सिंहस्थ 2028ः तीसरी आंख से रहेगी सुरक्षा पर नजर : रेलवे, पुलिस और प्रशासन के समन्वय से नियंत्रण में होगा भीड़ प्रबंधन, डीजीपी ने की हाईलेवल मीटिंग

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में पल- पल तीसरी आंख से सुरक्षा पर नजर रहेगी। खासकर भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को पूरे नियंत्रण में रखने के साथ ही सुरक्षा पर विशेष फोकस पहली प्राथमिकता में रखा जाएं।
उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ 2028 भले ही अभी दूर है, लेकिन प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है। सिंहस्थ के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन के लिए बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक हुई।
बैठक में डीजीपी मकवाना ने कहा कि रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहने की संभावना है, जिसके लिए पूर्व से ही व्यवस्थित एवं चरणबद्ध योजना बनाई जा रही है।
भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम
उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। शाही स्नान एवं अन्य प्रमुख अवसरों पर ट्रैफिक एवं भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, राजाबाबू सिंह, राकेश गुप्ता, कमिश्नर उज्जैन आशीष सिंह, कलेक्टर उज्जैन रोशन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक डॉ आशीष, उप पुलिस महानिरीक्षक नवनीत भसीन, तरूण नायक सहित उत्तरप्रदेश रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में दिए ये निर्देश
भीड़ प्रबंधन के लिए एंट्री एवं एग्जिट मार्ग पृथक-पृथक रखे जाएं। अंतिम समय में ट्रेनों का प्लेटफॉर्म परिवर्तन ना हो।
उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल के साथ-साथ ओंकारेश्वर रोड एवं सीहोर स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज की चैड़ाई बढ़ाने, पर्याप्त संकेतक, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन की जाएं।
अपराध नियंत्रण के लिएं जीआरपी एवं आरपीएफ को विशेष सतर्कता बरतने, इंटेलिजेंस तंत्र को मजबूत करने तथा सभी स्टेशनों, होल्डिंग एरिया एवं पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी व्यवस्थाएं की जाएं।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस, रेलवे और प्रशासन की संयुक्त टीमें तैयार रहें।
अधिकारियों ने दिए ये सुझाव
उत्तरप्रदेश डीजी रेल प्रकाश डी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भीड़ का विश्लेषण महत्वपूर्ण है। उन्होंने 2013 की घटना का जिक्र करते हुए प्लेटफॉर्म सुरक्षा, पृथक एंट्री-एग्जिट, कलर कोडिंग, साइनएज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं होल्डिंग एरिया आधारित भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को जरूरी बताया।
डीजी आरपीएफ सोनाली मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ आयोजन में विभिन्न रेलवे जोनों के मध्य सुदृढ़ समन्वय की जाएगी। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, रेलवे बोर्ड स्तर पर सतत मॉनिटरिंग, संयुक्त प्रशिक्षण, एनडीआरएफ के साथ समन्वय एवं इंटेलिजेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएं।
रतलाम मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि रेलवे संभावित भीड़, यात्री आवागमन एवं विभिन्न मार्गों के विश्लेषण के आधार पर योजना तैयार की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन 09 अप्रैल से 08 मई तक प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। शाही स्नान के अवसरों पर एक ही दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
