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नई दिल्ली। गुरुवार को वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के दाम में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी करीब 2.5 प्रतिशत तक फिसल गया। दोपहर करीब 12ः30 बजे चांदी की कीमतों में तेज टूट शुरू हुई और कुछ ही समय में यह लगभग 12,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। वहीं सोने की कीमतों में करीब 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई। फिलहाल चांदी करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ने के बाद तेल से जुड़े ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। आमतौर पर ऐसे हालात में सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों का रुख अलग नजर आ रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से बाजार में बढ़ा दबाव
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया फैसले ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है और संकेत दिए हैं कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना कम है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का जिक्र किया, जिसके बाद निवेशकों ने कीमती धातुओं में मुनाफावसूली शुरू कर दी।
4.20 लाख के रिकार्ड स्तर को छुआ था चांदी ने
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई थी। जनवरी 2026 में चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन इसके बाद से कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। जानकारों का कहना है कि मौजूदा गिरावट निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतों का मिश्रित असर है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निर्भर करेगी।
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