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तमिल फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर : दिग्गज संगीतकार देवा का निधन, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस, इन फिल्मों के संगीत से बनाई थी पहचान

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 17, 2026
08:17 AM
दिग्गज संगीतकार देवा का निधन, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस, इन फिल्मों के संगीत से बनाई थी पहचान

मुंबई। तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर संगीत निर्देशक देवा का शनिवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। ‘थेनिसाई थेंड्रल’ के नाम से लोकप्रिय देवा के निधन की खबर से दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने अपने संगीत से कई फिल्मों को यादगार बनाया और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान स्थापित की।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देवा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें तमिलनाडु के चेन्नई स्थित कोडंबक्कम के सूर्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को शनिवार दोपहर करीब दो बजे वडापलानी स्थित उनके आवास पर ले जाने की जानकारी सामने आई, जहां प्रशंसक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे।

रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में दिया था संगीत

देवा ने अपने करियर में कई लोकप्रिय तमिल फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया। सुपरस्टार रजनीकांत की ‘अण्णामलाई’, ‘बाशा’ और ‘अरुणाचलम’ जैसी फिल्मों में उनके संगीत ने दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता हासिल की। उनके गीतों ने उन्हें तमिल फिल्म संगीत के प्रमुख नामों में शामिल कराया।

देवा ने वर्ष 1986 में तमिल फिल्म ‘माटुकारा मन्नारु’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने पारंपरिक तमिल संगीत और लोकप्रिय धुनों को मिलाकर अपनी अलग शैली विकसित की। तमिल सिनेमा में ‘गाना’ संगीत शैली को लोकप्रिय बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उन्होंने कई गीतों की रचना करने के साथ उन्हें अपनी आवाज भी दी।

इलैयाराजा और एआर रहमान के दौर में बनाई अलग पहचान

कुछ सप्ताह पहले देवा ने तमिल फिल्म ‘मिसाया मुरुक्कू 2’ के सक्सेस मीट में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि इलैयाराजा और एआर रहमान जैसे दिग्गज संगीतकारों के प्रभाव वाले दौर में अपनी अलग पहचान बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

देवा के मुताबिक, इसी चुनौती ने उन्हें गाना शैली की ओर प्रेरित किया। वह ऐसा संगीत बनाना चाहते थे, जो दूसरे संगीतकारों की शैली से अलग हो और श्रोताओं के बीच उनकी अपनी पहचान स्थापित करे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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