CM हेल्पलाइन-संबल योजना के मामलों पर सरकार सख्त : लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, समय-सीमा में प्रकरणों के निराकरण के निर्देश

भोपाल। सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना से जुड़े लंबित प्रकरणों को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रकरणों की समीक्षा के दौरान श्रम सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों और प्रकरणों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन और संबल योजना से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों की प्रगति, उनके निराकरण की स्थिति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।
लंबित शिकायतों की लगातार हो रही निगरानी
राज्य स्तर पर सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना से संबंधित लंबित शिकायतों और प्रकरणों की लगातार बारीकी से समीक्षा की जा रही है। शासन की ओर से शिकायतों के त्वरित निराकरण के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी करें। साथ ही, शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
छिंदवाड़ा, हरदा और बालाघाट के अधिकारियों को नोटिस
हाल ही में हुई समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को लेकर छिंदवाड़ा, हरदा एवं बालाघाट जिलों के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराते हैं। वहीं, संबल योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।
हितग्राहियों को समय पर मिले योजनाओं का लाभ
श्रम सचिव राजेन्द्रन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र हितग्राही को अनावश्यक प्रक्रिया या देरी के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि उनका त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। लंबित मामलों की लगातार समीक्षा के जरिए जवाबदेही तय करने और व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
