शेयर बाजार में हाहाकार : ट्रंप के दावे से बढ़ी घबराहट, सेंसेक्स 800 अंक तक टूटा; निफ्टी भी धड़ाम

नई दिल्ली। सप्ताह के बीच कारोबारी दिन की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भारी झटके के साथ हुई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की चाल बिगाड़ दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण से जुड़े दावे और ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की खबरों ने निवेशकों में घबराहट बढ़ा दी। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली।
खुलते ही सेंसेक्स में भारी गिरावट
बंबई शेयर बाजार का 30 प्रमुख कंपनियों वाला सूचकांक सेंसेक्स मंगलवार के 76,944 अंक के बंद स्तर की तुलना में बुधवार को 76,471 अंक पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह 76,135 अंक के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 800 अंक के करीब की कमजोरी देखने को मिली। राष्ट्रीय शेयर बाजार का 50 प्रमुख कंपनियों वाला सूचकांक निफ्टी भी दबाव में रहा। यह पिछले बंद स्तर 24,055 अंक के मुकाबले 23,858 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 23,786 अंक तक फिसल गया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा टूट
बाजार में आई इस गिरावट का असर बड़ी, मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया। बड़ी कंपनियों में इंडिगो के शेयर करीब 2.70 प्रतिशत और ईटर्नल के शेयर लगभग 1.90 प्रतिशत नीचे कारोबार करते नजर आए। मध्यम आकार की कंपनियों में जीवीटी एंड डी करीब 3.10 प्रतिशत, गोदरेज प्रॉपर्टीज 3 प्रतिशत, एमएफएसएल 2.90 प्रतिशत, टीआई इंडिया 2.50 प्रतिशत और वोल्टास करीब 2.20 प्रतिशत टूटे। छोटी कंपनियों में केफिन टेक्नोलॉजीज करीब 3.45 प्रतिशत, ब्रिगेड करीब 3 प्रतिशत और चोला होल्डिंग्स लगभग 2.50 प्रतिशत नीचे कारोबार करते दिखे।
ट्रंप के बयान से बढ़ी घबराहट
बाजार में अचानक आई गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है।
कच्चे तेल में उछाल से चिंता बढ़ी
तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट कच्चा तेल 96 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी कच्चा तेल 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। मर्बन कच्चे तेल में भी सात प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।
एशियाई बाजारों पर भी इसका असर पड़ा। जापान का निक्केई करीब 1,800 अंक तक फिसला, हांगकांग का हांगसेंग नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब चार प्रतिशत की गिरावट में कारोबार करता नजर आया। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगे कच्चे तेल ने भारतीय बाजार के निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
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