बार-बार चक्कर आना सिर्फ कमजोरी नहीं : इन बीमारियों का भी हो सकता है संकेत, गंभीर लक्षणों में तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह

नई दिल्ली। अचानक खड़े होते ही सिर हल्का लगना, चलते समय कदम लड़खड़ाना या कुछ सेकेंड के लिए आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस होना आम परेशानी लग सकती है। कई बार इसका कारण पानी की कमी, लंबे समय तक खाना न खाना या ब्लड प्रेशर का अचानक कम होना होता है। हालांकि, हर बार चक्कर को थकान या कमजोरी मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। बार-बार या लगातार चक्कर आने के पीछे कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं।
चक्कर और वर्टिगो में होता है अंतर
कुछ लोगों को चक्कर आने पर ऐसा लगता है कि वे बेहोश होने वाले हैं या शरीर अचानक हल्का पड़ गया है। वहीं, कुछ लोगों को अपने आसपास की चीजें या पूरा कमरा घूमता हुआ महसूस होता है। इस स्थिति को आमतौर पर वर्टिगो कहा जाता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी, चलने में परेशानी और शरीर का संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
अचानक उठने पर क्यों आता है चक्कर?
लंबे समय तक बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर आंखों के सामने अंधेरा छाना, कमजोरी या सिर घूमना ऑर्थोस्टैटिक यानी पोस्टुरल हाइपोटेंशन से जुड़ा हो सकता है। शरीर की स्थिति अचानक बदलने पर कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जिससे मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है। ऐसी परेशानी बार-बार हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
पानी की कमी भी हो सकती है बड़ी वजह
गर्मी में अत्यधिक पसीना निकलना, उल्टी-दस्त, बुखार या पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं लेने से डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसमें प्यास लगने के साथ थकान, मुंह सूखना, पेशाब कम होना या उसका रंग गहरा होना और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ज्यादा डिहाइड्रेशन गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
लो ब्लड शुगर में भी आ सकते हैं चक्कर
डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर बहुत कम होने पर चक्कर आ सकते हैं। इसके साथ कंपकंपी, पसीना, तेज भूख, कमजोरी, घबराहट और सोचने-समझने में परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक खाना न खाने से भी कुछ परिस्थितियों में ब्लड शुगर गिर सकता है। ऐसी समस्या बार-बार हो तो डॉक्टर से कारण की जांच करानी चाहिए।
एनीमिया और माइग्रेन भी हो सकते हैं कारण
एनीमिया में शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे थकान, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर की शिकायत हो सकती है। लगातार कमजोरी और चक्कर रहने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार खून की जांच कराना उपयोगी हो सकता है। कुछ लोगों में माइग्रेन भी चक्कर या वर्टिगो से जुड़ा हो सकता है।
इन लक्षणों में तुरंत लें डॉक्टर की मदद
यदि चक्कर के साथ बोलने में परेशानी, अचानक नजर में बदलाव, डबल विजन, चेहरे या हाथ-पैर में कमजोरी अथवा सुन्नपन, चलने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या अचानक तेज सिरदर्द हो, तो इसे सामान्य चक्कर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
लगातार या बार-बार चक्कर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराकर वास्तविक कारण का पता लगाना बेहतर है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
