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भीड़ में भी इंसान अकेला हो सकता है : शुभांगी अत्रे ने बताए रिश्तों और सच्ची बातचीत के मायने

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 27, 2026
06:49 AM
शुभांगी अत्रे ने बताए रिश्तों और सच्ची बातचीत के मायने

मुंबई। टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे का मानना है कि अकेलापन केवल लोगों की कमी से नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और सच्ची बातचीत के अभाव से पैदा होता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे लोगों का साथ मिलना बेहद जरूरी है, जो केवल हालचाल पूछें ही नहीं, बल्कि जवाब को धैर्य से सुनें भी।

एक बातचीत में शुभांगी ने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं क्योंकि उनकी जिंदगी में कुछ ऐसे लोग हैं जो दिल से उनका हाल पूछते हैं। उनके मुताबिक, कई बार किसी को सलाह देने से ज्यादा जरूरी होता है उसकी बातों को बिना टोके और बिना किसी पूर्वाग्रह के सुनना। यही एहसास किसी व्यक्ति को मानसिक सुकून देता है।

सोशल मीडिया ने बढ़ाई दूरी, भावनाएं रह गईं पीछे

शुभांगी ने कहा कि आज लोग सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे की जिंदगी से जुड़े जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी की तस्वीरें, यात्राएं या पोस्ट देखकर उसके जीवन का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन उसके मन में क्या चल रहा है, यह केवल सच्ची बातचीत से ही जाना जा सकता है।

उनका मानना है कि सोशल मीडिया ने लोगों को अधिक दिखाई देने वाला बना दिया है, लेकिन रिश्तों की गहराई और संवेदनशीलता कहीं न कहीं कम हो गई है। असली संवाद आज भी स्क्रीन से दूर आमने-सामने की बातचीत में ही संभव है।

भरोसेमंद रिश्ते ही देते हैं जीवन को मजबूती

रिश्तों पर अपनी सोच साझा करते हुए शुभांगी ने कहा कि भरोसा, समझ और अपनापन समय के साथ विकसित होते हैं। सच्चे रिश्ते वही होते हैं जो व्यक्ति के अच्छे और बुरे दोनों दौर में उसके साथ खड़े रहें। ऐसे संबंध न केवल मानसिक मजबूती देते हैं, बल्कि अकेलेपन की भावना को भी काफी हद तक कम कर देते हैं।

उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी 19 वर्षीय बेटी आशी उनके जीवन का सबसे अहम सहारा है। आशी हमेशा उनका हालचाल पूछती हैं और उनका पूरा ध्यान रखती हैं। इसके अलावा कुछ करीबी दोस्तों और अपनों का साथ भी उन्हें भावनात्मक मजबूती देता है। शुभांगी का कहना है कि जीवन में रिश्तों की असली पहचान मुश्किल समय में साथ निभाने से होती है और यही संबंध इंसान को भीतर से मजबूत बनाते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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