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Iran-Israel War : जी-7 देशों ने ईरान को दिया बड़ा झटका, मढ़ा गंभीर आरोप भी

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Author : Ganesh Sir

Published : Invalid Date

टोरंटो। इन दिनों ईरान और इजराइल के बीच आघोषित युद्ध जारी है। इस जंग में इजराइल ईरान पर कमरतोड प्रहार कर रहा है। इन सबके बीच ईरान को एक और बडा झटका तब लगा है जब सोमवार को देर रात जी-7 देशों ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में इजराइल का खुलकर समर्थन कर दिया है। यही नहीं, जी-7 देशों ने ईरान को पश्चिम एशिया में अस्थिरता के लिए जिम्मेदार भी ठहराया है। जी-7 के सदस्यों ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने का अधिकार नहीं है। साथ ही कहा है कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा में कदम उठाने चाहिए।

जी-7 देशों के बयान में इलाके में शांति और स्थिरता का आह्वान किया गया। खास बात यह है कि जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी सभी देशों ने खुलकर इजरायल का समर्थन किया है और ईरान पर तनाव कम करने का दबाव बनाया है। बताया यह भी जा रहा है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस समिट के दौरान सदस्य देशों के नेताओं के साथ तनाव पर मंथन करने के बाद वह अमेरिका वापस लौट रहे हैं।

तेहरान को परमाणु कार्यक्रम रोकने की जरूरत

जी7 के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने शिखर सम्मेलन में चेतावनी दी कि तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने की जरूरत है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। उन्होंने कहा कि ईरानी नेता बातचीत करना चाहेंगे, लेकिन उनके पास अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर एक समझौते पर पहुंचने के लिए पहले से ही 60 दिन थे। इस्राइली हवाई हमले शुरू होने से पहले वे ऐसा करने में विफल रहे। उन्हें एक समझौता करना होगा।

ट्रंप का अल्टीमेटम और जल्दी वापस लौटना इस बात की ओर कर रहा इसारा

ट्रंप का अल्टीमेटम और जी7 समिट से जल्दी वापस लौटना इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अमेरिका स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो अमेरिका के युद्ध में शामिल होने की संभावना बढ़ सकती है, खासकर अगर उसके ठिकाने निशाना बनते हैं. ट्रंप ईरान पर सैन्य दबाव डालकर उसे परमाणु समझौते के लिए मजबूर करना चाहते हैं, लेकिन इजरायल के हमलों ने इस संभावना को भी कमजोर कर दिया है।

फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा पर इस्राइल की नजर

बता दें कि अब तक इस्राइल ने कई ईरानी परमाणु कार्यक्रम स्थलों को निशाना बनाया है, लेकिन वह ईरान की फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा को नष्ट नहीं कर पाया है। यह सुविधा बहुत गहराई में स्थित है। इसे नष्ट करने के लिए इस्राइल को 30,000 पाउंड (14,000 किलोग्राम) के जीबी-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर की आवश्यकता पड़ सकती है। यह अमेरिकी बंकर-बस्टिंग बम है, जो अपने वजन और गतिज बल का उपयोग करके गहरे दबे हुए लक्ष्यों तक पहुंचता है। इस्राइल के पास इसे पहुंचाने के लिए आवश्यक गोला-बारूद या बमवर्षक नहीं है। पेनेट्रेटर को वर्तमान में बी-2 स्टील्थ बॉम्बर द्वारा पहुंचाया जाता है।

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