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मुंबई। मिडिल ईस्ट जंग का असर भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त देखने को मिल रहा है। यही नहीं गुरुवार को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स करीब 2000 अंक तक गिरकर 74,750.92 और निफ्टी 580 अंक या 2.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर था। वहीं शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 92.89 पर पहुंच गया।
बाजार में हर ओर गिरावट देखी जा रही है। रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल के साथ सभी सूचकांक लाल निशान में थे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,095.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,930.95 पर था।
सेंसेक्स के 28 शेयर लाल निशान पर खुले
सेंसेक्स पैक में 30 में से 28 शेयर लाल निशान में थे। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट,बजाज फिनसर्व और इंडिगो लूजर्स थे। केवल एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही हरे निशान में थे।
जंग ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र पर हमले और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरा गई है। बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा कहा कि इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ी है, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ दिख सकता है।
ज्यादातर बिकवाली एशियाई बाजारों में
ज्यादातर एशियाई बाजारों में बिकवाली देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को लाल निशान में बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ 1.63 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी नैस्डैक 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से बिकवाली जारी है। एफआईआई ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की थी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया था।
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