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राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की बढ़ी टेंशन : क्रॉस वोटिंग के डर से बुलाई आपात बैठक, दिग्गज विधायकों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 06, 2026
07:05 AM
क्रॉस वोटिंग के डर से बुलाई आपात बैठक, दिग्गज विधायकों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। वोटिंग से पहले राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि एक ओर जहां भाजपा के दोनों प्रत्याशियों की जीत तय है। वहीं दूसरी कांग्रेस को क्राॅस वोटिंग का खतरा सताने लगा है। इतना ही नहीं, इस बड़ी परेशानी से पार पाने के लिए कांग्रेस आज आपात बैठक भी बुला ली है।

पीसीसी में शाम 5 बजे आहूत होने वाली इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चैधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेता विधायकों से वन-टू-वन चर्चा भी कर सकते हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी विधायकों को एकजुट रखना और पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में रणनीति को अंतिम रूप देना है।

आलाकमान ने दिया सख्त संदेश

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश संगठन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी वजह से सभी कांग्रेस विधायकों की बैठक में उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। पार्टी नेतृत्व चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की चूक से बचना चाहता है।

कमलनाथ बैठक से रहेंगे दूर

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसे किसी राजनीतिक मतभेद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हाल ही में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली में कमलनाथ से मुलाकात कर चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की थी। ऐसे में पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य राजनीतिक समन्वय का हिस्सा बता रहा है।

मीनाक्षी के नाम पर बढ़ी अंदरूनी नाराजगी

राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में मीनाक्षी नटराजन के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष की आवाजें भी सुनाई देने लगी हैं। कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन आलाकमान ने राहुल गांधी की करीबी और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया। इसके बाद कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए फैसले पर सवाल उठाए और दिग्विजय सिंह को दोबारा राज्यसभा भेजने की वकालत की।

बीजेपी की भी नजर

कांग्रेस के भीतर चल रही हलचल पर बीजेपी भी नजर बनाए हुए है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस अपने विधायकों को पूरी तरह एकजुट रखने में सफल नहीं होती, तो राज्यसभा चुनाव में अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस नेतृत्व लगातार सक्रिय है और चुनावी गणित को साधने में जुटा हुआ है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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