तुलसी फिर लौटेगी रिश्तों को जोड़ने... : 10 साल के लीप के साथ नए अंदाज में वापसी, स्मृति ईरानी ने खोले कई राज

मुंबई। भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय और यादगार धारावाहिकों में शामिल क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक बार फिर दर्शकों के बीच नए अंदाज में लौट रहा है। इस बार शो की कहानी 10 साल के बड़े लीप के साथ आगे बढ़ेगी, जहां बदलते रिश्ते, नई पीढ़ी की सोच और परिवार के भीतर पैदा हुई दूरियों को केंद्र में रखा जाएगा। शो की पहचान बन चुकीं स्मृति ईरानी एक बार फिर श्तुलसीश् के रूप में नजर आएंगी। उनकी वापसी को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है और खुद स्मृति भी इस नए अध्याय को लेकर भावुक और उत्साहित हैं।
स्मृति ईरानी का कहना है कि उनके लंबे अभिनय करियर में कई किरदार आए, लेकिन श्तुलसीश् जैसा अपनापन उन्हें किसी और भूमिका से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब लोग बताते हैं कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है, तो इससे बड़ा सम्मान किसी कलाकार के लिए नहीं हो सकता। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक टीवी किरदार नहीं, बल्कि लाखों भारतीय परिवारों की भावनाओं का हिस्सा बन चुका है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी दर्शक तुलसी को उसी प्यार और सम्मान के साथ याद करते हैं।
शो का नया अध्याय केवल समय का बदलाव नहीं
उन्होंने बताया कि शो का नया अध्याय केवल समय का बदलाव नहीं दिखाएगा, बल्कि रिश्तों की बदलती परिभाषा और नई पीढ़ी की चुनौतियों को भी सामने लाएगा। कहानी में परिवार पहले जैसा नहीं रहेगा। सदस्यों के बीच दूरियां, मतभेद और बदलती प्राथमिकताएं होंगी, लेकिन तुलसी का विश्वास पहले की तरह अटूट रहेगा। वह फिर से टूटते रिश्तों को जोड़ने और परिवार को एक सूत्र में बांधने की कोशिश करती नजर आएंगी।
तुलसी से मिला सबसे बड़ा सम्मान
स्मृति का मानना है कि समय चाहे कितना भी बदल जाए, हर परिवार को ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो संवाद, विश्वास और माफी के जरिए रिश्तों को संभाल सके। उन्होंने कहा कि यही सोच हमेशा तुलसी की सबसे बड़ी ताकत रही है। नए सीजन में भी दर्शकों को भावनाओं, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की गर्माहट से भरपूर कहानी देखने को मिलेगी, जिसमें कई नए मोड़ और चैंकाने वाले घटनाक्रम भी होंगे। स्मृति ईरानी ने कहा कि लोगों का यह कहना कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है, उनके लिए किसी भी पुरस्कार से बड़ा सम्मान है।
10 साल के लीप के बाद बदलेगा परिवार
नई कहानी में परिवार पूरी तरह बदल चुका होगा। रिश्तों में दूरियां और मतभेद होंगे, लेकिन तुलसी फिर से सबको जोड़ने की जिम्मेदारी निभाती नजर आएंगी। स्मृति ने कहा कि परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें प्यार, धैर्य और समझदारी से सुलझाना ही सबसे बड़ा समाधान है और यही तुलसी की सोच रही है।
नई पीढ़ी की चुनौतियों पर होगा फोकस
स्मृति ईरानी ने उम्मीद जताई कि नए अध्याय में भी दर्शकों को अपने परिवार और जीवन की झलक देखने को मिलेगी। शो का मूल संदेश पहले की तरह परिवार, विश्वास, माफी और उम्मीद पर ही आधारित रहेगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
