कभी बॉलीवुड छोड़ने का बना लिया था मन : फिर सलमान ने बदली मोहनीश बहल की किस्मत, विलेन से बने परिवार के चहेते

मुंबई। बॉलीवुड में कई सितारों की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी छिपी होती है। ऐसे ही कलाकार हैं मोहनीश बहल, जिन्होंने शुरुआती दौर में लगातार असफलताओं के बाद एक्टिंग छोड़ने तक का फैसला कर लिया था। फिल्मों में भविष्य नजर नहीं आया तो उन्होंने विमानन क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन किस्मत ने उन्हें ऐसा मौका दिया, जिसने न सिर्फ उनका करियर बचाया बल्कि उन्हें हिंदी सिनेमा के यादगार कलाकारों में शामिल कर दिया।
फ्लॉप फिल्मों के बाद छोड़ना चाहते थे बॉलीवुड
14 अगस्त 1961 को मुंबई में जन्मे मोहनीश बहल फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी मां दिग्गज अभिनेत्री नूतन थीं, जबकि नानी शोभना समर्थ और मौसी तनुजा भी सिनेमा की जानी-मानी हस्तियां रही हैं। काजोल उनकी चचेरी बहन हैं।
मोहनीश ने 1983 में फिल्म ‘बेकरार’ से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद ‘तेरी बाहों में’ भी बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। हालांकि ‘पुराना मंदिर’ ने उन्हें पहचान दिलाई, लेकिन उस दौर में हॉरर फिल्मों को मुख्यधारा में ज्यादा सम्मान नहीं मिलता था। लगातार असफलताओं से निराश होकर उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में कदम बढ़ाया।
सलमान खान की एक सिफारिश ने बदली जिंदगी
इसी दौर में जिम में उनकी मुलाकात सलमान खान से हुई। दोनों की दोस्ती बढ़ी और जब राजश्री प्रोडक्शंस की ‘मैंने प्यार किया’ के लिए कलाकारों का चयन हो रहा था, तब सलमान ने मोहनीश बहल का नाम नकारात्मक भूमिका के लिए सुझाया।
1989 में रिलीज हुई यह फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई और ‘जीवन’ के किरदार ने मोहनीश बहल के करियर को नई दिशा दे दी। इसके बाद उन्हें लगातार बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे।
विलेन से बने परिवार के चहेते
मोहनीश बहल के करियर का दूसरा बड़ा मोड़ राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्मों से आया। ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी फिल्मों में उन्होंने आदर्श भाई और परिवार के जिम्मेदार सदस्य की भूमिकाएं निभाईं। उनकी छवि धीरे-धीरे खलनायक से बदलकर एक संस्कारी और भरोसेमंद अभिनेता की बन गई।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
