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कमर की जकड़न से तनाव तक : चक्रासन के हैं कई फायदे! जानिए सही तरीका और अभ्यास का असर

admin

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Sep 14, 2026
07:57 AM
चक्रासन के हैं कई फायदे! जानिए सही तरीका और अभ्यास का असर

नई दिल्ली। योग को भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा माना जाता है। नियमित योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को भी शांत रखने में मदद कर सकता है। योग के कई आसनों में चक्रासन को खास महत्व दिया जाता है। यह एक ऐसा आसन है, जिसमें शरीर पीछे की ओर मुड़कर पहिए जैसी आकृति बनाता है। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ाने और मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है।

क्या है चक्रासन?

‘चक्र’ का अर्थ पहिया और ‘आसन’ का अर्थ मुद्रा होता है। चक्रासन के दौरान शरीर का भार हाथों और पैरों पर रहता है और पीठ को पीछे की ओर मोड़ा जाता है। इस वजह से पीठ, कंधे, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों पर काम होता है। यह शरीर की मुद्रा और लचीलेपन को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है।

रीढ़ और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

आयुष मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, चक्रासन का नियमित अभ्यास कमर और रीढ़ से जुड़ी जकड़न को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर की सक्रियता बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक बैठने वालों के लिए भी यह आसन शरीर में होने वाली अकड़न से राहत देने में सहायक हो सकता है।

तनाव और चिंता में भी मिल सकती है राहत

योग का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं माना जाता। चक्रासन के अभ्यास से मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ मानसिक रूप से भी सहज महसूस कराने में सहायक हो सकता है।

ऐसे करें चक्रासन का अभ्यास

सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर आराम से लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर पैरों को कूल्हों के पास रखें। अब दोनों हाथों को सिर के पास लाएं और हथेलियों को जमीन पर इस तरह रखें कि उंगलियां कंधों की ओर रहें।

इसके बाद सांस लेते हुए हाथों और पैरों पर दबाव डालकर शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। सिर को आराम से पीछे की ओर ले जाएं और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड इस मुद्रा में रहने के बाद धीरे-धीरे शुरुआती स्थिति में लौटें।

अभ्यास में रखें सावधानी

चक्रासन अपेक्षाकृत कठिन योगासन है, इसलिए इसे जल्दबाजी में करने के बजाय सही तकनीक और प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में सीखना बेहतर है। किसी चोट, गंभीर कमर या कलाई की समस्या अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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