‘जूली’ की शूटिंग के दिनों को याद कर भावुक हुईं नेहा, : बताया संजय कपूर ने कैसे रखा मां का ख्याल

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया ने अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘जूली’ की शूटिंग के दौरान अभिनेता संजय कपूर ने न केवल अपने काम की जिम्मेदारियां निभाईं, बल्कि नेहा की मां का भी खास ध्यान रखा। अभिनेत्री ने बताया कि शूटिंग के दौरान उनकी मां अक्सर सेट पर आती थीं, लेकिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकलती थीं। ऐसे में संजय कपूर उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करते थे।
‘डबल डेट’ शो में याद किए पुराने दिन
नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में हाल ही में अभिनेता संजय कपूर और उनकी पत्नी महीप कपूर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान नेहा ने फिल्म ‘जूली’ की शूटिंग से जुड़ी यादें साझा कीं और संजय कपूर के व्यवहार की तारीफ की। नेहा ने बताया कि उनकी मां शूटिंग सेट पर मौजूद रहती थीं, लेकिन वह कमरे से बाहर नहीं आती थीं। अभिनेत्री के मुताबिक, उनकी मां ऐसा इसलिए करती थीं, ताकि नेहा अपने काम पर पूरी तरह ध्यान दे सकें। उन्हें किसी के बुलाने या आमंत्रित करने की जरूरत नहीं थी।
निर्देशक-निर्माता के साथ मां का भी रखते थे ध्यान
नेहा ने संजय कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह सेट पर निर्देशक और निर्माता के साथ काम संभालने के अलावा उनकी मां के पास भी जाते थे। वह उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करते थे और सभी जिम्मेदारियों के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाते थे। अभिनेत्री ने संजय कपूर के इस व्यवहार को याद करते हुए बताया कि उस दौर में उनका सहयोग काफी मायने रखता था। नेहा और संजय इससे पहले फिल्म ‘कयामत: सिटी अंडर थ्रेट’ में भी साथ काम कर चुके हैं।
ऐसी थी फिल्म ‘जूली’ की कहानी
साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘जूली’ का निर्देशन दीपक शिवदासानी ने किया था, जबकि एन. आर. पचिसिया इसके निर्माता थे। फिल्म में नेहा धूपिया के साथ संजय कपूर, प्रियांशु चटर्जी, यश टोंक और अचिंत कौर अहम भूमिकाओं में नजर आए थे।
फिल्म की कहानी जूली और मिहिर नाम के एक प्रभावशाली कारोबारी के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। मिहिर को जूली से प्यार हो जाता है, लेकिन उसके अतीत और पेशे के कारण उनके रिश्ते में कई मुश्किलें सामने आती हैं। मिहिर जब जूली के सामने शादी का प्रस्ताव रखता है, तो वह असमंजस में पड़ जाती है। नेहा का यह किस्सा बताता है कि फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे कलाकारों के आपसी सहयोग और संवेदनशील व्यवहार की यादें भी लंबे समय तक दिल में बनी रहती हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
