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iran israel war : भारतीयों को तेहरान छोडने भारत की एडवाइजरी जारी, मिशन रेस्क्यू भी शुरू, 110 का पहला जत्था पहुंचा आर्मीनिया

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Ganesh Sakalle

Jan 01, 1970
12:00 AM
भारतीयों को तेहरान छोडने भारत की एडवाइजरी जारी, मिशन रेस्क्यू भी शुरू, 110 का पहला जत्था पहुंचा आर्मीनिया

नई दिल्ली। ईरान और इजराइल के बीच भीषण जंग जारी है। दोनों ही देश एक दूसरे पर धुआंधार प्रहार कर रहे हैं। तेल अवीव, हाइफा और पेटाह टिकवा पर ईरानी हमलों में सैकडो लोग मारे गए हैं। दर्जनों घायल हैं। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को दोनों देशों एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी। हालांकि इस जंग में इजराइल ईरान पर भारी पड रहा है। ऐसे में भारत ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए मिशन रेस्क्यू शुरू कर दिया है। साथ ही भारत ने अपने लोगों को तेहरान छोडने की एडवाइजरी भी जारी की है।

भारत द्वारा शुरू किए गए मिशन रेस्क्यू के तहत 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गया है, जहां से इन सभी लोगों को भारत वापस लाया जाएगा। इसके अलावा भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों को लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं वहीं विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है, ताकि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके। ये कंट्रोल रूम ईरान और इजरायल में चल रहे ताजा घटनाक्रमों पर नजर रखने और प्रभावित भारतीय नागरिकों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए बनाया गया है।

कंट्रोल रूम नंबर

1800118797 (टोल फ्री)

91-11-23012113

91-11-23014104

91-11-23017905

91-9968291988 (व्हाट्सएप)

वहीं ईरान ने भी भारतीय दूतावास ने उन सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है जो तेहरान में हैं और दूतावास के संपर्क में नहीं हैं कि वे तुरंत दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान और संपर्क नंबर प्रदान करें। संपर्क नंबर 989010144557, 989128109115 और 989128109109 हैं। ईरान में भारतीय दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक और पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन (भारतीय मूल के व्यक्ति) जो अपने संसाधनों का उपयोग करके तेहरान से बाहर जा सकते हैं, उन्हें शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। इससे पहले ईरान-इस्राइल के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान से भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। तीन विश्वविद्यालयों के छात्रों को फिलहाल सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। अन्य छात्रों को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। ईरान में करीब 1500 कश्मीरियों समेत 10 हजार भारतीय छात्र हैं। अधिकतर छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां हैं।

हवाई क्षेत्र बंद होने से छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला जा रहा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला जा रहा है। आर्मेनिया से छात्रों को जॉर्जिया और फिर पश्चिम एशिया के रास्ते भारत लाया जा सकता है। 110 विद्यार्थियों का पहला दल आर्मेनिया सीमा पर पहुंच चुका है। इससे पहले भारतीय दूतावास ने सोमवार को छात्रों को तेहरान से निकालने के लिए बसों की व्यवस्था की।

इन काॅलेजों और यूनिवर्सिटी से निकाला भारतीय छात्रों को

तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी और ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज से सभी भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। शहीद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के भारतीय विद्यार्थियों को वेलेंजक विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 से सुबह 10 बजे (ईरान के समय अनुसार) कोम शहर के लिए रवाना किया गया। उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज से भी विद्यार्थियों को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है। शिराज यूनिवर्सिटी और इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासन से भारतीय दूतावास की बात हो चुकी है। यहां से छात्रों को मंगलवार को सुबह निकाला जाएगा। भारतीय दूतावास ने अराक विश्वविद्यालय से सभी भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने का अनुरोध किया है।

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Ganesh Sakalle

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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