Download App

Latest News

इजराइल दौरा : प्रवासी भारतीयों के स्वागत से भावविभोर हुए पीएम मोदी, दृष्टिहीन गायिका की मनमोहन प्रस्तुति ने जीता दिलयादों में राष्ट्र ऋषि : जेपी की ढाल और आपातकाल का 'अंडरग्राउंड कमांडर'कूनो नेशनल पार्क में दिखा फॉरेस्ट ऑउलेट : विलुप्त प्रजाति का दिखना जैव विविधता संरक्षण के लिए शुभ संकेत, 1872 में खोजा गया था पहली बार3 करोड़ के बैंक ऋण घोटाले में ईओडबल्यू की एफआईआर : संपत्तियां बैंक में गिरवी रखवाकर आरोपियों ने की जालसाजी प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन : मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंदलीला मजूमदार जयंती विशेष : बच्चों को 'पाताल दीदी' जैसी रचना देने वाली रचनाकार, जो कहलाईं बाल साहित्य की जादूगरनी

प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन : मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

 मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद
a

admin

Feb 26, 202601:21 PM

नई दिल्ली । मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत और भावुक अहसास है। गर्भावस्था के इस खास सफर में मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। सही और संतुलित पोषण इस दौरान नींव की तरह काम करता है। ऐसे में सेब, अनार, संतरा और केला का नियमित सेवन मां को एनर्जी देता है। शिशु के विकास को बढ़ावा देता है और दोनों को सेहतमंद रखता है।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार मां की ताकत और बच्चे की अच्छी शुरुआत का आधार बनता है। इस दौरान कुछ फलों को रोजाना डाइट में शामिल करने से मां और बच्चे दोनों को भरपूर फायदा मिलता है। ये फल विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से सेहतमंद रहने में मदद करते हैं।

सेब गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो पाचन सुधारते हैं और कब्ज से राहत देते हैं। नियमित सेवन से बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है।अनार हीमोग्लोबिन बढ़ाने का बेहतरीन स्रोत है। यह आयरन, फोलेट और विटामिन से भरपूर होता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। अनार का सेवन मां को एनर्जी देता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और बच्चे की ग्रोथ को सपोर्ट करता है। यह मॉर्निंग सिकनेस और थकान में भी राहत देता है।

संतरा विटामिन सी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, संक्रमण से बचाता है और आयरन को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है। संतरे में फोलेट भी होता है, जो बच्चे के ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड के विकास के लिए जरूरी है। यह हाइड्रेशन बनाए रखता है और क्रेविंग्स को कंट्रोल करता है।

केला गर्भावस्था में आने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने में मददगार और एनर्जी देता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 और फाइबर भरपूर होता है, जो मसल क्रैंप्स रोकता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है और पाचन सुधारता है। केला आसानी से पच जाता है। इन सुपरफ्रूट्स को रोजाना थाली में शामिल करने से मां को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। डॉक्टर की सलाह से इन्हें संतुलित मात्रा में खाएं।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन : मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद