जब एक फोन कॉल ने बदल दी प्रियंका चोपड़ा की किस्मत : पिता को मनाने के लिए मां ने अपनाई खास तरकीब

मुंबई। आज प्रियंका चोपड़ा ग्लोबल स्टार के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी प्रियंका का सफर जितना शानदार दिखता है, उसकी शुरुआत उतनी ही दिलचस्प रही। मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से पहले उन्हें अपने पिता को मनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘अभी बाकी है सफर’ में किया है।
17 साल की उम्र में मिला जिंदगी बदलने वाला फोन
प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1982 को जमशेदपुर में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय सेना में डॉक्टर थे और परिवार में पढ़ाई को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता था। उस समय प्रियंका महज 17 साल की थीं और अपनी पढ़ाई तथा प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थीं।
इसी दौरान एक दिन उन्हें फेमिना मैगजीन की ओर से फोन आया। कॉल पर बताया गया कि उनका चयन मिस इंडिया प्रतियोगिता के नॉर्थ इंडिया राउंड के लिए हुआ है और उन्हें दिल्ली में होने वाले ऑडिशन में हिस्सा लेना है। यह खबर सुनकर प्रियंका बेहद उत्साहित हो गईं। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद उनकी लोकप्रियता की वजह से उन्हें चुना गया है, लेकिन बाद में उनकी मां ने बताया कि आवेदन उन्होंने ही भेजा था।
पिता को मनाना था सबसे बड़ी चुनौती
मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से ज्यादा मुश्किल काम अपने पिता को इसके लिए तैयार करना था। उनके पिता चाहते थे कि प्रियंका पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दें और बेहतर करियर बनाएं। ऐसे में अचानक ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने की बात उन्हें पसंद आएगी, इसकी संभावना कम थी।
मां की समझदारी से बनी बात
प्रियंका की मां मधु चोपड़ा ने पूरे मामले को बेहद समझदारी से संभाला। उन्होंने पहले घर का माहौल हल्का रखा और प्रियंका को भी समझाया कि पिता के सामने किसी तरह की बहस नहीं करनी है। सही समय आने पर उन्होंने अपने पति से इस बारे में बात की और प्रियंका के सपनों का जिक्र किया।
आखिरकार पिता इस शर्त पर तैयार हुए कि प्रियंका अकेले दिल्ली नहीं जाएंगी। उनकी मां पूरे सफर के दौरान उनके साथ रहेंगी। इसके बाद दोनों ट्रेन से दिल्ली पहुंचीं और प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में शामिल हुईं।
यहीं से बदल गई जिंदगी की दिशा
दिल्ली पहुंचकर प्रियंका ने पहली बार मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया को करीब से देखा। वहां मौजूद कई प्रतिभागी पहले से फैशन इंडस्ट्री से जुड़ी थीं, जबकि उनके लिए यह बिल्कुल नया अनुभव था। उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि वह इस प्रतियोगिता में इतनी दूर तक पहुंचेंगी।
लेकिन यही सफर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। साल 2000 में उन्होंने पहले मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब जीता और फिर उसी वर्ष मिस वर्ल्ड बनकर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। इसके बाद फिल्मों में कदम रखने वाली प्रियंका ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वह सफल अभिनेत्री होने के साथ निर्माता, उद्यमी और सामाजिक कार्यों में सक्रिय वैश्विक हस्ती के रूप में भी जानी जाती हैं।
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