खाने से पहले ऐसे करें पहचान : मुनाफे के लालच में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़,कैल्शियम कार्बाइड से पकाये जा रहे आम

स्वास्थ्य । गर्मी का सीजन आते ही रसीले आमों का स्वाद भला कौन छोड़ सकता है? लेकिन बढ़ती मांग के चलते कुछ व्यापारी ज्यादा मुनाफे के लालच में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल कर आमों को पकाने लगे हैं। ये रसायन न सिर्फ आम पर नहीं , बल्कि केला और पपीता जैसे फलों को भी जल्दी पकाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हैं। ऐसे में थोड़ी सावधानी और समझदारी से आप आसानी से पहचान सकते हैं कि फल प्राकृतिक रूप से पका है या केमिकल से।
बाजार में दिख रहे चमकदार आम से रहें सतर्क
इन दिनों बाजार में जो आम दिखाई दे रहे हैं, वे देखने में बहुत पीले और आकर्षक लगते हैं, लेकिन उनमें प्राकृतिक खुशबू नहीं होती। कई बार इन्हें सूंघने पर हल्की जलन जैसा एहसास भी हो सकता है।
दरअसल, ऐसे आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड (Calcium Carbide) जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है।
यह भी पढ़ें- तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो...रूम पर आओ
कैसे पहचानें केमिकल से पके आम?
रंग बहुत ज्यादा एकसमान और चमकीला पीला हो
सतह पर सफेद पाउडर या काले धब्बे दिखाई दें
खुशबू न के बराबर हो
काटने पर अंदर से कच्चा लगे
वहीं, प्राकृतिक रूप से पके आम हल्के हरे-पीले रंग के होते हैं और उनकी खुशबू ही उनकी असली पहचान होती है।
केले और पपीते में भी हो रहा है यही खेल
सिर्फ आम ही नहीं, बल्कि केला और पपीता भी केमिकल से पकाए जा रहे हैं। गोदामों में कच्चे फलों को बंद करके गैस के जरिए 24–36 घंटे में पकाया जाता है। ऐसे केले फ्रिज में रखने पर जल्दी काले पड़ जाते हैं—यह उनकी कृत्रिम पकावट का संकेत है।

घर पर करें आसान जांच
पानी में डालें: प्राकृतिक आम डूब जाएगा, जबकि केमिकल से पका आम तैर सकता है
कागज पर रगड़ें: काला दाग बने तो सावधान हो जाएं
सूंघकर देखें: अगर रसायन जैसी गंध आए, तो ऐसे फल न खाएं
सेहत पर असर
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे फलों का सेवन करने से:
पेट दर्द, उल्टी और त्वचा में जलन हो सकती है
लिवर और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है
लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही फल खरीदें
खाने से पहले फलों को बेकिंग सोडा मिले पानी में 10–15 मिनट तक भिगोएं
बहुत ज्यादा चमकीले और बिना खुशबू वाले फलों से बचें

नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
