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टोक्यो-लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे, जहां आयोजित ‘यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो’ में उन्होंने जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत आधारभूत संरचना, विशाल उपभोक्ता बाजार और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने जापानी उद्यमियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और यहां के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने जापान को ‘लैंड ऑफ द सनराइज’ बताते हुए सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। सारनाथ, कुशीनगर, सरस्वती और कौशांबी जैसे बौद्ध स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी ‘बीमारू’ कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। देश की 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद प्रदेश करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री-लॉजिस्टिक्स में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
यूपी की 56 फीसदी आबादी युवा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जो उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराती है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विस्तृत रेल नेटवर्क और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी की जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा इंटरनेशन एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां जापानी उद्योगों के लिए क्लस्टर आधारित विकास किया जाएगा। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में निवेश के अवसर
उन्होंने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। राज्य के पास 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है और बुंदेलखंड क्षेत्र में 56 हजार एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है।
जीआईएस में मिले थे 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
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