नीट पेपर लीक मामला : सरकार के खिलाफ सीजेपी का जंतर-मंतर पर हल्लाबोल, संस्थापक बोले- सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा सकती हैं, लेकिन...

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र, युवा पेशेवर और संगठन के समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाना और शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करना बताया गया।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके विशेष रूप से अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। जंतर-मंतर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दीपके ने कहा कि पिछले एक महीने से उनकी पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है, लेकिन सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय सोशल मीडिया अकाउंट हैक कराने और पोस्ट हटवाने में व्यस्त है।
किसी दबाव में नहीं आने वाला युवा वर्ग
उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा सकती हैं, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई है। दीपके ने दावा किया कि देश का युवा वर्ग किसी दबाव में आने वाला नहीं है और आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता।
जनता को उलझाया जा रहा हिंदू-मुस्लिम मुद्दों में
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका से भारत लौटने पर उनकी मां को गिरफ्तारी का डर था, जो आज सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हर परिवार की चिंता बन गया है। दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से जनता को हिंदू-मुस्लिम मुद्दों में उलझाया जा रहा है, जबकि रोजगार और शिक्षा जैसे अहम सवालों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
अभिजित ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
सीजेपी संस्थापक ने यह भी कहा कि वह इस आंदोलन के लिए अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता तक दांव पर लगाने को तैयार थे। उन्होंने समर्थकों से किसी भी स्थिति में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा। प्रदर्शनकारियों से किताब और तिरंगा लेकर आने का आह्वान किया गया, जबकि पुलिसकर्मियों को सम्मान स्वरूप फूल भेंट करने की भी अपील की गई।
सोनम वांगचुग का मिला समर्थन
जंतर-मंतर पर दिनभर छात्रों का उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि यदि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है तो वह छह सप्ताह का उपवास रखेंगे।
आंदोलन खामियों के खिलाफ है जनआवाज
सीजेपी का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा या एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित खामियों के खिलाफ जनआवाज है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
