शनिवार, 6 जून 202606:47:19 PM
Download App
Home/देश

सीजेआई सूर्यकांत के कार्यक्रम में हंगामा : लंदन में सवालों पर गरमाया माहौल, बहस का वीडियो वायरल, भारतीय उच्चायोग ने जताई कड़ी आपत्ति

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 06, 2026
10:14 AM
लंदन में सवालों पर गरमाया माहौल, बहस का वीडियो वायरल, भारतीय उच्चायोग ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली। ब्रिटेन दौरे पर गए भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के एक कार्यक्रम में उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब लंदन की एक यूनिवर्सिटी में आयोजित उनके व्याख्यान के दौरान कुछ लोगों ने तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए। कार्यक्रम का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अंतरराष्ट्रीय कानून था, लेकिन सवाल-जवाब सत्र के दौरान चर्चा का रुख भारत के लोकतांत्रिक माहौल और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों की ओर मुड़ गया। इससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दर्शकों और कार्यक्रम संचालकों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सार्वजनिक मंच की गरिमा के खिलाफ बताया है।

बर्कबेक कॉलेज में दिया था व्याख्यान

जानकारी के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत इन दिनों छह दिवसीय ब्रिटेन दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बर्कबेक कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कानून और न्याय व्यवस्था के बदलते स्वरूप पर विस्तार से विचार रखे।

भाषण समाप्त होने के बाद जब प्रश्नोत्तर सत्र शुरू हुआ, तब कुछ प्रतिभागियों ने भारत में असहमति की आवाजों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश की। इसी दौरान ब्श्रप् के एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया गया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया।

मॉडरेटर ने विषय से भटकने पर रोका सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के संचालक ने संबंधित सवाल को मूल विषय से अलग बताते हुए बीच में रोक दिया। इसके बाद कुछ दर्शकों ने आपत्ति जताई और बहस शुरू हो गई। हालांकि कार्यक्रम को पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया गया और स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी कुछ लोगों को अपनी बात रखने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने कार्यक्रम के बाद नई बहस को जन्म दे दिया है।

भारतीय उच्चायोग ने जताई नाराजगी

घटना के बाद भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया के माध्यम से आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता। उच्चायोग ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में मतभेद और विभिन्न विचारों का स्वागत है, लेकिन उन्हें शालीनता और सम्मानजनक तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए।

उच्चायोग ने दर्शकों के एक वर्ग के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना और अमर्यादित बताते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों की गरिमा बनाए रखना सभी प्रतिभागियों की जिम्मेदारी है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें