योग में जल्दबाजी पड़ सकती है भारी! : आयुष मंत्रालय ने बताया सजग अभ्यास का सही तरीका

नई दिल्ली। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने वाले लोगों के लिए आयुष मंत्रालय ने जरूरी सलाह जारी की है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए लोगों से सजगता, धैर्य और सावधानी के साथ योगाभ्यास करने की अपील की है। मंत्रालय के मुताबिक, माइंडफुल योग की शुरुआत शरीर के प्रति जागरूकता और सम्मान के साथ होनी चाहिए।
धीरे करें अभ्यास, सांस पर रखें ध्यान
आयुष मंत्रालय ने कहा कि योग करते समय धीरे-धीरे और सहज तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। अभ्यास के दौरान नाक से स्वाभाविक रूप से सांस लेने की सलाह दी गई है। जब तक किसी विशेष अभ्यास में निर्देश न दिया गया हो, तब तक सांस रोकने से बचने को कहा गया है।
मंत्रालय ने यह भी सलाह दी कि योग करते समय शरीर पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। झटके, अत्यधिक खिंचाव या अपनी क्षमता से अधिक जोर लगाने से बचने की जरूरत है।
प्रार्थना से शुरुआत, शांतिपाठ के साथ करें समापन
आयुष मंत्रालय के अनुसार योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना के साथ की जा सकती है। अभ्यास के दौरान बताए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। योग सत्र समाप्त करते समय ध्यान, मौन, संकल्प या शांतिपाठ को शामिल करने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने लोगों से अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही अभ्यास करने और नियमितता बनाए रखने को कहा है। साथ ही योग के दौरान धैर्य रखने पर भी जोर दिया गया है।
माइंडफुल योग से मन और शरीर पर असर
मंत्रालय के अनुसार सजगता और सांसों पर ध्यान केंद्रित करके योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अभ्यास के दौरान वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने से मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता को बढ़ावा मिल सकता है। सांस और शरीर की गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने से व्यक्ति अपने शरीर और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकता है। इससे आत्म-जागरूकता और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा मिल सकता है।
आयुष मंत्रालय ने अपने संदेश में योग को प्रतिस्पर्धा की तरह करने के बजाय सजगता और धैर्य के साथ नियमित रूप से अभ्यास करने पर जोर दिया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
