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पीसीसी फैसले पर घमासान : टीम और स्टाॅफ में बड़े बदलाव पर आगबबूला हुआ पूर्व कप्तान, कहा- बंद करों यह खेल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 02, 2026
10:19 AM
टीम और स्टाॅफ में बड़े बदलाव पर आगबबूला हुआ पूर्व कप्तान, कहा- बंद करों यह खेल

नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बड़ा फैसला अब विवादों में घिर गया है। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में शुरुआती दो मुकाबले गंवाने के बाद बोर्ड ने सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को बीच दौरे से ही वापस पाकिस्तान बुला लिया। पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे केवल प्रदर्शन से जुड़ा कदम मानने से इनकार किया है।

यूसुफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को अचानक वापस बुलाने का फैसला पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय से चले आ रहे अंदरूनी मतभेद और अस्थिरता के उसी पुराने दौर की याद दिलाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे फैसलों से टीम को मजबूती मिलेगी या हालात और बिगड़ेंगे।

हार के बाद टीम में बड़ी उथल-पुथल

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से करारी हार मिली। इससे पहले हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। लगातार दो हार के बाद बोर्ड ने टीम में बड़ा फेरबदल कर दिया।

विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को टीम से रिलीज कर वापस भेज दिया गया। इसके साथ ही टेस्ट के मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया है।

यूसुफ ने बताया पुरानी बीमारी

पाकिस्तान के लिए 90 टेस्ट मैच खेल चुके मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि 1992 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के बाद भी पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता बार-बार लौटती रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मैदान के बाहर लगातार होने वाली उठापटक से टीम के प्रदर्शन के साथ प्रशंसकों का भरोसा भी कमजोर होता है।

यूसुफ ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट को अपनी खोई हुई मजबूती हासिल करनी है तो ध्यान बोर्ड के कमरों की राजनीति पर नहीं, बल्कि मैदान पर प्रदर्शन सुधारने पर होना चाहिए। उनके मुताबिक लगातार सफलता ही इस संकट का सबसे प्रभावी इलाज है।

तीसरे टेस्ट में नई जिम्मेदारी

सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाएगा। टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी अब माइक हेसन और एश्ले नोफ्के संभालेंगे। ऐसे में पाकिस्तान के सामने चुनौती सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ हार का सिलसिला रोकने की नहीं, बल्कि लगातार होते बदलावों के बीच टीम का मनोबल बनाए रखने की भी है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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