस साल (1 जनवरी 2025 से अब तक) जिले में 560 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 528 गिरफ्तार हुए और 144 अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए। साल 2024 से अब तक के आंकड़े और भी चैंकाने वाले हैं, 790 सरेंडर, 1031 गिरफ्तारियां और 202 माओवादी मारे गए।आत्मसमर्पण करने वालों ने डीआईजी के सामने डाले हथियारआत्मसमर्पण करने वालों ने डीआईजी केरिपु सेक्टर बी.एस. नेगी, एसपी डॉ. जितेंद्र यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाले। डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ और कोबरा की कई बटालियनों ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई।एसपी ने बाकी माओवादियों से की अपीलएसपी डॉ. यादव ने बाकी माओवादियों से अपील की, “आपके परिजन और गांव वाले चाहते हैं कि आप सामान्य जीवन जियें। हिंसा का रास्ता छोड़ दें। सरकार की पुनर्वास नीति आपके और आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाएगी।” बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने इसे शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि दक्षिण बस्तर में अब हिंसा की जगह संवाद और विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।

छत्तीसगढ़: जांजगीर चांपा में स्काॅर्पियों-ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत:5 बरातियों की मौत, तीन गंभीर घायल, लोगों को निकालने करी पड़ी मशक्कत
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सुकली गांव के पास मंगलवार देर रात एनएच-49 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां पर ट्रक और स्कॉर्पियो के बीच हुई भीषण टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। हादसा इतना भयानक था कि स्कॉर्पियो का आगे का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और अंदर बैठे लोगों को निकालने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग नवागढ़ के शांति नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। सभी एक बारात से वापस नवागढ़ लौट रहे थे। जैसे ही गाड़ी सुकली के पास पहुंची, सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो कुछ मीटर तक घसीटती चली गई। आसपास के लोगों ने घटना की आवाज सुनते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की।तीनों घायलों की हालत नाजुकस्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के मुताबिक, तीनों घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि प्राथमिक अनुमान यही है कि तेज रफ्तार और रात का समय हादसे की बड़ी वजह हो सकते हैं। पुलिस ट्रक ड्राइवर की भूमिका और घटना के सटीक कारणों की जांच कर रही है।सभी मृतकों की हुई पहचानहादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। मृतकों के नाम विश्वनाथ देवागन, पिता सुखरु देवागन (43 वर्ष), राजेंद्र कश्यप, पिता कोमल कश्यप (27 वर्ष, पोमेश्वर जलतारे, पिता पुरुषोत्तम जलतारे (33 वर्ष), भूपेंद्र साहू, पिता रेशम साहू (40 वर्ष) और कमलनयन साहू, पिता रामचरण साहू (22 वर्ष) शामिल हैं। वहीं, अन्य तीन लोग गंभीर बताए जा रहे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

MP के बाघों की दहाड़ से गूंजेंगे CG के टाइगर रिजर्व:छह बाघों का ट्रांसलोकेशन अंतिम चरण में
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख टाइगर रिजर्व उदंती सीतानदी और गुरु घासीदास तमोर पिंगला के घने जंगल मध्यप्रदेश के बाघों की दहाड़ से गूंजेंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश से छह बाघों को लाने की प्रशासनिक तैयारी पूरी हो चुकी है। वन अधिकारियों ने बताया कि कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कई महीनों से चल रहा सर्वे अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विशेषज्ञों की टीम ने एक नर और पांच मादा बाघों को छत्तीसगढ़ के अनुकूल पाया है। सभी कागजी मंजूरियाँ मिल चुकी हैं और स्थानांतरण की तारीख तय होते ही बाघों को लाने के लिए टीमें रवाना होंगी।दो रिजर्व होंगे आबाद, तीसरा भी तैयारी मेंकान्हा से एक नर और दो मादा बाघों को उदंती-सीतानदी (यूएसटीआर) में बसाया जाएगा। वहीं बांधवगढ़ से तीन बाघिनों को गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बारनवापारा अभ्यारण्य को भविष्य में बाघ बसाने के लिए विकसित किया जा रहा है।कॉलर आईडी और 24 घंटे निगरानीसभी बाघों को ट्रांसलोकेशन से पहले रेडियो कॉलर पहनाए जाएंगे। इससे उनकी मूवमेंट, व्यवहार और क्षेत्र चयन की 24*7 मॉनिटरिंग संभव होगी। वन विभाग ने इसके लिए कंट्रोल रूम को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया है।शिकार बेस और जल स्रोतों को मजबूत किया गयावन विभाग ने दोनों रिजर्व में शिकार प्रजातियों की उपलब्धता बढ़ाने, घासभूमि विकसित करने और जल स्रोतों को स्थायी बनाने के काम पहले ही पूरे कर लिए हैं। शिकारी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए रिजर्व के संवेदनशील इलाकों में स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (एसपीयू) तैनात की जाएगी। ड्रोन सर्विलांस, नाइट पेट्रोलिंग और फॉरेस्ट गाड्र्स की संख्या बढ़ाई गई है।छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पर एक नजरअचानकमार टाइगर रिजर्व- 18इंद्रावती टाइगर रिजर्व- 06भोरमदेव अभ्यारण्य- 03गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व- 07उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का बाघ फिलहाल बारनवापारा में है- 01कुल- 35

लाल आतंक पर बड़ी सफलता:मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात नक्सली हिडमा, 50 लाख का था ईनामी, सुरक्षा बलों ने पत्नी सहित 6 और को किया ढेर
विशाखापत्तनम। लाल आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड में कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का खात्मा कर दिया है। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर के जंगलों हुए इस एनकाउंटर में हिड़मा और उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ में एक नक्सली शंकर के भी मारे जाने की खबर है, जो डीकेएसजीसी मेंबर है। 43 साल का हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 का सुकमा हमला सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था। यह मुठभेड़ मारेडुमिली वन क्षेत्र में उस समय हुई जब छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान में लगे हुए थे। सुरक्षाबलों ने मारे गए नक्सलियों से दो एके47, 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल बरामद की है। माओवादी विरोधी अभियानों में उनकी हत्या को सुरक्षा बलों की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षाबलों ने आत्मसमर्पण के लिए कहा तो शुरू कर दी फायरिंगपुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गोलीबारी उस समय हुई जब सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक समूह को घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। इसके बाद, माओवादियों ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे सुरक्षाकर्मियों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। सुरक्षा बल कुछ माओवादियों की तलाश में अभियान जारी रखे हुए थे, जिनके जंगलों में भाग जाने का संदेह था।वांछित नक्सली कमांडर माना जाता था हिडमाहिडमा को भारत में सबसे वांछित माओवादी कमांडर माना जाता था। 43 वर्षीय हिडमा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन की बटालियन संख्या एक का प्रमुख है, जिसे सबसे घातक माओवादी हमला इकाई कहा जाता है। 50 लाख रुपए का इनामी हिडमा, भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी था। कौन था हिडमा? जन्मः 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)पदः पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख, नक्सलियों की सबसे घातक हमलावर यूनिट.वह सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था.वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था.उसके सिर पर 50 लाख रुपए का इनाम घोषित था.हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई.असली नामरू संतोषकुख्यात हिडमा समेत पत्नी राजे का खात्मा.मुख्य हमले जिनमें वह शामिल थाः2010 दंतेवाड़ा हमलाः 76 सीआरपीएफ जवान शहीद2013 झीरम घाटी नरसंहारः 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़ः 22 सुरक्षा कर्मी शहीद.अमित शाह ने दी सुरक्षाबलों को बधाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों को 30 नवंबर 2025 तक हिडमा को मार गिराए जाने की डेडलाइन दी थी, जिसके बाद आज यह बड़ा ऑपरेशन हुआ है। नक्सली हिडमा के मारे जाने के बाद गृह मंत्री ने इस ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों को बधाई दी है।

बिहार के बाद अब बंगाल की बारी, :छग सीएम ने दीदी को किया आगाह, साय बोले- वहां की जनता जंगलराज से चाहती है मुक्ति
रायपुर। बिहार में एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देने वालों की लाइल लगी हुई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है। उन्होंने कि बिहार में जिस प्रकार एनडीए ने विकास के दम पर जीत हासिल की है, अब हमारा अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल है, जहां महाजगंलराज है, जिसे भाजपा की सरकार ही खत्म कर सकती है। वहां भी भाजपा भारी बहुमत के साथ आगामी विधानसभा चुनाव जीतेगी। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिहार का नाम लेते ही कुशासन और जंगलराज की छवि सामने आ जाती थी। लेकिन लगातार एनडीए की सरकार और नीतीश कुमार के नेतृत्व ने उस बिहार को सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है। आज बिहार विकास, स्थिरता और बेहतर प्रशासन का उदाहरण बनकर देश के सामने खड़ा है। वहीं दूसरी ओर, यदि आज जंगलराज की बात की जाए तो वह पश्चिम बंगाल में दिखाई देता है। वहां की जनता अव्यवस्था और राजनीतिक हिंसा से मुक्ति चाहती है। निश्चित तौर पर आने वाले चुनावों में पश्चिम बंगाल में एनडीए को ऐतिहासिक सफलता मिलेगी।भाजपा शासित राज्यों ने तोड़ा इस मिथक कोएक्स पोस्ट में सीएम ने लिखा कि दुनिया को लोकतंत्र की शिक्षा देने वाले बिहार का जनादेश, लोकतंत्र और सुशासन की जीत है। बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बार अन्य तमाम चुनावों से बड़ी जीत देकर चुना है। ऐसा देखा जाता है कि कई बार सत्ता में रहने में बाद सत्ताधारी दल को ‘एंटी इंकम्बेंसी’ झेलना पड़ता है। भाजपा शासित राज्यों ने इस मिथक को भी तोड़ दिया है। भाजपा नीत गठबंधन ने यह साबित किया है कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरकर आप बार-बार आशीर्वाद पा सकते हैं। बिहार की जनता को धन्यवाद। बिहार में भी डबल इंजन की सरकार आगे और तेजी से प्रदेश का विकास करे, यही शुभकामना है।साय ने नितिन नबीन को दी बधाईएक अन्य पोस्ट में सीएम ने छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के प्रभारी नितिन नबीन को बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट से पुनः ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह जनादेश आपके जनसेवा, विकास और जनता के विश्वास का परिणाम है। आपके संगठन कौशल और लोकप्रियता का यह उदाहरण है कि एक ही विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार आप विधायक चुने गए हैं। आपको हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला:पूर्व सीएम भूपेश के बेटे की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ईडी का एक्शन, मामले में जेल में बंद हैं चैतन्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय का एक्शन जारी है। इसी क्रम में ईडी ने बडी कार्रवाई करते हुए छग के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली है। ईडी ने चैतन्य बघेल के खिलाफ यह एक्शन सोमवार को लिया था। केन्द्रीय एजेंसी ने यह खुलासा गुरुवार को किया है। बता दें कि शराब घोटाले में मामले में चैतन्य बघेल जेल में हैं। ईडी ने 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसकी कीमत लगभग 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा 1.24 करोड़ रुपए की राशि को भी जब्त किया है। छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाले के केस में एसीबी ने कई धाराओं में चैतन्य बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की।सरकार के खजाने को पहुंचा था 2500 करोड़ का नुकसानईडी के अनुसार, जांच से पता चला कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अवैध तरीके से अर्जित 2500 करोड़ रुपए से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में गई।शराब सिंडिकेट के मास्टरमाइंड थे चैतन्यएजेंसी ने बताया कि पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की शराब सिंडिकेट में सबसे प्रमुख भूमिका थी। मुख्यमंत्री के बेटे होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और सर्वोच्च अधिकारी बनाया गया था। सिंडिकेट की ओर से जुटाए गए अवैध धन का श्हिसाबश् रखने की जिम्मेदारी भी चैतन्य की थी। ऐसे कलेक्शन, चैनलाइजेशन और डिस्ट्रीब्यूशन (पीओसी) से जुड़े सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों पर लिए जाते थे।जांच में यह भी हुआ खुलासाजांच में यह भी पता चला कि उन्हें पीओसी मिलती थी, जिसे चैतन्य ने अपने रियल एस्टेट कारोबार में शामिल किया और बेदाग संपत्ति के रूप में दर्शाया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिली पीओसी का इस्तेमाल अपनी स्वामित्व वाली कंपनी बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना श्विट्ठल ग्रीनश् के विकास के लिए किया।ईडी ने चैतन्य को 18 जुलाई को किया था अरेस्टचैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले, ईडी ने अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक व छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री) को इस मामले में गिरफ्तार किया था।

बीजापुर मुठभेड़:जवानों ने मार गिराया था 27 लाख के 6 कुख्यात नक्सलियों को, सभी को हुई पहचान
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नेशनल पार्क क्षेत्र के घने जंगलों में बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 11 नवंबर को 6 कुख्यात माओवादियों को ढेर कर दिया है। मारे गए नक्सलियों पर 27 लाख रुपए का ईनाम था। इसका खुलासा गुरुवार को है। मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम जंगलों में हुई, जो पश्चिम और दक्षिण बस्तर डिवीजन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मारे गए माओवादियों में एक की पहचान डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना (8 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज के रूप में हुई है। 35 साल का यह माओवादी 42 अपराधों में वांछित था।ग्रामीणों को डराकर भर्ती कराती थी पामेड़ यह कैंप अटैक, ग्रामीण हत्याएं, आईईडी ब्लास्ट, बस जलाना, डकैती और शिक्षकों की हत्या में शामिल था दूसरे की पहचान डीवीसीएम उर्मिला (8 लाख इनामी), पापाराव की पत्नी, पामेड़ एरिया कमेटी सचिव के रूप में हुई है। पीएलजीए बटालियन की सप्लाई चेन संभालती थी, जो ग्रामीणों को डराकर भर्ती करती थी। तीसरा एसीएम जगत तामो उर्फ मोटू (5 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी सदस्य था। इनके अलावा देवे (2 लाख इनामी), पामेड़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्यय भगत (2 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी सदस्यय मंगली ओयाम (2 लाख इनामी), महिला पार्टी सदस्य के रूप में हुई है।नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में बरामद हुए थे हथियारमाओवादियों के पास से हथियार सामग्री बरामद हुए, जिनमें 2 इंसास राइफल (5 मैगजीन, 68 कारतूस),1 कार्बाइन (3 मैगजीन, 22 कारतूस), .303 राइफल (13 कारतूस), 1 सिंगल शॉट राइफल, 1 12 बोर बंदूक, ग्रेनेड, विस्फोटक शामिल हैं। इसके अलावा रेडियो, माओवादी साहित्य, वर्दी, दवाएं जैसी चीजें मिली हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि 2025 में जिले में 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार और 560 ने सरेंडर किया। जनवरी 2024 से अब तक 202 मारे गए, 1002 गिरफ्तार हुए और 749 ने सरेंडर किया।

बिलासपुर में भीषण रेल हादसा:हावड़ा रूट पर पैसेंजर-मालगाड़ी की आमने-सामने टक्कर, 4 यात्रियों की मौत, कई घायल, बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बड़ा रेल हादसा हुआ है। यहां लालखदान के पास हावड़ा रूट पर पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी आमने-सामने से टकरा गई। इस दौरान यात्री ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। इस भीषण में जहां 4 यात्रियों के मौत की खबर है, तो वहीं एक दर्जन से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने रेस्क्यू टीम और मेडिकल यूनिट को तुरंत मौके के लिए रवाना किया। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन भी मदद के लिए मौके पर मौजूद है। वहीं, दुर्घटना की वजह से इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। इसी क्रम में रेलवे ने कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया है।फिलहाल मौके पर रेस्क्यू आॅपरेशन जारी है। हालांकि, अभी हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया है। हादसा इतना जबरदस्त था कि यात्री ट्रेन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गई।यात्रियों और परिजनों के हेल्पलाइन नंबर जारीवहीं, रेलवे ने बिलासपुर ट्रेन हादसे के बाद यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इस हादसे से जुड़ी सही जानकारी और घायलों की स्थिति जानने के लिए लोग हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। चंपा जंक्शन के लिए 808595652, रायगढ़ के लिए 975248560, और पेंड्रा रोड के लिए 8294730162 नंबर जारी किए गए हैं।घटना स्थल पर भी दो हेल्पलाइन नंबर उपलब्धइसके अलावा, सीधे दुर्घटना स्थल पर भी दो हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जिन पर संपर्क करके तुरंत जानकारी ली जा सकती है: 9752485499 और 8602007202। वहीं, रेलवे ने बताया कि सभी हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे ताकि यात्रियों के परिजन तुरंत जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकें और किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

छत्तीसगढ़ में खतरनाक नक्सली साजिश ध्वस्त: पुलिस ने गरियाबंद के जंगलों से बरामद किए आईईडी सामग्री, कुकर और राशन
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के घने जंगलों में पुलिस की सतर्कता ने नक्सलियों की खतरनाक साजिश को ध्वस्त कर दिया। जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर थाना शोभा एवं थाना पायलीखंड (जुगाड़) क्षेत्र के ग्राम साईबीनकछार, कोदोमाली तथा भूतबेड़ा के जंगली इलाकों में तीन अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए विशाल डंप से भारी मात्रा में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने का सामान, चार कुकर, इलेक्ट्रिक वायर, फटाके और अन्य राशन सामग्री बरामद की गई। जिला पुलिस की आॅपरेशन टीम ई-30 की इस सफल कार्रवाई से नक्सलियों के विनाशकारी इरादों को करारा झटका लगा है। यह अभियान रविवार सुबह शुरू हुआ, जब स्थानीय सूचना तंत्र से आसूचना मिली कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन की उदंती एरिया कमेटी के नक्सली पुलिस दलों या ग्रामीणों को निशाना बनाने और दहशत फैलाने के लिए जंगलों में विस्फोटक डंप छिपा रखे हैं।सर्चिंग के दौरान संदिग्ध वस्तुओं का चला पतागरियाबंद एसपी कमल शंकर सिंह के निर्देश पर ई-30 टीम, जिसमें बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीएस) की विशेषज्ञता शामिल थी, जिला मुख्यालय से रवाना हुई। जंगली और पहाड़ी इलाकों में सघन सर्चिंग के दौरान तीन संदिग्ध स्थानों पर जमीन के नीचे दबी सामग्री का पता चला। सावधानीपूर्वक खुदाई के बाद बरामद सामग्री में आईईडी निर्माण के लिए पर्याप्त विस्फोटक पदार्थ, कुकर बम के लिए चार स्टील कुकर, लंबे-लंबे इलेक्ट्रिक वायर रोल, फायरिंग के लिए फटाके और नक्सलियों के लंबे समय तक छिपने के लिए राशन जैसे चावल, दालें तथा अन्य खाद्य पदार्थ शामिल थे।बरामद सामग्री से दर्जनों आईईडी हो सकते थे तैयार एसपी कमल शंकर सिंह ने बताया, यह डंप उदंती एरिया कमेटी के सक्रिय नक्सलियों द्वारा तैयार किया गया था, जो सुरक्षा बलों पर हमले की योजना बना रहे थे। बरामद सामग्री से दर्जनों आईईडी तैयार हो सकते थे, जो ग्रामीणों और पुलिस के लिए घातक साबित होते। हमारी टीम ने बिना किसी हादसे के इसे निष्क्रिय कर दिया।गरियाबंद छत्तीसगढ़ का संवेदनशील नक्सल प्रभावित जिलाउन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल नक्सल हिंसा को रोकने में सफल रही, बल्कि क्षेत्र के आदिवासी समुदायों को भी सुरक्षित बनाएगी। गरियाबंद छत्तीसगढ़ का संवेदनशील नक्सल प्रभावित जिला है, जहां उदंती-मैनपट क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। हाल के वर्षों में राज्य में नक्सल गतिविधियां कम हुई हैं, लेकिन आईईडी हमले अभी भी प्रमुख खतरा बने हुए हैं।

CG को मिली नई विधानसभा की सौगातः:पीएम मोदी बोले- राज्य की विकास यात्रा की यह स्वर्णिम शुरुआत, अटलजी को भी किया याद
रायपुर। छत्तीसगढ़ का आज 25वां स्थापना दिवस है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य को बड़ी सौगात दी। उन्होंने प्रदेश की नई विधानसभा का उद्घाटन किया। इस मौके पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परिकल्पना, इसके निर्माण का संकल्प और फिर उस संकल्प की सिद्धि, हर एक क्षण पर मैं छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का साक्षी रहा हूं।उन्होंने यह भी कहा कि आज जब छत्तीसगढ़ 25 वर्षों की यात्रा के अहम पड़ाव पर पहुंचा है, तो मुझे राज्य के लोगों के लिए इस नई विधानसभा का लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत का दिन है। यहां मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलामेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ये बहुत ही सुखद और अहम दिन है। मेरा बीते कई दशकों से इस भूमि से बहुत आत्मीय नाता रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में बहुत समय बिताया, यहां से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे जीवन को गढ़ने में यहां के लोगों का, यहां की भूमि का बहुत बड़ा आशीर्वाद रहा है।अपने स्वप्न के नए शिखर पर खड़ा छगकार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज जब हम इस भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन का लोकार्पण कर रहे हैं, तो ये केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जन आकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव बन गया है। आज छत्तीसगढ़ अपने स्वप्न के नए शिखर पर खड़ा है। इस गौरवशाली क्षण में, मैं उन महापुरुष को नमन करता हूं जिनकी दूरदृष्टि और करुणा ने इस राज्य की स्थापना की। वे महापुरुष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी हैं।अटलजी देखिए, आपका सपना हो रहा साकारप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, साल 2000 में जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तो वो निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं था। वो निर्णय विकास की नई राह खोलने का था। वो निर्णय छत्तीसगढ़ की आत्मा को पहचान दिलाने का था। इसलिए आज जब इस भव्य विधानसभा के साथ-साथ अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण हुआ है, तो मन कह उठता है, अटल जी जहां भी हों, अटल जी देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है।

छग दौरे पर पीएम: दिल की बात कार्यक्रम में बच्चों से रूबर हुए मोदी, मासूमों के साथ देखने को मिला एक अलग तरह का स्नेह
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने नवा रायपुर अटल नगर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने भगवान श्री सत्य साईं बाबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद, पीएम ने हृदय रोग से स्वस्थ हुए बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किया और दिल की बात कार्यक्रम के दौरान उनसे संवाद किया। अब तक अस्पताल में 2500 बच्चों का सफल इलाज हो चुका है।प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पीएम मोदी भी प्रसन्न थे और बच्चों के साथ उनका एक अलग स्नेह नजर आया। इसके कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर का उद्घाटन किया, जो आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।पीएम ने छग-राजस्थान और झारखंड को दी स्थापना दिवस की बधाईउन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत विशेष है। आज हमारा छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और उत्तराखंड के भी 25 वर्ष पूरे हुए हैं। आज देश के और भी कई राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं इन सभी राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।विकसित भारत की यात्रा में ऐसी संस्थाओं की अहम भूमिकाप्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास से देश का विकास के मंत्र पर चलते हुए हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं। विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है। मैं बीते कई दशकों से आप सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन के विस्तार को देखा है।इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की आकार लेते देखा मैंनेपीएम मोदी ने कहा, मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह विस्तार लेते हुए देखा है। 2011 में अहमदाबाद में फ्यूचर ऑफ पावर कार्यक्रम, 2012 में संस्था की स्थापना के 75 वर्ष, 2013 में प्रयागराज का कार्यक्रम, आबू जाना हो या गुजरात के कार्यक्रमों में जाना मेरे लिए रूटीन-सा हो गया था। उन्होंने कहा कि चाहे आजादी का अमृत महोत्सव हो या स्वच्छ भारत अभियान, जब भी मैं आया हूं, मैंने यहां के प्रयासों को बड़ी ईमानदारी से देखा है।

मप्र-छग और हरियाणा का स्थापना दिवस:राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्यों को दी बधाई, पीएम ने मप्र के गौरवशाली इतिहास का किया जिक्र, मोहन ने भी दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का आज स्थापना दिवस है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा समेत तमाम दिग्गजों ने राज्यों को स्थापना दिवस पर बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा कि आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पंजाब और पुडुचेरी के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई! इन सभी क्षेत्रों ने भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ईश्वर करे कि ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी विकास यात्रा में निरंतर नए आयाम स्थापित करते रहें। मैं इन सभी प्रदेशवासियों की निरंतर समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।प्रगति की नई रफ्तार भर रहा मप्रः मोदीमध्य प्रदेश के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाले मध्य प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को राज्य के स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। देश के हृदय में बसा हमारा यह प्रदेश जन-जन की आकांक्षाओं को आगे रखकर आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रहा है। मुझे विश्वास है कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में यहां के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की अमूल्य भूमिका होने वाली है।पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ की सराहनाछत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, छत्तीसगढ़ के अपने सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ की अनेकानेक शुभकामनाएं। प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए मानदंड गढ़ने में जुटा है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के कई इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से हमारा यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।हरियाणा की ऐतिहासिक धरती रही मिसालः पीएमहरियाणा दिवस के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, हरियाणा दिवस के अवसर पर राज्य के सभी निवासियों को बहुत-बहुत बधाई। यह ऐतिहासिक धरती हमारे किसान भाई-बहनों के अथक परिश्रम, जवानों के अतुलनीय पराक्रम और युवाओं के अद्भुत प्रदर्शन से देशभर के लिए एक मिसाल रही है। प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे इस प्रदेश के विशेष अवसर पर मैं हर किसी की खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।मप्र के सीएम ने की खुशहाली की कामनामध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा कि छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं पंजाब के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। विकसित भारत के संकल्प के साथ सभी प्रदेश विकास, समृद्धि और खुशहाली के नित नए कीर्तिमान रचें, ईश्वर से यही कामना है।जम्मू-कश्मीर के एलजी ने राज्यों को दी बधाईजम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, दिल्ली, तमिलनाडु, पंजाब, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, केरल और मध्य प्रदेश के लोगों को स्थापना दिवस पर बधाई।

छग में नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता:सुरक्षा बलों ने अबुझमाड़ के घने जंगल से बरामद किए हथियारों का जखीरा और नक्सली साहित्य
रायपुर। नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अबुझमाड़ के घने कोडलियार मिचिंगपारा जंगल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक, नक्सली साहित्य और अन्य युद्ध सामग्री बरामद किए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। कोहकामेता पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में किया गया यह ऑपरेशन नारायणपुर जिले को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।माइनिंग और सर्च ऑपरेशन जिला बल, आईटीबीपी की 53वीं बटालियन की श्बीश् कंपनी और कुटल में तैनात जिला बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) द्वारा किया गया। 27 सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर और नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबर्टसन गुरिया, अतिरिक्त एसपी अक्षय साबद्रा और अतिरिक्त एसपी (नक्सल विरोधी अभियान) अजय कुमार की रणनीति के तहत, अधिकारियों ने जंगल के इलाके की तलाशी ली, क्योंकि उन्हें वहां आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) होने का संदेह था।तलाशी के दौरान युद्ध सामग्री भी बरामदतलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, लिथियम बैटरी, तार, ट्रैप स्विच, बायोकेन्ग वॉकी चार्जर एडॉप्टर, नक्सली वर्दी और बेल्ट, साथ ही स्लिंग, पाउच और बैग जैसे युद्ध सामग्री भी बरामद हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान नक्सली प्रचार सामग्री भी जब्त की गई, जिससे कुटल एरिया कमेटी के विचारधारा वाले होने का पता चलता है, जिसका इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से मौजूद होने का संदेह है।25 सितंबर को 5-5 किलो के पांच आईईडी हुए थे बरामद अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए की गई। बरामद सामान से पता चलता है कि नक्सली विस्फोटक लगाकर सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। इससे पहले, 25 सितंबर को 5-5 किलो के पांच आईईडी बरामद कर नष्ट किए गए थे। यह ऑपरेशन माओवादियों के ठिकानों को तोड़ने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की बढ़ती कोशिशों को दर्शाता है।नक्सली प्रभाव वाले इलाकों में जारी है तलाशी अभियाननक्सली प्रभाव वाले इलाकों में लगातार तलाशी और बम निष्क्रिय करने के अभियान चल रहे हैं, ताकि खतरों को खत्म कर शांति बहाल की जा सके। अधिकारियों ने नारायणपुर जिले से माओवादी प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने की प्रतिबद्धता दोहराई और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। इस सफलता से न केवल माओवादियों की योजनाओं को झटका लगा है, बल्कि नक्सल विरोधी अभियानों में लगे जवानों का हौसला भी बढ़ा है।

छत्तीसगढ़:रायपुर स्टील प्लांट में दर्दनाक हादसाः प्लांट की छत गिरने से 6 मजदूरों की मौत, इतने ही घायल, धमाके से मची अफरातफरी
रायपुर। रायपुर के सिलतारा चैकी स्थित निर्माणाधीन गोदावरी स्टील प्लांट में एक बड़ा हादसा हुआ है। प्लांट की छत गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई और छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर दुख जताया है। यह हादसा काम के दौरान हुआ, जब कारखाने की संरचना का एक हिस्सा अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए मजदूरों के दौड़ते ही एक जोरदार धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई।आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। दस घायलों को पास के एक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, छह को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कई गंभीर चोटों के कारण आईसीयू में भर्ती हैं। फैक्ट्री के बाहर, मजदूरों के परिवारों के इकट्ठा होने और खबर जानने के लिए बेचैनी के बीच, शोक का माहौल था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे का संज्ञान लिया और गहरा दुख व्यक्त किया है।जिस दौरान दीवार गिरी, उस समय चल रहा था कामलखन पटले, एडिशनल एसपी रायपुर ने बताया, गोदावरी स्टील पावरप्लांट में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। प्लांट में कुछ काम चल रहा था, जिस दौरान एक दिवार गिरी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि हादसे में एजीएम की भी मौत हुई है, जबकि जीएम घायल हैं। पूरे हादसे की जांच की जा रही है। एक स्थानीय ने बताया कि हादसे की वजह से इलाके के लोग परेशान हैं। हर क्षेत्र के लोग यहां पर हुए हैं। हादसे के बाद कोई जवाबदेही तय करने वाला नहीं है।कारणों का पता लगाने जांच शुरूसिलतारा चैकी पुलिस ने इमारत ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। हालांकि शुरुआती जांच में संरचनात्मक अस्थिरता की ओर इशारा किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ष्हम सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और गवाहों से बात कर रहे हैं। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


