पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने बदली मजदूर की किस्मत : खदान से मिला 11.19 कैरेट का बेशकीमती हीरा, 30 लाख आंकी गई कीमत

पन्ना। पन्ना की रत्नगर्भा धरती अपनी बेशकीमती हीरों की खदानों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं, इस धरती से कभी न कभी किसानों या मजदूरों की किस्मत भी चमकती है। ऐसा ही एक बार फिर देखने को मिला है। पन्ना की धरती ने एक मजूदर की जिंदगी बदलने वाली सौगात दी है।
जिले के अहिरगवा क्षेत्र की एक निजी हीरा खदान में काम कर रहे मजदूर राजू आदिवासी की किस्मत उस समय पलट गई, जब खुदाई के दौरान उसे 11.19 कैरेट का उज्ज्वल श्रेणी का बेशकीमती हीरा मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। हीरा मिलने की खबर से पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है और लोग इसे राजू की वर्षों की मेहनत का फल मान रहे हैं।
खुदाई के दौरान दिखी चमक, तुरंत किया कार्यालय में जमा
जानकारी के अनुसार, राजू आदिवासी रोज की तरह अहिरगवा स्थित निजी खदान में खुदाई कर रहा था। इसी दौरान मिट्टी के बीच उसे एक चमकदार पत्थर दिखाई दिया। अनुभव के आधार पर उसे अंदेशा हुआ कि यह हीरा हो सकता है। इसके बाद उसने पूरी ईमानदारी के साथ उस पत्थर को पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया। अधिकारियों ने जांच और परीक्षण के बाद पुष्टि की कि यह 11.19 कैरेट का उज्ज्वल किस्म का हीरा है, जो गुणवत्ता के लिहाज से काफी मूल्यवान माना जाता है।
नीलामी के बाद तय होगी असली कीमत
हीरा कार्यालय के विशेषज्ञों का कहना है कि इस हीरे की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि इसकी वास्तविक कीमत आगामी सरकारी नीलामी में सामने आएगी। नीलामी से प्राप्त राशि में शासन द्वारा निर्धारित रॉयल्टी और अन्य करों की कटौती के बाद शेष रकम राजू आदिवासी को सौंप दी जाएगी। यही वजह है कि अब राजू और उसके परिवार की निगाहें नीलामी की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
पहले भी कई मजदूरों की बदली है तकदीर
पन्ना की धरती वर्षों से अपनी हीरा संपदा के लिए प्रसिद्ध रही है। यहां अक्सर मजदूरों की किस्मत एक हीरे के साथ चमक जाती है। करीब दो वर्ष पहले भी इसी इलाके की खदान से 19 कैरेट का एक दुर्लभ हीरा मिला था, जिसकी सरकारी नीलामी में 93 लाख रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बोली लगी थी। उस घटना ने भी पूरे देश का ध्यान पन्ना की ओर खींचा था।
फिर जगी उम्मीद, नीलामी का इंतजार
11.19 कैरेट का यह नया हीरा मिलने के बाद खदानों में काम करने वाले मजदूरों के बीच नई उम्मीद जाग गई है। लोगों का मानना है कि पन्ना की धरती आज भी मेहनतकश लोगों की किस्मत बदलने का माद्दा रखती है। अब सबकी नजरें आगामी नीलामी पर हैं, जहां यह तय होगा कि राजू आदिवासी की यह अनमोल खोज आखिर कितनी बड़ी दौलत में बदलती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
