Download App

Latest News

देश के अच्छे विभागों में मप्र का वन विभाग : सीएम मोहन का दावा, सूबे के पर्यटन बनेंगे रोजगार का जरिया MP news : मोहन के मंत्री ने नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर ऐसे दिया उदाहरण'मर्दानी-3' पब्लिक रिव्यू : बेहतरीन एक्टिंग और कहानी ने जीता दिल, दर्शकों ने बताया 'वन टाइम वॉच'बुंदेलखंड की धरती पर भव्य और ऐतिहासिक होगा नोहलेश्वर महोत्सव : सीएम 11 को करेंगे 5 दिवसीय आयोजन का आगाज, ख्यातनाम हस्तियां देंगी प्रस्तुतिपेट, त्वचा और जोड़ों के लिए फायदेमंद वरुण मुद्रा : जानें अभ्यास से क्या परिवर्तन आते हैंऑस्ट्रेलियन ओपन : ओलिविया गैडेकी और जॉन पीयर्स ने जीता Mixed doubles का खिताब, फ्रेंच जोड़ी को ऐसे दी करारी शिकस्त

माघी पूर्णिमा पर त्रिवेणी में डुबकी लगा सकत हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरान : मनाने की कोशिशों में जुटे जिम्मेदारी, जगद्गुरु ने रखी शर्तें

मनाने की कोशिशों में जुटे जिम्मेदारी, जगद्गुरु ने रखी शर्तें
a

admin

Jan 30, 202601:28 PM

प्रयागराज। ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज माघी पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगा सकते हैं। लखनऊ के कुछ उच्चाधिकारियों ने शंकराचार्य से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारी शंकराचार्य से माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान के लिए आग्रह कर रहे हैं।

शंकराचार्य ने स्नान करने के लिए कई शर्तें भी अधिकारियों के सामने रख दी हैं। जिसमें मौनी अमावस्या को अभद्रता करने वाले अधिकारी लिखित में माफी मांगें, संन्यासियों, बटुकों, ब्राह्मणों, साधु-संतों और वृद्धों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर हो, गाय माता को राज्यमाता घोषित किया जाए और चारों शंकराचार्यों के स्नान के लिए प्रोटोकॉल बने समेत ये चार मांग की हैं। यह सभी चार मांगें मानने पर ही शंकराचार्य ने स्नान की बात कही है। इसकी पुष्टि शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार ने की है।

मौनी अमावस्या पर प्रशासन ने रोक दी थी पालकी

मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशास ने संगम जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। अधिकारियों ने कहा कि पैदल जाकर स्नान करें, जिस पर विवाद और बढ़ गया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर शंकराचार्य ने संन्यासियों, ब्राह्मण बटुकों और साधु संतों के साथ मारपीट करने और उनकी चोटी पकड़कर घसीटने और अपमानित करने का आरोप लगाया।

11 दिन तक धरने पर रहे शंकराचार्य

घटना से मर्माहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित अपने बद्रिकाश्रम हिमालय शिविर के सामने सड़क के किनारे धरने पर रहे। यह धरना मौनी अमावस्या 18 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक चला। वह अधिकारियों से माफी मांगने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। 28 जनवरी को शंकराचार्य माघ मेला छोड़कर वाराणसी के लिए रवाना हो गए।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
माघी पूर्णिमा पर त्रिवेणी में डुबकी लगा सकत हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरान : मनाने की कोशिशों में जुटे जिम्मेदारी, जगद्गुरु ने रखी शर्तें