संघर्षों को मात देकर बनीं फिटनेस आइकन : जब शिल्पा शेट्टी को फिल्मों से किया गया बाहर, फिर भी नहीं मानी हार, धड़कन बनी टर्निंग प्वाइंट

मुंबई। बालीवुड की मशहूर अभिनेत्री, फिटनेस आइकन और शिल्पा शेट्टी आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे संघर्ष और चुनौतियों की लंबी कहानी छिपी है। एक मौका ऐसा भी आया था जब उन्हें उन्हें फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया था, इतना ही नहीं कई फिल्म निर्माताओं ने उन्हें अपनी परियोजनाओं से बाहर भी कर दिया था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत और धैर्य का रास्ता चुनकर खुद को फिर से स्थापित किया।
8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरू में जन्मी शिल्पा शेट्टी का वास्तविक नाम अश्विनी शेट्टी है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने पिता के व्यवसाय में सहयोग करने लगीं। इसी दौरान एक फैशन शो में भाग लेने का अवसर मिला, जहां एक फोटोग्राफर की नजर उन पर पड़ी। उनकी तस्वीरों ने मॉडलिंग की दुनिया के दरवाजे खोल दिए और जल्द ही उन्हें विज्ञापनों व फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे।
‘बाजीगर’ से मिली पहचान, फिर आया कठिन दौर
शिल्पा ने वर्ष 1993 में बाजीगर से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान और काजोल थे। फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में काम किया और 1990 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।

हालांकि सफलता का यह सिलसिला हमेशा जारी नहीं रहा। करियर के एक चरण में उन्हें लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा। कई फिल्मों के लिए चयन होने के बावजूद उन्हें बाद में बाहर कर दिया गया। इस दौर ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया, लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास को कमजोर नहीं पड़ने दिया।
‘धड़कन’ बनी करियर का टर्निंग प्वाइंट
साल 2000 में रिलीज हुई धड़कन ने शिल्पा के करियर को नई उड़ान दी। फिल्म में उनके अभिनय की खूब सराहना हुई और वह फिर से सुर्खियों में आ गईं। इसके बाद उन्होंने कई गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाकर अपनी अभिनय क्षमता साबित की।
फिटनेस, टीवी और अंतरराष्ट्रीय पहचान
फिल्मों के अलावा शिल्पा ने टीवी और फिटनेस की दुनिया में भी अलग मुकाम बनाया। ब्रिटेन के चर्चित रियलिटी शो सेलिब्रिटी बिग ब्रदर की विजेता बनकर उन्होंने वैश्विक पहचान हासिल की। आज वह फिटनेस और योग को बढ़ावा देने वाली सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। योग, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक अभियानों में योगदान के जरिए शिल्पा ने यह साबित किया है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
