ईसी का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट : याचिका में 12 वोटर्स के नाम हटाने की जांच और अधिकारियों पर एक्शन की मांग

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका मीडिया रिपोर्टों को आधार बनाकर दायर की गई है। याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कई अहम फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ऐसे सभी फैसलों को गैरकानूनी घोषित किया जाए और मूल फॉर्म-6 को फिर से लागू किया जाए। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण सहित सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी और सहमति से लिए गए हैं।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की जांच की मांग
जनहित याचिका में यह भी मांग की गई है कि इस बात की विशेष जांच टीम से जांच कराई जाए कि आखिर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कैसे हटाए गए। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना सामान्य बात नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। याचिका में चुनावी आंकड़ों से जुड़े आँकड़ों और प्रक्रियाओं की जांच की मांग भी की गई है।
अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग
जनहित याचिका में जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत कथित कर्तव्य उल्लंघन को लेकर कई अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मांग की गई है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख सीमा खन्ना के नाम शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रफुल्ल तिवारी
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