पंजाबी फिल्म का बुसान में जलवा : Busan Film Festival में पंजाबी फिल्म ‘Birds in the Dark’ का जलवा, शशांक वालिया ने जीते दो बड़े अवॉर्ड

मनोरंजन। पंजाबी सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। फिल्ममेकर शशांक वालिया की पंजाबी ड्रामा फिल्म ‘बर्ड्स इन द डार्क’ (Birds in the Dark) ने दक्षिण कोरिया में आयोजित बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म ने पहले सॉन्गवॉन विजन ऑडियंस अवॉर्ड एशिया (Songwon Vision Audience Award Asia) अपने नाम किया और इसके बाद शशांक वालिया को न्यू करंट्स अवॉर्ड (New Currents Award) से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्ममेकर को दिया जाता है। एक ऐसी फिल्म, जिसे बनाते समय निर्देशक ने शायद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी सफलता की कल्पना भी नहीं की थी, अब दुनिया भर के दर्शकों का ध्यान खींच रही है।

बुसान फिल्म फेस्टिवल में ‘बर्ड्स इन द डार्क’ की बड़ी जीत
‘बर्ड्स इन द डार्क’ की सफलता शशांक वालिया के लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। फिल्म को जहां दर्शकों की पसंद के लिए सम्मान मिला, वहीं न्यू करंट्स अवॉर्ड ने निर्देशक की प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
इस उपलब्धि की खास बात यह है कि फिल्म पंजाब के पांच गांवों के लोगों के साथ मिलकर बनाई गई है। इसके बावजूद फिल्म की कहानी और भावनाएं दक्षिण कोरिया के दर्शकों तक पहुंचने में सफल रहीं। यह फिल्म की उस ताकत को दिखाता है, जिसमें स्थानीय कहानियां भी वैश्विक स्तर पर लोगों के दिलों को छू सकती हैं।
शशांक वालिया ने क्या कहा?
दक्षिण कोरिया से बातचीत में शशांक वालिया ने बताया कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि ‘बर्ड्स इन द डार्क’ की कहानी दुनिया भर के लोगों से जुड़ सकती है। हालांकि, फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना प्यार और सम्मान मिलेगा, इसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी।
वालिया के मुताबिक, इस पुरस्कार की सबसे खास बात यह है कि पंजाब के पांच गांवों के लोगों के साथ मिलकर बनाई गई फिल्म को कोरिया के दर्शकों से इतना गर्मजोशी भरा स्वागत मिला।
उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म उन सभी लोगों के दिलों तक पहुंचेगी, जो मानते हैं कि प्यार, एक-दूसरे की मदद और आपसी एकजुटता से दुनिया को अधिक न्यायपूर्ण और संवेदनशील बनाया जा सकता है।

पंजाब के पांच गांवों की कहानी ने जीता दिल
‘पंजाबी सिनेमा के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल एशिया के प्रमुख फिल्म समारोहों में गिना जाता है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी पंजाबी फिल्म का दर्शकों का पुरस्कार जीतना और उसके निर्देशक को डेब्यू फिल्ममेकर के रूप में सम्मान मिलना क्षेत्रीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
‘बर्ड्स इन द डार्क’ की सफलता यह भी दिखाती है कि मजबूत कहानी और सच्ची भावनाओं के सहारे स्थानीय स्तर पर बनी फिल्में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच सकती हैं।
शशांक वालिया की इस उपलब्धि ने पंजाबी सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। अब देखना होगा कि फिल्म को आने वाले समय में दर्शकों और अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
