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इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा करोड़ों की लागत से तैयार किए गए बुजुर्गों के आशियाने स्नेहधाम में अचानक हलचल मच गई है। इस केंद्र का संचालन करने वाले कॉन्ट्रैक्टर ने यहां रह रहे बुजुर्गों को अचानक जगह खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इस अप्रत्याशित सूचना के बाद यहां निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों में हड़कंप मच गया है।
स्नेहधाम का संचालन करने वाली कंपनी बालाजी के डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा है कि इस विशाल भवन में कुल 108 वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में केवल 4 से 5 लोग ही यहां रह रहे हैं। तिवारी के अनुसार इतने कम लोगों के साथ केंद्र का संचालन करना आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर, इंदौर विकास प्राधिकरण ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आईडीए ने कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैक लिस्ट करने और उसकी अर्नेस्ट मनी जब्त करने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण का स्पष्ट कहना है कि यदि मौजूदा संचालक इसे नहीं चला पाता है तो किसी अन्य एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े ने यह भी कहा है कि बुजुर्गों से घर खाली नहीं करवाए जाएंगे, कंपनी ने यह नोटिस दिए हैं जिसकी जांच चल रही है। बुजुर्गों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
बुजुर्गों के लिए सदमे जैसी स्थिति
नोटिस मिलने के बाद बुजुर्गों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। यहां रहने वाले अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों ने स्नेहधाम को ही अपना स्थाई घर मान लिया था। इनमें से किसी ने अपना पुश्तैनी घर किराए पर दे दिया है तो किसी ने उसे खाली छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जून 2025 को इस भवन का लोकार्पण कर इसे बुजुर्गों के हित में एक बड़ा कदम बताया था, लेकिन अब 28 फरवरी तक भवन खाली करने के निर्देश ने इन बुजुर्गों की रातों की नींद उड़ा दी है।
भारी भरकम खर्च और सुविधाओं का दावा
स्नेहधाम में रहने के लिए बुजुर्गों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। यहां रहने वाली महिलाओं ने अधिकारियों से शिकायत की है कि बालाजी कंपनी के संचालकों ने उनसे दो लाख रुपए एडवांस डिपॉजिट के रूप में लिए हैं और प्रतिमाह 35 हजार रुपए किराया वसूला जाता है। पीड़ितों में 70 से 90 वर्ष की महिलाएं और दिव्यांग भी शामिल हैं, जिनका कहना है कि इस उम्र में वे अब अचानक कहां जाएंगी।
करोड़ों का निवेश और आधुनिक ढांचा
आईडीए ने स्कीम 134 में 20 हजार वर्गफीट के भूखंड पर करीब 18 करोड़ रुपए खर्च करके इस छह मंजिला भवन का निर्माण किया है। इस सर्वसुविधायुक्त बिल्डिंग में 32 फ्लैट्स हैं, जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, टीवी, लॉन्ड्री और बिजली जैसी तमाम सुविधाएं देने का वादा किया गया था। वर्तमान में कंपनी के डायरेक्टरों का कहना है कि वे टेंडर सरेंडर करना चाहते हैं और बुजुर्गों को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए चर्चा कर रहे हैं।
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