पाकिस्तान की जनता पानी में डूबी, मुनीर बेफिक्र! : पाकिस्तान की राजधानी में बाढ़ ने खोली बदइंतजामी की पोल, सड़कें बनीं दरिया और घरों में घुसा पानी

नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया है कि शहरों की व्यवस्था पानी में बहती नजर आ रही है। कई इलाकों में पांच से छह फीट तक पानी भरने से सड़कें दरिया बन गईं और घरों के भीतर तक बाढ़ का पानी घुस गया। गाड़ियां पानी में डूब गईं, बेसमेंट जलमग्न हो गए और निचले इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया। नालों का पानी सड़कों पर फैलने से हालात और बिगड़ गए हैं। इस जलप्रलय ने पाकिस्तान की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, वहीं आम लोग राहत के लिए प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हैं।
नाल-ए-लाई ने बढ़ाई मुसीबत
रावलपिंडी में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। लगातार बारिश के कारण नाल-ए-लाई का जलस्तर तेजी से बढ़ा। कटारियान ब्रिज पर इसका पानी करीब 29.5 फीट तक पहुंच गया। पानी का बहाव इतना तेज रहा कि कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और वाहन पानी में फंस गए। कई जगहों पर हालात इतने भयावह हैं कि सिर्फ वाहनों की छतें दिखाई दे रही हैं। बेसमेंट और घरों में पानी भरने से लोगों का सामान बर्बाद हो गया। स्थानीय इलाकों से सामने आई तस्वीरों में सड़कें किसी नदी की तरह नजर आ रही हैं।

निचले इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही
सफदरबाद, सादिकाबाद, धोके खाबा, पीरवधाई, फौजी कॉलोनी और आर्य मोहल्ला समेत कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। मरी रोड और ओल्ड एयरपोर्ट रोड के कुछ हिस्से भी पानी में डूब गए हैं। जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए रावलपिंडी में बारिश से जुड़ी आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप और भारी मशीनरी तैनात की गई है। कई शिक्षण संस्थानों को भी बंद करना पड़ा है।
बारिश ने खोल दी व्यवस्था की पोल
कुछ दिनों से जारी तेज बारिश ने शहर के कमजोर जल निकासी तंत्र की पोल खोल दी। घनी आबादी वाले इलाकों में कुछ ही घंटों की बारिश के बाद ड्रेनेज व्यवस्था चरमरा गई। नतीजा यह हुआ कि नाले और सड़कें एक हो गईं और बड़ी संख्या में लोग जलभराव के बीच फंस गए।
पानी पर राजनीति, लेकिन अपने शहर बेहाल
पाकिस्तान में बाढ़ के बीच राजनीतिक विरोधाभास भी चर्चा में है। हाल ही में एससीओ की बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत से पानी के मुद्दे पर चिंता जताई थी। अब पाकिस्तान के अपने ही शहर बारिश के पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। जनता घर और सामान बर्बाद होने से परेशान है, जबकि सरकार के सामने राहत और निकासी अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
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