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PM's visit to Cyprus : जंग के मुहाने पर पश्चिम एशिया-यूरोप, चिंतित पीएम मोदी ने कही यह बात

जंग के मुहाने पर पश्चिम एशिया-यूरोप, चिंतित पीएम मोदी ने कही यह बात
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Ganesh Sir

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टोरंटो। पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिंता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने निकोसिया में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ बैठक कहा कि यह युद्ध का नहीं बुद्ध का युग है। इस दौरान पीएम ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन पर साइप्रस को धन्यवाद दिया। बता दें कि पीएम मोदी इन दिनों साइप्रस की यात्रा पर है। यह दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा है। यही नहीं पीएम मोदी साइप्रस जाने वाले तीसरे भारतीय पीएम भी है। इससे पहले इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी और 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी ने इस देश का दौरा किया था।

पीएम मोदी की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने कहा कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों और तालमेल को बढ़ाने पर चर्चा की। हम रक्षा सहयोग, संकट प्रबंधन, पर्यटन, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करना चाहते हैं। हम साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए ताकि हम ठोस परिणाम दे सकें।

यह सम्मान मेरे देश का सम्मान

वहीं पीएम मोदी ने साइप्रस की ओर से ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मानित किए जाने के लिए साइप्रस की जनता और सरकार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मुझे दिया गया यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि मेरे देश का सम्मान है। यह साइप्रस और भारत के बीच अटूट दोस्ती की मुहर है। उन्होंने कहा कि यह दो दशकों से अधिक के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा है। यह आपसी संबंधों में एक नया अध्याय लिखने का अवसर है।

क्यों अहम है पीएम मोदी का साइप्रस दौरा?

ऑपरेशन सिंदूरश् के दौरान तुर्किये ने जिस तरह से खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया और साथ ही भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान को ड्रोन मुहैया कराए, उससे भारत और तुर्किये के संबंधों में खटास आई है। अब प्रधानमंत्री साइप्रस दौरे पर हैं और उनका दौरा तुर्किये के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। तुर्किये और साइप्रस में दुश्मनी है और साल 1974 के बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।

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