गुरुवार, 8 अक्टूबर 202610:39:11 PM
Download App
Home/लाइफस्टाइल

महिलाओं तक सीमित नहीं स्तन कैंसर : विशेषज्ञों की सलाह-पुरुषों में भी दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 08, 2026
07:27 AM
विशेषज्ञों की सलाह-पुरुषों में भी दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क

नई दिल्ली। स्तन कैंसर का नाम आते ही आमतौर पर महिलाओं का ध्यान आता है, लेकिन यह बीमारी पुरुषों को भी प्रभावित कर सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, स्तन कैंसर के करीब 99 प्रतिशत मामले महिलाओं में होते हैं, जबकि लगभग 0.5 से 1 प्रतिशत मामले पुरुषों में पाए जाते हैं। संख्या कम होने के बावजूद पुरुषों में इस बीमारी के खतरे को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

अक्टूबर में जागरूकता पर जोर

हर वर्ष अक्टूबर को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, शुरुआती पहचान के महत्व को समझाना और प्रभावित लोगों को समय पर उपचार तथा सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर देना है। पुरुषों में मामले कम होने के कारण कई बार शरीर में होने वाले बदलावों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। यही वजह है कि विशेषज्ञ असामान्य लक्षण दिखाई देने पर सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

पुरुषों में स्तन कैंसर के संभावित संकेतों में स्तन में गांठ, निप्पल के आसपास बदलाव, निप्पल से किसी तरह का स्राव और त्वचा में असामान्य परिवर्तन शामिल हो सकते हैं। ऐसे बदलाव दिखाई देने पर स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।

समय पर पहचान से बढ़ते हैं उपचार के विकल्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पुरुषों में स्तन कैंसर का उपचार बीमारी के प्रकार और स्थिति के आधार पर किया जाता है और इसके उपचार के सिद्धांत महिलाओं में अपनाए जाने वाले तरीकों के अनुरूप हो सकते हैं। इसलिए समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

स्तन कैंसर के मामले में शुरुआती पहचान को विशेष महत्व दिया जाता है। बीमारी का समय रहते पता चलने पर उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है। ऐसे में पुरुषों और महिलाओं दोनों को अपने शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

दुनियाभर में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती

स्तन कैंसर महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। वर्ष 2022 में दुनियाभर में करीब 23 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चला और लगभग 6.70 लाख महिलाओं की इससे मृत्यु हुई। विभिन्न देशों में बीमारी की पहचान और उपचार की स्थिति अलग-अलग है। शुरुआती जांच और प्रभावी उपचार तक समान पहुंच की कमी इसका एक महत्वपूर्ण कारण है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें