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नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कन्नूर से लोकसभा सांसद के. सुधाकरन ने कांग्रेस से अलग होने का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट को लेकर उनकी बार-बार की गई कोशिशों पर पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, जिससे वे नाराज हैं।
77 वर्षीय सुधाकरन पहले केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर देर रात तक चर्चाएं चलीं लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। के. सुधाकरन गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत करने वाले हैं, जहां वे अपने अगले कदम का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। इस बीच, उन्होंने गुरुवार सुबह कई वरिष्ठ नेताओं को फोन कर अलविदा कहा, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि वे जल्द ही पार्टी से नाता तोड़ सकते हैं।
स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता अपनाने की तैयारी में सुधाकरन
खबर है कि वे अब स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं और नई पार्टी बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। साथ ही, कन्नूर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का विकल्प भी उनके सामने है। सुधाकरन केरल में कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं और कन्नूर की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ रही है। अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर सुधाकरन लंबे समय से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और सीपीआई (एम) के खिलाफ मुखर आलोचक रहे हैं।
चार बार रह चुके हैं विधायक
उनका राजनीतिक करियर कई दशकों तक फैला हुआ है। वे चार बार विधायक रह चुके हैं। 2009 में उन्होंने कन्नूर से लोकसभा चुनाव जीता था। हालांकि 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2019 में उन्होंने वापसी की और 2024 में भी सीट बरकरार रखी। के. सुधाकरन का संभावित इस्तीफा केरल में कांग्रेस के लिए खासकर कन्नूर जैसे संवेदनशील इलाके में, बड़ा झटका माना जा रहा है।
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