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दीदी के किले में दरार? : विधायकों के बाद सांसदों के टूटने की अटकलें तेज, राज्यसभा सांसद ने दिए बड़े संकेत

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 06, 2026
07:26 AM
विधायकों के बाद सांसदों के टूटने की अटकलें तेज, राज्यसभा सांसद ने दिए बड़े संकेत

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पार्टी के नेता हर दिन उनके सामने नई परेशानी खड़ी कर रहे हैं। विधायकों की बगावत के बाद अब सांसदों के टूटने चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि ऐसी खबर सामने आने के बाद पार्टी सुप्रीमो ने नाराज नेताओं को मनाने की कोशिशें तेज कर दी है।

राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी संकेत दिए हैं कि विधानसभा जैसी स्थिति संसद में भी बन सकती है। उनका कहना है कि जिस तेजी से विधायक पार्टी से अलग हुए हैं, उसी तरह की प्रतिक्रिया लोकसभा में भी देखने को मिल सकती है। हालांकि उन्होंने राज्यसभा को लेकर कोई स्पष्ट भविष्यवाणी नहीं की, लेकिन संभावनाओं से इनकार भी नहीं किया।

टीएमसी के पास है 28 लोकसभा सांसद

बता दें कि टीएमसी के के पास लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। दलबदल कानून के तहत यदि दो-तिहाई सांसद किसी अलग गुट के साथ जाते हैं तो उनकी सदस्यता बच सकती है। दूसरी ओर वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने पार्टी में किसी बड़े विभाजन की संभावना को खारिज किया है। उनका आरोप है कि भाजपा बंगाल विधानसभा की तरह संसद में भी राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि ममता बनर्जी पहले भी कई संकटों का सामना कर चुकी हैं और इस बार भी पार्टी मजबूत होकर उभरेगी।

नाराज सांसदों पर नजर

बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार का नाम भी चर्चाओं में है। लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटाए जाने के बाद उनकी नाराजगी कई बार सामने आ चुकी है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित बगावत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें जारी हैं।

डैमेज कंट्रोल में जुटी ममता

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने पिछले दो दिनों में कई नाराज विधायकों और सांसदों से बातचीत की है। पार्टी ने अपने भरोसेमंद नेताओं को सांसदों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

विधानसभा में बड़ा झटका

गौरतलब है कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में करीब 60 विधायक पार्टी से अलग हो चुके हैं। यह टीएमसी के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक संकट माना जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए कि विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दे दी। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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