गुरुवार, 16 अप्रैल 202601:03:54 AM
Download App
Home/देश

वह साधु किस बात का जो अहंकार करे : अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोले योग गुरू, सनातन के शत्रुओं से लड़ने हिन्दुओं से की अपील

admin

admin

Jan 23, 2026
12:54 PM
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोले योग गुरू, सनातन के शत्रुओं से लड़ने हिन्दुओं से की अपील

अयोध्या। योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के विषय को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का एकजुट रहना जरूरी है, क्योंकि सनातन के शत्रु पहले से ही बहुत हैं। कोई इस्लामीकरण कर रहा है तो कोई गजवा-ए-हिंद में लगा है। इसलिए सनातन के शत्रुओं से लड़ना चाहिए, आपस में न लड़ें।

प्रयागराज माघ मेला में स्नान के बाद अयोध्या में दर्शन करने पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा, हम शंकराचार्य को भगवान का रूप मानते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी शंकराचार्य किसी विवाद में शामिल न हो। योग गुरु ने कहा, अब एक संत विवाद कैसे खड़ा कर सकता है? कम से कम धार्मिक स्थलों और तीर्थ स्थलों पर किसी भी संत को किसी विवाद में शामिल नहीं होना चाहिए। यहां न स्नान का और न पालकी का विवाद होना चाहिए। बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि वह साधु किस बात का, जो अहंकार करे। साधु वही बनता है, जिसने अपने अपमान को मिटा दिया।

लाव-लश्कर के साथ पालकी पर पहुंचे थे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

17 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज मेघा मेला में संगम घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। पूरे लाव-लश्कर के साथ वह अपनी पालकी पर आए थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें बिना रथ के आगे बढ़ने को कहा। इसी बात पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ था। बाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके साथ यह व्यवहार जानबूझकर किया गया है। विवाद उस समय और बढ़ा, जब अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में ही धरने पर बैठ गए।

सनातन सिर्फ शब्दों और प्रवचनों में नहीं

बाबा रामदेव ने अपने अयोध्या दौरे पर कहा, सनातन सिर्फ शब्दों और प्रवचनों में नहीं है। यह हमारे जीवन में उतरे, हम राम की मर्यादाओं पर चलें, इसी संकल्प के साथ अयोध्या में दर्शन करने आए हैं। इससे पहले, गुरुवार को रामदेव ने माघ मेला में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यहां आकर मुझे एक दिव्य अनुभव हुआ है। प्रयागराज तीर्थराज है। माघ मेले के दौरान लाखों सनातनी यहां तपस्या करते हैं। यहां आकर मेरा मन प्रसन्न हो गया है और मैंने यहां पूजा-अर्चना की।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें