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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : पूर्व सीएम भूपेश के बेटे की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ईडी का एक्शन, मामले में जेल में बंद हैं चैतन्य

पूर्व सीएम भूपेश के बेटे की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ईडी का एक्शन, मामले में जेल में बंद हैं चैतन्य
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admin

Nov 13, 202503:28 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय का एक्शन जारी है। इसी क्रम में ईडी ने बडी कार्रवाई करते हुए छग के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली है। ईडी ने चैतन्य बघेल के खिलाफ यह एक्शन सोमवार को लिया था। केन्द्रीय एजेंसी ने यह खुलासा गुरुवार को किया है। बता दें कि शराब घोटाले में मामले में चैतन्य बघेल जेल में हैं।

ईडी ने 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसकी कीमत लगभग 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा 1.24 करोड़ रुपए की राशि को भी जब्त किया है। छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाले के केस में एसीबी ने कई धाराओं में चैतन्य बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की।

सरकार के खजाने को पहुंचा था 2500 करोड़ का नुकसान

ईडी के अनुसार, जांच से पता चला कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अवैध तरीके से अर्जित 2500 करोड़ रुपए से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में गई।

शराब सिंडिकेट के मास्टरमाइंड थे चैतन्य

एजेंसी ने बताया कि पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की शराब सिंडिकेट में सबसे प्रमुख भूमिका थी। मुख्यमंत्री के बेटे होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और सर्वोच्च अधिकारी बनाया गया था। सिंडिकेट की ओर से जुटाए गए अवैध धन का श्हिसाबश् रखने की जिम्मेदारी भी चैतन्य की थी। ऐसे कलेक्शन, चैनलाइजेशन और डिस्ट्रीब्यूशन (पीओसी) से जुड़े सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों पर लिए जाते थे।

जांच में यह भी हुआ खुलासा

जांच में यह भी पता चला कि उन्हें पीओसी मिलती थी, जिसे चैतन्य ने अपने रियल एस्टेट कारोबार में शामिल किया और बेदाग संपत्ति के रूप में दर्शाया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिली पीओसी का इस्तेमाल अपनी स्वामित्व वाली कंपनी बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना श्विट्ठल ग्रीनश् के विकास के लिए किया।

ईडी ने चैतन्य को 18 जुलाई को किया था अरेस्ट

चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले, ईडी ने अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक व छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री) को इस मामले में गिरफ्तार किया था।

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