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‘अब टीवी की बहू सिर्फ त्याग की मूर्ति नहीं’ : रावी गुप्ता ने डेली सोप के बदलते दौर पर रखी बात, बोलीं- अब किरदारों में दिख रही है ज्यादा गहराई

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 03, 2026
07:14 AM
रावी गुप्ता ने डेली सोप के बदलते दौर पर रखी बात, बोलीं- अब किरदारों में दिख रही है ज्यादा गहराई

मुंबई। अभिनेत्री रावी गुप्ता इन दिनों लोकप्रिय टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के दूसरे सीजन में दामिनी के किरदार से दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं। शो में वह गौतम विरानी की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि समय के साथ टेलीविजन इंडस्ट्री में काम करने के तरीके से लेकर कहानी और किरदारों की प्रस्तुति तक में बड़ा बदलाव आया है।

तकनीक के मामले में आया बड़ा बदलाव

आईएएनएस से बातचीत में रावी गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मनोरंजन उद्योग तेजी से बदला है और आने वाले समय में भी तकनीक के स्तर पर बदलाव जारी रहेगा। उन्होंने पुराने और नए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलना करते हुए कहा कि दोनों शोज की तकनीक में जमीन-आसमान का अंतर है।

अभिनेत्री के मुताबिक, आज शूटिंग, प्रोडक्शन और कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने का तरीका पहले की तुलना में काफी अलग हो चुका है।

‘दामिनी खुद एक सरप्राइज है’

अपने किरदार दामिनी के बारे में रावी ने कहा कि यह भूमिका उनके लिए खुद एक सरप्राइज रही है। दर्शकों को शुरुआत में लगा था कि दामिनी नकारात्मक किरदार निभाएगी, क्योंकि पिछले सीजन में रावी ने निगेटिव रोल किया था। हालांकि, इस बार उनका किरदार अलग है।

उन्होंने बताया कि दामिनी कोई अत्यधिक ड्रामेबाज या नकारात्मक महिला नहीं है, बल्कि एक आम महिला है, जिसकी अपनी परेशानियां और परिस्थितियां हैं। यही बात उनके किरदार को खास बनाती है।

टीवी की कहानियों में दिख रहा बदलाव

रावी गुप्ता ने डेली सोप में महिलाओं के चित्रण में आए बदलाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले नकारात्मक किरदारों को पूरी तरह बुरा और सकारात्मक महिला किरदारों को लगभग देवी की तरह दिखाने का चलन था। अब कहानियों में किरदारों की जटिलता और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों को ज्यादा जगह मिल रही है।

उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को अच्छा तभी माना जाता था, जब वे परिवार के लिए लगातार त्याग करती रहें। अब टीवी धारावाहिकों में घरेलू हिंसा और मैरिटल रेप जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। रावी के मुताबिक, टेलीविजन में महिलाओं के किरदारों का यह बदलाव समाज में जरूरी संवाद को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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